Shaniwar Upay: शनिवार को भूलकर भी न करें ये गलतियां, बढ़ सकता है शनि दोष

नई दिल्ली। हिंदू धर्म में शनिवार का दिन Shani Dev को समर्पित माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए कर्मों का विशेष प्रभाव जीवन पर पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि शनिवार के दिन कुछ खास गलतियां की जाएं तो Shani Dosh बढ़ सकता है, जिससे जीवन में बाधाएं, आर्थिक परेशानी और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है। सबसे पहले, शनिवार के दिन लोहे से बनी वस्तुओं की खरीदारी या दान करने से बचना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इस दिन लोहा खरीदने से शनि का नकारात्मक प्रभाव बढ़ सकता है। हालांकि, जरूरतमंद को लोहे की वस्तु दान करना कुछ परिस्थितियों में शुभ भी माना जाता है, लेकिन बिना सोच-समझकर ऐसा करना उचित नहीं होता। दूसरी बड़ी गलती है तेल का दुरुपयोग। शनिवार को सरसों के तेल का विशेष महत्व होता है। लोग शनि देव को प्रसन्न करने के लिए तेल चढ़ाते हैं, लेकिन तेल का अपमान करना या उसे इधर-उधर फैलाना अशुभ माना जाता है। तीसरी बात, इस दिन गरीबों, बुजुर्गों और जरूरतमंदों का अपमान नहीं करना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से शनि देव नाराज हो सकते हैं। इसके विपरीत, जरूरतमंदों की मदद करना, दान देना और सेवा करना शनि कृपा पाने का सबसे आसान उपाय माना गया है। इसके अलावा शनिवार के दिन काले रंग की वस्तुओं का विशेष महत्व होता है, लेकिन इसका गलत तरीके से इस्तेमाल या अहंकार दिखाना भी अशुभ हो सकता है। इस दिन सादगी और संयम बनाए रखना बेहतर माना जाता है। शनिवार को बाल और नाखून काटने से भी कई लोग बचते हैं, क्योंकि इसे अशुभ माना जाता है। साथ ही इस दिन झूठ बोलना, धोखा देना या किसी का दिल दुखाना भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। अगर आप शनि दोष से बचना चाहते हैं, तो शनिवार को सुबह स्नान के बाद Shani Dev की पूजा करें, सरसों के तेल का दीपक जलाएं और गरीबों को दान करें। इससे जीवन में आने वाली बाधाएं कम हो सकती हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। कुल मिलाकर, शनिवार का दिन अनुशासन, सेवा और संयम का दिन माना जाता है। इस दिन सही आचरण अपनाकर और गलतियों से बचकर आप Shani Dosh के प्रभाव को कम कर सकते हैं और जीवन में सुख-शांति बनाए रख सकते हैं।
Type-2 Diabetes से बचाव है संभव: अपनाएं ये 4 आसान आदतें और रहें स्वस्थ

नई दिल्ली। आज के समय में तेजी से बढ़ती लाइफस्टाइल बीमारियों में Type 2 Diabetes एक बड़ी चुनौती बन चुकी है। खराब खानपान, शारीरिक गतिविधियों की कमी और बढ़ता तनाव इस बीमारी के प्रमुख कारण माने जाते हैं। हालांकि, अच्छी बात यह है कि World Health Organization (WHO) का मानना है कि कुछ आसान और नियमित आदतों को अपनाकर इस बीमारी से बचाव संभव है। WHO के अनुसार, सबसे जरूरी है अपने शरीर के वजन को संतुलित रखना। बढ़ता हुआ वजन डायबिटीज के खतरे को कई गुना बढ़ा देता है। ऐसे में नियमित रूप से वजन पर नजर रखना और जरूरत पड़ने पर उसे नियंत्रित करना बेहद जरूरी है। संतुलित वजन न सिर्फ डायबिटीज बल्कि कई अन्य बीमारियों से भी बचाता है। दूसरा महत्वपूर्ण उपाय है शारीरिक रूप से सक्रिय रहना। विशेषज्ञों की सलाह है कि रोजाना कम से कम 20 से 30 मिनट