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महाकाल की अलौकिक भस्म आरती में गूंजा उज्जैन आस्था और दिव्यता का अद्भुत संगम

उज्जैन । उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शुक्रवार तड़के वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि पर भस्म आरती का दिव्य आयोजन हुआ जहां आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला सुबह लगभग चार बजे मंदिर के कपाट खुलते ही पूरा वातावरण मंत्रोच्चार और घंटियों की ध्वनि से गूंज उठा और भक्तों में बाबा महाकाल के दर्शन की अपार उत्सुकता दिखाई दी कपाट खुलने के बाद मंदिर के पुजारियों द्वारा गर्भगृह में स्थापित सभी देवी देवताओं का विधिवत पूजन किया गया इसके पश्चात भगवान महाकाल का पवित्र जल से अभिषेक आरंभ हुआ जो आगे चलकर दूध दही घी शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से संपन्न किया गया इस अभिषेक के दौरान वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया और हर ओर हर हर महादेव के जयकारे गूंजने लगे अभिषेक के बाद भगवान महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया जिसमें भांग चंदन और सुगंधित पुष्पों का उपयोग कर उन्हें अत्यंत आकर्षक रूप प्रदान किया गया इसके साथ ही उनके मस्तक पर चंद्र त्रिशूल और डमरु अर्पित कर दिव्यता का अद्भुत प्रतीक प्रस्तुत किया गया श्रृंगार के इस चरण में रजत आभूषणों का विशेष महत्व रहा जिसमें शेषनाग का रजत मुकुट रजत की मुण्डमाल और रुद्राक्ष की मालाएं शामिल रहीं इन सबके साथ पुष्पों की मालाओं से भगवान का अलंकरण कर उन्हें अत्यंत मनोहारी स्वरूप दिया गया भस्म आरती की प्रक्रिया शुरू होने से पहले प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया और मंत्रोच्चार के बीच भगवान का ध्यान किया गया इसके बाद कपूर आरती की गई जिससे पूरा गर्भगृह दिव्य प्रकाश से आलोकित हो उठा कपूर आरती के पश्चात ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर पवित्र भस्म अर्पित की गई जो इस आरती का सबसे महत्वपूर्ण और विशिष्ट भाग माना जाता है सुबह के इस पावन समय में सैकड़ों श्रद्धालु मंदिर परिसर में उपस्थित रहे जिन्होंने भस्म आरती के दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस किया भक्तों के चेहरों पर श्रद्धा और संतोष का भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था इस दौरान श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के दर्शन कर उनके कान के समीप जाकर अपनी मनोकामनाएं व्यक्त कीं और आशीर्वाद प्राप्त किया पूरे मंदिर परिसर में बाबा महाकाल की जयकारों से गूंजती ध्वनि ने वातावरण को और भी अधिक आध्यात्मिक बना दिया हर ओर भक्ति की ऊर्जा और आस्था का प्रवाह देखने को मिला यह भस्म आरती केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि श्रद्धालुओं के लिए आत्मिक शांति और दिव्यता का अनुभव करने का माध्यम बन गई इस प्रकार महाकाल की भस्म आरती ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि उज्जैन का यह पावन धाम केवल एक मंदिर नहीं बल्कि श्रद्धा और विश्वास का जीवंत केंद्र है जहां हर दिन हजारों भक्त अपनी आस्था लेकर आते हैं और बाबा महाकाल के आशीर्वाद से स्वयं को कृतार्थ महसूस करते हैं

पश्चिम एशिया संकट के बीच ईरान ने पेट्रोकेमिकल उत्पादों के निर्यात पर लगाया पूर्ण प्रतिबंध….

