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मैच अधूरा तो क्या मिलेगा पूरा रिफंड इंडियन प्रीमियर लीग के नियमों से समझिए फैंस का हक

नई दिल्ली । इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के सीजन में कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स में खेले जा रहे कोलकाता नाइट राइडर्स और पंजाब किंग्स के बीच मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ गया। मैच अपने तय समय पर शुरू तो हुआ लेकिन महज 3.4 ओवर के बाद ही बारिश ने खेल में बाधा डाल दी और लंबे इंतजार के बाद आखिरकार इसे रद्द करने का फैसला लेना पड़ा। दोनों टीमों को एक एक अंक दे दिए गए लेकिन सबसे बड़ा सवाल उन हजारों दर्शकों को लेकर खड़ा हो गया जो स्टेडियम में टिकट खरीदकर पहुंचे थे। फैंस देर रात तक उम्मीद लगाए बैठे रहे कि शायद मैच दोबारा शुरू हो जाए लेकिन करीब 11 बजे यह साफ हो गया कि अब खेल संभव नहीं है। ऐसे में दर्शकों के मन में यही सवाल उठा कि क्या उन्हें उनके टिकट का पैसा वापस मिलेगा या नहीं। आईपीएल के टिकट रिफंड को लेकर स्पष्ट नियम बनाए गए हैं। यदि कोई मैच बिना एक भी गेंद डाले रद्द हो जाता है तो दर्शकों को लगभग पूरा रिफंड दिया जाता है हालांकि इसमें कुछ प्रतिशत प्रशासनिक शुल्क काटा जाता है। आमतौर पर दर्शकों को 80 से 90 प्रतिशत तक रकम वापस मिल जाती है। लेकिन इस मैच की स्थिति थोड़ी अलग थी क्योंकि इसमें कुछ ओवर का खेल हो चुका था। ऐसे मामलों में एक महत्वपूर्ण नियम लागू होता है कि यदि मैच में पांच ओवर भी पूरे नहीं हो पाते हैं तो इसे पूर्ण मैच नहीं माना जाता और दर्शक रिफंड के हकदार होते हैं। KKR और PBKS के बीच मुकाबले में चार ओवर से भी कम खेल हो सका इसलिए फैंस को राहत मिलने की पूरी संभावना है। हालांकि अभी तक आधिकारिक रूप से भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड या फ्रेंचाइजी की तरफ से रिफंड को लेकर कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है लेकिन पिछले वर्षों के ट्रेंड को देखें तो ऐसे मामलों में दर्शकों को उनका पैसा वापस मिल जाता है। रिफंड की प्रक्रिया आमतौर पर कुछ दिनों में पूरी होती है और यह उसी माध्यम से लौटाया जाता है जिससे टिकट बुक किया गया था। उम्मीद की जा रही है कि 7 से 10 दिनों के भीतर दर्शकों को उनकी राशि वापस मिल सकती है। आईपीएल जैसे बड़े टूर्नामेंट में फैंस का अनुभव बेहद अहम माना जाता है और यही वजह है कि आयोजक इस तरह की परिस्थितियों में दर्शकों का ध्यान रखते हैं। जब मैच का कोई नतीजा नहीं निकलता और खेल पर्याप्त समय तक नहीं हो पाता तो टिकट रिफंड देना एक तरह से दर्शकों के प्रति जिम्मेदारी भी बन जाती है। इस घटना ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि मौसम का खेल पर कितना बड़ा असर पड़ सकता है लेकिन साथ ही यह भी कि नियमों के तहत फैंस को नुकसान से बचाने के प्रयास किए जाते हैं। आने वाले मैचों में भी यदि ऐसी स्थिति बनती है तो दर्शक इन्हीं नियमों के तहत रिफंड पाने के हकदार होंगे।

मस्ती या बदतमीजी अक्षय कुमार का मजाक बना विवाद राजपाल यादव को लेकर फैंस हुए नाराज

नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार एक बार फिर सुर्खियों में हैं लेकिन इस बार वजह उनकी कोई फिल्म या एक्शन सीन नहीं बल्कि एक स्टेज इवेंट के दौरान कही गई बात है जिसने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है। मामला उनकी आने वाली फिल्म भूत बंगला के ट्रेलर लॉन्च इवेंट का है जहां उनके साथ राजपाल यादव सहित फिल्म की पूरी टीम मौजूद थी। इवेंट के दौरान का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें देखा जा सकता है कि पूरी टीम स्टेज पर बैठी हुई है लेकिन राजपाल यादव के पास कुर्सी नहीं होती। वह खुद जाकर अपनी कुर्सी लाते हैं और बैठने की कोशिश करते हैं। इसी दौरान अक्षय कुमार उन्हें बार बार बैठने के लिए कहते हैं और फिर मजाकिया अंदाज में बोल देते हैं कि बैठ जा नहीं तो खामखा पेल दूंगा। इस पर राजपाल यादव हंसते हुए नजर आते हैं लेकिन सोशल मीडिया यूजर्स को यह बात बिल्कुल पसंद नहीं आई। वीडियो सामने आते ही लोगों ने इसे मजाक से ज्यादा अपमानजनक व्यवहार बताया। कई यूजर्स ने कहा कि पब्लिक प्लेटफॉर्म पर इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए खासकर तब जब सामने वाला कलाकार इंडस्ट्री का सम्मानित कॉमेडियन हो। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि पहले राजपाल यादव के पास कुर्सी नहीं थी और फिर उसी बात को लेकर मजाक करना गलत संदेश देता है। इतना ही नहीं इवेंट के दौरान एक और पल भी चर्चा में आ गया जब राजपाल यादव अक्षय कुमार की तारीफ करते हुए उनके अनुशासन और अभिनय की सराहना करते हैं। इस पर अक्षय कुमार मजाक करते हुए कहते हैं कि तू जब बोलता है तो ऐसा लगता है जैसे किसी कवि सम्मेलन में आया हुआ है। इस टिप्पणी को भी कई लोगों ने हल्के में नहीं लिया और इसे अनावश्यक तंज बताया। हालांकि यह भी सच है कि अक्षय कुमार अपनी मस्ती और हाजिरजवाबी के लिए जाने जाते हैं और कई बार उनके ऐसे मजाक को लोग पसंद भी करते हैं लेकिन इस बार मामला उल्टा पड़ता नजर आ रहा है। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में यूजर्स यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या हास्य और अपमान के बीच की सीमा पार हो गई है। फिल्म भूत बंगला की बात करें तो यह एक हॉरर कॉमेडी फिल्म है जिसमें अक्षय कुमार के साथ तब्बू वामिका गब्बी परेश रावल और राजपाल यादव अहम भूमिकाओं में नजर आने वाले हैं। फिल्म की रिलीज डेट अब 16 अप्रैल तय की गई है जिसे पहले आगे बढ़ाया गया था। वर्क फ्रंट पर अक्षय कुमार के पास कई बड़े प्रोजेक्ट्स हैं जिनमें वेलकम टू द जंगल, हेरा फेरी 3 और हैवान शामिल हैं। इन फिल्मों को लेकर फैंस में पहले से ही उत्साह बना हुआ है लेकिन इस विवाद ने फिलहाल उनकी छवि को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अब देखना दिलचस्प होगा कि इस पूरे मामले पर अक्षय कुमार या राजपाल यादव की तरफ से कोई सफाई या प्रतिक्रिया आती है या नहीं लेकिन इतना तय है कि इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सार्वजनिक मंच पर की गई हल्की फुल्की टिप्पणी भी किस तरह बड़ा मुद्दा बन सकती है।

जब सलमान खान ने पहने फटे जूते ट्रोलर्स ने उड़ाया मजाक फैंस ने बताया लाखों का स्टाइल

