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तेज़ी और स्टेमिना का संगम, Mohammed Siraj बन गए विदेशी पिचों पर भारत की मुख्य ढाल

नई दिल्ली। मौजूदा समय में अगर कोई तेज गेंदबाज लंबे स्पेल डालने और टीम को हर परिस्थिति में मजबूती देने की क्षमता रखता है, तो उसका नाम है मोहम्मद सिराज। अपनी जीवटता, कभी न थकने वाली ऊर्जा और आक्रामक गेंदबाजी के लिए सिराज को दुनिया भर में जाना जाता है। कठिन परिश्रम से चमका क्रिकेट सितारादाएं हाथ के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज का जन्म 13 मार्च 1994 को सिकंदराबाद में हुआ। उनके पिता ऑटो ड्राइवर थे और परिवार की सीमित संसाधनों के बावजूद सिराज ने क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने का सपना कभी नहीं छोड़ा। 16 साल की उम्र में क्रिकेट में कदम रखने वाले सिराज ने 19 साल की उम्र में क्लब क्रिकेट खेलना शुरू किया और जल्द ही रणजी ट्रॉफी में हैदराबाद के लिए डेब्यू किया। घरेलू क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शनसिराज ने घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन किया। 2016-17 के रणजी ट्रॉफी में उन्होंने 41 विकेट लेकर हैदराबाद के लिए सबसे अधिक विकेट लेने का रिकॉर्ड बनाया, जबकि उनकी औसत केवल 18.92 रही। इसके बाद 2017-18 विजय हजारे ट्रॉफी में सात मैचों में 23 विकेट लेकर वह अग्रणी विकेट लेने वाले खिलाड़ी बने। इस निरंतर प्रदर्शन ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का रास्ता खोला। अंतरराष्ट्रीय सफर और टीम मैन की पहचानसिराज ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 2017 में टी20 से शुरुआत की। वनडे में उनका डेब्यू 2019 और टेस्ट में 2020 में हुआ। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण के बाद से सिराज ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उनकी खासियत यह है कि वह कभी थकते नहीं और टीम की हर जरूरत के समय उपलब्ध रहते हैं। विदेशी पिचों पर भारत की सबसे बड़ी ढाल140 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास की गति से लंबे स्पेल डालना किसी भी तेज गेंदबाज के लिए चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन सिराज इसे लगातार करते हैं। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के दौरे इसका शानदार उदाहरण हैं, जहां सिराज ने बिना थके टीम को हर टेस्ट मैच में मजबूती दी। उनकी गति, स्विंग और उछाल सिराज को खतरनाक बनाती है, और कई बार उन्होंने अकेले दम पर मैच भारत के पक्ष में किया है। रिकॉर्ड और उपलब्धियां21 जनवरी 2023 को सिराज आईसीसी वनडे रैंकिंग में नंबर वन गेंदबाज बने। अब तक सिराज ने 45 टेस्ट मैचों में 139, 50 वनडे में 76 और 17 टी20 में 17 विकेट लिए हैं। इसके अलावा आईपीएल में 108 मैचों में उन्होंने 109 विकेट चटकाए हैं। आईसीसी टूर्नामेंट्स में अहम भूमिकासिराज 2023 में एशिया कप जीतने वाली टीम इंडिया के सदस्य थे। वह वनडे विश्व कप 2023, टी20 विश्व कप 2024 और टी20 विश्व कप 2026 में भारतीय टीम का हिस्सा रहे। उनके प्रदर्शन से टीम इंडिया को बड़े आईसीसी टूर्नामेंट्स, खासकर विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में, जीत की उम्मीद बनी रहती है। भारतीय क्रिकेट का भरोसेमंद तेज गेंदबाजमोहम्मद सिराज न केवल तेज गेंदबाजी में बल्कि टीम के लिए अडिग समर्थन में भी मिसाल हैं। घरेलू से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक की उनकी यात्रा कठिनाइयों और लगातार मेहनत का प्रतीक है। विदेशी पिचों पर उनकी प्रदर्शन क्षमता और कभी न थकने वाली ऊर्जा उन्हें भारतीय क्रिकेट का सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाज बनाती है।

पिता को जेल से छुड़ाकर लाया बेटा, उसी की बात से आहत होकर खा लिया जहर: खंडवा में 22 वर्षीय युवक की मौत

