कोलेस्ट्रॉल 2026: नई गाइडलाइन, LDL टारगेट और जरूरी लाइफस्टाइल बदलाव

नई दिल्ली । अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन और अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी ने कोलेस्ट्रॉल पर नई गाइडलाइन जारी की है यह अपडेट इसलिए बेहद अहम है क्योंकि इसने पिछले आठ साल के पुराने पैरामीटर्स को पूरी तरह बदल दिया है वर्ल्ड हेल्थ फेडरेशन (WHF) के मुताबिक दुनियाभर में हर साल सबसे ज्यादा मौतें कार्डियोवस्कुलर डिजीज (CVD) के कारण होती हैं और 2 करोड़ से ज्यादा लोग हर साल इसी वजह से जीवन गंवा देते हैं कोलेस्ट्रॉल एक प्रकार का फैट यानी लिपिड है जो ब्लड में पाया जाता है यह दो तरह का होता है LDL जिसे बैड कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है और HDL जिसे गुड कोलेस्ट्रॉल कहा जाता है यह शरीर के लिए जरूरी है क्योंकि यह बॉडी सेल्स की वॉल्स बनाने में मदद करता है कुछ हॉर्मोन्स बनाने और विटामिन D उत्पादन में सहायक होता है साथ ही बाइल जूस बनाने में भी मदद करता है HDL हार्ट को हेल्दी रखने में अहम भूमिका निभाता है नई गाइडलाइन में स्क्रीनिंग, रिस्क एसेसमेंट और लाइफस्टाइल पर जोर दिया गया है पुरानी गाइडलाइन में LDL 130 mg/dL से कम रखने की सलाह दी जाती थी लेकिन अब इसे पर्सनलाइज्ड करके तीन कैटेगरी में बांट दिया गया है जिनको हार्ट डिजीज का हाई रिस्क है उनके लिए LDL 55 mg/dL से कम, मीडियम रिस्क वालों के लिए 70 mg/dL से कम और जो लोग हार्ट डिजीज से प्रभावित नहीं हैं उनके लिए 100 mg/dL से कम रखने की सलाह दी गई है इसका मतलब है कि अब ‘नॉर्मल’ की कोई तय सीमा नहीं है बल्कि यह व्यक्ति के रिस्क लेवल पर निर्भर करता है नई गाइडलाइन में रिस्क कैलकुलेशन भी व्यापक बना दिया गया है क्योंकि अब कम उम्र में भी हाई कोलेस्ट्रॉल का खतरा बढ़ रहा है इसके पीछे फैमिली हिस्ट्री और खराब लाइफस्टाइल मुख्य कारण हैं फैमिलियल हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया जैसी जेनेटिक कंडीशन के कारण बचपन से LDL बढ़ सकता है वहीं जंकफूड, कम एक्सरसाइज और मोटापा भी इसे बढ़ाते हैं इसलिए अब बच्चों की स्क्रीनिंग 9 साल की उम्र से करने की सलाह दी गई है हाई कोलेस्ट्रॉल हार्ट, ब्रेन और किडनी पर गंभीर असर डालता है यह आर्टरीज में प्लाक बनाकर ब्लड फ्लो कम करता है जिससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ता है ब्लड क्लॉट्स ब्रेन में स्ट्रोक और मेमोरी इम्पेयरमेंट का कारण बन सकते हैं वहीं किडनी की ब्लड वेसल्स को नुकसान पहुंचाकर क्रॉनिक किडनी डिजीज का रिस्क बढ़ाते हैं लाइफस्टाइल फैक्टर्स में अनहेल्दी डाइट, ट्रांस और सैचुरेटेड फैट, सिडेंटरी लाइफ, मोटापा, स्मोकिंग, पर्याप्त नींद न लेना, देर रात खाने की आदत और स्ट्रेस शामिल हैं ये सभी LDL बढ़ाने में मदद करते हैं अगर कोलेस्ट्रॉल ज्यादा आए तो सबसे पहले डॉक्टर से सलाह लें LDL लेवल के हिसाब से टारगेट तय करें और हार्ट-हेल्दी डाइट, नियमित कार्डियो एक्सरसाइज, वेट कंट्रोल, शराब-सिगरेट से परहेज, पर्याप्त नींद और स्ट्रेस मैनेजमेंट अपनाएं जरूरत पड़ने पर स्टेटिन जैसी दवाइयां लें और फॉलो-अप टेस्ट समय-समय पर करवाएं नई गाइडलाइन के अनुसार बैलेंस्ड डाइट, एक्टिव लाइफ और अच्छी आदतें HDL और LDL को संतुलित करके हृदय, ब्रेन और किडनी की सुरक्षा करती हैं इसलिए कोलेस्ट्रॉल पर ध्यान रखना अब हर उम्र में जरूरी हो गया है
राशिफल 9 अप्रैल: जानें हर राशि के लिए आज के खास उपाय और फल!