तक व्यायाम जरूर करना चाहिए। इसमें तेज चलना, साइकिल चलाना या हल्का-फुल्का खेलकूद शामिल हो सकता है। नियमित शारीरिक गतिविधि शरीर में इंसुलिन के प्रभाव को बेहतर बनाती है और ब्लड शुगर को नियंत्रण में रखने में मदद करती है। तीसरा अहम पहलू है संतुलित और पौष्टिक आहार। WHO के अनुसार, अपनी डाइट में फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करना चाहिए। वहीं, ज्यादा चीनी, प्रोसेस्ड फूड और सैचुरेटेड फैट से दूरी बनाना बेहद जरूरी है। सही खानपान न केवल डायबिटीज के खतरे को कम करता है, बल्कि शरीर को ऊर्जा और पोषण भी देता है। चौथा और बेहद जरूरी उपाय है तंबाकू से दूरी बनाना। तंबाकू का सेवन न केवल डायबिटीज बल्कि दिल और फेफड़ों से जुड़ी कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ाता है। WHO का स्पष्ट कहना है कि तंबाकू छोड़ने से शरीर की ओवरऑल हेल्थ बेहतर होती है और कई बीमारियों से बचाव संभव होता है। आज के व्यस्त जीवन में छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करना ही सबसे बड़ा उपाय है। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, वजन नियंत्रण और तंबाकू से दूरी बनाकर न केवल Type 2 Diabetes बल्कि कई अन्य गंभीर बीमारियों से भी बचा जा सकता है। कुल मिलाकर, अगर समय रहते जागरूकता दिखाई जाए और सही जीवनशैली अपनाई जाए, तो डायबिटीज जैसी बीमारी को काफी हद तक रोका जा सकता है।
iQOO Neo 10 का नया अवतार लॉन्च, 7000mAh बैटरी और 120W चार्जिंग से मचा देगा बाजार में धमाल

नई दिल्ली। स्मार्टफोन मार्केट में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है क्योंकि iQOO ने अपने पॉपुलर फोन Neo 10 को नए अवतार में पेश कर दिया है। कंपनी ने इस बार फोन को न सिर्फ नए आकर्षक रंगों में लॉन्च किया है, बल्कि इसकी परफॉर्मेंस और बैटरी फीचर्स को भी और ज्यादा पावरफुल बना दिया है। नया iQOO Neo 10 अब गेमर्स और हेवी यूजर्स के लिए एक दमदार विकल्प बनकर सामने आया है, जो फ्लैगशिप लेवल परफॉर्मेंस को मिड-रेंज कीमत में देने का दावा करता है। कंपनी ने iQOO Neo 10 को अब दो नए कलर ऑप्शन एल्पाइन व्हाइट और एस्फाल्ट ब्लैक में पेश किया है। ये दोनों नए रंग पहले से मौजूद इंफर्नो रेड और टाइटेनियम क्रोम वेरिएंट के साथ उपलब्ध होंगे। नए वेरिएंट की बिक्री 5 मई से दोपहर 12 बजे शुरू होगी और इसे ग्राहक Amazon और iQOO की आधिकारिक वेबसाइट से खरीद सकेंगे। कीमत की बात करें तो iQOO Neo 10 का 8GB रैम और 256GB स्टोरेज वेरिएंट 37,999 रुपये में उपलब्ध है, जबकि 12GB रैम और 256GB स्टोरेज मॉडल की कीमत 42,999 रुपये रखी गई है। लॉन्च ऑफर के तहत यह फोन क्रमशः 34,999 रुपये और 40,999 रुपये की प्रभावी कीमत पर खरीदा जा सकता है, जो इसे और भी आकर्षक बनाता है। फोन का सबसे बड़ा आकर्षण इसकी 6.78 इंच की 1.5K AMOLED डिस्प्ले है, जो 144Hz रिफ्रेश रेट और 5500 निट्स तक की ब्राइटनेस सपोर्ट करती है। यह डिस्प्ले गेमिंग और वीडियो स्ट्रीमिंग के अनुभव को बेहद स्मूद और विजुअली रिच बनाती है। परफॉर्मेंस के लिए इसमें लेटेस्ट Snapdragon 8s Gen 4 प्रोसेसर दिया गया है, जो हाई-एंड गेमिंग और मल्टीटास्किंग के लिए बेहतरीन माना जा रहा है। कैमरा सेटअप की बात करें तो iQOO Neo 10 में डुअल रियर कैमरा सिस्टम मिलता है, जिसमें 50MP Sony IMX882 प्राइमरी सेंसर और 8MP