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के खंडवा जिले के छैगांवमाखन थाना क्षेत्र के ग्राम हरसवाड़ा में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां 22 वर्षीय युवक प्रवीण मंडलोई (गुर्जर) ने कथित रूप से सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली। गुरुवार सुबह उसने जहर निगला था और इलाज के दौरान दोपहर में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। परिजनों के अनुसार, प्रवीण अपने पिता को चोरी के आरोप में जेल से जमानत पर छुड़वाकर घर लाया था, लेकिन उसी रात पिता से हुई कहासुनी के बाद उसने यह कदम उठा लिया। इंदौर में डेयरी पर करता था काममृतक के मामा भगवान गुर्जर ने बताया कि प्रवीण इंदौर में एक दूध डेयरी पर नौकरी करता था। कुछ दिनों पहले उसके पिता कैलाश मंडलोई को गांव के कोटवार के घर चोरी के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।यह खबर मिलने पर प्रवीण तुरंत इंदौर से अपने गांव पहुंचा। परिवार के लोगों ने उसे सलाह दी कि पिता की जमानत करवा लो, शायद वह सुधर जाएं। इसके बाद प्रवीण ने बुधवार को करीब 10 हजार रुपए खर्च कर पिता की जमानत कराई और उन्हें घर लेकर आया। गांव के बाहर बैठकर पीने लगा शराबपरिवार वालों के मुताबिक, शाम को जब प्रवीण अपने पिता को लेकर गांव पहुंचा तो रास्ते में ही पिता ने शराब खरीद ली और पीने बैठ गया। बेटे ने उन्हें समझाने की कोशिश की कि परिवार की पहले ही बदनामी हो चुकी है, इसलिए अब शराब छोड़ दें और गलत रास्ते से दूर रहें। पिता के शब्दों से टूट गया बेटाजब पिता ने उसकी बात नहीं मानी, तो प्रवीण ने कहा कि अगर आप शराब नहीं छोड़ोगे तो मैं मर जाऊंगा। इस पर पिता ने कथित रूप से जवाब दिया। जा तू मर जा, मैं तो शराब पीना नहीं छोड़ूंगा।बताया जा रहा है कि पिता के इन शब्दों से प्रवीण गहरे आहत हो गया। अगले दिन गुरुवार सुबह उसने सल्फास खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिवार उसे जिला अस्पताल खंडवा लेकर पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कोरोना में हो चुका था मां का निधनपरिजनों के मुताबिक, प्रवीण के परिवार में अब केवल एक बहन और पिता ही हैं। उसकी मां का निधन कोरोना काल में हो चुका था। इसके बाद से ही प्रवीण परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहा था।वह खेती-बाड़ी का काम भी देखता था और जरूरत पड़ने पर इंदौर जाकर नौकरी करता था। फसल कटाई के लिए रुका था गांव प्रवीण बुधवार रात ही वापस इंदौर काम पर जाने वाला था, लेकिन परिजनों ने उसे यह कहकर रोक लिया कि गेहूं और चने की फसल कट गई है, उसे बेचकर चला जाना। प्रवीण ही पूरे घर की खेती-बाड़ी संभालता था, लेकिन उसे क्या पता था कि जिस फसल को काटने के लिए वह रुका है, वही उसकी जिंदगी की आखिरी फसल साबित होगी।

भू-राजनीतिक तनाव का असर, Air India ने डीजीसीए से फ़्लाइट ड्यूटी लिमिटेशन में छूट मांगी

