Chambalkichugli.com

भारतीय टीम जुलाई में जिम्बाब्वे के खिलाफ खेलेगी 3 टी20 मैचों की रोमांचक सीरीज

नई दिल्ली। जिम्बाब्वे क्रिकेट ने बुधवार को घोषणा की कि टी20 विश्व कप 2026 के विजेता भारतीय क्रिकेट टीम जुलाई 2026 में तीन टी20 मैचों की द्विपक्षीय सीरीज खेलने जिम्बाब्वे का दौरा करेगी। यह सीरीज 23, 25 और 26 जुलाई को हरारे स्पोर्ट्स क्लब में आयोजित होगी। सभी मैच भारतीय समयानुसार शाम 4:30 बजे शुरू होंगे। सीरीज का महत्व और भारतीय टीम का सफरभारत, जो हाल ही में आयरलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ टी20 सीरीज खेल चुका है, जिम्बाब्वे दौरे पर अपने प्रदर्शन को जारी रखना चाहेगा। यह भारतीय टीम के लिए टी20 विश्व कप में मिली सफलता के बाद निरंतर उच्च स्तर पर प्रदर्शन का मौका है। जिम्बाब्वे की तैयारी और उम्मीदेंजिम्बाब्वे क्रिकेट के प्रबंध निदेशक गिवमोर माकोनी ने कहा, “भारत के खिलाफ मैच हमेशा उत्साह और रोमांच पैदा करते हैं। यह हमारे खिलाड़ियों के लिए विश्व चैंपियन टीम के खिलाफ अपने घरेलू मैदान पर खुद को परखने का शानदार अवसर है।” उन्होंने आगे कहा कि टी20 विश्व कप 2026 में जिम्बाब्वे के शानदार प्रदर्शन के बाद यह सीरीज खिलाड़ियों के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मजबूती दिखाने और मोमेंटम बनाए रखने का प्लेटफॉर्म होगी। माकोनी ने यह भी बताया कि लंबे समय के बाद जिम्बाब्वे का भारत दौरा द्विपक्षीय सीरीज के लिए ऐतिहासिक है। “भारत दुनिया के क्रिकेट के सबसे बेहतरीन डेस्टिनेशन में से एक है, और यह दौरा हमारे खिलाड़ियों के लिए सम्मान का मौका है। हम प्रतिस्पर्धात्मक और उच्च-गुणवत्ता वाले क्रिकेट का इंतजार कर रहे हैं, और विश्वास है कि दोनों देशों के बीच क्रिकेट संबंध और मजबूत होंगे।” भविष्य की योजनाएँ और वनडे सीरीजबीसीसीआई ने पहले ही जनवरी 2027 में जिम्बाब्वे के भारत दौरे की घोषणा की थी, जिसमें तीन वनडे मैच खेले जाएंगे। यह मार्च 2002 के बाद जिम्बाब्वे का भारत में पहला द्विपक्षीय वनडे दौरा होगा। तीनों वनडे मुकाबले कोलकाता, हैदराबाद और मुंबई में 3, 6 और 9 जनवरी को आयोजित होंगे।

