भोजशाला मामले में HC ने की सुनवाई… हिन्दु पक्ष का दावा- 1935 के बाद हुए अवैध कब्जे

इंदौर। धार (Dhar) स्थित ऐतिहासिक भोजशाला (Historic Bhojshala Complex) परिसर को लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (Madhya Pradesh High Court) की इंदौर बेंच में सोमवार को सुनवाई हुई। हिंदू पक्ष (Hindu side) के वकील विष्णु शंकर जैन (Vishnu Shankar Jain) ने इसे 10वीं शताब्दी की ऐतिहासिक धरोहर बताते हुए दावा किया कि 1935 के बाद यहां अवैध गतिविधियां शुरू हुईं। उन्होंने एएसआई सर्वे और स्तंभों की मूर्तिकला को साक्ष्य के रूप में पेश किया। अदालत ने कहा है कि वह मामले की नियमित सुनवाई करेगी। सभी पक्षों को विस्तार से सुना जाएगा। मंगलवार को भी सुनवाई जारी रहेगी। हिंदू पक्ष ने 10वीं से 11वीं शताब्दी की ऐतिहासिक धरोहर बतायाहिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने अपना पक्ष रखते हुए भोजशाला को 10वीं से 11वीं शताब्दी की ऐतिहासिक और पुरातात्विक धरोहर बताया। इसके पक्ष में उनकी ओर से कई तर्क पेश किए गए। विष्णु शंकर जैन ने 1935 में लगाए गए एक अहम बोर्ड का जिक्र करते हुए दावा किया कि उस समय परिसर के ऐतिहासिक तथ्यों को स्पष्ट रूप से दर्ज किया गया था। 1935 के बाद से हुई विवादित गतिविधियों की शुरुआतविष्णु शंकर जैन ने दावा किया कि सन 1935 के बाद से इस परिसर पर अवैध कब्जों और विवादित गतिविधियों की शुरुआत हुई। इन विवादित गतिविधियों ने विवाद को जन्म दिया। समूचा विवाद 1935 के बाद के बाद का है। विष्णु शंकर जैन ने एएसआई की सर्वे रिपोर्टों को भी अदालत के सामने रखा। इसके साथ ही उन्होंने स्तंभों पर उकेरी गई मूर्तिकला और ऐतिहासिक दस्तावेजों का हवाला देते हुए कई महत्वपूर्ण तथ्य पेश किए। अदालत की दो-टूक, सभी पक्षों को देंगे पूरा मौकाहाईकोर्ट ने कहा कि यह मामला बेहद संवेदनशील है। अत: इसमें सभी पक्षों को सुना जाएगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी भी पक्ष के साथ अन्याय नहीं होगा और हर पक्ष को अपनी दलीलें रखने का पूरा मौका दिया जाएगा। मामले में मंगलवार को भी सुनवाई जारी रहेगी। 1935 से पहले भी होती थी पूजामहाराजा भोज सेवा संस्थान की ओर से हाईकोर्ट वकील श्रीष दुबे ने बताया कि सोमवार से इंदौर बेंच में फाइनल सुनवाई की शुरुआत हुई है। विष्णु शंकर जैन की ओर से दोपहर ढाई बजे से साढ़े जार बजे तक बहस चली है। यह बहस कल फिर ढाई बजे से शुरू होगी। विष्णु शंकर जैन की बहस अभी बाकी है यह कल भी चलेगी। विष्णु शंकर जैन की ओर से पिटिशन के पक्ष में दलीलें रखी गईं। हिंदू पक्ष की ओर से बताया गया है कि यहां 1935 से पहले भी पूजा होती थी।
पति की उम्र 40 साल… MP HC ने 19 साल की पत्नी को प्रेमी के साथ रहने की दी इजाजत

