शनिवार पूजा विधि: शनि देव की कृपा पाने के लिए ऐसे करें पूजा, दूर होंगी बाधाएं और मिलेगा शुभ फल

नई दिल्ली। हिंदू धर्म में शनिवार का दिन न्याय के देवता और कर्मफलदाता भगवान शनि की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक शनि देव की पूजा करने से व्यक्ति को अपने कर्मों के अनुसार शुभ फल प्राप्त होते हैं तथा जीवन में आने वाली बाधाओं और परेशानियों से राहत मिलती है। ज्योतिष शास्त्र में भी शनिवार के दिन किए गए कुछ विशेष उपायों और पूजा-विधि का उल्लेख मिलता है, जिन्हें अपनाने से शनि की कृपा प्राप्त हो सकती है। शनिवार की पूजा के लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित कर भगवान गणेश, भगवान शिव और शनि देव का स्मरण करें। शनि देव की पूजा में काले तिल, सरसों का तेल, नीले या काले रंग के फूल तथा उड़द की दाल का विशेष महत्व माना जाता है। पूजा के दौरान शनि देव की प्रतिमा या चित्र के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं। इसके बाद काले तिल अर्पित करें और शनि मंत्रों का जाप करें। “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करना शुभ माना जाता है। यदि संभव हो तो शनि चालीसा और शनि स्तोत्र का पाठ भी करें। इससे मानसिक शांति मिलने के साथ-साथ नकारात्मक प्रभावों में कमी आने की मान्यता है। शनिवार के दिन भगवान शिव की पूजा का भी विशेष महत्व बताया गया है। शिवलिंग पर जल और काले तिल अर्पित करने से शनि दोष का प्रभाव कम होने की मान्यता है। इसके अलावा पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना और वृक्ष की परिक्रमा करना भी शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शनिवार को जरूरतमंद लोगों को दान करना अत्यंत फलदायी माना गया है। काले तिल, कंबल, काली उड़द, लोहे के पात्र या भोजन का दान करने से शनि देव प्रसन्न होते हैं। साथ ही गरीबों और असहाय लोगों की सहायता करना भी विशेष पुण्यदायी माना जाता है। शनिवार के दिन हनुमान जी की पूजा करने का भी विशेष महत्व है। मान्यता है कि हनुमान जी की आराधना से शनि देव के कष्टकारी प्रभावों से राहत मिलती है। इसलिए इस दिन हनुमान चालीसा का पाठ करना और मंदिर में जाकर दर्शन करना लाभकारी माना जाता है। धार्मिक विश्वासों के अनुसार नियमित रूप से शनिवार की पूजा और सद्कर्म करने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं। हालांकि पूजा के साथ-साथ अच्छे कर्म, अनुशासित जीवनशैली और दूसरों के प्रति सम्मान का भाव भी उतना ही महत्वपूर्ण माना गया है।
जिस सपने को दुनिया ने पागलपन कहा, उसी ने बनाया एलन मस्क को वैश्विक कारोबार का सबसे बड़ा नाम

नई दिल्ली । आज अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और नवाचार की दुनिया में एलन मस्क का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है, लेकिन उनकी सफलता की कहानी संघर्ष, जोखिम और असंभव लगने वाले सपनों से होकर गुजरी है। जिस विचार को कभी विशेषज्ञों और करीबी लोगों ने अव्यावहारिक और असफल होने वाला सपना बताया था, वही आज दुनिया की सबसे प्रभावशाली अंतरिक्ष कंपनियों में से एक का आधार बन चुका है। करीब दो दशक पहले जब एलन मस्क ने निजी क्षेत्र में अंतरिक्ष मिशन संचालित करने की कल्पना की थी, तब यह विचार अधिकांश लोगों को अवास्तविक लगता था। उस समय अंतरिक्ष कार्यक्रमों पर मुख्य रूप से सरकारों और राष्ट्रीय एजेंसियों का नियंत्रण था। ऐसे माहौल में किसी निजी कंपनी द्वारा रॉकेट बनाकर अंतरिक्ष तक पहुंचने की बात को गंभीरता से नहीं लिया जाता था। शुरुआती दौर में मस्क का लक्ष्य अंतरिक्ष अनुसंधान को नई दिशा देना था। सीमित संसाधनों और तकनीकी अनुभव की कमी के बावजूद उन्होंने कम लागत में समाधान तलाशने की कोशिश की। इसी प्रयास के तहत उन्होंने पुराने रॉकेट और मिसाइल तकनीक हासिल करने का प्रयास किया, लेकिन उन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिली। कई विशेषज्ञों ने भी इस योजना को अव्यावहारिक बताते हुए आगे बढ़ने से मना