उज्जैन में मंदिर हटाने को लेकर पंचम पूरा में हुआ विवाद, एसआई घायल

उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन के पंचमपुरा में शनिवार की रात मंदिर हटाने गई पुलिस और नगर निगम टीम के साथ कुछ लोगों ने अभद्रता करते हुए पथराव कर दिया। जिसमें एक माधव नगर थाने में पदस्थ एसआई घायल हो गया। उक्त घटना के बाद माधवनगर थाने के बाहर हिन्दूवादी संगठन के लोगों ने चक्का जाम करने का प्रयास किया। लेकिन पुलिस ने सभी को हटाया। गौरतलब है कि सांवेर रोड स्थित दो तालाब से लेकर तरणताल चौराहे तक मार्ग चौड़ीकरण किया जाना है। इस मार्ग पर स्थित पंचमपुरा में एक कालका माता का मंदिर को भी स्थानांतरित किया जा रहा है। शनिवार सुबह स्थानीय रहवासियों और नगर निगम ने विधि-विधान के साथ माता की मूर्ति को मंदिर से स्थानांतरित कर दिया था। शाम को जब नगर निगम की टीम मंदिर तोडऩे पहुंची तो मंदिर के समीप रहने वाले रवि बामनिया ने हिन्दूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं को बुलाया लिया। स्थानीय लोगों ने नगर निगम की कार्रवाई का समर्थन किया और हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं को हस्तक्षेप करने से रोक दिया। आरोप है की इसी बात को लेकर रवि बामनिया के साथ लोगों ने मारपीट कर दी। जिससे गुस्सा होकर उसने पत्थर फैंके। जिसके कारण मौके पर अफरा-तफरी मच गई। एक पत्थर माधवनगर थाने में पदस्थ एसआई अंकित बनोधा को के सिर में ल ग गया। जिसके कारण वह घायल हो गया। मामला गरमाया तो पुलिस ने लोगों को मौ$के से खदेड़ दिया। कुछ ही देर में पुलिस बल की मौजुदगी में नगर निगम ने मंदिर को हटा दिया। उक्त घटना के बाद हिंदूवादी संगठनों ने माधव नगर थाने का घेराव करते हुए सड़क पर जाम लगाने का प्रयास किया। जहां पर सूचना मिलते ही सीएसपी दीपिका शींदे पहुंची और उन्होने हंगामा कर रहे लोगों को मौके से भागा दिया। इस दौरान पुलिस ने एक युवक को हिरासत में भी लिया।
उन्नत कृषि महोत्सव 2026 में जाफराबादी भैंस बनी पशुपालकों, किसानों का मुख्य आकर्षण

भोपाल। मध्य प्रदेश के रायसेन जिला मुख्यालय पर आयोजित उन्नत कृषि महोत्सव 2026 में विशेष रूप से ऊंची कद-काठी और अधिक दूध उत्पादन के लिए प्रसिद्ध जाफराबादी भैंस आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। बड़ी संख्या में किसान इस भैंस की जानकारी ले रहे हैं। दरअसल, रायसेन के दशहरा मैदान में पशुपालकों और किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने तथा खेती में आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘कृषि कल्याण महोत्सव’ के अंतर्गत ‘उन्नत कृषि महोत्सव 2026’ प्रदर्शनी एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। तीन दिवसीय इस महोत्सव का शुभारंभ शनिवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार लखन पटेल सहित अन्य मंत्रीगण उपस्थित रहे। महोत्सव में केंद्र और राज्य सरकार के पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं की जानकारी देने के लिए आकर्षक स्टॉल लगाए गए हैं। इन्हीं में एक स्टाल में जाफराबादी भैंस भी प्रदर्शन के लिए लाई गई हैं, जो आकर्षण का केंद्र बन गई है। इसके अलावा कुक्कुट विकास निगम, नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा महाविद्यालय जबलपुर, गो संवर्धन बोर्ड, नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड और सांची बोर्ड द्वारा भी स्टॉल लगाकर किसानों को उन्नत तकनीकों और सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। महोत्सव में मध्य प्रदेश की पहचान बन चुका कड़कनाथ सहित विभिन्न उन्नत नस्लों की मुर्गियों का प्रदर्शन किया गया है। साथ ही गिर और साहीवाल नस्ल की गायों तथा मुर्रा भैंस का जीवंत प्रदर्शन कर पशुपालन के आधुनिक स्वरूप से किसानों को अवगत कराया जा रहा है। महोत्सव में संचालनालय पशुपालन एवं डेयरी विभाग डॉ. पी.एस. पटेल, नोडल अधिकारी अतिरिक्त उप संचालक अनुपम अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
