सिंगरौली में तेज रफ्तार का कहर हाइवा ने बाइक सवारों को कुचला 2 की मौत सड़क पर उबाल

सिंगरौली । मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में एक बार फिर तेज रफ्तार ने कहर बरपाया है जहां देर रात हुए भीषण सड़क हादसे में दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया घटना लघाडोल थाना क्षेत्र के भाटपानी इलाके की बताई जा रही है जहां कोयले से लोड एक तेज रफ्तार हाइवा वाहन ने बाइक सवार तीन लोगों को बेरहमी से कुचल दिया प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा इतना भयावह था कि टक्कर लगते ही बाइक सवार दो युवकों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया जबकि तीसरा गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर तड़पता रहा स्थानीय लोगों की मदद से घायल को तुरंत बैढ़न के जिला ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया जहां उसका इलाज जारी है और उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है मृतकों की पहचान में सामने आया है कि एक युवक सीधी जिले के भुईमाड गांव का निवासी था जबकि दूसरा मृतक और घायल सिंगरौली जिले के बरवानी क्षेत्र के बताए जा रहे हैं इस दुखद घटना की खबर मिलते ही परिजनों में मातम छा गया और पूरे इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों और परिजनों ने सड़क पर उतरकर जोरदार विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया लोगों ने सड़क को दोनों तरफ से जाम कर दिया जिससे आवागमन पूरी तरह ठप हो गया और कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और हालात को संभालने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया अधिकारियों द्वारा लगातार लोगों को समझाइश दी जा रही है ताकि जाम को खुलवाया जा सके और स्थिति सामान्य हो सके हालांकि लोगों का गुस्सा इतना ज्यादा है कि वे दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं बताया जा रहा है कि हादसे के बाद आरोपी हाइवा चालक मौके से फरार हो गया जिसकी तलाश के लिए पुलिस द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं आसपास के क्षेत्रों में नाकेबंदी भी की गई है ताकि जल्द से जल्द आरोपी को गिरफ्तार किया जा सके यह घटना एक बार फिर सड़क सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है खासकर उन इलाकों में जहां भारी वाहनों की आवाजाही अधिक रहती है स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं लेकिन इसके बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया फिलहाल प्रशासन स्थिति को सामान्य करने और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के प्रयास में जुटा हुआ है लेकिन इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर कब तक लापरवाही और तेज रफ्तार की कीमत निर्दोष लोगों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ेगी
असरानी की कॉमेडी यात्रा: दिग्गज कलाकारों से मिली प्रेरणा ने बदला करियर..

नई दिल्ली: हिंदी सिनेमा के दिग्गज कॉमेडी अभिनेता असरानी का सफर भारतीय फिल्म जगत में एक ऐसी मिसाल के रूप में देखा जाता है जिसने यह साबित किया कि सहज अभिनय और सटीक कॉमिक टाइमिंग किसी भी कलाकार को अमर बना सकती है। अपने करियर की शुरुआत में उन्होंने पारंपरिक अभिनय से आगे बढ़कर हास्य की बारीकियों को समझने की कोशिश की और धीरे धीरे अपनी एक अलग पहचान बनाई। उनकी छवि आज भी दर्शकों के मन में उस सख्त लेकिन हास्यपूर्ण जेलर के रूप में जीवित है, जिनका संवाद आज भी लोकप्रिय संस्कृति का हिस्सा बना हुआ है। असरानी के अभिनय जीवन को आकार देने में हिंदी सिनेमा के कई दिग्गज कलाकारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। शुरुआती दौर में उन्होंने किशोर कुमार की फिल्मों और उनके अनोखे अंदाज को करीब से समझा, जहां