इंदौर में दर्दनाक हादसा: ई-रिक्शा की टक्कर से 12 साल के बच्चे की मौत, महिला ड्राइवर अस्पताल से फरार

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के इंदौर में एक दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। हीरानगर क्षेत्र में 12 साल के बच्चे की ई-रिक्शा की टक्कर से मौत हो गई। हादसे के बाद घायल बच्चे को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, मृतक बच्चे की पहचान करण डामोर के रूप में हुई है। वह अपने घर के पास स्थित ग्लोवर गार्डन में खेलने के लिए जा रहा था। इसी दौरान सड़क पार करते समय एक ई-रिक्शा ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। हादसा दोपहर करीब 4 बजे हुआ। स्थानीय लोगों ने तुरंत बच्चे को उठाकर एमवाय अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। चौंकाने वाली बात यह रही कि अस्पताल में मौत की सूचना मिलते ही ई-रिक्शा चला रही महिला वहां से फरार हो गई। पुलिस के अनुसार, ई-रिक्शा (MP09-AT5741) को एक महिला चला रही थी, जिसकी तलाश की जा रही है। मामले की जांच हीरानगर थाना क्षेत्र पुलिस कर रही है। परिजनों ने बताया कि करण मूल रूप से झाबुआ का रहने वाला था और उसका परिवार मजदूरी करता है। उसके परिवार में एक छोटा भाई भी है। हादसे के बाद इलाके में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने वाहन जब्त कर चालक की तलाश शुरू कर दी है। इसी बीच शहर में एक और दुखद घटना सामने आई है। इंदौर के तेजाजी नगर इलाके में स्थित एक यूनिवर्सिटी हॉस्टल में इंजीनियरिंग के छात्र ने आत्महत्या कर ली। शुरुआती जांच में पुलिस को डिप्रेशन की आशंका जताई जा रही है, हालांकि कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है और संबंधित परिवारों से संपर्क किया जा रहा है।
उज्जैन में महाकाल की भस्म आरती: पंचामृत से अभिषेक, भांग-चंदन से हुआ दिव्य श्रृंगार

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में शनिवार तड़के परंपरा अनुसार भस्म आरती का आयोजन भव्य रूप से किया गया। सुबह लगभग 4 बजे मंदिर के कपाट खोले गए और विधिवत पूजा-अर्चना की शुरुआत हुई। सबसे पहले भगवान महाकाल का जल से अभिषेक किया गया। इसके बाद पंडे-पुजारियों ने दूध, दही, घी, शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से भगवान का अभिषेक किया। साथ ही “हरि ओम” का जल अर्पित कर विशेष पूजा संपन्न कराई गई। कपूर आरती के बाद भगवान महाकाल का दिव्य श्रृंगार किया गया। इस दौरान उन्हें शेषनाग का रजत मुकुट, रजत मुंडमाल, रुद्राक्ष की माला और सुगंधित फूलों की मालाएं अर्पित की गईं। भांग और चंदन से किया गया श्रृंगार श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र रहा। भस्म अर्पण के बाद भगवान को ड्रायफ्रूट का भोग लगाया गया और पुनः कपूर आरती की गई। मोगरा और गुलाब के फूलों से सजे बाबा महाकाल का अलौकिक रूप देखकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। परंपरा के अनुसार महा निर्वाणी अखाड़ा की ओर से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गई। भस्म आरती में बड़ी संख्या में भक्त शामिल हुए और उन्होंने बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। यह आरती न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि उज्जैन की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान का भी महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है।
Parag Agrawal की नई AI कंपनी Parallel: ट्विटर के बाद 19020 करोड़ का डिजिटल साम्राज्य

