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लखनऊ अग्निकांड: 1200 झोपड़ियां राख, 6 बच्चे अब भी लापता, CM योगी ने दिए जांच और राहत के निर्देश

लखनऊ। विकासनगर सेक्टर-12 में रिंग रोड किनारे स्थित अवैध बस्ती में बुधवार शाम भीषण आग लग गई। कुछ ही समय में आग ने विकराल रूप लेते हुए करीब 1200 झोपड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया। झोपड़ियों में रखे लगभग 100 गैस सिलिंडर फटने से पूरे इलाके में जोरदार धमाके हुए और भगदड़ मच गई। घटना के बाद 22 दमकल गाड़ियों ने देर रात तक आग बुझाने का प्रयास किया। इस दौरान आग की तीव्रता इतनी अधिक थी कि इलाके में दहशत फैल गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार लगभग 50 मवेशियों के जलने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि प्रशासन ने इसकी पुष्टि नहीं की है। सूचना में देरी का आरोप, आग ने मिनटों में लिया विकराल रूपस्थानीय लोगों का आरोप है कि आग लगने के बाद समय पर पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी गई, लेकिन मदद देर से पहुंची। इस बीच आग तेजी से फैलती गई और एक के बाद एक झोपड़ियां जलने लगीं। बताया गया कि आग एक झोपड़ी से शुरू हुई और कुछ ही देर में पूरी बस्ती को अपनी चपेट में ले लिया। लोगों ने पुलिस कंट्रोल रूम पर कॉल लगाने में भी देरी और तकनीकी दिक्कतों की बात कही है। भगदड़ में 6 बच्चे लापता, सर्च ऑपरेशन जारीभीषण हादसे के दौरान मची अफरा-तफरी में दो परिवारों के छह बच्चे लापता हो गए हैं, जिनमें एक परिवार के चार और दूसरे के दो बच्चे शामिल हैं। पुलिस और प्रशासन की टीमें देर रात तक बच्चों की तलाश में जुटी रहीं और आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। पथराव और हंगामा, प्लॉट मालिक पर आग लगाने के आरोपघटना के बाद गुस्साए लोगों ने प्लॉट मालिक के घर का घेराव कर हंगामा किया और उस पर आग लगवाने का आरोप लगाया। इस दौरान कुछ लोगों ने पथराव भी किया, जिसे रोकने के लिए पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा। आरोप है कि प्लॉट मालिक कुछ दिन से झोपड़ियां हटाने के लिए दबाव बना रहा था। वीडियो बनाने और ट्रैफिक जाम से बिगड़े हालातघटना स्थल पर भीड़ द्वारा वीडियो बनाने और रास्ता बाधित करने से राहत कार्य प्रभावित हुआ। दमकल की गाड़ियां भी जाम में फंस गईं, जिसके बाद पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इसी दौरान कुछ लोगों ने पुलिस पर पथराव किया, जिसमें सिविल डिफेंस के वार्डन समेत कई लोग घायल हो गए। इसके कारण इलाके में करीब दो किलोमीटर लंबा जाम लग गया और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। आग पर काबू, राहत और पुनर्वास की तैयारीदमकल विभाग ने रात करीब 10 बजे तक आग पर आंशिक नियंत्रण पा लिया। प्रशासन ने आसपास के लगभग 30 घरों को खाली कराया और कई सिलिंडर सुरक्षित बाहर निकाले। घटना की गंभीरता को देखते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और पीड़ितों के लिए भोजन व आवास की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

48 घंटे का चतुर्ग्रही योग आज से शुरू, इन राशि वालों को होगी तरक्की, मिलेगा धन लाभ

नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष के अनुसार जब एक ही राशि में चार ग्रह एक साथ स्थित होते हैं, तो चतुर्ग्रही योग बनता है, जिसे बेहद प्रभावशाली माना जाता है। द्रिक पंचांग के मुताबिक 16 अप्रैल से 17 अप्रैल के बीच ऐसा ही खास संयोग बन रहा है, जो करीब 48 घंटे तक सक्रिय रहेगा। इसका असर सभी 12 राशियों पर देखने को मिलेगा। ज्योतिषियों का मानना है कि इस दौरान मेष, मिथुन, सिंह और धनु राशि के जातकों के लिए समय विशेष रूप से अनुकूल रह सकता है। धन, करियर और भाग्य से जुड़े मामलों में सकारात्मक बदलाव संभव हैं। साथ ही इस अवधि में मां लक्ष्मी और कुबेर देव की कृपा भी इन राशियों पर बनी रह सकती है। चतुर्ग्रही योग का असरचतुर्ग्रही राजयोग का प्रभाव पूरी तरह ग्रहों की स्थिति और व्यक्ति की कुंडली पर निर्भर करता है। यह योग कभी अत्यंत शुभ तो कभी सामान्य फल भी दे सकता है, लेकिन इस बार यह कई लोगों के लिए उन्नति के नए अवसर लेकर आ सकता है। मेष राशिमेष राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक रूप से लाभकारी हो सकता है। आय के नए स्रोत बन सकते हैं और पहले की तुलना में वित्तीय स्थिति मजबूत हो सकती है। रुका हुआ पैसा मिलने की संभावना है और व्यापार में नए मौके सामने आ सकते हैं। मिथुन राशिमिथुन राशि वालों के लिए यह अवधि निवेश के लिहाज से फायदेमंद रह सकती है। धन में बढ़ोतरी के संकेत हैं। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। किसी प्रभावशाली व्यक्ति से मुलाकात आगे बढ़ने में सहायक हो सकती है। सिंह राशिसिंह राशि के लोगों के लिए यह योग प्रतिष्ठा और सम्मान बढ़ाने वाला साबित हो सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी और धन लाभ के कई अवसर मिल सकते हैं। विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता और पैतृक संपत्ति से लाभ के संकेत हैं। धनु राशिधनु राशि के जातकों के लिए यह समय भाग्य का साथ लेकर आ सकता है। कार्यक्षेत्र में सराहना मिलेगी और पदोन्नति के योग बन सकते हैं। यदि कोई कानूनी मामला चल रहा है, तो उसमें राहत मिलने की संभावना है। साथ ही पुराने कर्ज से मुक्ति और आय में वृद्धि के संकेत हैं।

एमपी में बढ़ी गर्मी की तपिश, आज 16 जिलों में लू का अलर्ट, कई शहरों में तापमान 42°C के पार

भोपाल। मध्य प्रदेश के 16 जिलों में गुरुवार को हीट वेव (लू) को लेकर चेतावनी जारी की गई है। मौसम केंद्र भोपाल ने इस सीजन में पहली बार इतने बड़े स्तर पर अलर्ट जारी किया है। आने वाले चार दिनों तक प्रदेश के कई हिस्से गर्म हवाओं की चपेट में रहेंगे। गुरुवार को जिन जिलों में लू चलने की संभावना है, उनमें रतलाम, झाबुआ, धार, अलीराजपुर, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला और बालाघाट शामिल हैं। इससे पहले छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और मंडला में लू जैसे हालात बन चुके हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में आमतौर पर गर्मी तेज होती है। इस बार भी शुरुआत में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के बाद 10 अप्रैल से तापमान में तेजी आई है, जो अब और बढ़ेगी। 25 शहरों में 40°C के पार पाराबुधवार को प्रदेश में गर्मी का असर काफी तीखा रहा। पहली बार 25 शहरों में दिन का तापमान 40 डिग्री या उससे ज्यादा दर्ज किया गया। इंदौर और ग्वालियर इस सीजन में सबसे गर्म शहरों में शामिल रहे, जहां पारा 40 डिग्री से ऊपर पहुंच गया। गर्मी के बढ़ते असर के चलते बुरहानपुर, हरदा और रतलाम में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। छतरपुर जिले का नौगांव प्रदेश में सबसे ज्यादा गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री दर्ज हुआ। खजुराहो में 42.2 डिग्री, रतलाम में 42 डिग्री, नर्मदापुरम में 41.8 डिग्री, सतना में 41.7 डिग्री, मंडला में 41.6 डिग्री, सीधी में 41.2 डिग्री और शाजापुर में 41.1 डिग्री तापमान रहा। इसके अलावा टीकमगढ़, धार, खरगोन और रीवा में 41 डिग्री, जबकि उमरिया और दतिया में 40.8 डिग्री दर्ज किया गया। श्योपुर, दमोह और रायसेन में 40.4 डिग्री, गुना में 40.3 डिग्री, छिंदवाड़ा, मलाजखंड और बैतूल में 40.2 डिग्री, खंडवा में 40.1 डिग्री और सागर में 40 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। पांच बड़े शहरों में इंदौर में 40 डिग्री, ग्वालियर में 40.2 डिग्री, भोपाल में 39.5 डिग्री, उज्जैन में 39.7 डिग्री और जबलपुर में 39.9 डिग्री तापमान दर्ज हुआ। लू से बचाव के लिए एडवायजरी जारी गर्मी बढ़ने के साथ मौसम विभाग ने लोगों के लिए एडवायजरी भी जारी की है। इसमें दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और शरीर को हाइड्रेट रखने की सलाह दी गई है। दोपहर के समय तेज धूप में लंबे समय तक बाहर न रहने की हिदायत दी गई है। इसके अलावा हल्के और ढीले सूती कपड़े पहनने तथा बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की अपील की गई है।

