मध्यप्रदेश में 3000+ सरकारी नौकरियों का बड़ा मौका, हेल्थ विभाग में 1200 पदों पर भर्ती शुरू

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य विभाग के तहत अस्पताल सहायकों के 1200 पदों पर भर्ती प्रक्रिया आज से शुरू कर दी गई है। इच्छुक उम्मीदवार 21 मई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इन पदों पर चयन लिखित परीक्षा के आधार पर किया जाएगा, जिसके बाद दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया होगी। भर्ती में अनारक्षित वर्ग के लिए 324 पद, ईडब्ल्यूएस के लिए 120 पद, अनुसूचित जाति के लिए 192, अनुसूचित जनजाति के लिए 240 और अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 324 पद आरक्षित किए गए हैं। दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए 72 पद निर्धारित हैं। 40 हजार से ज्यादा तक वेतन और प्रमोशन के अवसरचयनित उम्मीदवारों को 7वें वेतनमान के तहत 15,500 से 49,000 रुपए तक (लेवल-1) वेतन मिलेगा। इसके साथ महंगाई भत्ता और अन्य सरकारी सुविधाएं भी दी जाएंगी। प्रारंभिक वेतन पोस्टिंग और नियमों के अनुसार तय होगा, जबकि अनुभव के साथ वेतन में वृद्धि होती रहेगी।यह पद नियमित श्रेणी का है, जिससे भविष्य में प्रमोशन और करियर ग्रोथ के अवसर भी मिलेंगे। आयु सीमा और आरक्षण नियमइस भर्ती के लिए आयु सीमा 18 से 40 वर्ष तय की गई है। वहीं अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, महिला उम्मीदवारों और सरकारी कर्मचारियों के लिए अधिकतम आयु सीमा 45 वर्ष निर्धारित की गई है। आयु की गणना 1 जनवरी 2026 के आधार पर की जाएगी। सभी अभ्यर्थियों को आवेदन से पहले नियमों का ध्यानपूर्वक अध्ययन करने की सलाह दी गई है। आवेदन शुल्क और चयन प्रक्रियासामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 500 रुपए है, जबकि एससी, एसटी, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए 250 रुपए निर्धारित किए गए हैं। ऑनलाइन कियोस्क से आवेदन करने पर अतिरिक्त शुल्क देना होगा। बैकलॉग पदों के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। चयन प्रक्रिया में पहले लिखित परीक्षा होगी, उसके बाद मेरिट सूची तैयार की जाएगी और अंत में दस्तावेज सत्यापन के बाद अंतिम चयन सूची जारी की जाएगी। 6 महीने में 3000 से ज्यादा भर्तियों की तैयारीमध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) ने वर्ष 2026 के लिए 10 भर्ती परीक्षाओं का फाइनल शेड्यूल भी जारी कर दिया है। इसके अनुसार, अगले 6 महीनों में 3000 से अधिक पदों पर नियुक्तियां होने की संभावना है, जो आगे और बढ़ भी सकती हैं। कुछ परीक्षाओं की तारीखें आगे बढ़ाई गई हैं, जिससे अभ्यर्थियों को तैयारी के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। नर्सिंग क्षेत्र में भी बड़ी भर्तीइसी बीच लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के तहत नर्सिंग ऑफिसर और सिस्टर ट्यूटर के 2646 पदों पर भी भर्ती निकाली गई है। इसके लिए आवेदन 6 अप्रैल से 20 अप्रैल तक किए जा सकते हैं और परीक्षा 15 मई 2026 से प्रस्तावित है।
झालमुड़ी, राजनीति और पावर शो: मध्यप्रदेश में सियासत का ‘स्वादिष्ट’ और रंगीन अंदाज़