नई दिल्ली। ट्विटर के (अब X) के पूर्व सीईओ पराग अग्रवाल एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह कोई विवाद नहीं बल्कि उनकी नई कामयाबी है। एलन मस्क द्वारा ट्विटर अधिग्रहण के बाद कंपनी से बाहर किए गए अग्रवाल ने अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में एक मजबूत पहचान बना ली है। उन्होंने Parallel Web Systems नाम की AI स्टार्टअप की स्थापना की है, जिसने हाल ही में 100 मिलियन डॉलर (लगभग ₹835 करोड़) की फंडिंग जुटाई है। इस फंडिंग के बाद कंपनी की कुल वैल्यूएशन लगभग 2 बिलियन डॉलर यानी करीब ₹19,020 करोड़ पहुंच गई है। यह आंकड़ा इसे तेजी से उभरते AI स्टार्टअप्स में शामिल करता है। क्या करती है Parag Agrawal की कंपनी?Parallel Web Systems कोई साधारण टेक कंपनी नहीं है। यह AI एजेंट्स के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करती है, यानी ऐसे सिस्टम जो इंसानों की तरह खुद निर्णय लेकर ऑनलाइन काम कर सकते हैं। ये AI एजेंट्स केवल पहले से मौजूद डेटा पर निर्भर नहीं रहते, बल्कि: लाइव इंटरनेट से जानकारी खोजते हैं रियल-टाइम डेटा प्रोसेस करते हैं और जटिल डिजिटल कामों को ऑटोमेट करते हैं कंपनी ऐसे API टूल्स देती है जिनकी मदद से AI सिस्टम वेबसाइट्स से डेटा निकाल सकते हैं, रिसर्च कर सकते हैं और अलग-अलग ऑनलाइन वर्कफ्लो को पूरा कर सकते हैं। किन क्षेत्रों में हो रहा है इस्तेमाल?Parallel की टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल अब कई अहम सेक्टर्स में हो रहा है: निवेश (Investment) रिसर्च इंश्योरेंस क्लेम प्रोसेसिंग लीगल एनालिसिस सरकारी कॉन्ट्रैक्ट मैनेजमेंटइसका मतलब है कि AI अब सिर्फ चैटबॉट तक सीमित नहीं, बल्कि असली दुनिया के बड़े और जटिल कामों को भी संभालने लगा है। ट्विटर से AI तक का सफरपराग अग्रवाल 2021-22 तक ट्विटर के CEO रहे। एलन मस्क के 44 बिलियन डॉलर के अधिग्रहण के बाद उन्हें कंपनी से बाहर कर दिया गया था। लेकिन इसके बाद उन्होंने हार नहीं मानी और AI सेक्टर में अपनी नई शुरुआत की।आज उनकी नई कंपनी तेजी से बढ़ते AI बाजार में एक मजबूत खिलाड़ी बनती जा रही है
उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के बीच मंदिर शिफ्टिंग की चुनौती: हनुमान मंदिर पीछे होगा, गणेश मंदिर के लिए नई जगह की तलाश

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के उज्जैन में चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्यों के बीच मंदिरों की शिफ्टिंग एक बार फिर प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। कंठाल से सतीगेट मार्ग के चौड़ीकरण के दौरान कई धार्मिक स्थल प्रभावित हो रहे हैं, जिससे निर्माण कार्य की गति पर असर पड़ सकता है। नगर निगम ने इस बार पहले से योजना बनाकर काम शुरू किया है, लेकिन कई जगहों पर स्थिति अब भी स्पष्ट नहीं है। पिछले अनुभवों को देखते हुए प्रशासन इस बार समय रहते समाधान करने की कोशिश कर रहा है, ताकि सड़क निर्माण कार्य बीच में न रुके। कंठाल-सतीगेट चौड़ीकरण मार्ग पर दो प्रमुख मंदिर प्रभावित हो रहे हैं। योजना के अनुसार हनुमान मंदिर को पीछे की ओर स्थानांतरित किया जाएगा, जबकि गणेश मंदिर के लिए आसपास किसी नई उपयुक्त जगह की तलाश की जा रही है। हालांकि, स्थान चयन को लेकर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। इसके साथ ही कंठाल क्षेत्र में नाले के ऊपर बने एक मंदिर को लेकर स्थानीय स्तर पर विवाद भी सामने आया है। स्थानीय निवासी अरविंद मैदावाला ने संभागायुक्त को आवेदन देकर अतिक्रमण की स्थिति स्पष्ट करने और प्रशासन की योजना पर जानकारी मांगी है। इसी तरह बियाबानी चौड़ीकरण मार्ग पर भी