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच, एयर इंडिया ने विमानन नियामक डीजीसीए से फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) नियमों में अस्थायी ढील देने की मांग की है। गुरुवार को एनडीटीवी प्रॉफिट की रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई। एयरलाइन का कहना है कि क्षेत्रीय हवाई प्रतिबंध और लंबा रास्ता अपनाने के कारण पायलटों पर ड्यूटी का दबाव बढ़ गया है। लंबी दूरी की उड़ानों के लिए दो पायलट पर्याप्त?रिपोर्ट के अनुसार, टाटा ग्रुप के स्वामित्व वाली एयर इंडिया ने डीजीसीए से अनुरोध किया है कि कुछ लंबी दूरी की उड़ानों को तीन पायलट की बजाय दो पायलट के साथ संचालित करने की अनुमति दी जाए। इसके साथ ही एयरलाइन ने अधिकतम उड़ान समय सीमा बढ़ाने की भी मांग की है। सूत्रों के मुताबिक, एयर इंडिया ने उड़ान के अनुमत समय में 1 घंटा 3 मिनट की वृद्धि की मांग की है, जिससे अधिकतम उड़ान समय 10 घंटे से बढ़कर 11–11.5 घंटे तक पहुंच जाएगा। फ्लाइट ड्यूटी पीरियड में वृद्धि की मांगइसके अलावा एयर इंडिया ने अधिकतम फ्लाइट ड्यूटी पीरियड (एफडीपी) को भी बढ़ाने का अनुरोध किया है। प्रस्ताव के अनुसार ड्यूटी समय को 13 घंटे से बढ़ाकर 14 घंटे 45 मिनट करने की मांग की गई है, यानी पायलटों के लिए करीब 1 घंटा 45 मिनट अतिरिक्त ड्यूटी अवधि। लंबा मार्ग और ईंधन की बढ़ती खपतरिपोर्ट में बताया गया है कि मिडिल ईस्ट में कई हिस्सों का हवाई क्षेत्र प्रतिबंधित है और पाकिस्तान का एयरस्पेस भारतीय एयरलाइंस के लिए बंद रहने के कारण उड़ानों को लंबा रास्ता लेना पड़ रहा है। इस वजह से एयरलाइंस को अरब सागर, मध्य एशिया और अफ्रीका के ऊपर से उड़ान भरनी पड़ रही है। इससे न केवल उड़ान का समय बढ़ गया है, बल्कि ईंधन की खपत और क्रू की थकान पर दबाव भी बढ़ गया है। डीजीसीए की सुरक्षा सलाहअधिकारियों ने बताया कि डीजीसीए ने हाल ही में भारतीय एयरलाइंस को मिडिल ईस्ट के 11 देशों के हवाई क्षेत्र से बचने की सलाह दी है, जिन्हें उच्च जोखिम वाले क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया है। एयर इंडिया के लिए ईरान और इराक के हवाई क्षेत्र से बचने की वजह से कई लंबी दूरी की उड़ानों का समय काफी बढ़ गया है, जिससे इस सप्ताह कुछ उड़ानें रद्द भी करनी पड़ीं। प्रस्ताव पर डीजीसीए विचार कर रहीरिपोर्ट के अनुसार, एयर इंडिया का यह प्रस्ताव फिलहाल डीजीसीए के पास विचाराधीन है और नियामक इसकी जांच कर रहा है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि विमानन उद्योग की अन्य कंपनियां भी रूट संबंधी चुनौतियों का सामना कर रही हैं, लेकिन फिलहाल इंडिगो जैसी एयरलाइंस ने ऐसा कोई अनुरोध नहीं किया है। पायलटों की थकान पर सवालहालांकि रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि एयर इंडिया ने इस मामले में क्रू की थकान और सुरक्षा जोखिम से जुड़े सवालों पर तत्काल प्रतिक्रिया नहीं दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी उड़ान और ड्यूटी समय में वृद्धि के बावजूद सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है।