नई दिल्ली । बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान एक बार फिर अपने अनोखे स्टाइल को लेकर चर्चा में हैं लेकिन इस बार वजह उनका कोई फिल्मी डायलॉग या नया प्रोजेक्ट नहीं बल्कि उनके जूते हैं जो पहली नजर में फटे हुए दिखाई दिए और देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। हाल ही में सलमान खान को मुंबई एयरपोर्ट पर उनके बॉडीगार्ड शेरा के साथ स्पॉट किया गया। इस दौरान उनका पूरा लुक हमेशा की तरह स्टाइलिश और क्लासी था। उन्होंने ब्लैक एंड व्हाइट चेक शर्ट के साथ ब्लैक पैंट पहनी थी आंखों पर चश्मा था हाथ में उनकी पहचान बन चुका ब्रेसलेट और महंगी घड़ी भी नजर आई। लेकिन जैसे ही कैमरा उनके जूतों पर गया लोगों का ध्यान वहीं अटक गया क्योंकि उनके जूते फटे हुए दिखाई दे रहे थे। वीडियो सामने आते ही सोशल मीडिया यूजर्स ने इस लुक पर जमकर प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया। कई लोगों को यह समझ नहीं आया कि इतनी बड़ी शख्सियत आखिर फटे जूते क्यों पहन रही है। कुछ यूजर्स ने मजाकिया अंदाज में कहा कि अब फटे जूते भी ट्रेंड बन जाएंगे तो कुछ ने इसे अजीब फैशन बताया। वहीं कई लोग ऐसे भी थे जिन्होंने सलमान के इस अंदाज को उनका स्वैग बताते हुए कहा कि भाई जो पहनते हैं वही फैशन बन जाता है। जहां एक तरफ ट्रोलिंग हो रही थी वहीं दूसरी तरफ सलमान के फैंस उनके बचाव में उतर आए। उन्होंने बताया कि ये कोई आम फटे जूते नहीं बल्कि लग्जरी ब्रांड बलेनसिएज के डिजाइनर बूट्स हैं जिन्हें जानबूझकर डिस्ट्रेस्ड लुक दिया जाता है ताकि एक अलग और रफ स्टाइल पेश किया जा सके। ये जूते बलेनसिएज डिस्ट्रेस्ड लेदर काउबॉय बूट्स के नाम से जाने जाते हैं और फैशन इंडस्ट्री में काफी पॉपुलर हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक इन जूतों की कीमत करीब एक लाख बीस हजार से लेकर डेढ़ लाख रुपये तक बताई जा रही है। कीमत सामने आने के बाद कई यूजर्स हैरान रह गए और जो लोग पहले इनका मजाक उड़ा रहे थे वे भी सोचने पर मजबूर हो गए कि फैशन की दुनिया में चीजें जितनी अजीब दिखती हैं उतनी ही महंगी भी हो सकती हैं। सलमान खान का यह लुक एक बार फिर यह साबित करता है कि वह सिर्फ फिल्मों में ही नहीं बल्कि अपने स्टाइल के जरिए भी लोगों का ध्यान खींचना जानते हैं। उनका हर अंदाज चर्चा का विषय बन जाता है चाहे वह साधारण हो या एक्सपेरिमेंटल। वर्क फ्रंट की बात करें तो सलमान खान अपनी आने वाली फिल्मों को लेकर भी व्यस्त हैं। खबर है कि वह जल्द ही नई एक्शन ड्रामा फिल्म की शूटिंग शुरू करने वाले हैं जिसमें उनके साथ साउथ इंडस्ट्री की बड़ी एक्ट्रेस नजर आ सकती हैं। ऐसे में फैंस उनके नए प्रोजेक्ट और नए लुक दोनों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

KKR vs PBKS मुकाबला कैंसिल, टिकट रिफंड पर बड़ा सवाल- क्या कहता है IPL का नियम?

