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डिजिटल पेमेंट में भारत का दबदबा, UPI ने दुनिया में बनाया रिकॉर्ड

नई दिल्ली। भारत का डिजिटल पेमेंट सिस्टम यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) आज अपने 10 साल पूरे कर चुका है और इस दौरान उसने न सिर्फ देश में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी मजबूत पहचान बनाई है। सरकार के आंकड़ों के अनुसार, भारत अब दुनिया के कुल रियल-टाइम डिजिटल पेमेंट्स में करीब 49 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है, जो देश की तेजी से बढ़ती डिजिटल ताकत का प्रमाण है। रिकॉर्ड तोड़ ग्रोथ, आंकड़े बताते हैं कहानीयूपीआई की सफलता का अंदाजा इसके लेनदेन के आंकड़ों से लगाया जा सकता है। जनवरी 2026 में ही यूपीआई के जरिए 21.70 अरब ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी कुल वैल्यू 28.33 लाख करोड़ रुपये रही। आज देश के कुल रिटेल डिजिटल भुगतान में यूपीआई की हिस्सेदारी 81 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जो इसकी लोकप्रियता को दर्शाता है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भी यूपीआई को दुनिया का सबसे बड़ा रियल-टाइम पेमेंट सिस्टम बताया है। खास बात यह है कि महज एक दशक से भी कम समय में इस प्लेटफॉर्म ने 12,000 गुना से ज्यादा ट्रांजैक्शन वॉल्यूम और 4,000 गुना से अधिक वैल्यू की वृद्धि दर्ज की है। गांव से शहर तक पहुंचा डिजिटल क्रांति का असरयूपीआई की असली ताकत सिर्फ बड़े आंकड़ों में नहीं, बल्कि इसके व्यापक उपयोग में है। आज यह सिस्टम शहरों से लेकर गांवों तक पहुंच चुका है। ऑटो रिक्शा चालक, छोटे दुकानदार, सब्जी विक्रेता और मंडियों में भी यूपीआई का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। सिर्फ एक स्मार्टफोन की मदद से लोग देश के किसी भी कोने में तुरंत पैसे भेज सकते हैं। इससे न केवल लेनदेन आसान हुआ है, बल्कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच की आर्थिक दूरी भी कम हुई है और वित्तीय समावेशन को मजबूती मिली है। वैश्विक स्तर पर बढ़ रहा यूपीआई का दायराभारत का यह डिजिटल मॉडल अब दुनिया के लिए उदाहरण बन चुका है। विश्व बैंक समेत कई अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने इसकी दक्षता और समावेशी मॉडल की सराहना की है। यूपीआई अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विस्तार कर रहा है। यह सिस्टम संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, फ्रांस, मॉरीशस और कतर जैसे देशों में पहुंच चुका है। इससे क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट और रेमिटेंस पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गए हैं।  सिर्फ पेमेंट नहीं, बन रहा फाइनेंशियल प्लेटफॉर्मयूपीआई अब केवल पैसे भेजने का माध्यम नहीं रहा, बल्कि यह एक संपूर्ण फाइनेंशियल प्लेटफॉर्म बनता जा रहा है। यूपीआई लाइट छोटे और तेज भुगतान को आसान बना रहा है, वहीं यूपीआई ऑटोपे के जरिए बिल और सब्सक्रिप्शन जैसे नियमित भुगतान ऑटोमैटिक हो गए हैं। इसके अलावा, फिनटेक कंपनियां और एनबीएफसी यूपीआई के जरिए प्री-अप्रूव्ड लोन, आसान रीपेमेंट और कस्टमाइज्ड फाइनेंशियल सेवाएं भी उपलब्ध करा रही हैं, जिससे डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है।

डिंडौरी में दशगात्र भोज करने के बाद 70 से ज्यादा ग्रामीण बीमार, फूड पॉइजनिंग की आशंका