तेहरान। इजरायल (Israel) द्वारा ईरान (Iran) के प्रमुख औद्योगिक बुनियादी ढांचे पर किए गए सटीक हमलों की श्रृंखला के बाद ईरानी सरकार ने घरेलू आपूर्ति (Household Supplies) की सुरक्षा के लिए पेट्रोकेमिकल उत्पादों के निर्यात (Petrochemical Products export) पर पूर्ण प्रतिबंध (Complete ban) लगा दिया है। राष्ट्रीय पेट्रोकेमिकल कंपनी के डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों के लिए जिम्मेदार एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को जारी निर्देश में सभी पेट्रोकेमिकल कंपनियों को अगले आदेश तक निर्यात निलंबित करने का आदेश दिया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब इस्लामी गणराज्य हालिया संघर्षों से उत्पन्न उत्पादन व्यवधानों से अपने घरेलू विनिर्माण आधार को बचाने की कोशिश कर रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रतिबंध का मुख्य उद्देश्य हालिया हमलों से हुए नुकसान के बाद घरेलू बाजारों को स्थिर करना और विभिन्न उद्योगों को कच्चे माल की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करना है। तेहरान उम्मीद कर रहा है कि इन सामग्रियों के अंतरराष्ट्रीय निर्यात को रोककर वह घरेलू स्तर पर औद्योगिक संकट को रोकेगा। दरअसल, हाल के हफ्तों में इजरायल ने ईरान के असलुयेह (साउथ पार्स) और महशहर स्थित प्रमुख पेट्रोकेमिकल उत्पादन केंद्रों को निशाना बनाया। इन हमलों में विशेष रूप से पेट्रोकेमिकल संयंत्रों को बिजली, पानी और ऑक्सीजन जैसी उपयोगिताएं प्रदान करने वाली कंपनियों पर हमला किया गया, जिससे उत्पादन बुरी तरह बाधित हो गया। इस आंतरिक उत्पादन संकट को और गंभीर बनाने वाला कारक समुद्री क्षेत्र में बढ़ता नाकाबंदी का दबाव भी है। अमेरिकी सेना ने ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने वाले जहाजों की आवाजाही रोकने के लिए अभियान शुरू किया है, जिसका मकसद ईरान के निर्यात राजस्व को कम करना और तेहरान पर दबाव बढ़ाना है। दोनों पक्ष मौजूदा युद्धविराम के दौरान शांति वार्ता के अगले दौर पर विचार कर रहे हैं। क्षेत्रीय अस्थिरता के बावजूद ईरानी सरकार आंतरिक स्थिरता की छवि पेश करने का प्रयास कर रही है। न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, वैश्विक कीमतों में उछाल के बावजूद पेट्रोकेमिकल और संबंधित उत्पादों की घरेलू कीमतें संघर्ष से पहले के स्तर पर बरकरार हैं। यह नीति स्थानीय उपभोक्ताओं और कारखानों को मुद्रास्फीति के झटके से बचाने के लिए अपनाई गई है। हालांकि, इस रोक का ईरानी अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ने की आशंका है। न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरान प्रतिवर्ष लगभग 29 मिलियन टन पेट्रोकेमिकल उत्पादों का निर्यात करता है, जिससे करीब 13 अरब अमेरिकी डॉलर का राजस्व प्राप्त होता है। विदेशी मुद्रा के इस बड़े नुकसान के बावजूद सरकार ने घरेलू जरूरतों और अस्तित्व को प्राथमिकता देते हुए निर्यात निलंबित करने का फैसला लिया है।

Air India को घाटे से उबारने की कवायद….. एयरलाइंस पार्टनर से मिले टाटा के चेयरमैन चंद्रशेखरन