एक मंदिर को शिफ्ट करने की तैयारी की गई है, जिसके लिए पास में ही नया स्थान चिन्हित किया गया है। ढाबारोड क्षेत्र में चल रहे चौड़ीकरण में भी श्रीनाथजी की हवेली का हिस्सा प्रभावित हो रहा है, जिस पर अभी अंतिम निर्णय लंबित है। प्रशासन का मानना है कि यदि समय रहते मंदिरों की शिफ्टिंग पूरी नहीं हुई, तो सड़क चौड़ीकरण कार्य प्रभावित हो सकता है। इसका असर आगामी बड़े आयोजन सिंहस्थ पर भी पड़ने की आशंका जताई जा रही है। कुल मिलाकर, विकास कार्य और धार्मिक संरचनाओं के संतुलन को बनाए रखना इस समय नगर निगम के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है।
उज्जैन सीवरेज प्रोजेक्ट में देरी: काम 12 हिस्सों में बांटा गया, अब टाटा के साथ अन्य कंपनियां भी संभालेंगी जिम्मेदारी

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के उज्जैन में लंबे समय से चल रहे सीवरेज प्रोजेक्ट में एक बार फिर देरी सामने आई है। शहर की सीवरेज व्यवस्था सुधारने के लिए शुरू किए गए इस प्रोजेक्ट में अब तक तय समय सीमा के बावजूद हजारों घरों में कनेक्शन नहीं हो सके हैं। प्रोजेक्ट का काम देख रही टाटा कंपनी को 31 मार्च तक कार्य पूरा करने का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन अब भी करीब 30 हजार से अधिक हाउसहोल्ड कनेक्शन बाकी हैं। धीमी प्रगति को देखते हुए नगर निगम ने अब बड़ा कदम उठाते हुए पूरे काम को 12 हिस्सों में बांट दिया है। अब इस प्रोजेक्ट में केवल टाटा कंपनी ही नहीं, बल्कि अन्य एजेंसियों को भी शामिल किया जाएगा। इसके लिए नए टेंडर जारी किए गए हैं, जिनमें से तीन कंपनियों के रेट स्वीकृत कर लिए गए हैं, जबकि तीन के रेट अधिक होने के कारण खारिज कर दिए गए हैं। नगर निगम के अपर आयुक्त पवनकुमार सिंह के अनुसार, टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और फिलहाल उनका विश्लेषण किया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य है कि इस साल के अंत तक सीवरेज प्रोजेक्ट को पूरा किया जा सके। यह प्रोजेक्ट वर्ष 2017 में शुरू हुआ था और शुरुआत में इसे 2019 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन कई बार समय सीमा बढ़ाने के बावजूद काम अधूरा रह गया। इससे पहले भी टाटा प्रोजेक्ट्स को 10 से अधिक बार एक्सटेंशन दिया जा चुका है। प्रशासन ने लापरवाही को देखते हुए कंपनी को पिछले चार महीने पहले आगे के तीन वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट भी कर दिया था, हालांकि मामला अभी अदालत में विचाराधीन है। वर्तमान स्थिति यह है कि कंपनी प्रतिदिन तय लक्ष्य के अनुसार 300 कनेक्शन भी नहीं कर पा रही है। जबकि यदि रोजाना 1000 कनेक्शन भी किए जाएं, तब भी निर्धारित समय में काम पूरा करना मुश्किल माना जा रहा है। अब देखना होगा कि नए टेंडर और अन्य कंपनियों की भागीदारी से यह लंबे समय से अटका हुआ प्रोजेक्ट कितनी तेजी से पूरा हो पाता है।
महावीर जन्म कल्याणक विवाद: इंदौर में 50 लाख का मानहानि नोटिस, 7 दिन में माफी की मांग

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के इंदौर में महावीर जन्म कल्याणक के मौके पर आयोजित नवकारसी कार्यक्रम अब कानूनी विवाद में बदल गया है। इस मामले में 50 लाख रुपए का मानहानि नोटिस भेजा गया है, जिसमें श्वेताम्बर जैन महासंघ न्यास के पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। नोटिस अक्षय जैन की ओर से उनके अधिवक्ता के माध्यम से जारी किया गया है। इसमें आरोप लगाया गया है कि महासंघ द्वारा जारी स्पष्टीकरण में आधिकारिक लेटरहेड का दुरुपयोग करते हुए निराधार और अपमानजनक टिप्पणियां