डिंडौरी। मध्य प्रदेश के डिंडौरी जिले के मेहंदवानी जनपद के ग्राम झामझोला में दशगात्र भोज के बाद बड़ा स्वास्थ्य संकट खड़ा हो गया। शुक्रवार रात आयोजित इस कार्यक्रम में खाना खाने के बाद 70 से अधिक ग्रामीणों की तबीयत बिगड़ गई जिन्हें अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। भोज के बाद देर रात शुरू हुई परेशानी ग्रामीणों के मुताबिक सुखचैन धुर्वे के घर आयोजित दशगात्र कार्यक्रम में रात करीब 10 बजे लोगों ने पूड़ी सब्जी दाल और चावल का भोजन किया। इसके बाद सभी अपने घर लौट गए लेकिन देर रात करीब 12 बजे से लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायत शुरू हो गई। देखते ही देखते कई ग्रामीण बीमार पड़ गए। अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या शनिवार सुबह से ही मरीजों का मेहंदवानी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचना शुरू हो गया। गंभीर स्थिति वाले कुछ मरीजों को मंडला जिले के मोहगांव अस्पताल रेफर किया गया है। डॉक्टरों के अनुसार सभी मरीज फिलहाल खतरे से बाहर हैं। घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग पुलिस और राजस्व विभाग की टीमें गांव पहुंच गईं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज पांडेय के निर्देश पर गांव में अस्थायी मेडिकल कैंप लगाकर इलाज शुरू किया गया। मरीजों को दवाइयां दी जा रही हैं और उनकी लगातार निगरानी की जा रही है। 50 से ज्यादा मरीज मोहगांव में भर्ती स्वास्थ्य विभाग के अनुसार मोहगांव अस्पताल में 50 से अधिक मरीज भर्ती हैं जबकि मेहंदवानी अस्पताल में 20 से ज्यादा लोगों का इलाज चल रहा है। सभी ने एक ही भोज का खाना खाने की बात कही है जिससे भोजन में गड़बड़ी की आशंका जताई जा रही है। जिला प्रशासन ने भोज में परोसे गए भोजन के नमूने जांच के लिए भेज दिए हैं। शुरुआती तौर पर फूड पॉइजनिंग की संभावना जताई जा रही है हालांकि वास्तविक कारण रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। प्रशासन ने ग्रामीणों से अपील की है कि तबीयत खराब होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराएं। साथ ही गांव में साफ-सफाई और स्वच्छ पेयजल व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।

बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में भारत का जलवा, आयुष शेट्टी ने वर्ल्ड नंबर-1 को दी मात

नई दिल्ली। भारत के उभरते स्टार शटलर Ayush Shetty ने बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में जगह बना ली है। निंगबो के निंगबो ओलंपिक स्पोर्ट्स सेंटर में खेले गए सेमीफाइनल में उन्होंने दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी Kunlavut Vitidsarn को हराकर बड़ा उलटफेर किया। पहला गेम हारकर की दमदार वापसीकरीब 1 घंटा 15 मिनट तक चले इस मुकाबले में आयुष शेट्टी ने जबरदस्त जज्बा दिखाया। उन्होंने पहला गेम 10-21 से गंवा दिया था, लेकिन इसके बाद शानदार वापसी करते हुए 21-19 और 21-17 से लगातार दो गेम जीतकर मैच अपने नाम कर लिया। दूसरे और तीसरे गेम में आयुष का धैर्य, आक्रामक खेल और नेट पर नियंत्रण देखने लायक था, जिसने मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल दिया। करियर की सबसे बड़ी जीतKunlavut Vitidsarn पेरिस ओलंपिक 2024 के रजत पदक विजेता हैं। ऐसे में उनके खिलाफ जीत आयुष शेट्टी के करियर की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिनी जा रही है। इस जीत के साथ आयुष 2018 में H. S. Prannoy के बाद इस टूर्नामेंट में पदक पक्का करने वाले पहले भारतीय पुरुष एकल खिलाड़ी बन गए हैं। फाइनल तक का शानदार सफरआयुष शेट्टी का इस टूर्नामेंट में सफर बेहद दमदार रहा है।क्वार्टरफाइनल में उन्होंने वर्ल्ड नंबर-4 Jonatan Christie को 23-21, 21-17 से हरायाइससे पहले वर्ल्ड नंबर-7 ली शिफेंग को सीधे गेम में मात दीसाथ ही चाउ तिएन-चेन जैसे अनुभवी खिलाड़ी को भी हराया इस लगातार प्रदर्शन ने साबित कर दिया कि आयुष बड़े मंच के खिलाड़ी बन चुके हैं। भारत के लिए मिले-जुले नतीजेजहां आयुष ने शानदार प्रदर्शन किया, वहीं बाकी भारतीय खिलाड़ियों के लिए यह टूर्नामेंट ज्यादा सफल नहीं रहा। P. V. Sindhu दूसरे दौर में बाहर हो गईं, जबकि Lakshya Sen पहले ही राउंड में हार गए। इतिहास रचने का मौकायूएस ओपन सुपर 300 चैंपियन आयुष शेट्टी अब फाइनल में खिताब जीतकर इतिहास रचने के बेहद करीब हैं। अगर वह यह मुकाबला जीतते हैं, तो यह उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि होगी और भारतीय बैडमिंटन के लिए भी गर्व का क्षण होगा।