  नई दिल्ली।आईपीएल 2026 का रोमांच अपने चरम पर है और आज यानी 7 अप्रैल को टूर्नामेंट का 13वां लीग मुकाबला खेला जाएगा। यह मुकाबला राजस्थान रॉयल्स और मुंबई इंडियंस के बीच गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में होगा। दोनों टीमों की मौजूदा फॉर्म को देखते हुए यह मैच बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है। राजस्थान की टीम इस मुकाबले में लगातार दो जीत के साथ उतर रही है, जबकि मुंबई इंडियंस ने अपने शुरुआती दो मैचों में एक जीत और एक हार का सामना किया है। ऐसे में जहां राजस्थान जीत की हैट्रिक लगाना चाहेगी, वहीं मुंबई वापसी की कोशिश में होगी। शानदार फॉर्म में राजस्थान, वापसी की तलाश में मुंबईराजस्थान रॉयल्स ने इस सीजन में शानदार शुरुआत की है। टीम ने अपने पहले दो मुकाबलों में चेन्नई सुपर किंग्स और गुजरात टाइटन्स को हराकर आत्मविश्वास हासिल किया है। टीम फिलहाल पॉइंट्स टेबल में तीसरे स्थान पर है और जीत के साथ शीर्ष पर पहुंचने की कोशिश करेगी। वहीं मुंबई इंडियंस ने अपने पहले मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स को हराया था, लेकिन दूसरे मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स से हार गई। मुंबई की टीम इस मैच को जीतकर फिर से लय हासिल करना चाहेगी। हार्दिक पांड्या की वापसी से MI को मजबूतीमुंबई इंडियंस के लिए सबसे बड़ी राहत की खबर यह है कि कप्तान हार्दिक पांड्या की टीम में वापसी हो रही है। वह पिछले मैच में अस्वस्थता के कारण नहीं खेल पाए थे, लेकिन अब राजस्थान के खिलाफ मैदान पर उतरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इसके अलावा, टीम की नजरें जसप्रीत बुमराह पर होंगी, जिनसे शुरुआती विकेट दिलाने की उम्मीद है। अगर बुमराह अपनी लय में आते हैं, तो मुंबई की गेंदबाजी बेहद खतरनाक साबित हो सकती है। संदीप शर्मा vs रोहित शर्मा: दिलचस्प मुकाबलाराजस्थान की ओर से संदीप शर्मा पर खास नजर रहेगी, जो अपनी स्विंग गेंदबाजी से बल्लेबाजों को परेशान करने के लिए जाने जाते हैं। खासकर रोहित शर्मा के खिलाफ उनका रिकॉर्ड अच्छा रहा है।वहीं बल्लेबाजी में यशस्वी जायसवाल, रियान पराग और शिमरोन हेटमायर जैसे खिलाड़ी टीम को मजबूती देते हैं। कब, कहां और कैसे देखें मैचआईपीएल 2026 का यह मुकाबला शाम 7:30 बजे से शुरू होगा, जबकि टॉस 7 बजे होगा।टीवी पर आप इसे स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर देख सकते हैं, जबकि ऑनलाइन स्ट्रीमिंग JioHotstar पर उपलब्ध रहेगी। यहां हिंदी और अंग्रेजी समेत कई भाषाओं में कमेंट्री का आनंद लिया जा सकता है। संभावित प्लेइंग XIमुंबई इंडियंस: रोहित शर्मा, रयान रिकलटन, सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या, शेरफेन रदरफोर्ड, नमन धीर, मिचेल सैंटनर, शार्दुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, ट्रेंट बोल्ट राजस्थान रॉयल्स: यशस्वी जायसवाल, वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल, रियान पराग, शिमरोन हेटमायर, डोनोवन फरेरा, रविंद्र जडेजा, जोफ्रा आर्चर, तुषार देशपांडे, संदीप शर्मा, नंद्रे बर्गर

शिमला के राम मंदिर में ‘निकाह’ को लेकर विवाद, हिंदू संगठनों का विरोध

शिमला। शिमला में राम मंदिर परिसर में प्रस्तावित एक निकाह समारोह को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। हिंदू संगठनों ने मंदिर के हॉल में मुस्लिम परिवार के विवाह समारोह की बुकिंग पर आपत्ति जताते हुए विरोध की चेतावनी दी है। यह मामला पहले से चर्चा में रहे संजौली मस्जिद विवाद के बाद सामने आया है, जिससे शहर में धार्मिक बहस तेज हो गई है। हॉल बुकिंग से शुरू हुआ विवाद राम बाजार स्थित मंदिर के हॉल में 11 अप्रैल को प्रस्तावित निकाह की जानकारी सामने आने के बाद हिंदू संघर्ष समिति ने विरोध दर्ज कराया। समिति का कहना है कि मंदिर परिसर में इस तरह का आयोजन धार्मिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है। संगठन ने मंदिर प्रबंधन से कार्यक्रम रद्द करने की मांग करते हुए विरोध प्रदर्शन की चेतावनी दी है। सूद सभा की बैठक आज मंदिर परिसर का संचालन करने वाली सूद सभा के अध्यक्ष राजीव सूद ने बताया कि इस मुद्दे पर मंगलवार को आपात बैठक बुलाई गई है। उन्होंने कहा कि सभी समुदायों की भावनाओं का सम्मान करते हुए निर्णय लिया जाएगा। उनके अनुसार पिछले पांच वर्षों में 15 से अधिक मुस्लिम परिवारों के निकाह इसी हॉल में हो चुके हैं और परिसर में मांस, मछली व मदिरा पर पहले से प्रतिबंध है। पहले भी हो चुका है विवाद अक्टूबर 2024 में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मंदिर परिसर में साईं बाबा की मूर्ति पर आपत्ति जताते हुए कार्यक्रम का बहिष्कार किया था। इसके बाद यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहा। शहर का प्रमुख धार्मिक केंद्र राम बाजार में स्थित यह मंदिर शिमला का प्रमुख धार्मिक और सामाजिक स्थल माना जाता है। मंदिर की बहुमंजिला इमारत के ऊपरी तल पर भगवान राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान की मूर्तियां स्थापित हैं, जबकि नीचे बने बड़े हॉल में वर्षों से सामाजिक कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं। अब सबकी नजर सूद सभा की बैठक पर है, जिसमें तय होगा कि प्रस्तावित निकाह समारोह को अनुमति दी जाएगी या नहीं।