प्रकाशित की गईं, जिससे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। नोटिस के अनुसार, यह पत्र केवल संस्था तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज में व्यापक रूप से प्रसारित हुआ और व्हाट्सएप सहित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी वायरल हुआ। इससे संबंधित पक्ष की सार्वजनिक छवि को ठेस पहुंची है। दावा किया गया है कि पिछले 40 वर्षों से व्यापार और सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय अक्षय जैन की साख को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। विवाद की जड़ में महावीर जन्म कल्याणक के दिन हुए नवकारसी आयोजन का एक घटनाक्रम है, जिसमें ट्रैक्टर खड़ा होने को लेकर विवाद हुआ था। नोटिस में कहा गया है कि इस घटना के लिए इवेंट कंपनी के संचालक ने पहले ही लिखित रूप से अपनी गलती स्वीकार कर माफी मांग ली थी। इसके बावजूद करीब 29 दिन बाद आरोपों के साथ पत्र जारी करना दुर्भावनापूर्ण बताया गया है। इसके अलावा 29 अप्रैल को हुई बैठक के मिनट्स पर भी सवाल उठाए गए हैं। आरोप है कि संस्था के मंच का इस्तेमाल कर व्यक्तिगत आरोपों को संस्थागत रूप दिया गया, जिससे न केवल संस्था की गरिमा प्रभावित हुई, बल्कि एक व्यक्ति विशेष के खिलाफ नकारात्मक माहौल बनाने का प्रयास किया गया। नोटिस में भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 356 (मानहानि) और धारा 61 (आपराधिक साजिश) का हवाला देते हुए इसे दंडनीय कृत्य बताया गया है। साथ ही इसे दीवानी क्षति के रूप में भी प्रस्तुत किया गया है। नोटिस में 15 दिनों के भीतर 50 लाख रुपए की क्षतिपूर्ति, 25 हजार रुपए विधिक खर्च, और 7 दिनों के भीतर बिना शर्त लिखित माफी जारी करने की मांग की गई है। साथ ही सोशल मीडिया पर सार्वजनिक माफी प्रकाशित करने और भविष्य में ऐसे कृत्यों से बचने की भी शर्त रखी गई है। स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि तय समयसीमा में मांगें पूरी नहीं होने पर संबंधित पदाधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराया जाएगा और अलग से दीवानी वाद भी दायर किया जाएगा।
इंदौर में फ्लैट सौदे में धोखाधड़ी: गिरवी रखी प्रॉपर्टी बेचने की कोशिश, दंपति पर FIR दर्ज

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के इंदौर में प्रॉपर्टी सौदे से जुड़ा एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक दंपति पर गिरवी रखे फ्लैट को बेचने की कोशिश करने का आरोप लगा है। मामले में शिकायत के बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है। घटना अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र की है। पुलिस के अनुसार, पीड़िता सुनिता पाल ने संगीता मोटवानी और उनके पति कमल मोटवानी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि दंपति ने धनवंतरी निवास सिल्वर पैलेस कॉलोनी में स्थित अपने फ्लैट का सौदा 47 लाख रुपए में तय किया, जबकि वह पहले से ही बैंक में गिरवी रखा हुआ था। सौदे के तहत पीड़िता ने पहले 1 लाख रुपए बयाने के रूप में दिए और 6 जून 2025 को सेल एग्रीमेंट होने के बाद 5 लाख रुपए का चेक भी दिया गया, जिसे आरोपियों ने नकद कर लिया। इसके बाद टैक्स भुगतान के नाम पर भी पीड़िता से रकम खर्च करवाई गई, जिसमें हाउस टैक्स और अन्य देनदारियां शामिल थीं। जब रजिस्ट्री का समय आया, तब आरोपियों ने खुलासा किया कि फ्लैट पर बैंक से लोन लिया गया है। जांच में सामने आया कि फ्लैट पर करीब 23 लाख रुपए का कर्ज बकाया है। जबकि इस महत्वपूर्ण जानकारी का जिक्र सेल एग्रीमेंट में नहीं किया गया था। पीड़िता का