2 घंटे 5 मिनट की Toaster: कहानी दमदार या फीकी? जानिए IMDb स्कोर

नई दिल्ली। नेटफ्लिक्स पर रिलीज हुई टोस्टर इस हफ्ते की चर्चित फिल्मों में जरूर शामिल है, लेकिन दर्शकों की उम्मीदों पर यह पूरी तरह खरी उतरती नहीं दिख रही। राजकुमार राव और सान्या मल्होत्रा जैसे दमदार कलाकारों के बावजूद फिल्म की कहानी और प्रस्तुति कई जगह कमजोर नजर आती है। 2 घंटे 5 मिनट लंबी यह डार्क कॉमेडी शुरुआत में दिलचस्प लगती है, लेकिन धीरे-धीरे इसकी रफ्तार ढीली पड़ जाती है, जिससे दर्शकों का जुड़ाव टूटने लगता है। कहानी में दम, लेकिन प्रस्तुति में कमीफिल्म की कहानी रमाकांत (राजकुमार राव) के इर्द-गिर्द घूमती है, जो बेहद कंजूस इंसान है। उसकी यही आदत उसे ऐसी स्थिति में फंसा देती है, जहां एक मामूली सा टोस्टर उसकी जिंदगी में तूफान ला देता है। प्लॉट में सस्पेंस और डार्क ह्यूमर की पूरी संभावना थी, लेकिन डायरेक्टर विवेक दासचौधरी इसे प्रभावी तरीके से पेश करने में चूक जाते हैं। कई सीन बेवजह खींचे हुए लगते हैं, जिससे फिल्म बोरियत पैदा करती है। एक्टिंग बनी फिल्म की सबसे बड़ी ताकतजहां कहानी कमजोर पड़ती है, वहीं कलाकारों की एक्टिंग फिल्म को संभालती नजर आती है। राजकुमार राव अपने किरदार में फिट बैठते हैं और उनकी कॉमिक टाइमिंग अच्छी है। सान्या मल्होत्रा भी अपनी भूमिका में सहज लगती हैं। खास तौर पर अर्चना पूरन सिंह का किरदार फिल्म में जान डालता है और उनकी मौजूदगी कई सीन में हंसी ला देती है। वहीं फराह खान की छोटी लेकिन प्रभावी मौजूदगी भी फिल्म को थोड़ा मनोरंजक बनाती है। डार्क कॉमेडी का असर फीकाडार्क कॉमेडी एक ऐसा जॉनर है जिसमें संतुलन बेहद जरूरी होता है—ह्यूमर और सस्पेंस दोनों का सही मेल होना चाहिए। लेकिन ‘टोस्टर’ इस संतुलन को बनाए रखने में नाकाम रहती है। फिल्म का दूसरा हाफ खासतौर पर कमजोर है और दर्शकों को बांधकर रखने में असफल साबित होता है। दर्शकों की राय: सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स और रेडिट जैसे मंचों पर फिल्म को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई यूजर्स ने इसे बोरिंग बताया, तो कुछ ने डायलॉग और एक्टिंग की तारीफ की। कुल मिलाकर, यह फिल्म ‘वन टाइम वॉच’ की कैटेगरी में फिट बैठती है।  IMDb रेटिंग ने भी किया निराशअगर रेटिंग की बात करें तो IMDb पर इस फिल्म को सिर्फ 5.3/10 की रेटिंग मिली है, जो इसकी कमजोर पकड़ को साफ दर्शाती है। अगर आप राजकुमार राव के फैन हैं या हल्की-फुल्की डार्क कॉमेडी देखना चाहते हैं, तो ‘टोस्टर’ एक बार देखी जा सकती है। लेकिन अगर आप एक दमदार कहानी और मजबूत सस्पेंस की उम्मीद कर रहे हैं, तो यह फिल्म आपको निराश कर सकती है।