फिल्म जाट के एक साल पूरे होने पर सीक्वल की घोषणा पुराने कलाकारों के साथ फिर जमेगी जोड़ी

नई दिल्ली। एक्शन सुपरस्टार सनी देओल के प्रशंसकों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है जहाँ अभिनेता ने अपनी हालिया सुपरहिट एक्शन फिल्म की पहली वर्षगांठ के अवसर पर इसके अगले भाग की आधिकारिक घोषणा कर दी है। गबरू और लाहौर 1947 जैसी बड़ी फिल्मों की व्यस्त तैयारियों के बीच अभिनेता ने अपनी फिल्म जाट के सीक्वल जाट 2 का ऐलान कर मनोरंजन जगत में हलचल पैदा कर दी है। अभिनेता ने इस खास मौके पर फिल्म के निर्माण से जुड़े सभी साथियों और सह-कलाकारों का आभार व्यक्त करते हुए पुरानी यादें साझा कीं। इस घोषणा के साथ ही यह साफ हो गया है कि दर्शकों को एक बार फिर पर्दे पर जबरदस्त एक्शन और धमाकेदार मुकाबले देखने को मिलने वाले हैं। सोशल मीडिया पर साझा की गई झलकियों में अभिनेता का वही पुराना रौद्र रूप नजर आ रहा है जो उनके चाहने वालों के बीच बेहद लोकप्रिय है। फिल्म के पहले भाग की यादें साझा करते हुए अभिनेता ने बताया कि शूटिंग के दौरान का सफर बेहद शानदार और ऊर्जा से भरा रहा। उन्होंने फिल्म के निर्देशन की सराहना करते हुए कहा कि जिस विजन के साथ इस कहानी को पर्दे पर उतारा गया वह काबिले तारीफ था। फिल्म में उनके साथ रणदीप हुड्डा और विनीत कुमार सिंह जैसे दमदार कलाकार भी नजर आए थे जिनके साथ काम करने के अनुभव को अभिनेता ने बेहद सुखद बताया। पहले भाग की कहानी में दिखाया गया था कि किस तरह एक नायक खलनायक के गुंडाराज और आतंक को खत्म करने के लिए मैदान में उतरता है। अब जाट 2 के जरिए इस संघर्ष और रोमांच को एक नए स्तर पर ले जाने की तैयारी है। व्यावसायिक दृष्टि से देखा जाए तो इस फिल्म के पहले भाग ने बॉक्स ऑफिस पर संतुलित प्रदर्शन किया था। करीब 100 करोड़ रुपये की लागत से बनी इस फिल्म ने अपनी लागत वसूलने के साथ ही मुनाफा भी कमाया था। सिनेमाघरों के बाद इसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी दर्शकों का भरपूर प्यार मिला जिससे निर्माताओं का उत्साह बढ़ा और उन्होंने इसके दूसरे भाग पर काम शुरू करने का फैसला लिया। वर्तमान में अभिनेता के पास कई बड़े प्रोजेक्ट्स हैं लेकिन जाट 2 के ऐलान ने यह साबित कर दिया है कि वे अपने एक्शन अवतार को लेकर कितने गंभीर हैं। अभिनेता के इस नए ऐलान के बाद फिल्म की पहली झलक और शूटिंग से जुड़ी अन्य जानकारियों का इंतजार बेसब्री से किया जा रहा है। साझा किए गए वीडियो में जिस तरह का जोश और एक्शन नजर आ रहा है उससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि जाट 2 पहले भाग के मुकाबले कहीं अधिक भव्य और प्रभावशाली होगी। मनोरंजन जगत में चर्चा है कि इस बार कहानी में नए मोड़ और अधिक खतरनाक स्टंट देखने को मिल सकते हैं। फिलहाल सनी देओल अपनी अन्य फिल्मों के काम में व्यस्त हैं लेकिन जल्द ही वे इस नए मिशन के लिए कमर कसते नजर आएंगे।