हास्य केवल संवाद पर नहीं बल्कि अभिव्यक्ति और समय पर आधारित होता था। इसी तरह महमूद की कॉमेडी शैली ने उन्हें यह सिखाया कि हास्य में भावनाओं का संतुलन कितना महत्वपूर्ण होता है। वहीं जॉनी वॉकर के साथ काम करने के अनुभव ने उनके पेशेवर अनुशासन को मजबूत किया और यह समझ दी कि समय की पाबंदी और सेट पर अनुशासन भी एक कलाकार की पहचान बनाते हैं। इन तीनों कलाकारों का प्रभाव असरानी के व्यक्तित्व और अभिनय शैली में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। फिल्मी करियर के दौरान असरानी ने कई ऐसी फिल्मों में काम किया जो भारतीय सिनेमा के स्वर्णिम दौर का हिस्सा मानी जाती हैं। इन फिल्मों में उनका योगदान केवल एक हास्य कलाकार तक सीमित नहीं रहा बल्कि उन्होंने हर किरदार में एक अलग तरह की ऊर्जा और वास्तविकता जोड़ी। उनकी खासियत यह रही कि वे हर दृश्य में स्वाभाविक लगते थे और दर्शकों को बिना किसी अतिरिक्त प्रयास के हंसा देते थे। समय के साथ उन्होंने यह भी समझाया कि कॉमेडी केवल चुटकुलों पर निर्भर नहीं होती बल्कि सही समय पर बोले गए संवाद और परिस्थिति की समझ से उत्पन्न होती है। अपने लंबे करियर में असरानी ने यह सिद्ध किया कि एक सफल कलाकार बनने के लिए निरंतर सीखना और अपने अनुभवों से विकसित होना जरूरी है। उन्होंने अपने समकालीन कलाकारों से जो सीख ली, उसे अपने अभिनय में इस तरह ढाला कि वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बन गई। उनकी कॉमेडी शैली में सरलता, वास्तविकता और गहरी समझ का अद्भुत मिश्रण देखने को मिलता है, जिसने उन्हें भारतीय फिल्म उद्योग में एक विशिष्ट स्थान दिलाया। आज भी उनके किरदार और अभिनय शैली दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बने रहते हैं और नई पीढ़ी के कलाकार उनके काम से प्रेरणा लेते हैं। उनका योगदान भारतीय सिनेमा में हास्य अभिनय की परिभाषा को नया आयाम देता है और यह दर्शाता है कि एक कलाकार की सबसे बड़ी पूंजी उसका अनुशासन, अवलोकन क्षमता और सीखने की इच्छा होती है।
Lenskart विवाद: हिजाब की इजाजत और बिंदी पर रोक की खबर से बवाल, पीयूष बंसल ने दी सफाई

नई दिल्ली। आईवियर कंपनी Lenskart इन दिनों सोशल मीडिया पर बड़े विवाद में घिर गई है। कंपनी की कथित “स्टाफ यूनिफॉर्म और ग्रूमिंग गाइड” सामने आने के बाद आरोप लगे कि कर्मचारियों को हिजाब या पगड़ी पहनने की अनुमति है, लेकिन बिंदी और तिलक जैसे धार्मिक प्रतीकों पर रोक लगाई गई है। इस खबर के सामने आते ही लोगों में नाराजगी फैल गई और कंपनी पर भेदभाव के आरोप लगने लगे। क्या है पूरा विवाद? सोशल मीडिया पर वायरल दस्तावेज में दावा किया गया कि Lenskart स्टोर कर्मचारियों को काले रंग का हिजाब और पगड़ी पहनने की छूट देता है, लेकिन “धार्मिक टीका/तिलक और बिंदी/स्टिकर” की अनुमति नहीं है। इसी कथित नियम को लेकर यूजर्स ने सवाल उठाए और इसे धार्मिक असमानता से जोड़कर देखा। पीयूष बंसल की सफाई विवाद बढ़ने के बाद कंपनी के संस्थापक पीयूष बंसल ने सामने आकर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि वायरल दस्तावेज कंपनी की मौजूदा नीति का हिस्सा नहीं है और यह एक पुराना ड्राफ्ट है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि कंपनी किसी भी तरह के धार्मिक प्रतीकों पर रोक नहीं लगाती और कर्मचारियों को बिंदी, तिलक समेत सभी प्रतीक पहनने की पूरी स्वतंत्रता है। साथ ही, उन्होंने इस पूरे मामले से पैदा हुए भ्रम के लिए माफी भी मांगी। सफाई पर भी उठे सवाल हालांकि, बंसल की सफाई के बाद भी विवाद शांत नहीं हुआ। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने दावा किया कि वायरल दस्तावेज हाल ही (फरवरी 2026) का है, इसलिए इसे “पुराना” बताना सही नहीं है। कुछ लोगों ने कंपनी से मौजूदा नीति सार्वजनिक करने की मांग की, जबकि अन्य ने यह सवाल उठाया कि अगर यह पुरानी पॉलिसी भी थी, तो उस समय ऐसे नियम क्यों बनाए गए थे। सोशल मीडिया पर बढ़ा दबाव यह मामला अब कंपनी की ब्रांड छवि से जुड़ गया है। यूजर्स लगातार पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं और स्पष्ट नीति सामने लाने की बात कह रहे हैं। फिलहाल कंपनी ने अपनी स्थिति साफ कर दी है, लेकिन सोशल मीडिया पर जारी बहस से यह साफ है कि मामला अभी पूरी तरह थमा नहीं है।