किया। हालांकि मस्क ने हार नहीं मानी। उन्होंने स्वयं रॉकेट विकसित करने का फैसला किया और स्पेसएक्स की नींव रखी। कंपनी के शुरुआती वर्षों में चुनौतियां लगातार सामने आती रहीं। पहले रॉकेट कार्यक्रमों के कई परीक्षण असफल रहे और कंपनी आर्थिक संकट के दौर से भी गुजरी। एक समय ऐसा भी आया जब कंपनी के पास केवल एक अंतिम प्रयास के लिए पर्याप्त संसाधन बचे थे। निर्णायक मोड़ तब आया जब लगातार असफलताओं के बाद एक महत्वपूर्ण रॉकेट मिशन सफल रहा। इस उपलब्धि ने न केवल कंपनी को नया जीवन दिया, बल्कि अंतरिक्ष उद्योग में उसकी विश्वसनीयता भी स्थापित कर दी। इसके बाद कंपनी को बड़े अनुबंध मिलने लगे और अंतरिक्ष परिवहन के क्षेत्र में उसकी भूमिका तेजी से बढ़ी। स्पेसएक्स ने पुनः उपयोग किए जा सकने वाले रॉकेट विकसित कर अंतरिक्ष अभियानों की लागत को काफी कम कर दिया। इस तकनीकी बदलाव ने वैश्विक अंतरिक्ष उद्योग में नई प्रतिस्पर्धा को जन्म दिया। दुनिया भर के अनेक उपग्रह प्रक्षेपण मिशनों में कंपनी की भागीदारी बढ़ती गई और उसने व्यावसायिक अंतरिक्ष सेवाओं के क्षेत्र में मजबूत स्थिति बना ली। बाद के वर्षों में कंपनी ने सैटेलाइट आधारित इंटरनेट सेवा की शुरुआत की, जिसने उसके कारोबारी मॉडल को और मजबूत बनाया। दूरदराज क्षेत्रों तक इंटरनेट पहुंचाने की इस पहल ने कंपनी के राजस्व स्रोतों का विस्तार किया और उसे वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई। एलन मस्क का अंतिम लक्ष्य अब भी अंतरिक्ष अन्वेषण को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना और भविष्य में मानव बस्तियों को पृथ्वी से बाहर स्थापित करना है। इसी दिशा में बड़े और अत्याधुनिक रॉकेटों का विकास जारी है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्पेसएक्स ने अंतरिक्ष क्षेत्र में ऐसे अवसरों का मार्ग प्रशस्त किया है, जो आने वाले दशकों में वैश्विक अर्थव्यवस्था और तकनीकी विकास को नई दिशा दे सकते हैं। आज स्पेसएक्स की सफलता केवल एक कंपनी की उपलब्धि नहीं, बल्कि उस सोच का प्रतीक बन चुकी है जिसमें असंभव समझे जाने वाले विचार भी दृढ़ संकल्प, नवाचार और निरंतर प्रयास से वास्तविकता में बदले जा सकते हैं।
कथित बैंक लोन धोखाधड़ी मामले में ईडी का शिकंजा, एडीएजी के पूर्व शीर्ष अधिकारियों पर कार्रवाई

नई दिल्ली । प्रवर्तन निदेशालय द्वारा कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में रिलायंस अनिल अंबानी समूह के दो पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों की गिरफ्तारी के बाद कारोबारी और वित्तीय क्षेत्र में हलचल बढ़ गई है। जांच एजेंसी ने मामले में आगे की कार्रवाई करते हुए दोनों पूर्व अधिकारियों को हिरासत में लिया है और उनकी भूमिका की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। जांच के दायरे में आए दोनों अधिकारी समूह की विभिन्न कंपनियों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई एक कथित ऋण धोखाधड़ी मामले से जुड़ी जांच के आधार पर की गई है, जिसमें सार्वजनिक क्षेत्र के एक प्रमुख बैंक को वित्तीय नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि ऋण वितरण और उसके उपयोग की प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता हुई थी या नहीं। मामले से जुड़े सूत्रों का कहना है कि संबंधित कंपनियों को बैंकिंग कंसोर्टियम की ओर से बड़ी वित्तीय सहायता प्रदान की गई थी। बाद में ऋण वापसी और धन के उपयोग को लेकर सवाल खड़े हुए, जिसके बाद जांच एजेंसियों ने मामला दर्ज कर विस्तृत पड़ताल शुरू की। इसी जांच के क्रम में संबंधित पूर्व अधिकारियों की भूमिका की समीक्षा की जा रही है। गिरफ्तारी के बाद रिलायंस समूह की ओर से जारी प्रतिक्रिया में कहा गया कि दोनों व्यक्ति अब कंपनी या समूह की किसी भी इकाई से जुड़े नहीं हैं। कंपनी के अनुसार, एक अधिकारी ने वर्ष 2025 में समूह छोड़ा था, जबकि दूसरे अधिकारी कई वर्ष पहले ही अपने पदों से अलग हो चुके थे। समूह ने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान प्रबंधन का इन व्यक्तियों की व्यक्तिगत कानूनी स्थिति से कोई संबंध नहीं है। इस मामले से पहले भी समूह की कुछ पूर्व इकाइयों से जुड़े वित्तीय मामलों की जांच विभिन्न एजेंसियों द्वारा की जा चुकी है। हाल के महीनों में बैंक ऋणों और वित्तीय लेन-देन से संबंधित कई मामलों में जांच तेज हुई है, जिससे कॉर्पोरेट क्षेत्र में जवाबदेही और अनुपालन को लेकर चर्चा बढ़ी है। इसी बीच एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम में राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण ने उद्योगपति अनिल अंबानी के खिलाफ व्यक्तिगत दिवाला समाधान प्रक्रिया शुरू करने की अनुमति दी है। यह मामला कुछ कंपनियों को दिए गए ऋणों के लिए प्रदान की गई व्यक्तिगत गारंटी से जुड़ा बताया जा रहा है। इस फैसले के बाद कानूनी और वित्तीय हलकों में इसकी व्यापक चर्चा हो रही है। अनिल अंबानी की ओर से जारी प्रतिक्रिया में कहा गया है कि आदेश की विस्तृत प्रति मिलने के बाद कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेकर आगे की रणनीति तय की जाएगी। साथ ही संबंधित मंचों पर उपलब्ध कानूनी विकल्पों का उपयोग करते हुए फैसले को चुनौती देने की संभावना भी जताई गई है। वित्तीय विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला केवल एक कंपनी या व्यक्तियों तक सीमित नहीं है, बल्कि बैंकिंग प्रणाली में पारदर्शिता, कॉर्पोरेट गवर्नेंस और ऋण प्रबंधन से जुड़े व्यापक मुद्दों को भी सामने लाता है। आने वाले दिनों में जांच एजेंसियों और न्यायिक संस्थाओं की कार्रवाई पर बाजार और निवेशकों की नजर बनी रहेगी।
स्पेसएक्स की ऐतिहासिक एंट्री, पहले ही दिन शेयरों में जोरदार उछाल; मार्केट वैल्यू ने बनाया नया रिकॉर्ड

नई दिल्ली । एलन मस्क की अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी कंपनी स्पेसएक्स ने शेयर बाजार में ऐतिहासिक शुरुआत करते हुए निवेशकों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया है। लंबे समय से प्रतीक्षित सार्वजनिक निर्गम के बाद कंपनी के शेयरों में पहले ही कारोबारी दिन जोरदार तेजी देखने को मिली, जिससे यह वर्ष की सबसे चर्चित बाजार घटनाओं में शामिल हो गई। लिस्टिंग के बाद कंपनी के शेयरों ने मजबूत प्रदर्शन किया और शुरुआती निवेशकों को उल्लेखनीय लाभ मिला। कारोबार के अंत तक शेयर अपने निर्गम मूल्य से काफी ऊपर बंद हुए। इस तेजी के परिणामस्वरूप कंपनी का कुल बाजार मूल्य रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया और वह दुनिया की सबसे मूल्यवान सार्वजनिक कंपनियों की सूची में शामिल हो गई। स्पेसएक्स के सार्वजनिक निर्गम को निवेशकों से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। संस्थागत और खुदरा दोनों वर्गों के निवेशकों ने इसमें बड़ी रुचि दिखाई। उपलब्ध शेयरों की तुलना में कई गुना अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि निवेशकों के बीच कंपनी को लेकर उत्साह काफी मजबूत है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्पेसएक्स की लोकप्रियता का प्रमुख कारण उसका तेजी से विस्तार करता अंतरिक्ष कारोबार, सैटेलाइट सेवाएं और उन्नत तकनीकी परियोजनाएं हैं। हाल के वर्षों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता और भविष्य की तकनीकों को लेकर निवेशकों की बढ़ती रुचि ने भी कंपनी के प्रति सकारात्मक माहौल तैयार किया है। कंपनी की बाजार में मजबूत शुरुआत का लाभ उसके संस्थापक एलन मस्क को भी मिला। कंपनी में उनकी बड़ी हिस्सेदारी के कारण उनकी कुल संपत्ति में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। इस घटनाक्रम ने वैश्विक कारोबारी जगत में उनकी स्थिति को और मजबूत किया है। हालांकि कुछ बाजार विश्लेषकों ने कंपनी के ऊंचे मूल्यांकन को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। उनका मानना है कि कंपनी के वर्तमान वित्तीय प्रदर्शन और बाजार मूल्य के बीच बड़ा अंतर दिखाई देता है। ऐसे में भविष्य में निवेशकों की अपेक्षाओं पर खरा उतरना कंपनी के लिए महत्वपूर्ण चुनौती हो सकता है। इसके बावजूद बाजार की शुरुआती प्रतिक्रिया यह संकेत देती है कि निवेशक स्पेसएक्स को केवल एक अंतरिक्ष कंपनी के रूप में नहीं, बल्कि भविष्य की तकनीक, नवाचार और वैश्विक कनेक्टिविटी के बड़े अवसरों के रूप में देख रहे हैं। यही कारण है कि कंपनी ने अपने पहले ही दिन शेयर बाजार में मजबूत पहचान बनाते हुए एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है।