ग्वालियर। जगह मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (Madhya Pradesh High Court) की ग्वालियर बेंच (Gwalior Bench)। 19 साल की महिला (19-year-Old Woman) कोर्टरूम के अंदर है। बाहर उसके माता-पिता, पति और प्रेमी खड़े हैं। अंदर हो रही सुनवाई का हर कोई बेसब्री से इंतजार कर रहा है। अदालत के सामने महिला ने ‘साथ रहने के अधिकार’ का इस्तेमाल करते हुए कहा- “मैं बालिग हूँ। मैं अपनी मर्ज़ी से जी रही हूँ। मैं अपने पति या अपने माता-पिता के साथ नहीं रहना चाहती।” जानिए क्या है मामला और इसे लेकर क्यों चर्चाएं तेज हो गई हैं। पति, दूसरे आदमी ने अवैध रूप से पत्नी को रखादरअसल मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की ग्वालियर बेंच में अवधेश नामक शख्स ने हेबियस कॉर्पस पिटीशन दायर की थी। आसान शब्दों में कहें, तो किसी व्यक्ति को कोर्ट के सामने पेश करो।ये याचिका पति ने अपनी पत्नी के खिलाफ दायर की थी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि उसकी पत्नी को अनुज कुमार नामक युवक ने अवैध रूप से अपने पास रखा हुआ है। कोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने महिला को खोजकर एक वन-स्टॉप सेंटर में रखा और बाद में अदालत के सामने पेश किया। सुनवाई के दौरान माता-पिता, पति और लवर मौजूद थे। पति के बीच 21 साल का अंतर, लवर के साथ रहूंगीसुनवाई के दौरान जजों ने महिला से उसकी इच्छा पूछी, तो उसने साफ शब्दों में कहा- वह बालिग है और अपनी मर्जी से रह रही है। उसने जोर देते हुए कहा- वह अपने पति या माता-पिता के साथ नहीं रहना चाहती। महिला ने कोर्ट को बताया- उसकी शादीशुदा जिंदगी ठीक नहीं चल रही है। अपने और पति के बीच 21 साल के उम्र के अंतर का जिक्र करते हुए कहा- यह रिश्ता संतुलित नहीं था। महिला ने अपने पति पर प्रताड़ना के आरोप भी लगाए और कहा कि वह अपने प्रेमी अनुज कुमार के साथ रहना चाहती है। काउंसलिंग के बाद भी महिला का फैसला रहा अटलकोर्ट ने महिला को काउंसलिंग के लिए भेजा, ताकि वह अपने फैसले पर दोबारा विचार कर सके। हालांकि काउंसलिंग के बाद भी महिला अपने फैसले पर अडिग रही। उसके लवर ने भी कोर्ट को भरोसा दिलाया कि वह महिला की देखभाल करेगा और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। जस्टिस आनंद पाठक और जस्टिस पुष्पेंद्र यादव की खंडपीठ ने कहा कि जब यह क्लियर हो गया कि महिला को किसी प्रकार की अवैध हिरासत में नहीं रखा गया है, तो याचिका का आधार ही खत्म हो जाता है। कोर्ट ने महिला को वन-स्टॉप सेंटर से रिहा कर प्रेमी के साथ जाने की अनुमति दे दी। 6 महीने तक महिला को मिली सुरक्षाहालांकि, कोर्ट ने महिला की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए छह महीने तक निगरानी का निर्देश भी दिया। “शौर्य दीदी” नामित अधिकारी इस दौरान महिला के संपर्क में रहेंगे और उसकी सुरक्षा व भलाई सुनिश्चित करेंगे। आपको बताते चलें कि हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी एक मामले में कहा था कि यदि एक शादीशुदा आदमी किसी बालिग महिला के साथ उसकी सहमति से लिव-इन रिलेशनशिप में रहता है, तो इसे अपराध नहीं माना जा सकता। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि सामाजिक नैतिकता और कानून अलग-अलग हैं और अदालतें नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करती हैं।
