दुनिया का आखिरी तेल रूट बंद होने वाला है? हूतियों की चाल से बढ़ी ग्लोबल टेंशन

वाशिंगटन। हूती यमन के पश्चिमी तट और बाब अल-मंडेब स्ट्रेट के आसपास के पहाड़ी इलाकों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। यह स्ट्रेट 32 किलोमीटर चौड़ा है, जो लाल सागर को हिंद महासागर से जोड़ता है। यहां से एशिया और यूरोप के बीच वैश्विक समुद्री व्यापार का 10 से 12 प्रतिशत गुजरता है। अमेरिका द्वारा ईरान के खिलाफ शुरू किए गए युद्ध के महज एक महीने के बाद ही यह संघर्ष पूरे क्षेत्र में फैलता जा रहा है और अब एक नया खतरनाक रूप ले चुका है। यमन के हूती विद्रोहियों ने इजरायल पर तीसरी बार मिसाइल हमला किया है। इसके साथ ही उन्होंने ईरान और लेबनान के हिज्बुल्लाह के साथ मिलकर कतर एनर्जी के एक तेल टैंकर पर हमला बोल दिया। इस कार्रवाई के जरिए हूती समूह ने साफ संदेश दिया है कि यह युद्ध अब सीमित नहीं रहने वाला है, और आने वाले समय में इसका असर व्यापक होने वाला है। बता दें कि हूती को औपचारिक रूप से अंसार अल्लाह (ईश्वर के समर्थक) कहा जाता है, शिया इस्लाम की जैदी शाखा से जुड़े हैं। अरब स्प्रिंग के बाद से उन्होंने यमन की राजधानी सना और लाल सागर के अधिकांश तटीय इलाकों पर नियंत्रण बनाए रखा है। वे पहले भी दो बड़े अमेरिकी बमबारी अभियानों से बच निकले थे। पहला 2024 में बाइडेन प्रशासन के दौरान और दूसरा मार्च से मई 2025 के बीच डोनाल्ड ट्रंप के शासनकाल में। ट्रंप ने अंत में उनके साथ समझौता किया था और अपनी खास स्पष्ट भाषा में कहा था कि आप कह सकते हैं कि उनमें बहुत साहस है। युद्धकला में निपुण माने जाते हैं हूती कहा जाता है कि ये लड़ाके युद्धकला में निपुण माने जाते हैं। उनके पास ड्रोन, जहाज-रोधी मिसाइलें हैं और उन्होंने पहले भी वैश्विक जहाजरानी को बाधित करने का रिकॉर्ड बनाया है। 2023 के अंत से 2025 की शुरुआत तक हूतियों ने गाजा में फिलिस्तीनियों के समर्थन में लाल सागर में 100 से अधिक व्यापारिक जहाजों पर हमले किए थे। वे ईरान के ‘प्रतिरोध अक्ष’ (Axis of Resistance) का हिस्सा हैं। एक ऐसा नेटवर्क जिसमें तेहरान हथियार, धन और समन्वय उपलब्ध कराता है। जब ईरान युद्ध में कूदता है, तो यह पूरा नेटवर्क सक्रिय हो जाता है। पिछले शनिवार को ठीक कुछ ऐसा ही हुआ। हूतियों ने अपने मिसाइल हमले को ईरान और हिज्बुल्लाह के साथ संयुक्त सैन्य अभियान बताया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर लेबनान, ईरान, इराक, वेस्ट बैंक और गाजा पर हमले जारी रहे तो और भी ज्यादा हिंसा होगी। बाब अल-मंडेब स्ट्रेट के पास रखते हैं मजबूत पकड़ भौगोलिक रूप से हूती यमन के पश्चिमी तट और बाब अल-मंडेब स्ट्रेट के आसपास के पहाड़ी इलाकों पर मजबूत पकड़ रखते हैं। यह जलडमरूमध्य 26 से 32 किलोमीटर चौड़ा है, जो लाल सागर को हिंद महासागर से जोड़ता है। यहां से एशिया और यूरोप के बीच तेल, गैस, खाद्य पदार्थ, मशीनरी और कंटेनर माल समेत वैश्विक समुद्री व्यापार का 10 से 12 प्रतिशत गुजरता है। ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की स्थिति में सऊदी अरब ने पहले ही अपने कच्चे तेल को भूमिगत पाइपलाइनों से लाल सागर के यानबू बंदरगाह तक पहुंचाना शुरू कर दिया था। मार्च में बाब अल-मंडेब रूट पर यातायात में 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई थी। अब हूती इस रास्ते को भी खतरे में डाल रहे हैं। रायस्टैड एनर्जी के विश्लेषकों ने चेतावनी दी है कि युद्ध शुरू होने के बाद से ही 50 प्रतिशत बढ़कर 110 डॉलर प्रति बैरल पहुंच चुका ब्रेंट क्रूड, अगर बाब अल-मंडेब बंद हुआ तो 150 डॉलर प्रति बैरल से भी ऊपर जा सकता है। वहीं एक हूती उपमंत्री ने सीएनएन से कहा कि जलडमरूमध्य को बंद करना ‘एक व्यवहार्य विकल्प’ है। एक ईरानी अधिकारी ने भी अल जजीरा को यही संकेत दिया। पूर्व अमेरिकी राजनयिक नबील खौरी ने कहा कि हूतियों को सिर्फ कुछ जहाजों पर गोली चलानी होगी और लाल सागर का पूरा वाणिज्यिक यातायात ठप हो जाएगा। 