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OnePlus Pad 4 लॉन्च: बड़ी डिस्प्ले, पावरफुल प्रोसेसर और लंबी बैटरी लाइफ के साथ नया विकल्प

नई दिल्ली । भारतीय टेक बाजार में एक बार फिर हलचल देखने को मिली है, जहां OnePlus ने अपना नया टैबलेट OnePlus Pad 4 पेश कर दिया है। यह डिवाइस उन यूजर्स को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जो एक साथ बेहतर परफॉर्मेंस, बड़ी स्क्रीन और लंबी बैटरी लाइफ चाहते हैं। लॉन्च के साथ ही यह टैबलेट प्रीमियम कैटेगरी में एक मजबूत दावेदार के रूप में उभरकर सामने आया है। इस टैबलेट की सबसे प्रमुख खासियत इसकी बड़ी और हाई-क्वालिटी डिस्प्ले है। 13.2 इंच की स्क्रीन के साथ यह डिवाइस शानदार विजुअल एक्सपीरियंस देता है। हाई रिफ्रेश रेट के कारण स्क्रीन पर हर मूवमेंट बेहद स्मूथ दिखाई देता है, जिससे वीडियो स्ट्रीमिंग, गेमिंग और मल्टीटास्किंग का अनुभव और बेहतर हो जाता है। परफॉर्मेंस के मामले में भी OnePlus Pad 4 किसी से पीछे नहीं है। इसमें लेटेस्ट जनरेशन का पावरफुल प्रोसेसर दिया गया है, जो हैवी टास्क और मल्टीटास्किंग को आसानी से संभाल सकता है। इसके साथ ही हाई-स्पीड रैम और पर्याप्त स्टोरेज विकल्प इसे और अधिक उपयोगी बनाते हैं। यह टैबलेट उन यूजर्स के लिए खास है जो काम और मनोरंजन दोनों के लिए एक ही डिवाइस पर निर्भर रहना चाहते हैं। कैमरा फीचर्स की बात करें तो इसमें रियर और फ्रंट दोनों कैमरे दिए गए हैं, जो वीडियो कॉलिंग और सामान्य उपयोग के लिए उपयुक्त हैं। हालांकि टैबलेट का मुख्य फोकस कैमरा नहीं होता, फिर भी यह रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है। बैटरी इस डिवाइस का एक और मजबूत पक्ष है। इसमें बड़ी क्षमता की बैटरी दी गई है, जो लंबे समय तक इस्तेमाल की सुविधा देती है। इसके साथ फास्ट चार्जिंग का सपोर्ट भी मौजूद है, जिससे यूजर्स को बार-बार चार्जिंग की चिंता नहीं करनी पड़ती। डिजाइन के लिहाज से भी यह टैबलेट काफी आकर्षक और स्लिम है, जिससे इसे कैरी करना आसान हो जाता है। कनेक्टिविटी फीचर्स भी आधुनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर शामिल किए गए हैं, जिससे यह डिवाइस भविष्य के उपयोग के लिए तैयार नजर आता है। कीमत के मामले में यह टैबलेट प्रीमियम सेगमेंट में आता है, लेकिन इसमें दिए गए फीचर्स इसे इस रेंज में एक संतुलित विकल्प बनाते हैं। साथ ही लॉन्च के दौरान कुछ विशेष ऑफर्स भी उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे ग्राहकों को अतिरिक्त फायदा मिल सकता है। कुल मिलाकर, OnePlus Pad 4 एक ऐसा टैबलेट है जो आधुनिक यूजर्स की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। यह पावर, डिजाइन और परफॉर्मेंस का ऐसा संयोजन पेश करता है, जो इसे बाजार में एक मजबूत प्रतिस्पर्धी बनाता है।

मोदी के निमंत्रण पर भारत आएंगे वियतनाम के राष्ट्रपति टो लैम, अहम मुद्दों पर होगी बड़ी चर्चा