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के बुरहानपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का अनोखा अंदाज़ देखने को मिला। कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों में भाजपा की जीत का जश्न मनाया जा रहा था। मंच पर कार्यकर्ताओं के बीच झालमुड़ी का वितरण हुआ और माहौल पूरी तरह हल्का-फुल्का हो गया। जैसे ही मुख्यमंत्री को संबोधन के लिए बुलाया गया, उन्होंने पहले झालमुड़ी खाने की इच्छा जताई। इसके बाद उन्होंने मंच पर बैठकर झालमुड़ी का आनंद लिया। संचालन कर रही विधायक अर्चना चिटनीस ने मुस्कुराते हुए कहा कि “झालमुड़ी खाने के बाद ही संबोधन होगा,” जिस पर मुख्यमंत्री ने सहमति जताई। इसके बाद ही उन्होंने अपना संबोधन दिया और राजनीतिक मुद्दों पर विपक्ष पर तीखे हमले किए। नरोत्तम मिश्रा बने ‘झालमुड़ी वाले’, कार्यकर्ताओं का अनोखा स्वागतपूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा भी झालमुड़ी के रंग में पूरी तरह रंगे नजर आए। उन्होंने भाजपा में शामिल हुए नए कार्यकर्ताओं का स्वागत झालमुड़ी खिलाकर किया। खास बात यह रही कि वे खुद “झालमुड़ी… झालमुड़ी…” कहते हुए कार्यकर्ताओं को बुलाते नजर आए। उनका यह अंदाज़ राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है। इसे उनकी सक्रियता और आगामी उपचुनावों की तैयारियों से भी जोड़कर देखा जा रहा है। दतिया सीट को लेकर संभावित राजनीतिक समीकरणों के बीच मिश्रा लगातार सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। ‘नायक नहीं, खलनायक हूं मैं’ पर झूमा विदाई समारोहभिंड जिले में पुलिस अधीक्षक डॉ. असित यादव के विदाई समारोह का दृश्य पूरी तरह फिल्मी माहौल में बदल गया। उनके प्रमोशन के बाद जब विदाई दी जा रही थी, तो वहां फिल्म ‘खलनायक’ का गाना बज उठा नायक नहीं, खलनायक हूं मैं। इस गाने पर एसपी खुद भी झूमते नजर आए और समर्थकों ने उन्हें कंधों पर उठा लिया। वीडियो सामने आने के बाद यह समारोह सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया। कुछ लोगों ने इसे हल्के-फुल्के अंदाज़ में लिया, तो कुछ ने इसे अलग तरह का प्रतीकात्मक प्रदर्शन बताया। 500 गाड़ियों के काफिले से शक्ति प्रदर्शनगुना के पूर्व सांसद केपी यादव ने राज्य खाद्य आपूर्ति निगम के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी संभालने से पहले जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। वे करीब 500 गाड़ियों के काफिले के साथ भोपाल पहुंचे। जगह-जगह उनका भव्य स्वागत हुआ। इसके बाद उन्होंने भाजपा कार्यालय और मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर औपचारिक रूप से पदभार ग्रहण किया। उनके इस भव्य अंदाज़ को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हैं। इसे उनकी राजनीतिक ताकत दिखाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। राजनीति का नया रंग: हल्कापन और हाई-प्रोफाइल स्टाइलमध्यप्रदेश की राजनीति में इन दिनों गंभीरता के साथ मनोरंजन और प्रतीकात्मक शैली का अनोखा मिश्रण देखने को मिल रहा है। झालमुड़ी से लेकर फिल्मी गानों और शक्ति प्रदर्शनों तक हर घटना सियासत को एक नए रंग में पेश कर रही है।
सुबह की ये ड्रिंक्स कंट्रोल कर सकती हैं हाई BP, दिल की सेहत को मिल सकता है सपोर्ट

नई दिल्ली। हाई ब्लड प्रेशर आज के समय में एक आम स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है, जो जीवनशैली और खानपान से सीधे जुड़ी हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार इस स्थिति को नियंत्रित रखने में दवाओं के साथ-साथ रोजमर्रा की आदतों का भी बड़ा योगदान होता है। खासकर सुबह की दिनचर्या इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। सुबह की शुरुआत अगर सही और संतुलित ड्रिंक के साथ की जाए तो शरीर का मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है। ऐसे में कुछ प्राकृतिक पेय पदार्थों को नियमित रूप से सेवन करने की सलाह दी जाती है, जो