नई दिल्ली। घाटे में चल रही एयर इंडिया (Air India) को लेकर टाटा समूह (Tata Group) एक्शन मोड में है। इसी कड़ी में सिंगापुर एयरलाइंस (Singapore Airlines.) के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) गोह चून फोंग और टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के बीच मुलाकात भी हुई है। माना जा रहा है कि दोनों पक्षों ने घाटे में चल रही एयर इंडिया के मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की। फोंग सुबह टाटा समूह के मुख्यालय बॉम्बे हाउस पहुंचे और शाम को रवाना हो गए। एक सूत्र ने बताया कि उन्होंने एयर इंडिया के चेयरमैन चंद्रशेखरन और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की। टाटा समूह के अधिकारियों के साथ हुई बैठकों के बारे में फिलहाल कोई विस्तृत जानकारी नहीं मिल सकी है। बता दें कि टाटा समूह ने जनवरी, 2022 में भारत सरकार से एयर इंडिया का अधिग्रहण किया था और बाद में सिंगापुर एयरलाइंस ने विमानन कंपनी में 25.1 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी थी। प्रतिबंधों से पड़ा असरयह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब एयर इंडिया कई चुनौतियों का सामना कर रही है जिनमें पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध से बढ़ती परिचालन लागत और करीब एक वर्ष से पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र के बंद रहने का प्रभाव शामिल है। इन प्रतिबंधों के कारण महत्वाकांक्षी बदलाव योजना के तहत काम कर रही विमानन कंपनी को लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए लंबा मार्ग अपनाना पड़ रहा है जिससे ईंधन खपत एवं खर्च बढ़ गया है। सीईओ का इस्तीफाइस महीने की शुरुआत में एयर इंडिया ने घोषणा की थी कि उसके सीईओ एवं प्रबंध निदेशक कैंपबेल विल्सन पद छोड़ेंगे। एयरलाइन ने उनके उत्तराधिकारी की तलाश के लिए एक समिति का गठन किया है। न्यूजीलैंड मूल के विल्सन पिछले चार वर्ष से टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया के सीईओ एवं प्रबंध निदेशक के रूप में कार्य कर रहे हैं। बता दें कि एयरलाइन की लंदन जाने वाली उड़ान के पिछले साल अहमदाबाद में दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद विल्सन की आलोचना भी हुई थी। इस हादसे में 250 से अधिक लोगों की जान गई थी। इसके अलावा कई मौकों पर सुरक्षा मानकों के कथित उल्लंघन को लेकर भी उन पर सवाल उठे थे। 31 मार्च, 2026 को समाप्त वित्त वर्ष में एयर इंडिया को 22,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान होने का अनुमान है। एयर इंडिया का प्रदर्शन सिंगापुर एयरलाइंस के लिए भी वित्तीय दबाव का कारण बन रहा है। ऐसे में यह मुलाकात काफी अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस मुलाकात में एयर इंडिय को घाटे से उबारने के मुद्दे पर जोर दिया गया है।

पाकिस्तान में आतंकियों पर ‘मौत का साया’: हाफिज के करीबी हमजा पर हमला, रहस्यमयी 'धुरंधर' से दहशत

नई दिल्ली। पाकिस्तान में पनाह लिए भारत के मोस्ट वॉन्टेड आतंकियों के लिए अज्ञात हमलावर लगातार खतरा बनते जा रहे हैं। बीते बुधवार को प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के संस्थापक सदस्य और हाफिज सईद के करीबी आमिर हमजा को लाहौर में निशाना बनाया गया। पुलिस के मुताबिक, मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। गंभीर रूप से घायल हमजा को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। रहस्यमयी हमलों से आतंकियों में खौफपिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे संगठनों के कई बड़े आतंकियों की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या हुई है। स्थानीय मीडिया अक्सर इन घटनाओं के पीछे अज्ञात बंदूकधारियों का हाथ बताता है। खासकर 2023 के बाद ऐसे मामलों में तेजी आई, जब सात महीनों में सात बड़े आतंकी मारे गए। ‘अनजान शिकारी’ के निशाने पर बड़े नामइन हमलों में कई कुख्यात आतंकी ढेर हो चुके हैं—मोहम्मद ताहिर अनवर: जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर का भाई, जिसकी हाल ही में संदिग्ध मौत हुई।अबू कतल (कतल सिंधी): हाफिज सईद का करीबी और 2024 रियासी हमले का मास्टरमाइंड, मार्च 2023 में मारा गया।शाहिद लतीफ: 2016 पठानकोट हमले का मुख्य आरोपी, अक्टूबर 2023 में सियालकोट में ढेर।परमजीत सिंह पंजवड़: मई 2023 में लाहौर में सुबह की सैर के दौरान गोली मार दी गई।मुफ्ती कैसर फारूक: हाफिज सईद का सहयोगी, कराची में अक्टूबर 2023 में निशाना बनाया गया।ख्वाजा शाहिद (मियां मुजाहिद): PoK से अगवा, बाद में सिर कटी लाश बरामद हुई।अकरम खान गाजी: लश्कर की भर्ती से जुड़ा चेहरा, नवंबर 2023 में बाइक सवार हमलावरों ने मार डाला। पुराने मामलों का भी हो रहा हिसाबयह सिलसिला केवल हाल के आतंकियों तक सीमित नहीं है। 1999 के IC-814 विमान अपहरण कांड के एक मुख्य आरोपी मिस्त्री जहूर इब्राहिम को भी मार्च 2022 में कराची में मार दिया गया था। वह लंबे समय से फर्जी पहचान के साथ छिपा हुआ था, लेकिन हमलावरों से बच नहीं सका।कौन है इन हमलों के पीछे? बना हुआ है रहस्यलगातार हो रही इन घटनाओं ने पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। वहीं, आतंकी संगठनों के बीच डर का माहौल गहराता जा रहा है। इन हमलों को अंजाम देने वाला ‘धुरंधर’ कौन है, यह अब तक साफ नहीं हो सका है, जिससे यह रहस्य और भी गहरा हो गया है।