आरोप है कि जब उसने पूरी रकम की व्यवस्था कर ली और रजिस्ट्री की बात की, तो दंपति ने सौदा करने से इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, आरोप है कि उन्होंने समाज के कुछ लोगों को बुलाकर पीड़िता को धमकाया और मानसिक दबाव बनाया। मामला बढ़ने पर पीड़िता ने पुलिस अधिकारियों को लिखित शिकायत दी। जांच के बाद पुलिस ने इसे प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी मानते हुए दंपति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। यह मामला एक बार फिर प्रॉपर्टी खरीदते समय पूरी जांच-पड़ताल और दस्तावेजों की पुष्टि की जरूरत को रेखांकित करता है, ताकि इस तरह की धोखाधड़ी से बचा जा सके।
इंदौर में ट्रैफिक नियम तोड़ना पड़ा भारी: 210 चालकों के लाइसेंस होंगे सस्पेंड

नई दिल्ली। मध्य प्रदेश के इंदौर में ट्रैफिक नियमों की अनदेखी अब महंगी पड़ने वाली है। शहर की ट्रैफिक पुलिस ने लगातार नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए 210 लोगों के ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ट्रैफिक विभाग के अनुसार, जिन चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, वे पिछले तीन महीनों में बार-बार गंभीर नियमों का उल्लंघन करते पाए गए। इनमें रेड सिग्नल जंप करना, रॉन्ग साइड वाहन चलाना और ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना जैसे खतरनाक व्यवहार शामिल हैं, जो सड़क पर अन्य लोगों की जान को जोखिम में डालते हैं। राजेश त्रिपाठी (डीसीपी ट्रैफिक) ने बताया कि ऐसे चालकों की पहचान वाहन नंबर और रजिस्ट्रेशन के आधार पर की गई है। इनकी सूची परिवहन विभाग को भेज दी गई है, जहां से लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि यह कदम सड़क हादसों को कम करने और लोगों में नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए उठाया गया है। लगातार नियम तोड़ने वालों पर निगरानी और सख्ती आगे भी जारी रहेगी। ट्रैफिक पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, ताकि खुद की और दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। नियमों की अनदेखी न सिर्फ कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकती है, बल्कि जानलेवा भी साबित हो सकती है।
दही, एलोवेरा और शहद का हेयर मास्क: बालों को बनाएं मजबूत और चमकदार, महंगे प्रोडक्ट्स की छुट्टी

नई दिल्ली। आज के समय में बालों की देखभाल एक बड़ी चुनौती बन चुकी है। प्रदूषण, गलत खानपान और केमिकल युक्त प्रोडक्ट्स के कारण बाल रूखे, बेजान और कमजोर हो जाते हैं। ऐसे में लोग महंगे हेयर केयर प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन कई बार उनसे भी मनचाहा रिजल्ट नहीं मिलता। ऐसे में घरेलू नुस्खे एक बेहतर और सुरक्षित विकल्प बनकर सामने आते हैं। इन्हीं में से एक असरदार उपाय है दही, एलोवेरा और शहद से बना हेयर मास्क। यह तीनों चीजें मिलकर बालों को गहराई से पोषण देती हैं और उन्हें मजबूत, मुलायम और चमकदार बनाती हैं। दही में मौजूद प्रोटीन बालों की जड़ों को मजबूत करता है और डैंड्रफ की समस्या को कम करता है। वहीं एलोवेरा स्कैल्प को ठंडक देता है और बालों की ग्रोथ को बढ़ावा देता है। इसके अलावा शहद बालों में नमी बनाए रखता है, जिससे बाल ड्राई और फ्रिज़ी नहीं होते। इस हेयर मास्क को बनाना बेहद आसान है। इसके लिए 2 चम्मच दही लें, उसमें 1 चम्मच एलोवेरा जेल और 1 चम्मच शहद मिलाएं। सभी चीजों को अच्छी तरह मिक्स करके एक स्मूद पेस्ट तैयार करें। अब इस मास्क को लगाने से पहले अपने बालों को हल्का गीला कर लें। इसके बाद इस मिश्रण को स्कैल्प