शरीर को हाइड्रेट रखने के साथ-साथ दिल की सेहत के लिए भी लाभकारी माने जाते हैं। सुबह हल्का गर्म नींबू पानी एक सरल और उपयोगी विकल्प माना जाता है। इसमें मौजूद विटामिन सी और प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में सहायक हो सकते हैं। यह शरीर को ताजगी देने के साथ दिन की अच्छी शुरुआत करने में मदद करता है। इसके अलावा नारियल पानी को भी एक अच्छा विकल्प माना जाता है। इसमें पोटैशियम की अच्छी मात्रा होती है, जो शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। संतुलित इलेक्ट्रोलाइट्स रक्तचाप को स्थिर रखने में सहायक माने जाते हैं। चुकंदर का जूस भी उन ड्रिंक्स में शामिल है, जिन्हें अक्सर हृदय स्वास्थ्य के लिए उपयोगी माना जाता है। इसमें प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं जो रक्त वाहिकाओं को रिलैक्स करने में मदद कर सकते हैं। इसे बिना अतिरिक्त चीनी के सेवन करने की सलाह दी जाती है ताकि इसका प्राकृतिक लाभ बना रहे। ग्रीन टी भी एक लोकप्रिय विकल्प है, जिसे हल्के रूप में सेवन करने पर शरीर को कई तरह के फायदे मिल सकते हैं। इसमें मौजूद प्राकृतिक तत्व शरीर के मेटाबॉलिज्म को संतुलित रखने और तनाव को कम करने में मदद कर सकते हैं। आंवला जूस को भी स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है। इसमें मौजूद विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के साथ-साथ हृदय पर पड़ने वाले दबाव को कम करने में सहायक हो सकते हैं। इन ड्रिंक्स के साथ-साथ यह भी महत्वपूर्ण है कि कुछ आदतों से बचा जाए। विशेषज्ञों के अनुसार अत्यधिक कैफीन वाले पेय, शुगर युक्त ड्रिंक्स और पैकेज्ड जूस का अधिक सेवन ब्लड प्रेशर को प्रभावित कर सकता है। कुल मिलाकर, सुबह की सही आदतें और प्राकृतिक पेय पदार्थों का संतुलित सेवन जीवनशैली को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। हालांकि किसी भी स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में चिकित्सकीय सलाह लेना आवश्यक माना जाता है।
स्टेज पर फिल्मी ड्रामा! दुल्हन ने दूल्हे को छोड़ प्रेमी को पहनाई वरमाला

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में एक शादी समारोह उस समय हंगामे में बदल गया जब वरमाला की रस्म के दौरान दुल्हन ने दूल्हे को नजरअंदाज कर अपने प्रेमी को वरमाला पहना दी। यह घटना इतनी अचानक हुई कि वहां मौजूद लोग कुछ समझ ही नहीं पाए और शादी का माहौल देखते ही देखते तनावपूर्ण हो गया। जानकारी के अनुसार, यह घटना 27-28 अप्रैल की रात उमरेठ थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई। बारात धूमधाम से पहुंची थी, स्टेज सजाया गया था और सभी रस्में सामान्य रूप से चल रही थीं। लेकिन वरमाला के समय दुल्हन ने अचानक स्टेज से उतरकर भीड़ के बीच अपने प्रेमी को माला पहना दी, जिससे अफरा-तफरी मच गई। इस घटना के बाद दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया और स्थिति मारपीट तक पहुंच गई। कुछ लोगों ने दुल्हन के प्रेमी की पिटाई कर दी, जबकि दोनों परिवारों के बीच कुर्सियां फेंकने तक की नौबत आ गई। मामला बढ़ने पर पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और स्थिति को नियंत्रित किया गया। जांच में सामने आया कि दुल्हन आरती (परिवर्तित नाम) और उसके प्रेमी रितेश (परिवर्तित नाम) के बीच पिछले 5 वर्षों से प्रेम संबंध थे। बताया गया कि दोनों पहले भी तीन बार साथ भागने की कोशिश कर चुके थे। हालांकि सामाजिक कारणों और पारिवारिक दबाव के चलते उनका रिश्ता आगे नहीं बढ़ पाया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सामाजिक