वैभव सूर्यवंशी की तूफानी पारी: 26 गेंदों में 78 रन, गेंदबाजों को दिया करारा जवाब

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में एक बार फिर 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। उन्होंने Rajasthan Royals की ओर से खेलते हुए रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ मात्र 26 गेंदों में 78 रन ठोक दिए और टीम को आसान जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। तूफानी पारी में 8 चौके और 7 छक्केइस मुकाबले में वैभव ने 300 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। उनकी पारी में शामिल रहे: 8 चौके7 छक्के उनकी विस्फोटक बल्लेबाजी ने विपक्षी गेंदबाजों को पूरी तरह दबाव में ला दिया और मैच का रुख राजस्थान के पक्ष में मोड़ दिया। बड़े गेंदबाजों से नहीं घबराते वैभव मैच के बाद वैभव ने कहा कि उनका ध्यान गेंदबाज के नाम पर नहीं, बल्कि सिर्फ गेंद पर होता है। उन्होंने बताया कि सामने चाहे Jasprit Bumrah हों या Josh Hazlewood, वे मानसिक रूप से सिर्फ गेंद को पढ़ने पर ध्यान देते हैं। हेजलवुड पर किया खास हमला इस मैच में वैभव ने विशेष रूप से जोश हेजलवुड की गेंदबाजी पर आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने एक ओवर में लगातार चार गेंदों पर तीन चौके और एक छक्का लगाकर मैच पूरी तरह पलट दिया। आउट होने पर भी जताया अफसोसइतनी शानदार पारी के बावजूद वैभव पूरी तरह संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने कहा कि अगर वे अंत तक टिके रहते तो टीम के लिए 20 और रन जोड़ सकते थे, जो मैच को और आसान बना सकते थे। परिवार और कोच का अहम योगदानवैभव ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता संजीव और सपोर्ट स्टाफ रोमी भिंडर को दिया। उनके अनुसार, दोनों लगातार उन्हें याद दिलाते हैं कि क्रिकेट एक लंबी यात्रा है और फोकस बनाए रखना सबसे जरूरी है। 15 साल की उम्र में ऐसी मैच विनिंग पारी खेलकर वैभव सूर्यवंशी ने साबित कर दिया है कि वह भविष्य के बड़े क्रिकेट सितारों में से एक हो सकते हैं।
चल पड़ीं वंदे भारत ट्रेनें….. अब तक 9.1 करोड़ लोग कर चुके हैं सफर…

नई दिल्ली। वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों (Vande Bharat Express Trains) से साल 2025-26 में लगभग 4 करोड़ यात्रियों ने आवाजाही की। यह पिछले वर्ष की तुलना में 34 प्रतिशत अधिक है। इस बढ़ोत्तरी के साथ कुल यात्रियों की संख्या अब 9.1 करोड़ हो चुकी है, जो लगभग 1 लाख ट्रिप्स में पूरी हुई है। शुरू से अब तक वंदे भारत ने भारतीय रेलवे (Indian Railways) की छवि को आधुनिक और तेज गति वाली यात्रा का प्रतीक बना दिया है। ये ट्रेनें सेमी-हाई स्पीड (Semi-High Speed Trains) वाली हैं, जो प्रमुख शहरों को जोड़ती हैं और यात्री अनुभव को बेहतर बनाती हैं। भारतीय रेलवे ने वंदे भारत सेवाओं का विस्तार तेजी से किया है। दिसंबर 2025 तक 164 वंदे भारत ट्रेनें 274 जिलों में चल रही थीं। इन ट्रेनों ने यात्री पसंद को बदल दिया है, क्योंकि ये साफ, आरामदायक और समय से चलने वाली हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इनकी औसत ऑक्यूपेंसी 105 प्रतिशत से अधिक रही, जो दर्शाता है कि यात्री इन आधुनिक ट्रेनों को प्राथमिकता दे रहे हैं। रेल मंत्रालय के अनुसार, ये ट्रेनें न केवल छोटी दूरी बल्कि मध्यम दूरी की यात्राओं को भी आसान बना रही हैं। इससे रेलवे की पैसेंजर आय में भी वृद्धि हुई है। बढ़ती लोकप्रियता की क्या है वजहवंदे भारत स्लीपर सेवा ने लंबी दूरी की रात की यात्राओं में नया आयाम जोड़ा है। सर्विस शुरू होने के पहले तीन महीनों में ही इसने 1.21 लाख यात्रियों को लेते हुए 100 प्रतिशत से अधिक ऑक्यूपेंसी हासिल की। ये ट्रेनें 16 कोच वाली हैं, जिनमें एसी फर्स्ट क्लास, टू-टियर और थ्री-टियर की व्यवस्था है। कुल क्षमता 823 यात्रियों की है। आधुनिक सुविधाएं जैसे बायो-वैक्यूम टॉयलेट, पर्सनल रोशनी, चार्जिंग पॉइंट और बेहतर बर्थ डिजाइन यात्री अनुभव को यादगार बनाते हैं। वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन की पहली सर्विस गुवाहाटी-हावड़ा रूट पर शुरू हुई, जो 960 किलोमीटर की दूरी 14 घंटे में तय करती है। रेलवे भविष्य में और अधिक वंदे भारत स्लीपर ट्रेनें शुरू करने की योजना बना रहा है। कुल मिलाकर वंदे भारत प्रोजेक्ट भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण का अहम हिस्सा है। इससे न केवल यात्री सुविधा बढ़ी है बल्कि रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को भी बढ़ावा मिला है। तेज गति, सुरक्षा और आराम के कारण ये ट्रेनें पारंपरिक सेवाओं से आगे निकल चुकी हैं।