वैश्विक अनिश्चितताओं और डॉलर की मजबूती के बीच सोने पर लगातार दबाव और चांदी में सीमित लेकिन स्थिर मजबूती का रुझान

नई दिल्ली: कीमती धातुओं और वैश्विक बाजारों में उतार चढ़ाव का मिला जुला असर निवेशकों की धारणा पर भारी पड़ा सोना दबाव में रहा जबकि चांदी ने मजबूती दिखाई रुपया भी डॉलर के मुकाबले उतार चढ़ाव के बीच हल्की बढ़त के साथ खुला और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनिश्चितता का माहौल बना रहा सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन वैश्विक संकेतों के बीच घरेलू कमोडिटी बाजार में अस्थिरता साफ दिखाई दी मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में जून डिलीवरी वाला सोना कारोबार की शुरुआत में मजबूती के साथ खुला लेकिन दिन बढ़ने के साथ इसमें गिरावट देखने को मिली सोने ने कारोबार के दौरान एक सीमित दायरे में उतार चढ़ाव दिखाया और निवेशकों की सतर्कता के कारण इसमें बड़ी तेजी नहीं बन सकी शुरुआती कारोबार में जहां सोने को वैश्विक मांग और सुरक्षित निवेश के रुझान से समर्थन मिला वहीं बाद में डॉलर की मजबूती और मुनाफावसूली के चलते इसमें दबाव बढ़ गया दूसरी ओर चांदी ने दिनभर अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया और इसमें हल्की तेजी दर्ज की गई चांदी की कीमतों को औद्योगिक मांग से समर्थन मिला हालांकि विशेषज्ञों के अनुसार इसमें स्थायी तेजी के लिए अभी और मजबूत संकेतों की आवश्यकता बनी हुई है बाजार प्रतिभागियों का मानना है कि जब तक प्रमुख स्तरों को निर्णायक रूप से पार नहीं किया जाता तब तक इसमें सीमित दायरे में कारोबार जारी रह सकता है मुद्रा बाजार में भारतीय रुपये ने अमेरिकी डॉलर के मुकाबले हल्की मजबूती दिखाई शुरुआती कारोबार में रुपया पिछले सत्र की तुलना में मजबूत खुला जिसका प्रमुख कारण घरेलू शेयर बाजार में स्थिरता और विदेशी बाजारों में जोखिम भावना में सुधार रहा साथ ही कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भी रुपये को समर्थन मिला हालांकि वैश्विक स्तर पर डॉलर की मजबूती ने रुपये की बढ़त पर दबाव बनाए रखा और इसका प्रभाव दिनभर देखने को मिला कच्चे तेल के बाजार में भी नरमी का रुख रहा ब्रेंट क्रूड और अमेरिकी कच्चे तेल दोनों में गिरावट दर्ज की गई जिसका कारण वैश्विक मांग को लेकर अनिश्चितता और भू राजनीतिक घटनाक्रम में अपेक्षाकृत स्थिरता माना जा रहा है मध्य पूर्व में तनाव में कमी और संघर्ष विराम की खबरों ने भी ऊर्जा बाजार की धारणा को प्रभावित किया जिससे तेल की कीमतों में नरमी आई अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भू राजनीतिक घटनाक्रमों ने बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाई इजरायल और लेबनान के बीच संघर्ष विराम की घोषणा और अमेरिका ईरान वार्ता में प्रगति की उम्मीदों ने वैश्विक निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को बढ़ाया है हालांकि इसके बावजूद निवेशक पूरी तरह आश्वस्त नहीं दिखे और उन्होंने सुरक्षित निवेश विकल्पों में संतुलित रुख बनाए रखा घरेलू शेयर बाजार में भी सीमित दायरे में हल्की बढ़त देखने को मिली जिससे रुपये को कुछ समर्थन मिला लेकिन समग्र बाजार माहौल सतर्क ही बना रहा कमोडिटी विशेषज्ञों के अनुसार फिलहाल बाजार में स्पष्ट दिशा का अभाव है और यह स्थिति वैश्विक आर्थिक संकेतों तथा भू राजनीतिक घटनाक्रमों पर निर्भर करेगी इस पूरे परिदृश्य में निवेशकों की नजर आगामी आर्थिक आंकड़ों और केंद्रीय बैंकों की नीतिगत टिप्पणियों पर टिकी हुई है जो आने वाले समय में बाजार की दिशा तय कर सकती हैं फिलहाल बाजार में सतर्कता और अवसर दोनों का मिश्रण बना हुआ है और हर बदलाव पर निवेशक नजर बनाए हुए हैं