18+ फिल्मों की कमाई में रिकॉर्ड: ये हैं सबसे ज्यादा कमाने वाली A-रेटेड मूवीज

नई दिल्ली। फिल्मों को मिलने वाला A (एडल्ट) सर्टिफिकेट अक्सर यह दर्शाता है कि उसमें हिंसा, बोल्ड कंटेंट या गंभीर विषयवस्तु है, जिसे केवल 18 साल से ऊपर के दर्शक ही देख सकते हैं। आमतौर पर माना जाता है कि ऐसी फिल्मों की ऑडियंस सीमित होती है, लेकिन कई फिल्मों ने इस धारणा को गलत साबित करते हुए बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त कमाई की है। नंबर 1 पर ‘धुरंधर 2’ का कब्जाइस लिस्ट में सबसे ऊपर धुरंधर 2 का नाम आता है, जिसमें रणवीर सिंह लीड रोल में नजर आए। फिल्म में जबरदस्त एक्शन और हिंसक सीन होने के कारण इसे ए सर्टिफिकेट मिला, लेकिन इसके बावजूद इसने महज 27 दिनों में करीब 1,733.20 करोड़ रुपये की रिकॉर्डतोड़ कमाई कर डाली। ‘धुरंधर’ ने भी किया था धमाकाधुरंधर, जो इस फ्रेंचाइजी का पहला पार्ट था, वह भी ए सर्टिफिकेट के साथ रिलीज हुआ था। इस फिल्म ने भी वर्ल्डवाइड करीब 1307.35 करोड़ रुपये की कमाई कर बॉक्स ऑफिस पर अपना दबदबा साबित किया। ‘एनिमल’ की बोल्ड कहानी ने खींची भीड़एनिमल में रणबीर कपूर की दमदार परफॉर्मेंस देखने को मिली। फिल्म में हिंसा और इंटीमेट सीन के चलते इसे ए सर्टिफिकेट मिला, लेकिन दर्शकों ने इसे खूब पसंद किया और इसने लगभग 917.82 करोड़ रुपये का कारोबार किया। ‘सालार पार्ट 1’ भी रही सुपरहिटसालार: पार्ट 1 – सीजफायर, जिसमें प्रभास नजर आए, को भी ए सर्टिफिकेट मिला था। इसके बावजूद फिल्म ने वर्ल्डवाइड करीब 617.75 करोड़ रुपये की शानदार कमाई की। ‘कुली’ में भी दिखा रजनीकांत का जलवाकुली, जिसमें रजनीकांत मुख्य भूमिका में थे, ने भी ए सर्टिफिकेट के बावजूद 518 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। ‘कबीर सिंह’ की लव स्टोरी भी रही हिटकबीर सिंह में शाहिद कपूर की परफॉर्मेंस को खूब सराहा गया। फिल्म के बोल्ड कंटेंट के बावजूद इसने 377 करोड़ रुपये की कमाई की। कंटेंट-ड्रिवन फिल्मों ने भी दिखाई ताकतद कश्मीर फाइल्स और द केरल स्टोरी जैसी फिल्मों ने भी ए सर्टिफिकेट के बावजूद शानदार प्रदर्शन किया। ‘द कश्मीर फाइल्स’ ने करीब 341 करोड़ और ‘द केरल स्टोरी’ ने 302 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। ए सर्टिफिकेट फिल्मों को लेकर यह धारणा अब बदल चुकी है कि वे सीमित दर्शकों तक ही सिमट जाती हैं। दमदार कहानी, स्टार पावर और मजबूत कंटेंट के दम पर ये फिल्में बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल कर रही हैं।

पर्सनैलिटी राइट्स क्या हैं? क्यों सेलेब्स Amitabh Bachchan से लेकर Kartik Aaryan तक कर रहे हैं इसकी मांग