अंबानी को बड़ा झटका, अडानी को फायदा; अमीरों की रैंकिंग में बदली तस्वीर

नई दिल्‍ली। रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी को एक ही दिन में करीब 2.59 अरब डॉलर का नुकसान हुआ, जबकि गौतम अडानी की संपत्ति में 2.50 अरब डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस उतार-चढ़ाव का असर ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स की रैंकिंग पर भी पड़ा—अडानी 23वें से 22वें स्थान पर पहुंच गए, जबकि अंबानी 18वें से 19वें पायदान पर खिसक गए। रिलायंस शेयर गिरने से अंबानी को नुकसान सोमवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर सेंसेक्स में टॉप लूजर रहा। कंपनी का स्टॉक 3.41% गिरकर 1304.75 रुपये पर बंद हुआ। चूंकि अंबानी की कुल संपत्ति का बड़ा हिस्सा रिलायंस के शेयरों से जुड़ा है, इसलिए उनकी नेटवर्थ घटकर 88.4 अरब डॉलर रह गई। उसी दिन सबसे ज्यादा नुकसान झेलने वालों में एलन मस्क पहले स्थान पर रहे, जिनकी संपत्ति 5.52 अरब डॉलर कम हुई। अडानी समूह के शेयरों में तेजी दूसरी ओर अडानी समूह की अधिकतर कंपनियों के शेयरों में तेजी आई, जिससे गौतम अडानी की कुल संपत्ति बढ़कर 78.2 अरब डॉलर हो गई। टॉप गेनर में कौन-कौन सोमवार को जिन अरबपतियों की संपत्ति बढ़ी, उनमें लैरी पेज पहले स्थान पर रहे। उनकी दौलत 2.87 अरब डॉलर बढ़कर 257 अरब डॉलर हो गई। इसके बाद जेफ बेजोस (2.62 अरब डॉलर की बढ़ोतरी, कुल 235 अरब डॉलर) और सर्गेई ब्रिन (2.61 अरब डॉलर की बढ़त, कुल 239 अरब डॉलर) रहे। टॉप लूजर की सूची टॉप लूजर में एलन मस्क के बाद मुकेश अंबानी दूसरे स्थान पर रहे। इसके अलावा जेंग युकुन को 2.17 अरब डॉलर का नुकसान हुआ, जबकि लैरी एलिसन की संपत्ति 1.21 अरब डॉलर घटकर 194 अरब डॉलर रह गई। शेयर बाजार की हलचल ने एक ही दिन में अमीरों की रैंकिंग बदल दी—अंबानी का रुतबा थोड़ा घटा तो अडानी की स्थिति मजबूत हो गई।

बंदूक नहीं, दिमाग से जंग’-भारत के खिलाफ नई रणनीति पर काम कर रहा पाकिस्तान, रिपोर्ट में खुलासा