अमेरिका-ईरान शांति समझौते की उम्मीद से बाजार में लौटी तेजी, इस सप्ताह सेंसेक्स-निफ्टी में दर्ज की गई शानदार बढ़त

नई दिल्ली । वैश्विक स्तर पर सकारात्मक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी के बीच भारतीय शेयर बाजार ने इस सप्ताह उल्लेखनीय मजबूती दिखाई। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की बढ़ती उम्मीदों ने निवेशकों के भरोसे को मजबूत किया, जिसका असर घरेलू बाजारों पर भी देखने को मिला। लगातार दो सप्ताह की कमजोरी के बाद बाजार ने वापसी करते हुए प्रमुख सूचकांकों को ऊंचे स्तरों तक पहुंचाया। सप्ताह के दौरान निवेशकों की धारणा में सुधार का सबसे बड़ा कारण पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद रही। भू-राजनीतिक जोखिमों में कमी की संभावना के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सकारात्मक माहौल बना, जिसका लाभ भारतीय इक्विटी बाजार को मिला। साथ ही ब्रेंट क्रूड की कीमतों में नरमी ने आयात-निर्भर भारतीय अर्थव्यवस्था को राहत का संकेत दिया। कारोबारी सप्ताह के अंतिम दिन बाजार में जोरदार खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी लगभग दो प्रतिशत की मजबूती के साथ 23,600 अंक के ऊपर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स भी उल्लेखनीय बढ़त दर्ज कर 75,500 अंक के स्तर को पार करने में सफल रहा। पूरे सप्ताह के दौरान दोनों प्रमुख सूचकांकों ने मजबूत प्रदर्शन किया और निवेशकों की संपत्ति में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और अमेरिकी केंद्रीय बैंक की ब्याज दर नीति को लेकर बनी अनिश्चितताओं के बावजूद भारतीय बाजार की बुनियादी स्थिति मजबूत बनी हुई है। लार्ज-कैप कंपनियों में निवेशकों का भरोसा कायम रहा, जबकि हाल के महीनों में तेज बढ़त हासिल कर चुके मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में सीमित मुनाफावसूली देखने को मिली। वित्तीय क्षेत्र इस सप्ताह बाजार का सबसे मजबूत स्तंभ बनकर उभरा। निजी बैंकों में निवेशकों की सक्रिय खरीदारी और सकारात्मक नियामकीय माहौल ने बैंकिंग शेयरों को समर्थन दिया। इसके अलावा उपभोक्ता उत्पाद क्षेत्र की कंपनियों में भी अच्छी तेजी दर्ज की गई, क्योंकि निवेशक अपेक्षाकृत सुरक्षित और स्थिर आय वाले क्षेत्रों की ओर आकर्षित हुए। दूसरी ओर सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र दबाव में बना रहा। अमेरिका में आर्थिक अनिश्चितताओं और तकनीकी खर्च में संभावित कमी की आशंकाओं ने आईटी शेयरों की गति को सीमित किया। वहीं धातु क्षेत्र पर भी दबाव देखने को मिला, क्योंकि चीन में मांग कमजोर रहने की चिंताओं और कमोडिटी कीमतों में नरमी ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। विदेशी संस्थागत निवेशकों की बिकवाली बाजार के लिए चुनौती बनी रही। सप्ताह के दौरान विदेशी निवेशकों ने बड़े पैमाने पर शेयरों की बिक्री की, हालांकि सप्ताह के अंतिम चरण में यह दबाव कुछ कम होता दिखाई दिया। इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशकों ने लगातार खरीदारी जारी रखी और बाजार को मजबूत समर्थन प्रदान किया। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में बाजार की दिशा कई महत्वपूर्ण आर्थिक घटनाक्रमों पर निर्भर करेगी। घरेलू महंगाई से जुड़े आंकड़े, चीन के औद्योगिक उत्पादन के संकेतक और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति निवेशकों की नजर में रहेंगे। यदि वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता कम होती है और विदेशी निवेशकों की बिकवाली घटती है, तो भारतीय शेयर बाजार में तेजी का रुख आगे भी जारी रह सकता है।