महिला आरक्षण पर कांग्रेस का बड़ा फैसला नेताओं की पत्नियों को नहीं मिलेगा टिकट

भोपाल । भोपाल में आयोजित महिला कांग्रेस की अहम बैठक में महिला आरक्षण को लेकर एक बड़ा और संकेतात्मक फैसला सामने आया है जिसने प्रदेश की राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है सूत्रों के अनुसार बैठक में इस बात पर गंभीर चर्चा हुई कि यदि किसी विधानसभा या लोकसभा सीट को महिलाओं के लिए आरक्षित किया जाता है तो वहां पुरुष नेताओं की पत्नियों या पारिवारिक सदस्यों को टिकट नहीं दिया जाएगा बल्कि पार्टी की सक्रिय और जमीनी महिला कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी यह बैठक प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में आयोजित हुई जहां महिला सशक्तिकरण और संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से कई मुद्दों पर विचार विमर्श किया गया इस दौरान यह बात प्रमुख रूप से सामने आई कि महिला आरक्षण का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा जब उन महिलाओं को आगे बढ़ने का अवसर दिया जाए जो लंबे समय से संगठन के लिए काम कर रही हैं और जमीनी स्तर पर सक्रिय भूमिका निभा रही हैं बैठक में मौजूद नेताओं ने यह भी कहा कि अब समय आ गया है कि राजनीति में परिवारवाद की परंपरा को सीमित किया जाए खासकर उन परिस्थितियों में जहां महिलाओं के लिए सीट आरक्षित की जाती है वहां केवल पारिवारिक आधार पर टिकट देना महिला नेतृत्व के वास्तविक विकास में बाधा बन सकता है यही कारण है कि पार्टी के भीतर इस सोच को आगे बढ़ाया जा रहा है कि टिकट वितरण में पारदर्शिता और योग्यता को प्राथमिकता दी जाए सूत्रों के मुताबिक इस प्रस्ताव को पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी के समक्ष रखने की तैयारी की जा रही है जहां इसे औपचारिक मंजूरी मिल सकती है यदि यह प्रस्ताव पारित होता है तो यह न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश में कांग्रेस के लिए एक सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जाएगा क्योंकि इससे यह संकेत जाएगा कि पार्टी महिला सशक्तिकरण को केवल नारे तक सीमित नहीं रखना चाहती बल्कि उसे व्यवहार में भी लागू करना चाहती है राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह का कदम पार्टी के भीतर नई ऊर्जा का संचार कर सकता है और उन महिला कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित करेगा जो वर्षों से संगठन में सक्रिय रहते हुए भी अवसर की प्रतीक्षा कर रही हैं इससे पार्टी की छवि में भी सुधार हो सकता है और युवा तथा महिला मतदाताओं के बीच विश्वास बढ़ सकता है हालांकि इस प्रस्ताव को लेकर अंतिम निर्णय अभी बाकी है लेकिन जिस तरह से इसे लेकर चर्चा हुई है उससे साफ संकेत मिलते हैं कि कांग्रेस अब संगठनात्मक ढांचे में बदलाव और सुधार की दिशा में आगे बढ़ रही है आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह प्रस्ताव किस रूप में लागू होता है और इसका राजनीतिक परिदृश्य पर क्या प्रभाव पड़ता है कुल मिलाकर भोपाल में हुई इस बैठक ने यह स्पष्ट कर दिया है कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस केवल औपचारिकता निभाने के बजाय ठोस और प्रभावी कदम उठाने की दिशा में सोच रही है जो आने वाले चुनावों में पार्टी की रणनीति का अहम हिस्सा बन सकता है
चंद्रशेखर जयंती के विशेष संयोग ने इस राजनीतिक घटनाक्रम को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया..