MP: समर्थन मूल्य पर अब तक 7103 किसानों से हुई 30 हजार 619 मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी

भोपाल। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में न्यूनतम समर्थन मूल्य (Minimum Support Price) पर गेहूं के उपार्जन का कार्य जारी है। प्रदेश में अभी तक 7103 किसानों से 30 हजार 619 मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है। यह जानकारी प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने दी। उन्होंने बताया कि गेहूँ का उपार्जन इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 9 अप्रैल से शुरू हो चुका है। शेष संभागों में 15 अप्रैल से गेहूँ का उपार्जन शुरू किया जायेगा। अभी तक एक लाख 75 हजार 475 किसानों द्वारा 7 लाख 51 हजार 595 मीट्रिक टन गेहूँ के विक्रय के लिये स्लॉट बुक किये जा चुके हैं। गेहूँ खरीदी के लिये 3171 उपार्जन केन्द्र बनाये गये हैं। खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा घोषित 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है। गेहूँ के उपार्जन के लिये आवश्यक बारदानों की व्यवस्था की जा चुकी है। उपार्जित गेहूँ को रखने के लिये जूट बारदानों के साथ ही पीपी/एचडीपी बैग एवं जूट के भर्ती बारदाने का उपयोग किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूँ के सुरक्षित भंडारण की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में गेहूँ उपार्जन के लिये इस वर्ष रिकार्ड 19 लाख 4 हजार किसानों ने पंजीयन कराया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 लाख 60 हजार अधिक है। विगत वर्ष समर्थन मूल्य पर लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन किया गया था। इस वर्ष विपरीत परिस्थितियों के बावजूद किसानों के हित में सरकार द्वारा 78 लाख मीट्रिक टन गेहूँ के उपार्जन का लक्ष्य रखा गया है, जो कि पिछले वर्ष से एक लाख मीट्रिक टन अधिक है।
MP: CM डॉ. यादव आज 1.25 करोड़ लाड़ली बहनों के खातों में ट्रांसफर करेंगे 1836 करोड़ रुपये

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव आज रविवार को सीहोर जिले के आष्टा में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश की एक करोड़ 25 लाख से अधिक लाड़ली बहनों के खाते में 1836 करोड़ रूपये से अधिक की राशि अंतरित करेंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ यादव सीहोर जिले की 2,40,287 लाड़ली बहनों के खाते में 35 करोड़ 39 लाख 32 हजार 500 रूपये की लाड़ली बहना योजना की राशि अंतरित करेंगे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ यादव 184 करोड़ 92 लाख रूपये लागत के विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी करेंगे। इन कार्यों में 115 करोड़ 32 लाख रूपये के कार्यों का लोकार्पण एवं 69 करोड़ 60 लाख रूपये के कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। इन कार्यों का करेंगे लोकार्पणजनसंपर्क अधिकारी देवेन्द्र ओगारे ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव 115 करोड़ 32 लाख रुपये की लागत के विभिन्न कार्यों का लोकार्पण करेंगे, जिनमें नगर पालिका आष्टा के वार्ड-16 घनश्यामपुरा में आंगनवाड़ी भवन निर्माण कार्य (10.76 लाख रुपये), पार्वती नदी पर घाट निर्माण कार्य (97.31 लाख रुपये), नगर परिषद जावर में नेवज नदी रीज्यूवेशन कार्य (188.00 लाख रुपये) तथा वार्ड-03 में नेवज नदी पर पुलिया निर्माण कार्य (88.00 लाख रुपये) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त आष्टा में सान्दीपनि विद्यालय भवन निर्माण (6100.00 लाख रुपये) एवं जावर में सान्दीपनि विद्यालय भवन निर्माण (3954.00 लाख रुपये), सिद्दीगंज में उपतहसील कार्यालय भवन निर्माण (85.00 लाख रुपये) तथा