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आईपीएल 2026 के बीच BCCI का नया फरमान, सिर्फ 16 खिलाड़ियों को मिलेगी एंट्री

नई दिल्ली।इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के बीच Board of Control for Cricket in India (BCCI) ने अनुशासन को लेकर बड़ा फैसला लिया है। नई रिपोर्ट के मुताबिक अब किसी भी मैच के दौरान मैदान पर केवल उन्हीं खिलाड़ियों को आने की अनुमति होगी, जिनका नाम टीम शीट में शामिल होगा और यह संख्या अधिकतम 16 तय कर दी गई है। इसमें 11 खिलाड़ी प्लेइंग इलेवन का हिस्सा होंगे, जबकि 1 इम्पैक्ट सब और 4 रिजर्व खिलाड़ी शामिल किए जा सकते हैं। यानी कुल मिलाकर 16 से ज्यादा खिलाड़ियों को मैदान या बाउंड्री लाइन के पास आने की अनुमति नहीं होगी। ड्रिंक्स और मैसेज लाने पर भी लगी रोकनए नियमों के तहत टीम शीट में शामिल न होने वाले खिलाड़ी अब मैदान पर ड्रिंक्स, बैट, ग्लव्स या कोई भी जरूरी सामान लेकर नहीं जा सकेंगे। इतना ही नहीं, वे खिलाड़ियों तक कोई रणनीतिक मैसेज भी नहीं पहुंचा पाएंगे। बाउंड्री लाइन के पास भी सख्ती बढ़ा दी गई है—यहां केवल 5 खिलाड़ी ही बिब पहनकर रह सकते हैं। बाकी सभी खिलाड़ियों को डगआउट में ही बैठना होगा। इससे पहले कई बार देखा गया था कि ज्यादा खिलाड़ी मैदान के आसपास मौजूद रहते थे, जिससे अव्यवस्था की स्थिति बनती थी। नियमों का मकसद: खेल की रफ्तार और अनुशासन बनाए रखनासूत्रों के अनुसार, BCCI का यह कदम मैच के दौरान अनुशासन बनाए रखने और अनावश्यक भीड़ को रोकने के लिए उठाया गया है। साथ ही इससे खेल की गति (game pace) को भी बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। दरअसल, कई मौकों पर सब्स्टीट्यूट खिलाड़ियों की बार-बार आवाजाही से मैच की लय प्रभावित होती थी। इसी को देखते हुए अब इस पर पूरी तरह लगाम लगाने की तैयारी की गई है। नियमों का आधार: MCC के क्लॉज को सख्ती से लागू करनाबताया जा रहा है कि यह फैसला एमसीसी (MCC) के नियमों—खासकर क्लॉज 11.5.2 और 24.1.4को सख्ती से लागू करने के लिए लिया गया है। इन नियमों के तहत बिना अंपायर की अनुमति के मैदान पर आना, ड्रिंक्स ले जाना या समय बर्बाद करना नियमों का उल्लंघन माना जाता है। अब Indian Premier League में इन प्रावधानों को और कड़ाई से लागू किया जाएगा, ताकि मैच के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था या देरी से बचा जा सके। आगे और सख्त हो सकते हैं नियमरिपोर्ट्स के मुताबिक, BCCI आने वाले समय में इन नियमों को और सख्त करने पर भी विचार कर रही है। अगर टीमें इन निर्देशों का पालन नहीं करती हैं, तो खिलाड़ियों और टीम मैनेजमेंट पर जुर्माना या अन्य कार्रवाई हो सकती है। इस फैसले से साफ है कि IPL 2026 में अब सिर्फ प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि अनुशासन भी उतना ही जरूरी होगा।

