दरअसल, AEPS सिस्टम को आधार नंबर और बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट या फेस) के जरिए आसान बैंकिंग के लिए बनाया गया था, लेकिन अब अपराधी इसी तकनीक का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्कैमर्स सोशल मीडिया या अन्य प्लेटफॉर्म से आपकी एक साफ फोटो हासिल कर लेते हैं और फिर AI तकनीक की मदद से आपका नकली चेहरा (डीपफेक) तैयार कर लेते हैं। इसके जरिए वे सिस्टम को धोखा देकर आपके बैंक खाते से पैसे निकाल लेते हैं, जिससे कुछ ही मिनटों में अकाउंट खाली हो सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के फ्रॉड से बचने के लिए सबसे जरूरी है सतर्कता और सही सेटिंग्स का इस्तेमाल। यूजर्स को तुरंत अपने आधार का बायोमेट्रिक लॉक कर देना चाहिए, ताकि कोई भी बिना अनुमति आपके फिंगरप्रिंट या फेस डेटा का उपयोग न कर सके। इसके लिए mAadhaar ऐप या UIDAI की वेबसाइट का सहारा लिया जा सकता है। इसके अलावा, अगर आप AEPS सेवा का नियमित उपयोग नहीं करते हैं तो अपने बैंक से इसे बंद या सीमित कराने की सलाह दी जाती है।
साइबर एक्सपर्ट्स यह भी चेतावनी दे रहे हैं कि सोशल मीडिया पर अपनी हाई-क्वालिटी तस्वीरें शेयर करते समय सावधानी बरतें, क्योंकि यही फोटो स्कैमर्स के लिए सबसे बड़ा हथियार बन सकती है। अगर आपके खाते से कोई संदिग्ध ट्रांजैक्शन होता है, तो तुरंत कार्रवाई करें और राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराएं, ताकि नुकसान को कम किया जा सके।