60 फीसदी तेल मिडिल ईस्ट से आता है अगर ऐसा होता है तो एशिया इस संकट से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाला क्षेत्र है, क्योंकि यहां अपना 60 प्रतिशत तेल मध्य पूर्व से आता है। फिलीपींस ने पहले ही ऊर्जा आपातकाल घोषित कर दिया है। दक्षिण कोरिया ने नागरिकों से पानी का कम इस्तेमाल करने की अपील की है। भारत सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों पर संघीय उत्पाद शुल्क में भारी कटौती कर दी है। इसके बावजूद आर्थिक संकट तेजी से फैल रहा है। इस बीच अमेरिका ईरान के 90 प्रतिशत तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप पर जमीनी हमले की योजना बना रहा है। अब तक उसने 850 से ज्यादा टोमाहॉक मिसाइलें दाग दी हैं, सऊदी अरब में अपना एक महत्वपूर्ण रडार विमान खो चुका है और उसके सैन्य संसाधनों पर भारी दबाव पड़ रहा है। उसके कई सहयोगी देश खुले तौर पर इस युद्ध से दूरी बना रहे हैं। फ्रांस ने इसे अवैध करार देते हुए निंदा की है। ऑस्ट्रेलिया ने समर्थन देने से इनकार कर दिया। स्पेन ने अमेरिकी हमलों के लिए अपने बंदरगाह और सैन्य अड्डे बंद कर दिए हैं। जर्मनी ने कहा कि इस बारे में उससे कभी परामर्श नहीं किया गया। ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति पर दबाव बढ़ते जा रहा है। शायद यही कारण है कि ट्रंप जल्द से जल्द से इस जंग को खत्म करना चाहते हैं। ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि हम बहुत जल्द निकल जाएंगे… दो हफ्तों में, शायद तीन हफ्तों में।”जब उनसे पूछा गया कि ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ को समाप्त करने के लिए क्या कोई कूटनीतिक समझौता जरूरी है, तो उन्होंने साफ कहा कि नहीं, ईरान को मेरे साथ कोई समझौता करने की जरूरत नहीं है।
भारत की मेजबानी में आमने-सामने होंगे UAE और ईरान, BRICS बैठक से पश्चिम एशिया पर नजर

नई दिल्ली। भारत की अध्यक्षता में होने जा रही ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक कूटनीतिक रूप से बेहद अहम मानी जा रही है। खास बात यह है कि मौजूदा तनाव के बावजूद ईरान और संयुक्त अरब अमीरात एक ही मंच पर बैठेंगे। यह बैठक 14 और 15 मई को नई दिल्ली में आयोजित होगी, जिसकी अध्यक्षता भारत करेगा। भारत ने इस बैठक के लिए रूस, ईरान, यूएई, ब्राजील, चीन, मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, सऊदी अरब और दक्षिण अफ्रीका को निमंत्रण भेजा है। माना जा रहा है कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच यह बैठक महत्वपूर्ण कूटनीतिक अवसर साबित हो सकती है, जहां टकराव की स्थिति में रहे देश भी एक साथ चर्चा करेंगे। ब्रिक्स समूह की शुरुआत ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका से हुई थी। 