Papmochani Ekadashi 2026: तुलसी चालीसा का पाठ करें, भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त करें

नई दिल्ली । सनातन धर्म में एकादशी व्रत का अपना विशेष महत्व है। इसमें कृष्ण पक्ष की एकादशी को सबसे श्रेष्ठ माना गया है। इसी श्रेणी में पापमोचनी एकादशी का व्रत आता है। इस वर्ष यह व्रत 15 मार्च 2026 रविवार को रहेगा और इसका पारण 16 मार्च को किया जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व होता है। तुलसी तुल्य सामग्री के साथ पूजा करने से जिसे भगवान विष्णु प्रिय माना गया है विशेष लाभ की प्राप्ति होती है। इसलिए इस दिन तुलसी चालीसा का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। पूजा विधि स्नान और स्वच्छ वस्त्र धारण करने के बाद घर के पूजा स्थान या मंदिर में भगवान विष्णु की विधिपूर्वक पूजा की जाती है। पूजा में धूप दीप फूल फल और नैवेद्य अर्पित किए जाते हैं। कई स्थानों पर भक्त चालीसा का पाठ और व्रत कथा सुनते हैं।तुलसी चालीसा का महत्व चालीसा में तुलसी माता का गुणगान किया गया है और इसे पाठ करने वाले को भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है। शास्त्रों के अनुसार इस चालीसा के पाठ से जीवन के संकट समाप्त होते हैं सुख समृद्धि आती है और भक्त अपने पापों से मुक्ति पाते हैं। व्रत के नियम पापमोचनी एकादशी के दिन व्रत रखने वाले को भोजन पर विशेष ध्यान देना चाहिए। कथा और पूजा के बाद ही भोजन करें। दिन भर में जल और फल का सेवन किया जा सकता है। एकादशी व्रत का पारण अगले दिन यानी 16 मार्च 2026 को किया जाता है। चालीसा के कुछ प्रमुख दोहे और चौपाई नमो नमो तुलसी महारानी महिमा अमित न जाय बखानी।दियो विष्णु तुमको सनमाना जग में छायो सुयश महाना। तुलसी मैया तुम कल्याणी तुम्हरी महिमा सब जग जानी।भाव ना तुझे माँ नित नित ध्यावे गा गाकर मां तुझे रिझावे। भक्त इस चालीसा का पाठ करते हुए मन वचन और कर्म से माता तुलसी की सेवा करें। ऐसा करने से जीवन में आध्यात्मिक उन्नति और परम सुख की प्राप्ति होती है।
हंसिका-सोहेल नहीं, इन सितारों की भी कम चली शादी, किसी ने 2 तो किसी ने 5 साल में लिया तलाक
नई दिल्ली। बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री में कई सितारे अपने फैंस को सपनों जैसी शादियों का मज़ा देते हैं, लेकिन कुछ रिश्ते इतने कम समय में टूट जाते हैं कि सब हैरान रह जाते हैं। हाल ही में एक्ट्रेस हंसिका मोटवानी और उनके पति सोहेल कथूरिया का तलाक फाइनल हुआ, जो चार साल ही चल सकी। हंसिका-मोटवानी और सोहेल कथूरियाहंसिका और सोहेल ने दिसंबर 2022 में राजस्थान में भव्य शाही अंदाज में शादी की थी। मुंबई के बांद्रा फैमिली कोर्ट ने म्यूचुअल कंसेंट से तलाक मंजूर किया। जानकारी के अनुसार हंसिका ने कोई एलिमनी नहीं मांगी। दोनों शादी के कुछ दिनों बाद ही अलग रह रहे थे। सोहेल पहले से शादीशुदा थे और उनकी पहली पत्नी हंसिका की सहेली थीं। जब उनकी लव स्टोरी सामने आई, तो हंसिका को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया। दोनों ने अपने शो ‘लव शादी ड्रामा’ में भी इस बारे में चर्चा की थी।