भोपाल की सफाई पर बड़ा सवाल: क्या सच में देश का दूसरा सबसे स्वच्छ शहर है ग्राउंड रियलिटी?

*]:pointer-events-auto [content-visibility:auto] supports-[content-visibility:auto]:[contain-intrinsic-size:auto_100lvh] R6Vx5W_threadScrollVars scroll-mb-[calc(var(–scroll-root-safe-area-inset-bottom,0px)+var(–thread-response-height))] scroll-mt-[calc(var(–header-height)+min(200px,max(70px,20svh)))]” dir=”auto” data-turn-id=”request-WEB:2afa145b-fb13-4810-8cf2-774c759b68ed-1″ data-testid=”conversation-turn-4″ data-scroll-anchor=”false” data-turn=”assistant”> नई दिल्ली। देश के सबसे साफ शहरों की सूची में लगातार ऊंचा स्थान पाने वाला भोपाल एक बार फिर चर्चा में है। इस बार वजह है स्वच्छता सर्वे का बदला हुआ तरीका और शहर की वास्तविक सफाई व्यवस्था को लेकर उठते सवाल। अब केवल ऑनलाइन वोटिंग के आधार पर रैंकिंग तय नहीं होगी, बल्कि अधिकारी खुद लोगों के बीच जाकर उनकी राय लेंगे। ऐसे में असली तस्वीर सामने आने की उम्मीद बढ़ गई है। अब तक माना जाता रहा है कि भोपाल की साफ-सफाई व्यवस्था काफी बेहतर है, लेकिन जब जमीनी स्तर पर लोगों से बात की गई तो कई अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कुछ लोग शहर की सफाई व्यवस्था से संतुष्ट नजर आए। उनका कहना है कि नियमित कचरा उठान, सड़कों की सफाई और सार्वजनिक जगहों पर स्वच्छता का स्तर पहले से बेहतर हुआ है। खासतौर पर मुख्य सड़कों और वीआईपी इलाकों में सफाई स्पष्ट दिखाई देती है। हालांकि, दूसरी तरफ कई नागरिकों ने सफाई व्यवस्था में खामियां भी गिनाईं। लोगों का कहना है कि अंदरूनी कॉलोनियों और पुराने इलाकों में अभी भी कचरा जमा रहता है और सफाई नियमित नहीं होती। कुछ जगहों पर डस्टबिन की कमी और कचरा प्रबंधन में लापरवाही भी देखने को मिलती है। इससे साफ जाहिर होता है कि शहर के अलग-अलग हिस्सों में सफाई का स्तर एक जैसा नहीं है। स्वच्छता सर्वे के नए फॉर्मेट में अब नागरिकों की सीधी भागीदारी बढ़ा दी गई है। अधिकारी घर-घर जाकर फीडबैक ले रहे हैं, जिससे केवल डिजिटल वोटिंग के बजाय वास्तविक अनुभव को महत्व मिलेगा। इससे यह तय होगा कि रैंकिंग सिर्फ आंकड़ों पर आधारित है या वास्तव में जमीनी हकीकत भी उतनी ही मजबूत है। भोपाल के लिए यह एक अहम मौका है, जहां उसे अपनी छवि को बनाए रखने के साथ-साथ उन कमियों को भी दूर करना होगा, जो अब तक नजरअंदाज होती रही हैं। अगर शहर प्रशासन इन फीडबैक को गंभीरता से लेता है, तो आने वाले समय में भोपाल न केवल रैंकिंग में, बल्कि वास्तविक सफाई व्यवस्था में भी एक मिसाल बन सकता है।
कमर्शियल गैस महंगी: भोपाल में बाहर खाना पड़ेगा और महंगा, 30% तक बढ़ सकते हैं दाम

नई दिल्ली। देश के दूसरे सबसे स्वच्छ शहर भोपाल में अब महंगाई की नई लपट देखने को मिल रही है। कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम में अचानक हुई भारी बढ़ोतरी ने होटल, रेस्टोरेंट और कैटरिंग कारोबार की कमर तोड़ दी है। पिछले डेढ़ महीने से गैस की कमी झेल रहे कारोबारियों के लिए यह बढ़ोतरी किसी झटके से कम नहीं है। जानकारी के मुताबिक, कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 2081 रुपए से बढ़कर सीधे 3074 