केंद्र का बयान: भारत के पास तेल की कोई कमी नहीं, पर्याप्त भंडार सुरक्षित

नई दिल्ली।केंद्र सरकार ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि भारत के पास तेल की कोई कमी नहीं है और देश के पास पर्याप्त भंडार मौजूद हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट जैसी परिस्थितियों का सामना करना संभव है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भारत का रणनीतिक तेल भंडार और 40 प्रमुख तेल निर्यातक देशों से विविध आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों की लगातार आपूर्ति बनी रहे। आर्थिक मजबूती और विदेशी मुद्रा भंडारसरकारी अधिकारी ने कहा कि भारत का आर्थिक आधार व्यापक और मजबूत है। देश के पास 11-12 महीने तक आवश्यक वस्तुओं और ऊर्जा आयात करने के लिए पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार है। यह भंडार आने वाले पांच वर्षों में देश के तेल आयात बिल को भी कवर करने के लिए पर्याप्त है। ऐसे मजबूत वित्तीय भंडार के चलते भारत वैश्विक आर्थिक और ऊर्जा संकटों के लिए तैयार है। बाजार की मांग के लिए पर्याप्त स्टॉकअधिकारी ने बताया कि देश के पास कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का इतना भंडार है कि यह बाजार की 70 दिनों से अधिक की मांग को पूरा कर सकता है। इसके साथ ही, भारत ने मध्य पूर्व पर अपनी निर्भरता भी घटाई है। इससे किसी भी संभावित आपूर्ति व्यवधान की स्थिति में देश सुरक्षित रहेगा। बहुसंबद्ध नीति और आर्थिक कूटनीतिसरकार की बहुसंबद्ध नीति ने देश को संकट से निपटने में सक्षम बनाया है। इसमें रूसी कच्चे तेल की खरीद, आवश्यक वस्तु अधिनियम का प्रयोग और विविध स्रोतों से आपूर्ति सुनिश्चित करना शामिल है। अधिकारी ने कहा कि यह रणनीति न केवल आर्थिक बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे देश की संप्रभुता पर कोई समझौता नहीं होता। मुद्रास्फीति पर नियंत्रण और विकासइस संकट का प्रभाव मुद्रास्फीति की तुलना में विकास पर अधिक पड़ता है। वर्तमान में भारत की मुद्रास्फीति दर लगभग 2.75 प्रतिशत है, जो विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे कम है। रूसी तेल आयात, ईंधन कर में लचीलापन और एलपीजी की नियंत्रित कीमतों की वजह से घरेलू बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें स्थिर हैं। ऊर्जा आयात में विविधता और होर्मुज पर निर्भरता में कमीजापान जैसे देशों में मुद्रास्फीति दर 5 प्रतिशत है और उनका कच्चे तेल पर निर्भरता लगभग 75-90 प्रतिशत है। इसके विपरीत, भारत ने होर्मुज जलडमरूमध्य से आने वाली आपूर्ति पर अपनी निर्भरता घटाकर 20 प्रतिशत कर दी है। इराक, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका जैसे अन्य देशों से आयात कर, भारत ने ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाई है। पड़ोसी देशों की तुलना में सुरक्षित स्थितिअधिकारी ने बताया कि भारत के पास दो महीने से अधिक का भंडार है, जबकि पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका के पास केवल 30 दिन या उससे कम का स्टॉक है। पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 55 रुपए प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हुई है, वहीं श्रीलंका और बांग्लादेश में भी ईंधन की आपूर्ति संकट और भाव वृद्धि देखी जा रही है।  ऊर्जा सुरक्षा और विकास की राहकेंद्र सरकार की रणनीति ने भारत को न केवल ऊर्जा संकट के लिए तैयार किया है, बल्कि व्यापक आर्थिक स्थिरता भी सुनिश्चित की है। बहुसंबद्ध नीति, विविध आपूर्ति स्रोत और मजबूत आर्थिक भंडार देश की ऊर्जा सुरक्षा का मजबूत आधार हैं। इससे भारत वैश्विक तेल संकट और पड़ोसी देशों की तुलना में सुरक्षित स्थिति में है।

सिंहस्थ 2028 की तैयारी तेज: उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण का संभागायुक्त ने किया निरीक्षण, लापरवाही पर इंजीनियर-ठेकेदार को चेतावनी

उज्जैन।  आगामी सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर शहर में प्रमुख सड़कों के चौड़ीकरण का काम तेजी से किया जा रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को संभागायुक्त आशीष सिंह और नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने विभिन्न सड़क निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सड़क के जोड़ सही तरीके से नहीं भरे जाने पर संभागायुक्त ने नाराजगी जताई और संबंधित इंजीनियर तथा ठेकेदार को कार्यशैली सुधारने की सख्त चेतावनी दी। निरीक्षण के दौरान संभागायुक्त ने स्पष्ट कहा कि निर्माण कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों और ठेकेदारों को निर्देश दिए कि सभी कार्य तय समय सीमा में और गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। निरीक्षण के समय नगर निगम के अधिकारी, इंजीनियर, ठेकेदार और कंसल्टेंट भी मौजूद रहे। कई प्रमुख मार्गों के कार्य का लिया जायजासंभागायुक्त ने शहर के महत्वपूर्ण मार्गों पर चल रहे सड़क चौड़ीकरण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इनमें टैगोर चौराहा से दो तालाब, गेल इंडिया से नीलगंगा चौराहा और मंछामन से हरी फाटक ब्रिज तक के मार्ग शामिल हैं। अधिकारियों ने उन्हें परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति और निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी दी। टैगोर चौराहे से दो तालाब तक करीब 9.68 करोड़ रुपए की लागत से 18 मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण किया जा रहा है। इस मार्ग पर फिलहाल ड्रेनेज निर्माण कार्य जारी है, जिसके बाद सड़क निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। 40 करोड़ की लागत से बन रही 2.76 किमी सड़कवहीं गेल इंडिया से केटीएम शोरूम, शांति नगर होते हुए नीलगंगा चौराहा तक लगभग 2.76 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जा रही है। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 40 करोड़ रुपए है और यहां भी 18 मीटर चौड़ी सड़क विकसित की जा रही है। इसके अलावा मंछामन से हरी फाटक ब्रिज तक का निर्माण कार्य नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम के तहत किया जा रहा है। इस परियोजना पर करीब 7.5 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं। नागरिकों से भी की बातचीतनिरीक्षण के दौरान संभागायुक्त ने आसपास के क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों से भी बातचीत की। उन्होंने निर्माण कार्य के चलते हो रही असुविधाओं के लिए खेद जताते हुए भरोसा दिलाया कि समस्याओं का जल्द समाधान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सड़क चौड़ीकरण की ये परियोजनाएं सिंहस्थ महापर्व 2028 को ध्यान में रखते हुए तैयार की जा रही हैं, ताकि उस समय शहर में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर यातायात और सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके। संभागायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता और गति दोनों पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसके लिए जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन और मशीनरी भी उपलब्ध कराई जाए, ताकि सभी परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकें।