अल्ट्रा-वाइड लेंस शामिल है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 32MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है, जो क्लियर और डिटेल्ड आउटपुट देने में सक्षम है। बैटरी इस फोन की सबसे बड़ी ताकत है। इसमें 7000mAh की विशाल बैटरी दी गई है, जो लंबे समय तक बैकअप देने में सक्षम है। इसके साथ 120W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट मिलता है, जिससे फोन कुछ ही मिनटों में चार्ज हो सकता है। गेमिंग एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने के लिए इसमें Q1 गेमिंग चिप और 7000mm² का वेपर कूलिंग सिस्टम भी दिया गया है, जो हीटिंग की समस्या को कम करता है। फोन Android 16 आधारित OriginOS 6 पर चलता है और IP65 रेटिंग के साथ आता है, जो इसे डस्ट और स्प्लैश रेसिस्टेंट बनाता है। कुल मिलाकर, iQOO Neo 10 अपने नए लुक, पावरफुल बैटरी और फ्लैगशिप लेवल परफॉर्मेंस के साथ मिड-रेंज स्मार्टफोन सेगमेंट में एक बड़ा गेमचेंजर साबित हो सकता है।
Netflix ने लॉन्च किया नया ‘Clips’ फीचर: अब रील्स जैसा मिलेगा शॉर्ट वीडियो एक्सपीरियंस

नई दिल्ली। स्ट्रीमिंग दिग्गज Netflix ने अपने यूजर्स के लिए एक नया और दिलचस्प फीचर पेश किया है। इस फीचर का नाम ‘Clips’ रखा गया है, जिसके जरिए अब मोबाइल यूजर्स को छोटे और वर्टिकल वीडियो देखने का अनुभव मिलेगा। यह बिल्कुल Instagram Reels और TikTok की तरह काम करेगा, जहां लगातार स्क्रॉल करके नया कंटेंट देखा जा सकेगा। कंपनी का यह कदम खासतौर पर मोबाइल यूजर एक्सपीरियंस को और बेहतर बनाने के लिए उठाया गया है। फिलहाल इसे कई देशों में रोलआउट किया जा रहा है, जिनमें भारत, अमेरिका, यूके, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, मलेशिया, पाकिस्तान, फिलीपींस और साउथ अफ्रीका शामिल हैं। आने वाले समय में इसे और देशों में भी लॉन्च किया जाएगा। क्या है Netflix का ‘Clips’ फीचर?Netflix का यह नया फीचर शॉर्ट वीडियो ट्रेंड को ध्यान में रखकर बनाया गया है, लेकिन इसमें एक खास फर्क है। यहां यूजर जनरेटेड कंटेंट नहीं होगा, बल्कि Netflix की ही फिल्मों और वेब सीरीज से निकाले गए छोटे-छोटे क्लिप्स दिखाए जाएंगे। इसका उद्देश्य यूजर्स को यह तय करने में मदद करना है कि कौन-सा शो या फिल्म देखनी है। यानी अब लंबे समय तक सर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि एक छोटी क्लिप देखकर ही आइडिया मिल जाएगा। Netflix ऐप में इसके लिए एक अलग टैब जोड़ा गया है, जहां यूजर्स आसानी से शॉर्ट वीडियो स्क्रॉल कर सकेंगे। साथ ही, किसी भी क्लिप को सीधे सोशल मीडिया पर शेयर करने या दोस्तों को भेजने का विकल्प भी मिलेगा। यूजर्स को क्या फायदा होगा?इस फीचर का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यूजर्स को पहले ही फिल्म या वेब सीरीज की झलक मिल जाएगी। अगर कोई क्लिप पसंद आती है, तो सीधे उस कंटेंट को देखने का विकल्प मिलेगा या उसे वॉचलिस्ट में जोड़ा जा सकेगा। भविष्य में Netflix इस फीचर को और भी मजबूत बना सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसमें आगे चलकर पॉडकास्ट, लाइव शो और कलेक्शन जैसी सुविधाएं भी जोड़ी जा सकती हैं, जिससे यूजर्स को शॉर्ट और लॉन्ग फॉर्म कंटेंट के बीच आसान स्विचिंग मिलेगी। पहले भी कर चुका है प्रयोगNetflix के लिए यह पहला ऐसा कदम नहीं है। कंपनी ने इससे पहले भी कई बार शॉर्ट वीडियो फॉर्मेट पर प्रयोग किए हैं: 2018 में 30 सेकंड का वर्टिकल प्रीव्यू फीचर 2021 में ‘Fast Laughs’ फीचर और अब 2026 में ‘Clips’ का नया वर्जन इन सभी कोशिशों का मकसद यूजर्स को कंटेंट डिस्कवरी आसान और तेज बनाना है।