नई दिल्ली:चंद्रशेखर जयंती पर हरिवंश नारायण सिंह का राज्यसभा उपसभापति के रूप में तीसरी बार चयन, प्रधानमंत्री ने अनुभव और संतुलन की भूमिका को बताया लोकतांत्रिक मजबूती का आधारराज्यसभा में शुक्रवार का दिन संसदीय कार्यवाही के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा, जब हरिवंश नारायण सिंह को लगातार तीसरी बार उपसभापति के रूप में चुना गया। सदन में इस निर्णय को व्यापक समर्थन मिला और उनके चयन को अनुभव, संतुलन और संसदीय परंपराओं के प्रति भरोसे की निरंतरता के रूप में देखा गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल एक पद का दोहराव नहीं है, बल्कि सदन के प्रति उनके लंबे अनुभव और प्रभावी कार्यशैली की स्वीकृति है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि हरिवंश नारायण सिंह ने बीते वर्षों में राज्यसभा की कार्यवाही को सुचारु और संतुलित बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि विभिन्न राजनीतिक विचारधाराओं के बीच संतुलन स्थापित करना और सदन की गरिमा को बनाए रखना एक कठिन कार्य है, जिसे उन्होंने अपने धैर्य और समझदारी से निभाया है। उनके अनुसार, उनकी कार्यशैली ने सदन में संवाद और अनुशासन दोनों को मजबूत किया है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि हरिवंश नारायण सिंह का जीवन अनुभव और सामाजिक जुड़ाव सदन की कार्यवाही को अधिक समृद्ध बनाता है। उन्होंने ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर शिक्षा और पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य किया और बाद में संसदीय जिम्मेदारी संभालते हुए लोकतांत्रिक प्रक्रिया में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनका अनुभव सदन की चर्चाओं को अधिक गहराई और संतुलन प्रदान करता है। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने एक विशेष संयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि जिस दिन हरिवंश नारायण सिंह को तीसरी बार यह जिम्मेदारी मिली, उसी दिन देश के पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की जयंती भी है। उन्होंने बताया कि हरिवंश का चंद्रशेखर के साथ गहरा संबंध रहा है और वे उनके विचारों और कार्यों से जुड़े रहे हैं। यह संयोग इस अवसर को और भी महत्वपूर्ण बना देता है। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि हरिवंश नारायण सिंह का जीवन सामाजिक चेतना और जनसेवा से प्रेरित रहा है। शिक्षा के दौरान काशी में उनका अध्ययन उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण रहा। ग्रामीण परिवेश से आने के कारण उन्होंने समाज की वास्तविकताओं को करीब से समझा, जिसका प्रभाव उनके सार्वजनिक जीवन में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पिछले कुछ वर्षों में हरिवंश ने देशभर के शैक्षणिक संस्थानों में संवाद कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाई है। यह प्रयास युवाओं और नीति निर्माण की दुनिया के बीच एक सेतु का कार्य करता है और लोकतांत्रिक संवाद को और मजबूत बनाता है। राज्यसभा में उनके पुनर्निर्वाचन को लेकर विभिन्न सदस्यों ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की। सदन में यह माना गया कि अनुभवी नेतृत्व संसदीय कार्यवाही को अधिक प्रभावी और संतुलित बनाता है। उनके चयन को निरंतरता और स्थिरता के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है।
MP में तबादलों का रास्ता साफ मई जून में खुलेगा ट्रांसफर विंडो नई नीति तैयार

भोपाल । मध्यप्रदेश में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों पर लगे प्रतिबंध के जल्द हटने की संभावना ने प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज कर दी है लंबे समय से ट्रांसफर का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के लिए यह खबर राहत भरी मानी जा रही है जानकारी के अनुसार राज्य सरकार मई और जून के बीच एक महीने के लिए तबादलों पर लगा बैन हटाने की तैयारी कर रही है इसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा नई तबादला नीति को अंतिम रूप देने का काम तेजी से किया जा रहा है सूत्रों के मुताबिक प्रस्तावित तबादला नीति को लेकर जल्द ही कैबिनेट बैठक में प्रस्तुतीकरण किया जा सकता है इस नई नीति के तहत तबादलों की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की