शिवपुरी सड़क हादसा बना काल बनकर टूटा ट्रक दूल्हा-दुल्हन सहित चार की मौके पर मौत

शिवपुरी । शिवपुरी में एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है जहां खुशियों से भरा एक परिवार पल भर में गहरे शोक में डूब गया हादसे में दूल्हा दुल्हन समेत चार लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई जिससे पूरे इलाके में मातम पसर गया है यह भीषण दुर्घटना सिरसौद थाना क्षेत्र के टोंगरा रोड पर हुई जहां एक ऑटो में सवार होकर नवविवाहित दंपती और उनके परिजन यात्रा कर रहे थे बताया जा रहा है कि वे किसी पारिवारिक कार्य से जा रहे थे तभी सामने से आ रहा एक ट्रक अचानक अनियंत्रित हो गया और सीधे ऑटो के ऊपर पलट गया टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ऑटो पूरी तरह ट्रक के नीचे दब गया और उसमें सवार लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला आसपास मौजूद लोगों ने जैसे ही यह मंजर देखा तो वे सहम गए और तुरंत राहत कार्य के लिए दौड़े लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी इस हादसे में जिन चार लोगों की मौत हुई उनमें 50 वर्षीय अजेश पुत्र पीतम शाक्य 20 वर्षीय राजेश्वर पुत्र वीरेंद्र शाक्य 35 वर्षीय राजो पत्नी हरविलास शाक्य और 22 वर्षीय वीरेंद्र पुत्र प्रीतम शाक्य शामिल हैं सभी मृतक ग्राम राजगढ़ तेंदुआ के निवासी बताए जा रहे हैं हादसे की सबसे दर्दनाक बात यह रही कि मृतकों में दूल्हा और दुल्हन भी शामिल थे जिनकी शादी मात्र दो दिन पहले ही हुई थी नई जिंदगी की शुरुआत से पहले ही यह सफर हमेशा के लिए थम गया जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है घटना के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और राहत व बचाव कार्य शुरू किया गया शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है वहीं पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा और भारी वाहनों की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है

केएल सहगल भारतीय सिनेमा के पहले सुपरस्टार, संघर्ष से महानता तक की प्रेरक कहानी..

नई दिल्ली:भारतीय सिनेमा के इतिहास में ऐसे कई कलाकार हुए हैं जिन्होंने अपनी कला से पूरी फिल्म इंडस्ट्री की दिशा बदल दी, लेकिन उनमें से एक नाम ऐसा है जिसे भारतीय सिनेमा का पहला सुपरस्टार कहा जाता है। Kundan Lal Saigal ने अपनी अनोखी आवाज, भावनात्मक गायकी और प्रभावशाली अभिनय से वह मुकाम हासिल किया जिसे आज भी स्वर्ण युग की शुरुआत माना जाता है। 1904 में जन्मे केएल सहगल का जीवन साधारण परिस्थितियों में शुरू हुआ था। बचपन में उन्हें किसी बड़े घराने की संगीत शिक्षा नहीं मिली, लेकिन परिवार के भजनों और आसपास के सांस्कृतिक माहौल ने उनके भीतर संगीत के प्रति गहरी रुचि जगा दी। शुरुआती जीवन में उन्होंने कई छोटे काम किए, जिनमें रेलवे में टाइमकीपर और एक कंपनी में सेल्समैन की नौकरी शामिल थी। इन नौकरियों ने उन्हें देश के अलग अलग हिस्सों को देखने और विविध संगीत परंपराओं को समझने का अवसर दिया। धीरे धीरे उनका रुझान संगीत और अभिनय की ओर बढ़ता गया और वे कोलकाता पहुंचे, जहां उस समय फिल्म उद्योग अपने शुरुआती दौर में था। वहां उन्होंने अपनी आवाज और गायकी से लोगों का ध्यान खींचा और यहीं से उनके फिल्मी करियर की शुरुआत हुई। उनकी प्रतिभा को पहचान मिली और उन्हें फिल्मों में काम करने का अवसर मिला। उनके करियर का सबसे बड़ा मोड़ फिल्म Devdas साबित हुई। इस फिल्म में उनके अभिनय और गायन ने दर्शकों पर गहरा प्रभाव छोड़ा और वे रातों रात लोकप्रिय हो गए। इस फिल्म के गीतों ने उस दौर में संगीत को एक नई पहचान दी और सहगल को घर घर में मशहूर कर दिया। केएल सहगल की आवाज की सबसे बड़ी विशेषता उसकी भावनात्मक गहराई और अनोखी शैली थी। उनकी गायकी में दर्द, सादगी और शास्त्रीय संगीत का सुंदर मिश्रण था, जिसने उन्हें अपने समय का सबसे अलग और प्रभावशाली गायक बना दिया। उनकी आवाज केवल मनोरंजन नहीं थी बल्कि एक भावनात्मक अनुभव बन गई थी। उन्होंने मिर्जा गालिब की रचनाओं को भी अपनी आवाज में एक नया जीवन दिया। उनकी प्रस्तुतियों ने ग़ज़ल गायकी को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लोग उनकी आवाज को ग्रामोफोन रिकॉर्ड के माध्यम से सुनना पसंद करते थे और उनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती गई। उनकी सफलता के साथ-साथ जीवन में संघर्ष और चुनौतियां भी जुड़ी रहीं। लगातार काम का दबाव और जीवनशैली की समस्याओं ने उनके स्वास्थ्य पर असर डाला। फिर भी उन्होंने अपने संगीत और अभिनय से कभी समझौता नहीं किया और लगातार दर्शकों के दिलों पर छाप छोड़ते रहे। भारतीय संगीत जगत की महान गायिका Lata Mangeshkar ने उन्हें अपना प्रेरणास्रोत माना, जो उनकी महानता को दर्शाता है। कई कलाकारों ने उनकी शैली को आदर्श मानकर अपने करियर को आगे बढ़ाया। उनकी आवाज और शैली आज भी संगीत प्रेमियों के बीच सम्मान के साथ याद की जाती है। मात्र 42 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया, लेकिन उनके गीत, उनका अभिनय और उनकी संगीत विरासत आज भी भारतीय सिनेमा के इतिहास में जीवित है। उन्हें हमेशा उस कलाकार के रूप में याद किया जाता है जिन्होंने संघर्ष से शुरुआत कर भारतीय सिनेमा को एक नई पहचान और ऊंचाई दी।