नई दिल्ली । भारत और वियतनाम के बीच कूटनीतिक रिश्तों को नई दिशा देने वाला एक अहम दौरा जल्द शुरू होने जा रहा है जहां टो लैम 5 मई से तीन दिवसीय भारत यात्रा पर पहुंचेंगे यह दौरा कई मायनों में खास माना जा रहा है क्योंकि हाल ही में राष्ट्रपति चुने जाने के बाद यह उनका पहला भारत दौरा होगा भारत सरकार के निमंत्रण पर हो रही इस यात्रा के दौरान राष्ट्रपति टो लैम 5 से 7 मई तक भारत में रहेंगे इस दौरान उनके साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी होगा जिसमें वियतनाम सरकार के मंत्री वरिष्ठ अधिकारी और एक बड़ा बिजनेस डेलिगेशन शामिल रहेगा यह संकेत देता है कि इस यात्रा का फोकस केवल राजनीतिक ही नहीं बल्कि आर्थिक और व्यापारिक सहयोग को भी आगे बढ़ाना है दौरे की शुरुआत 6 मई को औपचारिक स्वागत समारोह से होगी जहां राष्ट्रपति टो लैम का स्वागत राष्ट्रपति भवन में किया जाएगा इसके बाद उनकी मुलाकात भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से होगी इस बैठक में दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों के साथ साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करेंगे माना जा रहा है कि इस दौरान रक्षा सहयोग व्यापार निवेश और इंडो पैसिफिक क्षेत्र में साझेदारी जैसे अहम विषयों पर भी बातचीत होगी राष्ट्रपति टो लैम भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से भी मुलाकात करेंगे इसके अलावा कई अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ भी उनकी बैठक प्रस्तावित है इन मुलाकातों के जरिए दोनों देशों के बीच राजनीतिक विश्वास और सहयोग को और मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा इस दौरे का एक महत्वपूर्ण पहलू सांस्कृतिक और धार्मिक जुड़ाव भी है राष्ट्रपति टो लैम अपने कार्यक्रम के तहत बिहार के बोधगया भी जाएंगे जो बौद्ध धर्म का प्रमुख केंद्र है इसके साथ ही वे मुंबई का भी दौरा करेंगे जहां व्यापारिक और औद्योगिक गतिविधियों को लेकर चर्चाएं हो सकती हैं भारत और वियतनाम के संबंध ऐतिहासिक और सभ्यतागत आधार पर टिके हुए हैं पिछले कुछ वर्षों में इन रिश्तों में लगातार मजबूती आई है खासतौर पर 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वियतनाम दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी स्थापित की गई थी अब इस साझेदारी के 10 वर्ष पूरे होने के मौके पर यह दौरा और भी महत्वपूर्ण हो जाता है इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टो लैम को राष्ट्रपति चुने जाने पर बधाई देते हुए दोनों देशों के रिश्तों को और मजबूत करने की इच्छा जताई थी उन्होंने भरोसा जताया था कि टो लैम के नेतृत्व में भारत और वियतनाम की दोस्ती और गहरी होगी विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा न केवल द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाई देगा बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता और आर्थिक सहयोग को भी बढ़ावा देगा आने वाले समय में भारत और वियतनाम के बीच साझेदारी और मजबूत होती दिखाई दे सकती है

क्लाउड और सब्सक्रिप्शन की रफ्तार से नई ऊंचाइयों पर पहुंचा Google, 20 अरब डॉलर रेवेन्यू का ऐतिहासिक आंकड़ा