सोहेल पहले से शादीशुदा थे और उनकी पहली पत्नी हंसिका की सहेली थीं। जब उनकी लव स्टोरी सामने आई, तो हंसिका को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया। दोनों ने अपने शो ‘लव शादी ड्रामा’ में भी इस बारे में चर्चा की थी। एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में कम चलने वाली शादियों के उदाहरणकरण मेहरा और निशा रावल: साल 2012 में शादी के बाद 2021 में अलग हुए। निशा ने करण पर घरेलू हिंसा और धोखे का आरोप लगाया। मामला कोर्ट तक गया और तलाक हुआ। उर्मिला मातोंडकर और मोहसिन अख्तर मीर: साल 2016 में शादी हुई, मोहसिन उर्मिला से 10 साल छोटे हैं। दोनों काफी समय से अलग हैं और उर्मिला ने तलाक की याचिका दाखिल कर दी है, हालांकि अभी ऑफिशियल कन्फर्मेशन बाकी है। करण सिंह ग्रोवर और जेनिफर विंगेट: साल 2012 में शादी हुई, लेकिन दो साल में टूट गई। इसके बाद करण ने बिपाशा बसु से शादी की और बेटी के पिता बने, जबकि जेनिफर ने अब तक दोबारा शादी नहीं की। अनुराग कश्यप और कल्कि कोचलिन: साल 2011 में शादी रचाई, 2013 में अलग हुए और 2015 में तलाक हुआ। दोनों आज भी अच्छे दोस्त हैं और मिलते रहते हैं। कोंकणा सेन शर्मा और रणवीर शौरी: साल 2010 में शादी, पांच साल बाद अलग होने की घोषणा और तलाक साल 2020 में। दोनों कई फिल्मों में साथ काम कर चुके हैं। इमरान खान और अवंतिका मालिक: आमिर खान के भांजे इमरान ने साल 2011 में शादी की। एक बेटी भी हुई, लेकिन दोनों 2015 में अलग हुए और 2019 में तलाक लिया। क्यों टूटते हैं स्टार की शादियां?इन शादियों में कम चलने का कारण अक्सर अंतर व्यक्तिगत मतभेद, समय की कमी, पेशेवर दबाव और पारिवारिक मुद्दे होते हैं। कुछ मामले सोशल मीडिया और फैंस की उम्मीदों से भी प्रभावित होते हैं। बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री में शादियों के कम चलने की वजह से यह एक आम चर्चा का विषय बन गया है। हंसिका-मोटवानी और सोहेल कथूरिया की चार साल की शादी, करण मेहरा से लेकर इमरान खान तक, ये उदाहरण बताते हैं कि स्टार्स की चमकती जिंदगी में भी रिश्ते टिकाना आसान नहीं होता। प्यार, भरोसा और समय के बावजूद कई बार शादी सिर्फ कुछ सालों तक ही चल पाती है।
मध्यप्रदेश में अब दूध विक्रेताओं के लिए लाइसेंस अनिवार्य, मिलावटी दूध पर कड़ा नियंत्रण

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने दूध और दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य में अब डेयरी सहकारी समितियों को छोड़कर सभी दूध उत्पादक और विक्रेता लाइसेंस या पंजीकरण के बिना अपने कारोबार को जारी नहीं रख सकते। यह निर्णय एफएसएसएआई (भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लिया गया है। सरकार ने दूध संग्रह और परिवहन में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों और भंडारण व्यवस्थाओं की नियमित जांच के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का मानना है कि इससे मिलावटी दूध और नकली दुग्ध उत्पादों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। राज्य में ऐसे दूध उत्पादकों और विक्रेताओं की पहचान की जाएगी जो अभी तक पंजीकृत नहीं हैं। साथ ही, दूध से जुड़ी हर गतिविधि की मासिक निगरानी रिपोर्ट 15 और 30 या 31 तारीख को तैयार कर प्राधिकरण को भेजी जाएगी। मध्यप्रदेश देश के प्रमुख दुग्ध उत्पादक राज्यों में शामिल है। यहाँ कुल 213 लाख टन दूध का उत्पादन होता है, जो देश के कुल उत्पादन का लगभग 9 प्रतिशत है। राज्य में भैंस के दूध का हिस्सा लगभग 48 प्रतिशत है। वर्ष 2023-24 की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में प्रति व्यक्ति दूध की उपलब्धता 652 से 707 ग्राम प्रतिदिन रही। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य में दूध उत्पादन को वर्तमान 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। इस दिशा में नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ अनुबंध भी किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में दूध संग्रह को बढ़ावा देने के लिए राज्य में 381 नई सहकारी समितियां भी संचालित हो रही हैं। प्रदेश सरकार ने दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना भी शुरू की है। इस योजना के तहत यदि कोई किसान 25 गायों की यूनिट स्थापित करता है, तो उसे 10 लाख रुपए तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में दूध उत्पादन बढ़ाना और किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। केंद्र सरकार भी दूध उत्पादन और बिक्री पर नजर रख रही है। एफएसएसएआई ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्र में दूध उत्पादकों और विक्रेताओं की निगरानी बढ़ाएं। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि डेयरी सहकारी समितियों के सदस्य इस अनिवार्यता से छूट प्राप्त हैं, लेकिन अन्य सभी को खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार पंजीकरण या लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। एफएसएसएआई ने विशेष पंजीकरण अभियान चलाकर उन दूध उत्पादकों और विक्रेताओं की पहचान करने को कहा है जो अब तक पंजीकृत नहीं हैं। साथ ही, दूध संग्रह, परिवहन और भंडारण की जांच को नियमित रूप से लागू करने का निर्देश भी दिया गया है।
सिनेमाघरों में फिर से रिलीज हुई ‘धुरंधर’, विदेशों में भी आदित्य धर के धुरंधरों का जादू

नई दिल्ली। जियो स्टूडियो और बी-62 स्टूडियो की सुपरहिट फिल्म ‘धुरंधर’ अब एक बार फिर बड़े पर्दे पर लौट रही है। 19 मार्च को रिलीज होने वाली मोस्टअवेटेड सीक्वल ‘धुरंधर द रिवेंज’ से ठीक पहले, मूल फिल्म को दुनिया भर में खास री-रिलीज किया गया है। ‘धुरंधर’ 12 मार्च से भारत में करीब 250 स्क्रीनों पर और 13 मार्च से विदेशों में लगभग 250 स्क्रीनों पर दोबारा दिखाई जाएगी। कुल मिलाकर दुनिया भर में 500 स्क्रीनों पर ‘धुरंधर’ का जादू फिर से देखने को मिलेगा। खास बात यह है कि उत्तर अमेरिका में ही यह फिल्म 185 स्क्रीनों पर री-रिलीज हो रही है, जो इसके सीक्वल को लेकर दर्शकों की भारी मांग को दिखाता है। मेकर्स के अनुसार, फैंस के लिए यह सुनहरा मौका है। वे पहले ‘धुरंधर’ को सिनेमाघरों में दोबारा देख सकेंगे और कुछ ही दिनों बाद उसी कहानी का रोमांचक अगला हिस्सा ‘धुरंधर द रिवेंज’ भी बड़े पर्दे पर एंजॉय कर पाएंगे। हिंदी फिल्मों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर री-रिलीज बहुत कम होती है, ऐसे में यह कदम फ्रेंचाइजी की वैश्विक लोकप्रियता को दिखाता है। वहीं, ‘धुरंधर द रिवेंज’ के स्पेशल प्रीमियर शो 18 मार्च को अमेरिका और कनाडा में आयोजित होंगे। ये शो ज्यादातर प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट (पीएलएफ) स्क्रीन्स पर होंगे, जहां बड़ी स्क्रीन, डॉल्बी एटमॉस साउंड, बेहतर प्रोजेक्शन और लग्जरी सीटिंग मिलेगी। ऐसे फॉर्मेट आमतौर पर बड़े हॉलीवुड इवेंट फिल्मों के लिए इस्तेमाल होते हैं। कई प्रीमियर शो के टिकट पहले ही हाउसफुल हो चुके हैं। हाल ही में रिलीज ‘धुरंधर द रिवेंज’ के ट्रेलर को दुनियाभर