नई दिल्ली।गुरुवार, 9 अप्रैल 2026 के लिए राशिफल बता रहा है कि ग्रह-नक्षत्रों की चाल कुछ राशियों के लिए बेहद शुभ रहेगी, तो कुछ राशियों को सतर्क रहने की जरूरत है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गुरुवार को भगवान विष्णु की पूजा करने से आर्थिक परेशानियों में राहत मिल सकती है। आइए जानते हैं राशियों के अनुसार दिन की स्थिति: मेष (Aries)आज विदेश यात्रा के योग बन रहे हैं, जो लाभदायक साबित होंगे। करियर में बढ़त पाने और प्रमोशन के लिए ऑफिस में पूरी मेहनत करें। बातों में सावधानी रखें और कठोर शब्दों का प्रयोग न करें। वृषभ (Taurus)करियर में नए अवसर सामने आएंगे और आपको प्रशंसा मिल सकती है। व्यापार अच्छा चलेगा और आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। दिन सकारात्मक और लाभकारी रहेगा। मिथुन (Gemini)आज मनमुताबिक परिणाम नहीं मिल सकते। तनाव से बचने के लिए सेल्फ-केयर पर ध्यान दें। परिवार से कोई सुखद समाचार मिल सकता है। कर्क (Cancer)काम की सराहना मिलेगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी है। ऑयली फूड्स से दूरी बनाएं और मानसिक स्वास्थ्य पर फोकस करें। काम का दबाव ज्यादा न लें। सिंह (Leo)व्यवसायियों को खर्चों में सावधानी बरतनी होगी। जीवनसाथी से बहस से बचें। घूमने-फिरने का प्लान बन सकता है। कन्या (Virgo)पॉजिटिव एटीट्यूड बनाए रखें। डाइट में हरी सब्जियों को शामिल करें और फिटनेस पर ध्यान दें। तनाव से दूर रहें। तुला (Libra)भाग्य आपके पक्ष में रहेगा। यह दिन सपने सच होने जैसा अनुभव देगा। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी और व्यवसाय में मुनाफा होगा। वृश्चिक (Scorpio)कड़ी मेहनत का फल मिलेगा। प्रमोशन या नया कार्यभार मिलने की संभावना है। सीनियर्स के साथ सावधानी रखें, ऑफिस पॉलिटिक्स से बचें। धनु (Sagittarius)धन और वित्त के मामले में दिन अच्छा रहेगा। नई स्किल्स सीखने और अपनी एक्सपर्टीज बढ़ाने के लिए अनुकूल समय है। नौकरीपेशा लोगों को तरक्की और लाभ देखने को मिल सकता है। मकर (Capricorn)दिन की शुरुआत अच्छी रहेगी, लेकिन अंत मध्यम रहेगा। अप्रत्याशित घटनाओं से काम की गति धीमी हो सकती है। आर्थिक स्थिति सामान्य रहेगी, पर खर्चे बढ़ सकते हैं। कुंभ (Aquarius)अहंकारी न बनें और सुझावों को खुले दिल से स्वीकार करें। कारोबार में विकास और अच्छे प्रॉफिट की संभावना है। मीन (Pisces)करियर और फाइनेंशियल लाइफ नॉर्मल रहेगी। लक्ष्यों को पाने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ सकती है। व्यवसाय में आर्थिक कमजोरी और कुछ नुकसान हो सकते हैं।
यात्रा का सुख और आत्मिक शांति, भारत के सबसे खूबसूरत स्थानों की सैर

नई दिल्ली। यात्रा सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि मन और आत्मा को ताजगी देने का भी एक तरीका है। भारत अपनी विविधता, प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहरों के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। अगर आप इस वर्ष यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो ये 14 जगहें आपके लिए जरूर हैं। कुछ स्थल तो यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल हैं, तो कुछ प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध हैं। आइए जानते हैं उन अद्भुत स्थलों के बारे में जहाँ जाकर आपको सुकून और रोमांच दोनों का अनुभव मिलेगा। 1. कश्मीरकश्मीर को अक्सर धरती का स्वर्ग कहा जाता है। यहां की हर घाटी, बर्फ से ढके पहाड़, हरे-भरे मैदान और शांत जलधाराएँ मन को मोह लेने वाली हैं। झीलों की नीली छटा और पहाड़ों पर पड़ता कोहरा किसी पेंटिंग से कम नहीं लगता। यदि आप प्रकृति प्रेमी हैं, तो कश्मीर की यात्रा आपकी आत्मा को सुकून देगी। 2. आगरउत्तर प्रदेश का आगरा शहर ताजमहल के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। यह सफेद संगमरमर का स्मारक प्रेम की अमर कहानी कहता है। इसके अलावा आगरा किला और फतेहपुर सिकरी जैसी ऐतिहासिक धरोहरें भी देखने योग्य हैं। यहां के स्थानीय व्यंजन जैसे पेठा और पारंपरिक मिठाइयाँ इस शहर की यात्रा को और भी यादगार बनाती हैं। 