नई दिल्ली । तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया में Google ने एक बार फिर अपने मजबूत बिजनेस मॉडल और तकनीकी निवेश के दम पर शानदार प्रदर्शन किया है। कंपनी ने इस वित्तीय तिमाही में न केवल पेड सब्सक्रिप्शंस का नया रिकॉर्ड बनाया, बल्कि क्लाउड सर्विसेज से भी उल्लेखनीय आय दर्ज कराई, जो लगभग 20 अरब डॉलर तक पहुंच गई है। यह उपलब्धि इस बात का स्पष्ट संकेत है कि डिजिटल सर्विसेज और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर आज के समय में टेक कंपनियों की रीढ़ बन चुके हैं। कंपनी की कुल कमाई में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष-दर-वर्ष आधार पर रेवेन्यू में मजबूत उछाल देखने को मिला, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कंपनी की सेवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। खास बात यह रही कि यह ग्रोथ कई सेगमेंट्स में एक साथ देखने को मिली, जिसमें सर्च, डिजिटल विज्ञापन, क्लाउड और सब्सक्रिप्शन शामिल हैं। सब्सक्रिप्शन बिजनेस इस सफलता का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बनकर उभरा है। कंपनी की सेवाओं से जुड़े पेड यूजर्स की संख्या करोड़ों में पहुंच चुकी है, जो इसकी लोकप्रियता और भरोसे को दर्शाता है। वीडियो और अन्य डिजिटल सेवाओं की बढ़ती मांग ने इस सेगमेंट को और मजबूती दी है, जिससे कंपनी को स्थिर और लगातार आय प्राप्त हो रही है। क्लाउड बिजनेस ने इस तिमाही में सबसे ज्यादा ध्यान आकर्षित किया। एंटरप्राइज सेक्टर में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की बढ़ती जरूरत ने क्लाउड सर्विसेज की मांग को तेज किया है, जिसका सीधा फायदा कंपनी को मिला है। यही कारण है कि क्लाउड से होने वाली आय में तेज वृद्धि दर्ज की गई और यह कंपनी के प्रमुख राजस्व स्रोतों में शामिल हो गया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में बढ़ते निवेश ने भी इस ग्रोथ को नई दिशा दी है। AI आधारित तकनीकों ने सर्च और अन्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और यूजर फ्रेंडली बनाया है, जिससे प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ताओं की सक्रियता बढ़ी है। इसके परिणामस्वरूप कंपनी की कुल कमाई में भी सकारात्मक असर देखने को मिला है। इसके अलावा, ऑपरेटिंग इनकम और मार्जिन में भी सुधार दर्ज किया गया है, जो कंपनी की वित्तीय मजबूती को दर्शाता है। यह लगातार कई तिमाहियों से जारी ग्रोथ ट्रेंड का हिस्सा है, जो यह साबित करता है कि कंपनी की रणनीति दीर्घकालिक सफलता की दिशा में आगे बढ़ रही है।

बीजिंग मिशन से पहले औपचारिकता पूरी: राष्ट्रपति मुर्मु से मिले विक्रम दोराईस्वामी, सौंपे गए परिचय पत्र

नई दिल्ली । भारत और चीन के बीच कूटनीतिक संबंधों के लिहाज से एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है जहां विक्रम दोराईस्वामी ने चीन में भारत के राजदूत के रूप में अपनी नई जिम्मेदारी संभालने से पहले औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर ली है उन्होंने भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात कर अपने परिचय पत्र प्राप्त किए हैं जो किसी भी राजनयिक नियुक्ति का एक जरूरी और औपचारिक चरण माना जाता है चीन में भारतीय दूतावास ने इस मुलाकात की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से साझा की और बताया कि दोराईस्वामी को उनके नए असाइनमेंट के लिए राष्ट्रपति से क्रेडेंशियल्स प्रदान किए गए हैं यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारत और चीन के बीच संबंध कई वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों के चलते काफी अहम माने जा रहे हैं ऐसे में एक अनुभवी राजनयिक की तैनाती को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है 1992 बैच के भारतीय विदेश सेवा अधिकारी विक्रम दोराईस्वामी का कूटनीतिक करियर बेहद समृद्ध और विविध अनुभवों से भरा रहा है उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली विश्वविद्यालय से इतिहास विषय में मास्टर डिग्री हासिल कर पूरी की इसके बाद 1992 से 1993 के दौरान नई दिल्ली में अपनी इन सर्विस ट्रेनिंग पूरी की और मई 1994 में हांगकांग स्थित भारतीय दूतावास में थर्ड सेक्रेटरी के रूप में अपनी पहली विदेशी नियुक्ति संभाली दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने हांगकांग के चीनी विश्वविद्यालय से चीनी भाषा में डिप्लोमा भी किया है जो उन्हें चीन से जुड़े मामलों में एक अतिरिक्त विशेषज्ञता प्रदान करता है यही कारण है कि उन्हें पहले भी बीजिंग में भारतीय दूतावास में कार्य करने का अनुभव मिल चुका है जहां उन्होंने लगभग चार वर्षों तक अपनी सेवाएं दी थीं इसके अलावा दोराईस्वामी ने विदेश मंत्रालय में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है जिसमें डिप्टी चीफ ऑफ प्रोटोकॉल और प्रधानमंत्री कार्यालय में निजी सचिव जैसे अहम पद शामिल हैं उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन न्यूयॉर्क में राजनीतिक सलाहकार के रूप में भी काम किया और दक्षिण अफ्रीका के जोहान्सबर्ग में महावाणिज्य दूत की जिम्मेदारी भी संभाली उनका अनुभव केवल बहुपक्षीय मंचों तक सीमित नहीं रहा बल्कि उन्होंने क्षेत्रीय संगठनों में भी अहम भूमिका निभाई नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय में रहते हुए उन्होंने सार्क विभाग का नेतृत्व किया और ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के समन्वयक के रूप में भी कार्य किया हाल के वर्षों में वे ब्रिटेन में भारत के उच्चायुक्त के पद पर कार्यरत रहे हैं और अब उन्हें चीन जैसे महत्वपूर्ण देश में भारत का प्रतिनिधित्व करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है ऐसे में यह नियुक्ति भारत की विदेश नीति और कूटनीतिक रणनीति के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है आने वाले समय में विक्रम दोराईस्वामी से उम्मीद की जा रही है कि वे अपने अनुभव और विशेषज्ञता के जरिए भारत और चीन के बीच संबंधों को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर भारत के हितों को मजबूती से आगे बढ़ाएंगे