ग्वालियर केंद्रीय जेल में बड़ा खुलासा प्रहरी के आरोपों के बाद खुद ही हुआ निलंबित

ग्वालियर । मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित केंद्रीय जेल एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गई है जहां जेल के भीतर कथित रूप से रुपए के लेनदेन और भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं इस बार आरोप किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं बल्कि जेल के भीतर कार्यरत एक प्रहरी ने ही लगाए हैं जिससे पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है जेल प्रहरी पवन शर्मा ने सहायक जेल अधीक्षक नीरज यादव पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि केंद्रीय जेल में बंद कैदियों से विभिन्न सुविधाओं के नाम पर अवैध वसूली की जाती है उन्होंने आरोप लगाया कि रुपए न देने पर कैदियों को प्रताड़ित भी किया जाता है जिससे जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं प्रहरी के मुताबिक जेल के अंदर प्रतिबंधित गतिविधियां भी पैसों के बल पर संचालित हो रही हैं उनका आरोप है कि कैदियों को रुपए लेकर गांजा और अन्य नशीले पदार्थ उपलब्ध कराए जाते हैं इतना ही नहीं बैरक बदलवाने के नाम पर कैदियों से 50 हजार रुपए तक वसूले जाते हैं वहीं फोन पर बात कराने के लिए 2 मिनट के 500 रुपए तक लिए जाने का भी आरोप लगाया गया है इसके अलावा कैदियों की मांग के अनुसार अन्य सामान भी पैसे लेकर उपलब्ध कराया जाता है इन गंभीर आरोपों के सामने आने के बाद जेल प्रशासन हरकत में आया लेकिन कार्रवाई का रुख कुछ अलग ही नजर आया जेल अधीक्षक विदित सिरवैया ने आरोप लगाने वाले प्रहरी पवन शर्मा को ही निलंबित कर दिया बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई झूठे और निराधार आरोप लगाने के आधार पर की गई है वहीं इस पूरे मामले में सहायक जेल अधीक्षक नीरज यादव पर लगे आरोपों को लेकर अभी तक आधिकारिक तौर पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है हालांकि इस घटनाक्रम ने जेल प्रशासन की पारदर्शिता और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब पहले भी प्रदेश की जेलों में अवैध गतिविधियों और भ्रष्टाचार को लेकर चर्चाएं होती रही हैं ऐसे में ग्वालियर केंद्रीय जेल का यह मामला न केवल प्रशासन के लिए चुनौती बन गया है बल्कि जेल सुधार व्यवस्था पर भी बहस को तेज कर सकता है फिलहाल इस पूरे प्रकरण में आगे क्या जांच होती है और सच्चाई क्या निकलकर सामने आती है इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं लेकिन इतना जरूर है कि इन आरोपों ने जेल व्यवस्था की छवि पर एक बार फिर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है

विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम में चार ठिकानों पर छापेमारी, सोना-चांदी और फ्लैट जब्त..

नई दिल्ली:विजयवाड़ा/आंध्र प्रदेश में सरकारी अफसर की करोड़ों की संपत्ति का खुलासा होते ही प्रशासनिक और कानून व्यवस्था के हलकों में हड़कंप मच गया है। एंटी करप्शन ब्यूरो ने एंडोमेंट्स विभाग की सहायक आयुक्त कलिंगीरी शांति को आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में गिरफ्तार किया। जांच में उनके खिलाफ स्पष्ट जानकारी मिलने के बाद 7 अप्रैल को विजयवाड़ा और विशाखापत्तनम में एक साथ छापेमारी की गई, जिसमें बड़ी संख्या में चल और अचल संपत्तियां जब्त की गईं। एसीबी की टीम ने अभियुक्त के आवास, उनकी मां की गारमेंट शॉप, बहन का घर और विशाखापत्तनम में स्थित अन्य संपत्ति पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान अधिकारियों को कई अहम दस्तावेज और संपत्ति का ब्यौरा मिला। जांच में विशाखापत्तनम में एक रिहायशी फ्लैट, विजयवाड़ा में जी+2 इमारत, लगभग 770 ग्राम सोने के आभूषण, 3 किलो चांदी, 1.15 लाख रुपये नकद और करीब 3 लाख रुपये बैंक जमा में पाए गए। इसके अलावा एक वोल्क्सवैगन पोलो कार, मोटरसाइकिल, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स और अन्य कीमती सामान भी जब्त किए गए। कलिंगीरी शांति को जुलाई 2024 से मार्च 2026 तक निलंबित रखा गया था। उन्होंने वर्ष 2020 में आंध्र प्रदेश लोक सेवा आयोग के माध्यम से भर्ती प्राप्त की थी और विशाखापत्तनम तथा विजयवाड़ा में अपनी सेवाएं दी थीं। छापेमारी के समय वह नई पोस्टिंग का इंतजार कर रही थीं। एसीबी ने कलिंगीरी शांति के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(b) के तहत मामला दर्ज किया है, जो लोक सेवकों के पास आय से अधिक संपत्ति पाए जाने से संबंधित है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें विजयवाड़ा स्थित विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से 21 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया। बाद में उन्हें जिला जेल में स्थानांतरित किया गया। अधिकारियों ने बताया कि जब्त संपत्तियों का मूल्यांकन और तलाशी अभी जारी है और जांच बढ़ने के साथ संपत्तियों की कुल कीमत में वृद्धि की संभावना है। यह कार्रवाई राज्य में भ्रष्टाचार पर कड़ी निगरानी और प्रशासनिक जवाबदेही के संकेत के रूप में देखी जा रही है।