नई दिल्ली। हाल के समय में बॉलीवुड और साउथ इंडस्ट्री के कई बड़े सितारे अपने पर्सनैलिटी राइट्स (Personality Rights) की कानूनी सुरक्षा के लिए अदालत का रुख कर रहे हैं। इस लिस्ट में अमिताभ बच्चन, ऐश्वर्या राय बच्चन, अभिषेक बच्चन, सलमान खान, करण जौहर, रजनीकांत, जैकी श्रॉफ, अनिल कपूर, अक्षय कुमार, ऋतिक रोशन और कार्तिक आर्यन जैसे बड़े नाम शामिल हैं। यह कदम खास तौर पर बढ़ते डिजिटल दुरुपयोग और एआई तकनीक के गलत इस्तेमाल को देखते हुए उठाया जा रहा है। क्या होते हैं पर्सनैलिटी राइट्स?पर्सनैलिटी राइट्स का मतलब है कि किसी व्यक्ति की पहचान जैसे उसका नाम, चेहरा, आवाज, फोटो या सिग्नेचर को उसकी अनुमति के बिना किसी भी कमर्शियल या गलत उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। सरल शब्दों में कहें तो,आपकी पहचान आपकी संपत्ति है, जिसे कोई भी बिना इजाजत इस्तेमाल नहीं कर सकता। क्या यह अधिकार सिर्फ सेलेब्स के लिए है?यह एक आम धारणा है कि यह अधिकार सिर्फ फिल्मी सितारों या पब्लिक फिगर्स के लिए होता है, लेकिन ऐसा नहीं है।साधारण व्यक्ति भी अपने पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा की मांग कर सकता है, अगर उसे लगता है कि उसकी पहचान का गलत उपयोग किया जा रहा है। क्यों बढ़ रही इसकी मांग?आज के डिजिटल युग में सेलेब्स की पहचान का दुरुपयोग तेजी से बढ़ा है। कई मामलों में देखने को मिलता है कि- सेलेब्स की तस्वीरों का टी-शर्ट, मग और विज्ञापनों में बिना अनुमति इस्तेमाल किया जाता हैउनकी आवाज और चेहरे का एडिट कर फेक वीडियो बनाए जाते हैंएआई और डीपफेक तकनीक से आपत्तिजनक या गलत कंटेंट तैयार किया जाता हैसोशल मीडिया पर फर्जी प्रमोशन और विज्ञापन में उनका नाम जोड़ा जाता है इन सभी गतिविधियों से उनकी इमेज और कमाई दोनों पर असर पड़ता है। कोर्ट कब देता है सुरक्षा? जब कोई सेलेब अदालत में यह साबित करता है कि उसकी पहचान का बिना अनुमति उपयोग हो रहा है और इससे उसे नुकसान हो रहा है चाहे वह व्यक्तिगत हो या आर्थिक तो कोर्ट तुरंत उस उपयोग पर रोक लगा सकता है और संबंधित पक्ष के खिलाफ कार्रवाई भी कर सकता है। कैसे होता है फैसला?कोर्ट यह देखता है कि- क्या पहचान का गलत इस्तेमाल हुआ हैक्या इससे व्यक्ति की प्रतिष्ठा या कमाई को नुकसान हुआ हैक्या उपयोग कमर्शियल या भ्रामक उद्देश्य से किया गया हैअगर जवाब “हां” होता है, तो कोर्ट तुरंत आदेश जारी कर सकता है। डिजिटल युग में बढ़ती जरूरतएआई और डीपफेक टेक्नोलॉजी के बढ़ते इस्तेमाल ने इस मुद्दे को और गंभीर बना दिया है। अब किसी भी व्यक्ति का चेहरा या आवाज आसानी से कॉपी कर फर्जी वीडियो बनाए जा सकते हैं, जिससे सेलेब्स ही नहीं आम लोग भी प्रभावित हो सकते हैं। पर्सनैलिटी राइट्स आज के समय में डिजिटल सुरक्षा का अहम हिस्सा बन चुके हैं। सेलेब्स का इसे लेकर कोर्ट जाना इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में पहचान और निजी छवि की सुरक्षा और भी जरूरी हो जाएगी।

‘सैयारा’ के बाद फिर साथ दिखे Ahaan Panday और अनीत पड्डा, मोहित सूरी की नई लव स्टोरी में करेंगे काम