स्मार्टफोन की सुरक्षा अब आपके इशारे पर; फोन चोरी होने के बाद भी ऐसे सुरक्षित रहेगा आपका बैंक खाता और निजी डेटा।

नई दिल्ली । आज के डिजिटल युग में स्मार्टफोन का खो जाना किसी दुःस्वप्न से कम नहीं है, क्योंकि इसमें हमारे जीवन की पूरी कमाई, निजी दस्तावेज और संवेदनशील बैंकिंग जानकारियां समाहित होती हैं। जब फोन चोरी होता है, तो सबसे बड़ा डर डिवाइस की कीमत का नहीं, बल्कि उसमें मौजूद डेटा के दुरुपयोग का होता है। हालांकि, आधुनिक मोबाइल ऑपरेटिंग सिस्टम ने अब यूजर्स को वह ‘ब्रह्मास्त्र’ दे दिया है जिससे वे अपने फोन से मीलों दूर रहकर भी उसे एक लोहे की तिजोरी में बदल सकते हैं। चाहे आप एंड्रॉइड का उपयोग कर रहे हों या आईफोन का, तकनीकी सुरक्षा के ऐसे घेरे तैयार किए गए हैं जो आपके एक इशारे पर डिवाइस को पूरी तरह निष्क्रिय कर सकते हैं। एंड्रॉइड इकोसिस्टम में सुरक्षा की कमान एक विशेष ट्रैकिंग और लॉकिंग सेवा के हाथ में होती है। यदि आपका फोन गुम हो जाता है, तो आपको केवल किसी भी अन्य कंप्यूटर या मोबाइल के जरिए अपने मुख्य डिजिटल खाते में प्रवेश करना होता है। वहां मौजूद ‘सिक्योर डिवाइस’ का विकल्प आपके फोन को तत्काल प्रभाव से लॉक कर देता है। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि आप दूर बैठे ही अपने फोन की स्क्रीन पर एक संदेश या अपना कोई दूसरा मोबाइल नंबर फ्लैश कर सकते हैं। यह न केवल चोर के इरादों पर पानी फेर देता है, बल्कि अगर फोन किसी भले इंसान को मिला है, तो वह आपसे संपर्क भी कर सकता है। यह तकनीक आपके फोन को तब तक सुरक्षित रखती है जब तक आप स्वयं उसे अनलॉक न करें। दूसरी ओर, आईफोन धारकों के लिए सुरक्षा का स्तर और भी अधिक कड़ा है। ‘लॉस्ट मोड’ के सक्रिय होते ही एप्पल का यह डिवाइस एक डिजिटल लॉक में तब्दील हो जाता है। इस मोड की खासियत यह है कि यह डिवाइस पर मौजूद सभी भुगतान सेवाओं और कार्ड्स को तुरंत फ्रीज कर देता है, जिससे वित्तीय सेंधमारी की कोई गुंजाइश नहीं बचती। इसके अलावा, एप्पल की यह प्रणाली इतनी उन्नत है कि बिना आपकी विशिष्ट पहचान और पासवर्ड के फोन को दोबारा चालू करना या उसे रिसेट करना नामुमकिन होता है। यह तकनीक अपराधी के हाथ में मौजूद आपके महंगे फोन को एक बेकार धातु के टुकड़े में बदल देती है। हालांकि, इस सुरक्षा चक्र को प्रभावी बनाने के लिए कुछ सावधानियां पहले से बरतनी जरूरी हैं। आपके स्मार्टफोन में लोकेशन सर्विसेज और ‘फाइंड’ फीचर हमेशा ऑन रहना चाहिए। यदि कभी ऐसी स्थिति आए कि फोन मिलने की उम्मीद पूरी तरह खत्म हो जाए, तो ‘रिमोट इरेज़’ का विकल्प चुनना ही बुद्धिमानी है। यह प्रक्रिया आपके फोन के भीतर मौजूद हर एक फाइल, फोटो और अकाउंट को हमेशा के लिए मिटा देती है। हालांकि इसके बाद फोन की लोकेशन ट्रैक नहीं की जा सकेगी, लेकिन आपका डेटा पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। इस तरह की डिजिटल जागरूकता ही आज के समय में आपकी निजी और वित्तीय गोपनीयता की सबसे बड़ी रक्षक है।