उज्जैन महामंडलेश्वर हनीट्रैप कांड: नहाते समय बनाए अश्लील वीडियो, फिर दी वायरल करने की धमकी

उज्जैन । उज्जैन में संतों को बदनाम करने की साजिश रचने वाली पूर्व महामंडलेश्वर साध्वी मंदाकिनी और उसके साथी घनश्याम पटेल की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस साजिश के लिए जिस महिला (शिल्पा – परिवर्तित नाम) को बनारस से बुलाया गया था, उसे पहले साध्वी ने खुद ब्लैकमेल किया। महिला का आरोप है कि मंदाकिनी ने उसके नहाते समय चोरी-छिपे न्यूड वीडियो और फोटो बना लिए थे और उन्हीं के दम पर उसे महामंडलेश्वर के खिलाफ झूठा रेप केस दर्ज कराने के लिए मजबूर किया जा रहा था। तांत्रिक बनकर जीता भरोसा, फिर किया विश्वासघातपीड़िता ने पुलिस को अपनी आपबीती सुनाते हुए साध्वी मंदाकिनी के कई चेहरे बेनकाब किए हैं शिल्पा की मुलाकात मंदाकिनी से 2024 की शिप्रा परिक्रमा के दौरान हुई थी। मंदाकिनी ने खुद को देश की बड़ी तांत्रिक बताकर महिला का भरोसा जीता और उसे अपने घर काम पर रख लिया।जनवरी 2026 में जब महिला मंदाकिनी के घर रुकी थी, तब नहाते समय साध्वी ने उसके आपत्तिजनक फोटो खींच लिए। विरोध करने पर उसे चुप करा दिया गया, लेकिन बाद में इन्हीं फोटो को वायरल करने की धमकी देकर उसे ‘हनीट्रैप’ का हिस्सा बनने पर मजबूर किया गया।महिला के अनुसार, मंदाकिनी बार-बार कहती थी कि “जब तक स्वामी जी मुझे महामंडलेश्वर नहीं बनाएंगे, मैं उन्हें छोड़ने वाली नहीं हूँ।” कोर्ट का कड़ा रुख: घनश्याम पटेल की जमानत याचिका खारिजइस मामले के दूसरे मुख्य आरोपी घनश्याम पटेल ने गिरफ्तारी से बचने के लिए उज्जैन कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी, जिसे कोर्ट ने सिर से खारिज कर दिया है।महामंडलेश्वर की ओर से पैरवी कर रहे सीनियर एडवोकेट वीरेंद्र शर्मा ने कोर्ट में तर्क दिया कि यह केवल एक व्यक्ति को फंसाने की साजिश नहीं, बल्कि पूरे संत समाज और उज्जैन की प्रतिष्ठा को विश्व स्तर पर धूमिल करने का प्रयास है।कोर्ट ने माना कि मंदाकिनी के मोबाइल में मौजूद अश्लील सामग्री और इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच होना अनिवार्य है। रसोई से अखाड़े तक: झूठ की बुनियाद पर खड़ा साम्राज्यमंदाकिनी उर्फ ममता जोशी का इतिहास भी अब सबके सामने है। कभी संतों के लिए रसोई बनाने वाली ममता ने 2016 के सिंहस्थ में खुद को अविवाहित और संपत्ति का मालिक बताकर संतों को गुमराह किया और ‘महामंडलेश्वर’ की पदवी हासिल कर ली थी। आज वही पदवी और पावर की भूख उसे सलाखों के पीछे ले जाने वाली है। यह मामला केवल एक आपराधिक साजिश नहीं, बल्कि धर्म की ओट में छिपे उन चेहरों की कहानी है जो अपनी महत्वाकांक्षाओं के लिए किसी भी हद तक गिर सकते हैं। बनारस की महिला की बहादुरी और उज्जैन के संतों की सतर्कता ने एक बड़े षड्यंत्र को नाकाम कर दिया है। अब पुलिस की नजरें मंदाकिनी के उस मोबाइल पर हैं, जिसमें कई सफेदपोशों के राज दफन हो सकते हैं। मुख्य कीवर्ड्स (Keywords with Comma)उज्जैन हनीट्रैप कांड, साध्वी मंदाकिनी पुरी, घनश्याम पटेल जमानत खारिज, महामंडलेश्वर शांति स्वरूपानंद, अश्लील वीडियो ब्लैकमेलिंग, उज्जैन पुलिस जांच, सनातन धर्म साजिश, एमपी न्यूज़ अपडेट, महाकाल थाना उज्जैन।

