'हर दिन 100 से 150 छक्के लगाने का अभ्यास', मुकुल चौधरी ने ऐसे ही नहीं लगाई केकेआर गेंदबाजों की लंका

नई दिल्ली।आईपीएल 2026 में कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले गए KKR बनाम LSG मुकाबले के बाद हर तरफ एक ही नाम गूंज रहा है-Mukul Chaudhary। इस युवा बल्लेबाज ने 27 गेंदों पर नाबाद 54 रन ठोककर हारे हुए मैच को जीत में बदल दिया। उनकी इस विस्फोटक पारी में 7 लंबे छक्के शामिल थे, जिसने दर्शकों को रोमांच से भर दिया। अभ्यास का नतीजा: रोज 100-150 छक्केमैच के बाद Mukul Chaudhary ने अपनी सफलता का राज खुद बताया। उन्होंने कहा कि वह हर दिन 100 से 150 छक्के लगाने का अभ्यास करते हैं। लगातार अभ्यास की वजह से उनकी बैट स्पीड और पावर गेम में जबरदस्त सुधार आया है। उनके मुताबिक, पिछले 5-6 महीनों की कड़ी मेहनत का ही परिणाम है कि वह मैच के दबाव में भी बड़े शॉट खेलने में सफल रहे। यह सिर्फ टैलेंट नहीं, बल्कि अनुशासन और लगातार मेहनत की कहानी है। MS Dhoni से प्रेरित हेलीकॉप्टर शॉटMukul Chaudhary अपने आदर्श MS Dhoni को मानते हैं और उनकी ही तरह फिनिशिंग करना चाहते हैं। मैच में खेला गया उनका हेलीकॉप्टर शॉट इसकी झलक भी दिखाता है। उन्होंने बताया कि बचपन से ही वह इस शॉट की प्रैक्टिस करते आ रहे हैं। खास बात यह है कि वह यॉर्कर जैसी मुश्किल गेंदों पर भी छक्का लगाने की कोशिश करते हैं, जिससे गेंदबाजों पर दबाव बढ़ जाता है। कोच Justin Langer को भी भरोसाLSG के हेड कोच Justin Langer भी इस युवा खिलाड़ी से काफी प्रभावित नजर आए। उन्होंने कहा कि चौधरी के अंदर आगे बढ़ने की भूख और जुनून साफ नजर आता है। लैंगर का मानना है कि अगर इसी तरह मेहनत जारी रही, तो Mukul Chaudhary जल्द ही भारत के सबसे खतरनाक नंबर-6 या नंबर-7 बल्लेबाज बन सकते हैं। उन्होंने इसे खिलाड़ी के करियर का “टर्निंग पॉइंट” भी बताया। 2.6 करोड़ की बोली साबित हुई फायदेमंदघरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के दम पर Mukul Chaudhary को आईपीएल 2026 की मिनी नीलामी में LSG ने 2.6 करोड़ रुपये में खरीदा था। अब उनकी यह मैच जिताऊ पारी टीम के फैसले को सही साबित कर रही है। नई पहचान: LSG का भरोसेमंद फिनिशरजिस तरह से Mukul Chaudhary ने दबाव में आकर मैच फिनिश किया, उसने यह साबित कर दिया कि वह सिर्फ एक उभरते खिलाड़ी नहीं, बल्कि टीम के लिए भरोसेमंद फिनिशर बन सकते हैं।
रश्मिका मंदाना ने परिवार के साथ मनाया अपना विशेष जन्मदिन, पिता से मिला आलीशान उपहार

नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा की लोकप्रिय अभिनेत्री रश्मिका मंदाना ने हाल ही में अपना विशेष जन्मदिन बेहद सादगी और पारिवारिक उल्लास के साथ मनाया। अपने अभिनय और सहज मुस्कान से करोड़ों दिलों पर राज करने वाली इस अभिनेत्री के लिए यह अवसर व्यक्तिगत और पेशेवर दोनों ही दृष्टि से बेहद खास रहा। इस अवसर पर उनके परिवार ने एक शानदार कार्यक्रम का आयोजन किया जिसमें अभिनेत्री के करीबी लोग शामिल हुए। हालांकि इस पूरे जश्न में सबसे अधिक चर्चा उस भव्य