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को मिली जान से मारने की चेतावनी, कहा- "अतीक अहमद जैसा करेंगे हाल"

वाराणसी। वाराणसी में ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को जान से मारने की धमकी दी गई है। उनके मीडिया प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि ज्योतिर्मठ के आधिकारिक नंबर पर धमकी भरे मैसेज और ऑडियो भेजे गए हैं, जिससे उनके अनुयायियों में हड़कंप मच गया। गौ रक्षा अभियान के कारण धमकीसंजय पांडेय के अनुसार शंकराचार्य के नेतृत्व में ‘गौ माता-राष्ट्रमाता’ अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य भारत में गौ हत्या को रोकना है। इसी अभियान के तहत 3 मई से उत्तर प्रदेश के हर विधानसभा क्षेत्र में गविष्ठी यात्रा शुरू होगी, जिसमें शंकराचार्य लोगों को गौ रक्षा के लिए प्रेरित करेंगे और हर विस क्षेत्र में रामा गौ धाम निर्माण पर जोर देंगे। धमकी का सिलसिलापहली अप्रैल को ज्योतिर्मठ के नंबर पर लगातार मैसेज भेजकर धमकाया गया। नंबर ब्लॉक करने के बाद 6 अप्रैल को दो ऑडियो संदेश भेजे गए, जिनमें अतीक अहमद की तरह मारने की चेतावनी दी गई। मीडिया प्रभारी ने कहा कि इस मामले में जल्द ही विधिक कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट (मथुरा) के अध्यक्ष आशुतोष ब्रह्मचारी और उनके अधिवक्ता को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। पुलिस जांच में धमकी देने वाले मोबाइल नंबर को पाकिस्तान का पाया गया, जिससे इसे अंतरराष्ट्रीय साजिश माना गया। सुप्रीम कोर्ट में पैरवी के दौरान डराने की कोशिशयह मामला स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े कानूनी विवाद से जुड़ा है। आशुतोष ब्रह्मचारी ने उच्च न्यायालय द्वारा शंकराचार्य को दी गई अग्रिम जमानत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दाखिल की थी। आशुतोष के अनुसार, 25 मार्च को कोर्ट में पैरवी शुरू होते ही उन्हें धमकाने का सिलसिला शुरू हो गया।

देर रात दंपति पर हमला भिंड में बदमाशों ने लूट की कोशिश में युवक को उतारा मौत के घाट

भिंड । मध्य प्रदेश के भिंड जिले से एक दिल दहला देने वाली सनसनीखेज वारदात सामने आई है जहां देर रात घर लौट रहे एक दंपति पर बदमाशों ने हमला कर दिया और लूट की कोशिश के दौरान पति की गोली मारकर हत्या कर दी गई इस पूरी घटना को उसकी पत्नी और छोटी बच्ची के सामने अंजाम दिया गया जिससे पूरे क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल बन गया है जानकारी के अनुसार यह घटना अटेर थाना क्षेत्र की है जहां बुधवार देर रात नीलेश जाटव अपनी पत्नी और मासूम बच्ची के साथ बाइक से अपनी ससुराल जामना गांव से खरिका गांव लौट रहे थे रास्ते में रमटा गांव के पास अज्ञात बदमाशों ने उन्हें रोक लिया और नीलेश की पत्नी का पर्स छीनने का प्रयास किया जब नीलेश जाटव ने बदमाशों का विरोध किया तो आरोपियों ने बिना देर किए उस पर गोली चला दी गोली लगते ही वह सड़क पर गिर पड़ा और गंभीर रूप से घायल हो गया खून से लथपथ हालत में उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया इस पूरी घटना को उसकी पत्नी और बच्ची के सामने अंजाम दिया गया जिससे पत्नी गहरे सदमे में चली गई गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तुरंत पुलिस को सूचना दी सूचना मिलते ही मध्य प्रदेश पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया वहीं घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए गए मृतक के छोटे भाई अविंद जाटव ने बताया कि नीलेश परिवार के साथ ससुराल से लौट रहे थे तभी दो अज्ञात बदमाशों ने उनकी पत्नी का पर्स छीनने की कोशिश की और विरोध करने पर उन्हें गोली मार दी उन्होंने बताया कि हमलावर दो युवक थे जो वारदात के बाद मौके से फरार हो गए फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश के लिए आसपास के इलाकों में सघन सर्च अभियान चलाया जा रहा है पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है ताकि जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार किया जा सके इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है यह वारदात एक बार फिर कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती नजर आ रही है जहां आम नागरिक भी सुरक्षित नहीं हैं