के दर्शकों से खूब प्यार मिल रहा है। ट्रेड एक्सपर्ट्स और सिनेमाघर मालिक इसकी अंतरराष्ट्रीय रिलीज से बड़ी उम्मीदें लगा रहे हैं। ‘धुरंधर द रिवेंज’ जियो स्टूडियोज की प्रस्तुति और बी 62 स्टूडियोज का प्रोडक्शन है। यह हाई ऑक्टेन स्पाई एक्शन थ्रिलर आदित्यधर ने लिखी और निर्देशित की है। ज्योति देशपांडे और लोकेशधर भी इसके निर्माता हैं। फिल्म 19 मार्च को गुड़ी पड़वा और उगादी के मौके पर हिंदी, तमिल, तेलुगू, मलयालम और कन्नड़ में दुनियाभर में रिलीज होगी।
दशा माता व्रत 2026: तिथि, पूजा विधि और व्रत की महिमा

नई दिल्ली । दशा माता व्रत हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। मान्यता है कि इसे विधिपूर्वक करने से जीवन की कठिनाइयां दूर होती हैं और परिवार में सुख शांति और समृद्धि आती है। दशा माता माता पार्वती का ही एक स्वरूप मानी जाती हैं। तिथि साल 2026 में दशा माता व्रत 13 मार्च, शुक्रवार को रखा जाएगा। पंचांग के अनुसार, दशमी तिथि 13 मार्च की सुबह 6 28 बजे से शुरू होकर 14 मार्च की सुबह 8 10 बजे तक रहेगी। पूजा विधि व्रत के दिन महिलाएं सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करती हैं। इसके बाद घर के पूजा स्थल या किसी पवित्र स्थान पर दशा माता की पूजा की जाती है। पूजा में धूप, दीप, फूल, फल और नैवेद्य अर्पित किए जाते हैं। कई स्थानों पर महिलाएं व्रत कथा भी सुनती या पढ़ती हैं। पूजा के दौरान परिवार की सुख समृद्धि और कठिन समय से मुक्ति की कामना की जाती है। डोरा पहनने का महत्व दशा माता व्रत के दौरान महिलाओं को 10 धागों का डोरा बनाकर उसमें 10 गांठें लगाकर पहनना अनिवार्य होता है। यह डोरा जीवन में सुख शांति और समृद्धि लाने का प्रतीक माना जाता है। डोरा पूजा के बाद माता के सामने रखा जाता है और आशीर्वाद लेकर गले में पहन लिया जाता है। व्रत के नियम दशा माता व्रत का पालन शुरू करने के बाद इसे नियमित रूप से करना होता है। व्रत वाले दिन सिर्फ एक बार भोजन किया जा सकता है, और वह भी कथा सुनने के बाद। इस दिन नमक का सेवन वर्जित होता है, लेकिन गेहूं का उपयोग किया जा सकता है। व्रत के समापन पर दशा माता की प्रतिमा का विसर्जन नदी में किया जाना चाहिए। दशा माता व्रत मुख्य रूप से सुहागिन महिलाएं अपने परिवार की सुख समृद्धि के लिए रखती हैं। यह व्रत पारिवारिक कल्याण और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाने का प्रभावशाली साधन माना जाता है।
एमएसएमई क्षेत्र में बढ़त, Jitan Ram Manjhi के अनुसार उद्यम पोर्टल पर 7.83 करोड़ पंजीकरण और करोड़ों रोजगार

नई दिल्ली। केंद्रीय एमएसएमई मंत्री जीतन राम मांझी ने गुरुवार को संसद में जानकारी दी कि उद्यम पोर्टल पर 2020 से 28 फरवरी 2026 तक करीब 7.83 करोड़ सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) पंजीकृत हुए हैं। इन उद्यमों से लगभग 34.50 करोड़ रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं, जिससे देश में स्वरोजगार और उद्यमिता को मजबूती मिली है। बंद हुए उद्यम और कारणलोकसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया कि इस अवधि में 1.37 लाख एमएसएमई बंद हुए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी उद्यम का बंद होना या पंजीकरण रद्द होने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे मालिक में बदलाव, प्रमाण पत्र की आवश्यकता न होना, दोहरा