तेहरान में फंसे बुजुर्ग सिख दंपति, भारत वापसी पर संकट: बीजेपी प्रवक्ता ने की अपील

नई दिल्ली । पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान में फंसे भारतीयों की वापसी को लेकर चिंता लगातार बढ़ती जा रही है इसी बीच भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाते हुए विदेश मंत्रालय से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है उन्होंने खास तौर पर तेहरान में फंसे बुजुर्ग सिख दंपतियों की स्थिति को लेकर चिंता जताई है जो इस समय वहां के गुरुद्वारा साहिब में फंसे हुए हैं शेरगिल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए अपनी अपील में कहा कि ये सिख दंपति लंबे समय से भारत लौटने का इंतजार कर रहे हैं लेकिन जरूरी अनुमति नहीं मिलने के कारण उनकी वापसी संभव नहीं हो पा रही है उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है ताकि इन परिवारों को सुरक्षित भारत लाया जा सके बताया जा रहा है कि ईरान से भारत के लिए महान एयरवेज की एक फ्लाइट 5 मई को संचालित होने वाली है लेकिन एयरलाइन ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना भारत सरकार की अनुमति के इन यात्रियों को साथ लाना संभव नहीं होगा यही कारण है कि यह मामला अब और गंभीर हो गया है और तत्काल समाधान की जरूरत महसूस की जा रही है दरअसल ईरान में हालिया हालात के चलते वहां का एयरस्पेस काफी समय तक बंद रहा था जिसकी वजह से कई लोग वहीं फंस गए थे हालांकि अब धीरे-धीरे उड़ानों का संचालन शुरू किया जा रहा है और अलग-अलग देशों के नागरिकों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया भी जारी है लेकिन कई मामलों में प्रशासनिक औपचारिकताओं के कारण देरी हो रही है इस बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के बीच हाल ही में फोन पर बातचीत भी हुई है इस बातचीत में दोनों नेताओं ने मौजूदा हालात के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की और संपर्क में बने रहने पर सहमति जताई इससे उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में फंसे भारतीयों की वापसी को लेकर कुछ सकारात्मक कदम उठाए जा सकते हैं ईरानी दूतावास की ओर से भी इस बातचीत की पुष्टि की गई है जिसमें बताया गया कि दोनों देशों के बीच सीजफायर क्षेत्रीय हालात और द्विपक्षीय संबंधों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई है ऐसे में यह कूटनीतिक संवाद भी इस पूरे मामले में अहम भूमिका निभा सकता है गौरतलब है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर सिर्फ क्षेत्रीय राजनीति तक सीमित नहीं है बल्कि आम नागरिकों की जिंदगी पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है खासकर वे लोग जो विदेश में फंसे हुए हैं उनके लिए हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं ऐसे में सरकारों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि वे अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करें फिलहाल सभी की निगाहें भारत सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही कोई ठोस निर्णय लेकर इन फंसे हुए सिख परिवारों को राहत दी जाएगी

नए कलर और दमदार फीचर्स के साथ लॉन्च हुआ iQOO Neo 10, परफॉर्मेंस और डिजाइन ने खींचा ध्यान