2024 में इसका विस्तार कर मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात को शामिल किया गया, जबकि 2025 में इंडोनेशिया भी इसमें जुड़ गया। ब्रिक्स देशों की कुल आबादी करीब 3.9 अरब बताई जाती है, जो वैश्विक जनसंख्या का लगभग 48 प्रतिशत है। रूस के उप विदेश मंत्री आंद्रेई रुडेंको ने रूसी मीडिया को बताया कि सर्गेई लावरोव बैठक में हिस्सा लेने के लिए नई दिल्ली आएंगे। इससे बैठक का महत्व और बढ़ गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तेहरान ने भारत से अपील की है कि अध्यक्ष के तौर पर वह एक औपचारिक बयान जारी कर अमेरिका और इजरायल की ओर से किए गए हमलों की निंदा करे। हालांकि, समूह के कुछ सदस्य देश इस संघर्ष में सीधे तौर पर शामिल हैं और भारत के अमेरिका व इजरायल के साथ करीबी संबंधों को देखते हुए साझा रुख तैयार करना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। इससे पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा था कि पश्चिम एशिया संघर्ष पर ब्रिक्स देशों के बीच एकमत होना आसान नहीं है। उन्होंने बिना किसी देश का नाम लिए कहा कि कुछ सदस्य सीधे इस संघर्ष से जुड़े हैं, जिसके कारण साझा बयान तैयार करना कठिन हो गया है। भारत फिलहाल ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है और उसके सामने सबसे बड़ी चुनौती यही है कि अलग-अलग विचार रखने वाले देशों के बीच संतुलन बनाते हुए किसी साझा रुख पर सहमति बनाई जाए।
IPL 2026 ऑरेंज कैप: पहली बार किसने मारी बाजी? ईशान किशन 1 रन से चूके

नई दिल्ली इंडियन प्रीमियर लीग 2026 का आश्चर्यजनक अंदाज में भुगतान किया जा चुका है और सभी 10 टीमों ने अपने-अपने पहले टेलीकॉम गेम के लिए आवेदन किया है। शुरुआती मैच में ही एडवेंचर एक्सट्रीम पर देखने को मिला, जहां मुंबई इंडियंस, राजस्थान रॉयल्स रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, दिल्ली कैपिटल्स और पंजाब किंग्स ने जीत के साथ शुरुआत की। वहीं चेन्नई सुपर किंग्स, कोलकाता नाइट राइडर्स, सनराइजर्स हैदराबाद, लखनऊ सुपर जाइंट्स और गुजरात टाइटंस को हार का सामना करना पड़ा। रिकेल्टन का जलवा, पहली ही पारी में कब्ज़ासीज़न के पहले ही मैच के बाद ऑरेंज कैप की रेस शुरू हो गई है और इसमें कैप रेयान रिकेलटन के सिर की साजी है। मुंबई इंडियंस के इस दिग्गज बल्लेबाज ने कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ शानदार 81 रनों की पारी खेली। रिकल्टन की इस रंगीन पारी में 4 शियाल्स और 8 सिलेशंस शामिल हैं। उनकी इस पारी की बदोलत मुंबई ने 6 विकेट से आसान जीत दर्ज की। खास बात यह है कि 13 साल बाद मुंबई इंडियंस ने अपने आईपीएल सीजन का पहला मुकाबला जीता। ऑरेंज कैप से 1 रन से चूके इशान किशनसनराइजर्स हैदराबाद के कप्तान ईशान किशन इस रेस में बेहद करीबी ग्यान चूक गए। उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ 38 गेंदों में 80 बल्लेबाजों की तूफानी पारी खेली, जिसमें 8 बल्लेबाज और 5 गेंदें शामिल थीं। अपने शानदार अभिनय के दम पर, हैदराबाद ने 201 रन का बड़ा स्कोर बनाया, लेकिन टीम को 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा और किशन ऑरेंज कैप से 1 रन पीछे रह गए। टॉप-5 में भारतीय खिलाड़ियों का पोर्टफोलियो ऑरेंज कैप की टॉप-5 सूची में थ्री इंडियन आइलैंड ने जगह बनाई है। ईशान किशन के अलावा रोहित शर्मा और समीर रिजवी भी शानदार फॉर्म में नजर आ रहे हैं। दिल्ली कैपिटल्स के लिए मुकाबले में उतरे समीर रिज़वी ने लखनऊ सुपर जाइंट्स के खिलाफ 70 बल्लेबाजों की दमदार पारी खेली और टीम को जीत में अहम भूमिका निभाई। वहीं रोहित शर्मा ने अपनी क्लास में 78 रन बनाए। कोहली टॉप-5 से बाहरविराट कोहली ने पहले मैच में 69 रन बनाए थे, लेकिन इसके बावजूद वह टॉप-5 में जगह नहीं बना पाए। शुरुआती मुकाबलों के बाद ही बैलेंस के बीच सीक्वल मुकाबला देखने को मिल रही है। आईपीएल 2026 ऑरेंज कैप: टॉप-5 बल्लेबाजरयान रिकेलटन- 81 रनईशान किशन- 80 रनरोहित शर्मा- 78 रनकूपर कोनोली- 72 रनसमीर रिज़वी- 70 रनइस बार की रेस क्यों खास है? सीज़न की शुरुआत में ही ग्लोबल ने आक्रामक अंदाज दिखाया है, जिससे साफ है कि इस बार ऑरेंज कैप की रेस बेहद रोमांचक वाली है। हर मैच के साथ यह सूची बदली जा सकती है और नए खिलाड़ी भी इसमें अपनी जगह बना सकते हैं।