रुपए हो गई है। यानी करीब 993 रुपए की बढ़ोतरी ने ईंधन लागत को डेढ़ गुना तक बढ़ा दिया है। इसका सीधा असर अब खाने-पीने की कीमतों पर पड़ने वाला है। होटल और रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि अब मेन्यू के दाम 25 से 30 फीसदी तक बढ़ाना मजबूरी हो गया है। कारोबारियों के अनुसार, पहले जहां गैस पर मासिक खर्च करीब 2 लाख रुपए होता था, अब यह बढ़कर 3 से सवा 3 लाख रुपए तक पहुंच सकता है। छोटे कारोबारियों की हालत और भी खराब है। 5 किलो वाले छोटे सिलेंडर (छोटू) की कीमत 585 रुपए से बढ़कर 827 रुपए हो गई है, जिससे हॉकर और स्ट्रीट फूड विक्रेताओं पर सीधा असर पड़ा है। इस बढ़ोतरी का असर शादी-विवाह जैसे आयोजनों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। कैटरर्स का कहना है कि पहले से बुक किए गए ऑर्डर्स में उन्हें नुकसान झेलना पड़ेगा, क्योंकि पुराने रेट पर ही काम करना होगा। एक शादी में औसतन 10 सिलेंडर खर्च होते हैं, जिससे प्रति इवेंट करीब 10 हजार रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। आने वाले ऑर्डर्स में प्रति प्लेट 50 रुपए तक बढ़ोतरी की तैयारी की जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, 500 लोगों के एक आयोजन का 5 लाख रुपए का बजट अब 45 से 50 हजार रुपए तक बढ़ सकता है। इससे साफ है कि महंगाई की यह मार सिर्फ कारोबारियों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आम लोगों की जेब पर भी असर डालेगी। आंकड़ों पर नजर डालें तो 1 अप्रैल 2025 के बाद से अब तक कमर्शियल सिलेंडर के दाम 16 बार बदले जा चुके हैं। इनमें 8 बार बढ़ोतरी और 6 बार कमी दर्ज की गई है। सबसे बड़ी बढ़ोतरी 1 मई को हुई, जिसने बाजार का पूरा संतुलन बिगाड़ दिया। कुल मिलाकर, गैस की किल्लत और बढ़ती कीमतों ने भोपाल के फूड इंडस्ट्री सेक्टर को मुश्किल में डाल दिया है। आने वाले दिनों में बाहर खाना अब पहले से काफी महंगा हो सकता है, जिसका सीधा असर आम जनता के बजट पर पड़ेगा।
शनिवार विशेष: इन मंत्रों के जाप से पाएं शनि देव की कृपा, घर में आएंगी खुशियां और बरकत

नई दिल्ली। शनिवार का दिन शनि देव की उपासना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने और मंत्रों का जाप करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाते हैं। जिन लोगों की कुंडली में शनि दोष होता है, उनके लिए यह दिन और भी अधिक प्रभावशाली माना जाता है। सही तरीके से पूजा करने से न केवल बाधाएं दूर होती हैं, बल्कि घर में सुख-समृद्धि और तरक्की के द्वार भी खुलते हैं। शनिवार की सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद शनि मंदिर जाना शुभ माना जाता है। मंदिर में जाकर शनि देव के दर्शन करें और व्रत का संकल्प लें। पूजा के दौरान काले वस्त्र धारण करना विशेष लाभकारी होता है, क्योंकि काला रंग शनि देव को प्रिय है। पूजा में सरसों का तेल और काले तिल अर्पित करने से भगवान शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। इस दिन मंत्र जाप का भी विशेष महत्व है। “ॐ शं शनिश्चराय नमः” मंत्र का नियमित जाप मानसिक शांति देता है और जीवन में स्थिरता लाता है। इसके अलावा महामृत्युंजय मंत्र “ॐ त्रयम्बकं यजामहे…” का जाप करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और