डॉ कुंवर विजय शाह की अपील शिक्षा से ही बदलेगा जनजातीय समाज का भविष्य

भोपाल । मध्यप्रदेश में जनजातीय परिवारों की नई पीढ़ी को शिक्षित और सशक्त बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयासरत है जनजातीय कार्य मंत्री डॉ कुंवर विजय शाह ने सभी अभिभावकों से अपने बच्चों को अनिवार्य रूप से स्कूल भेजने की अपील करते हुए कहा कि शिक्षा से अधिक मूल्यवान कुछ भी नहीं है और यही उज्जवल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार जनजातीय समाज के शैक्षणिक विकास के लिए पूरी तरह संकल्पित है मंत्री ने कहा कि प्रदेश में केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ है अब न केवल शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है बल्कि स्कूलों की अधोसंरचना भी पहले से अधिक सुदृढ़ हुई है उन्होंने स्वयंसेवी संस्थाओं और शासकीय योजनाओं में कार्यरत कर्मचारियों से भी आग्रह किया कि वे स्कूल जाने योग्य प्रत्येक बच्चे का नामांकन सुनिश्चित कर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाएं जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं प्रदेश में 63 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित हैं जहां लगभग 25 हजार विद्यार्थी आवासीय सुविधा के साथ अध्ययन कर रहे हैं इन विद्यालयों में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर रहने और पढ़ने की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं इसके साथ ही कक्षा 11 और 12 तथा महाविद्यालयीन विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति योजनाएं संचालित हैं वर्ष 2024 25 में लगभग एक लाख बानवे हजार विद्यार्थियों को 348 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की गई जिससे उच्च शिक्षा को प्रोत्साहन मिला है वहीं शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया भी जारी है और हजारों पदों पर नियुक्तियां की जा रही हैं जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में और सुधार होगा प्रतिभावान विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे जेईई और नीट की तैयारी के लिए विशेष कोचिंग की सुविधा भी दी जा रही है इंदौर और भोपाल जैसे प्रमुख केंद्रों पर विद्यार्थियों को विशेषज्ञ मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि वे प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें स्कूली अधोसंरचना के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय विस्तार हुआ है बड़ी संख्या में आश्रम छात्रावास और विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं जहां लाखों विद्यार्थी निवास कर शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं इन संस्थानों में विद्यार्थियों को नि शुल्क आवास भोजन बिजली पानी और खेलकूद की सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं सरकार ने उन विद्यार्थियों के लिए भी व्यवस्था की है जिन्हें छात्रावास में स्थान नहीं मिल पाता उनके लिए आवास भत्ता योजना लागू की गई है जिसके अंतर्गत विभिन्न शहरों और विकासखंड स्तर पर मासिक आर्थिक सहायता दी जा रही है इस योजना से बड़ी संख्या में छात्र लाभान्वित हो रहे हैं मंत्री डॉ शाह ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए आधुनिक संसाधनों से युक्त विद्यालय विकसित किए जा रहे हैं सांदीपनि विद्यालयों के माध्यम से विद्यार्थियों को आधुनिक वातावरण में शिक्षा दी जा रही है साथ ही खेलकूद और सांस्कृतिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है कुल मिलाकर मध्यप्रदेश में जनजातीय शिक्षा को लेकर एक व्यापक और मजबूत ढांचा तैयार किया जा रहा है जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और हर छात्र अपने सपनों को साकार कर सके

सलीम दुर्रानी: अफगान मूल के एकमात्र भारतीय क्रिकेटर जिन्हें मिला अर्जुन पुरस्कार

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट में अपनी जगह बनाना किसी भी खिलाड़ी के लिए आसान नहीं रहा है, लेकिन अगर आप किसी दूसरे देश से हों और वहां क्रिकेट प्रमुख खेल न हो, तो यह और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। सलीम दुर्रानी की कहानी इस कठिन रास्ते को पार करने वाले खिलाड़ियों में अद्वितीय है। अफगानिस्तान से जामनगर तक का सफरसलीम दुर्रानी का जन्म 11 दिसंबर 1934 को खैबर दर्रा, अफगानिस्तान में हुआ। उनके पिता अब्दुल अजीज दुर्रानी पेशेवर क्रिकेटर थे। 1935 में कराची के दौरे पर अब्दुल अजीज की बल्लेबाजी और विकेटकीपिंग से प्रभावित होकर नवानगर (आज का जामनगर) के जाम साहिब दिग्विजयसिंह रणजीतसिंह ने उन्हें सब-इंस्पेक्टर की नौकरी का ऑफर दिया। इसी अवसर पर दुर्रानी परिवार जामनगर में बस गया। सलीम केवल तीन साल के थे जब वह भारत आ गए। 1947 के बंटवारे के बाद उनके पिता पाकिस्तान चले गए, जबकि उनका परिवार जामनगर में रहा। ऑलराउंडर की भूमिका और टेस्ट करियरदुर्रानी एक ऑलराउंडर थे। वह धीमे बाएं हाथ के ऑर्थोडॉक्स गेंदबाज और बाएं हाथ के बल्लेबाज थे। उनके छक्के मारने की क्षमता उन्हें खास बनाती थी। अफगानिस्तान में जन्मे और भारतीय टीम के लिए खेलते हुए, दुर्रानी 1960 में टेस्ट डेब्यू करने के बाद 1973 तक 29 मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके थे। उन्होंने 50 पारियों में 1 शतक और 7 अर्धशतक बनाकर 1202 रन बनाए और 75 विकेट लिए। महत्वपूर्ण जीतों में अहम भूमिका1961-62 में इंग्लैंड के खिलाफ भारत की सीरीज जीत में दुर्रानी ने कोलकाता और चेन्नई में क्रमशः 8 और 10 विकेट लेकर भारत को जीत दिलाई। एक दशक बाद, 1970 में पोर्ट ऑफ स्पेन में वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत की पहली जीत में भी उन्होंने क्लाइव लॉयड और गैरी सोबर्स जैसे दिग्गजों को आउट किया, जो भारतीय क्रिकेट के इतिहास में मील का पत्थर साबित हुआ। अर्जुन पुरस्कार और जीवन सम्मानसलीम दुर्रानी पहले क्रिकेटर थे जिन्होंने अर्जुन पुरस्कार जीता। 2011 में उन्हें सी.के. नायडू लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से भी सम्मानित किया गया, जो भारतीय क्रिकेट बोर्ड का सर्वोच्च पुरस्कार है। विदाई: 88 साल की उम्र मेंसलीम दुर्रानी ने 2 अप्रैल 2023 को 88 वर्ष की उम्र में कैंसर से अंतिम सांस ली। उनका क्रिकेट और भारतीय खेल जगत में योगदान आज भी याद किया जाता है।