कर्नाटक में रोहित वेमुला विधेयक को मंजूरी, जातिगत भेदभाव पर छात्रों को मुआवजा और सजा का प्रावधान

बंगलूरू। कर्नाटक सरकार ने गुरुवार को कैबिनेट बैठक में ‘कर्नाटक रोहित वेमुला (बहिष्कार या अन्याय की रोकथाम) (शिक्षा का अधिकार और गरिमा) विधेयक’ को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही राज्य सरकार ने बंगलूरू में कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और प्रशासनिक प्रस्तावों को भी हरी झंडी दी। यह जानकारी कानून और संसदीय कार्य मंत्री एच.के. पाटिल ने दी। मंत्री ने बताया कि इस विधेयक को पहले स्थगित कर दिया गया था, लेकिन अब इसे कैबिनेट की स्वीकृति मिल गई है। प्रस्तावित कानून के तहत उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव का शिकार होने वाले छात्रों को अधिकतम एक लाख रुपये तक मुआवजा देने का प्रावधान किया गया है। वहीं दोषी पाए जाने पर एक साल तक की सजा और 10 हजार रुपये तक जुर्माना भी लगाया जा सकेगा। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने पिछले साल अप्रैल में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को पत्र लिखकर ‘रोहित वेमुला अधिनियम’ लागू करने की मांग की थी, ताकि शिक्षा संस्थानों में जातिगत भेदभाव पर रोक लगाई जा सके। रोहित वेमुला एक दलित छात्र थे, जिनकी 2016 में हैदराबाद में कथित भेदभाव के चलते आत्महत्या से मौत हो गई थी। कैबिनेट बैठक में बंगलूरू के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए भी कई अहम फैसले लिए गए। इनमें आईओसी जंक्शन पर एलिवेटेड फ्लाईओवर और बयप्पनहल्ली रेलवे क्रॉसिंग पर दो-लेन रेल ओवरब्रिज के निर्माण को मंजूरी शामिल है। इन परियोजनाओं के लिए करीब 436.44 करोड़ रुपये की लागत तय की गई है और प्रशासनिक स्वीकृति भी प्रदान कर दी गई है। इसके अलावा, सरकार ने 13,262 करोड़ रुपये की लागत से 11 एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है। ये कॉरिडोर करीब 75.6 किलोमीटर लंबे होंगे और इन्हें ग्रेटर बंगलूरू प्राधिकरण के तहत विकसित किया जाएगा। साथ ही सरकार ने 2023 की इंटरमीडिएट रिंग रोड योजना को रद्द करते हुए 2007 की योजना को मामूली संशोधनों के साथ लागू करने का निर्णय लिया है।

MP में गर्मी ने दिखाए तीखे तेवर, 43 डिग्री के पार पहुंचा तापमान, आज 20 जिलों में लू का अलर्ट

