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करियर अपडेट: एनआईटी सिलचर में इंटर्नशिप के लिए 36 पद खाली, जल्द करें आवेदन

नई दिल्ली। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) सिलचर, असम में इंटर्नशिप करने के इच्छुक छात्रों के लिए आकर्षक अवसर लेकर आया है। संस्थान ने कुल 36 इंटर्न पदों के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। योग्य और इच्छुक उम्मीदवार 1 अप्रैल से 30 अप्रैल तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। एनआईटी सिलचर की इंटर्नशिप में आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय से बीई/बीटेक/एमटेक की डिग्री हासिल करनी होगी। इसके साथ ही, उम्मीदवारों को अन्य निर्धारित पात्रता मानदंडों को भी पूरा करना अनिवार्य है। आयु सीमा और आरक्षित वर्गआवेदन करने वाले उम्मीदवारों की अधिकतम आयु 35 वर्ष निर्धारित की गई है, जिसकी गणना 30 अप्रैल 2026 के अनुसार की जाएगी। वहीं, आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमानुसार आयु सीमा में छूट दी जाएगी। चयन प्रक्रियाइंटर्नशिप के लिए योग्य उम्मीदवारों का चयन मेरिट सूची और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के आधार पर किया जाएगा। चयनित उम्मीदवारों को प्रति माह 10,000 रुपए स्टाइपेंड प्रदान किया जाएगा। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रियाउम्मीदवार सबसे पहले एनआईटी सिलचर की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। होमपेज पर संबंधित पद के लिए सक्रिय आवेदन लिंक पर क्लिक करें। इसके बाद उम्मीदवार को रजिस्ट्रेशन कर लॉगिन करना होगा। आवेदन फॉर्म में मांगी गई सभी जानकारियाँ सही ढंग से भरें और आवश्यक डॉक्यूमेंट्स को उपयुक्त साइज़ में अपलोड करें। फॉर्म जमा करने से पहले सभी जानकारियों को जांचें और सबमिट करें। अंतिम चरण में एप्लीकेशन फॉर्म का प्रिंट आउट निकालकर भविष्य के लिए सुरक्षित रखें। कुल पद: 36 इंटर्नशिप पदआवेदन की शुरुआत: 1 अप्रैल 2026आवेदन की अंतिम तिथि: 30 अप्रैल 2026पात्रता: बीई/बीटेक/एमटेक की डिग्रीआयु सीमा: अधिकतम 35 वर्ष (आरक्षित वर्ग को छूट)चयन प्रक्रिया: मेरिट + डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशनस्टाइपेंड: प्रति माह 10,000 रुपएआवेदन मोड: केवल ऑनलाइन यह इंटर्नशिप छात्रों के लिए व्यावसायिक अनुभव और भविष्य के करियर में मजबूत आधार प्रदान करने का एक शानदार अवसर है। योग्य उम्मीदवारों को जल्द आवेदन करने की सलाह दी जाती है ताकि वे समय सीमा से पहले अपने दस्तावेजों के साथ आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकें।

अंतरिक्ष से पृथ्वी का रहस्य: आर्टेमिस-II ने मैनिकौगन क्रेटर का ऐतिहासिक दृश्य भेजा