आष्टा में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय भवन निर्माण (131.00 लाख रुपये) भी शामिल हैं। साथ ही ग्राम मेहतवाड़ा में नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र निर्माण (295.45 लाख रुपये) तथा आष्टा-शुजालपुर मार्ग से धनाना खड़ी अरनिया गाजी करमनखेड़ी मार्ग पर पुल निर्माण कार्य (582.50 लाख रुपये) का भी लोकार्पण किया जाएगा। इन कार्यों का करेंगे भूमिपूजनमुख्यमंत्री डॉ. यादव 69 करोड़ 60 लाख रुपये की लागत से विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। इनमें आष्टा सिद्दीगंज से धर्मपुरी मार्ग निर्माण (200.78 लाख रुपये), हुसैनपुरखेड़ी से ओल्ड आष्टा बडला मार्ग निर्माण (160.11 लाख रुपये) तथा भंवरा से सिद्धेश्वर महादेव मंदिर तक मार्ग निर्माण (401.15 लाख रुपये) शामिल हैं। इसके अतिरिक्त सिद्दीगंज, कुरावर, मेहतवाड़ा, खड़ी, लोरासकला एवं धुराड़ाकला में शासकीय स्कूलों के निर्माण कार्य (894.51 लाख रुपये), मुख्यमंत्री पुलिस आवास योजना अंतर्गत 12 एनजीओ एवं 48 आरक्षक आवास निर्माण (1143.20 लाख रुपये), इछावर में महाविद्यालयीन बालक छात्रावास निर्माण (450.00 लाख रुपये) तथा पार्वती अर्द्धशहरी पुलिस थाना भवन निर्माण (192.13 लाख रुपये) शामिल हैं। साथ ही पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत 96 निर्माण कार्य (1368.00 लाख रुपये) एवं 54 सामुदायिक भवन निर्माण (1320.00 लाख रुपये), नगर परिषद कोठरी में अमृत 2.0 अंतर्गत पेयजल योजना (114.00 लाख रुपये), आष्टा में पपनाश नदी से भोपाल नाका तक आरसीसी नाला निर्माण (240.39 लाख रुपये), सड़क चौड़ीकरण एवं सौंदर्यीकरण कार्य (410.39 लाख रुपये), वार्ड-14 में सब्जी मंडी विकास कार्य (26.25 लाख रुपये) तथा वार्ड-03 में पाण्डू शिला के पास सौंदर्यीकरण कार्य (39.19 लाख रुपये) का भूमिपूजन किया जाएगा।
बांग्लादेश में हिन्दुओं पर फिर हमले…. मुस्लिम युवक की हत्या के बाद फूंके अल्पसंख्यकों के घर और दुकानें

ढाका। बांग्लादेश (Bangladesh) के उत्तर-पश्चिमी जिले रंगपुर (Northwestern district Rangpur) और पश्चिमी जिले कुश्तिया (Western district Kushtia) में शनिवार को भारी हिंसा और तनाव की खबरें सामने आईं। एक मुस्लिम आध्यात्मिक गुरु की हत्या के बाद भड़की भीड़ ने रंगपुर में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के घरों और दुकानों को निशाना बनाया। हैरानी की बात यह है कि मृतक के परिजनों द्वारा हिंदुओं का हाथ होने से इनकार किए जाने के बावजूद भीड़ ने इस समुदाय पर हमला बोल दिया। पुलिस इसे मुख्य मामले से ध्यान भटकाने की एक सोची-समझी साजिश करार दे रही है। ढाका से लगभग 300 किलोमीटर दूर रंगपुर के दासपारा बाजार इलाके में शनिवार को एक मुस्लिम आध्यात्मिक गुरु रकीब हसन की बेरहमी से हत्या कर दी गई। शुरुआती जांच के अनुसार, हसन की हत्या कथित तौर पर एक ड्रग तस्कर मोहम्मद मोमिन ने पुरानी रंजिश के चलते की थी। हालांकि, हत्या के कुछ ही घंटों बाद इलाके में सांप्रदायिक तनाव फैल गया। एक उग्र भीड़ ने दासपारा बाजार में स्थित हिंदुओं के घरों और दुकानों पर हमला बोल दिया। स्थानीय समाचार पत्र ‘प्रथम आलो’ के अनुसार, इस क्षेत्र में हिंदू समुदाय के लगभग सौ से अधिक परिवार रहते हैं। चश्मदीदों का कहना है कि हमलावरों ने तोड़फोड़ के साथ-साथ लूटपाट की भी कोशिश की। ध्यान भटकाने के लिए हुए हमलेरंगपुर के पुलिस कमिश्नर मोहम्मद मजीद अली ने मीडिया को बताया कि पुलिस असली हत्यारों की तलाश कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंदू समुदाय के खिलाफ हुई हिंसा एक तीसरे पक्ष की साजिश है ताकि पुलिस का ध्यान रकीब हसन की हत्या के मामले से भटकाया जा सके। उन्होंने कहा, “हमने उन लोगों की पहचान कर ली है जिन्होंने हिंदू घरों और दुकानों में तोड़फोड़ की है