शनिवार को अपनाएं ये आसान वास्तु उपाय, शनि देव की कृपा से दूर हो सकती हैं बाधाएं

नई दिल्ली। हिंदू धर्म में शनिवार का दिन भगवान शनि देव को समर्पित माना जाता है। ज्योतिष और वास्तु शास्त्र दोनों में इस दिन का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि शनिवार को किए गए कुछ सरल उपाय व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। यदि घर में लगातार आर्थिक परेशानी, मानसिक तनाव, पारिवारिक कलह या कार्यों में रुकावटें आ रही हैं तो वास्तु के कुछ उपाय लाभदायक साबित हो सकते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार शनिवार के दिन घर की पश्चिम और दक्षिण दिशा की विशेष सफाई करनी चाहिए। इन दिशाओं का संबंध शनि ग्रह से माना जाता है। साफ-सुथरा वातावरण सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है और नकारात्मक प्रभावों को कम करने में मदद करता है। शनिवार को घर के मुख्य द्वार के आसपास गंदगी नहीं रहने देना चाहिए। मुख्य द्वार से ही सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। इस दिन सरसों के तेल का दीपक मुख्य द्वार या पीपल के पेड़ के नीचे जलाना शुभ माना जाता है। ऐसा करने से शनि देव की कृपा प्राप्त होने की मान्यता है। यदि घर में लोहे का कोई टूटा-फूटा सामान लंबे समय से पड़ा है तो शनिवार को उसे हटाना या ठीक करवाना बेहतर माना जाता है। वास्तु के अनुसार बेकार और अनुपयोगी वस्तुएं नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाती हैं। घर में कबाड़ जमा होने से आर्थिक प्रगति भी प्रभावित हो सकती है। शनिवार के दिन काले तिल, उड़द दाल या लोहे से बनी वस्तुओं का दान करना भी शुभ माना जाता है। जरूरतमंद लोगों की सहायता करने से शनि ग्रह के अशुभ प्रभाव कम हो सकते हैं और जीवन में स्थिरता आती है। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार शनिवार को घर के दक्षिण-पश्चिम कोने में भारी वस्तुएं रखना लाभकारी माना जाता है। इससे घर में स्थिरता बनी रहती है और परिवार के सदस्यों का आत्मविश्वास बढ़ता है। वहीं इस दिशा में अनावश्यक खाली स्थान या गंदगी रखने से बचना चाहिए। शनिवार को पीपल के पेड़ की पूजा और परिक्रमा का भी विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि इससे शनि देव प्रसन्न होते हैं और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं। हालांकि पूजा करते समय श्रद्धा और सकारात्मक भावना का होना सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। ध्यान रखें कि वास्तु उपायों के साथ-साथ सकारात्मक सोच, परिश्रम और अच्छे कर्म भी सफलता और सुख-समृद्धि के लिए आवश्यक हैं। शनिवार के दिन इन छोटे-छोटे उपायों को अपनाकर घर में सकारात्मक वातावरण बनाया जा सकता है।
TMC में बड़ा सियासी संकट, 19 सांसद अलग गुट बनाने की तैयारी में, NDA के साथ जाने के संकेत

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में हालिया राजनीतिक घटनाक्रम के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर अंदरूनी कलह अब संसद तक पहुंचती नजर आ रही है। पार्टी के 28 लोकसभा सांसदों में से 19 सांसदों के एक अलग गुट बनाने के दावे ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है। यह बागी समूह सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात कर अलग गुट के रूप में मान्यता देने की मांग कर सकता है और साथ ही सदन में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के साथ बैठने की अनुमति भी चाहता है। सूत्रों और बागी गुट के नेताओं के अनुसार, सांसद खुद को “असली टीएमसी” के रूप में मान्यता देने की मांग करेंगे। इस समूह की ओर से वरिष्ठ सांसद काकोली घोष दस्तीदार को नेता और शताब्दी रॉय को उपनेता के रूप में प्रस्तावित किए जाने की बात भी सामने आई है। साथ ही यह भी दावा किया जा रहा है कि उनके पास 