US-ईरान आज युद्धविराम को लेकर इस्लाबाद में होंगे आमने-सामने, ट्रंप बोले- अपने आप खुल जाएगा होर्मुज

वाशिंगटन। दुनिया इस वक्त सांसें थामकर पाकिस्तान (Pakistan) की राजधानी इस्लामाबाद (Islamabad.) की ओर देख रही है, जहां अमेरिका और ईरान (America and Iran) के बीच युद्धविराम को एक स्थायी शांति समझौते (Ceasefire Permanent Peace Agreement) में बदलने की कोशिशें शुरू हो गई हैं। हालांकि, बातचीत की मेज सजने से पहले ही बयानों की तल्खी और जमीन पर जारी हिंसा ने इस मिशन को ‘करो या मरो’ की स्थिति में ला खड़ा किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने जहां विश्वास जताया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बहुत जल्द अपने आप खुल जाएगा, वहीं ईरान ने अपनी पूर्व शर्तों पर अड़कर कूटनीतिक पेच फंसा दिया है। वाशिंगटन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जब पूछा गया कि उनके लिए एक अच्छा समझौता क्या होगा तो उन्होंने अपने चिर-परिचित अंदाज में जवाब दिया, “कोई परमाणु हथियार नहीं। बस, 99% समझौता यही है।” ट्रंप ने वैश्विक ऊर्जा संकट की सबसे बड़ी वजह बने स्ट्रेट हॉर्मुज पर बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा, “स्ट्रेट ऑफ होर्मुज अपने आप खुल जाएगा। हम इसे बहुत जल्द खोल देंगे।” ट्रंप का यह बयान उन वैश्विक बाजारों के लिए राहत की उम्मीद लेकर आया है जो तेल की आपूर्ति रुकने से त्राहि-त्राहि कर रहे हैं। इस्लामाबाद में आमने-सामनेशुक्रवार को ईरानी संसदीय अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबफ के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंच गया। दूसरी ओर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी अमेरिका का प्रतिनिधित्व करने के लिए पाकिस्तान के रास्ते में हैं। ईरान की शर्तें, अमेरिका की चेतावनीईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वार्ता तभी आगे बढ़ेगी जब अमेरिका लेबनान में इजराइली हमलों को रुकवाएगा और ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों को बहाल करेगा। जेडी वेंस ने इस्लामाबाद पहुंचने से पहले ही तेहरान को चेतावनी दी है कि वह वाशिंगटन के साथ खेलने की कोशिश न करे। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस स्थिति की गंभीरता को समझते हुए कहा, “अस्थायी युद्धविराम तो हो गया, लेकिन अब असली चुनौती इसे स्थायी शांति में बदलने की है। यह बातचीत का वह चरण है जिसे ‘मेक ऑर ब्रेक’ कहा जाता है।” शांति वार्ता के बीच 357 मौतेंएक तरफ इस्लामाबाद में शांति की बात हो रही है, तो दूसरी तरफ लेबनान में इजराइली हवाई हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। शुक्रवार को दक्षिणी शहर नबातीह में एक हमले में लेबनान के 13 सुरक्षाकर्मियों की मौत हो गई। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, बुधवार से जारी बड़े हमलों में मरने वालों की संख्या 357 तक पहुंच गई है, जबकि 1,223 लोग घायल हुए हैं। हिंसा का यह दौर ईरान के लिए वार्ता की मेज पर सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है। क्या ईरान वाकई खत्म हो चुका है?ट्रंप प्रशासन लगातार दावा कर रहा है कि हफ्तों तक चले युद्ध में ईरानी सैन्य क्षमता पूरी तरह तबाह हो चुकी है। ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन केन के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के 13,000 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया है, जिसमें उसकी वायु सेना और हथियार फैक्ट्रियां शामिल हैं। हालांकि, स्वतंत्र डेटा और जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। अमेरिकी ग्रुप ACLED के आंकड़ों के अनुसार, 28 फरवरी से शुरू हुए युद्ध के बाद से बुधवार तक ईरानी हमलों की रफ्तार में कोई बड़ी कमी नहीं आई है। सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही ईरान को भारी नुकसान हुआ है, लेकिन वह अब भी जवाबी हमला करने या अपना बचाव करने की क्षमता रखता है।