नई दिल्ली । स्मार्टफोन इंडस्ट्री में लगातार हो रहे बदलावों के बीच iQOO ने अपना नया डिवाइस iQOO Neo 10 पेश कर दिया है, जो अपने दमदार स्पेसिफिकेशंस और नए डिजाइन के कारण चर्चा में है। यह फोन खास तौर पर उन यूजर्स के लिए तैयार किया गया है जो हाई परफॉर्मेंस के साथ लंबी बैटरी लाइफ और फास्ट चार्जिंग को प्राथमिकता देते हैं। नए कलर ऑप्शंस ने इसके लुक को और भी आकर्षक बना दिया है, जिससे यह युवाओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इस डिवाइस को दो नए कलर वेरिएंट्स में लॉन्च किया गया है, जिनमें एक हल्का और प्रीमियम व्हाइट फिनिश है और दूसरा डार्क और मैट ब्लैक स्टाइल में आता है। व्हाइट वेरिएंट में फ्यूचरिस्टिक टच देखने को मिलता है, जबकि ब्लैक वेरिएंट ज्यादा स्टाइलिश और स्पोर्टी फील देता है। दोनों ही डिजाइन इसे एक प्रीमियम लुक देते हैं और इसे बाकी स्मार्टफोन्स से अलग बनाते हैं। कीमत की बात करें तो यह स्मार्टफोन मिड-रेंज सेगमेंट में रखा गया है और अलग-अलग रैम तथा स्टोरेज ऑप्शंस में उपलब्ध है। इसकी शुरुआती कीमत लगभग 37,999 रुपये के आसपास रखी गई है, जिससे यह अपने सेगमेंट में एक प्रतिस्पर्धी विकल्प बन जाता है। इसे विभिन्न बिक्री प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि ज्यादा से ज्यादा यूजर्स तक पहुंच बनाई जा सके। फीचर्स की बात करें तो iQOO Neo 10 में बड़ा AMOLED डिस्प्ले दिया गया है जो हाई रिफ्रेश रेट और बेहतर ब्राइटनेस सपोर्ट करता है। इससे गेमिंग और वीडियो देखने का अनुभव स्मूद और बेहतर हो जाता है। इसमें एक पावरफुल प्रोसेसर दिया गया है जो मल्टीटास्किंग और हैवी गेमिंग को आसानी से संभाल सकता है। कैमरा सेक्शन भी इस फोन का मजबूत हिस्सा है, जिसमें हाई-रेजोल्यूशन प्राइमरी कैमरा और अल्ट्रा-वाइड लेंस शामिल है। यह 4K वीडियो रिकॉर्डिंग को सपोर्ट करता है, जिससे फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी का अनुभव बेहतर हो जाता है। फ्रंट कैमरा भी साफ और शार्प इमेज क्वालिटी देता है, जो सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए उपयुक्त है। सबसे खास बात इसकी 7000mAh की बड़ी बैटरी और 120W फास्ट चार्जिंग है, जो इसे लंबे समय तक इस्तेमाल करने और बहुत कम समय में चार्ज करने की क्षमता देती है। यह फीचर खासकर उन लोगों के लिए उपयोगी है जो पूरे दिन फोन का भारी इस्तेमाल करते हैं।