नई दिल्ली। नासा के आर्टेमिस-II मिशन के क्रू जैसे-जैसे चांद के करीब पहुंच रहे हैं, वे न केवल चंद्रमा की सतह बल्कि पृथ्वी की अनोखी झलक भी साझा कर रहे हैं। हाल ही में अमेरिकी एस्ट्रोनॉट क्रिस विलियम्स ने अपने कैमरे में कैद पृथ्वी के 20 करोड़ साल पुराने टकराव का निशान, यानी मैनिकौगन क्रेटर, की तस्वीर सोशल मीडिया पर पोस्ट की। क्रिस ने अपने एक्स अकाउंट पर लिखा कि जैसे-जैसे आर्टेमिस-II का क्रू चांद के पास पहुंचता है, उन्हें चांद की सतह का सीधा नजारा देखने को मिलेगा। विशेष रूप से चांद की दूसरी तरफ (फार साइड) स्थित गड्ढे यानी क्रेटर्स सौर मंडल के इतिहास में हुए क्षुद्रग्रह और उल्कापिंड टकरावों के साक्षी हैं। ये गड्ढे हमें सौर मंडल और पृथ्वी के प्राचीन इतिहास की कहानी समझने में मदद करते हैं। विलियम्स ने बताया कि पृथ्वी पर भी ऐसे टकराव हुए हैं जिनका बड़ा प्रभाव पड़ा। उदाहरण के लिए, डायनासोर युग के अंत में हुए टकराव ने इन जीवों के विलुप्त होने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। हालांकि, पृथ्वी पर प्लेट टेक्टोनिक्स, मौसम और ज्वालामुखी गतिविधियों की वजह से अधिकांश पुराने गड्ढे मिट गए हैं। यही कारण है कि पृथ्वी पर टकराव का इतिहास चंद्रमा की तुलना में स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देता। उनके अनुसार, पृथ्वी पर अब भी कई क्रेटर मौजूद हैं, लेकिन वे चांद की सतह पर दिखाई देने वाले गड्ढों की तरह स्पष्ट नहीं हैं। क्रिस ने कनाडा के क्यूबेक में स्थित मैनिकौगन क्रेटर का उदाहरण दिया। यह क्रेटर लगभग 20 करोड़ साल पहले बना था, जब करीब 5 किलोमीटर चौड़ा एक क्षुद्रग्रह पृथ्वी से टकराया। आज इस क्रेटर की चौड़ाई 70 किलोमीटर से अधिक है और यह अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से भी देखा जा सकता है। क्रिस ने अपनी पोस्ट में बताया कि जब वे व्यायाम कर रहे थे, तब उन्होंने आईएसएस के कूपोला खिड़की से इस क्रेटर का दृश्य देखा। दृश्य इतना अद्भुत था कि उन्होंने व्यायाम रोककर इसकी तस्वीर ली। उन्होंने लिखा कि यह नजारा न केवल वैज्ञानिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि देखने में बेहद खूबसूरत भी था। इस पोस्ट के जरिए क्रिस विलियम्स ने एक बार फिर पृथ्वी और चंद्रमा के बीच के संबंध और सौर मंडल के प्राचीन इतिहास की झलक साझा की। आर्टेमिस-II मिशन के जरिए मिलने वाले ऐसे दृश्य न केवल वैज्ञानिकों के लिए ज्ञानवर्धक हैं, बल्कि आम जनता को भी हमारे ग्रह और उसके इतिहास को करीब से समझने का मौका देते हैं।इस पोस्ट के जरिए क्रिस विलियम्स ने एक बार फिर पृथ्वी और चंद्रमा के बीच के संबंध और सौर मंडल के प्राचीन इतिहास की झलक साझा की। आर्टेमिस-II मिशन के जरिए मिलने वाले ऐसे दृश्य न केवल वैज्ञानिकों के लिए ज्ञानवर्धक हैं, बल्कि आम जनता को भी हमारे ग्रह और उसके इतिहास को करीब से समझने का मौका देते हैं। आर्टेमिस-II मिशन ने चांद के पास क्रू को पृथ्वी और चंद्रमा की नई झलक दिखाई।एस्ट्रोनॉट क्रिस विलियम्स ने मैनिकौगन क्रेटर की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की।मैनिकौगन क्रेटर लगभग 20 करोड़ साल पुराना है, 70 किलोमीटर चौड़ा और क्षुद्रग्रह टकराव से बना।पृथ्वी पर पुराने क्रेटर चांद के मुकाबले कम दिखाई देते हैं।यह मिशन पृथ्वी के प्राचीन इतिहास और सौर मंडल की समझ को बढ़ाने में मदद करता है।