Google Gemini: Google Gemini में जल्द आएंगे विज्ञापन: AI चैटिंग का अनुभव बदलने की तैयारी में Google, यूजर्स की चिंता बढ़ी

Google Gemini: नई दिल्ली। Google अपने AI प्लेटफॉर्म Gemini को जल्द ही एक बड़े बदलाव की ओर ले जाने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी इस ऐप में विज्ञापन और स्पॉन्सर्ड रिजल्ट जोड़ने पर गंभीरता से विचार कर रही है। अगर यह बदलाव लागू होता है, तो AI चैटिंग का अनुभव पहले जैसा नहीं रहेगा और बातचीत के बीच में विज्ञापन दिखाई दे सकते हैं। Gemini में विज्ञापनों की एंट्री की तैयारी हाल ही में Google की तिमाही आय कॉल के दौरान संकेत दिए गए कि Gemini AI ऐप में जल्द ही विज्ञापन मॉडल जोड़ा जा सकता है। कंपनी के चीफ बिजनेस ऑफिसर फिलिप शिंडलर ने बताया कि Google पहले से ही अपने AI Overview और AI Mode में विज्ञापन दिखा रहा है और इनका प्रदर्शन अच्छा रहा है। इसी अनुभव के आधार पर अब Gemini ऐप को भी Monetization (कमाई) मॉडल में शामिल करने की योजना बनाई जा रही है। इसका मतलब है कि आने वाले समय में यूजर्स को चैट के दौरान स्पॉन्सर्ड सुझाव और कमर्शियल कंटेंट दिख सकते हैं। सर्च से चैट तक पहुंचेगा Ads मॉडल Google पहले से ही सर्च रिजल्ट्स में यूजर की क्वेरी के आधार पर विज्ञापन दिखाता है। इसमें टेक्स्ट और शॉपिंग Ads शामिल होते हैं, जो भारत, अमेरिका, कनाडा और अन्य देशों में सक्रिय हैं। अब कंपनी इसी मॉडल को AI चैटिंग में लागू करने की तैयारी कर रही है। यानी यूजर जब Gemini से सवाल पूछेंगे, तो जवाब के बीच में विज्ञापन या स्पॉन्सर्ड सुझाव दिख सकते हैं। AI की दुनिया में बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा Google का यह कदम सीधे तौर पर OpenAI को टक्कर देने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। OpenAI ने पहले ही ChatGPT में फ्री यूजर्स के लिए कुछ रैंक्ड विज्ञापन मॉडल टेस्ट किए हैं। हालांकि OpenAI का दावा है कि विज्ञापन चैट के जवाबों को प्रभावित नहीं करेंगे, लेकिन AI प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते कमर्शियलाइजेशन पर सवाल जरूर उठने लगे हैं। यूजर्स के अनुभव पर असर AI चैटबॉट्स का सबसे बड़ा आकर्षण उनकी साफ और बिना बाधा वाली बातचीत होती है। लेकिन अगर बीच में विज्ञापन जुड़ते हैं, तो यूजर एक्सपीरियंस प्रभावित हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर विज्ञापन को स्मार्ट तरीके से इंटीग्रेट किया गया तो यह Google के लिए नया रेवेन्यू मॉडल बन सकता है, लेकिन गलत तरीके से लागू होने पर यूजर्स की नाराजगी भी बढ़ सकती है। आने वाला समय: AI + Ads का नया दौर AI इंडस्ट्री तेजी से व्यावसायिक (commercial) होती जा रही है। Google और OpenAI जैसे दिग्गज अब इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं जहां AI सिर्फ जानकारी नहीं देगा, बल्कि विज्ञापनों के जरिए कमाई का भी बड़ा प्लेटफॉर्म बनेगा।
Gold Price Today: मई की शुरुआत में आम जनता को झटका, कमर्शियल LPG महंगा, सोना-चांदी में गिराव..