समृद्धि और विकास का संतुलित खाका मध्यप्रदेश बजट 2026 27 में महिलाओं किसानों और गांवों पर बड़ा फोकस

भोपाल । मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 27 के बजट के माध्यम से समग्र और संतुलित विकास की स्पष्ट दिशा प्रस्तुत की है मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में तैयार इस बजट को आर्थिक समृद्धि का रोडमैप माना जा रहा है जिसमें सामाजिक सुरक्षा महिला सशक्तिकरण कृषि विकास और आधारभूत संरचना को समान रूप से प्राथमिकता दी गई है यह बजट न केवल वर्तमान आवश्यकताओं को ध्यान में रखता है बल्कि भविष्य के विकास की मजबूत नींव भी तैयार करता है सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से लाड़ली बहना योजना के लिए 23883 करोड़ रुपये का बड़ा प्रावधान किया है इसके साथ ही लाड़ली लक्ष्मी योजना और पोषण कार्यक्रमों के लिए भी पर्याप्त बजट निर्धारित किया गया है यह कदम महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य पोषण और सशक्तिकरण को मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए भी बजट में कई अहम प्रावधान किए गए हैं अटल कृषि ज्योति योजना के तहत किसानों को बिजली सुविधा सुनिश्चित करने के लिए बड़ी राशि रखी गई है वहीं छोटे कृषि पंपों और घरेलू कनेक्शन के लिए मुफ्त बिजली की प्रतिपूर्ति का प्रावधान किसानों को सीधी राहत देगा मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना और फसल बीमा योजना के लिए भी पर्याप्त बजट निर्धारित कर किसानों की आय और सुरक्षा दोनों पर ध्यान दिया गया है ग्रामीण और शहरी अधोसंरचना के विकास को गति देने के लिए सरकार ने बड़े स्तर पर निवेश की योजना बनाई है प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हजारों परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है वहीं ग्रामीण सड़कों और जिला मार्गों के उन्नयन के लिए भी महत्वपूर्ण राशि का प्रावधान किया गया है शहरी क्षेत्रों में मेट्रो परियोजनाओं को गति देने के लिए बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं जिससे यातायात व्यवस्था और बेहतर होगी जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से जल पहुंचाने के लिए हजारों करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है जो ग्रामीण जीवन स्तर को सुधारने में अहम भूमिका निभाएगा शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र को भी बजट में प्राथमिकता दी गई है प्राथमिक शिक्षा और समग्र शिक्षा अभियान के लिए बड़ी राशि निर्धारित की गई है ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके वहीं स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए नेशनल हेल्थ मिशन और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं को सशक्त किया गया है प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान और धार्मिक महत्व को ध्यान में रखते हुए सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के लिए भी बड़ा बजट रखा गया है उज्जैन में आयोजित होने वाले इस महाकुंभ के लिए आधारभूत संरचना और व्यवस्थाओं को विकसित करने की दिशा में अभी से काम शुरू किया जा रहा है साथ ही वेदांत पीठ की स्थापना के लिए भी विशेष प्रावधान किया गया है रोजगार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने निवेश प्रोत्साहन और एमएसएमई क्षेत्र के लिए बजट में पर्याप्त राशि निर्धारित की है विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार योजना के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है कुल मिलाकर यह बजट सामाजिक कल्याण और आर्थिक विकास के बीच संतुलन स्थापित करता है और मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर तथा विकसित राज्य बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होता नजर आ रहा है