इस्लामाबाद। आसिम मुनीर के नेतृत्व में पाकिस्तान भारत के खिलाफ नई रणनीति पर काम कर रहा है। आरोप है कि सैन्य टकराव के बजाय अब “इन्फॉर्मेशन वॉर” के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि को चुनौती देने की कोशिश हो रही है। DisinfoLab की हालिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान एक वैश्विक मीडिया नेटवर्क और थिंक टैंक इकोसिस्टम तैयार कर रहा है, जिसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय राय को प्रभावित करना है। यह पहल कथित तौर पर पिछले साल के ऑपरेशन सिंदूर के बाद शुरू हुई, जब पाकिस्तान का नैरेटिव वैश्विक मंच पर प्रभाव नहीं डाल सका। ‘नैरेटिव वॉर’ का मास्टर प्लान रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान ने 2025 में “रणनीतिक संचार मास्टर प्लान” नाम से पहल शुरू की है। इसका लक्ष्य अंग्रेजी भाषा के ऐसे प्लेटफॉर्म बनाना है जो अंतरराष्ट्रीय दर्शकों में विश्वसनीय दिखें और कश्मीर जैसे मुद्दों पर पाकिस्तान-समर्थक दृष्टिकोण को आगे बढ़ाएं। पहले उर्दू-केंद्रित मैसेजिंग वैश्विक स्तर पर प्रभावी नहीं रही, इसलिए यह बदलाव किया गया। थिंक टैंक नेटवर्क पर फोकस बताया गया है कि मिन्हाज यूनिवर्सिटी लाहौर में “हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च एंड पॉलिसी स्टडीज” जैसे संस्थान स्थापित किए गए हैं। ये भू-राजनीति, सुरक्षा और जलवायु जैसे विषयों पर काम करने का दावा करते हैं, लेकिन रिपोर्ट के अनुसार इनमें रणनीतिक तंत्र से जुड़े लोगों की भागीदारी बताई गई है। ग्लोबल मीडिया में पैठ की कोशिश रिपोर्ट में कहा गया है कि कई डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों के लिए सक्रिय किया गया है, जिनमें AsiaOne News, DM News English, FP92TV और Afrik1 TV शामिल बताए गए हैं। इन प्लेटफॉर्म्स को कथित तौर पर “निष्पक्ष पत्रकारिता” के रूप में पेश किया जा रहा है, जबकि आलोचकों का आरोप है कि इनके जरिए नैरेटिव सेट करने की कोशिश हो रही है। ‘न्यूट्रल मीडिया’ के नाम पर रणनीति विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारी समर्थन वाले मीडिया पर भरोसे की कमी को देखते हुए पाकिस्तान ने थिंक टैंक, सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय डिजिटल चैनलों के जरिए “सॉफ्ट पावर” आधारित रणनीति अपनाई है। इसका उद्देश्य बिना प्रत्यक्ष सैन्य टकराव के कूटनीतिक और सूचना स्तर पर प्रभाव बनाना है। कुल मिलाकर, रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान अब पारंपरिक सैन्य टकराव के बजाय सूचना और प्रचार के जरिए वैश्विक मंच पर भारत को चुनौती देने की रणनीति अपना रहा है।

क्या बीजेपी में जाएंगे राघव चड्ढा? राज्यसभा सीट पर भी उठे सवाल, जानें क्या कहते हैं नियम