भोपाल। मध्य प्रदेश में गर्मी ने तेज रूप धारण कर लिया है। शुक्रवार को प्रदेश के 20 जिलों में हीट वेव (लू) चलने की चेतावनी जारी की गई है। इन जिलों में रतलाम, झाबुआ, धार, अलीराजपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट शामिल हैं। मौसम विभाग के अनुसार 19 और 20 अप्रैल को कुछ इलाकों में बारिश की संभावना भी जताई गई है। गर्मी के चलते स्कूलों का समय बदलाअनूपपुर में बढ़ते तापमान को देखते हुए स्कूलों का समय सुबह 7 बजे से दोपहर 12 बजे तक कर दिया गया है। वहीं, डिंडौरी में नर्सरी से लेकर 8वीं कक्षा तक के स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक संचालित किए जाएंगे।नर्मदापुरम सबसे गर्म, कई जिलों में लू जैसे हालातगुरुवार को नर्मदापुरम का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन का सबसे अधिक रहा। इसके अलावा रतलाम, धार, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट में भी लू जैसी स्थिति बनी रही।कई शहरों में 40 डिग्री के पार पारानर्मदापुरम के बाद रतलाम दूसरा सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.8 डिग्री दर्ज किया गया। दमोह और मंडला में 42 डिग्री, शाजापुर में 41.8 डिग्री, गुना में 41.7 डिग्री, मलाजखंड, टीकमगढ़ और छिंदवाड़ा में 41.5 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। इसके अलावा उमरिया और श्योपुर में 41.4 डिग्री, धार और खजुराहो में 41 डिग्री, सतना में 40.9 डिग्री, खरगोन में 40.8 डिग्री, सागर में 40.7 डिग्री, दतिया और सीधी में 40.6 डिग्री, खंडवा और बैतूल में 40.5 डिग्री, सिवनी और रीवा में 40.4 डिग्री तथा नौगांव में 40.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। बड़े शहरों में भी गर्मी का असरप्रदेश के प्रमुख शहरों में जबलपुर सबसे गर्म रहा, जहां तापमान 41.4 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल और ग्वालियर में 40.5 डिग्री, इंदौर में 40.1 डिग्री और उज्जैन में 40.7 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। अभी और बढ़ेगी गर्मी, सावधानी जरूरीमध्य प्रदेश में अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से ही गर्मी तेज होने लगती है और महीने के अंत तक तापमान अक्सर नए रिकॉर्ड बना देता है। इस बार भी तापमान में और वृद्धि की संभावना जताई जा रही है। मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। दिनभर पर्याप्त पानी पीने, शरीर को हाइड्रेट रखने, दोपहर में तेज धूप से बचने और हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी गई है। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को अतिरिक्त ध्यान रखने की जरूरत है।

लौकी का रायता गर्मियों में शरीर को ठंडक और आराम देने में सहायक..

नई दिल्ली:गर्मियों के मौसम में हल्का, ठंडा और सुपाच्य भोजन शरीर को आराम देने के साथ साथ पाचन तंत्र को भी संतुलित रखने में मदद करता है। ऐसे समय में लौकी का रायता एक बेहतरीन विकल्प माना जाता है, जो स्वाद और सेहत दोनों का संतुलन बनाए रखता है। यह डिश न केवल गर्मी में शरीर को ठंडक प्रदान करती है बल्कि भोजन को हल्का और पौष्टिक भी बनाती है। लौकी को सामान्यतः लोग ज्यादा पसंद नहीं करते, लेकिन जब इसे रायते के रूप में तैयार किया जाता है तो इसका स्वाद पूरी तरह बदल जाता है। दही और मसालों के साथ मिलकर यह एक ऐसा व्यंजन बनता है जो हर उम्र के लोगों को आसानी से पसंद आ सकता है। यह लंच और डिनर दोनों के साथ परोसा जा सकता है और गर्मियों में थाली को संतुलित बनाता है। लौकी रायता बनाने की प्रक्रिया भी सरल होती है। इसके लिए सबसे पहले लौकी को अच्छे से छीलकर कद्दूकस किया जाता है और हल्के नमक के साथ कुछ मिनट तक उबाला जाता है ताकि वह नरम हो जाए। इसके बाद इसे ठंडा करके अतिरिक्त पानी निकाल दिया जाता है ताकि रायता पतला न हो। इसके बाद ताजा और ठंडे दही को अच्छी तरह फेंटकर स्मूद बनाया जाता है ताकि उसमें कोई गांठ न रहे। दही में भुना जीरा पाउडर, काला नमक, सामान्य नमक और बारीक कटी हरी मिर्च मिलाकर बेस तैयार किया जाता है। यह मिश्रण रायते को स्वाद और संतुलित स्वाद प्रोफाइल देता है। अब ठंडी की गई लौकी को इस दही के मिश्रण में धीरे धीरे मिलाया जाता है ताकि सभी सामग्री अच्छे से एकसार हो जाएं। ऊपर से हरा धनिया डालकर इसे सजाया जाता है, जिससे इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है। चाहें तो हल्का लाल मिर्च पाउडर भी स्वाद के अनुसार मिलाया जा सकता है। यह रायता न केवल स्वादिष्ट होता है बल्कि गर्मियों में शरीर को ठंडक देने में भी मदद करता है। दही और लौकी दोनों ही पाचन के लिए फायदेमंद माने जाते हैं, जिससे यह व्यंजन हल्के और हेल्दी भोजन के रूप में अच्छा विकल्प बन जाता है। गर्मियों में ऐसे व्यंजन शरीर को हाइड्रेट रखने और भारी भोजन से बचाने में मदद करते हैं। लौकी का रायता इसी कारण से कई घरों में खास पसंद किया जाता है और यह रोजमर्रा के भोजन का हिस्सा आसानी से बन सकता है।