रूप से दोनों को ‘भाई-बहन’ माना जाता था, क्योंकि उनके परिवार एक ही धार्मिक परंपरा (देव पूजा) से जुड़े थे। इसी कारण परिवारों ने इस रिश्ते का विरोध किया और आरती की शादी अविनाश (परिवर्तित नाम) से तय कर दी। दूल्हा पक्ष के अनुसार, शादी की सभी तैयारियां बड़े खर्च और भव्यता के साथ की गई थीं, लेकिन इस घटना ने पूरे माहौल को बदल दिया। वरमाला कांड के बाद दूल्हा पक्ष ने शादी से इनकार कर दिया और दुल्हन को दिए गए गहने वापस ले लिए। पुलिस की मध्यस्थता के बाद दोनों पक्षों में सुलह हुई और बारात वापस लौट गई। घटना के बाद दुल्हन और उसका प्रेमी दोनों गांव छोड़कर इंदौर चले गए। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, दोनों अब भी एक-दूसरे से संबंध में हैं और भविष्य में शादी करने की बात कही जा रही है। वहीं, सामाजिक स्तर पर दोनों परिवारों ने उन्हें अपने से अलग कर दिया है। इस घटना ने पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना दिया है और एक बार फिर रिश्तों, परंपराओं और व्यक्तिगत पसंद के बीच टकराव को उजागर कर दिया है।
MP में शिक्षक भर्ती को मिली रफ्तार, 12 मई से शुरू होगी चॉइस फिलिंग

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में शिक्षक भर्ती का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। भोपाल में लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) कार्यालय के सामने हुए प्रदर्शन के बाद राज्य सरकार ने 4000 माध्यमिक और प्राथमिक शिक्षकों के नियुक्ति आदेश जारी कर दिए हैं। अब चयनित अभ्यर्थियों को 12 मई से 18 मई 2026 के बीच ऑनलाइन माध्यम से स्कूलों का चयन (चॉइस फिलिंग) करना होगा। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने जानकारी दी कि पूरी भर्ती प्रक्रिया पारदर्शिता और नियमों के अनुसार की जा रही है। सरकार का उद्देश्य योग्य अभ्यर्थियों को समय पर नियुक्ति देना है। वहीं स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने भी कहा कि यह प्रक्रिया पूरी तरह निर्धारित नियमों के तहत संचालित हो रही है और किसी तरह की अनियमितता की गुंजाइश नहीं है। यह भर्ती प्रक्रिया वर्ष 2022 में शुरू हुई थी। इसके बाद 2023 में पात्रता परीक्षा आयोजित की गई और अप्रैल 2025 में चयन परीक्षा ली गई। लंबे इंतजार के बाद सितंबर 2025 में परिणाम घोषित किया गया। हालांकि करीब 10,700 अभ्यर्थियों की चयन सूची जारी होने के बावजूद पिछले नौ महीनों से नियुक्ति प्रक्रिया अटकी हुई थी, जिससे उम्मीदवारों में नाराजगी बढ़ रही थी। भोपाल में हाल ही में हुए प्रदर्शन के बाद सरकार ने प्रक्रिया को तेज करते हुए नियुक्ति आदेश जारी किए। इसके बाद अब चयनित अभ्यर्थियों को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से स्कूलों का चयन करना होगा। उन्हें अपने संबंधित जिले या संभाग के सभी स्कूलों को प्राथमिकता क्रम में भरना अनिवार्य किया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि चॉइस फिलिंग केवल तभी पूरी मानी जाएगी जब पोर्टल शुल्क जमा कर दिया जाएगा। यदि कोई अभ्यर्थी निर्धारित समय सीमा में स्कूल विकल्प नहीं भरता है, तो उसे बची हुई रिक्तियों के आधार पर स्कूल आवंटित किया जाएगा, जिससे मनचाहा स्कूल मिलने की संभावना कम हो जाएगी। इसके अलावा, दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया भी चल रही है। सभी चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच के बाद ही उनकी अंतिम पात्रता तय होगी और उसके आधार पर नियुक्ति प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा। विभाग ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे नियमित रूप से एमपी ऑनलाइन के आधिकारिक पोर्टल पर नजर बनाए रखें, क्योंकि सभी महत्वपूर्ण अपडेट और निर्देश वहीं जारी किए जाएंगे। विशेष पदों जैसे संगीत, नृत्य और खेल विषयों के लिए अलग से सूची जारी की जाएगी। सरकार का कहना है कि यह भर्ती प्रक्रिया राज्य में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है और जल्द ही सभी चयनित अभ्यर्थियों को अंतिम नियुक्ति आदेश भी जारी कर दिए जाएंगे।
भोपाल से सोमनाथ यात्रा की शुरुआत, CM मोहन यादव दिखाएंगे हरी झंडी

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक आस्था का एक बड़ा आयोजन होने जा रहा है। पहली बार ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा’ गुरुवार को भोपाल से रवाना होगी। इस विशेष ट्रेन को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रानी कमलापति रेलवे स्टेशन (RKMP) के प्लेटफॉर्म नंबर-1 से हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस यात्रा में प्रदेशभर से लगभग 1100 श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। यह पहल संस्कृति विभाग द्वारा ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व 2026’ के अंतर्गत आयोजित की जा रही है, जिसका उद्देश्य भारत की सांस्कृतिक चेतना, आस्था और राष्ट्रीय गौरव को और मजबूत करना बताया जा रहा है। इस यात्रा का संबंध गुजरात के प्रसिद्ध सोमनाथ मंदिर से है, जिसे भारत के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है। यह मंदिर भारतीय इतिहास, आस्था और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का महत्वपूर्ण प्रतीक रहा है। इसी पृष्ठभूमि में इस विशेष यात्रा की शुरुआत की गई है। यह मध्य प्रदेश से पहली बार आयोजित होने वाली ऐसी धार्मिक ट्रेन यात्रा है, जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों से श्रद्धालु एक साथ सोमनाथ धाम की ओर प्रस्थान करेंगे। यह ट्रेन भोपाल के साथ-साथ उज्जैन रेलवे स्टेशन से भी यात्रियों को अपने साथ लेकर आगे बढ़ेगी। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सोमनाथ मंदिर में दर्शन का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही वहां आयोजित होने वाले विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, धार्मिक अनुष्ठानों और आध्यात्मिक गतिविधियों में भी उनकी सहभागिता होगी। सरकारी स्तर पर इस यात्रा को सांस्कृतिक एकता और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इस तरह की यात्राएं लोगों को भारत की समृद्ध विरासत और परंपराओं से जोड़ने में मदद करती हैं।मुख्यमंत्री मोहन यादव के इस कार्यक्रम को लेकर प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं। स्टेशन परिसर में सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और यात्री सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है ताकि यात्रा सुचारु रूप से संपन्न हो सके। यह यात्रा न केवल धार्मिक महत्व रखती है, बल्कि इसे प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और श्रद्धा के विस्तार के रूप में भी देखा जा रहा है।
भुजंगासन से पाएं स्ट्रेस और पीठ दर्द से राहत, शरीर बनेगा लचीला

नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, गलत बैठने की आदत और अनियमित दिनचर्या के कारण लोग कई शारीरिक और मानसिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। ऐसे में योग एक प्राकृतिक और प्रभावी समाधान के रूप में सामने आता है। आयुष मंत्रालय के अनुसार, भुजंगासन यानी कोबरा पोज एक ऐसा सरल योगासन है जो शरीर और मन दोनों को संतुलित करने में मदद करता है। यह आसन विशेष रूप से उन लोगों के लिए फायदेमंद माना जाता है जो स्ट्रेस, कब्ज, पेट की चर्बी, पीठ दर्द या सांस संबंधी समस्याओं से परेशान रहते हैं। नियमित अभ्यास से शरीर में ऊर्जा का संचार बढ़ता है और थकान कम महसूस होती है। भुजंगासन रीढ़ की हड्डी को मजबूत और लचीला बनाता है। यह पीठ की जकड़न को दूर करने में मदद करता है, जिससे लंबे समय तक बैठकर काम करने वाले लोगों को काफी राहत मिलती है। साथ ही यह मुद्रा संबंधी दर्द को भी कम करता है। इस योगासन का पाचन तंत्र पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। यह आंतों की गतिविधि को सुधारकर कब्ज जैसी समस्या को दूर करने में मदद करता है। इसके अलावा यह पेट की चर्बी घटाने में भी सहायक माना जाता है, जिससे शरीर फिट और संतुलित रहता है।मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी भुजंगासन काफी लाभकारी है। यह तनाव और मानसिक थकान को कम करता है क्योंकि यह श्वास प्रक्रिया को बेहतर बनाता है और शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ाता है। इससे मन शांत होता है और एकाग्रता बढ़ती है।सांस संबंधी समस्याओं जैसे ब्रोंकाइटिस में भी यह आसन राहत पहुंचाने में मदद कर सकता है। छाती खुलने से सांस लेने की क्षमता बेहतर होती है और फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ती है। भुजंगासन करने की प्रक्रिया भी बेहद सरल है। इसके लिए सबसे पहले पेट के बल लेट जाएं। फिर हथेलियों को कंधों के नीचे रखें और धीरे-धीरे सांस लेते हुए छाती और सिर को ऊपर उठाएं। ध्यान रखें कि कमर पर ज्यादा दबाव न पड़े। इस स्थिति में 15 से 30 सेकंड तक रहें और फिर धीरे-धीरे वापस सामान्य अवस्था में आ जाएं। शुरुआत में इसे 3 से 5 बार करना पर्याप्त होता है। आयुष मंत्रालय का कहना है कि भुजंगासन न केवल शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि मानसिक संतुलन भी बनाए रखता है। यह शरीर की जकड़न को दूर कर उसे अधिक सक्रिय और ऊर्जावान बनाता है। हालांकि, जिन लोगों को गंभीर पीठ दर्द, हाल ही में सर्जरी या कोई पुरानी बीमारी है, उन्हें इस आसन का अभ्यास करने से पहले डॉक्टर या योग विशेषज्ञ की सलाह जरूर लेनी चाहिए।
पाचन से लेकर इम्यूनिटी तक, पपीता है हर समस्या का प्राकृतिक समाधान

नई दिल्ली। पपीता एक ऐसा फल है जिसे सेहत के लिए प्राकृतिक औषधि माना जाता है। स्वाद में मीठा और रसीला यह फल न सिर्फ खाने में आसान है, बल्कि इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर को कई तरह से लाभ पहुंचाते हैं। आयुष मंत्रालय के अनुसार पपीता विटामिन ए, सी, ई, फोलेट, पोटैशियम और फाइबर का बेहतरीन स्रोत है, जो शरीर को स्वस्थ और ऊर्जावान बनाए रखने में मदद करता है। पपीते में मौजूद पेपेन एंजाइम पाचन तंत्र के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है। यह भोजन को आसानी से पचाने में मदद करता है और कब्ज, गैस व अपच जैसी समस्याओं को कम करता है। नियमित सेवन से पेट स्वस्थ रहता है और पाचन क्रिया मजबूत होती है। इसमें मौजूद विटामिन सी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। इससे सर्दी-जुकाम, वायरल संक्रमण और अन्य मौसमी बीमारियों से लड़ने की शक्ति मिलती है। यही कारण है कि बदलते मौसम में पपीता को बेहद फायदेमंद माना जाता है। पपीता त्वचा के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है। इसके एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को