उपहार की हो रही है जो उन्हें उनके पिता की ओर से प्राप्त हुआ है। उनके पिता ने अपनी बेटी की शानदार सफलताओं और निरंतर कठिन परिश्रम का सम्मान करते हुए उन्हें एक नया और आलीशान बंगला उपहार में दिया है। पारिवारिक मूल्यों के साथ सादगी भरा जश्नग्लैमर की दुनिया की चकाचौंध के बीच रश्मिका ने अपना यह खास दिन अपने माता-पिता और परिजनों के साथ बिताना पसंद किया। उन्होंने इस उत्सव की कुछ झलकियां भी साझा की हैं जिसमें वह अपने परिवार के साथ पारंपरिक तरीके से खुशियां मनाती नजर आ रही हैं। अभिनेत्री ने हमेशा इस बात को स्वीकार किया है कि उनकी सफलता की नींव में उनके परिवार का अटूट विश्वास और समर्थन रहा है। जन्मदिन की सुबह से ही उन्हें दुनिया भर में मौजूद प्रशंसकों की ओर से बधाइयां मिल रही थीं लेकिन घर पर बिताए गए पलों ने उनके लिए इस दिन को भावनात्मक रूप से यादगार बना दिया। पिता का अनमोल उपहार और भावनात्मक क्षणजन्मदिन के इस मांगलिक अवसर पर रश्मिका के पिता ने उन्हें एक नया बंगला भेंट कर सुखद आश्चर्य दिया। यह उपहार केवल एक भौतिक संपत्ति नहीं है बल्कि एक पिता का अपनी बेटी की उपलब्धियों के प्रति गर्व और अगाध प्रेम का प्रतीक है। रश्मिका ने इस विशेष भेंट को स्वीकार करते हुए अपनी खुशी जाहिर की और बताया कि उनके लिए यह बंगला एक नए सपने के साकार होने जैसा है। फिल्म जगत में बिना किसी गॉडफादर के अपनी मेहनत के दम पर पहचान बनाने वाली अभिनेत्री के लिए यह एक अत्यंत भावनात्मक क्षण था क्योंकि वह अपनी जड़ों और पारिवारिक मूल्यों से बहुत गहराई से जुड़ी हुई हैं।सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित करती अभिनेत्रीरश्मिका मंदाना ने बहुत कम समय में दक्षिण भारतीय सिनेमा से लेकर हिंदी फिल्म जगत तक अपनी एक अलग धाक जमाई है। उनके पास वर्तमान में कई बड़े और महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट्स हैं जो उनके करियर को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने जिस समर्पण के साथ सिनेमा में अपनी जगह बनाई है वह कई उभरते हुए कलाकारों के लिए एक मिसाल है। उनके जन्मदिन पर सह-कलाकारों और फिल्म जगत की बड़ी हस्तियों ने भी उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं जिससे यह स्पष्ट होता है कि उद्योग में उनके व्यक्तित्व को कितना सराहा जाता है। प्रशंसकों का मिला अपार स्नेह और समर्थनसोशल मीडिया पर जैसे ही रश्मिका के जन्मदिन की तस्वीरें और बंगले के उपहार की जानकारी सामने आई उनके प्रशंसकों के बीच खुशी की लहर दौड़ गई। प्रशंसकों ने उनकी सफलता पर गर्व जताते हुए उन्हें आने वाले समय के लिए ढेर सारा प्यार और शुभकामनाएं दीं। रश्मिका ने भी अपने समर्थकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनता का यही स्नेह उन्हें हर दिन और बेहतर काम करने की प्रेरणा देता है। एक कलाकार के तौर पर यह जन्मदिन रश्मिका के लिए नई शुरुआत और नई जिम्मेदारियों का प्रतीक बनकर आया है।
पहचान और साख की सुरक्षा के लिए अभिनेता ने उठाया बड़ा कदम, मनोरंजन जगत में चर्चा तेज..

नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के दिग्गज अभिनेता अनिल कपूर अपने व्यक्तित्व अधिकारों और अपनी पहचान की सुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर नजर आ रहे हैं। हाल ही में उन्होंने एक बड़े डिजिटल स्ट्रीमिंग मंच के संदर्भ में एक कड़ा संदेश जारी किया है, जिसने मनोरंजन जगत में हलचल मचा दी है। यह मामला अभिनेता के नाम, आवाज और उनके प्रसिद्ध अंदाज के अनधिकृत उपयोग से जुड़ा हुआ है। अभिनेता ने स्पष्ट किया है कि उनकी अनुमति के बिना उनकी पहचान का व्यावसायिक इस्तेमाल करना न केवल अनैतिक है, बल्कि कानूनी रूप से भी गलत है। व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा का मामलायह विवाद उस समय शुरू हुआ जब अभिनेता के संज्ञान में आया कि उनकी पहचान और उनके ट्रेडमार्क संवादों का उपयोग कुछ प्रचार गतिविधियों में उनकी सहमति के बिना किया जा रहा है। इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए उन्होंने संबंधित पक्षों को आगाह किया है कि उनके पास अपने अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी संरक्षण मौजूद है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से घोषणा की है कि यदि अगले चौबीस घंटों के भीतर उनकी पहचान से जुड़ी विवादित सामग्री को नहीं हटाया गया, तो वे न्यायालय का दरवाजा खटखटाने और कठोर कानूनी कार्यवाही करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। कलाकार की साख और डिजिटल जिम्मेदारीअनिल कपूर ने अपनी बात रखते हुए कहा कि एक कलाकार दशकों की मेहनत और लगन के बाद अपनी एक विशेष छवि और पहचान बनाता है। किसी भी कंपनी या डिजिटल मंच को यह अधिकार नहीं है कि वह बिना किसी अनुबंध या अनुमति के उस साख का लाभ उठाए। यह कदम डिजिटल युग में कलाकारों की बौद्धिक संपदा की सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि जिस तरह से डिजिटल तकनीक का विकास हो रहा है, उसमें कलाकारों के चेहरे और आवाज का गलत इस्तेमाल रोकने के लिए ऐसे सख्त कदम उठाना अनिवार्य हो गया है। कानूनी मर्यादा और व्यावसायिक नैतिकताअभिनेता का रुख पूरी तरह से स्पष्ट और संतुलित है। उन्होंने संकेत दिया है कि वे रचनात्मक कार्यों का समर्थन करते हैं, लेकिन जब बात व्यावसायिक लाभ के लिए किसी के व्यक्तित्व के दुरुपयोग की आती है, तो वहां कानून की मर्यादा का पालन होना चाहिए। उन्होंने इस चेतावनी के जरिए यह संदेश दिया है कि बड़े संस्थानों को भी छोटे या बड़े किसी भी कलाकार के अधिकारों के प्रति संवेदनशील होना चाहिए। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित मंच इस समय सीमा के भीतर क्या कदम उठाता है और इस विवाद का समाधान किस प्रकार निकलता है। इंडस्ट्री के लिए एक मिसालअनिल कपूर का यह साहसिक निर्णय केवल उनके स्वयं के लिए नहीं, बल्कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री के उन कलाकारों के लिए एक मिसाल है जिनकी पहचान अक्सर बिना अनुमति के विज्ञापन या अन्य कार्यों में इस्तेमाल की जाती है। वर्तमान समय में जब तकनीक के माध्यम से किसी की भी नकल करना आसान हो गया है, तब ऐसे कानूनी हस्तक्षेप व्यक्तिगत अधिकारों की रक्षा के लिए ढाल का काम करते हैं। इस घटना ने मनोरंजन उद्योग और तकनीकी संस्थाओं के बीच जवाबदेही और अधिकारों के संतुलन पर एक नई बहस छेड़ दी है।
मुकुल चौधरी की यह पारी निडर और अविश्वसनीय थी: सुनील गावस्कर

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 में कोलकाता के ईडन गार्डन्स में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) और लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के बीच खेला गया मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। 182 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए LSG ने आखिरी गेंद पर 3 विकेट से जीत दर्ज की। इस जीत में सबसे बड़ा योगदान युवा बल्लेबाज Mukul Chaudhary का रहा, जिन्होंने अपनी विस्फोटक पारी से मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया। 