हथेली में छिपा, हर्षल पर्वत सफलता विज्ञान और भाग्य का अद्भुत संकेत

नई दिल्ली । हस्तरेखा शास्त्र में हथेली के विभिन्न पर्वतों का विशेष महत्व माना जाता है और इन्हीं में से एक है हर्षल पर्वत जो अपनी अनोखी स्थिति और प्रभाव के कारण काफी रहस्यमयी माना जाता है यह पर्वत हथेली में हृदय रेखा और मस्तिष्क रेखा के बीच स्थित होता है और इसका स्थान कनिष्ठा उंगली के नीचे तथा बुध पर्वत के ठीक नीचे माना जाता है इस पर्वत का संबंध मस्तिष्क और हृदय दोनों से जोड़ा जाता है इसलिए यह व्यक्ति की सोच भावनाओं और जीवन के महत्वपूर्ण निर्णयों पर गहरा प्रभाव डालता है हर्षल पर्वत को अन्य पर्वतों की तुलना में अधिक शक्तिशाली माना गया है कहा जाता है कि जिन लोगों की हथेली पर यह पर्वत संतुलित और स्पष्ट रूप से उभरा हुआ होता है वे जीवन में बड़े और असाधारण कार्य करने की क्षमता रखते हैं ऐसे व्यक्ति अक्सर विज्ञान गणित या रिसर्च जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ते हैं और अपनी मेहनत के दम पर विशेष पहचान बनाते हैं इनकी सोच सामान्य लोगों से अलग होती है और ये नई खोज या नए विचारों के प्रति आकर्षित रहते हैं यदि इस पर्वत पर त्रिकोण या चतुर्भुज जैसे शुभ चिह्न दिखाई देते हैं तो इसे अत्यंत शुभ संकेत माना जाता है ऐसे जातक जीवन में तेजी से उन्नति करते हैं और उन्हें अचानक सफलता मिलने की संभावना रहती है ये लोग अपने कार्यक्षेत्र में विश्वस्तरीय पहचान बना सकते हैं और सम्मान प्राप्त करते हैं इनके जीवन में अवसर तेजी से आते हैं और ये उनका सही उपयोग करने में सक्षम होते हैं वहीं यदि हर्षल पर्वत का उभार कम होता है तो इसका अर्थ यह नहीं कि व्यक्ति असफल होगा बल्कि ऐसे लोग तकनीकी और मशीनरी से जुड़े कार्यों में अधिक रुचि रखते हैं ये व्यावहारिक सोच वाले होते हैं और अपने करियर में स्थिरता को प्राथमिकता देते हैं ये लोग मेहनती होते हैं और धीरे धीरे सफलता प्राप्त करते हैं हर्षल पर्वत से जुड़ी कुछ विशेष स्थितियां भी व्यक्ति के जीवन पर असर डालती हैं जैसे यदि इस पर्वत से कोई रेखा निकलकर अनामिका उंगली की ओर जाती है तो यह संकेत देता है कि व्यक्ति अपने प्रयासों से ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है और समाज में प्रसिद्धि प्राप्त कर सकता है यह एक सकारात्मक संकेत माना जाता है इसके विपरीत यदि हर्षल पर्वत का झुकाव बुध पर्वत की ओर होता है तो यह स्थिति थोड़ी चुनौतीपूर्ण मानी जाती है ऐसे लोगों को सम्मान और सफलता पाने के लिए अधिक संघर्ष करना पड़ता है उन्हें अपने लक्ष्य तक पहुंचने में अतिरिक्त प्रयास करने पड़ते हैं यदि यह पर्वत नेपच्यून की दिशा में झुका हुआ हो तो जीवन में उतार चढ़ाव बने रह सकते हैं विशेष रूप से वैवाहिक जीवन में संतुलन बनाए रखने के लिए प्रयास करना पड़ता है साथ ही ऐसे लोगों को अपने हृदय स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जाती है इस प्रकार हर्षल पर्वत केवल एक सामान्य रेखा या उभार नहीं बल्कि व्यक्ति के व्यक्तित्व उसकी सोच और उसके भविष्य की दिशा का महत्वपूर्ण संकेतक है इसे समझकर जीवन के कई पहलुओं को बेहतर तरीके से जाना जा सकता है
सुबह उठते ही ज्यादा पानी पीना पड़ सकता है भारी, जानिए सही तरीका