शेयर मार्केट अपडेट: InterGlobe Aviation में ब्रोकरेज के टारगेट प्राइस घटाने से आई 4% गिरावट

नई दिल्ली। इंडिगो एयरलाइन की पैरेंट कंपनी InterGlobe Aviation Limited के शेयर गुरुवार को 4 प्रतिशत तक गिर गए। यह गिरावट तब हुई जब वैश्विक ब्रोकरेज फर्म सिटी ने स्टॉक का टारगेट प्राइस घटाकर 5,100 रुपए प्रति शेयर कर दिया, जो पहले 5,700 रुपए था। ब्रोकरेज का दृष्टिकोणटारगेट प्राइस में कटौती: करीब 10.5% की कमी।रेटिंग: ‘बाय’ बरकरार है।संभावित तेजी: नया टारगेट प्राइस अभी भी स्टॉक के पिछले बंद भाव से लगभग 17% की संभावना दिखाता है। कारण और पृष्ठभूमिसिटी ब्रोकरेज ने बताया कि पिछले एक साल में इंडिगो ने कई नकारात्मक परिस्थितियों का सामना किया:पहली तिमाही में भू-राजनीतिक तनाव से संचालन प्रभावित।फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) नियमों के कारण कई उड़ानों को रद्द करना पड़ा।ईरान, इजरायल और अमेरिका से जुड़े नए भू-राजनीतिक तनाव ने अनिश्चितता बढ़ाई।ईंधन की बढ़ती कीमतें और कमजोर भारतीय रुपया एयरलाइन की लाभप्रदता पर दबाव डाल सकते हैं। सकारात्मक संकेतजनवरी में इंडिगो ने घरेलू बाजार में हिस्सेदारी बढ़ाकर 59.6% से 63.6% कर दी।एयरलाइन की लागत संरचना प्रतिस्पर्धियों की तुलना में मजबूत है। शेयर प्रदर्शनरिपोर्ट आने के बाद दिन में शेयर 3.6% गिरकर 4,194.10 रुपए के इंट्रा-डे लो पर।दोपहर करीब 2:55 बजे शेयर 2.51% गिरकर 4,243.50 रुपए पर।पिछले एक महीने में स्टॉक लगभग 14.8% गिर चुका है।52 हफ्ते का उच्चतम स्तर: 6,232.50 रुपए; निम्नतम: 4,035 रुपए।मार्केट कैप: 1.64 लाख करोड़ रुपए। हालांकि टारगेट प्राइस घटने के बाद शेयरों में गिरावट आई, लेकिन इंडिगो की मजबूत घरेलू हिस्सेदारी और लागत संरचना इसे निवेशकों के लिए अभी भी आकर्षक बना रही है।

भारत मंडपम में अमृत मित्र महोत्सव: महिला सशक्तिकरण और शहरी विकास का संगम

नई दिल्ली । नई दिल्ली में 13 मार्च को आयोजित होने वाले अमृत मित्र महोत्सव में देशभर से स्व-सहायता समूह की महिलाएँ शामिल होंगी। मध्यप्रदेश की लगभग 300 महिलाएँ इस राष्ट्रीय मंच पर अपनी सक्रिय भागीदारी के लिए भाग लेंगी। नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने बताया कि राज्य के 55 नगरीय निकायों में 312 स्व-सहायता समूहों की 1 028 महिलाओं को अमृत मित्र के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन महिलाओं ने जल गुणवत्ता परीक्षण सार्वजनिक उद्यानों के रख-रखाव और केंद्र सरकार के पेड़ों के लिए महिलाएं कार्यक्रम के तहत पौधरोपण एवं सुरक्षा के कार्यों को सफलतापूर्वक निभाया है। यह महोत्सव भारत मंडपम नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है और इसमें उत्तर प्रदेश हरियाणा महाराष्ट्र राजस्थान सहित देश के अन्य राज्यों से भी अमृत मित्र महिलाएँ सम्मिलित होंगी। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं की उत्कृष्ट उपलब्धियों को मान्यता देना और शहरी विकास में उनके योगदान को रेखांकित करना है। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर इस अवसर पर जल संरक्षण स्वच्छता और शहरी प्रबंधन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को सम्मानित करेंगे। यह न केवल महिलाओं की उपलब्धियों को पहचान देगा बल्कि महिला नेतृत्व के माध्यम से सतत शहरी विकास की संकल्पना को भी सुदृढ़ करेगा। आयुक्त संकेत भोंडवे ने नई दिल्ली जा रही सभी अमृत मित्र महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि यह पहल शहरी विकास में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और नेतृत्व का प्रेरक उदाहरण है। उन्होंने विश्वास जताया कि मध्यप्रदेश की महिलाएँ इस राष्ट्रीय मंच पर राज्य के नवाचारों और उत्कृष्ट कार्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा स्रोत बनेंगी। अमृत मित्र पहल के तहत महिलाएँ केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय मंच पर भी शहरी विकास की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को निभा रही हैं। यह पहल महिला सशक्तिकरण और शहरी प्रबंधन के संगम का प्रतीक बनकर सामने आई है। आयोजन में सहभागिता से महिलाओं का मनोबल बढ़ेगा और शहरी क्षेत्रों में सतत विकास के लिए उनका नेतृत्व और अधिक सशक्त होगा।