27 गेंदों में तूफानी अर्धशतकMukul Chaudhary ने दबाव की स्थिति में बेखौफ बल्लेबाजी करते हुए 27 गेंदों पर नाबाद 54 रन बनाए। उनकी इस पारी में 7 छक्के और 1 चौका शामिल रहा। खास बात यह रही कि उन्होंने पारी की शुरुआत में थोड़ा समय लिया, लेकिन सेट होने के बाद गेंदबाजों पर आक्रामक रुख अपनाया और लगातार बड़े शॉट लगाए।उनकी यह पारी न सिर्फ मैच जिताऊ साबित हुई, बल्कि दर्शकों के लिए भी यादगार बन गई। सुनील गावस्कर की बड़ी प्रतिक्रियाभारतीय क्रिकेट के दिग्गज Sunil Gavaskar ने इस पारी को “निडर और अविश्वसनीय” करार दिया। उन्होंने कहा कि आईपीएल की सबसे बड़ी खूबी यही है कि हर मैच में कोई नया हीरो उभरकर सामने आता है। गावस्कर के मुताबिक, चौधरी ने दबाव की स्थिति में शांत रहकर अपनी पारी को संभाला और फिर बड़े शॉट्स खेलकर टीम को जीत की राह दिखाई। उन्होंने यह भी कहा कि युवा खिलाड़ी का आत्मविश्वास और निडरता इस जीत की सबसे बड़ी वजह रही। हेलीकॉप्टर शॉट और फिनिशिंग टच ने जीता दिलगावस्कर ने विशेष रूप से उस शॉट का जिक्र किया, जिसमें Mukul Chaudhary ने हेलीकॉप्टर शॉट खेला, जिसने दर्शकों को पुरानी यादों में डुबो दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह के शॉट्स से यह साफ दिखता है कि खिलाड़ी किसी भी स्थिति में मैच खत्म करने की क्षमता रखता है। उन्होंने यह भी बताया कि चौधरी ने आसान सिंगल्स की बजाय बड़े शॉट्स पर भरोसा किया और यही उनकी आत्मविश्वासी बल्लेबाजी की पहचान रही। LSG की युवा ताकत बनी जीत की वजहगावस्कर ने कहा कि LSG के प्रमुख बल्लेबाज जैसे मिचेल मार्श, एडेन मार्करम और निकोलस पूरन बड़ी पारी नहीं खेल पाए, लेकिन टीम फिर भी जीतने में सफल रही। यह जीत टीम की युवा प्रतिभा और गहराई को दर्शाती है। उन्होंने यह भी चिंता जताई कि निकोलस पूरन फॉर्म में नहीं हैं, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि टीम ने मुश्किल हालात में भी जीत हासिल करके आत्मविश्वास बढ़ाया है। 13 ओवर बाद भी नहीं टूटी उम्मीदमैच में एक समय LSG 104 रन पर 5 विकेट खो चुकी थी, लेकिन इसके बावजूद टीम ने हार नहीं मानी। Mukul Chaudhary की पारी ने टीम को संभाला और जीत की दिशा में आगे बढ़ाया। यह मुकाबला सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि LSG के नए आत्मविश्वास और युवा खिलाड़ियों के उभरने की कहानी बन गया। Mukul Chaudhary की पारी ने साबित कर दिया कि आईपीएल में नए सितारे किसी भी वक्त मैच का रुख बदल सकते हैं।
रणवीर सिंह ने अभिनय में जान फूंकने के लिए सहा शारीरिक दर्द और पेट पर लगाए स्टेपलर..

नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा में कलाकारों के समर्पण और उनके अभिनय के प्रति जुनून के कई किस्से मशहूर हैं, लेकिन हाल ही में सामने आई एक घटना ने कला के प्रति समर्पण की परिभाषा को एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है। मनोरंजन जगत के एक जाने-माने फिल्म निर्माता ने एक विशेष फिल्म के निर्माण के दौरान हुई एक ऐसी घटना का स्मरण किया है जो किसी भी साधारण व्यक्ति को झकझोर कर रख सकती है। यह वाकया उस समय का है जब अभिनेता रणवीर सिंह अपनी एक बेहद गंभीर और भावनात्मक फिल्म के चरमोत्कर्ष दृश्य की शूटिंग कर रहे थे। उस दृश्य में वास्तविक दर्द और छटपटाहट दिखाने के लिए अभिनेता ने जो रास्ता चुना, वह न केवल जोखिम भरा था बल्कि उनके अटूट संकल्प का प्रमाण भी था। चरित्र में डूबने की अद्भुत कलाफिल्म के अंतिम दृश्यों में किरदार की शारीरिक पीड़ा को पर्दे पर सजीव करने के लिए रणवीर सिंह ने अपने पेट पर स्टेपलर पिन का उपयोग किया था। पर्दे पर दिखने वाला वह दर्द कोई बनावटी अभिनय नहीं था, बल्कि एक वास्तविक शारीरिक कष्ट था जिसे अभिनेता ने स्वयं चुना था। फिल्म निर्माण की प्रक्रिया में अक्सर कलाकार तकनीक और हाव-भाव का सहारा लेते हैं, लेकिन रणवीर ने महसूस किया कि जब तक वह स्वयं उस पीड़ा को महसूस नहीं करेंगे, तब तक वह दर्शकों के दिलों तक उस संवेदना को नहीं पहुंचा पाएंगे। यह निर्णय उनके पेशेवर रवैये और चरित्र में पूरी तरह डूब जाने की उनकी प्रवृत्ति को दर्शाता है। सेट पर मौजूद लोग रह गए दंगइस घटना का जिक्र करते हुए फिल्म जगत के दिग्गजों ने बताया कि शूटिंग के दौरान रणवीर की इस स्थिति को देखकर सेट पर मौजूद लोग भी दंग रह गए थे। उस समय अभिनेता के चेहरे पर जो भाव थे, वे किसी कृत्रिम मेकअप या तकनीकी प्रभाव का परिणाम नहीं थे, बल्कि वह वास्तविक शारीरिक प्रतिक्रिया थी जो उस स्टेपलर पिन के चुभने से उत्पन्न हो रही थी। अभिनय के प्रति ऐसा पागलपन ही एक साधारण कलाकार को महानता की श्रेणी में ले जाता है। सिनेमा के इतिहास में ऐसी कई फिल्में रही हैं जहां अभिनेताओं ने अपना वजन घटाया या बढ़ाया है, लेकिन स्वयं को शारीरिक रूप से इस तरह घायल करना एक अलग ही स्तर की प्रतिबद्धता है।