क्रिकेट इतिहास का अनोखा रिकॉर्ड, वीनू मांकड़ ने हर बल्लेबाजी क्रम पर खेलकर रचा इतिहास

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट इतिहास में Vinoo Mankad का नाम महान ऑलराउंडर्स में शुमार किया जाता है। उनका करियर सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने भारतीय क्रिकेट को नई पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई। खास बात यह है कि वह भारत के इकलौते ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 1 से लेकर 11 नंबर तक हर क्रम पर बल्लेबाजी की। जन्म और शुरुआती सफरवीनू मांकड़ का जन्म 12 अप्रैल 1917 को Jamnagar में हुआ था। उनका पूरा नाम मुलवंतराय हिम्मतलाल मांकड़ था। दाएं हाथ के बल्लेबाज और बाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज के रूप में उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने जून 1946 में England national cricket team के खिलाफ अपना टेस्ट डेब्यू किया और धीरे-धीरे भारतीय टीम के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में शामिल हो गए। भारत की पहली टेस्ट जीत के नायकभारतीय क्रिकेट के इतिहास में India first Test win 1952 एक ऐतिहासिक पल रहा, जिसमें वीनू मांकड़ हीरो बनकर उभरे। चेन्नई में खेले गए इस मुकाबले में इंग्लैंड ने पहली पारी में 266 रन बनाए, लेकिन मांकड़ ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 8 विकेट झटके। भारत ने जवाब में 457/9 रन बनाकर बड़ी बढ़त हासिल की। दूसरी पारी में भी मांकड़ का जादू चला और उन्होंने 4 विकेट लेकर इंग्लैंड को 183 रन पर समेट दिया। भारत ने यह मैच पारी और 8 रन से जीता। मांकड़ ने मैच में कुल 12 विकेट लेकर इतिहास रच दिया। शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन 1946 से 1959 के बीच मांकड़ ने भारत के लिए 44 टेस्ट मैच खेले। इस दौरान उन्होंने 2,109 रन बनाए, जिसमें 5 शतक और 6 अर्धशतक शामिल हैं। उनका सर्वोच्च स्कोर 231 रन रहा। गेंदबाजी में भी उन्होंने कमाल किया और 162 विकेट अपने नाम किए। एक पारी में 5 विकेट लेने का कारनामा उन्होंने 8 बार किया। घरेलू क्रिकेट में भी दबदबावीनू मांकड़ ने Maharashtra, Gujarat, Bengal, Saurashtra, Mumbai और Rajasthan के लिए घरेलू क्रिकेट खेला। 233 प्रथम श्रेणी मैचों में उन्होंने 11,591 रन बनाए और 782 विकेट झटके, जो उनकी ऑलराउंड क्षमता का बेहतरीन उदाहरण है। ‘मांकड़िंग’ की कहानीक्रिकेट में ‘मांकड़िंग’ शब्द की शुरुआत भी वीनू मांकड़ से ही हुई। 1947 में उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज Bill Brown को नॉन-स्ट्राइकर एंड पर क्रीज छोड़ने पर रनआउट किया था। हालांकि, उन्होंने पहले चेतावनी भी दी थी। लंबे समय तक इस तरह के रनआउट को ‘मांकड़िंग’ कहा जाता रहा। आज भी यह नियम चर्चा का विषय बना रहता है। सम्मान और विरासतभारत सरकार ने 1973 में उन्हें Padma Bhushan से सम्मानित किया। उनके सम्मान में Board of Control for Cricket in India अंडर-19 स्तर पर ‘वीनू मांकड़ ट्रॉफी’ का आयोजन करती है। 21 अगस्त 1978 को 61 वर्ष की उम्र में उनका निधन हो गया, लेकिन भारतीय क्रिकेट में उनका योगदान हमेशा अमर रहेगा। भारतीय क्रिकेट का अनमोल सितारावीनू मांकड़ सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट की नींव रखने वाले महान हस्तियों में से एक थे। उनकी ऑलराउंड प्रतिभा, समर्पण और रिकॉर्ड उन्हें हमेशा खास बनाते हैं। वीनू मांकड़ भारत के इकलौते खिलाड़ी हैं जिन्होंने 1 से 11 तक हर क्रम पर बल्लेबाजी की और देश की पहली टेस्ट जीत में अहम भूमिका निभाई।