और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।” सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि मृतक रकीब की मां नूरजहां बेगम ने स्वयं बयान दिया कि इस हत्या में हिंदू समुदाय का कोई हाथ नहीं है। उन्होंने पत्रकारों से कहा, “हमारा हिंदुओं साथ कोई विवाद नहीं है। हम सिर्फ अपने बेटे के असली हत्यारों की गिरफ्तारी चाहते हैं।” इस्लाम के अपमान का आरोपरंगपुर की घटना के समांतर ही ढाका से 200 किलोमीटर पश्चिम में स्थित कुश्तिया जिले में भी हिंसा की एक बड़ी वारदात हुई। यहां एक स्कूल शिक्षक और आध्यात्मिक हस्ती शमीम रजा जहांगीर की भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई। उन पर इस्लाम के अपमान का आरोप लगाया गया था। दौलतपुर थाना पुलिस के मुताबिक, हमलावरों ने न केवल जहांगीर की जान ली, बल्कि उनके कम से कम सात अनुयायियों को भी गंभीर रूप से घायल कर दिया। उग्र भीड़ ने जहांगीर के आश्रम को भी आग के हवाले कर दिया। पुलिस ने बताया कि जहांगीर को इससे पहले 2021 में भी कट्टरपंथी संगठनों की शिकायतों पर विवादास्पद गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन बाद में कोर्ट के आदेश पर उन्हें रिहा कर दिया गया था। स्थिति संभालने की कोशिशइन दोहरे हमलों के बाद प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए रंगपुर और कुश्तिया में भारी पुलिस बल और रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) की तैनाती की है। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है। बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा के आंकड़े डराने वाले हैं। ‘बांग्लादेश हिंदू बौद्ध ईसाई एकता परिषद’ द्वारा हाल ही में जारी रिपोर्ट के अनुसार, इस साल 1 जनवरी से 31 मार्च के बीच देश में सांप्रदायिक हिंसा की 133 घटनाएं दर्ज की गई हैं। मानवाधिकार संगठनों ने सरकार से अपील की है कि वे कट्टरपंथी तत्वों पर नकेल कसें और अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
इजराइली सेना का लेबनान में बड़ा हमला…. हिजबुल्लाह के 200 ठिकानों पर की बमबारी

येरुशलम। इजरायली सेना (Israeli army.) ने 24 घंटे के भीतर लेबनान (Lebanon) में हिजबुल्लाह (Hezbollah.) के 200 से अधिक ठिकानों पर हमले का दावा किया है। सेना के मुताबिक, उसके वायुसेना के विमानों ने दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के अड्डों को निशाना बनाया। एक्स पर जारी आधिकारिक पोस्ट में इजरायली रक्षा बल (Israeli Defense Forces.-IDF) ने कहा कि यह ऑपरेशन जारी रहेगा। आईडीएफ ने दावा किया कि इन हमलों से हिजबुल्लाह की सैन्य क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा है। इस बीच क्षेत्र में तनाव जारी है, क्योंकि इजरायल हिजबुल्लाह को कमजोर करने के लिए निरंतर कार्रवाई कर रहा है। इन घटनाओं के बीच ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि लेबनान में युद्धविराम अमेरिका के साथ हुई बातचीत का हिस्सा था। पाकिस्तानी पक्ष ने भी इसकी पुष्टि की है। ईरानी प्रतिनिधिमंडल हिजबुल्लाह के संपर्क में है और स्थिति पर जरूरी फैसले ले रहा है। ईरानी मीडिया प्रेस टीवी के अनुसार, यह जानकारी ईरान-पाकिस्तान-अमेरिका के बीच त्रिपक्षीय वार्ता के शुरू होने के साथ आई है। पाकिस्तानी राजधानी में एक अहम बैठकइस्लामाबाद में हो रही ये बातचीत 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद अमेरिका और ईरान के बीच उच्चतम स्तर की चर्चा मानी जा रही है। ईरानी टीम ने औपचारिक वार्ता से पहले पाकिस्तानी राजधानी में रणनीतिक बैठक की। इस्लामाबाद के सेरेना होटल में ये बातचीत हो रही है, जहां कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अमेरिकी और ईरानी प्रतिनिधि पहुंचे हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की। ईरानी संसद स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने भी प्रधानमंत्री से मुलाकात की। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने इन वार्ताओं को मेक-ऑर-ब्रेक यानी निर्णायक बताया है। 8 अप्रैल को घोषित युद्धविराम को स्थिर करने और क्षेत्रीय सुरक्षा के भविष्य पर चर्चा का लक्ष्य है। होटल के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम और गतिविधियां दिख रही हैं। ईरान के उपराष्ट्रपति मोहम्मद रेजा आरेफ ने एक्स पर लिखा कि बातचीत का नतीजा अमेरिकी रुख पर निर्भर करेगा। अगर अमेरिका फर्स्ट की सोच वाले प्रतिनिधि मिले तो दोनों पक्षों और दुनिया के लिए फायदेमंद समझौता संभव है।
J&K के डोडा क्षेत्र में सुबह-सुबह कांपी धरती, आया 4.6 तीव्रता का भूकंप

जम्मू। जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir) के डोडा (Doda) क्षेत्र में रविवार की सुबह भूकंप (Earthquake) के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.6 मापी गई। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (National Centre for Seismolog) के अनुसार, यह भूकंप सुबह 4 बजकर 32 मिनट पर आया। फिलहाल किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है। महाराष्ट्र के हिंगोली में भूकंप के झटकेइससे पहले शनिवार सुबह महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र के हिंगोली जिले में 4.7 तीव्रता का भूकंप आया था। इसके झटके नांदेड और परभणी जिलों के कुछ हिस्सों में भी महसूस किए गए। अधिकारियों के अनुसार अभी तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान की तत्काल सूचना नहीं है। हालांकि, पांगरा शिंदे गांव में कुछ घरों और सामुदायिक भवनों में दरारें आने की खबर है। हिंगोली के कलेक्टर राहुल गुप्ता ने बताया कि भूकंप सुबह 8 बजकर 45 मिनट पर दर्ज किया गया। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, इसका केंद्र जमीन से करीब 10 किलोमीटर की गहराई पर हिंगोली जिले के वसमत तालुका के शिरली गांव के पास था। क्यों आता है भूकंप?पृथ्वी के अंदर 7 प्लेट्स हैं, जो लगातार घूमती रहती हैं। जहां ये प्लेट्स ज्यादा टकराती हैं, वह जोन फॉल्ट लाइन कहलाता है। बार-बार टकराने से प्लेट्स के कोने मुड़ते हैं। जब ज्यादा दबाव बनता है तो प्लेट्स टूटने लगती हैं। नीचे की ऊर्जा बाहर आने का रास्ता खोजती हैं और डिस्टर्बेंस के बाद भूकंप आता है। जानें क्या है भूंकप के केंद्र और तीव्रता का मतलब?भूकंप का केंद्र उस स्थान को कहते हैं जिसके ठीक नीचे प्लेटों में हलचल से भूगर्भीय ऊर्जा निकलती है। इस स्थान पर भूकंप का कंपन ज्यादा होता है। कंपन की आवृत्ति ज्यों-ज्यों दूर होती जाती हैं, इसका प्रभाव कम होता जाता है। फिर भी यदि रिक्टर स्केल पर 7 या इससे अधिक की तीव्रता वाला भूकंप है तो आसपास के 40 किमी के दायरे में झटका तेज होता है। लेकिन यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि भूकंपीय आवृत्ति ऊपर की तरफ है या दायरे में। यदि कंपन की आवृत्ति ऊपर को है तो कम क्षेत्र प्रभावित होगा। कैसे मापा जाता है भूकंप की तिव्रता और क्या है मापने का पैमाना?भूंकप की जांच रिक्टर स्केल से होती है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। रिक्टर स्केल पर भूकंप को 1 से 9 तक के आधार पर मापा जाता है। भूकंप को इसके केंद्र यानी एपीसेंटर से मापा जाता है। भूकंप के दौरान धरती के भीतर से जो ऊर्जा निकलती है, उसकी तीव्रता को इससे मापा जाता है। इसी तीव्रता से भूकंप के झटके की भयावहता का अंदाजा होता है।
MP: मोनालिसा केस में नया मोड़….. नगर परिषद ने रद्द किया पहले का जन्म प्रमाण पत्र