तकनीक बनाम वास्तविक संवेदना वर्तमान समय में जब सिनेमा में तकनीकी प्रभाव और ग्राफिक्स का बोलबाला है, तब ऐसी कहानियां याद दिलाती हैं कि मानवीय भावना और वास्तविक परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है। रणवीर के इस कदम ने न केवल उस विशेष फिल्म के दृश्य को यादगार बना दिया, बल्कि आने वाली पीढ़ी के कलाकारों के लिए भी एक मानक स्थापित कर दिया है। कला के प्रति इस तरह का निष्ठावान भाव ही है जो एक फिल्म को समय की सीमाओं से परे ले जाकर कालजयी बनाता है। हालांकि इस तरह के खतरनाक तरीकों को अपनाने पर सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं भी व्यक्त की जाती हैं, लेकिन एक कलाकार की दृष्टि में उस समय केवल उसका काम और उसकी भूमिका ही सर्वोपरि होती है। संघर्ष और सफलता का गहरा नाता रणवीर सिंह के इस साहसिक प्रयास की चर्चा आज भी फिल्म गलियारों में बहुत सम्मान के साथ की जाती है। यह घटना यह भी स्पष्ट करती है कि पर्दे पर दिखने वाली कुछ मिनटों की सफलता के पीछे कितनी रातों की मेहनत और कितना असहनीय त्याग छिपा होता है। दर्शकों के लिए जो केवल मनोरंजन का एक हिस्सा होता है, वह एक समर्पित अभिनेता के लिए उसकी आत्मा का एक अंश होता है जिसे वह पूरी ईमानदारी के साथ प्रस्तुत करता है। इस तरह के किस्से फिल्म निर्माण की उस कठिन प्रक्रिया का हिस्सा हैं जिसे आम जनता कभी सीधे तौर पर नहीं देख पाती, लेकिन जब यह बातें सामने आती हैं तो कलाकार के प्रति सम्मान और अधिक बढ़ जाता है। भविष्य के लिए प्रेरणा रणवीर सिंह के अभिनय के प्रति इस बेमिसाल जुनून ने यह साबित कर दिया है कि वे केवल एक स्टार नहीं, बल्कि एक सच्चे कलाकार हैं। उनकी यह कहानी आने वाले समय में उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा बनेगी जो कला के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाना चाहते हैं। यह घटना सिखाती है कि पूर्णता प्राप्त करने के लिए कभी-कभी अपने आराम और सुरक्षा की सीमाओं से बाहर निकलना अनिवार्य हो जाता है। उनके इस समर्पण ने फिल्म के उस विशेष सीन को भारतीय सिनेमा के सबसे प्रभावशाली दृश्यों में से एक बना दिया है।
एलएसजी की जीत में आयुष बडोनी के योगदान को कम आंका गया: सुनील गावस्कर

नई दिल्ली।आईपीएल 2026 में गुरुवार को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) और लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के बीच खेले गए मुकाबले ने दर्शकों को रोमांच से भर दिया। इस हाई-वोल्टेज मैच में LSG ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 3 विकेट से जीत दर्ज की। टीम की जीत में जहां एक ओर एक बल्लेबाज ने तेजतर्रार पारी खेलकर मैच खत्म किया, वहीं मध्यक्रम में Ayush Badoni ने भी बेहद अहम भूमिका निभाई। मिडिल ऑर्डर में शानदार पारीLSG की ओर से लक्ष्य का पीछा करते हुए चौथे नंबर पर उतरे Ayush Badoni ने 34 गेंदों में 54 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली। उनकी इस पारी में 7 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। हालांकि वह अर्धशतक पूरा करने के बाद आउट हो गए, लेकिन तब तक उन्होंने टीम की जीत की नींव मजबूत कर दी थी। उनकी यह पारी उस समय आई जब KKR के स्पिन आक्रमण, खासकर अनुभवी गेंदबाज Sunil Narine, रन रोकने की पूरी कोशिश कर रहे थे। बावजूद इसके बदोनी ने धैर्य और आक्रामकता का संतुलन बनाते हुए टीम को मुकाबले में बनाए रखा। सुनील गावस्कर ने की तारीफभारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज Sunil Gavaskar ने LSG की इस जीत के बाद Ayush Badoni के योगदान को बेहद अहम बताया। उन्होंने कहा