Gold Price Today: नई दिल्ली। मई 2026 की शुरुआत देश के उपभोक्ताओं और बाजार पर अलग-अलग प्रभाव छोड़ते हुए हुई है। एक तरफ जहां पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, वहीं दूसरी ओर कमर्शियल LPG सिलेंडर के दामों में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है। इसके साथ ही सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में भी हल्का उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है, जिससे बाजार में मिला-जुला माहौल बना हुआ है। तेल कंपनियों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति को देखते हुए पेट्रोल और डीजल की कीमतों को स्थिर रखा है। प्रमुख महानगरों में ईंधन के दाम पहले जैसे ही बने हुए हैं, जिससे आम उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद घरेलू बाजार में स्थिरता बनाए रखने की कोशिश की गई है, ताकि महंगाई पर नियंत्रण रखा जा सके। हालांकि, कमर्शियल LPG सिलेंडर उपभोक्ताओं के लिए बड़ा झटका सामने आया है। 19 किलो वाले गैस सिलेंडर की कीमत में तेज बढ़ोतरी की गई है, जिससे होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक उपयोगकर्ताओं की लागत बढ़ गई है। इस बढ़ोतरी का सीधा असर सेवा क्षेत्र की लागत पर पड़ सकता है, जो अंततः उपभोक्ताओं तक भी पहुंच सकता है। राहत की बात यह है कि घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, जिससे घरों पर फिलहाल अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ा है। Samsung Galaxy F17e 5G: Samsung का बजट 5G धमाका: सिर्फ ₹13,774 में मिल रहा 6000mAh बैटरी और 50MP कैमरा वाला फोन, ऑफर्स ने घटाई कीमत दूसरी ओर सर्राफा बाजार में भी हलचल देखने को मिली है। सोने की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि चांदी लगातार तीसरे दिन सस्ती हुई है। सोने और चांदी की कीमतों में यह गिरावट निवेशकों के लिए मिश्रित संकेत लेकर आई है। जहां कुछ लोग इसे खरीदारी का अवसर मान रहे हैं, वहीं कुछ निवेशक अभी भी वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए सतर्क बने हुए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं का असर कीमती धातुओं और ऊर्जा बाजार दोनों पर देखा जा रहा है। वैश्विक निवेश और केंद्रीय बैंकों की नीतियों में बदलाव भी इन कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं। आने वाले समय में बाजार में और उतार-चढ़ाव की संभावना बनी हुई है। आर्थिक जानकारों का यह भी मानना है कि कच्चे तेल और कीमती धातुओं की कीमतें वैश्विक घटनाओं से सीधे जुड़ी होती हैं, इसलिए इन बाजारों में स्थिरता फिलहाल चुनौती बनी हुई है। सोने की कीमतों में दीर्घकालिक वृद्धि की संभावना जताई जा रही है, लेकिन अल्पकाल में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।
Samsung Galaxy F17e 5G: Samsung का बजट 5G धमाका: सिर्फ ₹13,774 में मिल रहा 6000mAh बैटरी और 50MP कैमरा वाला फोन, ऑफर्स ने घटाई कीमत