क्यूबा के राष्ट्रपति की दो टूक…. बोले- US ने सैन्य कार्रवाई की तो उनका देश जवाब देने को तैयार….

हवाना। क्यूबा के राष्ट्रपति मिगेल डियाज-कैनेल (Cuban President Miguel Diaz-Canel) ने गुरुवार को कहा कि क्यूबा (Cuba) नहीं चाहता कि अमेरिका (America) उस पर सैन्य कार्रवाई करे। उन्होंने कहा, अगर ऐसा होता है तो उनका देश लड़ने के लिए तैयार है। डियाज-कैनेल ने यह बात एक रैली में कही, जिसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए थे। यह रैली क्यूबा की क्रांति के 65 साल पूरे होने पर आयोजित की गई थी, जब क्यूबा ने खुद को समाजवादी देश घोषित किया था। डियाज-कैनेल ने कहा, यह बेहद चुनौतीपूर्ण समय है और हमें एक बार फिर गंभीर खतरों का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा, जैसे 16 अप्रैल 1961 को थे। इन खतरों में (संभावित) सैन्य हमला भी शामिल है। हम यह नहीं चाहते, लेकिन इससे बचने के लिए तैयारी करना हमारा कर्तव्य है और अगर यह टालना संभव न हो, तो हमें इसे हराना होगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने क्या चेतावनी दी?उन्होंने यह बात ऐसे समय में कही, जब दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है। अमेरिका की ऊर्जा नाकेबंदी के कारण क्यूबा का संकट और गहरा गया है। इस हफ्ते की शुरुआत में ट्रंप ने कहा था कि ईरान के साथ जंग खत्म होने के बाद उनका प्रशासन क्यूबा पर फोकस कर सकता है। उन्होंने कहा, हम इसे खत्म करने के बाद क्यूबा की ओर भी जा सकते हैं। उन्होंने क्यूबा को ‘विफल देश’ बताया और कहा कि यह लंबे समय से खराब तरीके से चलाया जा रहा है। जनवरी के शुरुआत में ट्रंप ने पहले भी क्यूबा में दखल की धमकी दी थी, जब अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला पर हमला किया और वहां से आने वाले तेल की आपूर्ति रोक दी। कुछ हफ्तों बाद ट्रंप ने उन देशों पर टैरिफ लगाने की धमकी दी, जो क्यूबा को तेल बेचते हैं या उपलब्ध कराते हैं। ट्रंप और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के माता-पिता 1950 के दशक में क्रांति से पहले क्यूबा से प्रवास कर गए थे। दोनों ने क्यूबा की सरकार को अक्षम और दमनकारी बताया है। डियाज-कैनेल ने उन पर आरोप लगाया कि वे एक ऐसा ‘कहानी’ बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसका कोई आधार नहीं है। उन्होंने कहा, क्यूबा असफल देश नहीं है। क्यूबा एक घिरा हुआ देश है। क्यूबा एक ऐसा देश है, जो कई तरह के हमलों का सामना कर रहा है। इनमें आर्थिक युद्ध, कड़ी नाकेबंदी और ऊर्जा नाकेबंदी शामिल हैं। उन्होंने कहा, क्यूबा एक ऐसा देश है जिसे धमकाया जाता रहा है, लेकिन वह झुकता नहीं है। हर चीज के बावजूद समाजवाद की वजह से क्यूबा एक ऐसा देश है, जो संघर्ष करता है, आगे बढ़ता है और याद रखिए, यह देश जीतकर रहेगा। क्यूबा और अमेरिका दोनों ने माना है कि तनाव कम करने के लिए बातचीत चल रही है। लेकिन इसके बारे में कोई जानकारी साझा नहीं की गई है। क्यूबा के राष्ट्रपति ने क्रांति से मिली उपलब्धियों को भी याद किया। उन्होंने कहा कि देश की समाजवादी व्यवस्था के कारण निशुल्क शिक्षा मिली है, जिससे हजारों पेशेवर तैयार हुए। लेकिन अब संकट के कारण उनमें से कई लोगों को देश छोड़ना पड़ा है।