कि बदोनी की पारी को अक्सर कम आंका जाता है, जबकि उन्होंने टीम को स्थिरता देने में बड़ी भूमिका निभाई। गावस्कर के अनुसार, बदोनी एक परिपक्व खिलाड़ी हैं, जो न सिर्फ बल्लेबाजी बल्कि जरूरत पड़ने पर गेंदबाजी और फील्डिंग में भी योगदान देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि घरेलू क्रिकेट में कप्तानी करने से उनकी समझ और जिम्मेदारी में काफी सुधार हुआ है। युवा खिलाड़ियों की भूमिका पर जोरगावस्कर ने यह भी कहा कि आईपीएल जैसी लीग में टीमों को ऐसे निडर और युवा खिलाड़ियों की जरूरत होती है, जो दबाव में आकर भी मैच का रुख बदल सकें। उन्होंने बदोनी को ऐसे खिलाड़ियों में गिना जो भविष्य में टीम के लिए और भी महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। मैच का निर्णायक मोड़LSG की जीत में एक तरफ जहां विस्फोटक बल्लेबाजों ने तेज रन बनाकर मैच को खत्म किया, वहीं Ayush Badoni की संयमित और समझदारी भरी पारी ने लक्ष्य का पीछा आसान बना दिया। उनकी पारी ने टीम को शुरुआती झटकों से उबारा और जीत की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ाया।
सुपरहिट दौड़ के बीच कानूनी संकट में धुरंधर 2 पुराने गाने के विवाद ने बढ़ाई टेंशन

नई दिल्ली । बॉक्स ऑफिस पर जबरदस्त सफलता हासिल कर रही फिल्म धुरंधर 2 अब कानूनी विवादों में फंस गई है और इस मामले ने फिल्म इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है। दिल्ली हाई कोर्ट ने फिल्म के निर्माताओं को सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि वे अपनी पूरी कमाई का विस्तृत रिकॉर्ड सुरक्षित रखें क्योंकि यह मामला आर्थिक दावों से जुड़ा हुआ है और भविष्य में यही आंकड़े फैसले की दिशा तय कर सकते हैं। यह विवाद 1989 की चर्चित फिल्म त्रिदेव से जुड़ा है जिसके निर्माता त्रिमूर्ति फिल्म्स ने आरोप लगाया है कि धुरंधर 2 के गाने रंग दे लाल ओए ओए में उनके सुपरहिट गीत तिरछी टोपी वाले का बिना अनुमति उपयोग किया गया है। इस कथित कॉपीराइट उल्लंघन को लेकर उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जिसके बाद गुरुवार को इस मामले पर सुनवाई हुई। दिल्ली हाई कोर्ट ने फिलहाल इस विवाद को सुलझाने के लिए दोनों पक्षों को आपसी समझौते का मौका दिया है और केस को मेडिएशन के लिए भेज दिया है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि चूंकि दोनों पक्ष बातचीत के जरिए समाधान निकालने को तैयार हैं इसलिए पहले सुलह की कोशिश की जानी चाहिए। हालांकि इसके साथ ही कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्देश देते हुए कहा कि फिल्म के रिलीज होने की तारीख 19 मार्च से अब तक की पूरी कमाई का हिसाब किताब सुरक्षित रखा जाए ताकि जरूरत पड़ने पर उसे पेश किया जा सके। कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि आपसी सहमति से मामला हल नहीं होता है तो यही वित्तीय रिकॉर्ड आगे चलकर मुआवजे या किसी अन्य कानूनी निर्णय में अहम भूमिका निभाएगा। इस तरह फिल्म की कमाई अब सीधे तौर पर इस विवाद से जुड़ गई है और मेकर्स के लिए यह मामला केवल रचनात्मक नहीं बल्कि आर्थिक चुनौती भी बन गया है। फिलहाल राहत की बात यह है कि कोर्ट ने फिल्म या उसके विवादित गाने पर किसी प्रकार की रोक नहीं लगाई है। मेकर्स ने कोर्ट को बताया कि फिल्म को अभी ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज करने की कोई योजना नहीं है और इसी आधार पर कोर्ट ने फिल्म के प्रदर्शन को जारी रखने की अनुमति दी है। हालांकि आगे चलकर यदि समझौता नहीं होता है तो मेकर्स को मुआवजा देना पड़ सकता है या अन्य कानूनी परिणामों का सामना करना पड़ सकता है। अब इस मामले की अगली महत्वपूर्ण तारीख 22 अप्रैल तय की गई है जब दोनों पक्ष मेडिएशन सेंटर में पेश होंगे और समझौते की दिशा में बातचीत करेंगे। इसके बाद कोर्ट में अगली सुनवाई 6 मई को होगी जहां इस पूरे विवाद की प्रगति पर नजर डाली जाएगी। इस बीच फिल्म का बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन लगातार मजबूत बना हुआ है। रिलीज के 23 दिनों में फिल्म ने भारत में ग्रॉस 1255.23 करोड़ रुपये और नेट 1048.42 करोड़ रुपये की कमाई की है जबकि विदेशों में यह आंकड़ा 410 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। इस तरह फिल्म का कुल वर्ल्डवाइड कलेक्शन 1665.23 करोड़ रुपये हो गया है जो इसे साल की सबसे बड़ी फिल्मों में शामिल करता है। स्पाई थ्रिलर शैली की इस फिल्म में रणवीर सिंह संजय दत्त आर माधवन अर्जुन रामपाल और सारा अर्जुन जैसे कलाकार नजर आ रहे हैं और दर्शकों के बीच इसकी लोकप्रियता बनी हुई है।अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह मामला बातचीत से सुलझ जाता है या फिर यह विवाद आगे बढ़कर फिल्म की कमाई और भविष्य दोनों को प्रभावित करता है।