IPL 2026: टॉस PBKS के नाम, SRH पहले करेगी बल्लेबाजी- जानें प्लेइंग इलेवन

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 के 17वें मुकाबले में Punjab Kings और Sunrisers Hyderabad आमने-सामने हैं। न्यू पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेले जा रहे इस मैच में पंजाब के कप्तान Shreyas Iyer ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया है। “विकेट को समझना जरूरी” – श्रेयस अय्यरटॉस के बाद श्रेयस अय्यर ने कहा कि यह दिन का मैच है और टीम पहले गेंदबाजी करके पिच का व्यवहार समझना चाहती है। उन्होंने बताया कि पिछले मैचों में भी यही रणनीति कारगर रही है। अय्यर ने टीम के युवाओं का समर्थन करने पर भी जोर दिया और कहा कि ज्यादा निर्देश देने से बेहतर है कि खिलाड़ी अपने प्राकृतिक खेल पर ध्यान दें। उन्होंने प्लेइंग इलेवन में एक बदलाव की जानकारी दी, जिसमें नेहाल की जगह प्रियांश को मौका मिला है। “पहले गेंदबाजी पसंद करते” – ईशान किशनवहीं Ishan Kishan ने कहा कि वे भी पहले गेंदबाजी करना चाहते थे, लेकिन अब टीम को पहली पारी में अच्छा स्कोर खड़ा करना होगा। उन्होंने माना कि कप्तान Pat Cummins की गैरमौजूदगी टीम के लिए बड़ा झटका है, लेकिन युवा गेंदबाजों से अच्छी उम्मीदें हैं। एसआरएच ने इस मैच में दो बदलाव किए हैं। पंजाब की जीत की लय बरकरार रखने की कोशिशपंजाब किंग्स इस सीजन शानदार फॉर्म में है। टीम अब तक अपराजेय रही है और 3 मैचों में 2 जीत व 1 रद्द मुकाबले के साथ 5 अंक लेकर अंकतालिका में दूसरे स्थान पर है। ऐसे में टीम की कोशिश इस मैच को जीतकर अपनी जीत की लय बनाए रखने की होगी। SRH की नजर वापसी परदूसरी ओर, सनराइजर्स हैदराबाद का प्रदर्शन अब तक उतार-चढ़ाव भरा रहा है। टीम 3 मैचों में 1 जीत और 2 हार के साथ छठे स्थान पर है। पिछले मैच में हार के बाद SRH इस मुकाबले में जीत हासिल कर वापसी करना चाहेगी। पंजाब किंग्स की प्लेइंग इलेवनप्रियांश आर्य, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), कूपर कोनोली, श्रेयस अय्यर (कप्तान), शशांक सिंह, मार्कस स्टोइनिस, मार्को जेनसन, जेवियर बार्टलेट, विजयकुमार वैशाक, Arshdeep Singh, Yuzvendra Chahal। सनराइजर्स हैदराबाद की प्लेइंग इलेवनट्रेविस हेड, Abhishek Sharma, ईशान किशन (विकेटकीपर), हेनरिक क्लासेन, सलिल अरोड़ा, अनिकेत वर्मा, नीतीश कुमार रेड्डी, हर्ष दुबे, शिवांग कुमार, हर्षल पटेल, इशान मलिंगा। मुकाबला होगा दिलचस्पदोनों टीमों की मौजूदा फॉर्म और संतुलन को देखते हुए यह मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है। जहां पंजाब अपनी जीत की लय जारी रखना चाहेगी, वहीं हैदराबाद वापसी कर अंकतालिका में ऊपर चढ़ने की कोशिश करेगी।