वैश्विक ईंधन संकट के बीच सरकार का बड़ा फैसला: घरेलू उड़ानों के फ्यूल पर आंशिक रोक

नई दिल्ली: वैश्विक ऊर्जा बाजार में उथल-पुथल के बीच केंद्र सरकार ने आम यात्रियों और घरेलू विमानन क्षेत्र को राहत देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने घरेलू एयरलाइंस के लिए एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में बढ़ोतरी को 25 प्रतिशत तक सीमित कर दिया है, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी कीमतों में 100 प्रतिशत से अधिक उछाल की आशंका जताई जा रही थी। तेजी से बढ़ते वैश्विक संकट के बीच हस्तक्षेपपेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, यह निर्णय पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और Strait of Hormuz में आपूर्ति बाधित होने की आशंका के मद्देनजर लिया गया है। इस क्षेत्र में अस्थिरता के कारण वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल देखने को मिल रहा है, जिससे जेट ईंधन महंगा होने का दबाव बढ़ गया था। घरेलू एयरलाइंस को राहत, किराए पर नियंत्रणसरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के साथ मिलकर यह तय किया कि घरेलू उड़ानों के लिए ATF की कीमतों में केवल आंशिक और चरणबद्ध वृद्धि की जाएगी। इसके तहत कीमतों में करीब 25 प्रतिशत यानी लगभग 15 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। इस कदम का उद्देश्य हवाई किराए में अचानक भारी वृद्धि को रोकना और यात्रियों को राहत देना है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर लागू नहीं होगी राहतसरकार ने स्पष्ट किया है कि यह राहत केवल घरेलू उड़ानों के लिए है। अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर संचालित उड़ानों को वैश्विक बाजार के अनुसार पूरी कीमत चुकानी होगी। इससे एयरलाइंस के अंतरराष्ट्रीय संचालन पर लागत का दबाव बना रहेगा। नई दरें लागू, कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज1 अप्रैल 2026 से लागू नई दरों के अनुसार, New Delhi में ATF की कीमत बढ़कर 1,04,927 रुपए प्रति किलोलीटर हो गई है, जो मार्च में 96,638.14 रुपए थी। हालांकि वास्तविक वृद्धि लगभग 8.5 प्रतिशत के आसपास रही है, जो संभावित भारी उछाल के मुकाबले काफी नियंत्रित है। सरकार और मंत्रालय की प्रतिक्रियानागर विमानन मंत्री Ram Mohan Naidu Kinjarapu ने इस फैसले को व्यावहारिक और दूरदर्शी बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi और पेट्रोलियम मंत्री Hardeep Singh Puri का आभार जताते हुए कहा कि यह कदम यात्रियों को महंगे हवाई किराए से बचाने, एयरलाइंस पर वित्तीय दबाव कम करने और विमानन क्षेत्र की स्थिरता बनाए रखने में मदद करेगा। व्यापक आर्थिक असर भी सकारात्मकविशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से सिर्फ यात्रियों को ही राहत नहीं मिलेगी, बल्कि माल ढुलाई और व्यापार के लिए जरूरी हवाई संपर्क भी सुचारु बना रहेगा। इससे अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभाव को भी काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा।

डॉ मोहन यादव का बड़ा फैसला किसानों को टोल छूट और प्रदेश में तेज होगा इंफ्रास्ट्रक्चर विकास