डॉक्टर पति ने पत्नी की हत्या के लिए बनाई थी शातिर योजना, कोर्ट में पेश हुए डिजिटल सबूत..

नई दिल्ली:बेंगलुरु से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसमें एक डॉक्टर ने अपनी पत्नी, जो स्किन स्पेशलिस्ट थीं, को बेहोशी का इंजेक्शन देकर कथित तौर पर हत्या कर दी। आरोपी पति ने अपने मेडिकल ज्ञान का इस्तेमाल कर पूरी योजना तैयार की थी और सोचा कि वह पकड़ा नहीं जाएगा। लेकिन छोटी सी गलती ने उसके सारे राज खोल दिए। अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका ठोस सबूतों को देखते हुए खारिज कर दी। मृतक डॉक्टर कृतिका रेड्डी की उम्र 29 वर्ष थी और उनकी मौत रहस्यमयी परिस्थितियों में हुई। आरोपी पति महेंद्र रेड्डी ने शुरू में दावा किया कि उनकी पत्नी की अचानक मौत पुरानी बीमारियों के कारण हुई। हालांकि जांच में यह स्पष्ट हुआ कि उसने ऑपरेशन थिएटर में इस्तेमाल होने वाली शक्तिशाली दवा प्रोपोफोल का ओवरडोज देकर अपनी पत्नी की जान ले ली। जांच अधिकारियों ने अदालत में बताया कि यह हत्या बेहद सोची-समझी और शातिर योजना के तहत की गई। आरोपी ने अपनी पत्नी को बेहोश करने और उसकी मौत तक पहुंचाने के लिए अपने मेडिकल ज्ञान का इस्तेमाल किया। पुलिस को महेंद्र के मैसेज भी मिले, जिसमें उसने इस हत्या पर पछतावा व्यक्त किया और अपनी गर्लफ्रेंड को मर्डर को छिपाने के निर्देश दिए। उसने संदेश में स्पष्ट किया कि अगर पुलिस उसकी और गर्लफ्रेंड की बातचीत के बारे में पूछे तो उन्हें सिर्फ दोस्त बताना, ताकि संबंध का खुलासा न हो। जांच के दौरान फोरेंसिक टीम ने आरोपी के कब्जे से 10 लाख से अधिक डिजिटल डेटा और मैसेज रिट्रीव किए। इसमें भुगतान एप और चैट रिकॉर्ड शामिल थे, जिनमें कई डिलीट किए गए संदेश भी बरामद हुए। इन डिजिटल सबूतों ने हत्या की गहन योजना और आरोपी के इरादों को स्पष्ट किया। महेंद्र को 14 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया। महेंद्र और कृतिका दोनों ही विक्टोरिया अस्पताल में कार्यरत थे। उनकी शादी 26 मई 2024 को हुई थी। शादी के एक साल से भी कम समय में, 23 अप्रैल 2025 को कृतिका अपने पिता के घर पर बेहोश पाई गईं। आरोपी पति ने ससुराल में उनके इलाज के बहाने इंजेक्शन देने का बहाना बनाया और परिवार को भरोसा दिलाया कि वह केवल उनकी देखभाल कर रहा है। कृतिका की बहन को अपने जीजा के हावभाव पर संदेह हुआ और उन्होंने गहन मेडिकल जांच की मांग की। फोरेंसिक रिपोर्ट में पाया गया कि उनके शरीर में प्रोपोफोल की मात्रा अधिक थी, जिससे उनकी मौत हुई। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया और महेंद्र को मणिपाल से गिरफ्तार किया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी के परिवार का आपराधिक इतिहास रहा है। उसके भाई पर धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं और महेंद्र तथा एक अन्य भाई को धमकी देने के आरोप में पहले भी शामिल किया गया था। कृतिका के परिवार का आरोप है कि शादी के समय इन जानकारियों को छिपाया गया था। KeywordsDoctor Murder, Proposfol Overdose, Bengaluru Crime, Forensic Evidence, Premeditated Killing संक्षिप्त विवरणबेंगलुरु में एक डॉक्टर ने अपनी पत्नी को प्रोपोफोल का ओवरडोज देकर हत्या कर दी। फोरेंसिक सबूत और डिजिटल मैसेज से हत्या की योजना उजागर हुई।