साउथ सिनेमा में पाइरेसी का बढ़ता खतरा बड़े बजट की फिल्मों के लिए बनी बड़ी चुनौती

नई दिल्ली।फिल्म निर्माण केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि एक बेहद जटिल और महंगा रचनात्मक कार्य है, जिसमें करोड़ों रुपये का निवेश, वर्षों की मेहनत और हजारों लोगों की भागीदारी शामिल होती है। किसी भी फिल्म के पीछे निर्माता की पूंजी के साथ-साथ कलाकारों, निर्देशकों और तकनीकी टीम के सपने और करियर भी जुड़े होते हैं। ऐसे में फिल्म का लीक होना केवल आर्थिक नुकसान नहीं बल्कि पूरी रचनात्मक प्रक्रिया पर गहरा आघात माना जाता है। दक्षिण भारतीय सिनेमा में पिछले कुछ वर्षों में पाइरेसी एक गंभीर चुनौती के रूप में उभरकर सामने आई है। बड़े बजट की फिल्मों के रिलीज से पहले या रिलीज के तुरंत बाद लीक होने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे पूरी फिल्म इंडस्ट्री में चिंता का माहौल बना हुआ है। हाल ही में एक बड़ी फिल्म को लेकर भी इसी तरह की स्थिति सामने आई, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था और सख्त करने की मांग तेज हो गई। इस तरह की समस्या केवल एक फिल्म तक सीमित नहीं रही है, बल्कि कई बड़ी और सफल फिल्मों को भी इसका सामना करना पड़ा है। Pushpa 2: The Rule जैसी चर्चित फिल्मों के रिलीज के बाद उनके कुछ हिस्से अवैध रूप से इंटरनेट पर फैल गए, जिससे निर्माताओं को बॉक्स ऑफिस पर असर झेलना पड़ा। इसी तरह KGF Chapter 2 के मामले में भी रिलीज के बाद पाइरेसी का प्रभाव देखने को मिला। फिल्म के कई सीन और क्लिप्स विभिन्न अनधिकृत प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से साझा किए गए, जिससे दर्शकों के थिएटर अनुभव और फिल्म की कमाई दोनों पर असर पड़ा। पाइरेसी की समस्या केवल रिलीज के बाद ही नहीं, बल्कि प्रमोशन चरण में भी सामने आती है। RRR जैसी बड़ी फिल्म के कुछ महत्वपूर्ण दृश्य और गाने रिलीज से पहले ही लीक हो गए थे, जिससे निर्माताओं की मार्केटिंग रणनीति प्रभावित हुई और उन्हें अतिरिक्त सुरक्षा उपाय अपनाने पड़े। इसी तरह भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी परियोजनाओं में से एक Baahubali 2: The Conclusion के दौरान भी लीक की घटनाएं सामने आई थीं। फिल्म के कुछ अहम दृश्य और क्लाइमेक्स से जुड़े हिस्सों के बाहर आने के बाद प्रोडक्शन टीम को सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करनी पड़ी थी ताकि आगे किसी तरह की जानकारी लीक न हो सके। फिल्म उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि पाइरेसी केवल आर्थिक नुकसान नहीं पहुंचाती, बल्कि यह पूरी टीम की मेहनत और रचनात्मक ऊर्जा को भी प्रभावित करती है। एक फिल्म को बनाने में वर्षों की योजना और भावनात्मक जुड़ाव होता है, और उसका असमय लीक होना पूरी प्रक्रिया को कमजोर कर देता है। डिजिटल तकनीक के बढ़ते उपयोग के साथ पाइरेसी की चुनौती और गंभीर होती जा रही है। अब कंटेंट को कुछ ही समय में कॉपी कर विभिन्न अनधिकृत प्लेटफॉर्म्स पर फैलाया जा सकता है, जिससे इसे रोकना और भी कठिन हो गया है। यही कारण है कि फिल्म निर्माता अब तकनीकी सुरक्षा, निगरानी और कानूनी उपायों पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। साउथ सिनेमा सहित पूरे भारतीय फिल्म उद्योग के लिए पाइरेसी एक गंभीर चुनौती बन चुकी है, जिसके समाधान के लिए तकनीक, कानून और दर्शकों की जागरूकता तीनों स्तर पर मजबूत प्रयासों की आवश्यकता महसूस की जा रही है।