नई दिल्ली। राघव चड्ढा और आम आदमी पार्टी के बीच बढ़ती खींचतान के बीच उनकी राजनीतिक भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। पार्टी ने उन्हें राज्यसभा में उपनेता पद से हटा दिया है और आरोप लगाया है कि वह संसद में नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ मुखर नहीं हो रहे। साथ ही पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय से यह भी कहा है कि उन्हें पार्टी कोटे से बोलने का समय न दिया जाए। इसी बीच उनके भारतीय जनता पार्टी में जाने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। मोदी विरोधी पोस्ट हटाने का दावा दिल्ली AAP प्रमुख सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि राघव चड्ढा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी की आलोचना वाले पुराने पोस्ट हटा दिए हैं। इसके बाद उनके राजनीतिक रुख को लेकर सवाल और गहरे हो गए। क्या बीजेपी में शामिल होंगे? इस पूरे विवाद के बाद दो बड़े सवाल उठ रहे हैं—क्या राघव चड्ढा बीजेपी में जाएंगे और यदि ऐसा होता है तो उनकी राज्यसभा सदस्यता पर क्या असर पड़ेगा? फिलहाल दोनों सवालों पर कोई स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है। दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अपना राजनीतिक भविष्य तय करना राघव चड्ढा के हाथ में है। इसे बीजेपी की ओर से “दरवाजे खुले” रखने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि पार्टी ने औपचारिक तौर पर कोई प्रस्ताव नहीं दिया है। क्या सुरक्षित है राज्यसभा सीट? राघव चड्ढा का राज्यसभा कार्यकाल 2028 तक है। ऐसे में पार्टी उन्हें सीधे तौर पर सांसद पद से नहीं हटा सकती। पार्टी केवल संगठनात्मक पदों से हटाने का अधिकार रखती है, जो किया जा चुका है। कब जा सकती है सदस्यता? संविधान की दसवीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के तहत किसी सांसद की सदस्यता दो स्थितियों में जा सकती है— यदि वह स्वेच्छा से पार्टी छोड़ दे। यदि वह सदन में पार्टी के व्हिप का उल्लंघन करे। अदालतों ने यह भी माना है कि केवल औपचारिक इस्तीफा जरूरी नहीं होता, बल्कि किसी दूसरी पार्टी के समर्थन में सार्वजनिक गतिविधियां भी “स्वेच्छा से पार्टी छोड़ने” का संकेत मानी जा सकती हैं। पहले भी हो चुका है ऐसा मामला 2017 में शरद यादव और अली अनवर को राज्यसभा से अयोग्य घोषित किया गया था। जनता दल (यूनाइटेड) ने उनके विपक्षी कार्यक्रमों में शामिल होने को दल-बदल का आधार बनाया था। अंतिम फैसला किसके पास? किसी सांसद की सदस्यता खत्म करने का अधिकार राज्यसभा के सभापति के पास होता है, जो देश के उपराष्ट्रपति होते हैं। वर्तमान में यह पद सी.पी. राधाकृष्णन के पास है। सुप्रीम कोर्ट की समयसीमा सुप्रीम कोर्ट ने 2023 में कहा था कि दल-बदल से जुड़े मामलों का निपटारा आदर्श रूप से तीन महीने में होना चाहिए, हालांकि इसके लिए कोई कानूनी समयसीमा तय नहीं है। कुल मिलाकर, राघव चड्ढा की राज्यसभा सदस्यता फिलहाल सुरक्षित मानी जा रही है। लेकिन यदि वह पार्टी छोड़ते हैं या विरोधी दल के साथ सक्रिय भूमिका निभाते हैं, तो दल-बदल कानून के तहत उनकी सीट पर खतरा बन सकता है।

होर्मुज से भारत को राहत, ईरान ने दी सुरक्षित आवाजाही की गारंटी; भारत की भूमिका की भी सराहना

तेहरान। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मोहम्मद फतहली ने कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारत समेत मित्र देशों के जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए ईरान ने विशेष इंतजाम किए हैं। हाल के दिनों में कई भारतीय पोत सुरक्षित रूप से इस मार्ग से गुजर चुके हैं। राजदूत ने स्पष्ट किया कि यह जलडमरूमध्य केवल उन देशों के लिए बंद है, जो ईरान के साथ युद्ध में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, ईरान और ओमान के क्षेत्रीय जल क्षेत्र में आता है और इसके प्रबंधन से जुड़े फैसले तेहरान और मस्कट के अधिकार क्षेत्र में हैं। ईरान ने हमेशा अंतरराष्ट्रीय शिपिंग की सुरक्षा को प्राथमिकता दी है। भारत निभा सकता है अहम भूमिका राजदूत फतहली ने कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को समाप्त करने में भारत प्रभावी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने बातचीत और संयम बरतने की भारत की अपील को जिम्मेदाराना बताते हुए उसकी सराहना की। उनके मुताबिक, मौजूदा हालात में भारत जैसे देशों का संतुलित रुख बेहद अहम है। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि स्वतंत्र देश अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाइयों की निंदा करेंगे। ईरान ने दोहराया कि वह युद्ध नहीं चाहता और संघर्ष शुरू करने का उसका कोई इरादा नहीं है। चाबहार परियोजना पर जोर राजदूत ने कहा कि चाबहार पोर्ट जैसे क्षेत्रीय प्रोजेक्ट एकतरफा प्रतिबंधों से प्रभावित नहीं होने चाहिए। यह परियोजना क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बढ़ाने के साथ-साथ मध्य एशिया तक भारत की पहुंच मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस संबंध में ईरान लगातार भारतीय पक्ष के संपर्क में है। युद्ध से ईरान में बढ़ी एकजुटता फतहली के अनुसार, मौजूदा संघर्ष के दौरान ईरानी जनता पहले से अधिक एकजुट हुई है और बाहरी दबाव के खिलाफ सरकार का समर्थन कर रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की नीति में बदलाव उसके गलत आकलन को दर्शाता है। अमेरिका पर साधा निशाना राजदूत ने दावा किया कि अमेरिका तीन स्तरों—ईरान की नेतृत्व क्षमता, जनता और सैन्य शक्ति—के आकलन में असफल रहा है। उन्होंने उभरते मंच ब्रिक्स के महत्व पर भी जोर दिया और सदस्य देशों से जिम्मेदार रवैया अपनाने का आग्रह किया। ट्रंप और नेतन्याहू की बयानबाजी पर प्रतिक्रिया राजदूत ने डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू के बयानों की आलोचना करते हुए कहा कि ईरान की सभ्यता हजारों साल पुरानी है और वह किसी भी स्थिति में “पत्थर युग” में नहीं जाएगा। उन्होंने नागरिक ठिकानों पर हमलों को अमानवीय बताते हुए इसे हताशा का संकेत बताया। कुल मिलाकर, ईरान ने साफ किया है कि होर्मुज से भारतीय जहाजों की आवाजाही सुरक्षित रहेगी और क्षेत्रीय तनाव कम करने में भारत की भूमिका अहम मानी जा रही है।

NCERT के विवादित चैप्टर पर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे विशेषज्ञ, CJI सूर्यकांत के सामने रखा पक्ष

नई दिल्ली। एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तक में न्यायपालिका से जुड़े विवादित अध्याय पर घिरे तीन शिक्षाविदों ने अब सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। मामले की सुनवाई सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ के समक्ष हुई, जहां विशेषज्ञों ने कहा कि अध्याय का मसौदा किसी एक व्यक्ति ने नहीं, बल्कि सामूहिक प्रक्रिया से तैयार किया गया था। विशेषज्ञों ने क्या कहा याचिका में मिशेल डैनिनो, सुपर्णा दिवाकर और आलोक प्रसन्न कुमार की ओर से दलील दी गई कि उन्हें “अविश्वसनीय” बताना उचित नहीं है और उनकी पेशेवर विश्वसनीयता प्रभावित हुई है। उन्होंने अदालत से पूरी प्रक्रिया सामने रखने का मौका मांगा। आलोक प्रसन्न कुमार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने कहा कि पिछली टिप्पणियों से शिक्षाविदों को नुकसान हुआ है और वे संदर्भ स्पष्ट करना चाहते हैं। वहीं सुपर्णा दिवाकर की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता जे साई दीपक ने कहा कि पाठ्य सामग्री तैयार करना सामूहिक निर्णय की प्रक्रिया थी। कोर्ट ने क्या कहा पीठ ने आवेदन रिकॉर्ड में लेने का निर्देश दिया और दो सप्ताह बाद सुनवाई तय की। अदालत ने यह भी दर्ज किया कि संशोधित अध्याय की समीक्षा के लिए एक समिति बनाई गई है, जिसमें इंदु मल्होत्रा, के.के. वेणुगोपाल और प्रकाश सिंह शामिल हैं। समिति राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी के सहयोग से काम करेगी, जिसकी अध्यक्षता अनिरुद्ध बोस कर रहे हैं। पहले दिया था संबंध तोड़ने का निर्देश इससे पहले 11 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्यों को तीनों विशेषज्ञों से संबंध खत्म करने का निर्देश दिया था। अदालत ने कहा था कि विवादित सामग्री से न्यायपालिका की नकारात्मक छवि प्रस्तुत होती है। माफी भी दायर मामले में दिनेश प्रसाद सकलानी ने बिना शर्त माफी का हलफनामा दाखिल किया। इससे पहले अदालत ने विवादित अध्याय वाले प्रकाशन, पुनर्मुद्रण और डिजिटल प्रसार पर भी रोक लगा दी थी। अब इस मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद होगी, जिसमें विशेषज्ञों की दलीलों पर विस्तार से विचार किया जाएगा।