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पीएम मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति से की बातचीत, क्षेत्रीय तनाव पर जताई चिंता

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार रात संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जाएद अल नाहयान से फोन पर बातचीत की और उन्हें ईद की अग्रिम शुभकामनाएं दीं। इस दौरान दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और मौजूदा सुरक्षा हालात पर भी चर्चा की। प्रधानमंत्री मोदी ने हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात पर हुए हमलों की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि निर्दोष नागरिकों की जान जाना और नागरिक ढांचे को नुकसान पहुंचना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि ऐसे हमले क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं और इनकी सख्त निंदा की जानी चाहिए। बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्र की मौजूदा परिस्थितियों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया और इस बात पर सहमति जताई कि समुद्री मार्गों की सुरक्षा बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। खास तौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया, क्योंकि यह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। दोनों नेताओं ने इस बात पर भी सहमति जताई कि क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग और संवाद को बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने मध्य पूर्व में तनाव कम करने और स्थायी शांति स्थापित करने के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई। भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच हाल के वर्षों में रणनीतिक, आर्थिक और ऊर्जा सहयोग तेजी से मजबूत हुआ है। ऐसे में दोनों देशों के नेताओं के बीच यह बातचीत क्षेत्रीय परिस्थितियों और आपसी सहयोग को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

2033 तक देश के हर नागरिक को मिलेगा स्वास्थ्य बीमा का लाभ : निर्मला सीतारमण

नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि वर्ष 2033 तक देश के सभी नागरिकों को बीमा कवर के दायरे में लाया जाएगा। मंगलवार को राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक प्रश्न का उत्तर देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारतीय बीमा क्षेत्र का तेजी से विस्तार हो रहा है। यह एक मजबूत और समावेशी इकोसिस्टम के रूप में उभर रहा है, जहां सरकार की नीतियों के कारण समाज के सबसे निचले तबके को भी सुरक्षा कवच मिल रहा है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में बीमा क्षेत्र का आकार 1,17,505 करोड़ रुपये हो गया, जिसके तहत देश के 58 करोड़ लोगों को कवर किया गया है। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों ने 42,420 करोड़ रुपये का प्रीमियम जुटाया है। निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी 37,752 करोड़ रुपये है। स्टैंडअलोन स्वास्थ्य बीमा कंपनियों का योगदान 37,331 करोड़ रुपये है। उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2024-25 में 2.51 करोड़ व्यक्तिगत स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियां जारी हुईं, जिनसे 6.01 करोड़ लोगों को कवर मिला। इसके अतिरिक्त, 13.05 लाख ग्रुप हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसियों के जरिए 27.51 करोड़ सदस्य कवर किए गए हैं। वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि वैश्विक स्तर पर औसत प्रति व्यक्ति प्रीमियम 943 डॉलर है, जबकि भारत में यह केवल 97 डॉलर है। इस अंतर को पाटने के लिए सरकार कई लक्षित सुधार कर रही है। व्यक्तिगत प्रीमियम पर जीएसटी छूट और ग्रामीण व सामाजिक क्षेत्रों में बीमा की पहुंच बढ़ाने के लिए नियामक संस्था इरडा द्वारा 2024 में अधिसूचित नए नियम इसी दिशा में उठाए गए कदम हैं। इसके अलावा, बाजार में गहराई लाने और पैठ बढ़ाने के उद्देश्य से सरकार दिसंबर 2025 में बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश बढ़ाने के लिए एक विधेयक लेकर आई। वित्त मंत्री ने कहा कि देश के सबसे गरीब नागरिकों को पीछे नहीं छोड़ा जा रहा है। पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना के तहत मात्र 436 रुपये वार्षिक प्रीमियम पर 2 लाख रुपये का लाइफ कवर देती है। इसमें अब तक 26.79 करोड़ नामांकन हो चुके हैं। आयुष्मान भारत (एबी-पीएमजेएवाई) देश की 40 प्रतिशत निचली आबादी (लगभग 12 करोड़ परिवार) को हर साल 5 लाख रुपये का अस्पताल खर्च कवर देती है। 28 फरवरी 2026 तक देश भर में 43.52 करोड़ आयुष्मान कार्ड बनाए जा चुके हैं।