भोपाल । मध्यप्रदेश में किसान हित और आधारभूत संरचना विकास को लेकर सरकार ने एक साथ कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की अध्यक्षता में मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम के संचालक मंडल की बैठक में किसानों को राहत देने के साथ साथ सड़क नेटवर्क को मजबूत बनाने की दिशा में बड़े निर्णय लिए गए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार किसान कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में सार्थक बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं इसी क्रम में कृषि कार्य में उपयोग होने वाले कंबाइन हार्वेस्टर को टोल प्लाजा पर शुल्क से छूट देने का निर्णय लिया गया है यह फैसला सीधे तौर पर किसानों की लागत को कम करेगा और खेती को अधिक लाभकारी बनाने में मदद करेगा मुख्यमंत्री ने कहा कि कंबाइन हार्वेस्टर फसल कटाई का एक महत्वपूर्ण उपकरण है और इसे एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने में किसानों को टोल शुल्क देना पड़ता था जिससे लागत बढ़ती थी अब टोल से छूट मिलने के बाद परिवहन खर्च में कमी आएगी और इसका सकारात्मक असर कृषि उत्पादन की लागत और अंततः बाजार कीमतों पर भी पड़ेगा यह निर्णय किसानों के लिए राहत और प्रोत्साहन दोनों के रूप में देखा जा रहा है बैठक में केवल किसान हित ही नहीं बल्कि प्रदेश के सड़क विकास को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए संचालक मंडल ने इंदौर उज्जैन ग्रीन फील्ड मार्ग और उज्जैन जावरा ग्रीन फील्ड मार्ग के निर्माण को मंजूरी दी है इन परियोजनाओं को नॉन एक्सेस कंट्रोल के रूप में विकसित किया जाएगा जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत होगी और यात्रा समय में कमी आएगी इसके अलावा पश्चिम भोपाल बायपास के परिवर्तित एलाइनमेंट को भी अनुमोदन प्रदान किया गया है इस परियोजना से राजधानी क्षेत्र में यातायात दबाव कम होगा और शहरी परिवहन व्यवस्था अधिक सुगम बनेगी यह निर्णय आने वाले समय में भोपाल के यातायात ढांचे को नई दिशा देगा बैठक में वार्षिक लेखों और अन्य प्रशासनिक विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की गई और आवश्यक निर्णय लिए गए इस दौरान लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे कुल मिलाकर यह बैठक किसानों और आम नागरिकों दोनों के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई है एक ओर जहां किसानों को सीधी आर्थिक राहत दी गई है वहीं दूसरी ओर सड़क परियोजनाओं के जरिए प्रदेश के विकास को गति देने की मजबूत आधारशिला रखी गई है सरकार का यह कदम समृद्ध किसान और विकसित मध्यप्रदेश के लक्ष्य को आगे बढ़ाने वाला माना जा रहा है

प्रीमियम ईंधन महंगा, आम पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राहत बरकरार

नई दिल्ली: वैश्विक बाजार में उथल-पुथल के बीच देश में ईंधन कीमतों को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। सरकारी तेल कंपनी Indian Oil Corporation (आईओसी) ने प्रीमियम ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है, जबकि आम पेट्रोल और डीजल की कीमतों को फिलहाल स्थिर रखा गया है। इससे आम उपभोक्ताओं को राहत जरूर मिली है, लेकिन लग्जरी और हाई-परफॉर्मेंस वाहनों के उपयोगकर्ताओं पर असर पड़ा है। एक्सपी100 पेट्रोल में बड़ा उछालआईओसी के मुताबिक, राजधानी दिल्ली में एक्सपी100 पेट्रोल की कीमत बढ़ाकर 160 रुपए प्रति लीटर कर दी गई है, जो पहले 149 रुपए थी। यह हाई-ऑक्टेन फ्यूल खासतौर पर लग्जरी कारों और हाई-परफॉर्मेंस मोटरसाइकिलों के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जिससे इंजन की क्षमता और स्मूद परफॉर्मेंस बेहतर होती है। कीमतों में यह उछाल प्रीमियम फ्यूल सेगमेंट में बढ़ती लागत और वैश्विक बाजार के दबाव को दर्शाता है। प्रीमियम डीजल भी हुआ महंगासिर्फ पेट्रोल ही नहीं, बल्कि एक्स्ट्रा ग्रीन डीजल (प्रीमियम डीजल) की कीमतों में भी बढ़ोतरी की गई है। अब दिल्ली में इसकी कीमत 92.99 रुपए प्रति लीटर हो गई है, जो पहले 91.49 रुपए थी। यह डीजल बेहतर माइलेज और कम उत्सर्जन के लिए जाना जाता है और मुख्य रूप से कमर्शियल और प्रीमियम उपयोग के लिए अपनाया जाता है। आम पेट्रोल-डीजल की कीमतों में राहतहालांकि, आम उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि सामान्य पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दिल्ली में पेट्रोल अभी भी 94.72 रुपए प्रति लीटर और डीजल 87.62 रुपए प्रति लीटर पर स्थिर है। वहीं Mumbai में पेट्रोल 103.44 रुपए और डीजल 89.97 रुपए प्रति लीटर पर बना हुआ है। एलपीजी और एटीएफ में भी भारी बढ़ोतरीइस बीच, अन्य पेट्रोलियम उत्पादों में तेजी देखने को मिली है। कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 195.50 रुपए की बढ़ोतरी की गई है। वहीं एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतें दोगुने से अधिक बढ़कर 2 लाख रुपए प्रति किलोलीटर के पार पहुंच गई हैं, जिससे विमानन सेक्टर पर दबाव बढ़ सकता है। वैश्विक तनाव का असरईंधन कीमतों में यह बदलाव वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव से जुड़ा है। पश्चिम एशिया में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिया है कि अमेरिका आने वाले समय में सैन्य गतिविधियों को सीमित कर सकता है, जिससे हालात में कुछ नरमी की उम्मीद है। हालांकि, Iran ने चेतावनी दी है कि यदि उसके हितों पर हमला जारी रहा तो वह जवाबी कार्रवाई करेगा। ऐसे में होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास की स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों को प्रभावित कर सकती है। भारत में कीमतें क्यों स्थिर?वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतें स्थिर रखी गई हैं। तेल कंपनियां फिलहाल आम उपभोक्ताओं को राहत देने की रणनीति पर काम कर रही हैं, जबकि प्रीमियम और अन्य उत्पादों में लागत का असर दिख रहा है।