स्वास्थ्य लाभ मिलता है। शनि महामंत्र “ॐ नीलांजन समाभासं रविपुत्रं यमाग्रजम्…” का उच्चारण करने से शनि की कृपा प्राप्त होती है और जीवन की कठिनाइयों में राहत मिलती है। शनि गायत्री मंत्र “ॐ भगभवाय विद्महे मृत्युरूपाय धीमहि तन्नो शनिः प्रचोदयात्” का जाप करने से बुद्धि और निर्णय क्षमता में सुधार आता है। वहीं वैदिक मंत्र “ॐ शन्नो देवीरभिष्टय…” का जाप सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है और वातावरण को शुद्ध बनाता है। यदि आप सच्चे मन से इन मंत्रों का जाप करते हैं और नियमपूर्वक पूजा करते हैं, तो शनि देव की कृपा से जीवन की परेशानियां कम होने लगती हैं। घर में सुख-शांति बनी रहती है और आर्थिक स्थिति में भी सुधार आता है। शनिवार का यह दिन आपके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का एक श्रेष्ठ अवसर हो सकता है।
गर्मियों में मेथी दाना खाना सही या गलत? जानें आयुर्वेद क्या कहता है

नई दिल्ली। भारतीय रसोई में मौजूद मसाले सिर्फ स्वाद ही नहीं बढ़ाते, बल्कि औषधीय गुणों से भी भरपूर होते हैं। इन्हीं में से एक है मेथी दाना, जिसका इस्तेमाल सदियों से स्वास्थ्य लाभ के लिए किया जाता रहा है। हालांकि, गर्मियों के मौसम में इसके सेवन को लेकर लोगों के मन में कई सवाल उठते हैं क्या इसकी तासीर शरीर पर नकारात्मक असर डाल सकती है? आयुर्वेद के अनुसार मेथी दाना की तासीर गर्म (उष्ण) होती है। यह शरीर में वात और कफ दोष को संतुलित करने में मदद करता है। लेकिन गर्मियों में जब शरीर में पित्त पहले से ही बढ़ा होता है, तब इसका अधिक सेवन कुछ लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस मौसम में ज्यादा मात्रा में मेथी लेने से पेट में जलन, एसिडिटी और कब्ज जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इतना ही नहीं, जिन लोगों को मधुमेह (डायबिटीज) है, उनके लिए भी मेथी दाने का सेवन सोच-समझकर करना जरूरी है, क्योंकि यह ब्लड शुगर लेवल को प्रभावित कर सकता है। इसलिए गर्मियों में इसका सेवन करने के तरीके और मात्रा दोनों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। आयुर्वेदिक विशेषज्ञों के अनुसार, मेथी दाने को रातभर पानी में भिगोकर सुबह उस पानी को छानकर पीना ज्यादा सुरक्षित और फायदेमंद होता है। ध्यान रहे कि गर्मियों में इसे उबालकर या गर्म करके सेवन करने से बचें, क्योंकि इससे शरीर में अतिरिक्त गर्मी बढ़ सकती है। इसके अलावा, मेथी दाने की मात्रा सीमित रखना बेहद जरूरी है। गर्म मौसम में शरीर पहले से ही संवेदनशील होता है, इसलिए कम मात्रा में सेवन करने से ही लाभ मिलता है। आप चाहें तो मेथी दाने के पाउडर का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसे दही या छाछ में मिलाकर लेने से इसकी गर्म तासीर कम हो जाती है और पाचन तंत्र भी बेहतर रहता है। छाछ के साथ मेथी का सेवन करने से पेट की गर्मी कम होती है, साथ ही यह सूजन और जोड़ों के दर्द में भी राहत पहुंचाता है। इस तरह मेथी दाना एक प्राकृतिक जड़ी-बूटी की तरह काम करता है, लेकिन सही तरीके से इस्तेमाल करना जरूरी है। विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि गर्मियों में मेथी दाना खाली पेट