पंजीकरण या अन्य प्रशासनिक कारण। सरकार की पहलें और योजनाएँमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की कोशिशों में सहयोग कर रही है। इनमें शामिल हैं: प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) सूक्ष्म एवं लघु उद्यम ऋण गारंटी योजना सूक्ष्म एवं लघु उद्यम क्लस्टर विकास कार्यक्रम एमएसएमई प्रदर्शन में सुधार और गति प्रदान करने वाली योजनाएँ एसआरआई फंड (आत्मनिर्भर भारत कोष) प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना एमएसएमई चैंपियंस योजना आपातकालीन ऋण और कोविड-19 सहायताकोविड-19 महामारी के दौरान एमएसएमई और अन्य व्यवसायों के लिए 5 लाख करोड़ रुपए की आपातकालीन ऋण गारंटी योजना लागू की गई थी। मंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत 31 मार्च 2023 तक 1.13 करोड़ एमएसएमई को गारंटी प्रदान की गई।स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की 23 जनवरी, 2023 की रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 14.6 लाख एमएसएमई खाते बचाए गए, जिनमें से 98.3 प्रतिशत सूक्ष्म और लघु उद्यम थे। गैर-कर लाभ और इक्विटी निवेशमंत्री ने बताया कि एमएसएमई की स्थिति सुधारने पर तीन वर्षों के लिए गैर-कर लाभ भी प्रदान किया गया। इसके अलावा, आत्मनिर्भर भारत (एसआरआई) कोष के माध्यम से 50,000 करोड़ रुपए का इक्विटी निवेश किया गया, जिसमें सरकार का योगदान 10,000 करोड़ रुपए और निजी इक्विटी/वेंचर कैपिटल फंड का 40,000 करोड़ रुपए है। इस योजना का उद्देश्य एमएसएमई क्षेत्र की योग्य इकाइयों को विकास पूंजी प्रदान करना है। पीएमईजीपी के माध्यम से स्वरोजगारएमएसएमई मंत्रालय पीएमईजीपी कार्यक्रम का कार्यान्वयन करता है, जो ऋण-आधारित सब्सिडी योजना है। इसका लक्ष्य पारंपरिक कारीगरों और ग्रामीण/शहरी बेरोजगार युवाओं को गैर-कृषि क्षेत्र में सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने में सहायता करना और स्वरोजगार के अवसर पैदा करना है। मंत्री ने कहा कि पीएमईजीपी के कुल लाभार्थियों में 39 प्रतिशत महिलाएँ हैं, और उन्हें गैर-विशेष श्रेणी (25 प्रतिशत तक) की तुलना में अधिक 35 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जाती है। एमएसएमई क्षेत्र में विकास और रोजगारइस प्रकार, सरकार की योजनाओं और पंजीकरण प्रक्रिया के माध्यम से एमएसएमई क्षेत्र में विकास और रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 7.83 करोड़ पंजीकृत उद्यम न केवल देश की अर्थव्यवस्था में योगदान दे रहे हैं, बल्कि लाखों लोगों के लिए स्थायी रोजगार और स्वरोजगार का अवसर भी प्रदान कर रहे हैं।
भोपाल: LLB छात्रा ने फांसी लगाकर दी जान, महीने भर से कॉलेज से कटी थी अंकिता, परिजनों से कहती रही- 'पढ़ाई में मन नहीं लग रहा'

भोपाल। राजधानी के अयोध्या नगर थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात एक छात्रा के आत्मघाती कदम ने सबको झकझोर कर रख दिया। 17 वर्षीय अंकिता थापा, जो एलएलबी (LLB) प्रथम वर्ष की छात्रा थी, ने अपने ही कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना का खुलासा तब हुआ जब देर रात परिजनों ने उसे फंदे पर लटका देखा। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची, लेकिन घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे मौत की असली वजह अब भी रहस्य बनी हुई है।