रियलमी 16 5जी: मिड-रेंज स्मार्टफोन में परफॉर्मेंस और मजबूती का नया स्तर

नई दिल्ली। स्मार्टफोन इंडस्ट्री में पिछले कुछ वर्षों में डिजाइन, कैमरा और प्रोसेसर पर ज्यादा ध्यान दिया गया, लेकिन अब डिवाइस की मजबूती (ड्यूरेबिलिटी) भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती जा रही है। आज स्मार्टफोन केवल परफॉर्मेंस का माध्यम नहीं रहे, बल्कि लंबे समय तक टिकाऊ और हर तरह के वातावरण में इस्तेमाल योग्य होना भी जरूरी है। आईपी69 सुरक्षा: प्रीमियम फीचर अब जरूरतपहले पानी और धूल से सुरक्षा (आईपी रेटिंग) प्रीमियम फोन तक सीमित थी। आईपी67 और आईपी68 जैसे रेटिंग्स पानी के छींटों या थोड़े समय के लिए डूबने से सुरक्षा देते थे, लेकिन असली जीवन के उपयोग में इससे अधिक सुरक्षा की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। रियलमी ने इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए रियलमी 16 5जी में आईपी69 प्रो-रेटेड सुरक्षा दी है, जो हाई प्रेशर और हाई टेम्परेचर वाले पानी से भी डिवाइस को सुरक्षित रखती है। यह फोन आईपी66, आईपी68 और आईपी69 तीनों स्तर की सुरक्षा के साथ आता है। इसमें ऑटोमोबाइल-ग्रेड डस्ट और वाटर रेसिस्टेंस है, जो 80 डिग्री सेल्सियस तक गर्म पानी और 8-10 एमपीए हाई प्रेशर वॉटर जेट को भी झेल सकता है। मजबूत लेकिन स्लिम डिजाइनइतनी मजबूती के बावजूद रियलमी 16 5जी का डिजाइन स्लिम और हल्का रखा गया है। इसमें कॉम्पैक्ट इंटरनल स्ट्रक्चर है, जो मजबूती और परफॉर्मेंस दोनों को बढ़ाता है। यह फोन रोजमर्रा के इस्तेमाल और कठिन परिस्थितियों दोनों में सुरक्षित रहता है। कैमरा और कंटेंट क्रिएशनरियलमी 16 5जी सिर्फ मजबूती में ही नहीं, बल्कि कैमरा और कंटेंट क्रिएशन के लिए भी तैयार है। इसमें 50MP का फ्रंट कैमरा और 50MP का रियर कैमरा है, जो सोनी सेंसर से लैस है और हर परिस्थिति में शानदार फोटो और वीडियो देता है। बड़ी बैटरी और स्मार्ट मैनेजमेंटमजबूती का मतलब सिर्फ बाहर से सुरक्षा नहीं, बल्कि लंबे समय तक बेहतर परफॉर्मेंस भी है। रियलमी 16 5जी में 7000mAh की बड़ी बैटरी और स्मार्ट बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम दिया गया है। यह लगातार इस्तेमाल, गेमिंग और लंबे समय तक फोन चलाने के लिए पर्याप्त बैकअप देता है, जिससे बार-बार चार्जिंग की जरूरत नहीं पड़ती। 5जी कनेक्टिविटी और भविष्य के लिए तैयारयह नया 5जी स्मार्टफोन तेज कनेक्टिविटी प्रदान करता है और भविष्य के मोबाइल अनुभव के लिए तैयार है। गेमिंग, स्ट्रीमिंग और मल्टीटास्किंग में यह फोन उत्कृष्ट प्रदर्शन करता है।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में शिक्षा व्यवस्था मजबूत शून्य ड्रॉप आउट की ओर बढ़ता मध्यप्रदेश