Petrol-Diesel के रेट में कोई बदलाव नहीं… इस शहर में डीजल 78 और पेट्रोल 82 रुपये प्रति लीटर

नई दिल्ली। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (Oil Marketing Companies) ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों (Petrol Diesel Price ) में आज शनिवार को कोई इजाफा नहीं किया है। तेल कंपनियों की तरफ से पुरानी की कीमतें बरकरार हैं। कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में जारी तेजी के बीच कई देशों में पेट्रोल और डीजल के रेट बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, भारत में कीमतों में कोई भी इजाफा सरकार तेल कंपनियों ने नहीं किया है। पेट्रोल रेट (Petrol Rate)– नई दिल्ली – 94.77 रुपये– मुंबई – 103.54 रुपये– कोलकाता – 105.41 रुपये– बेंगलुरू – 102.92 रुपये– चेन्नई – 100.90 रुपये– पटना – 105.23 रुपये– जयपुर – 104.86 रुपये– पोर्ट ब्लेयर – 82.46 रुपये– तिरुअनंतपुरम् – 107.48 रुपये डीजल रेट (Diesel Rate)– दिल्ली – 87.67 रुपये– मुंबई – 90.03 रुपये– कोलकाता – 92.02 रुपये– बेंगलुरू – 90.99 रुपये– चेन्नई – 92.49 रुपये– पटना – 91.49 रुपये– जयपुर – 90.34 रुपये– पोर्टब्लेयर – 78.05 रुपये– तिरुअनंतपुरम्- 96.48 रुपये रिलायंस ने अपने फैसले से डरायाबीते दिनों रिलायंस और बीपी पेट्रोल पंपों पर नया नियम लागू कर दिया गया। रिपोर्ट के अनुसार एक बार में कोई भी व्यक्ति 1000 रुपये ही पेट्रोल या डीजल खरीद सकता है। जब से युद्ध शुरू हुआ है तब से पहली बार किसी कंपनी ने ऐसा नियम लगाया है। कच्चे तेल का रेट 100 डॉलर के नीचेईरान-अमेरिका के बीच जारी बातचीत का असर क्रूड ऑयल की कीमतों पर साफ दिख रहा है। कल शुक्रवार कच्चे तेल का भाव 100 डॉलर प्रति बैरल के नीचे आ गया था। युद्ध शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल 70 डॉलर के आस-पास बना हुआ था। Shell India ने 25.01 रुपये बढ़ाया डीजल का रेटकंपनी ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा किया है। शेल इंडिया की तरफ से बीते सप्ताह पेट्रोल के रेट में 25.01 रुपये और डीजल के रेट में 7.41 रुपये का इजाफा किया था। इससे पहले नायरा ने भी कीमतों में बढ़ोतरी की थी। नायरा ने मार्च में पेट्रोल के रेट में 5 रुपये और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया था। एक्साइज ड्यूटी में कटौतीतेल कंपनियों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार की तरफ से एक्साइज ड्यूटी में कटौती की गई थी। केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर 10-10 रुपये एक्साइज ड्यूटी घटा दिया था। जिसके बाद डीजल ड्यूटी फ्री हो गया था।
PM मोदी के देहरादून दौरे से पहले आतंकी साजिश का खुलासा… ISI एजेंट गिरफ्तार

नई दिल्ली। दिल्ली-देहरादून ऐक्सप्रेसवे (Delhi-Dehradun Expressway) के उद्घाटन के लिए पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) आगामी 14 अप्रैल को देहरादून (Dehradun) दौरा करने वाले हैं। इससे महज 4 दिन पहले देहरादून में आईएसआई एजेंट (ISI Agent) गिरफ्तार हुआ है। उत्तराखंड एसटीएफ (Uttarakhand STF) ने ऑपरेशन प्रहार के तहत आतंकी साजिश का पर्दाफाश किया है। प्रेमनगर में रहने वाला 29 वर्षीय विक्रांत कश्यप देश विरोधी गतिविधियों में गिरफ्तार हुआ है। बताया जा रहा है कि देहरादून में गाड़ियों की धुलाई करने वाला विक्रांत पाक आतंकी और आईएसआई एजेंट शहजाज भट्टी से संपर्क में था। एसटीएफ आईजी नीलेश आनंद भरणे और एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि 29 वर्षीय विक्रांत कश्यप निवासी झाझरा, प्रेमनगर तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (टीटीएच) की दून में जड़ें मजबूत कर रहा था। वह किसी बड़ी घटना की तैयारी में था। उसके पास से .32 बोर की इटेलियन मार्क पिस्टल, सात कारतूस और एक स्प्रे पेंट बरामद हुआ है। एक महीने से विक्रांत पर पैनी नजरएक माह से एसटीएफ विक्रांत की गतिविधियों पर नजर रखे हुए थी। विक्रांत पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या का बदला लेने की बात कहने वाले आतंकी संगठन की सोशल मीडिया पोस्ट से प्रभावित होकर उनके जाल में फंसा था। स्लीपर सेल तैयार करने की जिम्मेदारीटीटीएच एक नया आतंकी संगठन है। इसका मकसद स्लीपर सेल तैयार कर दहशत फैलाना है। इसका सरगना भट्टी आईएसआई से जुड़ा है। पुलिस द्वारा बताया गया है कि विक्रांत को दिल्ली तक स्लीपर सेल तैयार करने की जिम्मेदारी मिली थी। उससे अक्सर पाक में बैठे आका पूछते थे कि दिल्ली की दूरी कितनी है। केंद्रीय-सैन्य संस्थानों के वीडियो आतंकी संगठन को भेजेआरोपी देहरादून के केंद्रीय, सैन्य, पुलिस और प्रशासनिक संस्थानों के वीडियो और लोकेशन आतंकी संगठन को भेज चुका था। दिल्ली और मुंबई में भी वारदात करने की बात संगठन ने विक्रांत से की। उसके संपर्क में आए लोगों की जांच की जा रही है।
शांति वार्ता से पहले ट्रंप का बड़ा बयान… बोले- डील हो या न हो, होर्मुज का खुलना तय

वाशिंगटन। इस्लामाबाद (Islamabad.) में होने जा रही पाकिस्तान और अमेरिका (Pakistan and America) के बीच शांति वार्ता से पहले डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump.) ने कहा है कि किसी भी कीमत पर होर्मुज (Hormuz.) को खुलवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि युद्धविराम को लेकर सहमति बने या ना बने, होर्मुज का खुलना तय है। डोनाल्ड ट्रंप बार-बार कहते रहे हैं कि ईरान पर हमला करके उन्होंने अपने उद्देश्यों की पूर्ति कर ली है और अब उनका टार्गेट होर्मुज खुलवाना है। बता दें कि होर्मुज बंद होने की वजह से दुनिया के ज्यादातर देश बुरी तरह प्रभावित हैं। दुनिया का 20 फीसदी तेल व्यापार इसी समुद्री रास्ते से होता है। ट्रंप ने कहा, हमारी जीत हुई है और अब हम खाड़ी का यह रास्ता खोलने जा रहे हैं। इसके लिए कोई डील जरूरी नहीं है। ईरान को लेकर ट्रंप ने कहा, उनकी नौसेना चली गई, वायुसेना चली गई, बड़े नेता चले गए, अब उनके पास बचा ही क्या है। इस्लामाबाद के लिए रवाना होने से पहले अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा, अगर ईरानी अच्छी भावना के साथ बात करने को तैया हैं तो हम भी उनका स्वागत करते हैं। अगर वे हमारे साथ कोई खेल खेलना चाहते हैं तो उन्हें अच्छी प्रतिक्रिया नहीं मिलेगी। ईरान की तरफ से प्रतिनिधिमंडल में कौन-कौनईरान की तरफ से बातचीत के लिए संसद के स्पीकर मोहम्मद बकर कलीबाफ और उनके साथ विदश मंत्री सैयद अब्बास अरागची, रधक्षा परिषद के सचिव अली अकबर अहमदियान और केंद्रीय बैंक के गवर्नर अब्दुलनासिर हेम्माती इस्लामाबाद पहुंच रहे हैं। कलीबाफ ने कहा कि दोनों तरफ से दो वादे अभी पूरे नहीं हुए हैं। उनके पूरे होने के बाद ही बातचीत शुरू होगी। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरानी ‘आज इसलिए ज़िंदा हैं क्योंकि बातचीत हो रही है।’ उन्होंने कहा कि ईरानियों को शायद यह एहसास नहीं है कि उनके पास दुनिया से थोड़े समय के लिए ज़बरदस्ती वसूली करने के अलावा कोई और दांव नहीं है; यह वसूली वे अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों का इस्तेमाल करके करते हैं। इसके ज़रिए उन्होंने होर्मुज़ जलडमरूमध्य पर ईरान के रणनीतिक नियंत्रण की ओर इशारा किया। उन्होंने ईरान पर तंज कसते हुए कहा कि वे (ईरानी) लड़ने के मुकाबले फेक न्यूज़ मीडिया और जनसंपर्क को संभालने में ज़्यादा माहिर हैं। ट्रंप की ये टिप्पणियाँ उनके सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तब आईं, जब उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस के नेतृत्व में एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल बातचीत के लिए इस्लामाबाद पहुंचा। ईरान ने अभी तक बातचीत के लिए अपना प्रतिनिधिमंडल नहीं भेजा है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने इस्लामाबाद रवाना होने से पहले कहा कि अगर ईरान ‘सद्भावना’ से काम करता है, तो वे उसके साथ मिलकर काम करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान “हमें बेवकूफ़ बनाने” की कोशिश करता है, तो अमेरिका इसे बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेगा। ईरान की संसद के अध्यक्ष ने ज़ोर देकर कहा कि कोई भी बातचीत शुरू होने से पहले लेबनान में संघर्ष-विराम होना ज़रूरी है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने गुरुवार को कहा कि वे लेबनान के साथ जल्द से जल्द बातचीत करने के लिए तैयार हैं।
MP: ग्वालियर में 9 साल की मासूम और 8वीं की छात्रा से दुष्कर्म….दोनों आरोपी गिरफ्तार

ग्वालियर। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के ग्वालियर (Gwalior) में 2 नाबालिग बच्चियों से रेप करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने दोनों मामले में आरोपियों को पकड़ लिया है। इनमें से एक आरोपी नाबालिग (Accused Minor) है और पीड़ित छात्रा का सहपाठी भी है। ग्वालियर में 9 साल की बच्ची से रेप करने का मामला सामने आया है। यह घटना शाम बिजौली थाना क्षेत्र के सुपावली गांव में हुई। बच्ची अपने ताऊ को खेत पर खाना देने गई थी। खाना देने के बाद वह वहीं खेलने लगी। उसके ताऊ अपने काम में व्यस्त थे। इसी दौरान वहां से गुजर रहे रामवीर जाटव ने बच्ची को अकेला देखा। आरोपी बच्ची को बहला-फुसलाकर एक एकांत स्थान पर ले गया। आरोपी रामवीर जाटव ने वहां बच्ची के साथ रेप किया। जब बच्ची ने इसका विरोध किया तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी बच्ची को धमकाकर मौके से फरार हो गया। घटना के बाद बालिका घर पहुंची और परिजनों को पूरी घटना बताई। परिजन तत्काल बालिका को लेकर बिजौली थाने पहुंचे और मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बालिका की शिकायत पर आरोपी रामवीर जाटव के खिलाफ दुष्कर्म सहित संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया। बिजौली थाना सर्किल के सीएसपी मनीष यादव ने बताया कि बालिका से दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, दूसरी घटना ग्वालियर में एक आठवीं की छात्रा के साथ उसके ही साथ में पढ़ने वाले छात्र ने रेप किया है। घटना के समय छात्रा घर पर अकेली थी। आरोपी सहपाठी घर में दाखिल हुआ और विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी गई। घटना का पता उस समय चला जब आरोपी घर से भाग रहा था तो छात्रा की मां वहां पहुंच गई। मां के पूछने पर छात्रा ने पूरी घटना बता दी। पहले परिवार बदनामी के डर से खामोश रहा, लेकिन परिवार ने मामले की शिकायत की। पुलिस ने तत्काल एक्शन लेते हुए आरोपी को पकड़ लिया। आरोपी भी नाबालिग है और उसे बाल सुधार गृह भेजा गया है।
MP में पिछले 14 महीनों में 149 तेंदुओं की मौत… आंकड़ों ने बढ़ाई वन्यजीव प्रेमियों की चिंता

भोपाल। भारत (India) में सबसे ज्यादा तेंदुए (Leopard) मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh.) में पाए जाते हैं और इसी वजह से इसे तेंदुओं का प्राकृतिक आवास (Leopards Natural habitat ) भी कहा जाता है। लेकिन हाल ही में सामने आए एक चिंताजनक आंकड़े (Worrying statistics) ने देश के वन्यजीव प्रेमियों को चिंता में डाल दिया है। दरअसल सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मिली जानकारी से पता चला है कि बीते 14 महीनों में राज्य में कुल 149 तेंदुओं की जान जा चुकी है। यह आंकड़ा जनवरी 2025 से लेकर मार्च 2026 तक का है। खास बात यह है कि इन मौतों के पीछे की सबसे बड़ी वजह तेंदुओं का शिकार होना नहीं है, बल्कि इन मौतों का बड़ा कारण सड़क हादसे रहे हैं। वहीं वन विभाग ने मौतों के इन आंकड़ों को सामान्य बताया है और उसका कहना है कि तेंदुओं के मामले में चार प्रतिशत की मृत्यु दर स्वीकार्य सीमा के भीतर है। 