 नई दिल्ली। साल 2025 में रिलीज हुई फिल्म ‘सैयारा’ से दर्शकों का दिल जीतने वाले अहान पांडे और अनीत पड्डा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस हिट जोड़ी ने न सिर्फ अपनी केमिस्ट्री से फैंस को प्रभावित किया था, बल्कि बॉक्स ऑफिस पर भी फिल्म को बड़ी सफलता दिलाई थी। अब यह जोड़ी एक बार फिर डायरेक्टर मोहित सूरी के साथ नए प्रोजेक्ट में नजर आने वाली है। मोहित सूरी की नई रोमांटिक फिल्म का ऐलानयश राज फिल्म्स ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया है कि अहान पांडे और अनीत पड्डा को लेकर एक नई रोमांटिक फिल्म बनाई जा रही है, जिसका नाम अभी तय नहीं हुआ है। हालांकि मेकर्स ने यह जरूर संकेत दिया है कि यह फिल्म एक “इमोशनल और म्यूजिकल सिनेमैटिक एक्सपीरियंस” होगी, जिसमें यादगार धुनें और गहरी लव स्टोरी देखने को मिलेगी। मोहित सूरी बोले- “ये सफर फिर से नया जैसा है”डायरेक्टर मोहित सूरी ने इस रीयूनियन को लेकर कहा कि उनके लिए लव स्टोरी हमेशा से फिल्म निर्माण का सबसे मजबूत आधार रही है। उन्होंने कहा कि हर प्यार की कहानी गहरी और सच्ची होनी चाहिए, और वह इसी भावना के साथ इस नई फिल्म को बनाने जा रहे हैं। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस बार वह खुद को एक न्यूकमर की तरह महसूस कर रहे हैं और काफी उत्साहित होने के साथ-साथ नर्वस भी हैं। यश राज फिल्म्स का बयानयश राज फिल्म्स के सीईओ ने कहा कि मोहित सूरी के साथ काम करना सिर्फ फिल्म बनाना नहीं, बल्कि भावनाओं को स्क्रीन पर उतारने जैसा अनुभव है। उन्होंने कहा कि ‘सैयारा’ एक खास मोमेंट थी, और अब टीम उससे भी ज्यादा सच्ची और असरदार कहानी लेकर आ रही है। अहान और अनीत की वापसी को लेकर भी उन्होंने खुशी जताई। अहान-अनीत के नए प्रोजेक्ट्स भी चर्चा में‘सैयारा’ के बाद दोनों कलाकारों के करियर में तेजी आई है। अहान पांडे ने अली अब्बास जफर की एक अनटाइटल्ड फिल्म साइन कर ली है। वहीं अनीत पड्डा जल्द ही हॉरर-कॉमेडी फिल्म ‘शक्ति शालिनी’ में नजर आएंगी, जिसमें नाना पाटेकर, विशाल जेठवा और विनीत कुमार सिंह जैसे कलाकार भी शामिल हैं। ‘सैयारा’ की शानदार कमाई‘सैयारा’ ने बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए भारत में करीब 338 करोड़ रुपये और वर्ल्डवाइड लगभग 580 करोड़ रुपये की कमाई की थी। यह फिल्म 2025 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में चौथे स्थान पर रही और इसने नई स्टार जोड़ी को इंडस्ट्री में मजबूत पहचान दिलाई। ‘सैयारा’ की सफलता के बाद अहान पांडे और अनीत पड्डा की जोड़ी का मोहित सूरी के साथ दोबारा जुड़ना दर्शकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। नई फिल्म से एक बार फिर इमोशन, म्यूजिक और रोमांस का दमदार मिश्रण देखने की उम्मीद है, जो एक यादगार सिनेमैटिक अनुभव दे सकता है। ‘सैयारा’ की हिट जोड़ी अहान पांडे और अनीत पड्डा एक बार फिर मोहित सूरी की नई रोमांटिक फिल्म में साथ नजर आएंगे, जिससे फैंस में उत्साह बढ़ गया है। नई फिल्म को एक इमोशनल और म्यूजिकल लव स्टोरी बताया जा रहा है।