मानवता और सहअस्तित्व भारतीय संस्कृति की पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारत की प्राचीन संस्कृति के मूल में मानवता, सहअस्तित्व और परस्पर सहयोग का महत्वपूर्ण भाव शामिल है। मानवता, सहअस्तित्व भारतीय संस्कृति की पहचान है। उन्होंने कहा कि स्काउट और गाइड संगठन विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ संस्कारवान बनाने की दृष्टि से एक आदर्श संगठन है। इस नाते मध्य प्रदेश में इन युवाओं का एक सप्ताह का वैचारिक आयोजन स्थानीय युवाओं के लिए भी प्रेरक है। उन्होंने कहा कि बंगाल की खाड़ी से जुड़े सात राष्ट्रों को सहयोग के सूत्र में बांधने के लिए बिम्सटेक एक महत्वपूर्ण मंच है। युवा राष्ट्र के निर्माण में सहभागी होते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार देर शाम अपने निवास स्थित संवाद सभाकक्ष में बिम्सटेक यूथ कल्चरल हेरिटेज एंड सस्टेनेबिलिटी इमेरसन प्रोग्राम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में सात देशों के युवा प्रतिनिधि शामिल थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतिभागी देशों भूटान, नेपाल, बांग्लादेश, म्यांमार, श्रीलंका और थाईलैंड के स्काउट गाइड को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत स्काउट और गाइड संगठन को रचनात्मक प्रकल्पों के संचालन के लिए बधाई दी। उन्होंने देश के दिल मध्य प्रदेश में अन्य देशों और राज्यों के प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए कहा कि पड़ोसियों से हमारे आत्मीय और सहज संबंध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल से भी यहां प्रतिनिधि आएं हैं। बंगाल की खाड़ी से बिम्सटेक के देश जुड़े हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत दक्षिण एशियाई देशों के लिए आशा, स्थिरता और विकास का एक सशक्त केंद्र बनकर उभरा है। उन्होंने विदेश मंत्रालय के प्रति यूथ कल्चरल हेरिटेज एंड सस्टेनेबिलिटी इमेरसन प्रोग्राम के लिए प्राप्त सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को सांस्कृतिक धरोहर, पर्यावरण संरक्षण, सतत् विकास और क्षेत्रीय सहयोग जैसे विषयों पर विचार-विमर्श के साथ ही ऐसे महत्वपूर्ण विषयों को जीवन के लक्ष्यों में शामिल करने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि हमारा देश अनेक नदियों का मायका है। भारत को मध्य प्रदेश से बड़ी जल राशि प्राप्त होती है। मध्य प्रदेश की नदियां कई राज्यों की नदियों में समाहित होकर उन्हें समृद्ध करती है। मध्य प्रदेश से सम्राट विक्रमादित्य की पहचान भी जुड़ी है, जो दान, वीरता, न्यायप्रियता और सुशासन के प्रतीक थे। उन्होंने अनेक राज्यों और राष्ट्रों में भिन्न-भिन्न नामों से व्यवस्थित शासन संचालन के प्रमाण प्रस्तुत किए। भारत ऐसे ही गौरवशाली व्यक्तित्वों से विश्व में अलग पहचान रखता है। कार्यक्रम को भारत स्काउट एंड गाइड के नेशनल कमिश्नर मनीष मेहता सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया।

विमानन नीति-2025 से मप्र में हो रहा हवाई सेवाओं का निरंतर विस्तार: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

– रीवा से रायपुर के बीच सप्ताह में तीन दिन हवाई सेवा का शुभारंभ भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में विमानन नीति 2025 लागू कर हवाई सेवाओं के विस्तार का कार्य व्यवस्थित रूप से किया जा रहा है। नीति के अंतर्गत ही रीवा से रायपुर की विमान सेवा प्रारंभ हो रही है। जबलपुर से कोलकाता और इंदौर से आबूधाबी की उड़ानों की स्वीकृति भी इस नीति के अंतर्गत संभव हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार शाम को रीवा से रायपुर अलायन्स एयर की सप्ताह में तीन दिन की उड़ान के शुभारंभ समारोह को मंत्रालय भोपाल से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में रीवा एयरपोर्ट के विस्तार का कार्य होगा, जो संपूर्ण विंध्य अंचल के लिए लाभकारी सिद्ध होगा। ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व के विंध्य क्षेत्र का पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ से हवाई मार्ग से जुड़ना समृद्धि और संस्कृति के विकास के लिए भी महत्वपूर्ण होगा। मुख्यमंत्री ने विंध्यवासियों को रीवा से रायपुर की उड़ान प्रारंभ होने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि राज्य के विमानन क्षेत्र में ये एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। गत दो वर्ष में चार महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। जहां वर्ष 2024 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रीवा में एयरपोर्ट का शुभारंभ किया, वहीं रीवा से दिल्ली विमान सेवा शुरू हुई। इसके बाद गत वर्ष रीवा से इंदौर की विमान सेवा शुरू हुई। आज रीवा से रायपुर की विमान सेवा प्रारंभ हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्य प्रदेश में आज आठ एयरपोर्ट हैं। शीघ्र ही उज्जैन और शिवपुरी का एयरपोर्ट प्रारंभ होने पर संख्या 10 हो जाएगी। प्रदेश में कुल 20 हवाई पट्टियां और 220 हेलीपैड हैं। शहडोल, नीमच, छिंदवाड़ा और मंडला एयरस्ट्रीप रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम के अंतर्गत एयरपोर्ट के रूप में विकसित होंगी। प्रधानमंत्री मोदी का कहना है कि हवाई चप्पल पहनने वाले व्यक्ति भी हवाई यात्रा कर सकते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के इस मंत्र को प्रदेश में साकार करने के लिए जहां पीएमश्री एयर एंबुलेंस सेवा प्रारंभ की गई वहीं पर्यटन, वन्य जीव अभयारण्य और धार्मिक महत्व के स्थानों तक जाने के लिए भी धार्मिक पर्यटन हेली सेवा प्रारंभ की गई हैं। नागरिक विमानन नीति-2025 में दे रहे हैं सहायतामुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश में नागरिक विमानन नीति-2025 लागू की गई है। इसमें अंतर्गत घरेलू मार्ग के विकास के लिए 10 लाख रुपये और अंतरराष्ट्रीय मार्गों के लिए 15 लाख रुपये की सहायता राशि देकर बढ़ावा दिया जा रहा है। माल ढुलाई के कार्य को तेज, सस्ता और सुगम बनाने के लिए एयर कार्गो लॉजिस्टिक्स परियोजनाओं के लिए भी 30 प्रतिशत पूंजीगत सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। कृषि उत्पादों के लिए कार्गो क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। ऐसे विद्यार्थी जो गैर सिम्युलेटर कोर्स कर रहे हैं, उनकी फीस का 60 प्रतिशत व्यय राज्य सरकार करेगी। इससे जहां व्यापार व्यवसाय क्षेत्र को प्रोत्साहन मिल रहा है वहीं संपूर्ण अर्थव्यवस्था को भी लाभ होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रीवा-रायपुर हवाई यात्रा के लिए केन्द्रीय नागर विमानन मंत्री और मंत्रालय के अधिकारियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। मध्य प्रदेश में विमानन क्षेत्र में हो रहा अच्छा कार्य – केंद्रीय मंत्री नायडूकेंद्रीय नागर विमानन मंत्री किजारापु राममोहन नायडू नई विमान सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम में नई दिल्ली से वर्चुअली शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में विमानन क्षेत्र में सुविधाएं बढ़ाने के लिए अच्छा कार्य हो रहा है। केंद्रीय मंत्री नायडू ने इसके लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बधाई दी। केंद्रीय मंत्री नायडू ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2024 में रीवा एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था और आज विमान यात्रियों को रीवा से रायपुर की विमान सेवा का लाभ मिलना शुरू हो गया है। मध्य प्रदेश में पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा और गंभीर रोगियों के उपचार के लिए आपातकालीन व्यवस्था के तौर पर पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा का संचालन सराहनीय है। नायडू ने कहा कि “वन रूट वन फेयर” के लिए एलाइंस एयर के साथ अनुबंध किया गया है। यह इस तरह का देश में प्रथम अनुबंध है। आशा है कि मध्य प्रदेश में नए विमानतल और नई हवाई पट्टियों के विकास के कार्य निरंतर होते रहेंगे। रीवा में हवाई सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, वरिष्ठ सांसद विष्णु दत्त शर्मा, जनार्दन मिश्रा के अलावा अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। खजुराहो एयरपोर्ट पर भी अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे जो कार्यक्रम से वर्चुअल रूप से जुड़े।