वैभव सूर्यवंशी का तूफान! बुमराह-हेजलवुड की धुनाई के बाद दिया बेबाक जवाब

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में Rajasthan Royals के युवा स्टार Vaibhav Suryavanshi ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से हर किसी को हैरान कर दिया है। बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में Royal Challengers Bengaluru के खिलाफ खेले गए मुकाबले में वैभव ने 26 गेंदों पर 78 रन की तूफानी पारी खेलकर टीम को शानदार जीत दिलाई और प्लेयर ऑफ द मैच बने। “बॉलर नहीं, सिर्फ गेंद पर रहता है फोकस”मैच के बाद वैभव सूर्यवंशी ने अपनी सफलता का राज बताते हुए बेहद दिलचस्प बयान दिया। उन्होंने कहा कि बल्लेबाजी करते समय वह गेंदबाज के नाम या कद से प्रभावित नहीं होते। उन्होंने साफ कहा, “मैं बल्लेबाजी के दौरान सिर्फ गेंद को देखता हूं, गेंदबाज को नहीं। चाहे सामने Jasprit Bumrah हों या Josh Hazlewood, मैं गेंद के हिसाब से ही शॉट खेलता हूं। उनकी यही बेखौफ सोच उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाती है और यही वजह है कि वह लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। आउट होने पर रहता है अफसोसवैभव ने अपनी बल्लेबाजी को लेकर एक और अहम बात कही। उन्होंने माना कि आउट होने के बाद उन्हें काफी निराशा होती है। उनके मुताबिक, “अगर मैं क्रीज पर टिका रहूं तो टीम के लिए 10-20 रन और जोड़ सकता हूं या लक्ष्य का पीछा करते समय मैच जल्दी खत्म कर सकता हूं। गलत शॉट खेलकर आउट होना टीम को नुकसान पहुंचाता है, इसलिए मुझे अफसोस होता है। यह सोच दिखाती है कि इतनी कम उम्र में भी वैभव टीम के लिए जिम्मेदारी को अच्छी तरह समझते हैं। परिवार और कोच का बड़ा योगदानइस युवा बल्लेबाज ने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार और कोचिंग स्टाफ को दिया। उन्होंने बताया कि उनके पिता और कोच लगातार उन्हें गाइड करते रहते हैं। इसके अलावा टीम में मौजूद उनके गार्जियन रोमी सर भी उन्हें सही दिशा दिखाते हैं। वैभव के अनुसार, सभी उन्हें यही समझाते हैं कि क्रिकेट एक लंबा सफर है और ध्यान सिर्फ अपने खेल और प्रोसेस पर होना चाहिए। मैच का पूरा रोमांचमुकाबले में आरसीबी ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 201 रन का मजबूत स्कोर बनाया। कप्तान Rajat Patidar ने 63 रन, Virat Kohli ने 32 रन, वेंकटेश अय्यर ने 29 और रोमारियो शेफर्ड ने 22 रन का योगदान दिया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी राजस्थान की शुरुआत अच्छी नहीं रही और Yashasvi Jaiswal जल्दी आउट हो गए। लेकिन इसके बाद वैभव सूर्यवंशी और Dhruv Jurel ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। दोनों के बीच दूसरे विकेट के लिए 37 गेंदों में 108 रन की साझेदारी हुई, जिसने आरसीबी को मुकाबले से बाहर कर दिया। वैभव के आउट होने के बाद जुरेल (81*) और Ravindra Jadeja (24*) ने नाबाद साझेदारी कर टीम को 2 ओवर पहले ही जीत दिला दी। ऑरेंज कैप पर भी कब्जाइस शानदार पारी के साथ वैभव सूर्यवंशी आईपीएल 2026 में ऑरेंज कैप होल्डर भी बन गए हैं। लगातार शानदार प्रदर्शन के चलते वह इस सीजन के सबसे बड़े उभरते सितारे बन चुके हैं। टीम के लिए गेम चेंजर बन रहे वैभवराजस्थान रॉयल्स के लिए वैभव सूर्यवंशी इस समय सबसे बड़े मैच विनर बनकर उभरे हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी और निडर सोच टीम को हर मैच में बढ़त दिला रही है। अगर उनका यही फॉर्म जारी रहता है, तो वह इस सीजन में कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर सकते हैं और टीम को खिताब दिलाने में भी अहम भूमिका निभा सकते हैं।