3. चंडीगढ़चंडीगढ़, जो भारत के सबसे सुव्यवस्थित शहरों में से एक है, पारंपरिक पंजाबी संस्कृति और आधुनिकता का अनोखा मिश्रण प्रस्तुत करता है। यहाँ के सुंदर बोटैनिकल गार्डन, रॉक गार्डन और संग्रहालय शहर के हर कोने को खास बनाते हैं। 4. कूर्ग कर्नाटक का कूर्ग, जिसे भारत का स्कॉटलैंड कहा जाता है, अपनी हरियाली और चाय के बागानों के लिए प्रसिद्ध है। यहां का मौसम हमेशा ठंडा और ताजगी भरा रहता है। प्रकृति प्रेमियों के लिए यह आदर्श स्थल है, जहां हरे-भरे पहाड़ और खुशबूदार कॉफी बागान यात्रा को अविस्मरणीय बना देते हैं। 5. धनौल्टी धनौल्टी उत्तराखंड की पहाड़ियों में बसा एक छोटा सा स्वर्ग है। यह जगह शांति, सुकून और प्रकृति की सुंदरता का अनूठा मिश्रण प्रस्तुत करती है। यदि आप शहर की भागदौड़ और शोर-शराबे से दूर रहना चाहते हैं, तो धनौल्टी एक आदर्श विकल्प है। 6. गोवागोवा का नाम आते ही सुंदर समुद्र तट, शानदार सूर्यास्त और जीवंत नाइटलाइफ़ का ख्याल आता है। गोवा में समुद्र के किनारे समय बिताना, स्थानीय व्यंजन चखना और सांस्कृतिक उत्सवों का अनुभव करना, हर यात्री के लिए एक अद्भुत अनुभव है 7. जयपुरराजस्थान की राजधानी जयपुर, ‘गुलाबी शहर’ के नाम से प्रसिद्ध है। पुराने किले, राजमहल और आधुनिक बाजारों के साथ यहां के सांस्कृतिक उत्सव और पारंपरिक व्यंजन यात्रा को और रोमांचक बनाते हैं। जयपुर की यात्रा हर पर्यटक की बकेट लिस्ट में जरूर होनी चाहिए। 8. कच्छ का रण गुजरात का कच्छ का रण विशाल नमक के मैदान के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ हर साल आयोजित होने वाला रण उत्सव स्थानीय संगीत, नृत्य और हस्तशिल्प का जादुई प्रदर्शन करता है। सफेद मैदान की विशालता और सांस्कृतिक उत्सव इसे एक अनूठा पर्यटन स्थल बनाते हैं। 9. ऋषिकेश ऋषिकेश गंगा के किनारे बसा एक ऐसा स्थान है, जहाँ आध्यात्मिक शांति और साहसिक गतिविधियाँ दोनों का आनंद लिया जा सकता है। यहाँ राफ्टिंग, योग और ध्यान का अनुभव जीवन बदल देने वाला होता है। 10. मुन्नार केरल का मुन्नार हिल स्टेशन अपनी चाय बागानों और पहाड़ियों के लिए प्रसिद्ध है। यह सप्ताहांत बिताने के लिए आदर्श है, जहाँ आप प्रकृति की गोद में शांति और ताजगी महसूस कर सकते हैं। 11. मसूरीगढ़वाल हिमालय की तलहटी में स्थित मसूरी को पहाड़ों की रानी कहा जाता है। हरियाली, बर्फ से ढके पहाड़ और शांति से भरपूर वातावरण इसे परिवार और हनीमून के लिए आदर्श बनाते हैं। 12. ऊटीऊटी, जो कभी ईस्ट इंडिया कंपनी का मुख्यालय था, अब तमिलनाडु का एक प्रमुख हिल स्टेशन है। यहाँ का सुहावना मौसम, झीलें और हरियाली इसे यात्रियों के बीच खास बनाती हैं। 13. शिमलाशिमला का औपनिवेशिक इतिहास, मशहूर मॉल रोड और रोमांचक गतिविधियाँ इसे पर्यटन की दृष्टि से आकर्षक बनाती हैं। गर्मी और सर्दियों दोनों में यह हिल स्टेशन पर्यटकों के लिए परिपूर्ण विकल्प है 14. उदयपुरराजस्थान का उदयपुर, ‘पूर्व का वेनिस’ कहा जाता है। यहाँ की झीलें, महल और खूबसूरत पहाड़ प्राकृतिक और मानव निर्मित सुंदरता का अद्भुत मिश्रण प्रस्तुत करते है।
आत्मविश्वास बढ़ाने वाली 9 मेडिटेशन मुद्राएं, तनाव और चिंता से तुरंत राहत

नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में फिट और एनर्जेटिक बने रहना हर किसी की प्राथमिकता बन गई है और इसकी शुरुआत होती है सुबह के नाश्ते से। हेल्दी और संतुलित नाश्ता न केवल शरीर को जरूरी पोषण देता है बल्कि पूरे दिन की ऊर्जा का आधार भी बनता है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि सुबह के भोजन में प्रोटीन की पर्याप्त मात्रा शामिल की जाए तो यह शरीर को लंबे समय तक एक्टिव बनाए रखने में बेहद मददगार साबित होता है। प्रोटीन हमारे शरीर की मूलभूत जरूरतों में से एक है। यह मांसपेशियों के निर्माण और उनकी मजबूती के लिए जरूरी होता है साथ ही यह भूख को नियंत्रित करने में भी अहम भूमिका निभाता है। सुबह प्रोटीन से भरपूर नाश्ता करने से दिनभर बार बार भूख लगने की समस्या कम हो जाती है और अनहेल्दी स्नैकिंग से बचाव होता है। इसके अलावा यह मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाकर वजन नियंत्रित रखने में भी सहायक होता है। अगर बात करें देसी और स्वादिष्ट विकल्पों की तो भारतीय रसोई में ऐसे कई नाश्ते मौजूद हैं जो प्रोटीन से भरपूर होने के साथ साथ स्वाद में भी लाजवाब होते हैं। इनमें सबसे लोकप्रिय विकल्प है पनीर पराठा जो न केवल स्वादिष्ट होता है बल्कि शरीर को भरपूर प्रोटीन भी देता है। इसी तरह पनीर भुर्जी भी एक बेहतरीन विकल्प है जिसे जल्दी तैयार किया जा सकता है। इसके अलावा मूंग दाल चीला और बेसन चीला जैसे व्यंजन भी प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं। ये हल्के होते हैं और पाचन में भी आसान होते हैं जिससे सुबह के समय शरीर को सही ऊर्जा मिलती है। डेयरी प्रोडक्ट्स भी नाश्ते में शामिल किए जा सकते हैं। दही के साथ ताजे फल और मूंगफली का सेवन शरीर को जरूरी पोषक तत्व प्रदान करता है। वहीं ओट्स या दलिया को दूध के साथ लेना एक संतुलित और सुपाच्य विकल्प माना जाता है खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें पाचन संबंधी समस्याएं होती हैं। स्प्राउट्स और छाछ का संयोजन भी काफी फायदेमंद होता है। यह न केवल पाचन को दुरुस्त रखता है बल्कि शरीर को हल्का और ऊर्जावान बनाए रखता है। खासतौर पर जो लोग जिम जाते हैं या शारीरिक रूप से सक्रिय रहते हैं उनके लिए यह नाश्ता काफी लाभकारी होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि सुबह का नाश्ता छोड़ना स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। कई लोग समय की कमी के कारण नाश्ता नहीं करते लेकिन यह आदत शरीर की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में यदि विस्तृत नाश्ता संभव न हो तो भी एक गिलास दूध या दही के साथ थोड़ी मूंगफली या ड्राई फ्रूट्स का सेवन जरूर करना चाहिए। कुल मिलाकर यदि दिन की शुरुआत सही खानपान से की जाए तो न केवल शरीर स्वस्थ रहता है बल्कि मानसिक रूप से भी आप अधिक सक्रिय और सकारात्मक महसूस करते हैं। प्रोटीन से भरपूर देसी नाश्ता एक आसान और प्रभावी तरीका है खुद को दिनभर फिट और ऊर्जावान बनाए रखने का।नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में तनाव और आत्मविश्वास की कमी आम समस्या बनती जा रही है। ऐसे में मेडिटेशन सिर्फ आंखें बंद करके बैठने का अभ्यास नहीं बल्कि शरीर और मन के बीच संतुलन बनाने की एक गहरी प्रक्रिया बन गया है। ध्यान के दौरान हाथों की खास स्थितियां जिन्हें मुद्रा कहा जाता है अभ्यास को अधिक प्रभावशाली बनाती हैं और एकाग्रता बढ़ाने में मदद करती हैं। संस्कृत में मुद्रा शब्द का अर्थ है “आनंद उत्पन्न करना” — “मुद” यानी आनंद और “रा” यानी उत्पन्न करना। ये मुद्राएं शरीर के भीतर ऊर्जा के प्रवाह को निर्देशित करती हैं और शारीरिक मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार इन मुद्राओं के नियमित अभ्यास से तनाव और चिंता कम होती है मन और शरीर का संबंध मजबूत होता है और आंतरिक ऊर्जा का संचार बेहतर होता है। आइए जानते हैं ध्यान और आत्मविश्वास बढ़ाने वाली 9 प्रमुख मुद्राओं के बारे में: ज्ञान मुद्रा – अंगूठे के सिरे को तर्जनी के सिरे से छुएं। यह एकाग्रता और स्मृति बढ़ाने में मदद करती है। वायु मुद्रा – तर्जनी को अंगूठे के आधार पर रखें। घबराहट और बेचैनी को दूर करने के लिए बेहद प्रभावी।अपान मुद्रा – अंगूठा मध्यमा और अनामिका को आपस में मिलाएं। यह विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने और पाचन सुधारने में सहायक है। बुद्धि मुद्रा – अंगूठे और कनिष्ठा को मिलाकर बनती है। मानसिक स्पष्टता और संचार कौशल को बढ़ाती है। प्राण मुद्रा – अंगूठा अनामिका और कनिष्ठा को एक साथ स्पर्श करें। शरीर में जीवन शक्ति और ऊर्जा बढ़ाती है। भैरव मुद्रा – एक हाथ को दूसरी हथेली पर रखें। सुरक्षा स्थिरता और आंतरिक संतुलन की भावना देती है। गणेश मुद्रा – हृदय के सामने दोनों हाथों को आपस में फंसाएं। आत्मविश्वास बढ़ाने और बाधाओं को दूर करने में मदद करती है। हथेलियां नीचे – घुटनों पर हथेलियों को नीचे रखें। यह ग्राउंडिंग का प्रतीक है और ऊर्जा को स्थिर करता है। समाधि मुद्रा – एक हथेली को ऊपर रखें और