19 सांसदों का समर्थन है और अन्य सांसदों के लिए भी दरवाजे खुले हैं। बताया जा रहा है कि इस घटनाक्रम के बाद NDA की संसदीय ताकत बढ़ सकती है, जिससे संसद में विपक्षी समीकरणों पर भी असर पड़ सकता है। हालांकि, इस पूरे मामले में अंतिम निर्णय लोकसभा अध्यक्ष और आगे चलकर चुनाव आयोग (EC) की प्रक्रिया पर निर्भर करेगा। बागी गुट के नेताओं ने आरोप लगाया है कि पार्टी में आंतरिक असंतोष की वजह नेतृत्व शैली और संगठनात्मक फैसले हैं। उनका कहना है कि पहले जब तक ममता बनर्जी का सीधा नियंत्रण था, स्थिति स्थिर थी, लेकिन अब संगठन में बदलाव के बाद असंतोष बढ़ा है। कुछ नेताओं ने यहां तक दावा किया है कि पार्टी अब “कॉरपोरेट ढांचे” की तरह काम कर रही है, जहां जमीनी नेताओं की अनदेखी हो रही है। बागी सांसदों का यह भी तर्क है कि वे जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि हैं और अपने क्षेत्रों के विकास कार्यों के लिए केंद्र सरकार के साथ बेहतर समन्वय आवश्यक है। इसी वजह से वे NDA के साथ जुड़कर काम करने की बात कर रहे हैं। उन्होंने यह स्पष्ट किया है कि पहले लोकसभा अध्यक्ष से मान्यता लेने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी और उसके बाद चुनाव आयोग का रुख किया जाएगा। इसी बीच, पार्टी के भीतर अन्य स्तरों पर भी असंतोष के संकेत सामने आए हैं। वरिष्ठ नेताओं की नाराजगी और बैठक से दूरी बनाए जाने की खबरों ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। कुछ नेताओं ने संगठनात्मक फैसलों और रणनीतिक प्रबंधन पर सवाल उठाए हैं, जिससे TMC के भीतर गुटबाजी की चर्चाएं तेज हो गई हैं। फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम पर सभी की नजरें लोकसभा अध्यक्ष के निर्णय और चुनाव आयोग की संभावित भूमिका पर टिकी हुई हैं, जो आगे की राजनीतिक दिशा तय कर सकते हैं।
सोमवती अमावस्या 2026: कुंडली के गृह दोषों को शांत करने के लिए अपनी राशि के मुताबिक करें शिवजी का जलाभिषेक, कटेंगे सारे पाप

नई दिल्ली। सनातन धर्म में सोमवती अमावस्या को एक अत्यंत पवित्र, कल्याणकारी और आध्यात्मिक रूप से प्रभावशाली तिथि माना गया है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस वर्ष अधिकमास के दौरान आने वाली सोमवती अमावस्या आगामी 15 जून 2026 को पड़ रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह विशेष तिथि मुख्य रूप से पितरों की तृप्ति और तर्पण के लिए समर्पित होती है, लेकिन सोमवार के दिन अमावस्या का होना इसे शिव साधना के लिए सर्वोत्तम बनाता है। ज्योतिषविदों का मानना है कि इस दिव्य संयोग पर यदि कोई जातक अपनी राशि के अनुसार विशेष पूजन सामग्री से शिवलिंग का अभिषेक करता है, तो उसके संचित पापों का नाश होता है, अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और कुंडली में प्रतिकूल ग्रहों की स्थिति भी संतुलित हो जाती है। धार्मिक दृष्टिकोण से सोमवार का दिन देवों के देव महादेव की उपासना के लिए पहले से ही निश्चित है, और इसी दिन अमावस्या तिथि का आना एक दुर्लभ और महासंयोग का निर्माण करता है। इस पावन अवसर पर श्रद्धालुओं को सुबह जल्दी उठकर स्नान-ध्यान के बाद भगवान शिव और माता पार्वती की संयुक्त रूप से पूजा-अर्चना करनी चाहिए। इसके पश्चात पास के किसी भी प्राचीन या सिद्ध शिव मंदिर में जाकर पूरी श्रद्धा के साथ शिवलिंग पर राशि आधारित द्रव्यों से अभिषेक करना जीवन के बड़े से बड़े संकटों को दूर करने वाला माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, इस विधि से की गई पूजा जीवन में अटूट सुख, समृद्धि और मानसिक शांति लेकर आती है। ज्योतिष शास्त्र के सिद्धांतों के आधार पर सभी बारह राशियों के लिए अलग-अलग अभिषेक पद्धतियां बताई गई हैं, जो जातक के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं। मेष राशि के जातकों को इस पावन दिन पर शिवलिंग पर केवल पवित्र गंगाजल अर्पित करते हुए अभिषेक करना चाहिए, जिससे उनकी ऊर्जा सही दिशा में प्रवाहित हो सके। वृषभ राशि के जातकों