MP: HC का बड़ा फैसला… मैटरनिटी लीव के लिए 80 दिन की कार्य अवधि की अनिवार्यता पर लगाई रोक

भोपाल। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (Madhya Pradesh High Court) ने बड़ा फैसला सुनाते हुए साफ किया है कि सरकारी संस्थानों (Government Institutions) में काम करने वाली महिला कर्मचारियों (Women Employees) को मैटरनिटी लीव (Maternity Leave) का लाभ पाने के लिए 80 दिनों की अनिवार्य कार्य अवधि की शर्त पूरी करने की जरूरत नहीं है। जस्टिस विशाल धगत की पीठ ने कहा कि ये नियम केवल निजी कार्यस्थलों पर लागू होती है, न कि राज्य सरकार के प्रतिष्ठानों पर। कोर्ट ने कहा, मैटरनिटी लीव का लाभ उठाने के लिए 12 महीनों में 80 दिन काम करने की अनिवार्य शर्त राज्य सरकार के प्रतिष्ठानों पर लागू नहीं होगी। राज्य अपने नागरिकों की भलाई के लिए उपाय करने के लिए बाध्य है। यह आदेश राज्य सरकार पर लागू होगा और मातृत्व अवकाश का लाभ उठाने के लिए पिछले 12 महीनों में 80 दिन काम करने की अनिवार्य शर्त राज्य सरकार को छोड़कर अन्य प्रतिष्ठानों पर अधिनियम के अनुसार लागू होगी। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट ने कहा, राज्य का कर्तव्य है कि वह सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय प्रदान करें। सामाजिक न्याय में स्वास्थ्य और परिवार के कल्याणकारी उपाय शामिल हैं। भारत के संविधान के अनुच्छेद 38 के अनुसार, राज्य को जनता के कल्याण को बढ़ावा देने की कोशिश करनी चाहिए और भारत के संविधान के अनुच्छेद 39 में कहा गया है कि राज्य को अपनी नीति श्रमिकों, पुरुषों और महिलाओं, विशेष रूप से कम उम्र के बच्चों के स्वास्थ्य और शक्ति की सुरक्षा की दिशा में लगानी चाहिए। भारत के संविधान के अनुच्छेद 39ए के अनुसार, राज्य को समान न्याय और मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करना भी आवश्यक है। क्या है मामला?यह मामला एक गेस्ट टीचर ने दायर किया गया था, जिसे साल 2023 में मैटरनिटी लीव तो दिया गया था, लेकिन अधिनियम की धारा 5(2) का हवाला देते हुए मानदेय देने से मना कर दिया गया था। इस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आदेश दिया कि याचिकाकर्ता 26 सप्ताह के पेड़ लीव की हकदार है। अदालत ने साफ किया कि इस अवधि के लिए उसे पूरा वेतन दिया जाए, जबकि बाकी अवकाश अवधि को बिना वेतन के माना जा सकता है।
हनुमान जी की पूजा: मंगलवार का महाउपाय और सरल उपाय

नई दिल्ली। हनुमान जी, जिन्हें राम भक्तों में बजरंगी या महाबली संकट मोचन के नाम से जाना जाता है, हिन्दू धर्म में शक्ति, बुद्धि और साहस के प्रतीक हैं। सनातन परंपरा में हनुमान साधना का विशेष महत्व माना गया है, क्योंकि उनकी कृपा से भय, रोग, बाधाएं और कष्ट दूर होते हैं। मंगलवार को उनकी पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है। 1. हनुमान चालीसा का पाठहनुमान जी की महिमा का गुणगान करना उनके प्रसन्न होने का प्रमुख मार्ग है। मंगलवार को हनुमान चालीसा का सात बार पाठ करने से: दुर्भाग्य दूर होता हैमानसिक शांति मिलती हैसौभाग्य और सफलता प्राप्त होती हैसाधक पर हर समय बजरंगी की कृपा बनी रहती हैचालीसा पढ़ते समय अपने मनोकामनाओं का ध्यान करें और पूरी श्रद्धा से पढ़ें। 2. सिंदूर का महाउपायहनुमान जी को सिंदूर बहुत प्रिय है। इसलिए मंगलवार की पूजा में उन्हें सिंदूर का चोला चढ़ाना विशेष फलदायी है।सिंदूर अर्पित करते समय मंत्र का उच्चारण करें: “सिंदूरं रक्तवर्णं च सिंदूरतिलकप्रिये, भक्तायन दत्तं मया देव सिंदूरं प्रतिगृह्यताम्” इस मंत्र का पाठ करते समय अपनी मनोकामनाओं को हृदय में संजोएं। मान्यता है कि सच्चे मन से यह उपाय करने पर हनुमान जी सभी कष्ट दूर करते हैं और इच्छाओं की पूर्ति करते हैं। 3. भोग और प्रसादहनुमान जी को भोग अर्पित करना भी उनकी प्रसन्नता का मार्ग है। मंगलवार को पूजा करते समय आप निम्न चीजें अर्पित कर सकते हैं: बूंदीलड्डूचूरमागुड़चनाये सामग्री बजरंगी जी को अत्यंत प्रिय मानी जाती हैं। भोग अर्पित करते समय भक्तों को अपनी श्रद्धा और भावनाओं को पूर्ण रूप से व्यक्त करना चाहिए। 4. साधारण नियम और मंत्रपूजा के समय स्वच्छ कपड़े पहनें और ब्रह्म मुहूर्त या सुबह का समय श्रेष्ठ मानें।मंत्र जाप और भोग के साथ मन में किसी भी प्रकार का द्वेष या नकारात्मकता न रखें।पूजा के बाद भोग का वितरण कर दें और शांति भाव बनाए रखें। मंगलवार को हनुमान जी की पूजा, हनुमान चालीसा का पाठ, सिंदूर का चोला अर्पित करना, प्रिय भोग चढ़ाना, और श्रद्धा भाव से साधना करना अत्यंत फलदायी है। इन उपायों से सभी कष्ट, भय, रोग और बाधाएं दूर होती हैं और जीवन में सफलता, सौभाग्य और मानसिक शांति प्राप्त होती है।
संकट मोचन बालाजी: सालासर की दाढ़ी-मूंछ वाली हनुमान जी की रहस्यमयी कहानी

नई दिल्ली । राजस्थान के चुरू जिले में स्थित सालासर बालाजी धाम भारत का एक अनोखा हनुमान मंदिर है यहां विराजमान हनुमान जी की मूर्ति दाढ़ी-मूंछों वाली है जो पूरे देश में एकमात्र है यही वजह है कि लाखों भक्त सालाना यहां दर्शन करने आते हैं और मानते हैं कि सालासर बालाजी अपनी भक्तों की मनोकामनाएं बहुत जल्दी पूरी करते हैं सालासर बालाजी धाम जयपुर-बीकानेर राजमार्ग पर आसोटा गांव के पास स्थित है यह मंदिर 19वीं शताब्दी में स्थापित हुआ और आज पूरे देश में प्रसिद्ध है यहाँ रोजाना हजारों श्रद्धालु आते हैं खासतौर पर हनुमान जयंती और शरद पूर्णिमा के मेले में मंदिर में भक्तों की भीड़ हमेशा रहती है सालासर बालाजी की मूर्ति की खोज की कहानी भी बहुत रोचक है कहा जाता है कि साल 1811 में आसोटा गांव के किसान मोहनदास खेत में हल जोत रहे थे तभी हल किसी नुकीली चीज से टकराया जब उन्होंने खुदाई की तो उन्हें हनुमान जी की मूर्ति मिली मोहनदास उस समय दोपहर का भोजन चूरमा लेकर आए थे उन्होंने उसी चूरमा का भोग अर्पित कर मूर्ति की पूजा की और रात को उन्हें हनुमान जी का सपना आया सपने में हनुमान जी मोहनदास को दाढ़ी-मूंछों वाले रूप में दिखाई दिए उन्होंने मोहनदास को निर्देश दिया कि मूर्ति को बैलगाड़ी में रखकर वहीं स्थापित करें जहाँ बैल खुद रुक जाए मोहनदास ने वैसा ही किया और बैलगाड़ी वहीं रुकी जहाँ आज सालासर बालाजी धाम स्थित है चूंकि सपने में हनुमान जी दाढ़ी-मूंछों में दिखाई दिए इसलिए मोहनदास ने मूर्ति का शृंगार उसी रूप में किया यही कारण है कि सालासर बालाजी की मूर्ति पूरे देश में अनोखी मानी जाती है भारत के अधिकांश हनुमान मंदिरों में मूर्तियां युवा और बिना दाढ़ी-मूंछ वाली होती हैं लेकिन सालासर बालाजी इस नियम का अपवाद हैं उनकी दाढ़ी-मूंछ उन्हें प्रौढ़, गंभीर और संकट मोचन स्वरूप में प्रस्तुत करती है भक्त मानते हैं कि इस स्वरूप से बालाजी अधिक शक्तिशाली और भक्तों के लिए तुरंत संकट मोचन बन जाते हैं सालासर बालाजी धाम में दो प्रमुख मेले लगते हैं पहला मेला हनुमान जयंती पर और दूसरा शरद पूर्णिमा पर इन मेलों में दूर-दूर से भक्त आते हैं यहाँ धार्मिक किताबें हनुमान जी के चित्र चूरमा प्रसाद और पूजा सामग्री उपलब्ध होती है मेले के दौरान मंदिर में भारी भीड़ लगती है सालासर बालाजी में नारियल चढ़ाने की अनोखी परंपरा भी है भक्त अपनी मनोकामना पूरी होने पर लाल कपड़े में नारियल बांधकर मंदिर परिसर के खेजड़ी पेड़ पर चढ़ाते हैं ये नारियल ना तो फेंके जाते हैं ना जलाए जाते हैं इन्हें मंदिर से करीब 11 किलोमीटर दूर मुरड़ाकिया गांव के खेत में गाड़ दिया जाता है यह परंपरा भक्तों की अटूट श्रद्धा का प्रतीक है सालासर बालाजी धाम भक्ति और विश्वास का केंद्र है यहाँ की दाढ़ी-मूंछ वाली मूर्ति भक्तों के हर संकट को दूर करती है और चूरमा प्रसाद हर भक्त के मन को शांति और विश्वास देता है यदि आप जीवन में किसी समस्या से गुजर रहे हैं तो सालासर बालाजी के दर्शन अवश्य करें
आज का राशिफल 7 अप्रैल 2026: मेष से लेकर मीन राशि तक, जानें दिन का हाल

नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, ग्रह-नक्षत्रों की चाल के आधार पर 7 अप्रैल 2026, मंगलवार के लिए राशिफल इस प्रकार है। मंगलवार को हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्व माना गया है। इस दिन की पूजा करने से भय, रोग और मानसिक कष्ट दूर होते हैं। मेष (Aries)आज मेष राशि वालों को अच्छी खबर और सफलता मिलने की संभावना है। रुके हुए कार्य पूरे होंगे और किसी विशेष व्यक्ति से महत्वपूर्ण मुलाकात हो सकती है। शादीशुदा जातकों की लव लाइफ भी अच्छी रहेगी। वृषभ (Taurus)आज का दिन वृषभ राशि वालों के लिए आर्थिक चुनौती भरा हो सकता है। बड़े खर्चों के कारण बजट प्रभावित हो सकता है। शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान दें। मिथुन (Gemini)मिथुन राशि वालों को ऑफिस में प्रमोशन या नया अवसर मिल सकता है। लेकिन दिन के मध्य में गुप्त शत्रुओं से सतर्क रहें। खर्चों में सावधानी बरतें। कर्क (Cancer)कर्क राशि का समय मिला-जुला रहेगा। दिन की शुरुआत में मेहनत का पूरा फल मिलेगा और मान-सम्मान बढ़ेगा। दिन के अंत में पैसों के लेन-देन से बचें। शादीशुदा जीवन में खुशियां रहेंगी। सिंह (Leo)सिंह राशि वालों के लिए दिन उतार-चढ़ाव भरा रहेगा। सुख-सुविधाओं पर खर्च बढ़ सकता है। नौकरीपेशा जातकों को नए अवसर मिल सकते हैं। कन्या (Virgo)कन्या राशि वालों का दिन शुभ समाचार लेकर आएगा। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा और कमाई के साधनों में वृद्धि होगी। व्यापारियों को लाभ की संभावना है। तुला (Libra)तुला राशि के लिए दिन की शुरुआत में कुछ बाधाओं और मतभेद देखने को मिल सकते हैं। छात्रों का मन पढ़ाई से भटक सकता है। परिवार में तालमेल बनाए रखें। वृश्चिक (Scorpio)वृश्चिक राशि वालों का दिन मिला-जुला रहेगा। नौकरीपेशा जातकों को काम का दबाव महसूस होगा। सफलता पाने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ सकती है। धनु (Sagittarius)धनु राशि वालों का आर्थिक बजट बिगड़ सकता है। संतान या परिवार से जुड़ी किसी बात से तनाव हो सकता है। दिन के मध्य में किसी विशेष काम में सफलता मिलने की संभावना है। मकर (Capricorn)मकर राशि वालों के लिए दिन उतार-चढ़ाव भरा रहेगा। किसी काम में सफलता पाने के लिए मेहनत अधिक करनी पड़ सकती है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले जातकों को अच्छी खबर मिल सकती है। कुंभ (Aquarius)कुंभ राशि के लिए परिश्रम का फल मिलेगा। दिन के बीच में नौकरीपेशा जातकों को नए अवसर मिलेंगे। खर्चों में सावधानी बरतें और नकारात्मक विचारों से बचें। मीन (Pisces)मीन राशि वालों को सेहत का ध्यान रखना आवश्यक है। सुख-सुविधाओं पर खर्च बढ़ सकता है और आर्थिक बजट प्रभावित हो सकता है। व्यापारियों को लाभ की संभावना है।
सुबह खाली पेट ये 5 मिनट का योग, पाचन से जुड़ी परेशानियों को देगा अलविदा

नई दिल्ली । आज की तेज़-तर्रार लाइफस्टाइल और अनियमित खानपान ने पेट की समस्याओं को आम बना दिया है। ऐसे में विश्व स्वास्थ्य दिवस 2026 की थीम “Stand with Science” के अनुसार पवनमुक्तासन एक सरल लेकिन अत्यंत प्रभावी योगासन माना जा रहा है। संस्कृत में पवन का अर्थ है वायु और मुक्त का अर्थ है छोड़ना। इस आसन का उद्देश्य शरीर में फंसी हानिकारक गैस और अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालना है। जब आप घुटनों को धीरे-धीरे छाती की ओर दबाते हैं, तो यह पेट के अंगों पर हल्का दबाव डालता है जिससे पाचन अग्नि तेज होती है और भोजन का अवशोषण बेहतर होता है। पवनमुक्तासन के लाभ गैस, कब्ज और ब्लोटिंग से राहत – यह वात विकारों को कम करता है, पुरानी कब्ज और एसिडिटी को दूर करता है और आंतों की कार्यक्षमता बढ़ाता है। वेट लॉस में मदद – पेट, जांघों और कमर के आसपास की जिद्दी चर्बी कम करने में सहायक। पेल्विक और प्रजनन अंगों के लिए लाभकारी – महिलाओं में मासिक धर्म की अनियमितता कम करने में मदद करता है। पीठ और रीढ़ की हड्डी के लिए लाभकारी – लंबे समय तक बैठने वाले लोगों के लिए रीढ़ की लचीलापन बढ़ाता है और निचले हिस्से के दर्द को कम करता है। कैसे करें पवनमुक्तासन योग मैट पर पीठ के बल लेट जाएं। गहरी सांस लेते हुए दाएं घुटने को मोड़कर छाती के पास लाएं। हाथों की उंगलियों को जोड़कर घुटने को पकड़ें। सांस छोड़ते हुए सिर उठाकर नाक को घुटने से छूने की कोशिश करें। इसी प्रक्रिया को बाएं पैर और फिर दोनों पैरों के साथ दोहराएं। इसे सुबह खाली पेट करना सबसे अधिक लाभकारी माना जाता है। सावधानियाँ उच्च रक्तचाप, हर्निया, स्लिप डिस्क या हाल ही में पेट की सर्जरी कराए लोगों को यह आसन नहीं करना चाहिए।गर्भवती महिलाएं इसे न करें।केवल 5 मिनट का यह योगासन रोजाना करने से न केवल पाचन सुधारता है बल्कि पेट, कमर और जांघों की मांसपेशियों को मजबूत बनाकर महिलाओं और पुरुषों दोनों के लिए स्वास्थ्य लाभ सुनिश्चित करता है।
वजन घटाना हो या हार्मोन बैलेंस, सुबह खाली पेट पिएं ये 5 सुपर ड्रिंक्स

नई दिल्ली । महिलाओं के लिए दिन की शुरुआत सही खानपान से करना बेहद जरूरी होता है क्योंकि सुबह का पहला आहार शरीर के मेटाबॉलिज्म और पूरे दिन की ऊर्जा को प्रभावित करता है खासतौर पर आयरन की कमी, पीसीओएस और पाचन संबंधी समस्याओं से जूझ रही महिलाओं के लिए कुछ खास ड्रिंक्स बहुत लाभकारी साबित हो सकती हैं सबसे पहले चिया सीड्स और नींबू पानी की बात करें तो यह ड्रिंक ओमेगा 3 फैटी एसिड और फाइबर से भरपूर होती है एक गिलास पानी में चिया सीड्स भिगोकर उसमें नींबू मिलाकर पीने से वजन घटाने में मदद मिलती है और त्वचा में भी प्राकृतिक निखार आता है दूसरा है मेथी दाना पानी जिसे रातभर भिगोकर सुबह खाली पेट पीना चाहिए यह ड्रिंक इंसुलिन रेजिस्टेंस को कम करने और पीरियड्स की अनियमितता को सुधारने में काफी प्रभावी मानी जाती हैएलोवेरा जूस भी महिलाओं के लिए बेहद फायदेमंद होता है इसे पानी में मिलाकर पीने से पाचन तंत्र मजबूत होता है और शरीर की सूजन कम होती है साथ ही यह जोड़ों के दर्द में भी राहत देता है धनिया पानी एक और उपयोगी ड्रिंक है जिसे उबालकर पीया जाता है यह शरीर में पानी रुकने की समस्या को कम करता है और थायराइड के स्तर को संतुलित रखने में मदद करता है इसके अलावा यह यूरिन इंफेक्शन के खतरे को भी कम करता है अंत में दालचीनी और शहद की चाय का सेवन करने से मीठा खाने की इच्छा कम होती है और शरीर को तुरंत ऊर्जा मिलती है यह ड्रिंक वजन नियंत्रण के लिए बहुत अच्छा विकल्प माना जाता है इन सभी ड्रिंक्स को नियमित रूप से सुबह खाली पेट लेने से शरीर डिटॉक्स होता है हार्मोन संतुलित रहते हैं और समग्र स्वास्थ्य में सुधार होता है हालांकि किसी भी नई चीज को दिनचर्या में शामिल करने से पहले अपनी शारीरिक स्थिति के अनुसार विशेषज्ञ की सलाह लेना भी जरूरी है इस तरह छोटी सी सुबह की आदत महिलाओं के लिए बड़ी हेल्थ बेनिफिट साबित हो सकती है और उन्हें लंबे समय तक स्वस्थ और ऊर्जावान बनाए रख सकती है
अशोकनगर में डैम में नहाते समय 3 नाबालिग दोस्तों की डूबने से मौत

अशोकनगर। मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले के नई सराय थाना क्षेत्र में सोमवार को तीन नाबालिग दोस्तों की डैम में डूबने से मौत हो गई। यह हादसा तब हुआ जब दोस्त नहाने और मौज-मस्ती के लिए डैम पहुंचे थे, लेकिन थोड़े समय में यह खुशी एक बड़े हादसे में बदल गई। जानकारी के अनुसार, कुल छह दोस्त डैम में गए थे। शुरू में सभी किनारे के पास पानी में थे, लेकिन कुछ समय बाद तीन किशोर धीरे-धीरे गहरे पानी की ओर चले गए। इनमें से किसी को भी तैरना नहीं आता था। अचानक पानी की गहराई बढ़ने के कारण तीनों संतुलन खो बैठे और डूबने लगे। साथ मौजूद अन्य दोस्त उन्हें बचाने की कोशिश में थे, लेकिन पानी की गहराई और घबराहट के कारण वे खुद बाहर निकल आए। इसके बाद उन्होंने गांव लौटकर परिजनों को घटना की जानकारी दी। घटना की खबर मिलते ही ग्रामीण और पुलिस मौके पर पहुंचे। गहरे पानी और सीमित संसाधनों के कारण ग्रामीण खुद से शवों को नहीं निकाल सके। इसके बाद एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया। टीम ने घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद तीनों किशोरों के शव डैम से बाहर निकाले। मृतकों की पहचान मयंक (16) पुत्र अवधेश रघुवंशी, देव (16) पुत्र राकेश रघुवंशी और ओम (15) पुत्र सतीश रघुवंशी के रूप में हुई है। सभी तीनों अजलेश्वर गांव के रहने वाले थे। घटना ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया, परिजन गहरे सदमे में हैं। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और प्रारंभिक जांच में डूबने से मौत की पुष्टि की है। मामले की आगे की जांच जारी है।
उमरिया में गैंगरेप मामले में पांच गिरफ्तार, आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल

उमरिया। मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में एक नाबालिग किशोरी के साथ हुए गंभीर गैंगरेप मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। कोतवाली थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जिनमें एक नाबालिग भी शामिल है। जानकारी के अनुसार, यह घटना 29 मार्च को मढ़ीवाह क्षेत्र में हुई थी। पीड़ित किशोरी अपने परिचित युवक के साथ जिला मुख्यालय से लगभग 6 किलोमीटर दूर गई थी। वहां पास के जंगल में पहले से मौजूद आरोपियों ने सुनसान इलाके का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम दिया। विरोध करने पर किशोरी के साथ आए युवक को भी पीटा गया। घटना के तुरंत बाद दोनों पीड़ितों ने किसी तरह वहां से निकलकर घर लौटे। भय और मानसिक आघात के कारण मामला तुरंत सामने नहीं आ सका। लगभग पांच दिन बाद पीड़ित परिवार ने हिम्मत जुटाकर कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी। त्वरित कार्रवाई में मनीष बैगा, विशाल बैगा, हरिपाल बैगा और सूरज बैगा सहित एक नाबालिग आरोपी को गिरफ्तार किया गया। सोमवार को सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।सोमवार को एसडीओपी पुन्नू सिंह परस्ते ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस पूरी तत्परता के साथ आरोपियों की तलाश में जुट गई थी और उन्हें शीघ्र गिरफ्तार किया गया। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।