चोट के बावजूद खेल रहे हैं Virat Kohli, फिटनेस को लेकर बड़ा खुलासा

  नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के रोमांचक मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) को 5 विकेट से हराकर एक और जीत अपने नाम की। 147 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए RCB ने 29 गेंद शेष रहते 149 रन बनाकर आसान जीत दर्ज की। इस जीत में सबसे अहम भूमिका विराट कोहली की रही, जिन्होंने 34 गेंदों पर 49 रन बनाए और टीम को मजबूत शुरुआत दी। उनकी इस पारी में 6 चौके और 1 छक्का शामिल रहा। कोहली ने देवदत्त पडिक्कल के साथ दूसरे विकेट के लिए 57 रनों की साझेदारी कर जीत की नींव रखी। घुटने की चोट से जूझ रहे हैं विराट कोहलीमैच के बाद विराट कोहली ने बड़ा खुलासा करते हुए बताया कि उनका घुटना अभी पूरी तरह ठीक नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि पिछले एक सप्ताह से वह घुटने में दर्द और सूजन की समस्या से परेशान हैं। कोहली ने माना कि वह इस मैच में भी 100 प्रतिशत फिट नहीं थे, लेकिन टीम के लिए मैदान पर उतरना जरूरी था। उन्होंने कहा कि पिछले मुकाबले की तुलना में स्थिति बेहतर है, लेकिन अभी पूरी तरह फिट होने में समय लगेगा। ‘मैं अभी पूरी तरह फिट नहीं हूं’ – कोहलीकोहली ने मैच के बाद बातचीत में बताया कि पिछले चार-पांच दिनों से उनका स्वास्थ्य भी ठीक नहीं रहा। उन्होंने कहा कि उनकी कोशिश थी कि पावरप्ले में ही मैच का रुख बदल दिया जाए। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वह मैच को और बेहतर तरीके से खत्म कर सकते थे। इसके बावजूद उन्होंने अपनी बल्लेबाजी और जज्बे पर संतोष जताया। पिच और रणनीति पर भी रखी रायविराट कोहली ने पिच को लेकर कहा कि सतह पर ज्यादा घास नहीं थी और यह अपेक्षाकृत धीमी थी। गर्म मौसम के कारण पिच का व्यवहार अलग था, जिससे बल्लेबाजी चुनौतीपूर्ण हो गई थी। उन्होंने बताया कि उनकी रणनीति शुरुआती ओवरों में ही विपक्षी टीम पर दबाव बनाने की थी, ताकि लक्ष्य आसान हो सके। RCB की गेंदबाजी ने भी दिखाया दमइस मुकाबले में RCB की जीत में गेंदबाजों का भी अहम योगदान रहा। रसिख सलाम ने 4 विकेट और भुवनेश्वर कुमार ने 3 विकेट लेकर LSG की बल्लेबाजी को झकझोर दिया। LSG की पूरी टीम 146 रन पर सिमट गई। कृणाल पंड्या ने भी 2 विकेट हासिल किए। बेहतरीन गेंदबाजी के कारण RCB को आसान लक्ष्य मिला। LSG के कार्यवाहक कप्तान ने मानी कमजोरीLSG के कप्तान निकोलस पूरन ने हार के बाद स्वीकार किया कि उनकी टीम इस सीजन में लगातार अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि 175 रन का स्कोर प्रतिस्पर्धी होता, लेकिन बल्लेबाज अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके। पूरन ने माना कि टी20 क्रिकेट में निरंतरता मुश्किल होती है, लेकिन टीम प्रयास कर रही है। यह मुकाबला RCB की शानदार जीत के साथ-साथ विराट कोहली की फिटनेस को लेकर चिंता भी छोड़ गया है। घुटने की चोट के बावजूद उनका प्रदर्शन टीम के लिए बेहद अहम साबित हुआ, लेकिन आने वाले मैचों में उनकी उपलब्धता और फिटनेस RCB के अभियान के लिए निर्णायक साबित हो सकती है।

भारत का सबसे बड़ा Trade पार्टनर बना चीन… अमेरिका को छोड़ा पीछे

नई दिल्ली। चीन (China), अमेरिका (America) को पीछे छोड़कर 2025-26 में भारत (India) का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार (Largest Trading Partner) बन गया है। उद्योग और वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, चीन के साथ द्विपक्षीय व्यापार (Bilateral Trade) 151.1 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। इस दौरान चीन के साथ देश का व्यापार घाटा बढ़कर 112.16 अरब डॉलर हो गया। अमेरिका 2024-25 तक लगातार चार वर्षों तक भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार था। व्यापार घाटा भी रिकॉर्ड स्तर परचीन 2013-14 से 2017-18 तक और फिर 2020-21 में भी भारत का शीर्ष व्यापारिक साझेदार रहा। चीन से पहले यूएई देश का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार था। पिछले वित्त वर्ष के दौरान चीन को भारत का निर्यात 36.66 फीसदी बढ़कर 19.47 अरब डॉलर हो गया, जबकि आयात 16 फीसदी बढ़कर 131.63 अरब डॉलर रहा। व्यापार घाटा 2025-26 में बढ़कर 112.16 अरब डॉलर के अब तक के उच्च स्तर पर पहुंच गया, जो 2024-25 में 99.2 अरब डॉलर था। व्यापार संतुलन में बदलाव2025-26 में अमेरिका को निर्यात मामूली रूप से 0.92 प्रतिशत बढ़कर 87.3 अरब डॉलर रहा, जबकि आयात 15.95 फीसदी बढ़कर 52.9 अरब डॉलर हो गया। व्यापार अधिशेष 2024-25 के 40.89 अरब डॉलर से घटकर 34.4 अरब डॉलर रह गया। जिन प्रमुख व्यापारिक साझेदारों के साथ भारत का निर्यात घटा है, उनमें नीदरलैंड, ब्रिटेन, सिंगापुर, बांग्लादेश, सऊदी अरब, ऑस्ट्रेलिया, फ्रांस, दक्षिण अफ्रीका और मलयेशिया शामिल हैं। जिन प्रमुख देशों के साथ 2025-26 में आयात बढ़ा है, उनमें रूस, इराक, इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया, कतर और ताइवान शामिल हैं।