दूध सुरक्षा पर सख्ती, उत्पादक और विक्रेता लाइसेंस के बिना नहीं कर सकेंगे व्यापार: FSSAI

नई दिल्ली। देश में दूध और डेयरी उत्पादों में मिलावट की बढ़ती घटनाओं को रोकने के लिए FSSAI (फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया) ने गुरुवार को नया नियम लागू किया। इसके तहत सभी दूध उत्पादक और दूध विक्रेता, डेयरी सहकारी समितियों को छोड़कर, अपने व्यवसाय को चलाने से पहले एफएसएसएआई के साथ अनिवार्य पंजीकरण या लाइसेंस प्राप्त करेंगे। उद्देश्य और लाभएफएसएसएआई ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य दूध में मिलावट की घटनाओं को रोकना, खाद्य सुरक्षा अनुपालन को मजबूत करना और सुरक्षित भंडारण तथा स्वच्छ आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इससे आम जनता के स्वास्थ्य की रक्षा होगी और उपभोक्ताओं को शुद्ध और सुरक्षित दूध उपलब्ध होगा। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को निर्देशएफएसएसएआई ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को निर्देश दिए हैं कि वे विशेष पंजीकरण अभियान चलाएं और दूध उत्पादकों एवं विक्रेताओं के लाइसेंस और पंजीकरण का कड़ाई से सत्यापन करें। राज्य स्तर पर अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे सुनिश्चित करें कि सभी व्यवसायियों के पास एफएसएसएआई का प्रमाणपत्र उपलब्ध हो। संसद में उठे थे मिलावट के मामलेइससे पहले बीते महीने दूध और खाद्य उत्पादों में मिलावट का मुद्दा संसद में उठ चुका था। Raghav Chadha ने कंपनियों पर आरोप लगाया कि वे सेहतमंद और ऊर्जा बढ़ाने वाले झूठे दावों के तहत हानिकारक पदार्थों वाले उत्पाद बेच रहे हैं। उन्होंने बताया कि दूध में यूरिया, पनीर में स्टार्च और कास्टिक सोडा, सब्जियों में ऑक्सीटोसिन, आइसक्रीम में डिटर्जेंट पाउडर, फलों के जूस में सिंथेटिक फ्लेवर और आर्टिफिशियल रंग, खाने के तेल में मशीन का तेल, मसालों में ईंट का पाउडर और लकड़ी का बुरादा, चाय में सिंथेटिक रंग और पोल्ट्री उत्पादों में एनाबॉलिक स्टेरॉयड मिलाए जाते हैं। यहां तक कि देशी घी की मिठाइयों में वनस्पति तेल और डालडा का इस्तेमाल किया जाता है। एफएसएसएआई की सलाह और अभियानएफएसएसएआई ने सभी राज्य और केंद्रशासित प्रदेशों से अपील की है कि वे स्थानीय अधिकारियों, डेयरी सहकारी समितियों, स्कूलों, और समुदायों के साथ मिलकर व्यापक अभियान चलाएं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी दूध उत्पादकों और विक्रेताओं के पास वैध लाइसेंस हो और किसी भी प्रकार की मिलावट को रोका जा सके। भविष्य के लिए प्रभावइस पहल से न केवल दूध की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि यह उपभोक्ताओं में विश्वास बढ़ाने और डेयरी उद्योग में जवाबदेही स्थापित करने में भी मदद करेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इसका प्रभावी कार्यान्वयन हुआ, तो दूध और डेयरी उत्पादों में मिलावट की घटनाओं में काफी कमी आएगी। एफएसएसएआई का यह कदम दूध और डेयरी उद्योग में पारदर्शिता बढ़ाने और उपभोक्ताओं को सुरक्षित उत्पाद देने के लिए एक महत्वपूर्ण और समयोचित पहल है।