के लिए सलाह दी जाती है कि वे गंगाजल में थोड़ा सा शुद्ध दूध मिलाकर महादेव का अभिषेक करें। मिथुन राशि के लोगों को दूध में दूर्वा (दूब घास) मिलाकर शिवलिंग पर अर्पित करनी चाहिए, जबकि कर्क राशि के जातकों के लिए इस दिन ताजे दही से भगवान शिव का अभिषेक करना अत्यंत शुभ और मानसिक शांति प्रदायक रहेगा। सिंह राशि के जातकों को सूर्य देव के प्रभाव के कारण गंगाजल में लाल रंग के फूल (विशेषकर गुड़हल या गुलाब) डालकर शिव जी को अर्पित करना चाहिए। कन्या राशि के लोगों के लिए गंगाजल में दूर्वा डालकर अभिषेक करना व्यापार और स्वास्थ्य के लिए लाभकारी रहेगा। तुला राशि के जातकों को सुख-सौभाग्य में वृद्धि के लिए दूध, दही, घी, शहद और चीनी के मिश्रण यानी पंचामृत से शिवलिंग का विधिपूर्वक अभिषेक करना चाहिए। वृश्चिक राशि के लोगों को मंगल के प्रभाव स्वरूप दूध में शुद्ध शहद मिलाकर महादेव पर चढ़ाना चाहिए, जिससे उनके पराक्रम में वृद्धि होगी और शत्रुओं का शमन होगा। ज्ञान और धर्म के प्रतीक धनु राशि के जातकों के लिए सोमवती अमावस्या पर दूध में केसर की कुछ पत्तियां या केसरिया चंदन डालकर शिवलिंग का अभिषेक करना सर्वोत्तम फल देने वाला रहेगा। शनि देव के स्वामित्व वाली मकर राशि के लोगों को अपने कष्टों की निवृत्ति के लिए गंगाजल में काले तिल मिलाकर शिव जी का तर्पण और अभिषेक करना चाहिए। वहीं कुंभ राशि के जातकों के लिए इस विशिष्ट तिथि पर नारियल के जल से शिवलिंग का अभिषेक करना अत्यंत कल्याणकारी और धन-धान्य बढ़ाने वाला बताया गया है। अंत में, मीन राशि के जातकों को अपने करियर और आध्यात्मिक उन्नति के लिए गन्ने के शुद्ध रस से भगवान भोलेनाथ का अभिषेक करना चाहिए, जिससे उनके जीवन की सभी बाधाएं स्वतः समाप्त हो जाएंगी।
मस्क की दौलत में उछाल, दुनिया के हर इंसान को बांटे तो मिल सकते हैं 10 हजार रुपये, बने पहले ट्रिलियनेयर

नई दिल्ली। दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी एलन मस्क ने एक नया इतिहास रच दिया है। स्पेसएक्स के शेयर बाजार में शानदार प्रदर्शन के बाद उनकी कुल संपत्ति 1.1 ट्रिलियन डॉलर (करीब 92 लाख करोड़ रुपये) से अधिक पहुंच गई है। इसके साथ ही वह दुनिया के पहले ट्रिलियनेयर बन गए हैं। उनकी संपत्ति इतनी विशाल है कि यदि इसे दुनिया की पूरी आबादी में बराबर बांट दिया जाए तो हर व्यक्ति को लगभग 122 डॉलर यानी करीब 10,300 रुपये मिल सकते हैं। फोर्ब्स की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को स्पेसएक्स के मूल्य में आई बड़ी तेजी के बाद एलन मस्क की कुल संपत्ति 1.1 ट्रिलियन डॉलर के स्तर को पार कर गई। यह उपलब्धि उन्हें वैश्विक स्तर पर सबसे अलग और प्रभावशाली आर्थिक शक्ति के रूप में स्थापित करती है। एक ट्रिलियन डॉलर की राशि का अनुमान लगाना आम इंसान के लिए आसान नहीं है। यह रकम 1 बिलियन डॉलर से एक हजार गुना और 1 मिलियन डॉलर से दस लाख गुना अधिक होती है। यही वजह है कि मस्क की संपत्ति को दुनिया की सबसे बड़ी व्यक्तिगत संपत्तियों में गिना जा रहा है। अगर एक ट्रिलियन डॉलर की नकदी को नोटों के रूप में एक सीधी लाइन में बिछाया जाए तो इसकी लंबाई करीब 9.7 करोड़ मील (15.6 करोड़ किलोमीटर) तक पहुंच जाएगी। यह दूरी पृथ्वी और सूर्य के बीच की लगभग 9.3 करोड़ मील की दूरी से भी ज्यादा है। वहीं, नासा के आंकड़ों के अनुसार, इतनी लंबी कतार से पृथ्वी और चंद्रमा के बीच 200 से अधिक चक्कर लगाए जा सकते हैं। यूएस सेंसस ब्यूरो के अनुसार वर्तमान में दुनिया की आबादी लगभग 8.2 बिलियन है। यदि मस्क की एक ट्रिलियन डॉलर की संपत्ति को सभी लोगों में समान रूप से बांटा जाए तो प्रत्येक व्यक्ति के हिस्से में करीब 122 अमेरिकी डॉलर यानी लगभग 10,300 रुपये आएंगे। इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) के 2026 के आंकड़ों के अनुसार, दक्षिण अफ्रीका की पूरी अर्थव्यवस्था का आकार करीब 480 बिलियन डॉलर है। यह वही देश है जहां एलन मस्क का जन्म हुआ था। उनकी कुल संपत्ति दक्षिण अफ्रीका