Samsung Galaxy F17e 5G: नई दिल्ली। फ्लिपकार्ट पर Samsung ने बजट सेगमेंट में बढ़ाई हलचल,स्मार्टफोन बाजार में Samsung ने एक और किफायती 5G डिवाइस के साथ ग्राहकों का ध्यान खींचा है। कंपनी का नया Samsung Galaxy F17e 5G फ्लिपकार्ट पर बेहद आकर्षक ऑफर के साथ उपलब्ध है, जिसकी प्रभावी कीमत बैंक डिस्काउंट और एक्सचेंज ऑफर के बाद मात्र ₹13,774 तक पहुंच जाती है। यह फोन खास तौर पर उन यूजर्स को ध्यान में रखकर पेश किया गया है जो कम बजट में 5G कनेक्टिविटी, दमदार बैटरी और अच्छा कैमरा चाहते हैं। बजट में 5G अनुभव Samsung Galaxy F17e 5G को एंट्री और मिड-रेंज यूजर्स के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें 5G सपोर्ट के साथ बेहतर नेटवर्क स्पीड और स्मूद परफॉर्मेंस देने का दावा किया गया है। इस प्राइस सेगमेंट में 5G फोन मिलना इसे और भी खास बनाता है। दमदार बैटरी और कैमरा इस डिवाइस की सबसे बड़ी खासियत इसकी 6000mAh की बड़ी बैटरी है, जो लंबे समय तक बैकअप देने में सक्षम है। यानी सामान्य उपयोग में यह फोन आसानी से एक से डेढ़ दिन तक चल सकता है। कैमरे की बात करें तो इसमें 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा दिया गया है, जो इस रेंज में अच्छी फोटोग्राफी क्षमता प्रदान करता है। यह फीचर इसे बजट सेगमेंट में मजबूत दावेदार बनाता है। ऑफर्स ने घटाई कीमत फ्लिपकार्ट पर यह फोन पहले से ही किफायती कीमत पर लिस्टेड है, लेकिन बैंक ऑफर्स और एक्सचेंज डील के कारण इसकी कीमत और कम हो जाती है। यही वजह है कि ग्राहक इसे ₹13,774 जैसे प्रभावी दाम में खरीद सकते हैं। बजट सेगमेंट में बढ़ी प्रतिस्पर्धा भारतीय स्मार्टफोन बाजार में इस तरह के ऑफर्स से बजट 5G सेगमेंट में प्रतिस्पर्धा और तेज हो गई है। Samsung का यह कदम सीधे तौर पर उन ब्रांड्स को चुनौती देता है जो इसी प्राइस रेंज में डिवाइस पेश कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के फोन ग्रामीण और टियर-2 शहरों में 5G अपनाने की रफ्तार को और बढ़ा सकते हैं। ग्राहकों के लिए फायदा कम कीमत में 5G, बड़ी बैटरी और अच्छा कैमरा मिलने से यह फोन उन यूजर्स के लिए आकर्षक विकल्प बन सकता है जो कम बजट में भरोसेमंद ब्रांड की तलाश कर रहे हैं।
luxury cars India: Lexus India का बड़ा कदम; अब हर नई कार पर 8 साल या 2 लाख किमी वारंटी, लग्जरी सेगमेंट में बढ़ी ग्राहक सुरक्षा

luxury cars India: नई दिल्ली। लग्जरी कार बाजार में Lexus ने बढ़ाया भरोसे का दायरा Lexus India ने भारतीय ग्राहकों के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण ऐलान किया है। कंपनी ने अपनी सभी नई कारों पर 8 साल या 2 लाख किलोमीटर तक की वारंटी देने की घोषणा की है। यह नई सुविधा 1 अप्रैल 2026 से लागू हो चुकी है और इसका लाभ Lexus की पूरी मौजूदा और नई रेंज पर मिलेगा। इस फैसले के साथ Lexus ने लग्जरी कार सेगमेंट में ग्राहक भरोसे और ओनरशिप अनुभव को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है। कंपनी का कहना है कि यह कदम ग्राहकों को लंबे समय तक निश्चिंत ड्राइविंग अनुभव देने के उद्देश्य से लिया गया है। बिना अतिरिक्त खर्च के बढ़ा भरोसा Lexus की यह वारंटी सुविधा पूरी तरह से मानक (standard) है, यानी ग्राहकों को इसके लिए किसी तरह का अतिरिक्त शुल्क नहीं देना होगा। यह निर्णय उन ग्राहकों के लिए राहत लेकर आया है जो लग्जरी कारों के लंबे समय तक मेंटेनेंस और सर्विस कॉस्ट को लेकर चिंतित रहते हैं। मई की शुरुआत में आम जनता को झटका, कमर्शियल LPG महंगा, सोना-चांदी में गिराव.. पहले यह वारंटी 8 साल या 1,60,000 किलोमीटर तक सीमित थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 2 लाख किलोमीटर कर दिया गया है। इससे ज्यादा ड्राइविंग करने वाले ग्राहकों को सीधा लाभ मिलेगा। पूरी रेंज पर लागू होगा नया नियम यह नई वारंटी Lexus की सभी प्रमुख मॉडलों पर लागू होगी। इसमें ES300h सेडान, LS500h लग्जरी सैलून, NX और RX SUV, LX ऑफ-रोडर और LM MPV