बस यात्रा में ‘यमराज’ से मिले राहुल गांधी, मजेदार बातचीत का VIDEO वायरल; अनोखा प्रचार

नई दिल्ली। राहुल गांधी का चुनाव प्रचार के दौरान एक अलग ही अंदाज देखने को मिला। केरल में बस यात्रा के दौरान उनकी मुलाकात ‘यमराज’ के वेश में एक व्यक्ति से हुई, जिसने माहौल को हल्का-फुल्का बना दिया। इस दौरान उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि बेहतर इलाज मिलने से ‘यमराज’ अब बेरोजगार हो सकते हैं। उनका यह मजाकिया अंदाज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। बताया जा रहा है कि यह घटना बालुस्सेरी में बस यात्रा के दौरान हुई। वीडियो में राहुल गांधी आम यात्रियों के बीच बैठे नजर आते हैं। तभी ‘यमराज’ की वेशभूषा में एक व्यक्ति गदा लेकर उनके पास पहुंचता है। दोनों के बीच हल्की-फुल्की बातचीत होती है, जिसने प्रचार अभियान को दिलचस्प बना दिया। राहुल गांधी ने इस वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा करते हुए कहा कि उनकी मुलाकात बस में ‘यमराज’ से हुई, जो कुछ खास खुश नहीं दिखे। उन्होंने मजाक में कहा कि यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की ‘ओमान चांडी स्वास्थ्य बीमा योजना’ लागू होने पर लोगों को बेहतर इलाज मिलेगा और वे ज्यादा समय तक जीवित रहेंगे, जिससे ‘यमराज’ की नौकरी पर खतरा आ सकता है। दरअसल, यह पूरा दृश्य यूडीएफ की प्रस्तावित स्वास्थ्य बीमा योजना के प्रचार से जुड़ा था। इस योजना के तहत हर परिवार को 25 लाख रुपये तक का हेल्थ कवर देने का वादा किया गया है। इस अनोखे अंदाज में प्रचार ने लोगों का ध्यान खींचा और संदेश को प्रभावी ढंग से पहुंचाने का काम किया। यूडीएफ ने चुनावी अभियान के तहत ‘पांच इंदिरा गारंटी’ का भी ऐलान किया है। इसमें स्वास्थ्य बीमा के अलावा महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा, छात्राओं को मासिक आर्थिक सहायता, सामाजिक सुरक्षा पेंशन को बढ़ाकर 3,000 रुपये करने और छोटे व्यापारियों को 5 लाख रुपये तक ब्याज-मुक्त ऋण देने जैसे वादे शामिल हैं। चुनावी माहौल के बीच राहुल गांधी का यह हल्का-फुल्का अंदाज चर्चा का विषय बन गया है और इसे प्रचार की रचनात्मक रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
बेटे को बचाने के अंधविश्वास में मां ने ली बेटी की जान, तांत्रिक के कहने पर दी बलि; तीन गिरफ्तार

हजारीबाग। झारखंड के विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत कुसुंभा गांव में दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। आरोप है कि एक मां ने बेटे की बीमारी ठीक कराने के लिए अंधविश्वास के चलते अपनी नाबालिग बेटी की बलि दे दी। एसआईटी जांच में खुलासा हुआ कि तांत्रिक के कहने पर 12–13 वर्षीय बच्ची की हत्या की गई। पुलिस ने मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। तीन आरोपी गिरफ्तार पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला ने अपनी बेटी को तांत्रिक क्रिया के बहाने ले जाकर उसकी हत्या कर दी। इस मामले में मां समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। जांच में एक तांत्रिक महिला की भूमिका