जबलपुर में एटीएम ठगी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार: मदद के बहाने बदलता था कार्ड, 66 एटीएम कार्ड और स्कूटी जब्त

जबलपुर।  शहर में एटीएम से पैसे निकालने आए लोगों को मदद का झांसा देकर उनका कार्ड बदलने और खातों से पैसे निकालने वाले शातिर ठग को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लंबे समय से शहर के अलग-अलग एटीएम में वारदात को अंजाम दे रहा था। पुलिस ने उसके पास से 66 एटीएम कार्ड, नकदी, स्कूटी और सोने की झुमकी बरामद की है। यह कार्रवाई गोरखपुर और केंट थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने बुधवार शाम की। आरोपी के खिलाफ शहर के चार अलग-अलग थानों में धोखाधड़ी के मामले दर्ज थे। पुलिस ने ठगी से निकाली गई 3 लाख 68 हजार रुपए की रकम को संबंधित बैंक खातों में होल्ड भी करवा दिया है। मदद के नाम पर करता था ठगीपुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी एटीएम में आने वाले लोगों को मदद करने का प्रस्ताव देता था। वह विशेष रूप से बुजुर्ग या एटीएम इस्तेमाल में अनजान लोगों को निशाना बनाता था। बातचीत के दौरान वह उनका एटीएम पिन देख लेता और मौका मिलते ही उनका कार्ड बदल देता था।इसके बाद वह बदले हुए कार्ड के जरिए नजदीकी एटीएम से पैसे निकालता या खरीदारी करता था। बुजुर्ग के खाते से निकाले 1.06 लाखइस मामले का खुलासा तब हुआ जब 80 वर्षीय बीएस सिडाम, निवासी थम्मन कॉम्प्लेक्स ने गोरखपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 1 दिसंबर 2025 को छोटी लाइन स्थित एसबीआई एटीएम में एक युवक ने मदद का बहाना बनाकर उनका कार्ड बदल लिया। बाद में उनके खाते से 1 लाख 6 हजार 160 रुपए निकाल लिए गए। कई थानों में दर्ज हैं केसजांच में पता चला कि आरोपी ने शहर के कई इलाकों में इसी तरह की वारदातें की थीं।केंट थाना क्षेत्र में रोहित सेन (34) के खाते से 59 हजार 300 रुपए निकाले गए।ओमती थाना क्षेत्र में रसीद उद्दीन (60) के खाते से 1 लाख 18 हजार 80 रुपए की ठगी हुई।बेलबाग थाना क्षेत्र में विजय कुमार चौधरी (47) के खाते से 47 हजार रुपए निकाले गए।इन सभी मामलों में आरोपी ने एटीएम में कार्ड बदलकर ही ठगी की थी। सीसीटीवी से मिला सुरागलगातार मिल रही शिकायतों के बाद पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के निर्देश पर विशेष टीम बनाई गई। टीम ने एटीएम के सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की जांच की। जांच के आधार पर पुलिस ने विनोद गौतम (28) निवासी तिलक वार्ड, रेलवे स्टेशन के पास, जिला सिवनी को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने कई वारदातों को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। बड़ी संख्या में कार्ड और सामान बरामदपुलिस ने आरोपी के कब्जे से 66 एटीएम कार्ड, 5500 रुपए नकद, वारदात में इस्तेमाल की गई जुपिटर स्कूटी और करीब 55 हजार रुपए कीमत की सोने की झुमकी जब्त की है। अन्य मामलों के खुलासे की उम्मीदपुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ में शहर और आसपास के क्षेत्रों में हुई अन्य एटीएम ठगी की घटनाओं का भी खुलासा हो सकता है।पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि एटीएम में अजनबी लोगों से मदद न लें और अपना पिन किसी को न बताएं, ताकि इस तरह की ठगी से बचा जा सके। जबलपुर एटीएम ठगी, एटीएम कार्ड बदलकर ठगी, विनोद गौतम गिरफ्तार, गोरखपुर थाना जबलपुर, केंट थाना जबलपुर, एटीएम फ्रॉड केस, 66 एटीएम कार्ड बरामद, जुपिटर स्कूटी जब्त, एटीएम ठग गिरफ्तार, मध्यप्रदेश क्राइम न्यूज