खिड़की तोड़ भागीं नाबालिग, अब खुला बड़ा राज: एक फोन कॉल ने बढ़ाई पुलिस की चिंता

सतना । सतना के वन स्टॉप सेंटर से तीन नाबालिग लड़कियों के फरार होने के मामले में अब जांच ने एक नया और चौंकाने वाला मोड़ ले लिया है। शुरुआती तौर पर इसे केवल सुरक्षा में चूक माना जा रहा था, लेकिन अब सामने आए एक रहस्यमयी फोन कॉल ने पूरे घटनाक्रम को संदिग्ध बना दिया है। पुलिस को शक है कि इस फरारी के पीछे किसी बाहरी व्यक्ति की मदद हो सकती है। जानकारी के मुताबिक, खिड़की तोड़कर भागने के कई घंटे बाद सोमवार रात करीब 9 बजे एक लड़की ने सतना रेलवे स्टेशन से अपने चाचा को फोन किया। फोन पर उसने सिर्फ इतना कहा कि वह देहरादून जा रही है। यह कॉल जैसे ही खत्म हुआ, मामला और उलझ गया। परिजनों ने तुरंत इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों और पुलिस को दी, लेकिन जब पुलिस ने उसी नंबर पर दोबारा संपर्क करने की कोशिश की, तो मोबाइल बंद मिला। इस एक कॉल ने पुलिस की जांच की दिशा बदल दी। साइबर सेल की मदद से उस नंबर को सर्विलांस पर लिया गया, जिसमें लोकेशन सतना और जबलपुर के बीच ट्रेस हुई। पुलिस के अनुसार, फरार हुई लड़कियों के पास कोई मोबाइल फोन नहीं था, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कॉल किसी अन्य व्यक्ति के फोन से किया गया था। यही वजह है कि अब इस मामले में बाहरी मददगार की भूमिका की आशंका मजबूत हो गई है। जांच में यह भी सामने आया है कि फरार होने के बाद तीनों किशोरियां पूरी रात एक स्कूल परिसर में छिपी रहीं। सुबह स्कूल खुलने से पहले वे वहां से निकल गईं और दिनभर शहर में इधर-उधर घूमती रहीं। इसके बाद रात में वे रेलवे स्टेशन पहुंचीं और वहां से ट्रेन पकड़ ली। इस पूरे घटनाक्रम ने सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस बड़ी चूक के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले गार्ड को बर्खास्त कर दिया है। साथ ही, वन स्टॉप सेंटर की खिड़कियों को पक्की दीवार से बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो सके। फिलहाल पुलिस इस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। खासतौर पर उस रहस्यमयी कॉल और मोबाइल नंबर के जरिए संभावित मददगार तक पहुंचने की कोशिश जारी है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, इस पूरे घटनाक्रम के पीछे की असली कहानी सामने आने की उम्मीद है।

बूंद-बूंद से बनी मिसाल: गोचा नदी स्टॉप डैम में लौटी जलधारा, ग्रामीणों ने रचा इतिहास

भोपाल । मध्यप्रदेश में जल संरक्षण की दिशा में चल रहा जल गंगा संवर्धन अभियान अब एक जनआंदोलन का रूप लेता नजर आ रहा है। Mohan Yadav के नेतृत्व में 19 मार्च से 30 जून 2026 तक संचालित इस अभियान ने प्रदेश के गांवों में जल संरचनाओं के पुनर्जीवन को नई दिशा दी है। इसी कड़ी में Guna जिले के राघौगढ़ जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत मोररवास में एक प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है, जहां जनसहभागिता ने असंभव को संभव कर दिखाया। मोररवास गांव के पास बहने वाली गोचा नदी पर बना स्टॉप डैम लंबे समय से अपनी उपयोगिता खो चुका था। वर्षा का पानी यहां रुकने के बजाय बहकर निकल जाता था, जिससे आसपास के ग्रामीणों और पशुधन को पानी का लाभ नहीं मिल पाता था। जल संकट धीरे-धीरे गंभीर होता जा रहा था और यह डैम केवल एक सूखी संरचना बनकर रह गया था। लेकिन ग्रामीणों ने हार नहीं मानी और सामूहिक प्रयासों से इस स्थिति को बदलने का संकल्प लिया। स्थानीय ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से महज 50 हजार रुपये की जनसहयोग राशि एकत्रित की गई। 6 से 11 अप्रैल के बीच बोरी बंधान का कार्य पूरा किया गया। यह छोटा सा प्रयास बड़ा बदलाव लेकर आया। अब स्टॉप डैम में पानी का ठहराव बढ़ गया है और जल संग्रहण की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। जहां पहले सूखा नजर आता था, वहीं अब पानी की सतह स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगी है। इस पूरे अभियान की सबसे खास बात रही ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी। गांव के लोगों ने श्रमदान कर न केवल इस कार्य को पूरा किया, बल्कि जल संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभाई। यह पहल केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि जागरूकता और सामूहिक जिम्मेदारी का प्रतीक बन गई है। हर व्यक्ति ने इसमें अपनी भूमिका निभाई और जल की हर बूंद को बचाने का संदेश दिया। इस प्रयास का सीधा लाभ अब पशुधन और वन्य जीवों को भी मिल रहा है। पहले जहां पानी के अभाव में मवेशियों को दूर-दूर तक भटकना पड़ता था, वहीं अब उन्हें स्थानीय स्तर पर ही पर्याप्त पानी उपलब्ध हो रहा है। इससे न केवल ग्रामीण जीवन आसान हुआ है, बल्कि पर्यावरण संतुलन को भी मजबूती मिली है। गोचा नदी स्टॉप डैम का यह सफल पुनर्जीवन पूरे प्रदेश के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल बनकर उभरा है। यह उदाहरण बताता है कि यदि जनसहभागिता, सकारात्मक सोच और सामूहिक प्रयास हों, तो जल संकट जैसी बड़ी चुनौती का भी समाधान संभव है। जल गंगा संवर्धन अभियान के माध्यम से यह संदेश साफ है कि जब समाज और शासन मिलकर काम करते हैं, तो बदलाव निश्चित होता है।