लेने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे गैस और असहजता हो सकती है। इसे भोजन के बाद लेना अधिक बेहतर माना जाता है। हालांकि, गर्भवती महिलाएं, स्तनपान कराने वाली माताएं, लो बीपी या मधुमेह के मरीजों को मेथी दाने का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए। कुल मिलाकर, मेथी दाना सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है, लेकिन गर्मियों में इसे सही मात्रा और सही तरीके से लेने पर ही इसका पूरा लाभ मिल सकता है।
2 मई 2026 को इन राशियों की चमकेगी किस्मत, जानें मेष से मीन तक का हाल

नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष के अनुसार ग्रह-नक्षत्रों की चाल हर दिन हमारे जीवन को प्रभावित करती है। 2 मई 2026 का दिन कुछ राशियों के लिए बेहद शुभ संकेत लेकर आ रहा है, तो वहीं कुछ लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत होगी। आइए जानते हैं मेष से लेकर मीन राशि तक सभी राशियों का हाल। मेष राशि के जातकों के लिए दिन ऊर्जा से भरपूर रहेगा। पुराने काम में सफलता मिलने से आत्मविश्वास बढ़ेगा और करियर में नए अवसर मिल सकते हैं। वृषभ राशि वालों को मेहनत का फल मिलेगा। कार्यक्षेत्र में सराहना मिल सकती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, लेकिन खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी है। मिथुन राशि के लोगों को सोच-समझकर फैसले लेने होंगे। नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और मन थोड़ा अस्थिर रह सकता है, लेकिन परिवार का साथ मिलेगा। कर्क राशि के लिए दिन व्यस्त रह सकता है। काम का दबाव बढ़ेगा, लेकिन समझदारी से स्थिति संभाल लेंगे। सेहत का ध्यान रखना जरूरी होगा। सिंह राशि वालों के लिए ग्रोथ के संकेत हैं। नई योजनाएं सफल होंगी और आर्थिक लाभ के योग बन रहे हैं। कन्या राशि के जातकों को मेहनत का अच्छा परिणाम मिलेगा। हालांकि रिश्तों में हल्की गलतफहमियां हो सकती हैं, जिन्हें बातचीत से सुलझाया जा सकता है। तुला राशि वालों को सावधानी बरतनी होगी। बड़े फैसले टालना बेहतर रहेगा और काम में धैर्य बनाए रखना जरूरी है। वृश्चिक राशि के लिए दिन मिला-जुला रहेगा। खर्चों पर नियंत्रण रखें और परिवार में तनाव से बचने के लिए समझदारी से काम लें। धनु राशि वालों का दिन सामान्य रहेगा। काम में थोड़ी धीमी प्रगति होगी, लेकिन संतुलन बनाए रखने से स्थितियां बेहतर होंगी। मकर राशि के लिए दिन सकारात्मक रहेगा। नए अवसर मिल सकते हैं और परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। कुंभ राशि वालों को सतर्क रहने की जरूरत है। जल्दबाजी से नुकसान हो सकता है और पैसों के मामलों में सोच-समझकर कदम उठाना जरूरी है। मीन राशि के जातकों के लिए दिन शुभ रहेगा। लव लाइफ और करियर में सफलता मिलेगी, साथ ही आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। कुल मिलाकर 2 मई 2026 का दिन कई राशियों के लिए नए अवसर लेकर आ रहा है, वहीं कुछ को धैर्य और समझदारी से काम लेने की सलाह दी जाती है।
Shaniwar Upay: शनिवार को भूलकर भी न करें ये गलतियां, बढ़ सकता है शनि दोष