ऑनलाइन शॉपिंग का फायदा: PhonePe SBI Card पर रिवॉर्ड और जीरो ज्वाइनिंग फीस

नई दिल्ली। डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म फोनपे ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के साथ मिलकर नया क्रेडिट कार्ड लॉन्च किया है, जो सीमित अवधि के लिए पहले साल जीरो ज्वाइनिंग फीस के साथ उपलब्ध है। इसका मतलब है कि ग्राहक बिना किसी अग्रिम लागत के कार्ड के सभी लाभ उठा सकते हैं। यह कार्ड रुपे और विजा प्लेटफॉर्म दोनों पर उपलब्ध है और खासतौर पर उन उपयोगकर्ताओं के लिए डिज़ाइन किया गया है जो अक्सर ऑनलाइन लेनदेन करते हैं। कार्ड की सबसे बड़ी खासियत इसकी यूनिवर्सल रिवॉर्ड स्ट्रक्चर है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप किस ब्रांड या व्यापारी से खरीदारी कर रहे हैं, सभी ऑनलाइन खर्च पर आपको 5 प्रतिशत रिवॉर्ड मिलेगा। फोनपे का कहना है कि यह कार्ड उन यूजर्स के लिए बेहतरीन विकल्प है जो अपने दैनिक डिजिटल खर्च पर अधिकतम लाभ पाना चाहते हैं। इसके अलावा, फोनपे इकोसिस्टम के भीतर चुनिंदा श्रेणियों जैसे मोबाइल रिचार्ज, बिजली बिल और अन्य नियमित लेनदेन पर 10 प्रतिशत रिवॉर्ड मिलेगा। इसी तरह, बीमा प्रीमियम भुगतान पर भी कार्डधारक रिवॉर्ड अर्जित कर सकते हैं। ऑफलाइन खर्च पर भी कार्ड लाभकारी है। रुपे वर्जन के माध्यम से स्कैन-एंड-पे लेनदेन पर 1 प्रतिशत रिवॉर्ड मिलेगा। यानी कम राशि के भुगतान भी आकर्षक बन जाएंगे। कार्ड में यात्रा संबंधी सुविधाएं भी शामिल हैं। साल में चार बार घरेलू हवाई अड्डे के लाउंज में निःशुल्क प्रवेश मिलेगा। इसके साथ ही, अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए दो साल की प्रायोरिटी पास सदस्यता भी कार्ड के साथ उपलब्ध है। कार्ड से अर्जित रिवॉर्ड पॉइंट्स को सीधे क्रेडिट कार्ड बिल के भुगतान में उपयोग किया जा सकता है। हर पॉइंट का मूल्य 1 रुपए है, जिससे मासिक बिलों को आसानी से समायोजित किया जा सकता है और कार्ड का कुल लाभ बढ़ जाता है। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल है और इसे फोनपे ऐप के माध्यम से पूरा किया जा सकता है। यह ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया को सहज और सरल बनाता है, जिससे उपयोगकर्ता बिना किसी परेशानी के कार्ड के लाभ उठा सकते हैं। जीरो ज्वाइनिंग फीस (पहला साल)ऑनलाइन खर्च पर 5% रिवॉर्डफोनपे इकोसिस्टम में 10% रिवॉर्ड (रिचार्ज, बिल आदि)ऑफलाइन स्कैन-एंड-पे पर 1% रिवॉर्डयात्रा लाभ: घरेलू लाउंज चार बार फ्री, अंतरराष्ट्रीय लाउंज प्रायोरिटी पास दो सालरिवॉर्ड पॉइंट्स क्रेडिट बिल में सीधे भुनाए जा सकते हैंपूरी प्रक्रिया डिजिटल और आसान यह कार्ड डिजिटल खर्च, यात्रा और नियमित बिल भुगतान पर अधिकतम लाभ देने वाला एक आकर्षक विकल्प साबित होता है।

वैशाख माह का रहस्य: इन देवताओं की आराधना से खुलेंगे सफलता के द्वार

नई दिल्ली । सनातन धर्म में वैशाख माह को अत्यंत पवित्र और फलदायी माना गया है इस महीने में किए गए व्रत दान और पूजा का फल कई गुना अधिक मिलता है मान्यता है कि इस दौरान सच्चे मन और निस्वार्थ भावना से की गई आराधना व्यक्ति के जीवन की दिशा बदल सकती है और किस्मत के बंद दरवाजे खोल सकती है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इस माह में सबसे पहले भगवान विष्णु की पूजा का विशेष महत्व है इन्हें जगत के पालनहार माना जाता है वैशाख में एकादशी अक्षय तृतीया और पूर्णिमा जैसे विशेष दिनों पर विष्णु पूजा करने से पापों का नाश होता है और जीवन में सुख समृद्धि आती है। इसके साथ ही हनुमान जी की पूजा भी इस माह में अत्यंत शुभ मानी जाती है मान्यता है कि हनुमान जी की आराधना करने से नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है और व्यक्ति को साहस शक्ति और सफलता प्राप्त होती है मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ विशेष फलदायी माना गया है। वैशाख माह में भगवान शिव की पूजा भी विशेष महत्व रखती है शिवलिंग पर जलाभिषेक और बेलपत्र अर्पित करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और भक्तों के कष्टों को दूर करते हैं जो लोग मानसिक तनाव या जीवन की परेशानियों से जूझ रहे हैं उनके लिए यह पूजा अत्यंत लाभकारी मानी गई है। इसके अलावा सूर्य देव की उपासना भी इस पवित्र महीने में विशेष फलदायी होती है सुबह स्नान के बाद सूर्य को अर्घ्य देने से शरीर में ऊर्जा का संचार होता है और स्वास्थ्य बेहतर होता है साथ ही आत्मविश्वास और सम्मान में वृद्धि होती है। इस प्रकार वैशाख माह केवल पूजा का समय नहीं बल्कि आत्मशुद्धि और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने का अवसर भी है यदि श्रद्धा और निस्वार्थ भाव से इन देवताओं की आराधना की जाए तो जीवन में सुख समृद्धि और सफलता के नए द्वार खुल सकते हैं।

मकर राशि आज का राशिफल: सहयोग मिलेगा, लेकिन राजनीतिक गतिविधियों से बचें

नई दिल्ली। आज का दिन आपके वित्तीय मामलों के लिए अनुकूल है। कारोबार बढ़ाने के लिए कुछ विशेष लोगों से मदद मिल सकती है। साथ ही, अगर आपने पहले किसी को उधार पैसे दिए थे, तो उन्हें वापस मिलने की संभावना है। परिवार और मित्र:व्यक्तिगत संबंधों में संतुलन बनाए रखना जरूरी है। किसी की आलोचना या राजनीति में शामिल होने से बचें, क्योंकि इससे आपके पारिवारिक और मित्र संबंध प्रभावित हो सकते हैं। समझदारी से काम लें। रिश्ते और प्यार:प्रेम संबंधों में आज का दिन काफी शुभ है। यदि आप अपने साथी के साथ विवाह करने का मन बना रहे हैं, तो इसके लिए अनुकूल समय है। प्यार और समझदारी से रिश्ते मजबूत होंगे। स्वास्थ्य:योग और ध्यान से आप अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बना सकते हैं। छोटे-छोटे व्यायाम और ध्यान से शारीरिक समस्याओं में राहत मिलेगी। शिक्षा और नौकरी:नौकरीपेशा लोगों को आज कुछ अप्रत्याशित परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। अधिकारियों से मदद न मिलने के कारण परेशान हो सकते हैं। धैर्य और समझदारी से परिस्थितियों को संभालें। बिज़नेस / स्टॉक / प्रॉपर्टी:आज अतिरिक्त आय के अवसर मिल सकते हैं। लेकिन कारोबार में उधारी लेने और लोगों को ज्यादा पैसा उधार देने से बचें। सतर्कता से निवेश और लेन-देन करें। ज्योतिष उपाय:आज के दिन को शुभ बनाने के लिए भगवान श्री गणेश जी को दूर्वा पर हल्दी अर्पित करें। यह उपाय आपके कार्यों में सफलता और धन की वृद्धि सुनिश्चित करेगा। शुभ रंग: गुलाबी – यह रंग आपके व्यक्तित्व और किस्मत में निखार लाएगा।शुभ अंक: 9 – इस अंक के साथ दिन आपके लिए भाग्यशाली रहेगा।

अदरक और सेंधा नमक से बने तेल से कान के दर्द में राहत, जानें इस्तेमाल से पहले की सावधानी

नई दिल्ली। आज के समय में कान का दर्द आम समस्या बन गई है। लंबे समय तक हेडफोन या ईयरबड्स का इस्तेमाल कानों को नुकसान पहुंचा सकता है। सुनने के लिए इस्तेमाल होने वाले ये उपकरण केवल सुनने की क्षमता को प्रभावित नहीं करते, बल्कि कानों में जकड़न, सूखापन और दर्द भी बढ़ाते हैं। आयुर्वेद के अनुसार, कान दर्द का मुख्य कारण वात दोष का असंतुलन होता है। हल्के और शुरुआती दर्द में राहत पाने के लिए अदरक और सेंधा नमक से बना तेल प्रभावी माना जाता है। तेल बनाने की विधिसामग्री:अदरक का रस – 1 छोटी चम्मचसेंधा नमक – 1 चुटकीनींबू – 2 बूंदसरसों का तेल – 2 बड़े चम्मचविधि:सभी सामग्री को सरसों के तेल में मिलाकर हल्का गर्म करें।अच्छे से पक जाने पर तेल को छानकर अलग कर लें।ठंडा होने पर प्रभावित कान में 2-3 बूंद डालें। इस तेल में अदरक को दर्द निवारक और वात शांत करने वाला माना जाता है। सेंधा नमक भी दर्द को कम करने और वात को संतुलित करने में मदद करता है। इस्तेमाल करने से पहले सावधानियांकान को अच्छी तरह से साफ कर लें। गंदगी होने पर संक्रमण और दर्द बढ़ सकता है।यदि कान में घाव या बहाव है, तो इस तेल का इस्तेमाल न करें। ऐसे मामलों में चिकित्सक की सलाह लें।नहाते समय ध्यान दें कि साबुन या पानी कान में न जाए, क्योंकि इससे शुष्कता बढ़ती है और संक्रमण का खतरा रहता है। हर दो दिन में कान की सफाई करें, ताकि तेल और गंदगी का मिश्रण संक्रमण न पैदा करे। आयुर्वेदिक लाभअदरक की गर्म तासीर और वात शांत करने वाले गुण दर्द को कम करते हैं।सेंधा नमक सूजन और जकड़न को दूर करने में मदद करता है।नियमित इस्तेमाल से कान में हल्कापन और आराम मिलता है। अदरक और सेंधा नमक से बना यह तेल हल्के कान दर्द और जकड़न में राहत देता है। इसे इस्तेमाल करने से पहले कान की सफाई और किसी घाव की स्थिति जांचना जरूरी है। नहाते समय पानी के कान में जाने से बचें और आवश्यकता पड़ने पर चिकित्सक से सलाह लें। यह प्राकृतिक और सरल उपाय वात दोष को संतुलित करके कान दर्द कम करने में मदद करता है।

शिव भक्तों के लिए खास दिन: 15 अप्रैल को रखें मासिक शिवरात्रि व्रत

नई दिल्ली । वैशाख माह में आने वाली मासिक शिवरात्रि का विशेष धार्मिक महत्व होता है यह दिन भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना के लिए समर्पित माना जाता है मान्यता है कि इस दिन विधि विधान से व्रत और पूजा करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख समृद्धि आती है । सनातन परंपरा के अनुसार मासिक शिवरात्रि हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को आती है वर्ष 2026 में वैशाख माह की मासिक शिवरात्रि 15 अप्रैल को रखी जाएगी पंचांग के अनुसार चतुर्दशी तिथि का आरंभ 15 अप्रैल को रात 10 बजकर 31 मिनट पर होगा और इसका समापन 16 अप्रैल को रात 8 बजकर 11 मिनट पर होगा इसलिए व्रत और पूजा 15 अप्रैल को ही की जाएगी। इस दिन का सबसे महत्वपूर्ण पूजा समय निशिता काल माना जाता है जो रात्रि 12 बजकर 15 मिनट से 1 बजकर 1 मिनट तक रहेगा इसी समय भगवान शिव की आराधना विशेष फलदायी मानी जाती है इसके अलावा ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 50 मिनट से 5 बजकर 36 मिनट तक और अमृत काल सुबह 7 बजकर 37 मिनट से रात 9 बजकर 10 मिनट तक रहेगा। मासिक शिवरात्रि का आध्यात्मिक महत्व भी बहुत गहरा है यह व्रत आत्मशुद्धि मानसिक शांति और जीवन की समस्याओं के समाधान के लिए रखा जाता है विशेष रूप से विवाह में आ रही बाधाओं और कष्टों को दूर करने के लिए इसे अत्यंत प्रभावी माना गया है। पूजा विधि के अनुसार श्रद्धालुओं को सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करना चाहिए और स्वच्छ वस्त्र धारण कर व्रत का संकल्प लेना चाहिए इसके बाद शिवलिंग का जल और पंचामृत से अभिषेक किया जाता है भगवान शिव को बेलपत्र धतूरा भांग शमी पत्र सफेद चंदन और फूल अर्पित किए जाते हैं वहीं माता पार्वती को सुहाग सामग्री और लाल वस्त्र चढ़ाए जाते हैं। इस दिन “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जप और शिव गायत्री मंत्र का उच्चारण अत्यंत शुभ माना जाता है साथ ही शिवरात्रि व्रत कथा का श्रवण या पाठ भी किया जाता है रात्रि के निशिता काल में विशेष पूजा करने के बाद अगले दिन व्रत का पारण किया जाता है।  इस प्रकार वैशाख मासिक शिवरात्रि भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है जो भक्तों के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है।

किसानों के समर्थन में कांग्रेस का प्रदेशव्यापी आंदोलन 9 अप्रैल को, कलेक्टर कार्यालयों का करेगी घेराव

भोपाल। मध्य प्रदेश में किसानों की समस्याओं को लेकर प्रदेश कांग्रेस ने बड़ा आंदोलन करने का ऐलान किया है। प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के आह्वान पर 9 अप्रैल को सभी जिला मुख्यालयों पर कलेक्टर कार्यालयों का घेराव किया जाएगा। प्रदेश किसान कांग्रेस अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह चौहान ने भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार ने किसानों को बिचौलियों के भरोसे छोड़कर उनके साथ “क्रूर विश्वासघात” किया है। गेहूं खरीदी और बोनस पर आरोप कांग्रेस का दावा है कि विधानसभा चुनाव के दौरान किसानों को गेहूं खरीदी के लिए 2,700 रुपये प्रति क्विंटल देने का वादा किया गया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद केवल 40 रुपये बोनस दिया गया। पड़ोसी राज्य राजस्थान में किसानों को अधिक बोनस मिलने का उदाहरण देते हुए कांग्रेस ने मध्य प्रदेश सरकार की आलोचना की। खरीदी में देरी और बारदाने की कमी पर सवाल सरकार द्वारा खरीदी की तारीखें तीन बार बढ़ाने पर कांग्रेस ने सवाल उठाए। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और नर्मदापुरम में 10 अप्रैल तथा अन्य संभागों में 15 अप्रैल से खरीदी शुरू करने के निर्णय पर भी आलोचना की गई। कांग्रेस ने बारदाने (जूट बैग) की कमी पर भी सरकार को जिम्मेदार ठहराया। जरूरत 10 करोड़ बारदानों की थी, जबकि समय पर केवल 2.60 करोड़ के लिए आवेदन किया गया। ओलावृष्टि प्रभावित किसानों के लिए मुआवजे की मांग 1 अप्रैल को हुई ओलावृष्टि से सीहोर, विदिशा समेत 17 जिलों में फसलें बर्बाद हुई हैं। कांग्रेस ने मांग की कि प्रभावित किसानों को प्रति हेक्टेयर 50,000 रुपये मुआवजा दिया जाए। कांग्रेस की प्रमुख मांगें:- – ओलावृष्टि प्रभावित किसानों को 50,000 रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजा– गेहूं की खरीदी तुरंत शुरू कर 2,700 रुपये प्रति क्विंटल का वादा पूरा किया जाए– खरीदी में देरी से डिफॉल्टर हुए किसानों का दंडात्मक ब्याज माफ किया जाए आंदोलन की चेतावनी कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि खरीदी और बारदाने की व्यवस्था तुरंत नहीं हुई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। साथ ही केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के भोपाल स्थित निवास के सामने उपवास की भी योजना है।

ओलावृष्टि से तबाह फसलें: बैतूल में किसानों को पूरा मुआवजा, सर्वे तेज करने के निर्देश

बैतूल । बैतूल जिले के मुलताई क्षेत्र में हाल ही में हुई ओलावृष्टि से किसानों की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं जिसके बाद प्रशासन ने राहत और सहायता के लिए तेजी से कदम उठाने शुरू कर दिए हैं संभागायुक्त कृष्ण गोपाल तिवारी ने प्रभावित गांवों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि सर्वे कार्य में तेजी लाई जाए ताकि हर प्रभावित किसान को समय पर सहायता मिल सके संभागायुक्त ने ग्राम सेमझिरा, जमबाड़ी और धारणी का दौरा किया जहां उन्होंने गेहूं, गोभी, चना और टमाटर सहित विभिन्न फसलों की स्थिति का निरीक्षण किया खेतों में खड़ी और कटी फसल दोनों ही ओलावृष्टि की मार से प्रभावित नजर आई जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है दौरे के दौरान संभागायुक्त ने किसानों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं किसानों ने बताया कि अचानक हुई ओलावृष्टि ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया और फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई ऐसे में उन्हें तत्काल राहत की आवश्यकता है संभागायुक्त ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सर्वे कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाए और इसमें किसी भी प्रभावित किसान को नजरअंदाज न किया जाए उन्होंने कहा कि सर्वे रिपोर्ट के आधार पर शासन द्वारा राहत राशि उपलब्ध कराई जाएगी और किसानों को हर संभव सहायता दी जाएगी प्रशासन द्वारा राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीमों को गांवों में भेजा गया है जो फसल नुकसान का आंकलन कर रही हैं अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे समय सीमा में सर्वे पूरा करें और रिपोर्ट प्रस्तुत करें ताकि राहत वितरण में देरी न हो संभागायुक्त ने यह भी कहा कि प्राकृतिक आपदा के समय सरकार किसानों के साथ खड़ी है और उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि उनकी मेहनत बेकार नहीं जाएगी और शासन की योजनाओं के माध्यम से उन्हें राहत प्रदान की जाएगी इस पहल से प्रभावित किसानों को उम्मीद जगी है कि उन्हें जल्द ही आर्थिक सहायता मिलेगी और वे आगामी फसल के लिए फिर से तैयारी कर सकेंगे प्रशासन का यह सक्रिय रुख किसानों के लिए राहत भरा साबित हो रहा है

अक्षय तृतीया से पहले सख्ती: बाल विवाह रोकने सभी जिलों में कंट्रोल रूम और उड़न दस्ते तैनात

भोपाल । भोपाल में महिला एवं बाल विकास विभाग ने अक्षय तृतीया के अवसर पर होने वाले संभावित बाल विवाहों को रोकने के लिए व्यापक तैयारी शुरू कर दी है सचिव श्रीमती जी वी रश्मि ने सभी कलेक्टरों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि प्रदेश के हर जिले में कंट्रोल रूम और उड़न दस्तों का गठन किया जाए ताकि किसी भी बाल विवाह की सूचना पर तुरंत कार्रवाई की जा सके राज्य में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत लगातार प्रयास किए जा रहे हैं जिससे बाल विवाह की घटनाओं को पूरी तरह समाप्त किया जा सके राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण NFHS-5 के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में इस दिशा में सुधार हुआ है लेकिन कुछ जिलों में अभी भी यह समस्या बनी हुई है इस वर्ष अक्षय तृतीया 20 अप्रैल 2026 को है और इस दिन बड़ी संख्या में सामूहिक विवाह कार्यक्रम आयोजित होते हैं ऐसे आयोजनों में बाल विवाह होने की आशंका को देखते हुए प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं निर्देशों के अनुसार स्कूल और कॉलेजों में विद्यार्थियों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में जागरूक किया जाएगा वहीं पंचायत और वार्ड स्तर पर जनप्रतिनिधियों द्वारा शपथ ली जाएगी कि उनके क्षेत्र में बाल विवाह नहीं होने दिया जाएगा गांवों में स्व सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा बैठकें आयोजित कर परिवारों को जागरूक किया जाएगा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता आशा कार्यकर्ता और पंचायत सचिव मिलकर 18 वर्ष से कम उम्र की किशोरियों की सूची तैयार करेंगे और ऐसे परिवारों पर विशेष नजर रखी जाएगी जहां बाल विवाह की आशंका है बाल विवाह रोकने के लिए हेल्पलाइन नंबर 181, 1098 और 112 का व्यापक प्रचार किया जाएगा ताकि लोग किसी भी संदिग्ध विवाह की जानकारी तुरंत प्रशासन को दे सकें इसके अलावा बाल विवाह मुक्त भारत पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध रहेगी प्रत्येक गांव और वार्ड में सूचना दल बनाए जाएंगे जिनमें शिक्षक एएनएम आशा कार्यकर्ता आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और पंचायत प्रतिनिधि शामिल होंगे ये दल स्थानीय स्तर पर निगरानी रखेंगे और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे सचिव ने मीडिया सोशल मीडिया और व्हाट्सएप समूहों के माध्यम से भी जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए हैं ताकि समाज में सही उम्र में विवाह के महत्व को समझाया जा सके और कम उम्र में विवाह के दुष्परिणामों के प्रति लोगों को सचेत किया जा सके यह अभियान न केवल कानून के पालन को सुनिश्चित करेगा बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा जिससे बालिकाओं के स्वास्थ्य शिक्षा और भविष्य को सुरक्षित किया जा सकेगा