जैसे मॉडल शामिल हैं। कंपनी ने सभी वाहनों के लिए समान वारंटी नीति लागू कर दी है, जिससे ग्राहकों के बीच किसी तरह का भेदभाव नहीं रहेगा। लग्जरी बाजार में बढ़ी प्रतिस्पर्धा भारतीय लग्जरी कार बाजार में यह कदम काफी अहम माना जा रहा है। जहां एक तरफ ग्राहक लंबे समय तक भरोसेमंद ओनरशिप अनुभव की तलाश में रहते हैं, वहीं Lexus का यह निर्णय उसे प्रतिस्पर्धियों से अलग बनाता है। ऑटो सेक्टर विशेषज्ञों का मानना है कि यह रणनीति न केवल ब्रांड की विश्वसनीयता बढ़ाएगी, बल्कि बिक्री पर भी सकारात्मक असर डालेगी। ग्राहकों के लिए भरोसे का नया मॉडल Lexus हमेशा से अपनी क्वालिटी और रिलायबिलिटी के लिए जाना जाता है। अब इस बढ़ी हुई वारंटी के साथ कंपनी ने यह संदेश दिया है कि वह अपने ग्राहकों को सिर्फ एक कार नहीं, बल्कि लंबे समय तक चलने वाला भरोसा दे रही है।
SBI credit card: क्रेडिट कार्ड यूजर्स सावधान! नए नियमों से बदल जाएगी आपकी पेमेंट स्ट्रैटेजी..

SBI credit card: नई दिल्ली। एसबीआई क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने वाले लाखों ग्राहकों के लिए एक अहम बदलाव आने वाला है। 1 मई से बैंक ने कार्ड से जुड़े कुछ नियमों में संशोधन किया है, जिसका सीधा असर ग्राहकों की खर्च करने की आदत और मासिक बजट पर पड़ सकता है। ये बदलाव मुख्य रूप से लेट पेमेंट चार्ज और वार्षिक शुल्क से जुड़े हैं, जिन्हें अब पहले से अधिक सख्त बनाया गया है। नए नियमों के तहत अब छोटे बकाया पर भी अधिक ध्यान देना होगा, क्योंकि लेट पेमेंट की सीमा और शुल्क संरचना में बदलाव किया गया है। पहले जहां छोटी राशि पर कुछ राहत मिलती थी, अब यह सुविधा सीमित कर दी गई है। इसका मतलब है कि समय पर भुगतान न करने पर ग्राहकों को अतिरिक्त शुल्क का सामना करना पड़ सकता है, चाहे बकाया राशि कम ही क्यों न हो। वार्षिक शुल्क को लेकर भी नई व्यवस्था लागू की गई है। अब कार्डधारकों को तभी फीस माफी का लाभ मिलेगा जब उनका वार्षिक खर्च एक तय सीमा तक पहुंचेगा। यदि खर्च उस सीमा से कम रहता है, तो उन्हें निर्धारित वार्षिक शुल्क देना होगा। इस बदलाव का उद्देश्य कार्ड के अधिक सक्रिय उपयोग को बढ़ावा देना बताया जा रहा है। Pakistan terrorism: पाकिस्तान में ‘टारगेट किलिंग’ से दहशत: भारत विरोधी आतंकियों का एक हफ्ते में खात्मा, खुफिया नेटवर्क पर उठे सवाल लेट पेमेंट चार्ज के स्लैब में भी संशोधन किया गया है। अब छोटे बकाया पर शुल्क बढ़ा दिया गया है, जिससे देरी से भुगतान करना पहले की तुलना में अधिक महंगा हो जाएगा। हालांकि बड़े बकाया पर लागू शुल्क संरचना में ज्यादा बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन कुल मिलाकर सिस्टम को अधिक सख्त बनाया गया है। बैंकिंग क्षेत्र में इस तरह के बदलाव समय-समय पर किए जाते हैं ताकि वित्तीय अनुशासन को मजबूत किया जा सके और डिजिटल भुगतान प्रणाली को अधिक प्रभावी बनाया जा सके। क्रेडिट कार्ड का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है, ऐसे में कंपनियां अपने नियमों को उपयोग पैटर्न के अनुसार अपडेट करती रहती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इन नए नियमों के बाद कार्डधारकों को अपने खर्च और भुगतान पर अधिक ध्यान देना होगा। समय पर बिल भुगतान न करने की स्थिति में अब अतिरिक्त बोझ बढ़ सकता है। साथ ही वार्षिक खर्च की सीमा को ध्यान में रखते हुए ही कार्ड का उपयोग करना बेहतर रहेगा। आज के समय में क्रेडिट कार्ड केवल सुविधा नहीं बल्कि वित्तीय जिम्मेदारी भी बन गया है। ऐसे में इन बदलावों को समझना और उसके अनुसार अपनी आर्थिक योजना बनाना बेहद जरूरी हो गया है। थोड़ी सी लापरवाही भी अब सीधे खर्च पर असर डाल सकती है।