इस्राइल के विदेश मंत्री बोले- 'हमास का लश्कर से संबंध….. भारत इसे आतंकवादी संगठन घोषित करे

तेल अवीव। इस्राइल के विदेश मंत्री गिदोन सार (Israeli Foreign Minister Gideon Saar) ने कहा कि यरूशलम और नई दिल्ली (Jerusalem and New Delhi) के बीज संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंधों में सकारात्मक बदलाव दिख रहा है। गिदोन सार ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया कि उन्होंने एक वैश्विक प्रतिनिधिमंडल के साथ जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि उन्हें दुनिया भर से आए सम्मानित हिंदू नेताओं के एक समूह को जानकारी देने का अवसर मिला। इस बातचीत में उन्होंने क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति और इस्राइल से जुड़े संघर्ष की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस्राइल पिछले ढाई साल से इस्लामी चरमपंथ के खिलाफ एक गंभीर युद्ध लड़ रहा है, जिसका लक्ष्य इस्राइल को खत्म करना है। उन्होंने इसे एक ‘बहुत बड़ा खतरा’ बताया। सार ने यह भी कहा कि इस्राइल ने कई मोर्चों पर बढ़त हासिल की है और उसने इस्लामी चरमपंथ के ‘आतंकी नेटवर्क’ को काफी कमजोर किया है, जिसका नेतृत्व ईरान करता है। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष का असर पश्चिम एशिया से बाहर भी देखने को मिलेगा। भारत के साथ सुरक्षा सहयोग का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि भारत को हमास को एक आतंकवादी संगठन घोषित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमास के संबंध अन्य चरमपंथी संगठनों से हैं, जिनमें लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) भी शामिल है। इस्राइली विदेश मंत्री ने कहा कि इस तरह के संगठनों के बीच वैश्विक स्तर पर जुड़ाव है और ये मिलकर काम करते हैं। इस्राइल पहले ही लश्कर-ए-तैयबा को आतंकवादी संगठन घोषित कर चुका है और वह चाहता है कि भारत भी हमास को उसी तरह सूचीबद्ध करे। इस्राइल के विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारत सरकार इन नेटवर्क और उनके संबंधों के बारे में जानकारी रखती है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के आईआरजीसी, हमास और हिजबुल्ला जैसे संगठन अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क की मदद से हमले करते हैं। अधिकारी ने कहा कि आमतौर पर ईरानी एजेंट सीधे यूरोप में हमला नहीं करते, बल्कि वे किसी स्थानीय आपराधिक समूह के जरिये हमला करवाते हैं। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि अगर भारत सिर्फ यह घोषणा भी करता है, तो इसका वैश्विक स्तर पर बड़ा असर होगा, क्योंकि बांग्लादेश, पाकिस्तान और मालदीव जैसे देश भारत के रुख को देखते हैं और उसी के अनुसार प्रतिक्रिया देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इससे यह संदेश जाएगा कि भारत की जमीन पर ऐसे किसी भी व्यक्ति को काम करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

मुकेश अंबानी को पीछे छोड़ गौतम अडानी बने एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति… .