31 प्रतिशत मौतों के पीछे सड़क हादसे वजहतेंदुओं की मौत की जानकारी पाने के लिए RTI कार्यकर्ता अजय दुबे ने आवेदन लगाया था। जिसके जवाब में उन्हें बताया गया कि जनवरी 2025 से इस साल मार्च तक के 14 महीनों में मध्य प्रदेश में 149 तेंदुओं की मौत हुई। इनमें से 31 प्रतिशत मौतें सड़क दुर्घटनाओं के कारण हुईं। डेटा के अनुसार इनमें से भी 19 मौतें हाईवे पर हुईं। वहीं बुढ़ापा और बीमारी जैसे प्राकृतिक कारणों के कारण 24 प्रतिशत मौतें हुईं, जबकि 21 प्रतिशत मौतें वन्यजीवों के बीच आपसी संघर्ष के कारण हुईं। 8 तेंदुओं की जान करंट लगने की वजह से गईआंकड़ों के अनुसार शिकार और बदले की भावना के कारण लगभग 14 प्रतिशत तेंदुओं की जानें गईं। 8 लेपर्ड की मौत बिजली का झटका लगने से हुई, फिर चाहे वह जानबूझकर लगाया गया हो या गलती से लगा हो, जबकि दो जानवर फंदों में फंसकर मारे गए। इसके अलावा लगभग नौ प्रतिशत मामलों में, मौत का कारण पता नहीं चल पाया। तेंदुओं की लिए कब्रिस्तान बन रहा MP- RTI कार्यकर्ताइस RTI को लगाने वाले एक्टिविस्ट अजय दुबे मौतों के इन आंकड़ों को भयावह बता रहे हैं, उनका कहना है कि ये आंकड़े एक गंभीर सच्चाई है। उन्होंने कहा, ‘टाइगर स्टेट (MP) तेंदुओं के लिए एक कब्रिस्तान बन गया है। NTCA (नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी) के प्रोटोकॉल को लागू करने में सिस्टम की नाकामी और सुरक्षित रास्तों की कमी उन्हें खत्म कर रही है।’ वन विभाग ने कहा- 4% का आंकड़ा सामान्यउधर वन विभाग इन मौतों को सामान्य बता रहा है। इस बारे में प्रतिक्रिया देते हुए वन विभाग के अतिरिक्त प्रधान मुख्य संरक्षक (वन्यजीव) एल.कृष्णमूर्ति ने कहा कि राज्य में तेंदुओं की मृत्यु दर को कम करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि ‘तेंदुए आकार में छोटे होते हैं और आसानी से दिखाई नहीं देते, इसलिए वे पूरे राज्य में फैले हुए हैं। वे अक्सर इंसानी बस्तियों के करीब पाए जाते हैं।’ आगे उन्होंने कहा कि ‘मौतों के आंकड़े को कम करने के लिए हम योजनाबद्ध तरीके से काम कर रहे हैं और नई सड़कों पर जानवरों के लिए सुरक्षित निकलने के रास्ते बनाने (एनिमल पैसेज), चेतावनी के संकेतक लगाने और नियमित गश्त करने जैसे उपाय लागू कर रहे हैं।’ साथ ही उन्होंने आगे कहा, ‘हम सड़कों के पास पानी के स्रोत न बनाने की भी सलाह दे रहे हैं, क्योंकि जानवर अक्सर पानी की तलाश में सड़कों की ओर आ जाते हैं और दुर्घटनाओं का शिकार बन जाते हैं।’ बिग कैट फैमिली में 10 से 20 प्रतिशत मौतें सामान्यएक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ‘करीब 4,000 तेंदुओं में से 149 की मौत होना केवल 4 प्रतिशत का नुकसान है, जबकि बिल्ली परिवार में सालाना 10 से 20 प्रतिशत तक की मृत्यु दर को स्वीकार्य माना जाता है।’ बता दें कि फरवरी 2024 में जारी आंकड़ों के अनुसार देश में तेंदुओं की सबसे ज्यादा संख्या मध्य प्रदेश में है। उस वक्त मध्य प्रदेश में 3,907 तेंदुए थे। इससे पहले साल 2018 में राज्य में 3,421 तेंदुए थे। मध्य प्रदेश के बाद महाराष्ट्र और कर्नाटक का नंबर आता है।
सीता नवमी पर करें ये विधि पूरी होगी हर मनोकामना जानिए 2026 की डेट और शुभ समय

नई दिल्ली । भारतीय परंपरा में बच्चों को नजर दोष से बचाने के लिए कई धार्मिक और ज्योतिषीय उपाय बताए गए हैं और इनमें कालाष्टमी का दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। यह दिन भगवान काल भैरव को समर्पित होता है जिन्हें संकटों का नाश करने वाला और समय का स्वामी माना जाता है। मान्यता है कि कालाष्टमी के दिन किए गए उपाय नकारात्मक शक्तियों को दूर करते हैं और बच्चों को बुरी नजर से सुरक्षित रखते हैं। वर्ष 2026 में 10 अप्रैल को कालाष्टमी का व्रत मनाया जा रहा है और इस दिन किए गए सरल उपाय बेहद प्रभावी माने जाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कालाष्टमी हर महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को आती है और इस दिन भगवान काल भैरव की पूजा विशेष फलदायी होती है। काशी