नई दिल्ली। हिंदू धर्म में शनिवार का दिन Shani Dev को समर्पित माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन किए गए कर्मों का विशेष प्रभाव जीवन पर पड़ता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि शनिवार के दिन कुछ खास गलतियां की जाएं तो Shani Dosh बढ़ सकता है, जिससे जीवन में बाधाएं, आर्थिक परेशानी और मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है। सबसे पहले, शनिवार के दिन लोहे से बनी वस्तुओं की खरीदारी या दान करने से बचना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इस दिन लोहा खरीदने से शनि का नकारात्मक प्रभाव बढ़ सकता है। हालांकि, जरूरतमंद को लोहे की वस्तु दान करना कुछ परिस्थितियों में शुभ भी माना जाता है, लेकिन बिना सोच-समझकर ऐसा करना उचित नहीं होता। दूसरी बड़ी गलती है तेल का दुरुपयोग। शनिवार को सरसों के तेल का विशेष महत्व होता है। लोग शनि देव को प्रसन्न करने के लिए तेल चढ़ाते हैं, लेकिन तेल का अपमान करना या उसे इधर-उधर फैलाना अशुभ माना जाता है। तीसरी बात, इस दिन गरीबों, बुजुर्गों और जरूरतमंदों का अपमान नहीं करना चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से शनि देव नाराज हो सकते हैं। इसके विपरीत, जरूरतमंदों की मदद करना, दान देना और सेवा करना शनि कृपा पाने का सबसे आसान उपाय माना गया है। इसके अलावा शनिवार के दिन काले रंग की वस्तुओं का विशेष महत्व होता है, लेकिन इसका गलत तरीके से इस्तेमाल या अहंकार दिखाना भी अशुभ हो सकता है। इस दिन सादगी और संयम बनाए रखना बेहतर माना जाता है। शनिवार को बाल और नाखून काटने से भी कई लोग बचते हैं, क्योंकि इसे अशुभ माना जाता है। साथ ही इस दिन झूठ बोलना, धोखा देना या किसी का दिल दुखाना भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। अगर आप शनि दोष से बचना चाहते हैं, तो शनिवार को सुबह स्नान के बाद Shani Dev की पूजा करें, सरसों के तेल का दीपक जलाएं और गरीबों को दान करें। इससे जीवन में आने वाली बाधाएं कम हो सकती हैं और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। कुल मिलाकर, शनिवार का दिन अनुशासन, सेवा और संयम का दिन माना जाता है। इस दिन सही आचरण अपनाकर और गलतियों से बचकर आप Shani Dosh के प्रभाव को कम कर सकते हैं और जीवन में सुख-शांति बनाए रख सकते हैं।
Type-2 Diabetes से बचाव है संभव: अपनाएं ये 4 आसान आदतें और रहें स्वस्थ

नई दिल्ली। आज के समय में तेजी से बढ़ती लाइफस्टाइल बीमारियों में Type 2 Diabetes एक बड़ी चुनौती बन चुकी है। खराब खानपान, शारीरिक गतिविधियों की कमी और बढ़ता तनाव इस बीमारी के प्रमुख कारण माने जाते हैं। हालांकि, अच्छी बात यह है कि World Health Organization (WHO) का मानना है कि कुछ आसान और नियमित आदतों को अपनाकर इस बीमारी से बचाव संभव है। WHO के अनुसार, सबसे जरूरी है अपने शरीर के वजन को संतुलित रखना। बढ़ता हुआ वजन डायबिटीज के खतरे को कई गुना बढ़ा देता है। ऐसे में नियमित रूप से वजन पर नजर रखना और जरूरत पड़ने पर उसे नियंत्रित करना बेहद जरूरी है। संतुलित वजन न सिर्फ डायबिटीज बल्कि कई अन्य बीमारियों से भी बचाता है। दूसरा महत्वपूर्ण उपाय है शारीरिक रूप से सक्रिय रहना। विशेषज्ञों की सलाह है कि रोजाना कम से कम 20 से 30 मिनट तक व्यायाम जरूर करना चाहिए। इसमें तेज चलना, साइकिल चलाना या हल्का-फुल्का खेलकूद शामिल हो सकता है। नियमित