खरगोन। महाकुंभ (Mahakumbh) से चर्चित हुई वायरल गर्ल मोनालिसा (Viral girl Monalisa) के मामले में मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के खरगोन जिले (Khargone district) की महेश्वर नगर परिषद ने बड़ा कदम उठाते हुए किशोरी का पूर्व में जारी जन्म प्रमाण पत्र अब निरस्त कर दिया है। वहीं, मोनालिसा के नाबालिग साबित होने और उसके अपहरण का मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी है। उधर केरल हाईकोर्ट (Kerala High Court) ने फरमान की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए अगली सुनवाई तक उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। महेश्वर नगर परिषद के प्रभारी CMO प्रियंक पंड्या ने बताया कि किशोरी की मां ने 30 मई 2025 को शपथ पत्र प्रस्तुत कर उसकी जन्म तिथि 1 जनवरी 2008 बताई थी। इस आधार पर तहसीलदार राकेश ससत्या के आदेश पर 5 जून 2025 को नगर परिषद द्वारा इसी तिथि का जन्म प्रमाण पत्र जारी किया गया था। जांच रिपोर्ट के बाद नया जन्म प्रमाण पत्र जारीपंड्या ने आगे बताया कि अब सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, महेश्वर के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर की रिपोर्ट में सामने आया है कि किशोरी का वास्तविक जन्म 30 दिसंबर 2009 को अस्पताल में हुआ था। इस आधार पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ने नया जन्म प्रमाण पत्र जारी कर दिया है। उन्होंने बताया कि इस तथ्य के सामने आने के बाद पूर्व में जारी जन्म प्रमाण पत्र को असत्य मानते हुए निरस्त कर दिया गया है। अधिकारी का हो गया तबादलाइस बीच, प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल देखी गई है। महेश्वर के प्रभारी CMO प्रियंक पंड्या का शुक्रवार देर रात धार जिले के धामनोद में तबादला कर दिया गया। अगली सुनवाई तक फरमान की गिरफ्तारी पर रोकसूत्रों के मुताबिक, फरमान खान और किशोरी ने केरल हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने अगली सुनवाई यानी 20 मई तक उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने के निर्देश दे दिए हैं। इस संबंध में मध्य प्रदेश पुलिस को नोटिस प्राप्त हुआ है, और वह अपना जवाब तैयार कर रही है। खरगोन के पुलिस अधीक्षक रवींद्र वर्मा ने बताया कि पीड़िता को बरामद करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, जिला पुलिस राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को अब तक की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी प्रेषित कर रही है। खरगोन सांसद ने की शीघ्र कार्रवाई की मांगइस बीच क्षेत्रीय सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने सोशल मीडिया के माध्यम से बयान जारी करते हुए आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश के फरमान खान ने षड्यंत्रपूर्वक फर्जी दस्तावेज तैयार कर किशोरी से विवाह किया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि संबंधित लड़की आदिवासी समुदाय से है और नाबालिग है। सांसद के अनुसार, आयोग ने डीजीपी और खरगोन जिला प्रशासन को मामले में संबंधित धाराएं जोड़कर शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इससे पहले महेश्वर के विधायक राजकुमार मेव ने भी पत्रकार वार्ता में कहा था कि लड़की के नाबालिग होने के पर्याप्त प्रमाण हैं और उसे बहला-फुसलाकर विवाह कराया गया है। उन्होंने लड़की को तत्काल वापस लाने और संबंधित आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
MP: सतना में अतिक्रमण हटाने गई टीम पर पथराव…, SDM और TI जान बचाकर भागे

सतना। एमपी (MP) के सतना (Satna) के डॉली बाबा क्षेत्र (Dolly Baba Area) में शनिवार को हाई कोर्ट के आदेश पर अतिक्रमण हटाने गई टीम पर भारी पथराव हुआ। प्रशासन जैसे ही अवैध निर्माण ढहाने पहुंचाए स्थानीय लोगों और महिलाओं ने पुलिस पर हमला कर दिया जिससे एसडीएम और थाना प्रभारी को जान बचाकर भागना पड़ा। स्थिति काबू करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। जमीन इंदौर की एक महिला की निजी संपत्ति थी जिस पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा था। विरोध के बावजूद प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर अवैध निर्माण ध्वस्त कर दिया। पुलिस ने मामले में तीन को हिरासत में लिया है। जान बचाने के लिए भागे एसडीएमपत्थरबाजी इतनी भीषण थी कि एसडीएम और थाना प्रभारी को जान बचाने के लिए भागना पड़ा। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोलों का सहारा लेना पड़ा। प्रशासनिक अमला जैसे ही जेसीबी लेकर नौशाद कबाड़ी के अवैध निर्माण को ढहाने पहुंचा वहां महिलाओं ने महिला पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की शुरू कर दी। देखते ही देखते सैकड़ों लोग लामबंद हो गए और पुलिस टीम पर पथराव शुरू कर दिया। आंसू गैस के गोले दागेअचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और एसडीएम समेत अन्य अधिकारी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते और बचाव करते नजर आए। इस हिंसक झड़प में एसडीएम राहुल सिलाड़िया और थाना प्रभारी रावेंद्र द्विवेदी बाल-बाल बच गए। पथराव में कई पुलिसकर्मियों को मामूली चोटें भी आई हैं। बिगड़ते हालात को देखते हुए तत्काल रिजर्व पुलिस फोर्स को मौके पर बुलाया गया। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे, जिसके बाद उपद्रवी पीछे हटे। इंदौर के भू-स्वामी की जमीन पर था कब्जाएसडीएम राहुल सिलाड़िया ने बताया कि यह कार्रवाई माननीय हाई कोर्ट के 2023 के आदेश के पालन में की गई थी। यह जमीन इंदौर निवासी अनीता सिंह की निजी संपत्ति है। इस पर रामललन दहिया, ऊषा दहिया और नौशाद कबाड़ी ने लगभग 500 से 600 वर्गफीट के पक्के मकान और डेयरी बनाकर अवैध कब्जा कर रखा था। तीन आरोपी हिरासत मेंभारी विरोध और हमले के बावजूद प्रशासन ने कदम पीछे नहीं खींचे। अतिरिक्त बल की मौजूदगी में दोबारा कार्रवाई शुरू की गई और सभी अवैध निर्माणों को जमींदोज कर दिया गया। पुलिस ने पथराव के आरोप में दो पुरुषों और एक महिला को हिरासत में लिया है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अन्य हमलावरों की पहचान की जा रही है। एहतियात के तौर पर पूरे इलाके में पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है।
ईरान की छह अरब डॉलर की संपत्ति फ्रीज…. होर्मुज खोलने के लिए US के समक्ष रखी ये शर्त

वॉशिंगटन। पाकिस्तान (Pakistan) में अमेरिका (America) और ईरान (Iran) के बीच वार्ता में तेहरान की फ्रीज छह अरब डॉलर की संपत्ति को जारी करना अहम मुद्दा है। यह संपत्ति अभी कतर में जमा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एक ईरानी सूत्र ने बताया कि कतर समेत विदेश में फ्रीज संपत्तियों को जारी करना होर्मुज (Strait of Hormuz ) से सुरक्षित आवाजाही तय करने से सीधे तौर पर जुड़ा है। छह अरब डॉलर की यह राशि सबसे पहले 2018 में रोकी गई थी। वाशिंगटन तथा तेहरान के बीच कैदियों की अदला-बदली के समझौते के तहत इसे 2023 में जारी किया जाना था, पर सात अक्तूबर, 2023 को इस्राइल पर हमास के नेतृत्व में हुए हमले के बाद उसके ईरान से संबंधों को देखते हुए बाइडन प्रशासन ने संपत्तियों को फिर से फ्रीज कर दिया। तब अमेरिकी अधिकारियों ने कहा था कि तेहरान को इस पैसे तक अनिश्चितकाल के लिए पहुंच नहीं दी जाएगी और वाशिंगटन के पास इन निधियों को पूरी तरह से रोक देने का अधिकार सुरक्षित है। यह पैसा दक्षिण कोरिया को किए गए ईरानी कच्चे तेल के निर्यात से आया था। 