जांच खत्म करे अमेरिका…. भारत ने अतिरिक्त उत्पादन के आरोपों को किया खारिज

नई दिल्ली। भारत (India) ने अमेरिका (America) के व्यापार प्रतिनिधित (यूएसटीआर-USTR) की ओर से लगाए गए आरोपों को सख्ती के साथ खारिज किया। उन्होंने भारत समेत कई देशों पर अतिरिक्त उत्पादन (Excess Production) और औद्योगिक असंतुलन (Industrial Imbalance) का आरोप लगाया था। भारत ने कहा कि जांच शुरू करने वाले नोटिस में इन आरोपों के समर्थन में कोई ठोस कारण नहीं दिया गया है। भारत ने अमेरिका से अनुरोध किया है कि वह यह निष्कर्ष निकाले कि भारत ने कोई नकारात्मक काम नहीं किया है और उसके खिलाफ जो जांच चल रही है, उसे समाप्त कर दे। यह बात भारत सरकार ने अपने जवाब में यूएसटीआर को बताई। 11 मार्च को अमेरिका ने अपने व्यापारिक साझेदार देशों के खिलाफ जांच शुरू करने की घोषणा की। इनमें भारत, चीन, जापान और यूरोपीय संघ शामिल हैं। इस जांच का उद्देश्य उन ‘अनुचित विदेशी नीतियों या तरीकों’ को देखना और उन पर कार्रवाई करना है, जिनसे अमेरिकी विनिर्माण उद्योग को नुकसान होता है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीयर ने जांच शुरू करने की घोषणा की। यह जांच 1974 के व्यापार अधिनियम की धारा 301(बी) के तहत की गई है। इस जांच में अलग-अलग देशों की ‘नीतियों, कार्यों और तरीकों’ की जांच की जाएगी। खास तौर पर यह देखा जाएगा कि क्या उन देशों में उद्योगों में जरूरत से ज्यादा उत्पादन क्षमता है और विनिर्माण क्षेत्र में असंतुलन है। जांच के दायर में कौन-कौन देश?इस जांच के दायरे में आने वाली अर्थव्यवस्थाएं हैं- बांग्लादेश, कंबोडिया, चीन, यूरोपीय संघ, भारत, इंडोनेशिया, जापान, कोरिया, मलयेशिया, मेक्सिको, नॉर्वे, सिंगापुर, स्विट्जरलैंड, ताइवान, थाईलैंड और वियतनाम। अमेरिकी जांच पर भारत ने क्या कहा?अमेरिका के जांच नोटिस के जवाब में भारत सरकार ने कहा कि वह इस नोटिस में लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह और सख्ती से खारिज करती है। भारत ने कहा कि यह जांच नोटिस सिर्फ बड़े आर्थिक आंकड़ों पर आधारित है। इसमें भारत सरकार की किसी खास नीति या काम का नाम नहीं बताया गया है, जिसे गलत या भेदभावपूर्ण कहा जा सके या जो अमेरिका के व्यापार को नुकसान पहुंचाता हो, जैसा कि कानून की धारा 301(b) में जरूरी है। भारत ने कहा है कि नोटिस में इन आरोपों को साबित करने के लिए कोई ठोस कारण या शुरुआती सबूत नहीं दिए गए हैं। यह दावा कि भारत के बड़े उद्योगों में ‘जरूरत से ज्यादा उत्पादन क्षमता’ है और इससे अमेरिका के साथ व्यापार में अधिक लाभ (ट्रेड सरप्लस) होता है, उसके समर्थन में कोई प्रमाण नहीं दिया गया है। भारत ने कहा कि यह जांच 1974 के व्यापार अधिनियम की धारा 301 और 302 के नियमों के अनुसार सही तरीके से शुरू नहीं की गई है। इसलिए भारत ने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि से अनुरोध किया है कि वह भारत के पक्ष में फैसला दे, जांच को खत्म करे और इसे तुरंत बंद कर दे। भारत ने आगे कहा है कि चूंकि भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू हो चुकी है, इसलिए किसी भी व्यापारिक चिंता को इसी बातचीत के जरिए हल किया जाना चाहिए। भारत ने यह भी कहा कि ऐसे मुद्दों का समाधान एकतरफा कदमों से नहीं, बल्कि आपसी बातचीत के ढांचे के भीतर होना चाहिए।