चमकदार बनाने, दाग-धब्बों को कम करने और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने में मदद करते हैं। नियमित सेवन से त्वचा स्वस्थ और साफ बनी रहती है। हड्डियों की मजबूती के लिए भी पपीता बहुत उपयोगी है। इसमें मौजूद विटामिन K और कैल्शियम हड्डियों की घनत्व (bone density) को बढ़ाने में मदद करते हैं। इससे हड्डियां मजबूत बनती हैं और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी बीमारियों का खतरा कम होता है। विशेष रूप से बुजुर्गों और महिलाओं के लिए यह फल बेहद लाभकारी माना जाता है। इसके अलावा पपीता बालों के लिए भी फायदेमंद है। इसमें मौजूद विटामिन A और E बालों की जड़ों को पोषण देते हैं, जिससे बाल मजबूत और चमकदार बनते हैं। यह बालों के झड़ने को कम करने और डैंड्रफ जैसी समस्याओं को नियंत्रित करने में भी मदद करता है।विशेषज्ञों के अनुसार पपीता केवल पका हुआ ही नहीं, बल्कि कच्चा भी सब्जी के रूप में खाया जा सकता है। दोनों ही रूपों में यह स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है। हालांकि किसी गंभीर बीमारी या विशेष स्वास्थ्य स्थिति में इसके सेवन से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
बार-बार हो रहे हैं बीमार? अपनाएं ये आसान इम्यूनिटी बूस्टर टिप्स

नई दिल्ली। मौसम में बदलाव के साथ ही सर्दी-जुकाम, वायरल संक्रमण और अन्य बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ने लगता है। कभी तेज गर्मी तो कभी अचानक बारिश और ठंडी हवाएं शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर असर डालती हैं। ऐसे समय में मजबूत इम्यून सिस्टम यानी प्रतिरक्षा तंत्र ही शरीर की सबसे बड़ी सुरक्षा बनता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि यदि रोजमर्रा की कुछ अच्छी आदतों को अपनाया जाए तो इम्यूनिटी को प्राकृतिक तरीके से मजबूत बनाया जा सकता है। आयुष विभाग, छत्तीसगढ़ के अनुसार, इम्यून सिस्टम शरीर को संक्रमण और बीमारियों से लड़ने की ताकत देता है। विशेषज्ञों का मानना है कि दवाओं पर निर्भर रहने से बेहतर है कि अपनी दिनचर्या और खानपान को संतुलित बनाया जाए। छोटी-छोटी हेल्दी आदतें लंबे समय तक शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करती हैं। इम्यूनिटी मजबूत करने के लिए सबसे जरूरी है पर्याप्त और गहरी नींद लेना। हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक रोजाना 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद शरीर की रिकवरी और इम्यून सेल्स को सक्रिय रखने के लिए बेहद आवश्यक है। अनियमित नींद या देर रात तक जागना शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर सकता है। दूसरा महत्वपूर्ण उपाय है संतुलित और पौष्टिक आहार। फल, हरी सब्जियां, दालें, साबुत अनाज, मेवे और दही जैसी चीजें शरीर को जरूरी पोषक तत्व देती हैं। खासकर विटामिन-सी, विटामिन-डी, जिंक और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर भोजन इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करता है। वहीं अधिक चीनी, तला-भुना और जंक फूड शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है। विशेषज्ञ नियमित व्यायाम को भी बेहद जरूरी मानते हैं। रोजाना 30 से 45 मिनट तक टहलना, योग, प्राणायाम या हल्की एक्सरसाइज करने से शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है और इम्यून सेल्स अधिक सक्रिय रहती हैं। इससे शरीर में सूजन कम होती है और फिटनेस बनी रहती है। तनाव को नियंत्रित रखना भी मजबूत इम्यून सिस्टम के लिए जरूरी है। लगातार तनाव और चिंता शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर सकते हैं। ध्यान, मेडिटेशन, संगीत सुनना या पसंदीदा हॉबी अपनाने से मानसिक तनाव कम होता है और शरीर स्वस्थ रहता है। इसके अलावा शरीर को हाइड्रेटेड रखना बेहद आवश्यक है। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से शरीर के विषैले तत्व बाहर निकलते हैं और शरीर की कोशिकाएं सक्रिय रहती हैं। नींबू पानी, छाछ और हर्बल टी जैसे हेल्दी ड्रिंक्स भी शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यदि किसी व्यक्ति को पहले से कोई गंभीर बीमारी है, तो इन उपायों को अपनाने से पहले डॉक्टर या आयुष विशेषज्ञ से सलाह जरूर लेनी चाहिए।
PM सूर्य घर योजना से घटेगा बिजली बिल, सस्ती ब्याज दर पर मिल रहा सोलर लोन

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के जरिए अब आम लोगों को बिजली बिल से राहत दिलाने की बड़ी पहल तेज हो गई है। बिहार के नालंदा जिले में लोगों को इस योजना से जोड़ने और जागरूक करने के लिए बिहारशरीफ विद्युत डिवीजन कार्यालय परिसर में सोलर लोन मेले का आयोजन किया गया। इस मेले में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और सोलर यूनिट लगवाने के लिए आवेदन किए। मेले का उद्घाटन जिलाधिकारी कुंदन कुमार, डीडीसी शुभम कुमार और विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता मनीषकांत ने संयुक्त रूप से किया। अधिकारियों ने लोगों को बताया कि अब बेहद कम ब्याज दर पर बैंक लोन लेकर घरों की छतों पर सोलर पैनल लगवाना आसान हो गया है। इससे बिजली बिल में भारी कमी आएगी और लोग ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकेंगे। डीएम कुंदन कुमार ने कहा कि सोलर ऊर्जा अपनाना केवल बिजली बचत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण और देश सेवा से भी जुड़ा हुआ कदम है। उन्होंने कहा कि भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशी ईंधन पर निर्भर होकर पूरा करता है। ऐसे में सौर ऊर्जा का इस्तेमाल बढ़ाना आत्मनिर्भर भारत की दिशा में अहम कदम साबित होगा। उन्होंने यह भी बताया कि एक सोलर यूनिट लगाने से पर्यावरण को उतना लाभ मिलता है, जितना करीब 100 पेड़ लगाने से मिलता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों में सोलर यूनिट लगाकर हर दिन सूर्य ऊर्जा का लाभ उठाएं। विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता मनीषकांत ने जानकारी दी कि योजना के तहत तीन किलोवाट तक के सोलर पैनल पर 78 हजार रुपए तक की सब्सिडी दी जा रही है। एक किलोवाट पर 30 हजार और दो किलोवाट पर 60 हजार रुपए की सहायता मिलेगी। प्रति किलोवाट सोलर यूनिट लगाने में लगभग 60 हजार रुपए का खर्च आता है। अगर किसी उपभोक्ता के पास पर्याप्त राशि नहीं है तो बैंक 5 से 6 प्रतिशत की कम ब्याज दर पर लोन उपलब्ध करा रहे हैं। दो लाख रुपए तक के लोन के लिए केवल सामान्य दस्तावेज जैसे पहचान पत्र, फोटो, बिजली बिल और घर की रसीद की जरूरत होगी। कार्यपालक अभियंता विकास कुमार ने बताया कि मेले में 88 लोगों के लोन स्वीकृत किए गए, जबकि 100 से अधिक नए उपभोक्ताओं ने योजना के लिए पंजीकरण कराया। आने वाले दिनों में हजारों घरों में सोलर यूनिट लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। बीपीएल परिवारों के लिए राज्य सरकार मुफ्त सोलर प्लेट भी उपलब्ध कराएगी। बैंक अधिकारियों और उपभोक्ताओं ने भी इस योजना को आर्थिक बचत और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम बताया। लोगों का कहना है कि सोलर यूनिट लगने के बाद उनका बिजली बिल लगभग शून्य हो जाएगा।