नई दिल्ली। रिलायंस के चेयरमैन (Reliance Chairman) मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) से अडानी ग्रुप (Adani Group) के मालिक गौतम अडानी (Gautam Adani) ने उनके सिर से एशिया और भारत के सबसे बड़े रईस शख्स (Asia and India Richest People) का ताज छीन लिया है। ब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स (Bloomberg Billionaires Index) के मुताबिक गुरुवार को गौतम अडानी पर डॉलर की बारिश हुई। उनकी संपत्ति 3.56 अरब डॉलर बढ़कर 92.6 अरब डॉलर पर पहुंच गई। जबकि, मुकेश अंबानी का नेटवर्थ अडानी से कम 90.8 अरब डॉलर रह गया। अडानी अब दुनिया के अमीरों की लिस्ट में 19वें स्थान पर पहुंच गए हैं और अंबानी 20वें पोजीशन पर खिसक गए हैं। अडानी ने अंबानी को कैसे पछाड़ाअडानी और अंबानी के नेटवर्थ का बड़ा हिस्सा उनकी कंपनियों के शेयरों से आता है। गुरुवार को अडानी ग्रुप के शेयर उछाल के साथ बंद हुए। इसका असर अडानी के नेटवर्थ पर पड़ा। अडानी ग्रुप के शेयरों में अडानी पोर्ट्स 2.20 पर्सेंट उछला, अडानी ग्रीन में 2.44 प्रतिशत की तेजी रही। अडानी एंटरप्राइजेज 3.06%, अडानी एनर्जी 4.86%, अडानी पावर 5.84% उछला। इसी तरह अडानी ग्रुप के अन्य शेयर भी बढ़त के साथ बंद हुए। जबकि, अंबानी की कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में 0.13 प्रतिशत की मामूली बढ़त हुई। गुरुवार को अंबानी संपत्ति में केवल 76.7 मिलियन डॉलर का ही इजाफा हुआ। दूसरी ओर अडानी की संपत्ति में 3.56 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई और अडानी को कुल नेटवर्थ अंबानी के नेटवर्थ से ज्यादा हो गया। अरबपतियों के टॉप-10 लिस्ट में भी उथल-पुथलब्लूमबर्ग बिलेनियर इंडेक्स के टॉप-10 अरबपतियों की लिस्ट में अब कुल 6 लोग 200 अरब डॉलर क्लब में शामिल हो गए हैं। लैरी एलिसन की संपत्ति में गुरुवार को भारी इजाफा हुआ। उनका नेटवर्थ 8.46 अरब डॉलर उछला है। अब इस क्लब में सबसे ऊपर और दुनिया सबसे अमीर एलन मस्क है। इनके बाद लैरी पेज, जेफ बजोस, सर्गी ब्रिन, मार्क जुकरबर्ग और लैरी एलिसन हैं। दुनिया के अमीरों की टॉप-10 लिस्ट में कौन-कौन हैंब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स में सबसे ऊपर 656 अरब डॉलर के साथ एलन मस्क हैं। लैरी पेज के पास 286 अरब डॉल कर संपत्ति है। जेफ बेजोस 269 अरब डॉलर के साथ तीसरे स्थान पर हैं। चौथे स्थान पर सर्गी ब्रिन हैं। इनका नेटवर्थ 266 अरब डॉलर है। मार्क जुकरबर्ग 5वें नंबर पर हैं और इनके पास कुल 239 अरब डॉलर की संपत्ति है। लैरी एलिसन 230 अरब डॉलर के साथ छठे स्थान पर हैं। टॉप-10 अरबपतियों में माइकल डेल ने 5.19 अरब डॉलर की छलांग लगाकर 7वां स्थान हासिल किया है। इनका नेटवर्थ अब 170 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। जेनसेंग हुआंग 164 अरब डॉलर के साथ 8वें स्थान पर हैं। बर्नार्ड अरनाल्ट 164 अरब डॉलर के साथ 9वें और जिम वॉल्टन 150 अरब डॉलर के साथ 10वें पोजीशन पर हैं।