में काल भैरव को कोतवाल कहा जाता है और उन्हें सुरक्षा और न्याय का देवता माना जाता है। इस दिन उनकी पूजा करने से भय संकट और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति मिलती है। ज्योतिष शास्त्र में भी इस दिन को तंत्र मंत्र और रक्षा उपायों के लिए अत्यंत शक्तिशाली माना गया है। यदि आपके घर में छोटे बच्चे हैं और आपको लगता है कि उन्हें बार बार नजर लग जाती है तो कालाष्टमी के दिन कुछ आसान उपाय जरूर करने चाहिए। सबसे पहले घर के मुख्य द्वार पर सरसों के तेल का चौमुखी दीपक जलाएं। दीपक जलाने के बाद उसकी लौ से काजल तैयार करें और इस काजल को बच्चे के माथे या कान के पीछे हल्का सा लगा दें। ऐसा करने से नजर दोष से बचाव होता है और बच्चे के चारों ओर एक सकारात्मक ऊर्जा का घेरा बनता है। इसके अलावा आप मंदिर जाकर भगवान काल भैरव के चरणों में काला धागा अर्पित कर सकते हैं। इस धागे पर थोड़ा सा सिंदूर लगाकर इसे बच्चे के हाथ या गले में बांध दें। मान्यता है कि यह काला धागा एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है और बुरी नजर के प्रभाव को दूर करता है। इस दौरान ॐ ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरु कुरु बटुकाय ह्रीं मंत्र का जाप करना भी अत्यंत लाभकारी माना गया है। कालाष्टमी के दिन रात 9 बजे से 11 बजे के बीच पूजा करना सबसे शुभ माना जाता है। इस समय की गई पूजा जल्दी फल देती है और भगवान काल भैरव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। भक्त इस दौरान व्रत रखते हैं दीप जलाते हैं और भगवान से अपने परिवार विशेषकर बच्चों की रक्षा की प्रार्थना करते हैं। यह दिन केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है बल्कि यह विश्वास और आस्था का प्रतीक भी है। ऐसे उपाय लोगों को मानसिक शांति और सुरक्षा का एहसास देते हैं। हालांकि इन उपायों के साथ साथ बच्चों की देखभाल स्वच्छता और स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है। कालाष्टमी पर किए गए ये सरल उपाय न केवल परंपरा का हिस्सा हैं बल्कि पीढ़ियों से चले आ रहे विश्वास का प्रतीक भी हैं जो आज भी लोगों के जीवन में उतने ही प्रभावी माने जाते हैं।नई दिल्ली । हिंदू धर्म में वैशाख मास का विशेष महत्व होता है और इसी पावन महीने में सीता नवमी का पर्व श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जाता है। यह दिन माता सीता के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाया जाता है जिन्हें त्याग धैर्य और आदर्श नारीत्व का प्रतीक माना जाता है। वर्ष 2026 में सीता नवमी 25 अप्रैल को मनाई जाएगी और इस दिन व्रत और पूजा करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है। वैदिक पंचांग के अनुसार वैशाख शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि की शुरुआत 24 अप्रैल 2026 को रात 07 बजकर 21 मिनट पर होगी और इसका समापन 25 अप्रैल 2026 को शाम 06 बजकर 27 मिनट पर होगा। उदया तिथि के अनुसार यह पर्व 25 अप्रैल को ही मनाया जाएगा। इस दिन कई शुभ मुहूर्त भी बन रहे हैं जो पूजा पाठ और व्रत के लिए अत्यंत फलदायी माने जाते हैं। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 51 मिनट से 5 बजकर 35 मिनट तक रहेगा जो साधना और ध्यान के लिए श्रेष्ठ है। अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 19 मिनट से 1 बजकर 10 मिनट तक रहेगा वहीं विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 52 मिनट से 3 बजकर 43 मिनट तक का समय सफलता और शुभ कार्यों के लिए उत्तम माना गया है। इसके अलावा अमृत काल शाम 6 बजकर 29 मिनट से रात 8 बजकर 04 मिनट तक रहेगा जो विशेष रूप से पूजा के लिए अनुकूल है। सीता नवमी का आध्यात्मिक महत्व अत्यंत गहरा है। माता सीता को देवी लक्ष्मी का अवतार माना जाता है और उनकी पूजा करने से घर में सुख समृद्धि और शांति का वास होता है। यह दिन विशेष रूप से विवाहित महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इस व्रत को करने से अखंड सौभाग्य और दांपत्य जीवन में खुशहाली बनी रहती है। पूजा विधि की बात