कोशिश की जा रही है खास बात यह है कि इस बार ट्रांसफर आदेश पूरी तरह ऑनलाइन जारी किए जाएंगे जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी और अनावश्यक दबाव या हस्तक्षेप को कम किया जा सकेगा नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक संवर्ग में अधिकतम 20 प्रतिशत तक ही तबादले किए जा सकेंगे जिससे बड़े पैमाने पर होने वाले बदलावों को नियंत्रित रखा जा सके वहीं जिलों में होने वाले तबादलों के लिए संबंधित प्रभारी मंत्री की मंजूरी अनिवार्य होगी इसके अलावा विधायकों की अनुशंसाओं को भी प्राथमिकता दिए जाने की संभावना जताई जा रही है जिससे राजनीतिक और प्रशासनिक समन्वय बनाए रखने की कोशिश की जाएगी वरिष्ठ अधिकारियों के तबादलों को लेकर भी स्पष्ट दिशा निर्देश तय किए जा रहे हैं फर्स्ट क्लास अधिकारियों के तबादले केवल मुख्यमंत्री की मंजूरी से ही हो सकेंगे जबकि अन्य संवर्ग के कर्मचारियों और अधिकारियों के तबादले संबंधित विभागीय मंत्री की स्वीकृति से किए जाएंगे इस व्यवस्था से उच्च स्तर पर निगरानी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है इस बार तबादला नीति में एक महत्वपूर्ण बिंदु यह भी शामिल किया गया है कि ऐसे अधिकारी और कर्मचारी जो लंबे समय से एक ही स्थान पर पदस्थ हैं उन्हें प्राथमिकता के आधार पर स्थानांतरित किया जाएगा विशेष रूप से वे अधिकारी जो तीन साल या उससे अधिक समय से एक ही जगह पर कार्यरत हैं उन्हें हटाने की प्रक्रिया पहले शुरू की जाएगी इससे प्रशासनिक व्यवस्था में नई ऊर्जा और निष्पक्षता लाने की उम्मीद जताई जा रही है राज्य सरकार का मानना है कि समय समय पर तबादले होने से न केवल कार्यप्रणाली में सुधार आता है बल्कि जवाबदेही भी बढ़ती है इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार की नीति को अधिक संतुलित और प्रभावी बनाने की कोशिश की जा रही है ताकि कर्मचारियों की अपेक्षाओं और प्रशासनिक आवश्यकताओं के बीच संतुलन स्थापित किया जा सके फिलहाल सभी की नजरें आगामी कैबिनेट बैठक पर टिकी हैं जहां इस नई तबादला नीति को अंतिम मंजूरी मिल सकती है यदि सब कुछ तय योजना के अनुसार हुआ तो आने वाले महीनों में मध्यप्रदेश में एक बार फिर तबादलों का दौर शुरू हो जाएगा और लंबे समय से एक ही जगह पर जमे अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां मिलेंगी
आर्मी वर्कशॉप में घोटाले ,की आहट यूपी इंटेलिजेंस की रेड में अहम डिजिटल सबूत जब्त
जबलपुर । मध्यप्रदेश के जबलपुर से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है जहां सेना की 506 आर्मी वर्कशॉप में इंटेलिजेंस एजेंसियों ने अचानक छापा मारकर हड़कंप मचा दिया इस कार्रवाई में कई महत्वपूर्ण डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं और दो कर्मचारियों को कस्टडी में लेकर गहन पूछताछ की जा रही है सूत्रों के अनुसार इस छापेमारी के दौरान अधिकारियों ने वर्कशॉप से मोबाइल डाटा हार्ड डिस्क और पेन ड्राइव जैसे अहम डिजिटल साक्ष्य अपने कब्जे में लिए हैं जिनकी जांच के आधार पर बड़े वित्तीय अनियमितताओं के खुलासे की आशंका जताई जा रही है बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश इंटेलिजेंस की टीम द्वारा की गई जो विशेष रूप से सेंट्रल कमांड इलाहाबाद से जबलपुर पहुंची थी मामले की शुरुआती जांच में यह संकेत मिले हैं कि आर्मी वर्कशॉप में उपयोग होने वाले कलपुर्जों की गुणवत्ता को लेकर गंभीर अनियमितताएं सामने आ सकती हैं आशंका है कि मेंटेनेंस कार्यों के दौरान घटिया सामग्री का उपयोग किया गया और इसके नाम पर करोड़ों रुपए की हेराफेरी की गई जानकारी के मुताबिक देशभर की कई आर्टिलरी गनों को मेंटेनेंस और रिपेयर के लिए इसी वर्कशॉप में लाया जाता है ऐसे में यदि आरोप सही साबित होते हैं तो यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ बेहद संवेदनशील रूप ले सकता है जांच एजेंसियों को कुछ संदिग्ध वित्तीय लेनदेन के संकेत भी मिले हैं बताया जा रहा है कि हेराफेरी की रकम को सीधे कर्मचारियों के पारिवारिक सदस्यों के खातों में ट्रांसफर किए जाने की भी आशंका है इसी आधार पर इंटेलिजेंस टीम ने कई बैंकिंग और ट्रांजेक्शन से जुड़े दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किए हैं जिनकी बारीकी से जांच की जा रही है इस पूरे मामले में कुछ अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है और उन पर भी नजर रखी जा रही है जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस कथित घोटाले का नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें किन किन लोगों की संलिप्तता हो सकती है फिलहाल कस्टडी में लिए गए दोनों कर्मचारियों से लगातार पूछताछ जारी है और उनसे मिले इनपुट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी इंटेलिजेंस एजेंसियां इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही हैं क्योंकि यह न केवल आर्थिक अनियमितता का मामला है बल्कि इससे सेना की कार्यप्रणाली और उपकरणों की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं जबलपुर की इस आर्मी वर्कशॉप में हुई यह छापेमारी अब एक बड़े खुलासे की ओर इशारा कर रही है आने वाले समय में जांच के नतीजे और भी चौंकाने वाले हो सकते हैं फिलहाल पूरे मामले पर सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी नजर बनी हुई है और किसी भी स्तर पर लापरवाही या भ्रष्टाचार को बर्दाश्त न करने के संकेत साफ तौर पर दिए जा रहे हैं
महाकाल की अलौकिक भस्म आरती में गूंजा उज्जैन आस्था और दिव्यता का अद्भुत संगम

उज्जैन । उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में शुक्रवार तड़के वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि पर भस्म आरती का दिव्य आयोजन हुआ जहां आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला सुबह लगभग चार बजे मंदिर के कपाट खुलते ही पूरा वातावरण मंत्रोच्चार और घंटियों की ध्वनि से गूंज उठा और भक्तों में बाबा महाकाल के दर्शन की अपार उत्सुकता दिखाई दी कपाट खुलने के बाद मंदिर के पुजारियों द्वारा गर्भगृह में स्थापित सभी देवी देवताओं का विधिवत पूजन किया गया इसके पश्चात भगवान महाकाल का पवित्र जल से अभिषेक आरंभ हुआ जो आगे चलकर दूध दही घी शहद और फलों के रस से बने पंचामृत से संपन्न किया गया इस अभिषेक के दौरान वातावरण पूरी तरह आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया और हर ओर हर हर महादेव के जयकारे गूंजने लगे अभिषेक के बाद भगवान महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया जिसमें भांग चंदन और सुगंधित पुष्पों का उपयोग कर उन्हें अत्यंत आकर्षक रूप प्रदान किया गया इसके साथ ही उनके मस्तक पर चंद्र त्रिशूल और डमरु अर्पित कर दिव्यता का अद्भुत प्रतीक प्रस्तुत किया गया श्रृंगार के इस चरण में रजत आभूषणों का विशेष महत्व रहा जिसमें शेषनाग का रजत मुकुट रजत की मुण्डमाल और रुद्राक्ष की मालाएं शामिल रहीं इन सबके साथ पुष्पों की मालाओं से भगवान का अलंकरण कर उन्हें अत्यंत मनोहारी स्वरूप दिया गया भस्म आरती की प्रक्रिया शुरू होने से पहले प्रथम घंटाल बजाकर हरिओम का जल अर्पित किया गया और मंत्रोच्चार के बीच भगवान का ध्यान किया गया इसके बाद कपूर आरती की गई जिससे पूरा गर्भगृह दिव्य प्रकाश से आलोकित हो उठा कपूर आरती के पश्चात ज्योतिर्लिंग को कपड़े से ढांककर पवित्र भस्म अर्पित की गई जो इस आरती का सबसे महत्वपूर्ण और विशिष्ट भाग माना जाता है सुबह के इस पावन समय में सैकड़ों श्रद्धालु मंदिर परिसर में उपस्थित रहे जिन्होंने भस्म आरती के दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस किया भक्तों के चेहरों पर श्रद्धा और संतोष का भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था इस दौरान श्रद्धालुओं ने नंदी महाराज के दर्शन कर उनके कान के समीप जाकर अपनी मनोकामनाएं व्यक्त कीं और आशीर्वाद प्राप्त किया पूरे मंदिर परिसर में बाबा महाकाल की जयकारों से गूंजती ध्वनि ने वातावरण को और भी अधिक आध्यात्मिक बना दिया हर ओर भक्ति की ऊर्जा और आस्था का प्रवाह देखने को मिला यह भस्म आरती केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि श्रद्धालुओं के लिए आत्मिक शांति और दिव्यता का अनुभव करने का माध्यम बन गई इस प्रकार महाकाल की भस्म आरती ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि उज्जैन का यह पावन धाम केवल एक मंदिर नहीं बल्कि श्रद्धा और विश्वास का जीवंत केंद्र है जहां हर दिन हजारों भक्त अपनी आस्था लेकर आते हैं और बाबा महाकाल के आशीर्वाद से स्वयं को कृतार्थ महसूस करते हैं
पश्चिम एशिया संकट के बीच ईरान ने पेट्रोकेमिकल उत्पादों के निर्यात पर लगाया पूर्ण प्रतिबंध….