भोपाल । मध्यप्रदेश में शासकीय स्कूलों के प्रति अभिभावकों और बच्चों का भरोसा तेजी से बढ़ रहा है और यह बदलाव अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने भोपाल के मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टीटी नगर में राज्य स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम 2026 का शुभारंभ करते हुए इस सकारात्मक परिवर्तन को शिक्षा व्यवस्था की बड़ी उपलब्धि बताया उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक से चार अप्रैल तक चलने वाला स्कूल चले हम अभियान बच्चों को शिक्षा से जोड़ने का अभिनव प्रयास है जिसका असर अब जमीन पर नजर आ रहा है मुख्यमंत्री ने बताया कि शासकीय विद्यालयों में नामांकन में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है और यह जनता के बढ़ते विश्वास का प्रमाण है वर्ष 2025 26 में कुल नामांकन में लगभग बीस प्रतिशत वृद्धि हुई है जबकि सरकारी स्कूलों में यह वृद्धि बत्तीस प्रतिशत से अधिक रही है राज्य सरकार ने इस शैक्षणिक सत्र में एक करोड़ पैंतालीस लाख विद्यार्थियों के नामांकन का लक्ष्य रखा है और इस दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नव प्रवेशित बच्चों का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया और उन्हें नि शुल्क साइकिलें तथा पाठ्य पुस्तकें वितरित की उन्होंने कहा कि बच्चों को स्कूल आने जाने में सुविधा मिले इसके लिए बड़े स्तर पर साइकिल वितरण किया जा रहा है आने वाले महीनों में लाखों विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा साथ ही गणवेश किताबें और मध्यान्ह भोजन जैसी सुविधाएं भी सुनिश्चित की जा रही हैं मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि शासकीय स्कूलों में ड्रॉप आउट की संख्या शून्य करने की दिशा में शिक्षा विभाग ने महत्वपूर्ण कार्य किया है उन्होंने इसके लिए शिक्षकों अभिभावकों और समाज के सहयोग की सराहना की और कहा कि हर बच्चे को स्कूल तक लाना ही सरकार का लक्ष्य है उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में सांदीपनि विद्यालयों और पीएमश्री स्कूलों के माध्यम से आधुनिक शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है इन संस्थानों में विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अटल टिंकरिंग लैब रोबोटिक लैब और आईसीटी लैब का अवलोकन भी किया जिससे यह स्पष्ट होता है कि शिक्षा अब तकनीक से जुड़ रही है मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे पढ़ लिखकर डॉक्टर इंजीनियर और उद्यमी बनें और अपने भविष्य को मजबूत करें उन्होंने बताया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में शिक्षकों की भर्ती की गई है ताकि शिक्षा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाया जा सके मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार द्वारा लैपटॉप और स्कूटी जैसी योजनाएं भी संचालित की जा रही हैं बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले हजारों विद्यार्थियों को इसका लाभ मिला है और आगामी बजट में भी इसके लिए पर्याप्त प्रावधान किया गया है कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि यह दिन शिक्षा विभाग के लिए उत्सव जैसा है उन्होंने बताया कि प्रदेश में पहले ही एक करोड़ से अधिक विद्यार्थियों का नामांकन हो चुका है और प्रयास है कि हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचे साथ ही विकासखंड स्तर पर बुक फेयर आयोजित करने की योजना भी बनाई जा रही है जिससे निजी स्कूलों के विद्यार्थियों को भी सस्ती पुस्तकें उपलब्ध हो सकें इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों अधिकारियों शिक्षकों और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की उपस्थिति ने यह स्पष्ट कर दिया कि मध्यप्रदेश अब शिक्षा के क्षेत्र में एक मजबूत और सकारात्मक परिवर्तन की ओर बढ़ रहा है