दूसरी को उसके नीचे। यह पूर्ण एकाग्रता और परमानंद की स्थिति दर्शाती है। इन मुद्राओं का अभ्यास करने का तरीका भी सरल है। शुरुआत में सरल मुद्राओं से करें और धीरे-धीरे अपने अनुभव के अनुसार बदलाव करें। ध्यान से पहले स्पष्ट उद्देश्य निर्धारित करना लाभदायक होता है। यदि किसी मुद्रा में असुविधा महसूस हो तो तुरंत उसे बदल दें क्योंकि ध्यान का उद्देश्य शरीर को आराम देना और मन को शांत करना है कष्ट देना नहीं। नियमित अभ्यास से न केवल आपका आत्मविश्वास बढ़ता है बल्कि मन की स्थिरता एकाग्रता और मानसिक शक्ति भी सुधारती है। ये मुद्राएं तनाव और चिंता को कम करने के साथ ही जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाने में भी मदद करती हैं।
इश्क साजिश और कत्ल: 1 लाख की सुपारी देकर पति को मरवाने वाली पत्नी गिरफ्तार

धार। मध्यप्रदेश के धार जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है जहां पति-पत्नी के रिश्ते को तार-तार करते हुए एक महिला ने अपने प्रेम संबंधों के चलते पति की हत्या की साजिश रच डाली। इस सनसनीखेज मामले में पुलिस ने खुलासा किया कि मिर्च व्यापारी देवकृष्ण पुरोहित की हत्या किसी लूटपाट का परिणाम नहीं बल्कि एक सुनियोजित साजिश थी जिसकी मास्टरमाइंड उसकी पत्नी प्रियंका ही निकली। घटना सरदारपुर थाना क्षेत्र की है जहां सोमवार रात व्यापारी की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। शुरुआती जांच में इसे लूट की वारदात बताया जा रहा था लेकिन पुलिस को घटनास्थल और परिस्थितियों में कई ऐसे सुराग मिले जिन्होंने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया। जब पुलिस ने गहराई से जांच शुरू की और मृतक की पत्नी प्रियंका से पूछताछ की तो कहानी का चौंकाने वाला सच सामने आया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि प्रियंका ने अपने प्रेमी कमलेश के साथ मिलकर इस हत्या की पूरी साजिश रची थी। दोनों के बीच लंबे समय से संबंध थे और इसी रिश्ते को आगे बढ़ाने के लिए प्रियंका अपने पति को रास्ते से हटाना चाहती थी। इसके लिए उसने करीब 1 लाख रुपये की सुपारी देकर अपने परिचितों के जरिए हत्या करवाने का प्लान बनाया। घटना की रात प्रियंका ने आरोपियों को घर की पूरी जानकारी दी और यह भी बताया कि उस समय घर में सिर्फ वही और उसका पति मौजूद हैं। योजना के मुताबिक आरोपी घर में घुसे पहले पत्नी को अलग करने का नाटक किया और फिर व्यापारी पर हमला कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद पूरे घर का सामान अस्त-व्यस्त कर दिया गया ताकि यह मामला डकैती जैसा लगे। इतना ही नहीं खुद को निर्दोष साबित करने के लिए प्रियंका ने अपने हाथ-पैर बंधवाकर एक झूठी कहानी भी गढ़ी। आरोपियों ने उसे शोर मचाने के लिए कहा ताकि घटना वास्तविक लगे। लेकिन पुलिस की सख्त जांच और तकनीकी साक्ष्यों ने इस झूठ की परतें खोल दीं। आरोपी कमलेश ने पूछताछ में बताया कि प्रियंका अपने पति से परेशान थी और इसी वजह से उसने उसे खत्म करने की योजना बनाई। हत्या के बाद प्रियंका ने आरोपियों को कुछ जेवर और 30 से 40 हजार रुपये नकद भी दिए थे। धार पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि यह एक सुनियोजित हत्या थी जिसे लूट का रूप देने की कोशिश की गई थी। पुलिस ने 12 घंटे के भीतर मामले का खुलासा कर आरोपी पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना न केवल एक जघन्य अपराध को उजागर करती है बल्कि यह भी दिखाती है कि अवैध संबंध किस तरह एक परिवार को तबाह कर सकते हैं। रिश्तों में विश्वास की जगह जब साजिश ले लेती है तो परिणाम कितना भयावह हो सकता है इसका यह मामला एक कड़ा उदाहरण बनकर सामने आया है।
भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के गुरुवार व्रत में जरूर करें ये काम, काम होंगे सफल