Pakistan terrorism: पाकिस्तान में ‘टारगेट किलिंग’ से दहशत: भारत विरोधी आतंकियों का एक हफ्ते में खात्मा, खुफिया नेटवर्क पर उठे सवाल

Pakistan terrorism: नई दिल्ली।पाकिस्तान में भारत विरोधी आतंकी संगठनों से जुड़े कमांडरों और कार्यकर्ताओं की रहस्यमयी मौतों ने सुरक्षा तंत्र में हलचल मचा दी है। पिछले एक सप्ताह के भीतर हिजबुल, लश्कर और जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े कम से कम तीन आतंकियों की हत्या या संदिग्ध परिस्थितियों में मौत सामने आई है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। सबसे ताजा मामला हिजबुल आतंकी सज्जाद अहमद का है, जिसे इस्लामाबाद में अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी। सज्जाद लंबे समय से भारत विरोधी गतिविधियों में सक्रिय माना जाता था और उसे हिजबुल का स्थानीय कमांडर बताया जा रहा था। उसकी मौत की पुष्टि उसके पड़ोसी द्वारा की गई, जबकि आधिकारिक स्तर पर अभी तक कोई विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। लगातार निशाने पर आतंकी नेटवर्क इसके कुछ दिन पहले जैश-ए-मोहम्मद के टॉप कमांडर सलमान अजहर की मौत की खबर आई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक उसकी मौत एक संदिग्ध सड़क हादसे में हुई, हालांकि कई सुरक्षा विशेषज्ञ इसे सामान्य घटना मानने से इनकार कर रहे हैं। सलमान को जैश प्रमुख मसूद अजहर का करीबी सहयोगी माना जाता था और संगठन की कई अहम गतिविधियों की जिम्मेदारी उसके पास थी। इसी तरह, लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े शेख यूसुफ अफरीदी की भी खैबर पख्तूनख्वा में अज्ञात बंदूकधारियों द्वारा हत्या कर दी गई थी। इसके अलावा मार्च में मसूद अजहर के भाई ताहिर अजहर की भी रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो चुकी है। 20 से अधिक मौतों का पैटर्न सूत्रों के अनुसार 2019 के बाद से पाकिस्तान में इस तरह की टारगेट किलिंग की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं। अब तक 20 से अधिक आतंकी या तो मारे जा चुके हैं या संदिग्ध परिस्थितियों में उनकी मौत हो चुकी है। खास बात यह है कि इन मामलों में पाकिस्तान सरकार या उसकी खुफिया एजेंसियां कोई स्पष्ट जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं करतीं। सुरक्षा तंत्र पर सवाल विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाएं पाकिस्तान के भीतर चल रहे गुप्त संघर्ष और आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों की ओर इशारा करती हैं। आतंकियों के खिलाफ हो रही इन लगातार घटनाओं ने एक अनदेखे नेटवर्क की मौजूदगी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। पाकिस्तान में लश्कर और जैश जैसे संगठनों से जुड़े हजारों आतंकी सक्रिय बताए जाते हैं, जिनका इस्तेमाल भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों के लिए किया जाता रहा है। ऐसे में इनकी अचानक हो रही मौतें क्षेत्रीय सुरक्षा संतुलन पर भी असर डाल सकती हैं। रहस्य बरकरार फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि इन लगातार हो रही हत्याओं के पीछे कौन है और क्या यह किसी संगठित रणनीति का हिस्सा है या आंतरिक संघर्ष का परिणाम। पाकिस्तान सरकार की चुप्पी ने इस रहस्य को और गहरा कर दिया है।