Gold & Petrol Diesel Price Today: सोना हुआ सस्ता, पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में Iran और United States के बीच बढ़ते तनाव का असर अब ग्लोबल मार्केट पर साफ दिखने लगा है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है, लेकिन भारत में फिलहाल पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर बने हुए हैं, जिससे आम जनता को राहत मिली है। सोना हुआ सस्ता, दो दिन बाद टूटी तेजीलगातार दो दिनों की स्थिरता के बाद आज सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। राजधानी Delhi में 24 कैरेट सोना ₹10 सस्ता होकर ₹1,50,800 प्रति 10 ग्राम 22 कैरेट सोना ₹10 सस्ता होकर ₹1,38,240 प्रति 10 ग्राम पिछले दो दिनों में 24 कैरेट सोना ₹280 और 22 कैरेट ₹260 तक सस्ता हो चुका है। सरकार द्वारा इंपोर्ट प्राइस में कटौती का असर भी कीमतों पर देखा जा रहा है। देश के बड़े शहरों में सोने का भावMumbai: ₹1,50,650 (24K), ₹1,38,090 (22K)Kolkata: ₹1,50,650 (24K), ₹1,38,090 (22K)Chennai: ₹1,52,630 (24K), ₹1,39,910 (22K)Bengaluru: ₹1,50,650 (24K), ₹1,38,090 (22K)Lucknow: ₹1,50,800 (24K), ₹1,38,240 (22K)Patna: ₹1,50,700 (24K), ₹1,38,140 (22K) चांदी भी सस्ती, 4 दिन बाद आई गिरावटचांदी की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली है। दिल्ली में चांदी ₹100 सस्ती होकर ₹2,49,900 प्रति किलो पर पहुंच गई है Mumbai और Kolkata में भी लगभग यही भाव है Chennai में चांदी सबसे महंगी ₹2,54,900 प्रति किलो है कच्चे तेल में उछाल, सप्लाई को लेकर चिंताग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। Strait of Hormuz में बढ़ते तनाव के चलते सप्लाई प्रभावित होने की आशंका है। ब्रेंट क्रूड $96.73 प्रति बैरल WTI क्रूड $96.99 प्रति बैरल पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर, जानें आपके शहर का रेट कच्चे तेल की कीमत बढ़ने के बावजूद भारत में ईंधन के दाम नहीं बढ़े हैं Delhi: पेट्रोल ₹94.77 | डीजल ₹87.67Mumbai: पेट्रोल ₹103.54 | डीजल ₹90.03Chennai: पेट्रोल ₹101.06 | डीजल ₹91.50Kolkata: पेट्रोल ₹105.86 | डीजल ₹92.02Bengaluru: पेट्रोल ₹102.96 | डीजल ₹88.95Hyderabad: पेट्रोल ₹107.46 | डीजल ₹97.00 घर बैठे ऐसे चेक करें ताजा रेटआप SMS के जरिए भी अपने शहर का पेट्रोल-डीजल रेट जान सकते हैं: IOCL: RSP भेजें 9224992249 पर BPCL: RSP भेजें 9223112222 पर HPCL: HP Price भेजें 9222201122 पर विशेषज्ञों के अनुसार सोना, चांदी और कच्चे तेल की कीमतें आगे Iran-United States के बीच तनाव, ग्लोबल आर्थिक आंकड़े और RBI की नीतियों पर निर्भर करेंगी।

शेयर मार्केट टुडे: हफ्ते के चौथे दिन बाजार में गिरावट, सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान में

नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 9 अप्रैल को गिरावट देखने को मिली। हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन बाजार की शुरुआत कमजोर रही और शुरुआती कारोबार में ही बिकवाली का दबाव नजर आया। प्रमुख सूचकांक BSE Sensex और Nifty 50 दोनों लाल निशान में कारोबार करते दिखे। कमजोर शुरुआत, शुरुआती कारोबार में गिरावट तेजसेंसेक्स 243 अंक की गिरावट के साथ 77,319 के स्तर पर खुला, जबकि निफ्टी 50 भी 88 अंकों की कमजोरी के साथ 23,909 पर ओपन हुआ। सुबह करीब 9:20 बजे तक गिरावट और बढ़ गई, जहां सेंसेक्स करीब 300 अंक टूटकर 77,261 पर आ गया, वहीं निफ्टी 113 अंक गिरकर 23,883 के स्तर पर ट्रेड करता नजर आया। गेनर्स और लूजर्स में दिखा मिला-जुला रुखगिरते बाजार के बीच कुछ शेयरों में मजबूती भी देखने को मिली। टॉप गेनर्स में NTPC, Tata Steel, Power Grid Corporation of India, ITC Limited और Bharti Airtel शामिल रहे। वहीं टॉप लूजर्स में Sun Pharmaceutical Industries, IndiGo, Adani Ports और Larsen & Toubro जैसे शेयर दबाव में रहे। एक दिन पहले बाजार में आई थी जोरदार तेजीइससे पहले 8 अप्रैल को बाजार में जबरदस्त उछाल देखने को मिला था। सेंसेक्स करीब 2946 अंक चढ़कर 77,562 पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 873 अंक की तेजी के साथ 23,997 पर पहुंच गया था। उस दिन ज्यादातर सेक्टर्स में खरीदारी देखी गई थी। गिरावट की वजह क्या है?विशेषज्ञों के मुताबिक, बाजार में आई इस गिरावट के पीछे कई कारण हो सकते हैं पिछले दिन की तेज बढ़त के बाद मुनाफावसूली ग्लोबल मार्केट में उतार-चढ़ाव निवेशकों का सतर्क रुख निवेशकों के लिए क्या संकेत? बाजार में हल्की गिरावट को सामान्य करेक्शन माना जा रहा है। जानकारों का कहना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए ऐसे मौके निवेश के लिहाज से फायदेमंद साबित हो सकते हैं। 9 अप्रैल को शेयर बाजार में आई गिरावट ने यह संकेत दिया है कि तेज रैली के बाद बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है और निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है।

अतीक कांड जैसी घटना का हवाला देते हुए जान से मारने की चेतावनी दी गई..

नई दिल्ली:उत्तर प्रदेश में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को जान से मारने की गंभीर धमकियां मिलने से धार्मिक और सुरक्षा हलकों में तनाव बढ़ गया है। ज्योतिष्पीठ के प्रमुख को सीधे तौर पर अतीक अहमद कांड जैसा खतरनाक अंजाम भुगतने की चेतावनी दी गई है। इन धमकियों ने न केवल उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा को सवालों के घेरे में ला दिया है, बल्कि राज्य की कानून व्यवस्था को भी पूरी तरह सतर्क कर दिया है। घटना की शुरुआत 1 अप्रैल 2026 को हुई जब शंकराचार्य के आधिकारिक मोबाइल नंबर पर लगातार धमकी भरे संदेश भेजे गए। इन संदेशों में अपशब्दों का प्रयोग करते हुए उन्हें माफिया अतीक अहमद के समान परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई। नंबर ब्लॉक करने के बावजूद आरोपी ने 6 अप्रैल को दो वॉइस मैसेज भेजे, जिनमें हिंसक लहजे में उनकी हत्या की धमकी दी गई। पहला संदेश दोपहर 1:55 बजे और दूसरा 1:57 बजे प्राप्त हुआ। शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी ने इसे गंभीर हमला करार देते हुए जल्द ही विधिक कार्रवाई और पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की बात कही। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद हाल ही में माघ मेले के दौरान प्रशासन के साथ विवाद में भी चर्चा में रहे। संगम स्नान के दौरान उनके काफिले और प्रशासन के बीच टकराव हुआ, जिसके बाद पदवी के उपयोग पर नोटिस जारी किया गया। इसके साथ ही आशुतोष ब्रह्मचारी द्वारा उनके आश्रमों में नाबालिग बच्चों के यौन शोषण के आरोप लगाए गए, जिसके आधार पर POCSO एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज हुई। हालांकि, उच्च न्यायालय ने शंकराचार्य को अग्रिम जमानत दे दी। समर्थकों का मानना है कि यह सब उनके ‘गौ माता-राष्ट्रमाता’ अभियान और हिंदू हितों की आवाज को दबाने की साजिश है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का जीवन संघर्षपूर्ण और प्रेरक रहा है। उन्होंने वाराणसी के संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से शास्त्री और आचार्य की उपाधि प्राप्त की और छात्र राजनीति में भी सक्रिय रहे। 1994 में वे छात्रसंघ अध्यक्ष चुने गए और 2003 में दंड संन्यास की दीक्षा ली। राम मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा की शास्त्रीय विधि और सरकारी नीतियों पर उनके बेबाक बयानों के कारण वे अक्सर चर्चा में रहते हैं। इस विवाद में आशुतोष ब्रह्मचारी भी प्रमुख भूमिका में हैं, जो शंकराचार्य के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। हाल ही में उन्हें भी धमकी मिली, जो जांच में पाकिस्तान से संबंधित पाई गई। शंकराचार्य को दी गई धमकी में ‘अतीक कांड’ का हवाला है, जो 15 अप्रैल 2023 को प्रयागराज में माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की सार्वजनिक हत्या से जुड़ा था। उस समय भारी पुलिस सुरक्षा और लाइव कैमरों के सामने हमलावरों ने उन्हें गोलियों से भून दिया था।