नई दिल्ली।गुरुवार का दिन भगवान श्रीहरि विष्णु और बृहस्पति देव को समर्पित होता है। इस दिन लोग पीले रंग के कपड़े पहनते हैं, बेसन से बनी चीज़ों का भोग लगाते हैं और व्रत रखते हैं। धर्म-शास्त्रों में कहा गया है कि सात consecutive गुरुवार व्रत करने से बृहस्पति ग्रह से जुड़े अशुभ फल दूर होते हैं और गुरु शुभ फल देने लगते हैं। कथाएक नगर में एक समृद्ध व्यापारी रहता था। वह जहाजों में माल भेजकर बहुत धन कमाता था और दान-पुण्य भी करता था। लेकिन उसकी पत्नी अत्यंत कंजूस थी। एक बार व्यापारी जब व्यापार के लिए बाहर गया, तब बृहस्पति देव साधु वेश में उसकी पत्नी के पास आए और भिक्षा मांगी। पत्नी ने उन्हें अपमानित किया और कहा कि वह अपने धन को दान में नहीं देना चाहती। बृहस्पति देव ने उसे कई पुण्य उपाय सुझाए, लेकिन पत्नी ने उन्हें नहीं माना। बृहस्पति देव ने सलाह दी कि सात गुरुवार विशेष विधि से क्रियाएं करनी होंगी, जिससे उसका धन नष्ट हो जाएगा। पत्नी ने यही किया। केवल तीन गुरुवार बीतने पर सम्पूर्ण संपत्ति नष्ट हो गई और वह परलोक सिधार गई। व्यापारी जब वापस आया, तो उसने देखा कि सब कुछ नष्ट हो चुका है। उसने जंगल से लकड़ी काटकर बेचने का काम शुरू किया, ताकि अपनी पुत्री को जीवित रख सके। बृहस्पति देव का वरदानएक दिन व्यापारी बृहस्पतिवार को दुखी बैठा था, तभी बृहस्पति देव साधु रूप में प्रकट हुए। उन्होंने व्यापारी को गुरुवार के दिन दो पैसे के चने और गुड़ लेकर कथा पढ़ने और प्रसाद वितरित करने का निर्देश दिया। व्यापारी ने ऐसा किया और उसकी कठिनाइयाँ दूर होने लगीं। अगले गुरुवार को उसने कथा नहीं पढ़ी, और परिणामस्वरूप कुछ समस्याएँ फिर सामने आईं। राजा के यज्ञ के समय व्यापारी और उसकी पुत्री को गलत आरोप में कैद कर दिया गया। व्यापारी ने फिर गुरुवार की कथा पढ़कर प्रसाद वितरित किया, जिससे बृहस्पति देव प्रकट हुए और उनकी सभी परेशानियाँ दूर कर दीं। व्यापारी और उसकी पुत्री को मुक्त कर दिया गया और उन्हें आधा राज्य, विवाह हेतु उच्च कुल में दहेज़ और सम्मान मिला। बृहस्पतिवार व्रत का महत्वगुरुवार व्रत से बृहस्पति ग्रह के अशुभ प्रभाव दूर होते हैं।सात गुरुवार व्रत करने से धन, स्वास्थ्य और पारिवारिक सुख में वृद्धि होती है।व्रत के दौरान कथा पढ़ना और प्रसाद बांटना अत्यंत फलदायक है।पीले कपड़े पहनना और बेसन के व्यंजन चढ़ाना शुभ माना गया है। इस कथा से हमें यह संदेश मिलता है कि गुरु और भगवान का सम्मान करना चाहिए। व्रत और कथा से जीवन की कठिनाइयाँ दूर होती हैं और सुख-समृद्धि आती है।
दो नावों पर सवार पाकिस्तान, चीन के हथियार और अमेरिका की कृपा के बीच फंसी कूटनीति

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच जब ईरान अमेरिका और इजरायल के बीच टकराव ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी तब अचानक सीजफायर की घोषणा ने दुनिया को राहत दी। लेकिन इस युद्धविराम के पीछे जिस देश का नाम सामने आया उसने सभी को चौंका दिया। यह देश था पाकिस्तान जो खुद आर्थिक और सुरक्षा चुनौतियों से जूझ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर का नाम लेकर सीजफायर का श्रेय दिए जाने के बाद इस्लामाबाद ने इसे अपनी बड़ी कूटनीतिक जीत के रूप में पेश करना शुरू कर दिया। हालांकि वैश्विक विश्लेषकों का मानना है कि यह कहानी इतनी सीधी नहीं है बल्कि इसके पीछे बड़ी शक्तियों का जटिल खेल छिपा है। असल में चीन लंबे समय से पाकिस्तान का आर्थिक और सैन्य सहयोगी रहा है। भारी कर्ज और हथियारों के सहारे पाकिस्तान की रणनीतिक स्थिति बनी हुई है। लेकिन हाल के वर्षों में आर्थिक दबाव और कर्ज वापसी की सख्ती ने पाकिस्तान को नई राह तलाशने पर मजबूर कर दिया है। ऐसे में अमेरिका के साथ रिश्तों को फिर से मजबूत करना उसके लिए एक जरूरी विकल्प बन गया। विशेषज्ञ मानते हैं कि सीजफायर के पूरे घटनाक्रम में पाकिस्तान की भूमिका एक स्वतंत्र मध्यस्थ की कम और एक संदेशवाहक की अधिक रही। चीन जो ईरान से तेल आपूर्ति पर काफी निर्भर है इस संघर्ष के लंबा खिंचने से खुद आर्थिक दबाव में आ सकता था। ऐसे में उसने पाकिस्तान के माध्यम से दबाव बनाकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की। दूसरी ओर अमेरिका के लिए भी यह युद्ध लंबे समय तक जारी रखना आसान नहीं था। घरेलू दबाव और अंतरराष्ट्रीय आलोचना के बीच उसे एक ऐसे चेहरे की जरूरत थी जो मध्यस्थ के रूप में सामने आ सके। पाकिस्तान इस भूमिका के लिए उपयुक्त था क्योंकि वह पहले से ही दोनों खेमों से संवाद बनाए हुए था। यह भी साफ है कि पाकिस्तान की यह सक्रियता केवल शांति स्थापित करने की मंशा से नहीं थी। उसके सामने कई मोर्चों पर संकट खड़े हैं। अफगानिस्तान सीमा पर अस्थिरता आंतरिक आर्थिक संकट और बढ़ता कर्ज उसे लगातार दबाव में रखे हुए हैं। इसके अलावा भारत के साथ तनाव और सैन्य चुनौतियां भी उसकी स्थिति को कमजोर करती हैं। इसी कारण पाकिस्तान ने एक संतुलन साधने की रणनीति अपनाई है जिसमें वह एक तरफ चीन को नाराज नहीं करना चाहता और दूसरी ओर अमेरिका की कृपा भी हासिल करना चाहता है। यही वजह है कि वह दोनों देशों के बीच अपनी उपयोगिता साबित करने में जुटा है। कुल मिलाकर यह घटनाक्रम पाकिस्तान की कूटनीति से ज्यादा उसकी मजबूरी को उजागर करता है। चीन के कर्ज और अमेरिका के भरोसे के बीच फंसा पाकिस्तान अब हर उस मौके को भुनाने की कोशिश कर रहा है जिससे उसकी वैश्विक छवि सुधरे और आर्थिक राहत मिल सके। लेकिन यह संतुलन कितने समय तक टिकेगा यह आने वाले समय में ही साफ हो पाएगा।
एससी विद्यार्थियों के लिए बड़ी सौगात, छात्रगृह योजना में अब हर महीने मिलेंगे 10 हजार रुपये

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण और राहत भरा फैसला लिया है, जिससे उनकी उच्च शिक्षा का रास्ता और आसान हो सकेगा। अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान ने जानकारी देते हुए बताया कि छात्रगृह योजना में संशोधन कर अब पात्र विद्यार्थियों को प्रतिमाह 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह निर्णय विशेष रूप से उन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण है जो दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययन कर रहे हैं या वहां प्रवेश लेने की तैयारी कर रहे हैं। महंगे शहरों में रहने और पढ़ाई के खर्च को देखते हुए यह सहायता उनके लिए काफी मददगार साबित होगी। मंत्री नागर सिंह चौहान ने बताया कि इस योजना के तहत हर साल कुल 100 विद्यार्थियों को लाभ दिया जाएगा। इसमें 50 विद्यार्थी स्नातक स्तर के होंगे और 50 विद्यार्थी स्नातकोत्तर स्तर के होंगे। इसके अलावा जो विद्यार्थी पहले से इस योजना के अंतर्गत अध्ययन कर रहे हैं, उन्हें भी इसका लाभ मिलता रहेगा। इस पहल का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों को देश के प्रमुख शिक्षण संस्थानों तक पहुंच दिलाना भी है। अक्सर देखा जाता है कि प्रतिभाशाली विद्यार्थी आर्थिक तंगी के कारण बड़े शहरों में जाकर पढ़ाई नहीं कर पाते, जिससे उनके करियर की संभावनाएं सीमित हो जाती हैं। ऐसे में यह योजना उनके लिए नई उम्मीद लेकर आई है। सरकार का मानना है कि जब विद्यार्थियों को बेहतर संसाधन और अवसर मिलेंगे, तो वे न केवल अपनी पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन करेंगे, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सफलता हासिल कर सकेंगे। इससे उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे समाज में अपनी एक मजबूत पहचान बना पाएंगे। मंत्री नागर सिंह चौहान ने कहा कि यह कदम सामाजिक न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। समाज के कमजोर वर्गों को मुख्यधारा में लाने और उन्हें समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए ऐसी योजनाएं बेहद जरूरी हैं। इससे शिक्षा के क्षेत्र में असमानता को कम करने में मदद मिलेगी। विशेषज्ञों का भी मानना है कि इस तरह की योजनाएं न केवल व्यक्तिगत स्तर पर बदलाव लाती हैं, बल्कि समाज के समग्र विकास में भी योगदान देती हैं। जब अधिक से अधिक विद्यार्थी उच्च शिक्षा प्राप्त करेंगे, तो इससे प्रदेश की मानव संसाधन क्षमता मजबूत होगी और आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी। कुल मिलाकर, यह निर्णय अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए एक बड़ी राहत और अवसर के रूप में देखा जा रहा है। इससे उन्हें न केवल बेहतर शिक्षा मिलेगी, बल्कि अपने सपनों को साकार करने के लिए एक मजबूत आधार भी मिलेगा।
सुपरफूड बीज: खरबूजे के बीज से बढ़ाएं स्वास्थ्य और रखें ब्लड प्रेशर कंट्रोल में!

नई दिल्ली।स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि रोजाना के आहार में छोटे बदलाव भी शरीर को बेहतर बनाने में बड़ा योगदान देते हैं। ऐसे में खरबूजे के बीज एक ऐसा सुपरफूड हैं, जो स्वाद के साथ-साथ कई स्वास्थ्य लाभ भी देते हैं। पोषक तत्वों का खजानानेशनल हेल्थ मिशन के मुताबिक, खरबूजे के बीज प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर होते हैं। ये बीज शरीर की इम्युनिटी बढ़ाने, हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने और कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करने में बेहद मददगार हैं। आयुर्वेद में भी इन्हें सेहत का प्राकृतिक खजाना माना जाता है। इम्युनिटी और पाचन तंत्र को मजबूतखरबूजे के बीजों में मौजूद विटामिन और खनिज शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं। नियमित सेवन से सर्दी-जुकाम जैसी बीमारियों से बचाव होता है। फाइबर की उपस्थिति पाचन तंत्र को सुधारती है और कब्ज की समस्या को कम करती है। हाई ब्लड प्रेशर और हृदय स्वास्थ्यये बीज सोडियम के स्तर को संतुलित रखते हैं और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। इसके नियमित सेवन से हृदय स्वास्थ्य भी बेहतर रहता है और शरीर में ऊर्जा का स्तर बना रहता है। दिमाग, बाल और नाखूनों के लिए फायदेमंदखरबूजे के बीज मस्तिष्क की कार्यक्षमता बढ़ाने और स्मरण शक्ति सुधारने में भी सहायक हैं। इसके अलावा इनमें मौजूद पोषक तत्व बालों को मजबूत और नाखूनों की सेहत बेहतर बनाते हैं। आसानी से अपने आहार में शामिल करेंखरबूजे के बीज को खाने का तरीका बेहद सरल है। इन्हें हल्का भूनकर नमक या मसालों के साथ स्नैक्स के रूप में खाया जा सकता है। इसके अलावा सलाद, दही, नाश्ता, दूध या चाय में भी इन्हें मिलाया जा सकता है। छोटे-छोटे बदलाव से स्वास्थ्य में बड़ा फर्क दिखाई देता है। खरबूजे के बीज प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स से भरपूर सुपरफूड हैं। ये इम्युनिटी बढ़ाते हैं, ब्लड प्रेशर नियंत्रित करते हैं, पाचन सुधारते हैं और बाल-नाखून की सेहत को मजबूत बनाते हैं। इन्हें स्नैक्स, सलाद, नाश्ते या दूध में मिलाकर आसानी से रोजाना आहार में शामिल किया जा सकता है।
Allu Arjun के जन्मदिन पर रिलीज हुआ ‘Raaka’ का पोस्टर, नए अवतार में दिखे एक्टर

नई दिल्ली।अल्लू अर्जुन (Allu Arjun) ने अपने जन्मदिन पर फैंस को खास तोहफा दिया। उनकी नई फिल्म का नाम Raaka घोषित किया गया और साथ ही फिल्म का पहला लुक पोस्टर भी जारी किया गया। इससे पहले इस फिल्म को ‘AA22xA6’ के नाम से जाना जा रहा था। फिल्म को मिला नया नाम और पोस्टरपोस्टर में अल्लू अर्जुन का अवतार बेहद चौंकाने वाला और अलग है। इस किरदार में उनके हाथ भेड़िए जैसी फर से ढके हुए हैं और बड़े नुकीले पंजे नजर आ रहे हैं। उनके चेहरे पर तीखी, काजल वाली आंखें, आधे गंजे और रफ हेयरस्टाइल ने इस लुक को और भी रहस्यमयी बना दिया है। दीपिका पादुकोण का सोशल मीडिया अपडेटफिल्म का पोस्टर दीपिका पादुकोण (Deepika Padukone) ने भी अपने इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किया। इससे साफ हो गया कि इस फिल्म में अल्लू अर्जुन के साथ दीपिका पादुकोण भी नजर आएंगी। फिल्म का बजट 700-800 करोड़ रुपये से अधिक बताया जा रहा है और इसे सन पिक्चर्स प्रोड्यूस कर रही है। टीम जल्द ही मुंबई के स्टूडियो में नया शूटिंग शेड्यूल शुरू करेगी और प्रोडक्शन पूरे साल जारी रहने की उम्मीद है। आलू अर्जुन का करियर और नई फिल्म की उम्मीदअल्लू अर्जुन ने 2003 में फिल्म गंगोत्री से करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने कई हिट फिल्मों में काम किया, जैसे आर्या, बनी, देशमुदुरु, सरैनोडु और अला वैकुंठपुरमुलु। पुष्पा: द राइज फिल्म में उनके किरदार और स्टाइल को दर्शकों ने खूब सराहा। इस फिल्म ने उन्हें पूरे भारत में सुपरस्टार बना दिया। अब उनकी नई फिल्म Raaka भी लोगों का ध्यान खींच रही है और उनके अनोखे अवतार ने फैंस के उत्साह को और बढ़ा दिया है।