करें तो इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद व्रत का संकल्प लिया जाता है। घर के मंदिर में माता सीता और भगवान राम की प्रतिमा या चित्र स्थापित किया जाता है। इसके बाद उन्हें पीले फूल शृंगार की सामग्री और नैवेद्य अर्पित किया जाता है। श्रद्धा के साथ ‘श्री जानकी रामाभ्यां नमः’ मंत्र का 108 बार जप किया जाता है और सीता नवमी की कथा का पाठ किया जाता है। अंत में आरती कर भगवान से सुख समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की जाती है। इस दिन ॐ सीतायै नमः और ॐ श्री सीता रामाय नमः जैसे मंत्रों का जाप करना भी अत्यंत फलदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि जो व्यक्ति सच्चे मन से इस दिन व्रत और पूजा करता है उसके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सभी कष्ट दूर होते हैं। सीता नवमी केवल एक धार्मिक पर्व नहीं बल्कि यह नारी शक्ति सहनशीलता और समर्पण का भी प्रतीक है। यह दिन हमें जीवन में धैर्य और मर्यादा का महत्व सिखाता है और परिवार के प्रति समर्पण की भावना को मजबूत करता है।
अधिक मास 2026 की पूरी जानकारी इस अवधि में क्यों नहीं होते शादी गृहप्रवेश और नए काम

नई दिल्ली । हिंदू धर्म में अधिक मास का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना जाता है और इसे साल के सबसे पवित्र समयों में से एक माना जाता है। अधिक मास जिसे मल मास या पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है हर तीन वर्ष में एक बार आता है और इस दौरान व्यक्ति को भक्ति साधना और आत्म चिंतन की ओर प्रेरित किया जाता है। वर्ष 2026 में अधिक मास 17 मई से शुरू होकर 15 जून तक रहेगा और इस पूरे समय को आध्यात्मिक उन्नति के लिए अत्यंत शुभ माना गया है जबकि मांगलिक कार्यों के लिए यह अवधि वर्जित रहती है। अधिक मास का आधार हिंदू पंचांग की गणना पद्धति से जुड़ा हुआ है। हिंदू कैलेंडर चंद्रमा की गति पर आधारित होता है जबकि सौर वर्ष सूर्य की गति के अनुसार चलता है। चंद्र वर्ष सौर वर्ष से लगभग 11 दिन छोटा होता है जिससे समय के साथ अंतर बढ़ने लगता है। इस अंतर को संतुलित करने के लिए हर तीन साल में एक अतिरिक्त महीना जोड़ा जाता है जिसे अधिक मास कहा जाता है। यह प्रक्रिया समय संतुलन बनाए रखने के लिए आवश्यक मानी जाती है और इसी कारण इसका धार्मिक महत्व भी बढ़ जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अधिक मास को मल मास भी कहा जाता है क्योंकि इस दौरान विवाह गृह प्रवेश नामकरण और जनेऊ जैसे शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते। इन कार्यों को इस अवधि में टाल दिया जाता है ताकि इन्हें अधिक शुभ समय में संपन्न किया जा सके। हालांकि नाम भले ही मल मास हो लेकिन इसका आध्यात्मिक महत्व अत्यंत उच्च माना जाता है और इसे पुण्य अर्जित करने का श्रेष्ठ समय बताया गया है। अधिक मास को पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है और यह भगवान विष्णु को समर्पित होता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इस महीने में भगवान विष्णु की पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है और जीवन में सुख समृद्धि और शांति आती है। इस दौरान भक्त व्रत रखते हैं पूजा पाठ करते हैं और धार्मिक ग्रंथों का श्रवण करते हैं जिससे मानसिक शांति और आध्यात्मिक बल प्राप्त होता है। इस पूरे महीने में लोगों को सांसारिक गतिविधियों से थोड़ा विराम लेकर आध्यात्मिक जीवन की ओर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी जाती है। श्रद्धालु इस समय दान पुण्य करते हैं मंदिरों में दर्शन करते हैं और जरूरतमंदों की सहायता करते हैं। इसके अलावा पेड़ पौधे लगाना समाज सेवा करना और धार्मिक कथाओं का आयोजन करना भी इस समय विशेष फलदायी माना जाता है। अधिक मास व्यक्ति को यह अवसर देता है कि वह अपने जीवन का मूल्यांकन करे अपने कर्मों पर विचार करे और ईश्वर के प्रति अपनी आस्था को मजबूत बनाए। यह समय केवल धार्मिक अनुष्ठानों का ही नहीं बल्कि आत्म सुधार और आंतरिक शांति प्राप्त करने का भी होता है।