तेहरान। इजरायल (Israel) द्वारा ईरान (Iran) के प्रमुख औद्योगिक बुनियादी ढांचे पर किए गए सटीक हमलों की श्रृंखला के बाद ईरानी सरकार ने घरेलू आपूर्ति (Household Supplies) की सुरक्षा के लिए पेट्रोकेमिकल उत्पादों के निर्यात (Petrochemical Products export) पर पूर्ण प्रतिबंध (Complete ban) लगा दिया है। राष्ट्रीय पेट्रोकेमिकल कंपनी के डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों के लिए जिम्मेदार एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को जारी निर्देश में सभी पेट्रोकेमिकल कंपनियों को अगले आदेश तक निर्यात निलंबित करने का आदेश दिया है। यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब इस्लामी गणराज्य हालिया संघर्षों से उत्पन्न उत्पादन व्यवधानों से अपने घरेलू विनिर्माण आधार को बचाने की कोशिश कर रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रतिबंध का मुख्य उद्देश्य हालिया हमलों से हुए नुकसान के बाद घरेलू बाजारों को स्थिर करना और विभिन्न उद्योगों को कच्चे माल की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करना है। तेहरान उम्मीद कर रहा है कि इन सामग्रियों के अंतरराष्ट्रीय निर्यात को रोककर वह घरेलू स्तर पर औद्योगिक संकट को रोकेगा। दरअसल, हाल के हफ्तों में इजरायल ने ईरान के असलुयेह (साउथ पार्स) और महशहर स्थित प्रमुख पेट्रोकेमिकल उत्पादन केंद्रों को निशाना बनाया। इन हमलों में विशेष रूप से पेट्रोकेमिकल संयंत्रों को बिजली, पानी और ऑक्सीजन जैसी उपयोगिताएं प्रदान करने वाली कंपनियों पर हमला किया गया, जिससे उत्पादन बुरी तरह बाधित हो गया। इस आंतरिक उत्पादन संकट को और गंभीर बनाने वाला कारक समुद्री क्षेत्र में बढ़ता नाकाबंदी का दबाव भी है। अमेरिकी सेना ने ईरानी बंदरगाहों की ओर जाने वाले जहाजों की आवाजाही रोकने के लिए अभियान शुरू किया है, जिसका मकसद ईरान के निर्यात राजस्व को कम करना और तेहरान पर दबाव बढ़ाना है। दोनों पक्ष मौजूदा युद्धविराम के दौरान शांति वार्ता के अगले दौर पर विचार कर रहे हैं। क्षेत्रीय अस्थिरता के बावजूद ईरानी सरकार आंतरिक स्थिरता की छवि पेश करने का प्रयास कर रही है। न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, वैश्विक कीमतों में उछाल के बावजूद पेट्रोकेमिकल और संबंधित उत्पादों की घरेलू कीमतें संघर्ष से पहले के स्तर पर बरकरार हैं। यह नीति स्थानीय उपभोक्ताओं और कारखानों को मुद्रास्फीति के झटके से बचाने के लिए अपनाई गई है। हालांकि, इस रोक का ईरानी अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ने की आशंका है। न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरान प्रतिवर्ष लगभग 29 मिलियन टन पेट्रोकेमिकल उत्पादों का निर्यात करता है, जिससे करीब 13 अरब अमेरिकी डॉलर का राजस्व प्राप्त होता है। विदेशी मुद्रा के इस बड़े नुकसान के बावजूद सरकार ने घरेलू जरूरतों और अस्तित्व को प्राथमिकता देते हुए निर्यात निलंबित करने का फैसला लिया है।