स्पेस नेटवर्क: कैसे काम करता है अंतरिक्ष का ‘सेल टावर’ और डेटा पहुंचाता है पृथ्वी तक

नई दिल्ली। अंतरिक्ष में रहने वाले एस्ट्रोनॉट्स और पृथ्वी पर मिशन कंट्रोल टीम के बीच लगातार संपर्क बनाए रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए वैज्ञानिक ‘स्पेस नेटवर्क’ नामक एडवांस कम्युनिकेशन सिस्टम का उपयोग करते हैं। यह नेटवर्क अंतरिक्ष यात्रियों को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) और पृथ्वी से जुड़े रहने में मदद करता है, ताकि डेटा, वीडियो और आवाज तुरंत ट्रांसमिट हो सके। स्पेस नेटवर्क क्या है?स्पेस नेटवर्क में ट्रैकिंग और डेटा रिले सैटेलाइट्स (TDRS) का समूह शामिल है। ये सैटेलाइट्स पृथ्वी से लगभग 35,000 किलोमीटर ऊपर जियोसिंक्रोनस कक्षा में घूमते हैं और अंतरिक्ष में ‘सेल टावर’ की तरह काम करते हैं। इसका मतलब है कि स्पेस स्टेशन अपनी कक्षा में कहीं भी हो, टीडीआरएस सैटेलाइट से संपर्क बनाए रख सकता है। डेटा कैसे ट्रांसमिट होता है?जब स्पेस स्टेशन पर कोई अंतरिक्ष यात्री मिशन कंट्रोल को डेटा, वीडियो या आवाज भेजता है, तो स्टेशन का कंप्यूटर इसे रेडियो सिग्नल में बदल देता है। यह सिग्नल स्टेशन के एंटीना के जरिए टीडीआरएस सैटेलाइट तक पहुंचता है। फिर टीडीआरएस इसे न्यू मैक्सिको के व्हाइट सैंड्स कॉम्प्लेक्स तक रिले करता है, जहां से लैंडलाइन के जरिए ह्यूस्टन में मिशन कंट्रोल तक सिग्नल जाता है। पूरी प्रक्रिया मिलीसेकंड में पूरी होती है, इसलिए बातचीत में कोई noticeable देरी नहीं होती। वैज्ञानिक डेटा का पृथ्वी पर ट्रांसमिशनस्पेस स्टेशन पर एस्ट्रोनॉट्स भौतिकी, जीव विज्ञान, खगोल विज्ञान और मौसम विज्ञान जैसे कई प्रयोग करते हैं। इन प्रयोगों से मिलने वाला डेटा भी उसी स्पेस नेटवर्क के जरिए पृथ्वी पर भेजा जाता है। डेटा रेडियो सिग्नल में बदलकर टीडीआरएस सैटेलाइट तक भेजा जाता है, फिर व्हाइट सैंड्स और ह्यूस्टन होते हुए वैज्ञानिकों तक पहुंचाया जाता है। इस प्रक्रिया के कारण वैज्ञानिक लगभग रीयल टाइम में डेटा प्राप्त कर पाते हैं। शिक्षा और संपर्क में सुधारनासा इस नेटवर्क का इस्तेमाल शिक्षा कार्यक्रमों के लिए भी करता है। अंतरिक्ष यात्री वीडियो और वॉइस कॉल के जरिए स्कूलों के बच्चों के सवालों का जवाब देते हैं। पहले, जब यह नेटवर्क नहीं था, तो संपर्क सिर्फ 15 मिनट तक सीमित था। अब लगभग हर समय अंतरिक्ष यात्री और पृथ्वी की टीम के बीच सतत संपर्क रहता है। प्रबंधन और निगरानीस्पेस नेटवर्क का प्रबंधन नासा के गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर (मैरीलैंड) द्वारा किया जाता है। इसके रणनीतिक संचालन की देखरेख स्कैन प्रोग्राम ऑफिस करता है। यह सुनिश्चित करता है कि अंतरिक्ष और पृथ्वी के बीच डेटा और आवाज का आदान-प्रदान लगातार और सुरक्षित रहे।