विवाद के बाद फिर एक मंच पर दिखेंगे समय रैना और रणवीर अल्लाहबादिया, कपिल शर्मा शो में होगी खास मुलाकात

नई दिल्ली । मनोरंजन जगत में अक्सर ऐसे पल सामने आते हैं जब पुराने विवादों की परछाइयाँ नए मंच पर भी लोगों की उत्सुकता बढ़ा देती हैं। ऐसा ही कुछ अब एक बार फिर देखने को मिलने वाला है, जहां समय रैना और रणवीर अल्लाहबादिया लंबे समय बाद एक ही मंच पर नजर आने वाले हैं। कुछ समय पहले दोनों कलाकार एक विवाद को लेकर सुर्खियों में आए थे, जिसने सोशल मीडिया से लेकर पूरे मनोरंजन जगत तक काफी हलचल पैदा कर दी थी। उस घटना के बाद दोनों ने अलग-अलग समय पर सार्वजनिक रूप से अपने अनुभव साझा किए थे और काफी समय तक दोनों की मौजूदगी एक साथ नहीं देखी गई थी। अब स्थिति बदल चुकी है और दोनों फिर से एक कॉमेडी मंच पर साथ दिखाई देंगे। यह मुलाकात किसी साधारण कार्यक्रम में नहीं बल्कि एक लोकप्रिय कॉमेडी शो के मंच पर होने जा रही है, जहां हास्य और मनोरंजन का माहौल पहले से ही बना रहता है। जारी किए गए प्रोमो में इस मुलाकात की झलक साफ तौर पर देखी जा सकती है। समय रैना मंच पर आते हुए उत्साहित नजर आते हैं, लेकिन जैसे ही उन्हें पता चलता है कि उनके साथ अगला गेस्ट कौन होगा, माहौल अचानक बदल जाता है। रणवीर अल्लाहबादिया की एंट्री होती है, जो अपने अंदाज में मंच पर आते हैं और पूरे माहौल को हल्का-फुल्का बनाने की कोशिश करते हैं। इस दौरान समय रैना की प्रतिक्रिया दर्शकों का ध्यान खींचती है, जहां वे आश्चर्य और मजाकिया अंदाज में अपनी भावनाएं व्यक्त करते नजर आते हैं। यह पल शो में एक मनोरंजक ट्विस्ट जोड़ देता है, जिसे देखकर दर्शकों में भी उत्सुकता बढ़ जाती है कि आगे क्या होने वाला है। यह वही जोड़ी है जो पहले एक विवाद के चलते चर्चा में रही थी। उस समय एक शो के दौरान कही गई बात को लेकर मामला काफी बढ़ गया था और यह सोशल मीडिया से लेकर कानूनी चर्चाओं तक पहुंच गया था। उस घटना के बाद दोनों को काफी आलोचना और दबाव का सामना करना पड़ा था। हालांकि समय के साथ दोनों ने अपने-अपने स्तर पर आगे बढ़ने की कोशिश की और अपने काम पर फिर से ध्यान केंद्रित किया। अब इतने समय बाद उनका एक ही मंच पर आना दर्शकों के लिए एक बड़ा सरप्राइज माना जा रहा है। कॉमेडी शो हमेशा से ऐसे पलों के लिए जाना जाता है जहां कलाकार अपनी असली जिंदगी से अलग होकर दर्शकों को हंसाने की कोशिश करते हैं। ऐसे में यह एपिसोड भी मनोरंजन और हास्य से भरपूर होने की उम्मीद है। अब देखने वाली बात यह होगी कि यह मुलाकात केवल मनोरंजन तक सीमित रहती है या फिर यह दर्शकों के बीच किसी नई चर्चा को जन्म देती है। फिलहाल दर्शकों की नजरें इस खास एपिसोड पर टिकी हुई हैं, जो जल्द ही प्रसारित होने वाला है और पहले से ही काफी चर्चा में बना हुआ है।