अंकिता के व्यवहार में पिछले कुछ समय से आए बदलावों ने परिजनों को चिंतित कर रखा था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेगी। कॉलेज से किनारा अंकिता पिछले करीब एक महीने से कॉलेज नहीं जा रही थी। वह घर पर ही रह रही थी और उसने खुद को बाहरी दुनिया से सीमित कर लिया था।एएसआई मनोज सिंह के अनुसार, अंकिता अक्सर अपने माता-पिता से शिकायत करती थी कि उसका “पढ़ाई में मन नहीं लग रहा है।” हालांकि, उसने पढ़ाई के अलावा किसी अन्य परेशानी या किसी के द्वारा प्रताड़ित किए जाने का जिक्र कभी नहीं किया। उलझी गुत्थी: सुसाइड नोट न मिलने से बढ़ा सस्पेंसपुलिस के लिए यह मामला फिलहाल एक अबूझ पहेली बना हुआ है।अंकिता की एक जुड़वा बहन और एक छोटा भाई है। जुड़वा बहन के साथ उसका गहरा लगाव था, ऐसे में परिवार का हर सदस्य इस बात से हैरान है कि अंकिता ने अपने मन की बात किसी से साझा क्यों नहीं की।पुलिस अब अंकिता के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच कर रही है। पुलिस का मानना है कि परिजनों के विस्तृत बयानों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह कदम केवल पढ़ाई के तनाव की वजह से था या इसके पीछे कोई और गहरा कारण छिपा है।
आज का राशिफल 12 मार्च 2026: व्यापार में होगा लाभ, धन की होगी वर्षा; पढ़ें सभी राशियों की स्थिति

नई दिल्ली । 12 मार्च 2026 का दिन ग्रह नक्षत्रों की स्थिति के अनुसार कई राशियों के लिए शुभ और लाभदायक है। व्यापार करियर और आर्थिक मामलों में कुछ राशियों के लिए नए अवसर खुल सकते हैं जबकि कुछ को स्वास्थ्य और पारिवारिक मामलों में सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मेष आज का दिन शुभ रहेगा। स्वास्थ्य में सुधार होगा और परिवार में तालमेल बना रहेगा। रुके हुए कार्य पूरे होंगे और सामाजिक व राजनीतिक क्षेत्र में सम्मान बढ़ेगा। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी। वृषभ जीवनसाथी के स्वास्थ्य को लेकर चिंता हो सकती है। परिवार में मतभेद संभव हैं। कार्यस्थल पर विरोधियों से सावधान रहें। व्यापार सामान्य रहेगा। मिथुन मन प्रसन्न रहेगा। किसी पुराने परिचित से मुलाकात हो सकती है। कार्यक्षेत्र में बदलाव लाभदायक साबित होगा। शेयर मार्केट से जुड़े लोगों के लिए दिन अनुकूल है। कर्क जीवनशैली में बदलाव करेंगे। व्यापार में लाभ की संभावना है। नई पार्टनरशिप के योग बन सकते हैं। यात्रा में सावधानी रखें। सिंह पैतृक संपत्ति से लाभ मिलने के योग हैं। व्यापार में सफलता मिलेगी। नई शुरुआत के लिए दिन अच्छा है। वाणी से रुके कार्य पूरे होंगे। कन्या दिन सामान्य रहेगा। कार्यक्षेत्र में कुछ बाधाएं आ सकती हैं। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। यात्रा में सतर्क रहें। तुला स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें। नया कार्य शुरू करने से पहले सोच समझकर निर्णय लें। व्यापार और नौकरी में स्थिति सामान्य रहेगी। वृश्चिक नई योजनाएं बन सकती हैं और मित्रों का सहयोग मिलेगा। किसी खास व्यक्ति से मतभेद हो सकता है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। धनु नई योजनाओं पर कार्य करेंगे। यात्रा के योग हैं। व्यापार में नए प्रयोग लाभ देंगे और अधिकारियों से सहयोग मिलेगा। मकर अपने विचार स्पष्ट रूप से व्यक्त करने में कठिनाई हो सकती है। अनावश्यक धन हानि की संभावना रहेगी। सोच समझकर निर्णय लें। कुंभ महत्वपूर्ण निर्णय लेने का दिन है। नौकरीपेशा लोगों को लाभ मिलेगा। भूमि संबंधी मामलों में धन खर्च हो सकता है। मीन अपने विचारों से लोगों को प्रभावित करेंगे। व्यापार में लाभ और नौकरी में पदोन्नति के योग हैं। किसी की बातों में आकर जल्दबाजी में निर्णय न लें। आज का राशिफल यह संकेत देता है कि आर्थिक मामलों और व्यापार में सफलता पाने के लिए समझदारी और धैर्य जरूरी है। स्वास्थ्य और पारिवारिक मामलों में सतर्क रहने से दिन बेहतर तरीके से बीतेगा।