MP कैबिनेट: गेहूं खरीदी पर बोनस को मंजूरी, विकास कार्यों के लिए 4,525 करोड़ रुपये स्वीकृत

भोपाल। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार शाम को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा लोक निर्माण विभाग अंतर्गत प्रदेश में विभिन्न विकास कार्यों और अनुरक्षण के लिए 4 हजार 525 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। साथ ही रबी विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों से समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूं पर 40 रुपये प्रति क्विंटल के मान से बोनस दिए जाने का निर्णय लिया है। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री चैतन्य कुमार काश्यप ने मंत्रालय में मंत्रि-परिषद के निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि मंत्रि-परिषद ने उज्जैन शहर में चिमनगंज मंडी से इंदौर गेट तक 4-लेन एवं निकास चौराहा से इंदौर गेट तक 2-लेन ऐलिवेटेड कॉरीडोर के निर्माण के लिए 945 करोड़ 20 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इसके साथ रीवा की पनवार माइक्रो सिंचाई परियोजना के लिए 228 करोड़ 42 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। इसी तरह मंत्रि-परिषद ने पशुपालन विभाग का नाम गौपालन एवं पशुपालन किये जाने की भी स्वीकृति दी है। उन्होंने बताया कि निर्णय अनुसार उपार्जित गेहूं में से भारत सरकार द्वारा स्वीकार न की जाने वाली सरप्लस मात्रा का निस्तारण मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन द्वारा खुली निविदा के माध्यम से किया जाकर इस पर होने वाला व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जायेगा। किसानों को बोनस राशि का भुगतान विभागीय मद में बजट प्रावधान कराकर तथा सरप्लस मात्रा के निस्तारण व्यय की प्रतिपूर्ति मुख्यमंत्री कृषक फसल उपार्जन सहायता योजनांतर्गत आवंटित बजट से किया जाएगा। लोक निर्माण विभाग अंतर्गत विकास कार्यों के लिए 4,525 करोड़ रुपये की स्वीकृतिमंत्री काश्यप ने बताया कि मंत्रि-परिषद द्वारा लोक निर्माण विभाग अंतर्गत प्रदेश में विभिन्न विकास कार्यों और अनुरक्षण के लिए 4 हजार 525 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। स्वीकृति अनुसार उज्जैन शहर में चिमनगंज मंडी (इंद्रा नगर) चौराहा से इंदौर गेट तक 4-लेन ऐलिवेटेड कॉरिडोर एवं निकास चौराहा से इंदौर गेट तक 2 लेन ऐलिवेटेड कॉरिडोर लंबाई 5.32 कि.मी. के निर्माण कार्य को विभागीय सूचकांक से मुक्त रखते हुए लागल राशि 945 करोड़ 20 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई। मध्यप्रदेश रोड डेवलपमेंट प्रोग्राम की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2028 और जन भागीदारी अंतर्गत विकास हेतु अनुदान योजना की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 7 करोड़ 38 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। एनडीबी से वित्त पोषण पुल और सड़क निर्माण की योजना की निरंतरता के लिए 50 करोड़ 10 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट प्रोग्राम-6 की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 1543 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट प्रोग्राम-7 की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए 1,476 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। शासकीय आवास गृह, विश्राम गृहों के रखरखाव और अनुरक्षण के लिये 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए के लिए 200 करोड़ 35 रुपये की स्वीकृति दी गई है। कार्यालय भवनों के रखरखाव, सतपुड़ा और विंध्याचल भवन के अनुरक्षण कार्य एवं शौर्य स्मारक के संचालन और संधारण हेतु 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक की निरंतरता के लिए के लिए 300 करोड़ 70 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। रीवा की पनवार माईक्रो सिंचाई परियोजना के लिए 228 करोड़ 42 लाख रुपये की स्वीकृतिमंत्री काश्यप ने बताया कि मंत्रि-परिषद द्वारा रीवा की पनवार माईक्रो सिंचाई परियोजना लागत राशि 228 करोड़ 42 लाख रुपयें, सैंच्य क्षेत्र 7350 हेक्टेयर की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान किये जाने का निर्णय लिया गया है। परियोजना से रीवा जिले की जवा एवं त्योंथर तहसील के 37 ग्रामों को सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा। मध्य प्रदेश कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन की स्वीकृतिमंत्रि-परिषद द्वारा मध्यप्रदेश कार्य (आवंटन) नियम में संशोधन कर मध्यप्रदेश भण्डार क्रय तथा सेवा उपार्जन नियम को वित्त विभाग के अंतर्गत किए जाने का अनुमोदन दिया गया है। “मध्यप्रदेश भण्डार क्रय तथा सेवा उपार्जन नियम” को एमएसएमई से वित्त विभाग को आवंटित किये जाने से राज्य पर कोई वित्तीय भार नहीं आयेगा। पशुपालन विभाग का नाम गौपालन एवं पशुपालन किये जाने की मंजूरीमंत्रि-परिषद द्वारा मध्य प्रदेश कार्य (आवंटन) नियमों की अनुसूची में संशोधन की स्वीकृति दी है। स्वीकृति अनुसार पशुपालन एवं डेयरी विकास विभाग का नाम संशोधित कर गौपालन एवं पशुपालन विभाग और संचालनालय, पशुपालन एवं डेयरी का नाम परिवर्तित कर संचालनालय, गौपालन एवं पशुपालन किये जाने का अनुमोदन किया गया है।

केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने शिवपुरी में विशाल निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का किया शुभारंभ

शिवपुरी। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंगलवार को मध्य प्रदेश के शिवपुरी में श्रीमंत माधवराव सिंधिया सेवा स्वास्थ्य मिशन और रोटरी रीजनल मेडिकल मिशन के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित विशाल निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने दिव्यांगजन किट वितरण शिविर में 5260 दिव्यांगजन भाइयों-बहनों को 22,475 सहायक उपकरण सौंपे और 786 दिव्यांगजनों को स्वयं अपने हाथों से सहायक उपकरण प्रदान किए। कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवा की यह परंपरा नई नहीं है, बल्कि इसकी नींव वर्षों पहले उनके पिता माधवराव सिंधिया ने रखी थी। उन्होंने दूरदराज के ग्रामीण अंचलों तक आधुनिक चिकित्सा सेवाएँ पहुँचाने के उद्देश्य से बड़े शहरों से डॉक्टरों को गांव-गांव भेजने की परिकल्पना की थी, जो आज एक व्यापक मिशन के रूप में साकार होती दिखाई दे रही है। ‘ज्ञानदाता’ और ‘अन्नदाता’ के बाद सिंधिया ने किया ‘जानदाता’ को नमनकेंद्रीय मंत्री ने चिकित्सक को “जानदाता” की संज्ञा देते हुए कहा कि चिकित्सकों के यह नाम एक दम सही है क्योंकि वे जीवन देने का कार्य करते हैं। जिस प्रकार शिक्षकों को “ज्ञानदाता” और किसानों को “अन्नदाता” के रूप में सम्मान दिया गया है, उसी प्रकार चिकित्सक को “जानदाता” कहकर सम्मानित किया जाना चाहिए। उन्होंने मंच से कहा कि उनके लिए ये तीनों ही वर्ग इस धरती पर ईश्वर के समान हैं और वे “जानदाता, ज्ञानदाता और अन्नदाता” तीनों को हृदय से प्रणाम करते हैं। शिवपुरी में लग रहा आधुनिक सुविधाओं के विशाल निशुल्क स्वास्थ्य शिविर स्वास्थ्यशिविर का उद्घाटन करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 17 से 24 मार्च तक लगने जा रहे इस विशाल स्वास्थ्य शिविर में एम्स दिल्ली, एम्स भोपाल और मेदांता जैसे देशभर के प्रतिष्ठित संस्थानों से सैकड़ों विशेषज्ञ चिकित्सक शिवपुरी पहुँचे हैं और विभिन्न आधुनिक मशीनों से सुसज्जित चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। इस स्वास्थ्य शिविर में प्रतिदिन 25,000 ओपीडी और 500 से 700 ऑपरेशन की व्यवस्था की गई है। जिस स्तर की चिकित्सा व्यवस्था आज शिवपुरी में स्थापित हुई है, वह शायद आसपास के कई जिलों में भी उपलब्ध नहीं है। दिव्यांगजनों को वितरित किए जा चुके हैं कुल 7 करोड़ रुपये के सहायक उपकरणकेन्द्रीय मंत्री ने शिवपुरी में दिव्यांगजन किट वितरण शिविर के दौरान दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरित किए। इस दौरान उन्होंने कहा कि समाज का दायित्व है कि दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनने के अवसर प्रदान किए जाएँ। उन्होंने बताया कि अशोकनगर में आयोजित शिविर में 1456 दिव्यांगजनों को 5172 उपकरण प्रदान किए गए, जबकि कल गुना में 1929 दिव्यांगजनों को लगभग 8500 उपकरण वितरित किए गए। आज शिवपुरी में 5260 लाभार्थियों के लिए 22,475 सहायक उपकरण, लगभग चार करोड़ रुपये की लागत से प्रदान किए जा रहे हैं। इस प्रकार पूरे संसदीय क्षेत्र में कुल 8640 दिव्यांगजनों को लगभग 35,884 सहायक उपकरण, लगभग 7 करोड़ रुपये की लागत से उपलब्ध कराए जा रहे हैं। 786 दिव्यांगजनों से स्वयं मिलकर दिया उपकरण, हेलमेट पहनने की दी सीखकार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने शिविर में उपस्थित सभी 786 दिव्यांगजनों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उन्हें सहायक उपकरण प्रदान किए। उन्होंने कई लाभार्थियों को स्वयं ट्राइसाइकिल सौंपते हुए उन्हें सम्मानित भी किया। इस दौरान उन्होंने दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल चलाते समय हेलमेट अवश्य पहनने की सलाह दी और मंच से ही यह भी दिखाया कि हेलमेट को किस प्रकार लॉक और अनलॉक किया जाता है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा सर्वोपरि है और सभी लाभार्थियों को सुरक्षित तरीके से इन उपकरणों का उपयोग करना चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उनके जीवन का उद्देश्य है कि क्षेत्र का प्रत्येक व्यक्ति सशक्त, स्वावलंबी और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने वर्ष 2047 तक “विकसित भारत” लक्ष्य तभी संभव होगा जब देश का प्रत्येक नागरिक इस यात्रा का सहभागी बने। यह लोग उपस्थित रहेऊर्जा मंत्री एवं जिले के प्रभारी प्रद्युम्न सिंह तोमर, शिवपुरी विधायक देवेंद्र जैन, कोलारस विधायक महेन्द्र यादव, कलेक्टर रवीन्द्र कुमार चौधरी, पुलिस अधीक्षक का अमन सिंह राठौड़, भाजपा जिला अध्यक्ष जसवंत जाटव, भूपेंद्र जैन, डॉ.वीरेंद्र गंगवाल, डॉ.अनूप राज चौपड़ा, जिला पंचायत अध्यक्ष नेहा यादव, नपा अध्यक्ष गायत्री शर्मा, सांसद प्रतिनिधि राकेश गुप्ता, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य केशव सिंह तोमर, विजय शर्मा, जिला महामंत्री भाजपा लवलेश जैन, योगेंद्र रघुवंशी, के.पी.परमार, जिला मीडिया प्रभारी मुकेश जैन पत्रकार, अशोक ठाकुर, हरवीर सिंह रघुवंशी, सतीश शर्मा, जिला मंत्री भाजपा नीरज तोमर, डॉ रश्मि गुप्ता, पूर्व विधायक रमेश अग्रवाल, पूर्व मंत्री सुरेश राठखेड़ा, पूर्व विधायक माखनलाल राठौर, पूर्व नपा अध्यक्ष मुन्ना लाल कुशवाह सहित अधिकारी, कर्मचारीगण, बड़ी संख्या में दिव्यांगजन एवं उनके परिजन उपस्थित थे।

राष्ट्रपति के दौरे से पहले वृंदावन में बंदरों पर सख्ती लंगूर कटआउट से लेकर गुलेल तक बना सुरक्षा कवच

नई दिल्ली:उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के वृंदावन में इन दिनों प्रशासन एक अनोखी चुनौती से जूझ रहा है। आमतौर पर धार्मिक और शांत वातावरण के लिए पहचाने जाने वाले इस क्षेत्र में बंदरों का बढ़ता आतंक अब बड़े स्तर की चिंता बन चुका है। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब द्रौपदी मुर्मू के आगामी दौरे की घोषणा हुई। राष्ट्रपति का यह दौरा 19 मार्च से शुरू होकर तीन दिनों तक चलेगा, जिसमें वे विभिन्न धार्मिक और सामाजिक स्थलों का भ्रमण करेंगी। इस दौरान उड़िया बाबा आश्रम, रामकृष्ण मिशन सेवा चैरिटेबल अस्पताल और गोवर्धन परिक्रमा जैसे कार्यक्रम शामिल हैं। ऐसे में प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि उनकी यात्रा पूरी तरह सुरक्षित और व्यवधान रहित रहे। वृंदावन के बंदर खासतौर पर अपने अनोखे व्यवहार के लिए कुख्यात हैं। यहां के बंदर राह चलते लोगों के चश्मे छीन लेने के लिए जाने जाते हैं। वे अचानक झपट्टा मारकर चश्मा लेकर भाग जाते हैं और फिर उसे लौटाने के बदले खाने-पीने की चीजों की मांग करते हैं। फ्रूटी जैसे पेय पदार्थ उनके लिए मानो सौदेबाजी का जरिया बन चुके हैं। यही वजह है कि स्थानीय लोग और पर्यटक दोनों ही अक्सर इस समस्या से जूझते नजर आते हैं। राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए प्रशासन ने इस बार पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ कुछ अनोखे उपाय भी अपनाए हैं। पहले ऐसे मौकों पर बंदरों को भगाने के लिए प्रशिक्षित लंगूरों की मदद ली जाती थी, लेकिन वन्यजीव संरक्षण कानूनों के चलते अब यह तरीका अपनाना संभव नहीं है। इसके विकल्प के रूप में अब लंगूरों के कटआउट लगाए जा रहे हैं ताकि बंदरों में डर का माहौल बनाया जा सके। इसके अलावा वन विभाग ने लगभग 30 सदस्यों की एक विशेष टीम भी तैनात की है। यह टीम गुलेल, लाठी-डंडों और लेजर लाइट जैसे उपकरणों से लैस है। जिन इलाकों में बंदरों की संख्या अधिक है, वहां अतिरिक्त कर्मियों को लगाया जा रहा है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। प्रशासन की कोशिश है कि राष्ट्रपति के दौरे के दौरान कोई भी बंदर पास न भटके। यह पूरा घटनाक्रम न केवल सुरक्षा व्यवस्था की गंभीरता को दर्शाता है बल्कि यह भी दिखाता है कि शहरी और धार्मिक क्षेत्रों में वन्यजीवों के साथ संतुलन बनाए रखना कितना चुनौतीपूर्ण हो गया है। बंदरों का यह व्यवहार एक लंबे समय से चली आ रही समस्या है, लेकिन अब जब मामला देश के सर्वोच्च पद से जुड़ा है, तो प्रशासन हर संभव कदम उठाने में जुटा है। वृंदावन में किए गए ये इंतजाम भले ही अस्थायी हों, लेकिन उन्होंने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या भविष्य में इस समस्या का कोई स्थायी समाधान निकाला जा सकेगा। फिलहाल सभी की नजरें राष्ट्रपति के दौरे पर हैं और यह देखने पर कि ये अनोखे उपाय कितने कारगर साबित होते हैं।

करवटों से परेशान हैं? इन 5 टिप्स से पाएं गहरी और आरामदायक नींद

नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अच्छी और सुकूनभरी नींद लेना कई लोगों के लिए मुश्किल होता जा रहा है। देर रात तक मोबाइल चलाना, तनाव, अनियमित दिनचर्या और गलत खान-पान जैसी आदतें नींद को बुरी तरह प्रभावित करती हैं। नतीजा यह होता है कि रातभर नींद नहीं आती और सुबह उठते ही थकान महसूस होती है। अगर आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं, तो कुछ आसान घरेलू और आयुर्वेदिक उपाय आपकी मदद कर सकते हैं। 1. सोने से पहले पिएं गुनगुना दूधरात को सोने से पहले एक गिलास गुनगुना दूध पीना बेहद फायदेमंद माना जाता है। दूध में मौजूद पोषक तत्व शरीर और दिमाग को रिलैक्स करते हैं, जिससे नींद जल्दी आने लगती है। यह एक पुराना और असरदार घरेलू उपाय है, जिसे रोजाना अपनाया जा सकता है। 2. तलवों की करें तेल या घी से मालिशआयुर्वेद के अनुसार, सोने से पहले पैरों के तलवों पर सरसों के तेल या घी से हल्की मालिश करना काफी लाभकारी होता है। इससे शरीर को गहरा आराम मिलता है और तनाव कम होता है। तलवों की मालिश से ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, जिससे गहरी नींद आने में मदद मिलती है। 3. सोने से पहले स्क्रीन से बनाएं दूरीआजकल नींद खराब होने का सबसे बड़ा कारण मोबाइल और स्क्रीन का ज्यादा इस्तेमाल है। मोबाइल से निकलने वाली ब्लू लाइट दिमाग को एक्टिव बनाए रखती है, जिससे नींद आने में देरी होती है। इसलिए सोने से कम से कम 30 मिनट पहले मोबाइल, टीवी या लैपटॉप का इस्तेमाल बंद कर दें। 4. रात में खाएं हल्का और सुपाच्य भोजनभारी, तला-भुना और मसालेदार खाना पाचन को प्रभावित करता है और नींद में बाधा डालता है। इसलिए रात के समय हल्का और सुपाच्य भोजन करना चाहिए। इससे पेट भी आराम में रहता है और नींद बेहतर आती है। 5. आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का लें सहाराआयुर्वेद में कुछ जड़ी-बूटियां जैसे Ashwagandha और Brahmi को नींद सुधारने में उपयोगी माना गया है। ये तनाव को कम करती हैं और दिमाग को शांत करती हैं, जिससे अच्छी नींद आती है। हालांकि इनका सेवन करने से पहले किसी विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। क्यों जरूरी है अच्छी नींदअच्छी नींद न केवल शरीर को ऊर्जा देती है, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बेहद जरूरी है। नींद पूरी न होने से चिड़चिड़ापन, कमजोरी और एकाग्रता में कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। छोटी-छोटी आदतें, बड़ा असरअगर आप रोजाना इन आसान आदतों को अपनाते हैं, तो धीरे-धीरे आपकी नींद में सुधार देखने को मिलेगा। बिना दवाइयों के भी आप बेहतर और गहरी नींद पा सकते हैं।

आपदा में अवसर खोजने की मानसिकता: समाज के लिए एक खतरनाक संकेत

– कैलाश चन्द्रमार्च 2026 के दूसरे सप्ताह से भारत में एलपीजी सिलिंडर की आपूर्ति और बुकिंग से जुड़ी चर्चा अचानक सुर्खियों में आ गई। देश के अनेक हिस्सों से गैस सिलिंडर की कमी, बुकिंग में देरी और डिलीवरी में व्यवधान जैसी खबरें तेजी से फैलने लगीं। सोशल मीडिया पर लोगों की चिंता देखकर यह विषय राष्ट्रीय चर्चा का केंद्र बन गया। कई उपभोक्ताओं ने आरोप लगाए कि सिलिंडर मिल नहीं रहे, डिलीवरी डेट आगे बढ़ रही है और एजेंसियों पर दबाव बढ़ चुका है। इसके विपरीत केंद्र और राज्य सरकारों ने बार-बार स्पष्ट किया कि देश में कोई वास्तविक कमी नहीं है, परंतु कुछ क्षेत्रों में अचानक बढ़ी मांग और डिमांड–सप्लाई असंतुलन से अस्थायी तनाव अवश्य देखा गया है। यही तनाव इस पूरी चर्चा की शुरुआत बना। इन खबरों के बीच सबसे महत्वपूर्ण प्रश्न यह रहा कि अचानक ऐसी स्थिति क्यों बनी? इसे समझने के लिए एलपीजी बुकिंग और सप्लाई के वास्तविक आंकड़ों को देखना आवश्यक है। मार्च 2026 के आरंभ में रोज़ाना LPG बुकिंग 5.5 मिलियन के औसत स्तर से बढ़कर 7.6 मिलियन तक पहुँच गई। यह लगभग 35–40 प्रतिशत की उछाल थी, जिसे विशेषज्ञों ने ‘पैनिक बुकिंग’ की श्रेणी में रखा। कई शहरों में बुकिंग 2–3 गुना तक बढ़ गई। एक प्रमुख महानगर में केवल छह दिनों के भीतर 12 लाख से अधिक बुकिंग दर्ज होना इसकी तीव्रता का प्रमाण था। दूसरी ओर सरकार का दावा था कि घरेलू सिलिंडर की डिलीवरी 2–2.5 दिन के सामान्य समय में ही हो रही है, और राष्ट्रीय स्तर पर ऐसी कोई गंभीर समस्या नहीं है, जिसे कमी कहा जाए। इसका अर्थ यह था कि समस्या व्यापक राष्ट्रीय अभाव की नहीं, बल्कि कुछ विशिष्ट क्षेत्रों में अचानक मांग बढ़ने और वितरण प्रणाली पर बने अस्थायी दबाव की थी। इस पूरे परिदृश्य के पीछे जो वास्तविक कारण उभरकर सामने आए, वे कई स्तरों पर काम कर रहे थे। पहला और सबसे महत्वपूर्ण कारण अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीतिक तनाव था। मध्य-पूर्व में ईरान, इज़राइल और अमेरिका के मध्य बढ़ते संघर्ष के कारण स्ट्रेट ऑफ़ हॉर्मुज़ जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग प्रभावित हुए। वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है, इसलिए जहाजों में देरी, समुद्री बीमा लागत और जोखिम बढ़ने लगे। एलपीजी शिपमेंट का समय बढ़ा, जिससे भारतीय बंदरगाहों पर डिलीवरी शेड्यूल में भी देर हुई। दूसरा महत्वपूर्ण पहलू यह था कि भारत आज भी LPG की अपनी कुल घरेलू आवश्यकता का लगभग 60–65% आयात करता है। अर्थात वैश्विक अस्थिरता का सीधा प्रभाव भारतीय उपभोक्ता तक पहुँच सकता है। बड़े आयातक देशों में तनाव, शिपमेंट विलंब, पोर्ट कंजेशन और बर्करिंग समय का बढ़ना, इन सभी का प्रभाव सीधे घरेलू सप्लाई चेन पर पड़ा। इसके अतिरिक्त ट्रकों की कमी, स्थानीय परिवहन में देरी, कुछ क्षेत्रों में सड़क मरम्मत या मौसम अवरोध जैसी घरेलू परिस्थिति ने भी दबाव बढ़ाया। तीसरा कारण मीडिया और सोशल मीडिया के प्रभाव से उत्पन्न ‘पैनिक बुकिंग’ रहा। किसी भी संकट में यह मानवीय प्रतिक्रिया आमतौर पर देखी जाती है। जैसे ही कुछ उपभोक्ताओं ने देरी की बात साझा की, लोगों ने एक साथ अतिरिक्त सिलिंडर बुक करना शुरू कर दिया। कई परिवारों ने सुरक्षा कारणों से दो-तीन सिलिंडर अतिरिक्त बुक कर लिए। जबकि सामान्य परिस्थितियों में वे इतनी खपत नहीं करते। इस असामान्य मांग ने वितरण प्रणाली में तात्कालिक तनाव उत्पन्न किया और सामान्य चक्र बिगड़ गया। इन परिस्थितियों को देखते हुए सरकार और तेल विपणन कंपनियों ने कई त्वरित कदम उठाए। सबसे पहले रिफाइनरियों को निर्देश दिया गया कि वे अपनी प्रोपेन-ब्यूटेन स्ट्रीम्स को एलपीजी उत्पादन में परिवर्तित करें, ताकि घरेलू बाजार की जरूरतें तुरंत पूरी हों। इस निर्देश से घरेलू एलपीजी उत्पादन लगभग 25% तक बढ़ाने में सफलता मिली। इससे तत्काल राहत मिली और डोमेस्टिक सप्लाई बैलेंस मजबूत हुआ। दूसरा महत्वपूर्ण कदम यह था कि आवश्यक वस्तु अधिनियम के प्रावधानों के तहत घरेलू उपभोक्ता को प्राथमिकता देने और ब्लैक मार्केटिंग पर रोक लगाने की कार्रवाई शुरू की गई। वितरण प्रणाली में किसी भी प्रकार की जमाखोरी या कृत्रिम कमी की आशंका को खत्म किया गया। तीसरा कदम बुकिंग नियमों में संशोधन का था। पैनिक बुकिंग को रोकने के लिए बुकिंग गैप 25 दिन तक बढ़ाया गया। कुछ रिपोर्टों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में इसे 45 दिन तक भी बढ़ाया गया, जिससे बार-बार अनावश्यक बुकिंग रुक सके। इससे सिस्टम पर दबाव कम हुआ और जिन उपभोक्ताओं को वास्तव में सिलिंडर की जरूरत थी, उन्हें समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की गई। सरकार ने सार्वजनिक रूप से यह भी कहा कि जहां पीएनजी (पाइप्ड नैचरल गैस) उपलब्ध है वहाँ उपभोक्ता अस्थायी रूप से पीएनजी को प्राथमिकता दें, ताकि एलपीजी वितरण पर दबाव संतुलित किया जा सके। इसके साथ-साथ अफवाहों और गलत सूचनाओं को रोकने के लिए प्रेस विज्ञप्तियों, मीडिया ब्रीफिंग और सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया गया। इन सभी तात्कालिक उपायों ने संकट के विस्तार को रोका, लेकिन इस स्थिति का प्रभाव विभिन्न वर्गों पर अलग-अलग दिखाई दिया। घरेलू उपभोक्ता, जिनके लिए सरकार प्राथमिकता देती है, उन्हें सामान्यतः 2–3 दिन की डिलीवरी चक्र में सिलिंडर मिलता रहा। हालांकि कुछ क्षेत्रों में अस्थायी देरी का अनुभव हुआ। दूसरी ओर व्यापारिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं, विशेषकर होटल, रेस्टोरेंट और फूड उद्योग—को अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ा क्योंकि कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति पर प्राथमिकता सीमित थी। कुछ छोटे व्यवसायों और एमएसएसई ने भी गैस की अनिश्चिता के कारण उत्पादन लागत बढ़ने की शिकायत की। इधर-उधर से ब्लैक मार्केटिंग की सूचनाएं भी मिलीं, हालांकि सरकार ने इन शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई कर स्थिति को नियंत्रित किया। इस संकट के बीच कई मिथक भी उभरे, जिनमें प्रमुख था कि देश में गैस खत्म हो गई है। सरकारी आंकड़े और विशेषज्ञ रिपोर्टें इस दावे को स्पष्ट रूप से गलत साबित करती हैं। देश में पर्याप्त स्टॉक मौजूद था, और प्रमुख समस्या सप्लाई अभाव की नहीं बल्कि वितरण तनाव और पैनिक बुकिंग की थी। दूसरा मिथक यह था कि गैस आपूर्ति पूरी तरह रुक गई है, जबकि वास्तविकता यह थी कि देशभर में ट्रकिंग, रीफिलिंग और डिलीवरी कार्य एक सीमित देरी के साथ निरंतर जारी रहा। इस अनुभव का सबसे बड़ा सकारात्मक पहलू यह है कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा रणनीति अब पहले से अधिक परिपक्व और दीर्घकालिक दिशा में बढ़ रही है। भारत

ईद पर चमकती त्वचा का राज: घर बैठे आसान स्किन केयर टिप्स

नई दिल्ली। ईद का त्योहार नजदीक आते ही हर कोई अपने लुक को लेकर खास तैयारी शुरू कर देता है। खासकर महिलाएं चाहती हैं कि इस मौके पर उनका चेहरा साफ, चमकदार और हेल्दी दिखे। लेकिन हर बार पार्लर जाना जरूरी नहीं है। अगर आप सही स्किन केयर रूटीन अपनाएं, तो घर पर ही नेचुरल ग्लो पाया जा सकता है। कुछ आसान घरेलू उपाय आपकी त्वचा को फ्रेश, सॉफ्ट और चमकदार बना सकते हैं। सबसे जरूरी है सही क्लीनिंग स्किन केयर की शुरुआत हमेशा क्लीनिंग से होती है। दिन में कम से कम दो बार हल्के फेसवॉश से चेहरा साफ करें। इससे चेहरे पर जमा धूल, पसीना और अतिरिक्त तेल हट जाता है। साफ त्वचा ही ग्लोइंग स्किन की पहली सीढ़ी होती है। डेड स्किन हटाने के लिए हल्का स्क्रब चेहरे की डेड स्किन हटाना भी बहुत जरूरी है, लेकिन ध्यान रखें कि ज्यादा स्क्रब न करें। हफ्ते में 2–3 बार हल्का स्क्रब पर्याप्त होता है। घर पर स्क्रब बनाने के लिए एक चम्मच कॉफी और एक चम्मच शहद मिलाकर हल्के हाथों से मसाज करें। इससे स्किन साफ और मुलायम बनती है। बेसन-दही फेस पैक से आएगा निखार ईद से पहले चेहरे पर इंस्टेंट ग्लो पाने के लिए फेस पैक बेहद फायदेमंद होता है। इसके लिए दो चम्मच बेसन, एक चम्मच दही और थोड़ा सा हल्दी मिलाकर पेस्ट तैयार करें। इसे 15 मिनट तक चेहरे पर लगाकर धो लें। यह पैक स्किन को साफ करने के साथ-साथ नेचुरल चमक भी देता है। एलोवेरा जेल से करें नाइट केयर रात में सोने से पहले एलोवेरा जेल लगाना स्किन के लिए बहुत फायदेमंद होता है। यह त्वचा को हाइड्रेट करता है और ठंडक पहुंचाता है। नियमित इस्तेमाल से चेहरे पर नेचुरल ग्लो आता है और स्किन हेल्दी रहती है। इंस्टेंट ग्लो के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय अगर आपके पास ज्यादा समय नहीं है, तो कुछ आसान उपाय तुरंत निखार दे सकते हैं गुलाब जल से चेहरा साफ करें कच्चे दूध से क्लीनिंग करें खीरे का रस लगाएं शहद और नींबू का फेस पैक इस्तेमाल करें ये उपाय त्वचा को तुरंत फ्रेश और चमकदार बना देते हैं। अच्छी नींद और हेल्दी डाइट भी जरूरी सिर्फ बाहरी देखभाल ही नहीं, बल्कि अंदर से हेल्दी रहना भी जरूरी है। रोज 7–8 घंटे की नींद लें, ताकि डार्क सर्कल और डलनेस से बचा जा सके। साथ ही फलों और हरी सब्जियों का सेवन बढ़ाएं। इनमें मौजूद विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं। हाइड्रेशन का रखें खास ध्यान दिनभर में कम से कम 7–8 गिलास पानी जरूर पिएं। पर्याप्त पानी पीने से त्वचा हाइड्रेट रहती है और उसका नेचुरल ग्लो बरकरार रहता है। ध्यान रखने वाली जरूरी बातें स्किन केयर करते समय नए प्रोडक्ट इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें। धूप में निकलते समय सनस्क्रीन लगाएं और स्किन को हमेशा मॉइश्चराइज रखें।