मध्य प्रदेश में बढ़ेगी गर्मी की तपिश, तापमान 6 डिग्री तक चढ़ने का अनुमान

भोपाल। मध्यप्रदेश में इस साल अप्रैल की शुरुआत तेज गर्मी के बजाय आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के साथ हुई। 1 से 9 अप्रैल के बीच प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम लगातार बदलता रहा। हालांकि अब यह दौर खत्म होने वाला है। मौसम विभाग के मुताबिक, शुक्रवार से प्रदेश में बारिश रुक जाएगी और गर्मी का असर तेजी से बढ़ेगा। इसके चलते दिन के तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। अप्रैल की शुरुआत में सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण प्रदेश में लगातार बदलाव देखने को मिला। गुरुवार को भी साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवाती परिसंचरण) सक्रिय रहा, जिससे पूर्वी मध्यप्रदेश के उमरिया, शहडोल, डिंडौरी, अनूपपुर, मंडला, सिवनी और बालाघाट जिलों में मौसम प्रभावित रहा। कहीं तेज आंधी चली, तो कहीं हल्की बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने बताया कि शुक्रवार से इन सिस्टम्स का असर समाप्त हो जाएगा। अगले पांच दिनों तक प्रदेश में कहीं भी बारिश की संभावना नहीं है। इस दौरान मौसम शुष्क रहेगा और तापमान लगातार बढ़ेगा। 15 अप्रैल के आसपास उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय हो सकता है, लेकिन इसका प्रभाव मध्यप्रदेश में बहुत कम रहने की संभावना है। गर्मी के लिहाज से अप्रैल और मई सबसे अहम महीने माने जाते हैं। विभाग के अनुसार, जैसे दिसंबर-जनवरी सर्दी के और जुलाई-अगस्त बारिश के चरम महीने होते हैं, वैसे ही अप्रैल-मई में गर्मी अपने चरम पर होती है। इस साल मार्च के दूसरे पखवाड़े में ही तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया था। आमतौर पर मार्च के अंतिम दिनों से तापमान तेजी से बढ़ता है, लेकिन इस बार वेस्टर्न डिस्टरबेंस और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के असर से तापमान में गिरावट देखने को मिली। इसी कारण अप्रैल के पहले पखवाड़े में भी प्रदेश में बारिश, ओले और आंधी का दौर जारी रहा। पिछले आठ दिनों से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में कहीं न कहीं बारिश दर्ज की जा रही थी।
कश्मीर के वैज्ञानिकों की बड़ी सफलता, अब किसान 40 हजार रुपये किलो वाले दुर्लभ मशरूम की कर सकेंगे खेती

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर के वैज्ञानिकों ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है, जिसके बाद अब किसान 15 हजार से 40 हजार रुपये प्रति किलो तक बिकने वाला दुर्लभ मशरूम अपने खेतों में भी उगा सकेंगे। श्रीनगर स्थित शेर-ए-कश्मीर कृषि विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (SKUAST) के वैज्ञानिकों ने पहली बार नियंत्रित वातावरण में इस मशरूम की सफल खेती कर दिखाई है। जंगलों पर निर्भरता से मिली मुक्ति यह मशरूम मोरल्स या मोरचेला (स्थानीय नाम कंगाच) है, जो अब तक सिर्फ ऊंचे पहाड़ी जंगलों में बारिश के मौसम में प्राकृतिक रूप से उगता था। इसकी उपलब्धता बेहद सीमित और मुश्किल होने के कारण बाजार में इसकी कीमत बेहद अधिक रहती है। वैज्ञानिकों की बड़ी उपलब्धि SKUAST के कुलपति प्रोफेसर नजीर अहमद गनई ने इस उपलब्धि को “गेम चेंजर” बताया है। उनके अनुसार, यह तकनीक जंगलों पर निर्भरता खत्म कर नियंत्रित उत्पादन का रास्ता खोलती है, जिससे किसानों, युवाओं और स्टार्टअप्स के लिए नए अवसर पैदा होंगे। पांच साल की मेहनत से मिला परिणाम इस शोध में प्रोफेसर