नई दिल्ली। सुबह उठते ही खूब सारा पानी पीना आजकल एक ट्रेंड बन गया है। कोई तांबे के बर्तन का पानी पीने की सलाह देता है, तो कोई खाली पेट 1 लीटर पानी पीने को फायदेमंद बताता है। लेकिन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह आदत हर किसी के लिए सही नहीं होती और कुछ मामलों में सेहत पर उल्टा असर भी डाल सकती है। ज्यादा पानी पीने से पाचन पर असरसुबह के समय शरीर की पाचन क्रिया धीरे-धीरे सक्रिय होती है। ऐसे में अगर आप एकदम से बहुत ज्यादा पानी पी लेते हैं, तो पाचन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इससे खाना ठीक से पच नहीं पाता और पेट में गैस, भारीपन या कब्ज जैसी समस्याएं हो सकती हैं। भूख कम लगने की समस्याखाली पेट अधिक मात्रा में पानी पीने से पेट भरा हुआ महसूस होता है, जिससे भूख कम लगती है। इसका असर आपकी डाइट और पोषण पर पड़ सकता है, क्योंकि शरीर को जरूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते। पेट दर्द और असहजताकई लोगों को सुबह ज्यादा पानी पीने के बाद पेट दर्द या असहजता महसूस होती है। यह शरीर पर अचानक पड़े अतिरिक्त दबाव के कारण हो सकता है। क्या है सही तरीका?विशेषज्ञों के अनुसार, पानी पीने का सही तरीका यह है: सुबह उठकर थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पानी पिएंएक बार में 1 लीटर पानी पीने से बचेंगुनगुना पानी बेहतर माना जाता हैजब प्यास लगे, तभी पानी पिएंकैसे पिएं पानी?हमेशा बैठकर और धीरे-धीरे (घूंट-घूंट) पानी पिएंखड़े होकर पानी पीने से बचेंपूरे दिन में पानी की मात्रा धीरे-धीरे बढ़ाएंमौसम के अनुसार बदलें आदतगर्मियों में शरीर को ज्यादा पानी की जरूरत होती है, इसलिए मात्रा बढ़ाई जा सकती हैसर्दियों में हल्का गुनगुना पानी पर्याप्त होता हैआयुर्वेद क्या कहता है? Ayurveda के अनुसार, हर व्यक्ति की प्रकृति अलग होती है, इसलिए पानी पीने का तरीका भी उसी के अनुसार होना चाहिए। जरूरत से ज्यादा पानी पीना शरीर में असंतुलन पैदा कर सकता है। क्यों जरूरी है संतुलन?पानी शरीर के लिए बेहद जरूरी है, लेकिन सही मात्रा और सही समय पर। जरूरत से ज्यादा पानी पीना उतना ही नुकसानदायक हो सकता है जितना कम पानी पीना।
27 साल पुराने FD घोटाले में कांग्रेस विधायक दोषी, 3 साल की सजा, जमानत मिली, विधायकी पर संकट

दतिया । मध्य प्रदेश के दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को 27 साल पुराने एफडी हेराफेरी मामले में कोर्ट ने दोषी करार दिया है। गुरुवार को एमपी-एमएलए कोर्ट ने उन्हें 3 साल की सजा सुनाई, हालांकि सजा के तुरंत बाद उन्हें जमानत भी दे दी गई। कोर्ट ने उन्हें आपराधिक साजिश (धारा 120B) और धोखाधड़ी व जालसाजी (धारा 420, 467, 468, 471) के तहत दोषी पाया। इस मामले में बैंक लिपिक रघुवीर प्रजापति को भी दोषी ठहराया गया है।फर्जी दस्तावेजों से निकाला गया ब्याज मामले की शुरुआत 1998 में हुई, जब श्याम सुंदर संस्थान की अध्यक्ष सावित्री श्याम ने दतिया सहकारी ग्रामीण विकास बैंक में 10 लाख रुपए की एफडी कराई थी। उस समय राजेंद्र भारती बैंक के संचालक मंडल के अध्यक्ष और संस्थान के ट्रस्टी भी थे। आरोप है कि उन्होंने बैंक लिपिक के साथ मिलकर रिकॉर्ड में हेरफेर कर एफडी की अवधि 3 साल से बढ़ाकर 15 साल कर दी। इसके बाद 1999 से 2011 के बीच 13.5% ब्याज दर से हर साल 1.35 लाख रुपए निकाले गए।2011 में सामने आया मामला साल 2011 में भाजपा नेता पप्पू पुजारी के बैंक अध्यक्ष बनने के बाद इस मामले का खुलासा हुआ। जांच में ऑडिट आपत्ति दर्ज की गई, जिसके चलते 2012 में एफडी भुगतान रोक दिया गया। भुगतान न मिलने पर मामला उपभोक्ता फोरम से होते हुए सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, लेकिन वहां से भी कोई राहत नहीं मिली। इसके बाद 2015 में तत्कालीन कलेक्टर ने आपराधिक मामला दर्ज कराने की पहल की।विधायकी पर खतरा, हाईकोर्ट से राहत की उम्मीद कानूनी प्रावधानों के अनुसार, 2 साल या उससे अधिक की सजा होने पर जनप्रतिनिधि की सदस्यता समाप्त हो सकती है। ऐसे में 3 साल की सजा के चलते राजेंद्र भारती की विधायकी पर खतरा मंडरा रहा है। हालांकि, उन्हें अपील के लिए 60 दिन का समय मिलेगा। यदि हाईकोर्ट से सजा पर स्थगन मिल जाता है, तो उनकी सदस्यता बच सकती है।राजनीतिक हलचल तेज, उपचुनाव की संभावना विधायक के बेटे अनुज भारती के अनुसार, उनके पिता को जेल भेज दिया गया है और वे इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे। इधर, फैसले के बाद क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। यदि सजा बरकरार रहती है और सीट खाली होती है, तो यहां उपचुनाव कराए जाने की संभावना है।
इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने लॉन्च की नई वेबसाइट, अब 'कर फ्रेंड' के साथ टैक्स भरना होगा आसान

नई दिल्ली आयकर विभाग ने गुरुवार को नई वेबसाइट लॉन्च की। इस वेबसाइट को प्रतीकात्मक ‘कर मित्र’ के साथ लॉन्च किया गया है। इससे पहले टैक्स भरना सबसे आसान होगा। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से सोशल प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा गया कि नई इनकम टैक्स वेबसाइट शुरू हो गई है। यह धोने में आसान और उपयोग में तेज़ है। इसमें आयकर से जुड़ी सारी जानकारी एक ही स्थान पर मौजूद है। पोस्ट में आगे बताया गया है कि इसमें ‘कर फ्रेंड’ दिया गया है जो डायरेक्ट टैक्स डिक्लेरेशन की आपकी यात्रा को आसान बना देगा। इस पोस्ट के साथ इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने एक वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें बताया गया है कि नई इनकम टैक्स वेबसाइट लॉन्च की गई है। इसमें अधिक जानकारी दर्शन वाले डिज़ाइन और स्मार्ट नेविगेशन से उपभोक्ता आसानी से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। विभाग ने सुझाव दिया है कि वेबसाइट को समावेशी और उपभोक्ता मित्रतापूर्वक बनाया और इस्तेमाल किया जा सकता है, मोबाइल और टैबलेट से जोड़ा जा सकता है। इनकम टैक्स ने बताया कि वेबसाइट पर कर कानून और नियम, कर की जानकारी और व्यवसायिक और टैक्स ई-सर्विसेज के रूप में यूनीफॉर्म टैक्स टैग दिए गए हैं। जहां से पर्यटक को सारी जानकारी एक ही जगह पर मिलेगी। इसमें एफएक्यू, इंटरनेशनल टैक्सेशन, टैक्स कैलेंडर और सरकरोल एविएशन नोटिफिकेशन और इनकम टैक्स प्रावधान जैसे दिशानिर्देश भी दिए गए हैं। इसके अलावा, इमसें मेकर आर्टिस्ट ‘कर फ्रेंड’ भी दिया गया है, इससे करदाता टैक्स से अपना कोई भी प्रश्न हिंदी या अंग्रेजी में प्रश्नकर तत्काल समाधान जान सकते हैं। पिछले महीने सेंट्रल कर बोर्ड के अध्यक्ष रवि अग्रवाल ने एक इवेंट में ‘कर फ्रेंड’ का ज़िक्र किया था। उन्होंने कहा, “यह धर्मशाला-सक्षम चैटबॉट विभाग की वेबसाइट के माध्यम से करदाताओं को चौबीस घंटे की सहायता प्रदान करेगा।”
नर्मदा घाट पर पानी में डूबा युवक, खोज अभियान जारी

नरसिंहपुर । मध्यप्रदेश के नरसिंहपुर जिले के साईंखेड़ा थाना क्षेत्र में स्थित पीपरपानी नर्मदा घाट पर आज सुबह एक युवक डूबने की घटना सामने आई। जानकारी के अनुसार युवक रमेश दलित निवासी छेना कछार गांव चीचली ब्लॉक अपने परिवार के साथ अपने रिश्तेदार के घर आया हुआ था। नहाने के दौरान वह अचानक गहरे पानी में चला गया और डूब गया। घटना के तुरंत बाद परिवार के सदस्यों और स्थानीय लोगों ने युवक को बचाने का प्रयास किया लेकिन गहराई और बहाव के कारण वह पानी में दिखाई नहीं दिया। घटना के बाद से ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन द्वारा युवक की तलाश जारी है। मौके पर पीएससी और स्थानीय पुलिस के साथ-साथ कुछ स्वयंसेवी लोग भी मदद कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नर्मदा नदी का यह हिस्सा बारिश और पानी के बहाव के कारण खतरनाक माना जाता है। घाट पर सुरक्षा इंतजाम पर्याप्त नहीं होने के कारण ऐसे हादसे अक्सर होते रहते हैं। पुलिस ने परिवार को शांति बनाए रखने और घटनास्थल पर सहयोग करने की सलाह दी है। पुलिस ने बताया कि तलाश अभियान रात और दिन दोनों समय जारी रहेगा। डुबे हुए युवक को निकालने के लिए गोताखोरों और स्थानीय प्रशासन की टीम लगाए गए हैं। नदी के आसपास के इलाके में निगरानी बढ़ा दी गई है ताकि कोई और दुर्घटना न हो। स्थानीय प्रशासन ने अपील की है कि लोग नदी के गहरे हिस्सों में न जाएं और बच्चों या युवाओं को अकेले न जाने दें। साथ ही उन्होंने नहाने के लिए सुरक्षित घाटों का ही उपयोग करने की चेतावनी दी है। परिवार ने बताया कि रमेश दलित अपने रिश्तेदार के घर आया हुआ था और वे सब नर्मदा घाट पर नहाने आए थे। वह अचानक गहरे पानी में चला गया और उसके डूबने के बाद से उसे खोजा जा रहा है। परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और सभी सदस्यों ने प्रशासन से पूरी मदद की अपील की है। घटना ने स्थानीय लोगों में सुरक्षा के प्रति गंभीर चिंता पैदा कर दी है। प्रशासन और पुलिस ने कहा है कि नदी और घाट पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए जल्द ही कुछ उपाय किए जाएंगे ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। इस बीच डूबे युवक की तलाश जारी है और गोताखोर एवं पुलिस टीम सभी प्रयास कर रही है कि रमेश दलित को सुरक्षित निकाला जा सके। यह हादसा नर्मदा घाटों पर सुरक्षा के अभाव और नदी के खतरनाक बहाव को लेकर एक चेतावनी भी है।
सेंसेक्स में जोरदार रिकवरी: निचले स्तर से 1800 अंक उछलकर बंद, IT सेक्टर चमका

नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार के लिए गुरुवार का सत्र उतार-चढ़ाव से भरा रहा, लेकिन अंत में बाजार ने शानदार रिकवरी दिखाते हुए हरे निशान में क्लोजिंग दी। शुरुआती गिरावट के बाद निवेशकों की खरीदारी से बाजार में जबरदस्त रिटर्न देखने को मिली। इंटर-डे में बड़ी रिकवरीकारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स 71,545 के निचले स्तर से करीब 1,774 अंक उछल गया। दिन के अंत में सेंसेक्स 185.23 अंक (0.25%) की बढ़त के साथ 73,319.55 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 50 ने भी 22,182 के लो से 531 अंकों की रिकवरी करते हुए 33.70 अंक (0.15%) की तेजी के साथ 22,713.10 पर क्लोजिंग दी। आईटी सेक्टर बना बाजार का हीरोआज के कारोबार में निफ्टी आईटी सबसे बड़ा जेनरेटर रहा, जो 2.60% की तेजी के साथ बंद हुआ। इसके अलावा: निफ्टी रियल्टी: +1.07%निफ्टी सर्विसेज़: +0.54%निफ्टी मेटल: +0.39%निफ्टी प्राइवेट बैंक: +0.39%निफ्टी FMCG: +0.21% IT कंपनियों में खरीदारी ने बाजार को बढ़त देने में अहम भूमिका निभाई। इन सेक्टर्स में रही गिरावटदूसरी ओर कुछ सेक्टर्स दबाव में रहे: निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स: -0.93%निफ्टी फार्मा: -0.92%निफ्टी हेल्थकेयर: -0.86%निफ्टी ऑयल एंड गैस: -0.79%निफ्टी ऑटो: -0.62%निफ्टी इंफ्रा: -0.45%सेंसेक्स के टॉप जेनर्स और लूजर्स तेजी वाले सर्वे में Infosys, TCS, HCLTech, Tech Mahindra, HDFC Bank और ICICI Bank शामिल रहे। वहीं गिरावट वाले रिकवरी में Sun Pharma, NTPC, Power Grid Corporation of India और Tata Steel प्रमुख रहे। मिडकैप और स्मॉलकैप में कमजोरीलार्जकैप के मुकाबले मिडकैप और स्मॉलकैप रिकवरी में कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100: 0.26% गिरकर 53,677.05निफ्टी स्मॉलकैप 100: 0.38% गिरकर 15,650.50क्यों आई बाजार में यह रिकवरी? विश्लेषकों के अनुसार, डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर संभावित हमले वाले बयान से शुरुआती कारोबार में बाजार दबाव में था। लेकिन बाद में वैल्यू बाइंग और रुपये में बढ़ोतरी से बाजार में सुधार आया। रुपये ने भी मजबूत प्रदर्शन करते हुए बाजार को सहारा दिया, जिससे निवेशकों का भरोसा लौटा। क्यों अहम है यह ट्रेंडआज की रिकवरी यह दर्शाती है कि बाजार में अभी भी निवेशकों का भरोसा बना हुआ है और गिरावट में खरीदारी का रुख जारी है।
राजगढ़: अतिक्रमण विवाद में BJP नेता पर जानलेवा हमला, कुल्हाड़ी-लाठियों से पीटा, मंत्री टेटवाल पर लगे आरोप

राजगढ़ । मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के सारंगपुर क्षेत्र में गुरुवार सुबह भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष जितेंद्र मालवीय उर्फ हाथिया पर जानलेवा हमला कर दिया गया। करीब 7:30 बजे हुए इस हमले में दो लोगों ने उन पर कुल्हाड़ी और डंडों से वार किए, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई। घायल नेता, जो सुल्तानिया गांव के सरपंच भी हैं, घटना के बाद गंभीर हालत में पचोर थाने पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि यह हमला गौतम टेटवाल के इशारे पर कराया गया। अतिक्रमण विवाद बना हमले की वजह बताया जा रहा है कि सुल्तानिया पंचायत में दो दिन पहले अतिक्रमण हटाने को लेकर विवाद हुआ था। इसी के बाद यह हिंसक घटना सामने आई। वहीं दूसरे पक्ष का कहना है कि सरपंच ने उन पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश की, जिसके बाद विवाद बढ़ा। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर क्रॉस एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।सरपंच ने लगाए गंभीर आरोप जितेंद्र मालवीय ने आरोप लगाया कि मंत्री गौतम टेटवाल ने जाति बदलकर चुनाव लड़ा, जिसकी शिकायत उन्होंने निर्वाचन आयोग और हाईकोर्ट में की है। उन्होंने यह भी दावा किया कि मंत्री ने मामला वापस लेने के लिए 70 से 80 लाख रुपए देने का प्रस्ताव दिया था। सरपंच के अनुसार, वे सुबह ट्रैक्टर से कचरा फेंकने गए थे, तभी कैलाश नागर और दुर्गाप्रसाद नागर ने उन पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया और अन्य लोगों ने भी मारपीट की। मंत्री ने आरोपों को बताया बेबुनियाद वहीं गौतम टेटवाल ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनका इस घटना से कोई संबंध नहीं है। उनके मुताबिक, यह आपसी विवाद है और पब्लिसिटी के लिए उन पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। दूसरे पक्ष ने भी लगाए आरोप दूसरे पक्ष के कैलाश नागर और दुर्गाप्रसाद भी घायल हुए हैं। उनका कहना है कि वे खेत पर काम कर रहे थे, तभी सरपंच ने ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश की। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग आए और उनके साथ मारपीट की।पुलिस जांच में जुटी थाना प्रभारी शकुंतला बामनिया के अनुसार, सरपंच की हालत गंभीर है। उनके बयान के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मारपीट और जानलेवा हमले का मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। बताया गया कि 30 मार्च को पचोर तहसीलदार की मौजूदगी में सात पटवारियों की टीम ने अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की थी। यह कार्रवाई सरपंच के आवेदन पर की गई थी, जिससे आरोपी पक्ष नाराज था।
लॉरेंस गैंग के सदस्य राजपाल ने नागदा में किया सरेंडर, फायरिंग की साजिश कबूली, कई बड़े मामलों से जुड़ा नाम

नागदा । मध्य प्रदेश के नागदा में कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े बदमाश राजपाल ने गुरुवार को अपने गांव रत्न्यखेड़ी में आत्मसमर्पण कर दिया। सरेंडर के दौरान उसने खरगोन के एक व्यापारी के घर पर फायरिंग करवाने की बात स्वीकार की। राजपाल ने दावा किया कि जिस कारोबारी को निशाना बनाया गया, वह कथित रूप से छोटी बच्चियों पर गलत नजर रखता था और किसानों के साथ अत्याचार करता था। इसी कारण उसे सबक सिखाने के लिए यह वारदात कराई गई। उसने बताया कि पहले उसके साथियों ने हमला करने की कोशिश की, लेकिन असफल रहने पर ‘हैरी बॉक्सर’ नामक साथी के जरिए फायरिंग करवाई गई। राजपाल का नाम मोहाली स्थित पुलिस खुफिया मुख्यालय पर हुए मोहाली रॉकेट लॉन्चर हमला में भी सामने आ चुका है। सरेंडर के दौरान राजपाल ने पुलिस पर आरोप लगाया कि उसके परिवार को लगातार परेशान किया जा रहा था, जिसके चलते उसे यह कदम उठाना पड़ा। उसने यह भी कहा कि देशभर की विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां और कई राज्यों की पुलिस उससे पहले भी पूछताछ कर चुकी हैं। इससे पहले राष्ट्रीय जांच एजेंसी एनआईए ने भी राजपाल और उसके साथी योगेश भाटी को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। दोनों के नाम कई आपराधिक मामलों में सामने आ चुके हैं, जिनमें आरोपी दीपक रंगा को पनाह देने का मामला भी शामिल है। सरेंडर से पहले राजपाल ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि गलत काम करने वालों को गैंग नहीं छोड़ेगा। उसने दावा किया कि वे प्रशासन की मदद करते रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। जिस फायरिंग का जिक्र राजपाल कर रहा है, वह 16 मार्च को हुई थी। खरगोन के व्यापारी दिलीप सिंह राठौड़ के घर पर तीन नकाबपोश बदमाशों ने गोलियां चलाई थीं। यह पूरी घटना CCTV कैमरे में कैद हुई थी और बाद में इसकी जिम्मेदारी लॉरेंस गैंग ने ली थी। राठौड़ परिवार के अनुसार, घटना के समय परिवार इंदौर में था, जबकि उनके पिता को अंतरराष्ट्रीय नंबरों से कॉल कर धमकियां दी गईं। व्हाट्सएप कॉल और वॉयस नोट के जरिए 10 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी गई और सबूत के तौर पर फायरिंग का वीडियो भी भेजा गया। राजपाल रतलाम जिले के हथनारा गांव का निवासी है। करीब दस साल पहले वह भाजपा नेता रघुनाथ सिंह बब्बू के यहां ड्राइवर था। बाद में उसने एक स्कूल भी खोला, लेकिन आर्थिक तंगी के चलते 2021 में उसे बंद करना पड़ा। इसके बाद वह आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय हो गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, 2022 में वह आर्म्स एक्ट के मामले में तिहाड़ जेल में करीब सात महीने तक बंद रहा। इसी दौरान उसका संपर्क लॉरेंस बिश्नोई गैंग से हुआ। दिल्ली में नादिर शाह हत्याकांड में भी उसका नाम सामने आया था, जिसमें बाद में वह सरकारी गवाह बन गया। इसके अलावा महाराष्ट्र के नांदेड़ के व्यापारी संजय बियानी हत्याकांड में रेकी करने और मध्य प्रदेश के सेंधवा क्षेत्र से एक व्यापारी के अपहरण के मामले में भी उसका नाम जुड़ चुका है।
अमेरिका-ईरान तनाव का असर: RBI अप्रैल MPC में रेपो रेट रख सकता है स्थिर

नई दिल्ली वैश्विक भू-अप्रैल राजनीतिक तनाव के बीच भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) 2026 की स्मारक नीति समिति (MPC) की बैठक में रिजर्व बैंक रेट को 5.25% पर स्थिर रखा जा सकता है। एक ताजा रिपोर्ट में यह संभावना व्यक्त की गई है कि मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल के क्षेत्र में उथल-पुथल के चलते केंद्रीय बैंक के आवंटन में कोई बदलाव नहीं होगा। अमेरिका-ईरान तनाव का असरसंयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने ग्लोबल मार्केट को प्रभावित किया है। होर्मुज जलडमरूमध्य में भूस्खलन से कच्चे तेल की डॉलर की कीमत 100 प्रति शेयर से ऊपर पहुंच गई है। यह सीधी प्रभावकारी संरचना और आर्थिक स्थिरता पर आधारित है। क्या कहती है रिपोर्ट?बैंक ऑफ बड़ौदा की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्याज ब्याज में कटौती का दौर समाप्त हो गया है। आरबीआई अब ‘न्यूट्रल’ रुख अपनाते हुए आर्थिक स्थिति पर नजर बनाए रखेगा। जरूरत है पानी पर तेल बढ़ाने और रुपये को सहारा देने के उपाय की। पौधारोपण तो बढ़ना संभव हैरिपोर्ट में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि फसल 6% की ऊपरी सीमा को पार करती है, तो वर्ष के अंत तक रुचि में बढ़त की संभावना बन सकती है। अगली 3-4 महीनों की नीति में युद्ध का आर्थिक प्रभाव अधिक स्पष्ट होगा, जिसके बाद आरबीआई अपनी दिशा तय करेगा। कारखाने में उजाले-बिजलीइस वैश्विक संकट का असर भारतीय अभिनेता पर भी दिख रहा है। विदेशी निवेशकों (FPI) का लगातार पैसा खत्म हो रहा है, बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी हो रही है और डॉलर के ग्रुप ग्रुप में 94.83 के भारतीय रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। अचल और चालू खाते पर प्रभाव रिपोर्ट के मुताबिक, इस संकट का असर आर्थिक वृद्धि और अर्थव्यवस्था दोनों पर पड़ा। आरबीआई वित्त वर्ष 2027 के लिए अपनी जीडीपी और शेयर बाजार के अनुमान में बदलाव कर सकता है। भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार, सैद्धांतिक सिद्धांत, ने भी चेतावनी दी है कि चालू खाता घाटा (सीएडी) में और वृद्धि हो सकती है। सकल घरेलू उत्पाद की बिक्री का अनुमानरिपोर्ट के मुताबिक,वित्त वर्ष 2026 में जीडीपी वृद्धि: 7.6%वित्त वर्ष 2027 में सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि: 7% – 7.2% हालाँकि, बहुराष्ट्रीय हस्तियों के जीवित इन आंकड़ों में बदलाव संभव है। यह बैठक क्यों अहम है?एमपीसी की अप्रैल बैठक इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें कहा गया है कि आरबीआई के बीच आर्थिक दबाव का विकास और बैंकिंग के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।
हनुमान जयंती पर ग्वालियर में मंदिरों में उमड़े भक्त, रोकड़िया सरकार को लगाया 5100 लड्डुओं का भोग

ग्वालियर । ग्वालियर में हनुमान जयंती के अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिल रहा है। शहर के प्रमुख मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। श्रद्धालु भगवान हनुमान के दर्शन कर पूजा-अर्चना के माध्यम से आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। सिंधिया रियासत कालीन छतरी मैदान स्थित रोकड़िया हनुमान मंदिर में विशेष आयोजन किए जा रहे हैं। यहां तड़के 4 बजे से अभिषेक और पूजन की शुरुआत हुई, जिसके बाद भगवान को चोला चढ़ाकर भव्य श्रृंगार किया गया और मंदिर के पट खोले गए। मंदिर में सुंदरकांड पाठ जारी है और भगवान को 5100 लड्डुओं का भोग अर्पित किया गया, जिसे प्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं में वितरित किया जा रहा है। साथ ही फूल बंगला और छप्पन भोग जैसी आकर्षक व्यवस्थाएं भी की गई हैं। शहर के मंशापूर्ण हनुमान मंदिर, जो करीब 300 वर्ष पुराना माना जाता है, वहां भी सुबह से भारी भीड़ देखी जा रही है। श्रद्धालु दूर-दूर तक कतारों में लगकर बाबा के दर्शन कर रहे हैं। हनुमान जयंती पर शहर से करीब 45 किलोमीटर दूर घाटीगांव स्थित धुआं वाले हनुमान मंदिर में मेले का आयोजन किया गया है, जहां बड़ी संख्या में भक्त पहुंच रहे हैं। इसी तरह जौरासी घाटी में स्थित जौरासी हनुमान मंदिर पर भी सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। वहीं बहोड़ापुर धाम मंदिर में बुधवार से अखंड रामायण पाठ जारी है, जिसका समापन गुरुवार शाम को होगा। यहां बाबा को परंपरा के अनुसार सोने के वर्क वाला चोला अर्पित किया गया है, जिससे मंदिर में भक्ति का विशेष वातावरण बना हुआ है।