के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) से दोगुने से भी अधिक है। दुनिया में केवल 21 देशों की अर्थव्यवस्था ही ट्रिलियन डॉलर के आंकड़े को पार कर सकी है। फेडरल रिजर्व बैंक ऑफ सेंट लुइस के आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका में एक घर की औसत कीमत करीब 4,03,200 डॉलर है। इस हिसाब से मस्क की संपत्ति से अमेरिका में लगभग 25 लाख घर खरीदे जा सकते हैं। यह संख्या कई देशों की आवासीय जरूरतों के बराबर मानी जा सकती है। वहीं, AAA के अनुसार अमेरिका और इजरायल-ईरान संघर्ष के कारण तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के चलते अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमत 4.11 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है। इस दर पर एक ट्रिलियन डॉलर से 243 अरब गैलन से ज्यादा ईंधन खरीदा जा सकता है, जो पिछले वर्ष अमेरिका में उपभोग किए गए कुल 137 अरब गैलन ईंधन से कहीं अधिक है। फोर्ब्स की सूची के अनुसार दुनिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति गूगल के सह-संस्थापक लैरी पेज हैं, जिनकी कुल संपत्ति 295 बिलियन डॉलर है। वह मस्क से 705 बिलियन डॉलर पीछे हैं। दिलचस्प बात यह है कि लैरी पेज, सर्गेई ब्रिन (272 बिलियन डॉलर), जेफ बेजोस (247 बिलियन डॉलर) और लैरी एलिसन (228 बिलियन डॉलर) की संयुक्त संपत्ति भी मस्क की कुल दौलत के बराबर ही पहुंचती है।
MP में जल्द दस्तक देगा मानसून, आज 5 जिलों में तेज आंधी और 33 में बारिश का अलर्ट

भोपाल। मध्य प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार एक बार फिर बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, प्रदेश में मानसून 15 से 18 जून के बीच प्रवेश कर सकता है। मानसून के आगमन से पहले राज्यभर में प्री-मानसून गतिविधियां तेज बनी हुई हैं। कई इलाकों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। शुक्रवार को श्योपुर जिले में तेज आंधी ने भारी नुकसान पहुंचाया। अलग-अलग घटनाओं में चार लोगों की मौत हो गई। जिले में करीब एक इंच बारिश दर्ज की गई। वहीं सागर में आधा इंच पानी गिरा। जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी सहित कई जिलों में भी आंधी और बारिश हुई, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। हालांकि जून माह में अब तक प्रदेश में सामान्य से कम बारिश हुई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में औसत से 23 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। पूर्वी क्षेत्र के जबलपुर, रीवा, शहडोल और सागर संभागों में औसत से 55 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी हिस्से के भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभागों में औसत से 2 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने शनिवार को भिंड, दतिया, छतरपुर, पन्ना और सागर जिलों में तेज आंधी और बारिश की संभावना जताई है। इन जिलों में हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, नर्मदापुरम, बैतूल, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, मुरैना, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, दमोह, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में गरज-चमक, तेज हवाओं और बारिश का दौर बना रह सकता है। वहीं इंदौर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, देवास, आगर-मालवा, राजगढ़ और शाजापुर जिलों में मौसम साफ रहने और तेज धूप निकलने की संभावना है। बारिश और बादलों के असर से कई जिलों में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। ग्वालियर में 5.8 डिग्री की कमी के बाद अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री सेल्सियस रहा। दतिया में तापमान 4 डिग्री गिरकर 38.2 डिग्री पर पहुंच गया। रीवा में 7.3 डिग्री की गिरावट के साथ तापमान 35.2 डिग्री दर्ज किया गया, जबकि सतना में 6.6 डिग्री की कमी आई। सिवनी में तापमान 3 डिग्री और खजुराहो में 4 डिग्री तक नीचे आया।