शारीरिक गतिविधि शरीर में इंसुलिन के प्रभाव को बेहतर बनाती है और ब्लड शुगर को नियंत्रण में रखने में मदद करती है। तीसरा अहम पहलू है संतुलित और पौष्टिक आहार। WHO के अनुसार, अपनी डाइट में फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थों को शामिल करना चाहिए। वहीं, ज्यादा चीनी, प्रोसेस्ड फूड और सैचुरेटेड फैट से दूरी बनाना बेहद जरूरी है। सही खानपान न केवल डायबिटीज के खतरे को कम करता है, बल्कि शरीर को ऊर्जा और पोषण भी देता है। चौथा और बेहद जरूरी उपाय है तंबाकू से दूरी बनाना। तंबाकू का सेवन न केवल डायबिटीज बल्कि दिल और फेफड़ों से जुड़ी कई गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ाता है। WHO का स्पष्ट कहना है कि तंबाकू छोड़ने से शरीर की ओवरऑल हेल्थ बेहतर होती है और कई बीमारियों से बचाव संभव होता है। आज के व्यस्त जीवन में छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करना ही सबसे बड़ा उपाय है। नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, वजन नियंत्रण और तंबाकू से दूरी बनाकर न केवल Type 2 Diabetes बल्कि कई अन्य गंभीर बीमारियों से भी बचा जा सकता है। कुल मिलाकर, अगर समय रहते जागरूकता दिखाई जाए और सही जीवनशैली अपनाई जाए, तो डायबिटीज जैसी बीमारी को काफी हद तक रोका जा सकता है।
iQOO Neo 10 का नया अवतार लॉन्च, 7000mAh बैटरी और 120W चार्जिंग से मचा देगा बाजार में धमाल

नई दिल्ली। स्मार्टफोन मार्केट में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है क्योंकि iQOO ने अपने पॉपुलर फोन Neo 10 को नए अवतार में पेश कर दिया है। कंपनी ने इस बार फोन को न सिर्फ नए आकर्षक रंगों में लॉन्च किया है, बल्कि इसकी परफॉर्मेंस और बैटरी फीचर्स को भी और ज्यादा पावरफुल बना दिया है। नया iQOO Neo 10 अब गेमर्स और हेवी यूजर्स के लिए एक दमदार विकल्प बनकर सामने आया है, जो फ्लैगशिप लेवल परफॉर्मेंस को मिड-रेंज कीमत में देने का दावा करता है। कंपनी ने iQOO Neo 10 को अब दो नए कलर ऑप्शन एल्पाइन व्हाइट और एस्फाल्ट ब्लैक में पेश किया है। ये दोनों नए रंग पहले से मौजूद इंफर्नो रेड और टाइटेनियम क्रोम वेरिएंट के साथ उपलब्ध होंगे। नए वेरिएंट की बिक्री 5 मई से दोपहर 12 बजे शुरू होगी और इसे ग्राहक Amazon और iQOO की आधिकारिक वेबसाइट से खरीद सकेंगे। कीमत की बात करें तो iQOO Neo 10 का 8GB रैम और 256GB स्टोरेज वेरिएंट 37,999 रुपये में उपलब्ध है, जबकि 12GB रैम और 256GB स्टोरेज मॉडल की कीमत 42,999 रुपये रखी गई है। लॉन्च ऑफर के तहत यह फोन क्रमशः 34,999 रुपये और 40,999 रुपये की प्रभावी कीमत पर खरीदा जा सकता है, जो इसे और भी आकर्षक बनाता है। फोन का सबसे बड़ा आकर्षण इसकी 6.78 इंच की 1.5K AMOLED डिस्प्ले है, जो 144Hz रिफ्रेश रेट और 5500 निट्स तक की ब्राइटनेस सपोर्ट करती है। यह डिस्प्ले गेमिंग और वीडियो स्ट्रीमिंग के अनुभव को बेहद स्मूद और विजुअली रिच बनाती है। परफॉर्मेंस के लिए इसमें लेटेस्ट Snapdragon 8s Gen 4 प्रोसेसर दिया गया है, जो हाई-एंड गेमिंग और मल्टीटास्किंग के लिए बेहतरीन माना जा रहा है। कैमरा सेटअप की बात करें तो iQOO Neo 10 में डुअल रियर कैमरा सिस्टम मिलता है, जिसमें 50MP Sony IMX882 प्राइमरी सेंसर और 8MP अल्ट्रा-वाइड लेंस शामिल है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 32MP का फ्रंट कैमरा दिया गया है, जो क्लियर और डिटेल्ड आउटपुट देने में सक्षम है। बैटरी इस फोन की सबसे बड़ी ताकत है। इसमें 7000mAh की विशाल बैटरी दी गई है, जो लंबे समय तक बैकअप देने में सक्षम है। इसके साथ 120W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट मिलता है, जिससे फोन कुछ ही मिनटों में चार्ज हो सकता है। गेमिंग एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने के लिए इसमें Q1 गेमिंग चिप और 7000mm² का वेपर कूलिंग सिस्टम भी दिया गया है, जो हीटिंग की समस्या को कम करता है। फोन Android 16 आधारित OriginOS 6 पर चलता है और IP65 रेटिंग के साथ आता है, जो इसे डस्ट और स्प्लैश रेसिस्टेंट बनाता है। कुल मिलाकर, iQOO Neo 10 अपने नए लुक, पावरफुल बैटरी और फ्लैगशिप लेवल परफॉर्मेंस के साथ मिड-रेंज स्मार्टफोन सेगमेंट में एक बड़ा गेमचेंजर साबित हो सकता है।
Netflix ने लॉन्च किया नया ‘Clips’ फीचर: अब रील्स जैसा मिलेगा शॉर्ट वीडियो एक्सपीरियंस

नई दिल्ली। स्ट्रीमिंग दिग्गज Netflix ने अपने यूजर्स के लिए एक नया और दिलचस्प फीचर पेश किया है। इस फीचर का नाम ‘Clips’ रखा गया है, जिसके जरिए अब मोबाइल यूजर्स को छोटे और वर्टिकल वीडियो देखने का अनुभव मिलेगा। यह बिल्कुल Instagram Reels और TikTok की तरह काम करेगा, जहां लगातार स्क्रॉल करके नया कंटेंट देखा जा सकेगा। कंपनी का यह कदम खासतौर पर मोबाइल यूजर एक्सपीरियंस को और बेहतर बनाने के लिए उठाया गया है। फिलहाल इसे कई देशों में रोलआउट किया जा रहा है, जिनमें भारत, अमेरिका, यूके, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, मलेशिया, पाकिस्तान, फिलीपींस और साउथ अफ्रीका शामिल हैं। आने वाले समय में इसे और देशों में भी लॉन्च किया जाएगा। क्या है Netflix का ‘Clips’ फीचर?Netflix का यह नया फीचर शॉर्ट वीडियो ट्रेंड को ध्यान में रखकर बनाया गया है, लेकिन इसमें एक खास फर्क है। यहां यूजर जनरेटेड कंटेंट नहीं होगा, बल्कि Netflix की ही फिल्मों और वेब सीरीज से निकाले गए छोटे-छोटे क्लिप्स दिखाए जाएंगे। इसका उद्देश्य यूजर्स को यह तय करने में मदद करना है कि कौन-सा शो या फिल्म देखनी है। यानी अब लंबे समय तक सर्च करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि एक छोटी क्लिप देखकर ही आइडिया मिल जाएगा। Netflix ऐप में इसके लिए एक अलग टैब जोड़ा गया है, जहां यूजर्स आसानी से शॉर्ट वीडियो स्क्रॉल कर सकेंगे। साथ ही, किसी भी क्लिप को सीधे सोशल मीडिया पर शेयर करने या दोस्तों को भेजने का विकल्प भी मिलेगा। यूजर्स को क्या फायदा होगा?इस फीचर का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यूजर्स को पहले ही फिल्म या वेब सीरीज की झलक मिल जाएगी। अगर कोई क्लिप पसंद आती है, तो सीधे उस कंटेंट को देखने का विकल्प मिलेगा या उसे वॉचलिस्ट में जोड़ा जा सकेगा। भविष्य में Netflix इस फीचर को और भी मजबूत बना सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसमें आगे चलकर पॉडकास्ट, लाइव शो और कलेक्शन जैसी सुविधाएं भी जोड़ी जा सकती हैं, जिससे यूजर्स को शॉर्ट और लॉन्ग फॉर्म कंटेंट के बीच आसान स्विचिंग मिलेगी। पहले भी कर चुका है प्रयोगNetflix के लिए यह पहला ऐसा कदम नहीं है। कंपनी ने इससे पहले भी कई बार शॉर्ट वीडियो फॉर्मेट पर प्रयोग किए हैं: 2018 में 30 सेकंड का वर्टिकल प्रीव्यू फीचर 2021 में ‘Fast Laughs’ फीचर और अब 2026 में ‘Clips’ का नया वर्जन इन सभी कोशिशों का मकसद यूजर्स को कंटेंट डिस्कवरी आसान और तेज बनाना है।