तारिक अहमद सोफी, उनके छात्र कमरान मुनीर और प्रोफेसर विकास गुप्ता शामिल रहे। टीम ने पिछले पांच वर्षों में 1000 से अधिक प्राकृतिक स्थलों से मोरचेला के नमूने एकत्र किए और उनके वातावरण, मिट्टी, नमी और पौधों का गहन अध्ययन किया। शोध के दौरान 10 किस्मों को चुना गया, जिनमें से 3 किस्मों में सफलतापूर्वक खेती संभव हो सकी। पॉलीहाउस से लेकर खुले खेत तक सफलता शुरुआत में इस मशरूम की खेती पॉलीहाउस में की गई, जबकि बाद में इसे खुले वातावरण में भी उगाने में सफलता मिली। वैज्ञानिकों के अनुसार इसके लिए पेटेंट प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। यह प्रयोग बारामूला, अनंतनाग और श्रीनगर सहित कई क्षेत्रों में किया गया है। खास पर्यावरण की जरूरत वाला मशरूम मोरचेला की खेती हमेशा से चुनौतीपूर्ण रही है क्योंकि इसे विशेष तापमान, नमी और मिट्टी की स्थिति की आवश्यकता होती है। साथ ही अलग-अलग किस्मों के लिए अलग पौधों और प्राकृतिक वातावरण का संतुलन भी जरूरी होता है। किसानों के लिए नई आर्थिक संभावना विशेषज्ञों का मानना है कि इस तकनीक से जम्मू-कश्मीर की कृषि अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव आ सकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी मांग के चलते यह फसल किसानों की आय बढ़ाने का एक मजबूत विकल्प बन सकती है और जैव-अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा दे सकती है।
बिहार के बक्सर में PM मोदी पर हमले की साजिश….1 गिरफ्तार, दुश्मन देशों के संपर्क में था आरोपी

पटना। बिहार (Bihar) के बक्सर (Buxar) से पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की सुरक्षा में सेंध पहुंचाने और हमले की साजिश में शामिल युवक अमन तिवारी (Aman Tiwari) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसके लैपटॉप से विदेशी(दुश्मन देशों की) एजेंसियों को मैसेज भेजने का सबूत मिले हैं। उसकी गिरफ्तारी सिमरी थाना क्षेत्र के आशा पड़री गांव से हुई है। इस मामले में पुलिस ने तीन युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। जिसमें सिमरी के युवक के लैपटॉप से मैसेज मिला। पुलिस के अनुसार रुपये की चाहत में सिमरी थाना क्षेत्र के आशा पड़री गांव निवासी अमन तिवारी ने अंतरराष्ट्रीय एजेंसी को मैसेज भेजा था। गुप्त सूचना मिलते ही पुलिस एक्टिव हुई। पुलिस के अनुसार बुधवार की दोपहर अमन किसी के घर पूजा कराने के लिए अपने पिता को छोड़ घर लौटा था। जिस वक्त वह घर में खाना खा रहा था ठीक उसी वक्त पुलिस पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया। एसपी शुभम आर्य ने बताया कि अमन के साथ तीन युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई थी। पूछताछ के बाद दो को छोड़ दिया गया जबकि सबूत मिलने के बाद अमन को गिरफ्तार कर लिया गया। एसपी ने कहा कि पीएम से संबंधित कोई मैसेज हैक नहीं हुआ है। अमन काफी समय से विदेशी एजेंसियों के संपर्क में था। रुपये के डिमांड के साथ अंतराष्ट्रीय एजेंसी को मैसेज भेजा था कि वह पीएम की सुरक्षा को हानि पहुंचा सकता है। अंतरराष्ट्रीय एजेंसी से संपर्क कर गोपनीय जानकारी के बदले रुपये की मांग कर रहा था। उसके मोबाइल और लैपटॉप को पुलिस ने जब्त कर खंगाला, तो रुपये के डिमांड से संबंधित मैसेज मिला। एसपी ने बताया कि अमन तिवारी ने वर्ष 2021 में कोलकाता एयरपोर्ट को उड़ाने की धमकी दी थी। इस मामले में कोलकाता और बक्सर पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे गिरफ्तार किया था। इसके बाद गुरुवार को पुलिस की इस कार्रवाई के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस के अनुसार आरोपित के घर से लैपटॉप समेत कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है। अमन की गिरफ्तारी के बाद उसके गांव में गुरुवार को सन्नाटा पसरा रहा। युवक की करतूत से सभी ग्रामीण हैरान नजर आ रहे हैं। एसपी ने बताया कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अमन के संपर्क में और कौन कौन लोग हैं और उसका संपर्क किन एजेंसियों से हैं। अमन का आपराधिक इतिहास भी खंगाला जा रहा है। उसकी नजह में और कौन-कौन वीआईपी हैं, इसका भी पता लगाया जा रहा है।