से लेकर बालों की लंबाई तक अच्छे से लगाएं। हल्के हाथों से मसाज करें ताकि यह जड़ों तक पहुंच सके। मास्क को लगभग 30 से 40 मिनट तक बालों में लगा रहने दें। इसके बाद माइल्ड शैम्पू से बालों को धो लें। हफ्ते में 1 से 2 बार इसका इस्तेमाल करने से बालों की क्वालिटी में साफ फर्क नजर आने लगता है। नियमित उपयोग से बालों का टूटना कम होता है, रूखापन दूर होता है और बाल अधिक शाइनी और स्मूद बनते हैं। साथ ही यह स्कैल्प की हेल्थ को भी बेहतर बनाता है। हालांकि, अगर किसी को किसी भी सामग्री से एलर्जी है तो पहले पैच टेस्ट जरूर करें। जरूरत से ज्यादा मात्रा में या बहुत बार इस्तेमाल करने से भी बचना चाहिए। कुल मिलाकर, दही, एलोवेरा और शहद से बना यह घरेलू हेयर मास्क एक आसान, सस्ता और असरदार उपाय है, जो बिना महंगे प्रोडक्ट्स के भी बालों को खूबसूरत बना सकता है।
स्ट्रेस और बेचैनी से पाना है छुटकारा? भ्रामरी प्राणायाम है आसान और असरदार उपाय

नई दिल्ली आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव, चिंता और मानसिक थकान आम समस्या बन चुकी है। काम का दबाव, लगातार स्क्रीन टाइम और बदलती लाइफस्टाइल के कारण लोग अक्सर बेचैनी और दिमागी अशांति महसूस करते हैं। ऐसे में Ministry of AYUSH ने एक आसान और असरदार उपाय सुझाया है भ्रामरी प्राणायाम। मंत्रालय के अनुसार, यह प्राणायाम मन को शांत करने और मानसिक संतुलन बनाए रखने में बेहद कारगर है। खासकर जब मन में बहुत ज्यादा विचार चल रहे हों या बेचैनी महसूस हो रही हो, तब भ्रामरी प्राणायाम तुरंत राहत देने में मदद करता है। International Day of Yoga से पहले भी मंत्रालय लोगों को इस प्राणायाम के फायदे बता रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसे अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकें। योग विशेषज्ञों के मुताबिक, भ्रामरी प्राणायाम एक विशेष श्वास तकनीक है, जिसमें सांस छोड़ते समय भौंरे की तरह “हम्म्म” की ध्वनि निकाली जाती है। इस ध्वनि से मस्तिष्क में हल्का कंपन होता है, जो तनावग्रस्त नसों को शांत करता है। इससे न केवल स्ट्रेस कम होता है, बल्कि गुस्सा, चिंता और नींद से जुड़ी समस्याओं में भी राहत मिलती है। इस प्राणायाम का नियमित अभ्यास मानसिक एकाग्रता बढ़ाने और भावनात्मक संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। जो लोग अक्सर चिंता या ओवरथिंकिंग का शिकार रहते हैं, उनके लिए यह एक सरल और प्राकृतिक उपाय है। भ्रामरी प्राणायाम करने का तरीका भी बेहद आसान है। सबसे पहले किसी शांत जगह पर आराम से सीधे बैठ जाएं और आंखें बंद कर लें। अब अपने अंगूठों से दोनों कानों को हल्के से बंद करें। इसके बाद गहरी सांस लें और धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए “हम्म” की आवाज निकालें। कोशिश करें कि यह ध्वनि लंबी और स्थिर हो। इस प्रक्रिया को 5 से 10 बार दोहराएं। विशेषज्ञों का मानना है कि रोजाना सुबह या शाम के समय इसका अभ्यास करने से मन की अशांति धीरे-धीरे कम होने लगती है। साथ ही, इससे ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है और नींद की गुणवत्ता भी बेहतर होती है। कहना है कि यह प्राणायाम पूरी तरह सुरक्षित है और इसे घर पर बिना किसी उपकरण के आसानी से किया जा सकता है। जो लोग लगातार मानसिक थकान या तनाव से जूझ रहे हैं, उनके लिए यह एक प्रभावी और प्राकृतिक समाधान है। कुल मिलाकर, भ्रामरी प्राणायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करके आप मानसिक शांति और बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में एक बड़ा कदम उठा सकते हैं।