भोपाल के जवाहर चौक में 5 दुकानों के छज्जे गिरे, मेट्रो निर्माण पर दुकानदारों का विरोध

भोपाल। शहर के जवाहर चौक इलाके में गुरुवार दोपहर अचानक 5 दुकानों के छज्जे गिरने से अफरा-तफरी मच गई। दुकानदारों और वहां मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। सभी दुकानदार अपनी जान बचाकर बाहर निकलने में सफल रहे। मौके पर विधायक भगवान दास सबनानी और पार्षद जगदीश यादव भी पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित दुकानदारों से बातचीत कर तत्काल राहत और मामले की जांच के निर्देश दिए। मेट्रो निर्माण को कारण मान रहे दुकानदारधन्यवाद की गई दुकानों में शामिल हैं: 2 फोटो फ्रेम की दुकानें 1 ऑटोमोबाइल की दुकान 1 कपड़ा दुकान 1 स्पोर्ट्स आइटम की दुकान दुकानदारों ने बताया कि ये दुकाने लगभग 40 साल पुरानी हैं और लंबे समय से स्थानीय व्यापार कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सामने मुख्य सड़क पर चल रहा मेट्रो निर्माण कार्य इस हादसे का कारण हो सकता है। क्षेत्र में मची अफरा-तफरीघटना के समय दुकानदार और राहगीर अचानक गिरी छज्जों की आवाज सुनकर दौड़ पड़े। प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर खड़ा किया। दुकानदारों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण उनके ऊपर खतरा मंडरा गया। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मेट्रो निर्माण कार्य को प्रभावित दुकानों के आसपास सुरक्षित तरीके से कराया जाए और नुकसान की भरपाई की जाए। अधिकारियों ने की जांच शुरूनगर निगम और मेट्रो परियोजना अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। छज्जों के गिरने के कारणों का पता लगाने के लिए विशेषज्ञों की टीम भी बुलाने की योजना है। विधायक और पार्षद ने कहा कि जिम्मेदार अधिकारियों को जल्द से जल्द नुकसान का आकलन कर राहत प्रदान करने और भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए कड़े कदम उठाने होंगे। जनता में सुरक्षा को लेकर चिंतास्थानीय लोग भी इस घटना से चिंतित हैं और मांग कर रहे हैं कि मेट्रो निर्माण के दौरान उचित सुरक्षा उपायों को लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्य सड़क और बाजार क्षेत्र में रोजाना भारी भीड़ रहती है, ऐसे में यह हादसा भविष्य में बड़ा संकट खड़ा कर सकता है। कीवर्ड:भोपाल जवाहर चौक छज्जा गिरना, मेट्रो निर्माण भोपाल, दुकानों का नुकसान, विधायक भगवान दास सबनानी, पार्षद जगदीश यादव, नगर निगम भोपाल, सुरक्षा लापरवाही मेट्रो, 5 दुकानों का हादसा, मध्यप्रदेश क्राइम न्यूज, बाजार सड़क हादसा
तेज़ी और स्टेमिना का संगम, Mohammed Siraj बन गए विदेशी पिचों पर भारत की मुख्य ढाल