2018 में जब डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पहले राष्ट्रपति कार्यकाल के दौरान ईरान परमाणु समझौते से खुद को अलग कर लिया था और प्रतिबंध लागू कर दिए थे, तो यह पैसा दक्षिण कोरियाई बैंकिंग चैनलों में फंस गया था। अमेरिका-ईरान वार्ता के मुख्य चर्चा के बिंदुईरान चाहता है कि अमेरिका उसकी संपत्तियों पर लगी रोक हटा ले और उन प्रतिबंधों को खत्म कर दे, जिन्होंने वर्षों से उसकी अर्थव्यवस्था को पंगु बना रखा है। अमेरिका ने संकेत दिया है कि वह प्रतिबंधों में बड़ी राहत देने को तैयार है, लेकिन वह केवल परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों में रियायतें के बदले में ही करेगा। ईरान होर्मुज मार्ग पर अपने अधिकार की मान्यता चाहता है। ईरान का मकसद होर्मुज में शुल्क वसूलना और पहुंच को नियंत्रित करना है। वहीं, अमेरिका चाहता है कि यह मार्ग तेल टैंकरों और अन्य यातायात के लिए बिना किसी रोक-टोक के खुला रहे, जिसमें टोल शुल्क भी शामिल है। ईरान युद्ध के दौरान हुए सभी नुकसान के लिए मुआवजे की मांग कर रहा है। ईरान यूरेनियम संवर्धन की अनुमति चाहता है, जिसे वाशिंगटन ने सिरे से खारिज कर दिया है। इस्राइल-अमेरिका, दोनों ही चाहते हैं कि ईरान की मिसाइल क्षमताओं में भारी कटौती की जाए। तेहरान ने कहा है कि उसका मिसाइल जखीरा वार्ता का विषय नहीं है। ईरान इस क्षेत्र से अमेरिकी लड़ाकू बलों की वापसी, सभी मोर्चों पर युद्ध की समाप्ति चाहता है। ट्रंप ने कहा है कि जब तक कोई शांति समझौता नहीं हो जाता, तब तक वह पश्चिम एशिया में अपनी सैन्य मौजूदगी बनाए रखेंगे। विरोधाभासी दावे भीबातचीत शुरू होने के साथ ही दोनों पक्षों की ओर से विरोधाभासी बयान भी सामने आए। एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि अमेरिका कतर और अन्य विदेशी बैंकों में ईरान की जब्त 6 अरब डॉलर की संपत्तियों को जारी करने पर सहमत हो गया। बदले में ईरान होर्मुज मार्ग से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करेगा। लेकिन व्हाइट हाउस ने मीडिया रिपोर्टों को खारिज कर दिया। कतर की ओर से भी इस संबंध में कोई बयान नहीं आया। अमेरिकी टीम के सामने मजबूती से डटे हैं : ईरानशांति वार्ता के बीच ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा कि इस्लामाबाद में वार्ता में ईरान के नेता मजबूती से डटे हैं व पुरजोर तरीके से अपने हितों की रक्षा करते हुए बहादुरी से बातचीत कर रहे हैं। इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ वार्ता में ईरान जिन प्रमुख बिंदुओं पर बातचीत चाहता है, उसमें लेबनान में संघर्षविराम प्रमुख है। लड़ाई शुरू होने के बाद से ईरान समर्थित हिजबुल्ला लड़ाकों पर इस्राइली हमलों में करीब 2,000 लोग मारे जा चुके हैं। इस्राइल-अमेरिका का कहना है कि लेबनान अभियान संघर्षविराम का हिस्सा नहीं है। मोजतबा के चेहरे पैर पर गंभीर चोट का दावाईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामनेई के स्वास्थ्य को लेकर बड़ा दावा किया गया है। सूत्रों के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि मुजतबा खामनेई 28 फरवरी हुए उस हवाई हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिसमें उनके पिता (अली खामनेई) की मृत्यु हुई थी। हमले में उनके चेहरे पर गहरी चोटें आई हैं, जिससे चेहरा विकृत हो गया है। उनके पैरों में भी गंभीर घाव हैं। कुछ खुफिया आकलनों के अनुसार उन्होंने अपना एक पैर भी खो दिया है। 8 मार्च को सर्वोच्च नेता बनने के बाद से 56 वर्षीय मोजतबा जनता के सामने नहीं आए हैं। उनकी कोई फोटो या वीडियाे भी जारी नहीं किया गया है। पिछले दिनों मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि उनका कुम शहर में इलाज चल रहा है। रूस की नसीहत, इस्लामाबाद बातचीत खतरे में न पड़ने देंरूस ने इस्लामाबाद बातचीत में हिस्सा लेने वालों से कहा है कि वे ऐसे किसी भी कदम से परहेज करें, जिससे यह मौका खतरे में पड़ सकता है। सोशल मीडिया पर एक बयान में रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा, हम पाकिस्तान में होने वाली बातचीत में हिस्सा लेने वाले सभी लोगों से जिम्मेदारी से काम करने और ऐसे किसी भी कदम से बचने की अपील करते हैं जिससे यह मौका खतरे में पड़ सकता है। वहीं, दूसरी तरफ चीन ने भी पाकिस्तान में हो रही इस अहम वार्ता पर बारीकी से नजरें बना रखी है। मालूम हो कि संघर्ष के दौरान चीन और रूस ईरान के बड़े मददगार रहे हैं।