Google Gemini: Google Gemini में जल्द आएंगे विज्ञापन: AI चैटिंग का अनुभव बदलने की तैयारी में Google, यूजर्स की चिंता बढ़ी

Google Gemini: नई दिल्ली। Google अपने AI प्लेटफॉर्म Gemini को जल्द ही एक बड़े बदलाव की ओर ले जाने की तैयारी कर रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी इस ऐप में विज्ञापन और स्पॉन्सर्ड रिजल्ट जोड़ने पर गंभीरता से विचार कर रही है। अगर यह बदलाव लागू होता है, तो AI चैटिंग का अनुभव पहले जैसा नहीं रहेगा और बातचीत के बीच में विज्ञापन दिखाई दे सकते हैं। Gemini में विज्ञापनों की एंट्री की तैयारी हाल ही में Google की तिमाही आय कॉल के दौरान संकेत दिए गए कि Gemini AI ऐप में जल्द ही विज्ञापन मॉडल जोड़ा जा सकता है। कंपनी के चीफ बिजनेस ऑफिसर फिलिप शिंडलर ने बताया कि Google पहले से ही अपने AI Overview और AI Mode में विज्ञापन दिखा रहा है और इनका प्रदर्शन अच्छा रहा है। इसी अनुभव के आधार पर अब Gemini ऐप को भी Monetization (कमाई) मॉडल में शामिल करने की योजना बनाई जा रही है। इसका मतलब है कि आने वाले समय में यूजर्स को चैट के दौरान स्पॉन्सर्ड सुझाव और कमर्शियल कंटेंट दिख सकते हैं। सर्च से चैट तक पहुंचेगा Ads मॉडल Google पहले से ही सर्च रिजल्ट्स में यूजर की क्वेरी के आधार पर विज्ञापन दिखाता है। इसमें टेक्स्ट और शॉपिंग Ads शामिल होते हैं, जो भारत, अमेरिका, कनाडा और अन्य देशों में सक्रिय हैं। अब कंपनी इसी मॉडल को AI चैटिंग में लागू करने की तैयारी कर रही है। यानी यूजर जब Gemini से सवाल पूछेंगे, तो जवाब के बीच में विज्ञापन या स्पॉन्सर्ड सुझाव दिख सकते हैं। AI की दुनिया में बढ़ेगी प्रतिस्पर्धा Google का यह कदम सीधे तौर पर OpenAI को टक्कर देने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। OpenAI ने पहले ही ChatGPT में फ्री यूजर्स के लिए कुछ रैंक्ड विज्ञापन मॉडल टेस्ट किए हैं। हालांकि OpenAI का दावा है कि विज्ञापन चैट के जवाबों को प्रभावित नहीं करेंगे, लेकिन AI प्लेटफॉर्म्स के बढ़ते कमर्शियलाइजेशन पर सवाल जरूर उठने लगे हैं। यूजर्स के अनुभव पर असर AI चैटबॉट्स का सबसे बड़ा आकर्षण उनकी साफ और बिना बाधा वाली बातचीत होती है। लेकिन अगर बीच में विज्ञापन जुड़ते हैं, तो यूजर एक्सपीरियंस प्रभावित हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर विज्ञापन को स्मार्ट तरीके से इंटीग्रेट किया गया तो यह Google के लिए नया रेवेन्यू मॉडल बन सकता है, लेकिन गलत तरीके से लागू होने पर यूजर्स की नाराजगी भी बढ़ सकती है। आने वाला समय: AI + Ads का नया दौर AI इंडस्ट्री तेजी से व्यावसायिक (commercial) होती जा रही है। Google और OpenAI जैसे दिग्गज अब इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं जहां AI सिर्फ जानकारी नहीं देगा, बल्कि विज्ञापनों के जरिए कमाई का भी बड़ा प्लेटफॉर्म बनेगा।