नई दिल्ली। मौजूदा समय में अगर कोई तेज गेंदबाज लंबे स्पेल डालने और टीम को हर परिस्थिति में मजबूती देने की क्षमता रखता है, तो उसका नाम है मोहम्मद सिराज। अपनी जीवटता, कभी न थकने वाली ऊर्जा और आक्रामक गेंदबाजी के लिए सिराज को दुनिया भर में जाना जाता है। कठिन परिश्रम से चमका क्रिकेट सितारादाएं हाथ के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज का जन्म 13 मार्च 1994 को सिकंदराबाद में हुआ। उनके पिता ऑटो ड्राइवर थे और परिवार की सीमित संसाधनों के बावजूद सिराज ने क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने का सपना कभी नहीं छोड़ा। 16 साल की उम्र में क्रिकेट में कदम रखने वाले सिराज ने 19 साल की उम्र में क्लब क्रिकेट खेलना शुरू किया और जल्द ही रणजी ट्रॉफी में हैदराबाद के लिए डेब्यू किया। घरेलू क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शनसिराज ने घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन किया। 2016-17 के रणजी ट्रॉफी में उन्होंने 41 विकेट लेकर हैदराबाद के लिए सबसे अधिक विकेट लेने का रिकॉर्ड बनाया, जबकि उनकी औसत केवल 18.92 रही। इसके बाद 2017-18 विजय हजारे ट्रॉफी में सात मैचों में 23 विकेट लेकर वह अग्रणी विकेट लेने वाले खिलाड़ी बने। इस निरंतर प्रदर्शन ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का रास्ता खोला। अंतरराष्ट्रीय सफर और टीम मैन की पहचानसिराज ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 2017 में टी20 से शुरुआत की। वनडे में उनका डेब्यू 2019 और टेस्ट में 2020 में हुआ। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण के बाद से सिराज ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उनकी खासियत यह है कि वह कभी थकते नहीं और टीम की हर जरूरत के समय उपलब्ध रहते हैं। विदेशी पिचों पर भारत की सबसे बड़ी ढाल140 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास की गति से लंबे स्पेल डालना किसी भी तेज गेंदबाज के लिए चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन सिराज इसे लगातार करते हैं। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के दौरे इसका शानदार उदाहरण हैं, जहां सिराज ने बिना थके टीम को हर टेस्ट मैच में मजबूती दी। उनकी गति, स्विंग और उछाल सिराज को खतरनाक बनाती है, और कई बार उन्होंने अकेले दम पर मैच भारत के पक्ष में किया है। रिकॉर्ड और उपलब्धियां21 जनवरी 2023 को सिराज आईसीसी वनडे रैंकिंग में नंबर वन गेंदबाज बने। अब तक सिराज ने 45 टेस्ट मैचों में 139, 50 वनडे में 76 और 17 टी20 में 17 विकेट लिए हैं। इसके अलावा आईपीएल में 108 मैचों में उन्होंने 109 विकेट चटकाए हैं। आईसीसी टूर्नामेंट्स में अहम भूमिकासिराज 2023 में एशिया कप जीतने वाली टीम इंडिया के सदस्य थे। वह वनडे विश्व कप 2023, टी20 विश्व कप 2024 और टी20 विश्व कप 2026 में भारतीय टीम का हिस्सा रहे। उनके प्रदर्शन से टीम इंडिया को बड़े आईसीसी टूर्नामेंट्स, खासकर विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में, जीत की उम्मीद बनी रहती है। भारतीय क्रिकेट का भरोसेमंद तेज गेंदबाजमोहम्मद सिराज न केवल तेज गेंदबाजी में बल्कि टीम के लिए अडिग समर्थन में भी मिसाल हैं। घरेलू से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक की उनकी यात्रा कठिनाइयों और लगातार मेहनत का प्रतीक है। विदेशी पिचों पर उनकी प्रदर्शन क्षमता और कभी न थकने वाली ऊर्जा उन्हें भारतीय क्रिकेट का सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाज बनाती है।