भी सामने आई है, जिसने अंधविश्वास फैलाकर वारदात को अंजाम देने के लिए उकसाया। अधिकारियों ने प्रेस वार्ता कर बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है, जिससे फैली अफवाहों पर विराम लग गया है। पुलिस ने साफ किया कि यह पूरा मामला अंधविश्वास से जुड़ा है और उसी के चलते बच्ची की हत्या की गई। जांच में नया एंगल पुलिस जांच में अवैध संबंध का एंगल भी सामने आया है, जिससे परिवार की संलिप्तता की बात कही जा रही है। इसी वजह से पीड़ित परिवार को मिलने वाले मुआवजे पर फिलहाल रोक लगा दी गई है और प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। यह घटना अंधविश्वास की भयावह तस्वीर पेश करती है। जागरूकता की कमी और अंधविश्वास आज भी समाज को ऐसे अमानवीय कृत्यों की ओर धकेल रहे हैं। मामले ने पूरे झारखंड में आक्रोश और चिंता दोनों बढ़ा दी है।
‘रामायण’ में राम के रोल के लिए रणबीर कपूर ही क्यों? नितेश तिवारी ने बताई खास वजह

नई दिल्ली।इस साल की सबसे बहुप्रतीक्षित फिल्मों में शामिल Ramayan को लेकर फैंस का उत्साह चरम पर है। गुरुवार को Hanuman Jayanti के शुभ अवसर पर फिल्म का टीजर रिलीज होने जा रहा है, जिसे ‘राम’ नाम दिया गया है। इस खास मौके को और भी यादगार बनाने के लिए मेकर्स ने टीजर लॉन्च का प्लान किया है। क्यों चुने गए रणबीर कपूर ‘भगवान राम’ के लिएफिल्म के निर्देशक Nitesh Tiwari ने न्यूयॉर्क में मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि उन्होंने राम के किरदार के लिए Ranbir Kapoor को ही क्यों चुना। उनके मुताबिक, भगवान राम का व्यक्तित्व बेहद शांत, संयमित और गहराई से भरा हुआ है। नितेश ने कहा कि राम कम बोलने वाले थे, लेकिन उनका प्रेम असीम था। उनका दर्द शब्दों में नहीं बल्कि एहसास में झलकता है। साथ ही, इस किरदार के लिए भावनात्मक गहराई के साथ-साथ मजबूत शारीरिक क्षमता भी जरूरी है। उन्होंने साफ कहा कि रणबीर इस जटिल और चुनौतीपूर्ण भूमिका के लिए सबसे उपयुक्त अभिनेता हैं। फिल्म में नहीं होगा कोई ‘मॉडर्न ट्विस्ट’ Nitesh Tiwari ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने इस फिल्म में किसी तरह का आधुनिक बदलाव नहीं किया है। उनका मानना है कि रामायण की असली ताकत उसके मूल्यों में है, जो हर दौर में प्रासंगिक और सार्वभौमिक हैं। उन्होंने कहा कि आज की दुनिया इन मूल्यों से दूर होती जा रही है, और यह फिल्म दर्शकों को उन्हीं मूल सिद्धांतों की याद दिलाने का प्रयास है, जिससे समाज को बेहतर दिशा मिल सके। शानदार स्टारकास्ट से सजी है फिल्मइस मेगा बजट फिल्म में Ranbir Kapoor भगवान राम की भूमिका में नजर आएंगे, जबकि Sai Pallavi माता सीता का किरदार निभा रही हैं। Ravi Dubey लक्ष्मण के रोल में होंगे और Sunny Deol हनुमान के रूप में दिखाई देंगे। वहीं, रावण का दमदार किरदार Yash निभाते नजर आएंगे। इसके अलावा Kajal Aggarwal, Rakul Preet Singh, Arun Govil और Lara Dutta भी अहम भूमिकाओं में शामिल हैं। दो पार्ट में रिलीज होगी ‘रामायण’फिल्म को दो भागों में बनाया गया है। पहला पार्ट इस साल दिवाली पर रिलीज होगा, जबकि दूसरा भाग Diwali 2027 पर सिनेमाघरों में आएगा। मेकर्स का लक्ष्य इस महाकाव्य को भव्य और विस्तृत रूप में पेश करना है। 4000 करोड़ बजट के साथ बनेगी इतिहासफिल्म के प्रोड्यूसर Namit Malhotra ने खुलासा किया है कि दोनों पार्ट्स का कुल बजट करीब 4000 करोड़ रुपये है। इसी के साथ यह फिल्म भारतीय सिनेमा की अब तक की सबसे महंगी फिल्म बनने जा रही है। क्यों खास है ‘रामायण’भव्य स्टारकास्ट, विशाल बजट और भारतीय संस्कृति की गहराई को दर्शाती यह फिल्म सिर्फ मनोरंजन ही नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक अनुभव देने का वादा करती है। दर्शकों को उम्मीद है कि यह फिल्म भारतीय सिनेमा को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाएगी।