खेल सुविधाओं में बड़ा विस्तार सिंगरौली में बनेगा हाईटेक खेल परिसर छात्रों को मिलेगा लाभ

सिंगरौली । सिंगरौली जिले में खेल सुविधाओं को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है जहां जिला प्रशासन और नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के बीच ₹13.29 करोड़ की लागत से आधुनिक खेल परिसर के निर्माण के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं यह परियोजना जिले के विद्यार्थियों और युवाओं के लिए खेल के क्षेत्र में नए अवसरों के द्वार खोलने वाली साबित होगी इस पहल को साकार रूप देने में कलेक्टर गौरव बैनल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है जिनके प्रयासों से शासकीय विद्यालयों और छात्रावासों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने का रास्ता साफ हुआ है लंबे समय से जिले में आधुनिक खेल सुविधाओं की कमी महसूस की जा रही थी जिसे अब यह परियोजना दूर करेगी सीएसआर मद के अंतर्गत शुरू होने वाली इस महत्वाकांक्षी योजना में खिलाड़ियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी इसमें स्विमिंग पूल बास्केटबॉल कोर्ट लॉन टेनिस कोर्ट बैडमिंटन कोर्ट टेबल टेनिस की व्यवस्था के साथ क्रिकेट नेट प्रैक्टिस पिच भी शामिल होगी इसके अलावा परिसर में पार्किंग और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी समुचित विकास किया जाएगा जिससे खिलाड़ियों और दर्शकों दोनों को सुविधा मिल सके खास बात यह है कि इस खेल परिसर में विभिन्न खेलों के लिए प्रशिक्षण अकादमियां भी स्थापित की जाएंगी जहां प्रशिक्षित कोच युवाओं को नियमित प्रशिक्षण देंगे इससे न केवल स्थानीय प्रतिभाओं को निखरने का अवसर मिलेगा बल्कि वे राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने में भी सक्षम हो सकेंगे परियोजना का क्रियान्वयन मध्य प्रदेश आवास एवं अवसंरचना विकास संस्था द्वारा किया जाएगा जबकि इसके संचालन के लिए एक स्वतंत्र सोसायटी का गठन किया जाएगा जिसकी अध्यक्षता जिला कलेक्टर करेंगे यह व्यवस्था परियोजना के सुचारू संचालन और रखरखाव को सुनिश्चित करेगी इस खेल परिसर के निर्माण से सिंगरौली के युवाओं को अपने ही जिले में उच्च स्तरीय खेल प्रशिक्षण और सुविधाएं मिल सकेंगी जिससे उन्हें बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा यह परियोजना खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ ही युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित करेगी परियोजना के मार्च 2027 तक पूर्ण होने की संभावना है इसके बाद सिंगरौली जिले में खेल गतिविधियों को एक नई दिशा मिलेगी और यहां के खिलाड़ी अपने सपनों को साकार करने की ओर मजबूती से कदम बढ़ा सकेंगे यह पहल निश्चित रूप से क्षेत्र के विकास और युवाओं के भविष्य को सशक्त बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी