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सलमान खान पहुंचे नेशनल कंज्यूमर कमीशन, बोले- जिला कोर्ट ने मेरे साथ अन्याय किया

नई दिल्ली बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान अब नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन (NCDRC) में पहुंच गए हैं। मामला राजश्री इलायची के विज्ञापन विवाद से जुड़ा है। सलमान खान का दावा है कि जयपुर जिला उपभोक्ता आयोग ने उनके साथ अनुचित और कठोर कदम उठाए। मामला क्या है?मामला जनवरी 2026 का है। अधिवक्ता योगेंद्र बडियाल ने जयपुर के जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कर राजश्री इलायची पर आरोप लगाया कि यह ब्रांड पान मसाला के नाम पर इलायची को प्रमोट कर रहा है। इसके बाद 6 जनवरी 2026 को जिला आयोग ने एकतरफा (Ex-parte) अंतरिम आदेश पारित किया। इस आदेश में सलमान खान और अन्य प्रतिवादियों को निर्देश दिया गया कि वे ऐसे विज्ञापन न चलाएं। क्या हुआ उसके बाद?बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, शिकायतकर्ता योगेंद्र बडियाल ने आरोप लगाया कि जिला आयोग के आदेश के बावजूद सलमान खान से जुड़े होर्डिंग विज्ञापन लगे रहे। इसके बाद 15 जनवरी 2026 को पहली पेशी में ही सलमान खान के खिलाफ जमानती वारंट जारी कर दिया गया। जिला आयोग ने आदेश की अवमानना (धारा 72) के तहत सलमान की मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स (STF) भी गठित करने का निर्देश दिया। सलमान खान के वकील की दलीलसलमान खान के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता रवि प्रकाश ने जिला आयोग को बताया कि उन्हें आदेश की कोई सर्टिफाइड कॉपी नहीं दी गई थी। उन्होंने कहा, “जब आदेश की आधिकारिक कॉपी ही नहीं मिली, तो इसके उल्लंघन का आरोप कैसे लगाया जा सकता है?” वकील ने यह भी उठाया कि आदेश की जानकारी पहले मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए उन्हें मिली थी, जबकि उन्हें आधिकारिक नोटिस नहीं दिया गया। राजस्थान स्टेट कंज्यूमर कमीशन ने क्या किया?सलमान खान ने जिला आयोग के आदेश को राजस्थान स्टेट कंज्यूमर कमीशन में चुनौती दी। लेकिन 16 मार्च 2026 को राज्य आयोग ने उनकी अपील खारिज कर दी और जिला आयोग के आदेश को सही ठहराया। अब NCDRC में अपीलसलमान खान के वकील ने NCDRC में दावा किया कि जयपुर जिला उपभोक्ता आयोग ने उनके साथ अन्याय किया। उन्होंने कहा कि एक भ्रामक विज्ञापन की शिकायत से जुड़ी कार्यवाही में अनुचित व्यवहार हुआ। सलमान के खिलाफ कठोर दंडात्मक कदम उठाए गए और आदेश की प्रमाणित प्रतियां देने से इनकार किया गया। उनके अनुसार, यह पूरे मामले में न्याय और उचित प्रक्रिया का उल्लंघन है। सलमान खान अब अपने पक्ष में नेशनल कंज्यूमर कमीशन में लड़ाई लड़ रहे हैं। उनका कहना है कि जिला आयोग के आदेश और STF गठन में उनके साथ अनुचित और कठोर कदम उठाए गए। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि NCDRC इस मामले में क्या निर्णय लेता है।

'धुरंधर 2' का पॉपुलर सीन ही बना गौरव गेरा के करियर का टर्निंग पॉइंट!

नई दिल्ली। फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ में अभिनेता गौरव गेरा ने निभाया आलम का किरदार दर्शकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो गया है। फिल्म के सबसे महत्वपूर्ण मोड़ पर उनका सीन, जिसमें आलम रणवीर सिंह के किरदार हमजा को मनाता है कि वह दोस्त पिंडा की मौत का इल्जाम खुद पर ले ले, सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ। इस सीन की लोकप्रियता ने गौरव को फिल्म इंडस्ट्री में एक अलग पहचान भी दिलाई। ऑडिशन का वही सीन बन गया हिटगौरव गेरा ने हाल ही में अपने इंटरव्यू में बताया कि यह सीन उनके लिए कोई सरप्राइज नहीं था। उन्होंने कहा, “मुझे वही भारी-भरकम सीन ऑडिशन में दिया गया था। मुझे मुकेश छाबड़ा के ऑफिस बुलाया गया और कहा गया कि इसे परफॉर्म करो। इसलिए जब फिल्म में यह सीन दिखा, मुझे पता था कि यह रोल दर्शकों को पसंद आएगा।” गौरव का मानना है कि उनका किरदार हमजा का एकमात्र सपोर्ट सिस्टम है और सब कुछ जानने वाला शख्स है। यही कारण है कि उन्होंने इस भूमिका को पूरी गंभीरता और इंटेंसिटी के साथ निभाया। डायलॉग ने मचाई इंटरनेट पर धूमफिल्म का मशहूर डायलॉग “डार्लिंग, डार्लिंग दिल क्यों तोड़ा, पीलो पीलो आलम दूध सोडा” इंटरनेट पर वायरल हो चुका है। गौरव ने बताया कि उनके दोस्तों और परिवार से सबसे ज्यादा यही प्रतिक्रिया आ रही है। उन्होंने कहा, “बहुत सारे मैसेज आ रहे हैं और यही सबसे कॉमन रिस्पॉन्स है।” गौरव गेरा की सफलता की कहानीगौरव गेरा की सफलता नई नहीं है। उन्होंने टीवी शो जैसे ‘जस्सी जैसी कोई नहीं’, ‘छुटकी-शॉपकीपर’, ‘वो’, और ‘मिसेज पम्मी प्यारेलाल’ में यादगार भूमिका निभाई है। खासकर उनके छुटकी और शॉपकीपर वाले डबल रोल्स आज भी फैंस के बीच लोकप्रिय हैं। अब ‘धुरंधर’ से उनका फैनबेस और बढ़ गया है, लेकिन गौरव ने स्पष्ट किया कि वे अपने पुराने वीडियो कैरेक्टर्स को रिवाइव करने का कोई प्लान फिलहाल नहीं बना रहे हैं। उन्होंने कहा, “पिछले 3 साल से मैंने बहुत कम वीडियो बनाए हैं। वीडियो कंटेंट बनाना काफी मेहनत वाला काम है—शूटिंग, एडिटिंग, सबकुछ। अब मैं वैरायटी करना पसंद करता हूँ और नई चीजें एक्सपीरियंस करना चाहता हूँ।” भविष्य की योजनाएँ और नए प्रोजेक्ट्सगौरव ने यह भी कहा कि ‘धुरंधर’ उनके लिए बेहद एंजॉय करने वाला अनुभव रहा। उन्होंने अपने फैंस को यह संदेश दिया कि वे आगे भी सिनेमा और अलग-अलग प्रोजेक्ट्स में अपना टैलेंट दिखाने की कोशिश करेंगे। वीडियो प्लेटफॉर्म उनके लिए अब ऑप्शनल है, लेकिन फिलहाल उनका ध्यान फिल्मों और नए रोल्स पर केंद्रित है। गौरव गेरा ने ‘धुरंधर 2’ के वायरल सीन से अपनी जगह इंडस्ट्री में पक्की कर ली है। उनका किरदार आलम न केवल दर्शकों का दिल जीत गया बल्कि उनका फैनबेस भी बढ़ाया। हालांकि वे अपने पुराने वीडियो कैरेक्टर्स में लौटने का प्लान नहीं बना रहे हैं और नई भूमिकाओं और प्रोजेक्ट्स की ओर बढ़ रहे हैं।

अक्षय तृतीया पर बनेगा खास संयोग, ‘अक्षय योग’ से इन राशियों पर होगी धन वर्षा

नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में ‘अक्षय योग’ को बेहद शुभ और फलदायी माना जाता है। ‘अक्षय’ का अर्थ होता है-जो कभी समाप्त न हो, यानी इस योग में किए गए कार्यों का शुभ फल लंबे समय तक मिलता है। यह योग तब बनता है, जब सूर्य और चंद्रमा अपनी-अपनी उच्च राशियों में स्थित होते हैं। द्रिक पंचांग के अनुसार, 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के दिन सूर्य अपनी उच्च राशि मेष में और चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृषभ में रहेंगे, जिससे यह विशेष योग बनेगा। ज्योतिषियों का मानना है कि इस संयोग से कई राशियों के जीवन में धन, सफलता और समृद्धि का प्रवेश होगा। रुके हुए कार्य पूरे होंगे और आर्थिक स्थिति मजबूत बनेगी। आइए जानते हैं किन राशियों को मिलेगा इस शुभ योग का विशेष लाभ।मेष राशि (Aries)इस राशि के जातकों के लिए यह समय आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रहेगा। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जो भविष्य में लाभदायक साबित होंगी। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन के संकेत हैं, जबकि व्यापारियों को नए अवसर मिल सकते हैं। सही निर्णय लेने की क्षमता बढ़ेगी और निवेश में फायदा होने की संभावना है। वृषभ राशि (Taurus)वृषभ राशि वालों के लिए यह योग सुख-सुविधाओं में वृद्धि का संकेत दे रहा है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और आय के नए स्रोत खुल सकते हैं। घर, जमीन या वाहन खरीदने की इच्छा पूरी हो सकती है। परिवार का सहयोग मिलेगा और कार्यों में सफलता के योग बनेंगे। सिंह राशि (Leo)सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय भाग्य का साथ लेकर आएगा। लंबे समय से अटके काम पूरे होंगे। व्यापार से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिल सकता है और कोई बड़ा अवसर हाथ लग सकता है, जो आगे चलकर लगातार फायदा देगा। वृश्चिक राशि (Scorpio)वृश्चिक राशि वालों के लिए यह अवधि आर्थिक दृष्टि से लाभकारी रहेगी। अचानक धन लाभ के संकेत हैं और पुराने निवेश से भी अच्छा रिटर्न मिल सकता है। विदेश यात्रा की योजना सफल हो सकती है। नौकरी करने वालों को प्रमोशन या नई उपलब्धि मिलने के योग हैं, जिससे करियर में उन्नति होगी।

सीजफायर के बाद कूटनीति तेज, ईरान के 10 सूत्रीय प्रस्ताव पर अमेरिका से होगी अहम वार्ता

नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच दो हफ्ते के सीज़फायर के बाद अब दोनों देशों के बीच कूटनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने पुष्टि की है कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत शुक्रवार, 10 अप्रैल से इस्लामाबाद में शुरू होगी। ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को एक विस्तृत 10 बिंदुओं वाला प्रस्ताव भेजा है, जिस पर अब बातचीत की जाएगी। ईरानी मीडिया के अनुसार, इस प्रस्ताव में कई अहम शर्तें शामिल हैं। ईरान के 10 प्रमुख प्रस्ताव इस प्रकार हैं: 1. अहिंसा के प्रति प्रतिबद्धता2. होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान का नियंत्रण बरकरार रखना3. यूरेनियम संवर्धन की अनुमति4. सभी प्राथमिक प्रतिबंधों को समाप्त करना5. द्वितीयक प्रतिबंधों को भी हटाना6. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सभी प्रस्तावों को खत्म करना7. बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के प्रस्तावों को समाप्त करना8. ईरान को मुआवजा देना9. क्षेत्र से अमेरिकी सैन्य बलों की वापसी10. लेबनान में हिज़्बुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई सहित सभी मोर्चों पर युद्धविराम ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, प्रस्ताव में विशेष रूप से होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण, प्रतिबंधों में ढील और क्षेत्र से अमेरिकी सेनाओं की वापसी जैसे मुद्दों पर जोर दिया गया है। हालांकि, ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने साफ किया है कि इस पहल का मतलब जमीनी स्तर पर तनाव पूरी तरह खत्म होना नहीं है। उनका कहना है कि यह युद्ध का अंत नहीं है और किसी भी गलती का कड़ा जवाब दिया जाएगा। यह घटनाक्रम उस समय सामने आया है जब ईरान ने दो हफ्ते के सीज़फायर को स्वीकार किया है, जिसे उसने अपनी “जीत” बताया है। यह सीज़फायर पाकिस्तान की मध्यस्थता से संभव हुआ है। इस्लामाबाद में होने वाली यह वार्ता करीब 15 दिनों तक चल सकती है और जरूरत पड़ने पर इसे आगे बढ़ाया भी जा सकता है। इसका उद्देश्य एक व्यापक समझौते की दिशा में रूपरेखा तैयार करना है। ईरानी अधिकारियों ने संकेत दिया है कि इस दौरान समुद्री मार्गों पर सीमित सहयोग किया जाएगा और होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित आवाजाही ईरानी सशस्त्र बलों के समन्वय से सुनिश्चित की जा सकती है।वहीं, व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने कहा है कि सीज़फायर औपचारिक रूप से तभी लागू माना जाएगा, जब ईरान वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा खोल देगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की घोषणा के बाद आई एक रिपोर्ट में बताया गया कि तेहरान ने अमेरिका-इजराइल तनाव के बीच पाकिस्तान के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने भी अंतिम समय में हस्तक्षेप कर तनाव कम करने की अपील की थी। इसी बीच, ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने सीज़फायर को मंजूरी दे दी है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने कहा कि यदि ईरान पर हमले रुकते हैं तो वे भी जवाबी कार्रवाई रोक देंगे और दो हफ्तों तक होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने सीज़फायर को लागू कराने में भूमिका निभाने के लिए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख आसिम मुनीर के प्रति आभार भी जताया।

एमपी में फिर बिगड़ा मौसम, 3 सिस्टम एक्टिव, 18 जिलों में बारिश और कई इलाकों में ओलावृष्टि का अलर्ट

भोपाल। मध्य प्रदेश के ऊपरी हिस्से में एक साथ तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन चक्रवाती सिस्टम सक्रिय होने से प्रदेश में मौसम ने फिर करवट ले ली है। इसके चलते आंधी और बारिश का सिलसिला दोबारा शुरू हो गया है। मंगलवार को ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में मौसम काफी बिगड़ा रहा। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को दतिया, निवाड़ी, छतरपुर और टीकमगढ़ जिलों में ओले गिरने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा ग्वालियर, भिंड, मुरैना, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर सहित कुल 18 जिलों में अगले 24 घंटे के भीतर बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। मंगलवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम बदला हुआ नजर आया। भिंड, श्योपुर, मुरैना, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, गुना, अशोक नगर, टीकमगढ़, सतना के चित्रकूट और रीवा में कहीं तेज आंधी चली तो कहीं बारिश हुई। इसी दौरान शिवपुरी, दतिया, धार, पीथमपुर और झाबुआ में तेज बारिश दर्ज की गई, जबकि रतलाम में धूल भरी हवाएं चलीं। मौसम विभाग के मुताबिक 11 अप्रैल को उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होने जा रहा है, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी देखने को मिल सकता है। विभाग ने यह भी बताया कि प्रदेश में तेज आंधी चलने की संभावना है। कुछ जिलों में हवा की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि अन्य इलाकों में यह 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है। आमतौर पर दोपहर बाद मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा।

OnePlus लेकर आया दमदार स्मार्टफोन Nord 6, 9000mAh बैटरी के साथ मिलेंगे AI फीचर्स

नई दिल्ली। OnePlus ने भारत में अपना नया स्मार्टफोन OnePlus Nord 6 लॉन्च कर दिया है। कंपनी इसे मिड-रेंज सेगमेंट में गेमिंग, बैटरी और AI पर फोकस वाला बड़ा गेमचेंजर बता रही है। प्रोसेसर और गेमिंगNord 6 में Qualcomm Snapdragon 8s Gen 4 प्रोसेसर दिया गया है, जो इसे इस सेगमेंट के सबसे पावरफुल स्मार्टफोन में शामिल करता है। कंपनी का दावा है कि यह फोन 165 FPS तक गेमिंग सपोर्ट करता है, जो इस प्राइस रेंज में पहली बार देखने को मिलता है। BGMI, COD Mobile और Free Fire Max जैसे गेम्स के लिए इसमें 3200Hz टच सैंपलिंग रेट और हाई प्रिसिजन जाइरोस्कोप भी दिया गया है। कंपनी के अनुसार, इस फोन का AnTuTu स्कोर 25 लाख से ज्यादा है, जो इस सेगमेंट के अन्य फोन में आम नहीं है। कैमरा और AI फीचर्सOnePlus Nord 6 में 50MP Sony मेन सेंसर के साथ OIS (ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन) मिलता है। फ्रंट कैमरा 32MP का है और यह 4K 60FPS वीडियो रिकॉर्डिंग सपोर्ट करता है। AI आधारित फीचर्स जैसे AI Eraser, AI Unblur, AI Reflection Remover और AI Perfect Shot भी हैं। साथ ही Google Gemini इंटीग्रेशन भी यूजर एक्सपीरियंस को और स्मार्ट बनाता है।डिस्प्ले और कनेक्टिविटीफोन में 1.5K AMOLED 165Hz डिस्प्ले है, जिसकी पीक ब्राइटनेस 3600 निट्स तक जाती है। कम रोशनी में आंखों पर असर कम करने के लिए इसमें हाई फ्रिक्वेंसी PWM डिमिंग भी है। कनेक्टिविटी के लिए इसमें G2 Wi-Fi चिप और 5G Advanced सपोर्ट दिया गया है। बैटरी और चार्जिंगसबसे बड़ी खासियत इसकी 9000mAh बैटरी है, जो एक बार चार्ज करने पर 2.5 दिन तक चलने का दावा करती है। इसके साथ 80W SUPERVOOC फास्ट चार्जिंग है, जो लगभग 70 मिनट में फुल चार्ज कर देती है। फोन रिवर्स चार्जिंग को भी सपोर्ट करता है। डिजाइन और मजबूतीNord 6 में IP66, IP68 और IP69 रेटिंग है, जिससे यह धूल और पानी से सुरक्षित रहता है। साथ ही इसमें क्रिस्टर गार्ड ग्लास और मिलिट्री ग्रेड टेस्टिंग भी है, जिससे फोन लंबे समय तक टिकाऊ रहेगा। कीमत और उपलब्धता8GB RAM + 256GB स्टोरेज: ₹38,99912GB RAM + 256GB स्टोरेज: ₹41,999 बैंक ऑफर्स: Axis Bank और HDFC Bank कार्ड पर ₹3,000 तक का इंस्टेंट डिस्काउंट, जिससे कीमत ₹35,999 तक घट सकती है। फोन की बिक्री 9 अप्रैल दोपहर 12 बजे से Amazon, OnePlus वेबसाइट और ऑफलाइन स्टोर्स पर शुरू होगी।

सर पास कर दो…. MP में 10वीं-12वीं की कॉपियों में किसी ने रखे 500 के नोट, तो किसी ने की ऑनलाइन पैसे भेजने की पेशकश

ग्वालियर। हाईस्कूल (High school.) और हायर सेकेंडरी (Higher Secondary.) की परीक्षा खत्म होने के बाद ग्वालियर में इन कक्षाओं में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की कॉपियों को जांचने (Copies Checking) का काम हुआ। इस बारे में जानकारी देते हुए शिक्षकों ने बताया कि इस साल स्टू़डेंट्स की कॉपियों को जांचने के दौरान उन्हें 100 से ज्यादा अनोखी गुहारें (Unique requests) मिली, जिसे पढ़कर शिक्षक भी हैरान रह गए और उन्हें हंसी भी आई। इनमें से कुछ छात्र-छात्राओं ने अपने फोन नंबर कॉपियों में लिखकर पास करने के बदले शिक्षकों को ऑनलाइन रिश्वत भेजने की पेशकश की, तो वहीं कुछ ने माता-पिता की बीमारी की बात लिखते हुए पास करने की अपील की। कॉपी जांचने वाले शिक्षकों ने बताया कि कुछ छात्र-छात्राओं ने कॉपी के साथ 500 रुपए का नोट कॉपी में रखा और लिखा कि सर पास कर दीजिए, वहीं कुछ छात्रों ने कॉपी में इमोशनल शायरी लिख दी। कॉपियां जांचने वाले शिक्षकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि करीब 100 कॉपियों में परीक्षार्थियों ने शिक्षकों के लिए अलग-अलग तरह की फरियादें लिखी हैं। इनमें छात्राओं की संख्या अधिक रही। छात्र ने लिखा- पास कर दीजिए, साली से शादी करवा दूंगाइस बारे में जानकारी देते हुए शिक्षकों ने बताया कि एक स्टूडेंट ने गजब का ऑफर देते हुए लिखा, ‘सर मुझे पास कर दो मेरी साली से आपकी शादी करवा दूंगा।’ वहीं एक अन्य छात्रा ने लिखा, ‘सर मैं फेल हो गई तो मेरी शादी टूट जाएगी, प्लीज पास कर दीजिए।’। एक अन्य छात्र ने लिखा, ‘सर गर्लफ्रेंड ने ब्रेकअप कर लिया तो पढ़ाई नहीं कर पाया। कृपा मुझे पास कर दीजिए।’ छात्रा ने लिखा- फेल हो गई तो पति प्रताड़ित करेगाएक अन्य छात्रा ने लिखा, ‘सर शादी होने वाली है फेल हो गई तो पति प्रताड़ित करेगा, मुझे पास कर दीजिए।’ शिक्षकों के अनुसार करीब 23 से ज्यादा छात्र-छात्राओं ने अपने माता-पिता को कैंसर या अन्य बीमारी होना बताया और लिखा कि बीमारी के चलते पढ़ाई नहीं हो पाई, आप पास कर दीजिए हमारी मां आपको दुआएं देंगी। QR कोड होने से कॉपियों की जानकारी मिलना मुश्किलउधर मूल्यांकन प्रभारी का कहना है कि कॉपियों पर QR कोड होने से छात्र-छात्राओं और अभिवावकों को कॉपियों वाले स्थान का पता ही नहीं लगता है, यही वजह है कि कमजोर और पढ़ाई न करने वाले छात्र-छात्राएं कॉपियों में इमोशनल संदेश लिखते हैं। इस बार 100 से ज्यादा छात्र-छात्राओं की कॉपी में गुजारिश, दलील, प्रपोज की पेशकश लिखी हुई थी, लेकिन शिक्षकों ने इस पर ध्यान देने की बजाय सिर्फ मूल्यांकन किया है। शिक्षकों को दिया गया करीब 67 लाख रुपए का मानदेयबोर्ड के संभागीय अधिकारी मारुति सोमकुंवर ने बताया कि इस बार जिले के 49 हजार से ज्यादा छात्र-छात्राएं दोनों परीक्षाओं में शामिल हुए थे। कॉपियों की जांच पूरी हो चुकी है और रिजल्ट 12 अप्रैल तक घोषित किया जा सकता है। आपको बता दें कि वर्ष 2025 में 2 लाख 79 हजार 895 कॉपियां जांची गई थीं। उस समय शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को मानदेय के रूप में 69 लाख रुपए दिए गए थे। इस बार कॉपियां कुछ कम हैं, लेकिन मानदेय लगभग 67 लाख रुपए रहने का अनुमान है। 12 अप्रैल तक घोषित हो सकता है हायर सेकेंड्री का रिजल्टएमपी बोर्ड की हायर सेकेंडरी और हाईस्कूल परीक्षाओं का मूल्यांकन शासकीय कन्या विद्यालय, शिंदे की छावनी में एक दिन पहले पूरा हो चुका है। मूल्यांकन केंद्र पर कॉपियां जांचने का काम 22 फरवरी से शुरू हुआ, इस दौरान कुल 2 लाख 66 हजार 173 कॉपियों का मूल्यांकन किया गया। अब रिजल्ट की तैयारी चल रही है, जो 12 अप्रैल तक घोषित होने की संभावना है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष रिजल्ट 6 मई को जारी हुआ था।

नारायण साईं को इंदौर कोर्ट से बड़ा झटका… तलाक मंजूर. पत्नी को दो करोड़ रुपये एलुमनी देने का आदेश

इंदौर। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर (Indore) स्थित फैमिली कोर्ट (Family Court) ने लंबे समय से चल रहे वैवाहिक विवाद (Marital dispute) में अहम फैसला सुनाते हुए स्वयंभू धर्मगुरु आसाराम (Asaram) के पुत्र नारायण साईं (Narayan Sai) और उनकी पत्नी जानकी हरपालानी के विवाह को समाप्त घोषित कर दिया है. अदालत ने तलाक की याचिका मंजूर करते हुए नारायण साईं को पत्नी को स्थायी गुजारा भत्ता के रूप में 2 करोड़ रुपये अदा करने का निर्देश दिया है. नारायण साईं फिलहाल दुष्कर्म मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद सूरत जेल में सजा काट रहा है. जानकारी के अनुसार, यह मामला करीब आठ वर्षों से अदालत में लंबित था. सभी पक्षों की सुनवाई पूरी होने के बाद 2 अप्रैल को निर्णय सुरक्षित रखा गया था, जिसकी जानकारी बाद में जानकी के वकील अनुराग गोयल ने साझा की। याचिका में बताया गया कि दोनों की शादी वर्ष 2008 में हुई थी, लेकिन 2013 से ही दोनों अलग-अलग रह रहे हैं. पत्नी ने आरोप लगाया कि उन्हें उपेक्षा का सामना करना पड़ा और उन्हें परित्यक्त जीवन जीने के लिए मजबूर होना पड़ा. मौजूदा समय में वह अपनी मां के साथ रह रही हैं. याचिका में यह भी कहा गया कि नारायण साईं के अन्य महिलाओं से संबंध थे और उनके खिलाफ दुष्कर्म मामले में सजा का भी जिक्र किया गया।5 करोड़ रुपये की हुई थी मांगभरण-पोषण को लेकर पत्नी ने 5 करोड़ रुपये की मांग की थी, हालांकि अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद 2 करोड़ रुपये देने का आदेश दिया. वहीं, वकील अनुराग गोयल के मुताबिक, पहले से ही अदालत ने प्रति माह 50 हजार रुपये भरण-पोषण देने का आदेश दिया था, लेकिन इसका नियमित भुगतान नहीं हुआ. इस कारण करीब 50 लाख रुपये की बकाया राशि हो गई है, जिसकी वसूली की प्रक्रिया अब शुरू की जाएगी. सूत्रों की मानें तो इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी जा सकती है. साथ ही, संपत्तियों के सत्यापन से जुड़ी जानकारी अब तक पूरी तरह प्रस्तुत नहीं होने के कारण आगे भी विवाद की स्थिति बनी रह सकती है.

भोजशाला विवाद: HC में हिन्दू पक्ष की दलील… केवल नमाज पढ़ लेने से वह जगह मस्जिद नहीं बन जाती…

इंदौर। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (Madhya Pradesh High Court) की इंदौर बेंच (Indore Bench) में धार (Dhar) के भोजशाला परिसर (Bhojshala Complex) के धार्मिक स्वरूप को लेकर चल रहे विवाद के मुकदमे में मंगलवार को हिंदू पक्ष ने दलील दी कि किसी स्थान पर केवल नमाज पढ़ लेने से वह जगह कानूनन मस्जिद नहीं बन जाती है। 11वीं सदी का भोजशाला परिसर स्थित विवादित ढांचा वक्फ संपत्ति नहीं है। बता दें कि हिंदू पक्ष भोजशाला को हिंदू समुदाय वाग्देवी (देवी सरस्वती) का मंदिर मानता है जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद मानता है। यह विवादित परिसर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के संरक्षण में है। सरस्वती मंदिर पहले से था मौजूदमध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर पीठ भोजशाला परिसर के धार्मिक स्वरूप से जुड़ी याचिकाओं पर सोमवार 6 अप्रैल से रोज सुनवाई कर रही है। दूसरे दिन हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस के वकील विष्णु शंकर जैन ने अदालत में अपनी दलीलें जारी रखीं। उन्होंने जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी की खंडपीठ के सामने कहा कि विवादित परिसर में धार के परमार राजवंश के राजा भोज द्वारा 1034 में स्थापित सरस्वती मंदिर पहले से मौजूद था। किताबों, एएसआई, पुरातत्व विभाग के ग्रंथों का हवालावकील विष्णु शंकर जैन ने कहा कि इस जगह को ऐतिहासिक एवं राजस्व रिकॉर्ड में ‘भोजशाला’ के रूप में ही जाना जाता है। विष्णु शंकर जैन भोजशाला को मंदिर होने के पक्ष में देशी-विदेशी लेखकों की किताबों, एएसआई, पुरातत्व विभाग के प्रकाशित ग्रंथों और अन्य स्रोतों का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि भोजशाला परिसर में बने मंदिर को आक्रांताओं द्वारा ध्वस्त किया गया। इसके अवशेषों से विवादित ढांचे को खड़ा किया गया। फिर नमाज के लिए इस्तेमाल किया गया। मूर्तियां, श्लोकों के शिलालेख, मंडप और हवन कुंड गिनाए सुबूतविष्णु शंकर जैन का दावा है कि परिसर में हिंदू देवी-देवताओं की मूर्तियां, संस्कृत श्लोकों वाले शिलालेख, मंडप और हवन कुंड मौजूद हैं। यह विवादित स्मारक उस हिंदू ढांचे का हिस्सा है जिसे धार के परमार राजा भोज ने 1034 ईस्वी में बनवाया था। उन्होंने धार पर हुए मुस्लिम आक्रमणों का जिक्र करते हुए कहा कि लंबे समय तक हिंदू प्रतीकों को मिटाने की कोशिशों के बाद भी ये निशानियां आज परिसर में मौजूद हैं। महज नमाज पढ़ने से कोई जगह मस्जिद नहीं बन जातीजैन ने कहा कि विवादित परिसर में कोई मस्जिद नहीं थी। महज नमाज पढ़ने से कोई जगह कानूनी रूप से मस्जिद नहीं बन जाती है। इस्लामी कानून के मुताबिक मस्जिद बनाने के लिए जमीन का खुशी से वक्फ किया जाना जरूरी है। भोजशाला 1909 से पहले से एक संरक्षित स्मारक है। इसका विवादित ढांचा बिल्कुल भी वक्फ संपत्ति नहीं है। उन्होंने हिंदू धर्मशास्त्रों का हवाला देते हुए कहा कि मंदिर में मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा होते ही वह जगह देवताओं की संपत्ति बन जाती है। एक बार मंदिर बनने के बाद वह हमेशा मंदिर ही रहता है। मंदिर गिरा देने से जगह का स्वभाव नहीं बदलताविष्णु शंकर जैन ने कहा कि यदि कोई मंदिर ढहा दिया जाए तब भी वह मंदिर होने का अपना मूल स्वभाव नहीं खोता इसलिए भोजशाला परिसर में केवल हिंदुओं को पूजा का अधिकार मिलना चाहिए। बता दें कि भोजशाला विवाद शुरू होने के बाद एएसआई ने सात अप्रैल 2003 को एक आदेश दिया था जिसके अनुसार अब तक चली आ रही व्यवस्था के तहत हिंदुओं को हर मंगलवार पूजा करने और मुस्लिमों को हर शुक्रवार नमाज पढ़ने की अनुमति है। हाईकोर्ट ने दिया था सर्वे का आदेशहिंदू पक्ष का मानना है कि भोजशाला में स्थापित देवी सरस्वती की मूर्ति अभी लंदन के एक म्यूजियम में है। मूर्ति को भारत वापस लाकर दोबारा इसी परिसर में स्थापित किया जाना चाहिए। बता दें कि एएसआई ने हाई कोर्ट के आदेश पर दो साल पहले इस विवादित जगह का वैज्ञानिक सर्वे किया था। साथ ही अपनी विस्तृत रिपोर्ट दी थी। एएसआई ने अपनी रिपोर्ट में क्या कहा?एएसआई की 2,000 से ज्यादा पन्नों की रिपोर्ट में संकेत दिया गया है कि परिसर में धार के परमार राजाओं के शासनकाल की एक विशाल संरचना मस्जिद के मुकाबले पहले से विद्यमान थी। इसके बाद वहां एक विवादित ढांचा मंदिरों के हिस्सों को इस्तेमाल करते हुए बनाया गया था। मुस्लिम पक्ष ने एएसआई के सर्वेक्षण पर सवाल उठाते हुए दावे को खारिज किया है। मुस्लिम पक्ष का आरोप है कि एएसआई ने उसकी पुरानी आपत्तियों को दरकिनार करते हुए विवादित परिसर में ‘रखी गईं चीजों’ को सर्वेक्षण में शामिल किया ।

MP कैबिनेट: उज्जैन में 590 करोड़ से होगा हवाई पट्टी का विस्तार, बोइंग और एयरबस का होगा संचालन…

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार (Madhya Pradesh Government) ने उज्जैन हवाई पट्टी (Ujjain airstrip) के विस्तार के लिए 590 करोड़ रुपये की लागत से 437 एकड़ भूमि के अधिग्रहण को मंजूरी दे दी है। उड़ान योजना के तहत यहां बोइंग और एयरबस (Boeing and Airbus.) जैसे बड़े विमानों के संचालन के लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के साथ समझौता किया गया है। उज्जैन एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन केंद्र है जहां प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर (Mahakaleshwar Temple) स्थित है। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 2,923 करोड़ रुपये के 22 विकास कार्यों को मंजूरी दी है जिन्हें दिवाली 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। उज्जैन हवाई पट्टी का होगा विकासएक अधिकारी के अनुसार, केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत उज्जैन हवाई पट्टी के विकास के लिए राज्य सरकार और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण के बीच समझौता हुआ है ताकि यहां बोइंग और एयरबस 320 जैसे बड़े विमानों का संचालन हो सके। सरकारी हवाई पट्टी के विकास और विस्तार के लिए आवश्यक समझौते और समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर हो चुके हैं। 437.5 एकड़ जमीन के अधिग्रहण को मंजूरीअधिकारी ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार की कैबिनेट ने इस परियोजना के लिए 437.5 एकड़ जमीन के अधिग्रहण को मंजूरी दी है। इसके लिए 590 करोड़ रुपये की रकम मंजूर की गई है।उज्जैन एक धार्मिक नगरी है। महाकालेश्वर मंदिर की वजह से यह पर्यटन के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण है। महाकालेश्वर मंदिर देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। उज्जैन में सांदीपनी आश्रम भी है। महाकुंभ के कामों को पूरा करने के लिए तय की डेडलाइनअधिकारी ने बताया कि उज्जैन में सिंहस्थ महाकुंभ का आयोजन होता है जहां दूर-दूर से बहुत से श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। उज्जैन सेवा क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ता हुआ शहर है इसलिए यहां की हवाई पट्टी को सुधारना बहुत जरूरी है। सिंहस्थ मेले के लिए बनी कैबिनेट कमेटी ने तय किया है कि साल 2028 के महाकुंभ से जुड़े सभी कामों को दिवाली 2027 तक पूरा कर लिया जाए। 9 अप्रैल से गेहूं की खरीदकैबिनेट ने शिक्षा, खेती, सिंचाई, प्रशासन और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने वाली योजनाओं के लिए 16,720 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। साथ ही कैबिनेट ने किसानों के हित में एक बड़ा फैसला लेते हुए गेहूं की खरीद 10 अप्रैल के बजाय 9 अप्रैल से ही शुरू करने की मंजूरी दे दी है। विकास कार्यों का होगा थर्ड पार्टी ऑडिटवहीं मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कैबिनेट समिति की 5वीं बैठक में कहा कि बुनियादी ढांचे के सभी काम अच्छी क्वालिटी के साथ तय समय पर पूरे होने चाहिए। समिति ने 2,923.84 करोड़ रुपये के 22 कामों को मंजूरी दी। सीएम मोहन यादव ने निर्देश दिया कि सिंहस्थ 2028 के कामों का थर्ड पार्टी ऑडिट कराया जाए ताकि काम की गुणवत्ता पक्की हो सके। 100 किलोमीटर के दायरे में होगे काममुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सिंहस्थ 2028 के लिए उज्जैन में बन रहे भवनों का निर्माण ऐसा हो कि वे बाद में भी वार्षिक कार्यक्रमों के काम आ सकें। उन्होंने निर्देश दिया कि महाकाल मंदिर और अन्य तीर्थों तक पहुंचने के लिए बेहतर सड़कें बनाई जाएं। मुख्यमंत्री ने दूर से आने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए उज्जैन के 100 किलोमीटर के दायरे में होमस्टे, पार्किंग और जन-सुविधाओं को बढ़ाने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने क्षिप्रा नदी पर पैदल चलने वालों के लिए एक अलग पुल बनाने का भी आदेश दिया।