OTT पर 3 अप्रैल का धमाका: एक साथ 12 फिल्में और सीरीज होंगी रिलीज

नई दिल्ली। अप्रैल की शुरुआत ही मनोरंजन के तगड़े डोज के साथ हो रही है। 3 अप्रैल को OTT प्लेटफॉर्म्स पर फिल्मों और वेब सीरीज की भरमार लगने वाली है। अगर आप वीकेंड पर घर बैठे बिंज-वॉच का प्लान बना रहे हैं, तो यह आपके लिए परफेक्ट मौका है। इस दिन कॉमेडी, क्राइम, थ्रिलर और ड्रामा से भरपूर कुल 12 नई रिलीज़ दर्शकों का इंतजार कर रही हैं। खास बात यह है कि ये सभी कंटेंट अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स जैसे Netflix, Amazon Prime Video, ZEE5 और Apple TV+ पर उपलब्ध होंगे। कॉमेडी और ड्रामा का डबल डोजटीवी के लोकप्रिय शो पर बनी फिल्म ‘भाभीजी घर पर हैं: फन ऑन द रन’ अब थिएटर के बाद OTT पर दस्तक दे रही है। यह फिल्म अपनी हल्की-फुल्की कॉमेडी और मजेदार किरदारों के कारण दर्शकों को हंसाने के लिए तैयार है। वहीं, कोर्टरूम ड्रामा और हास्य का मिश्रण ‘मामला लीगल है सीजन 2’ भी वापसी कर रहा है, जिसमें नए केस और मजेदार ट्विस्ट देखने को मिलेंगे। क्राइम और थ्रिलर का बढ़ेगा रोमांचक्राइम ड्रामा पसंद करने वालों के लिए ‘वध 2’ बड़ी रिलीज मानी जा रही है। पहले पार्ट की सफलता के बाद इस फिल्म से भी काफी उम्मीदें हैं। इसके अलावा स्पेनिश सीरीज ‘गैंग्स ऑफ गैलिसिया सीजन 2’ और कोरियन एक्शन सीरीज ‘ब्लडहाउंड्स सीजन 2’ में अपराध की दुनिया और भी खतरनाक रूप में दिखाई जाएगी। सस्पेंस से भरपूर एक पत्रकार की कहानी भी नई थ्रिलर फिल्म में देखने को मिलेगी। इमोशन और इंस्पिरेशन का तड़कासितारे जमीन पर जैसी इमोशनल फिल्म अब OTT पर रिलीज हो रही है, जो रिश्तों और संवेदनाओं की गहराई को दर्शाती है। वहीं, ‘मां का सम’ जैसी अनोखी कहानी में एक बेटा अपनी मां के लिए परफेक्ट जीवनसाथी खोजने के लिए गणित का सहारा लेता है, जो इसे बाकी फिल्मों से अलग बनाती है। इंटरनेशनल कंटेंट का भी जलवाविदेशी कंटेंट के शौकीनों के लिए भी यह दिन खास रहेगा। ‘हाई टाइड्स सीजन 3’ और ‘यॉर फ्रेंड्स एंड नेबर्स सीजन 2’ जैसे शोज़ अपने नए सीजन के साथ रिश्तों, रहस्यों और हाई-प्रोफाइल लाइफस्टाइल की परतें खोलेंगे। साउथ और एक्सपेरिमेंटल सिनेमा का तड़कादक्षिण भारतीय फिल्मों का क्रेज लगातार बढ़ रहा है। इसी कड़ी में ‘संप्रदायिनी सुप्पिनी सुद्दापूसनी’ और ‘वडम’ जैसी फिल्में भी रिलीज हो रही हैं, जो क्राइम, एक्शन और ग्रामीण जीवन की कहानियों को दर्शाती हैं। कहां देखें क्या? (OTT प्लेटफॉर्म्स)भाभीजी घर पर हैं: फन ऑन द रन – ZEE5वध 2 – Netflixसितारे जमीन पर – Sony LIVमामला लीगल है सीजन 2 – Netflixगैंग्स ऑफ गैलिसिया सीजन 2 – Netflixब्लडहाउंड्स सीजन 2 – Netflixहाई टाइड्स सीजन 3 – Netflixयॉर फ्रेंड्स एंड नेबर्स सीजन 2 – Apple TV+मां का सम – Amazon Prime Videoअन्य फिल्में – Netflix व Sun NXTक्यों खास है 3 अप्रैल का OTT लाइनअप? इस बार खास बात यह है कि हर तरह के दर्शकों के लिए कुछ न कुछ मौजूद है। चाहे आप हंसी-मजाक पसंद करते हों, सस्पेंस में दिलचस्पी रखते हों या फिर इमोशनल कहानियों के शौकीन हों—यह दिन पूरी तरह एंटरटेनमेंट से भरपूर रहने वाला है।
मौत की सजा रद्द करने की अपील, निष्पक्ष ट्रायल की मांग; पूर्व पीएम शेख हसीना का बांग्लादेश ट्रिब्यूनल को पत्र

ढाका। शेख हसीना ने बांग्लादेश की न्यायिक अथॉरिटीज से अपील करते हुए उनके खिलाफ सुनाई गई मौत की सजा को कानूनी रूप से निरस्त करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ चल रही न्यायिक प्रक्रिया अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप और पूरी तरह निष्पक्ष होनी चाहिए, ताकि न्याय की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहे। हसीना की इस मांग को उनके समर्थक न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम बता रहे हैं। यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बन गया है। यह अपील ऐसे समय में सामने आई है जब बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (BNP) के नेता तारिक रहमान के नेतृत्व में नई सरकार के गठन को एक महीना हुआ है। वहीं, अवामी लीग के कुछ नेता भारत और यूरोप में शरण लिए हुए हैं और बांग्लादेश में पार्टी को दोबारा सक्रिय करने की संभावनाएं तलाश रहे हैं। 30 मार्च को लिखे गए पत्र में कुल पांच मांगें रखी गईं। इनमें प्रमुख मांग यह थी कि शेख हसीना के खिलाफ दिए गए फैसले और सजा को “तत्काल कानूनी रूप से अमान्य घोषित करते हुए रद्द किया जाए” तथा मृत्युदंड लागू करने की दिशा में कोई कदम न उठाया जाए। पत्र में यह भी कहा गया कि आगे की सभी कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय निष्पक्ष सुनवाई मानकों के अनुरूप होनी चाहिए, जिसमें आरोपों की पूरी जानकारी, सबूतों का खुलासा, अपनी पसंद के वकील से बचाव का अवसर और स्वतंत्र न्यायाधिकरण के समक्ष सुनवाई शामिल हो। दरअसल, अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT) ने 17 नवंबर को शेख हसीना को 2024 में छात्र-नेतृत्व वाले प्रदर्शनों पर कार्रवाई को मानवता के खिलाफ अपराध मानते हुए दोषी ठहराया था और उन्हें मौत की सजा सुनाई थी। न्यायाधिकरण ने यह भी कहा था कि वह कानून प्रवर्तन एजेंसियों और अवामी लीग कार्यकर्ताओं द्वारा नागरिकों के खिलाफ अपराध रोकने में विफल रहीं। इस मामले में उन्हें अलग से आजीवन कारावास की सजा भी दी गई थी।
‘IPL के बाद टीम इंडिया में मौका मिलेगा’ – वैभव सूर्यवंशी पर पाकिस्तानी क्रिकेटर का बड़ा बयान

नई दिल्ली।आईपीएल 2026 में राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से हर किसी को हैरान कर दिया है। महज 15 साल की उम्र में उन्होंने जो कारनामा किया है, उसने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है और अब उन्हें भविष्य का बड़ा स्टार माना जा रहा है। CSK के खिलाफ खेली तूफानी पारीहाल ही में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ वैभव ने 17 गेंदों में 52 रन ठोककर मैच का रुख ही बदल दिया। खास बात यह रही कि उन्होंने सिर्फ 15 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, जो इस सीजन की सबसे तेज पारियों में शामिल है। उनकी इस पारी में 5 छक्के और 4 चौके शामिल रहे। इस तूफानी बल्लेबाजी के दम पर राजस्थान ने 128 रनों का लक्ष्य सिर्फ 12.1 ओवर में हासिल कर लिया। वैभव ने यशस्वी जायसवाल के साथ 75 रनों की तेज ओपनिंग साझेदारी कर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। कामरान अकमल ने की बड़ी भविष्यवाणीपाकिस्तान के पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज कामरान अकमल ने वैभव की जमकर तारीफ की है। उनका मानना है कि अगर युवा बल्लेबाज इसी तरह प्रदर्शन करते रहे, तो उन्हें जल्द ही भारतीय टी20 टीम में मौका मिल सकता है। अकमल ने कहा कि इतने कम मैचों में वैभव ने खुद को साबित कर दिया है और उनकी गेम अवेयरनेस और मैच समझ उम्र से कहीं ज्यादा परिपक्व दिखती है। अंडर-19 वर्ल्ड कप में भी दिखाया दमवैभव सूर्यवंशी पहले भी सुर्खियों में आ चुके हैं। उन्होंने ICC Under-19 Cricket World Cup 2026 के फाइनल में 175 रनों की शानदार पारी खेलकर टीम को जीत दिलाई थी। इससे साफ है कि वह बड़े मंच पर दबाव झेलने की क्षमता रखते हैं। चयन पर बंटी राय, लेकिन बढ़ती उम्मीदेंवैभव के चयन को लेकर क्रिकेट जगत में अलग-अलग राय सामने आ रही है। मोहम्मद कैफ और पीयूष चावला जैसे पूर्व खिलाड़ी उन्हें जल्द मौका देने के पक्ष में हैं। वहीं अंबति रायडू ने थोड़ा इंतजार करने की सलाह दी है, ताकि वह और अनुभव हासिल कर सकें। भविष्य का सितारा?लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर वैभव सूर्यवंशी अब भारतीय क्रिकेट के सबसे बड़े उभरते सितारों में शामिल हो चुके हैं। उनकी आक्रामक बल्लेबाजी, आत्मविश्वास और मैच फिनिश करने की क्षमता उन्हें खास बनाती है।
ईरान की धमकी से टेक जगत में खलबली, Intel ने कर्मचारियों की सुरक्षा को दी प्राथमिकता, उठाए जरूरी कदम

नई दिल्ली। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का असर अब सिलिकॉन वैली तक पहुंच गया है। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने हाल ही में अमेरिका की 18 बड़ी टेक कंपनियों को वैध सैन्य लक्ष्य घोषित किया है, जिसमें Apple, Google, Microsoft, Intel और अन्य शामिल हैं। इस धमकी के बाद ग्लोबल टेक इंडस्ट्री में हड़कंप मच गया है। Intel ने उठाया सुरक्षा कदमईरान की धमकी के तुरंत बाद Intel ने बयान जारी किया। कंपनी ने कहा कि कर्मचारियों की सुरक्षा और भलाई सबसे बड़ी प्राथमिकता है। मिडिल ईस्ट में अपने कर्मचारियों और ऑपरेशंस की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं और स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। Intel इस मामले में प्रतिक्रिया देने वाली पहली बड़ी अमेरिकी टेक कंपनी बन गई है। ईरान की नाराजगी का कारणIRGC ने अपने टेलीग्राम चैनल पर पोस्ट कर अमेरिकी टेक कंपनियों को निशाना बनाने की चेतावनी दी। ईरान का आरोप है कि ये कंपनियां अमेरिकी और इजरायली हमलों में ईरान की धरती पर शामिल रही हैं। गार्ड्स ने कहा कि हर हत्या के बदले एक अमेरिकी कंपनी को तबाह किया जाएगा। कंपनियों को कार्यालय खाली करने का निर्देश भी दिया गया। निशाने पर कौन-कौनईरान की लिस्ट में दुनिया की प्रमुख टेक और अन्य कंपनियां शामिल हैं। टेक कंपनियों में Apple, Google, Microsoft, Nvidia, Intel, Cisco, HP, Oracle, IBM, Dell, Palantir और Boeing शामिल हैं। इसके अलावा बैंकिंग, ईवी और AI क्षेत्र की कंपनियां जैसे JPMorgan, Tesla, GE और UAE की AI फर्म G42 भी शामिल हैं। डेटा सेंटर्स पर बढ़ता खतरामार्च में Amazon Web Services (AWS) के डेटा सेंटर्स पर हमला हुआ था, जिससे UAE में बड़े स्तर पर डिजिटल आउटेज हुआ। खाड़ी देश अब AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ग्लोबल हब बन रहे हैं। ऐसे में डेटा सेंटर्स पर हमले का खतरा पूरी दुनिया की डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। बता दें कि Intel के मुख्य ऑफिस अमेरिका में हैं, लेकिन इनके ऑपरेशंस और डेटा सेंटर्स इजरायल और UAE में हैं। इन जगहों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। यही खतरा अन्य अमेरिकी टेक कंपनियों के लिए भी बना हुआ है, क्योंकि उनका मिडिल ईस्ट में ऑपरेशन और डेटा सेंटर मौजूद है।