HIGHLIGHTS:
-
ग्वालियर हाईकोर्ट ने बीबीए को कॉमर्स ग्रेजुएट के बराबर माना।
-
याचिकाकर्ता को सहायक लेखापाल पद पर नियुक्ति का आदेश।
-
50% पिछला वेतन देने का निर्देश भी जारी।
-
विभाग का 2018 का आदेश रद्द किया गया।
-
निर्णय से योग्य उम्मीदवारों को अवसर सुनिश्चित करने का संदेश गया।
GWALIOR HIGH COURT : ग्वालियर। हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। बता दें कि कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सहायक लेखापाल के पद के लिए बीबीए (Bachelor of Business Administration) डिग्री को वाणिज्य स्नातक (कॉमर्स ग्रेजुएट) के समकक्ष माना जाएगा। न्यायमूर्ति आनंद सिंह बहरावत ने सर्वेश ढिंगरा की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।
भारती सिंह के घर खुशियों की बहार छोटे बेटे काजू की पहली झलक ने जीता दिल..
याचिकाकर्ता को नियुक्ति और वेतन का अधिकार
कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता को तीन माह के भीतर सहायक लेखापाल पद पर नियुक्त किया जाए। साथ ही उन्हें 50 प्रतिशत पिछला वेतन भी दिया जाएगा। यह आदेश याचिकाकर्ता की वरिष्ठता का लाभ सुनिश्चित करता है।
पद के लिए विशेष डिग्री की बाध्यता नहीं
नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने 30 जनवरी 2018 को सर्वेश की उम्मीदवारी रद्द कर दी थी, क्योंकि उनके पास बी.कॉम डिग्री नहीं थी। अदालत ने पाया कि सेवा नियमों में केवल वाणिज्य में स्नातक होना अनिवार्य है, न कि बी.कॉम डिग्री। जीवाजी विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों ने भी पुष्टि की है कि बीबीए डिग्री को वाणिज्य स्नातक के समकक्ष माना जा सकता है।
भर्ती प्रक्रिया पर न्यायिक हस्तक्षेप
यह मामला व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा आयोजित सहायक लेखापाल भर्ती से जुड़ा था। याचिकाकर्ता का चयन सही पाया गया और विभाग के पुराने आदेश को रद्द कर दिया गया।
सकारात्मक संदेश
इस फैसले से स्पष्ट संदेश गया है कि योग्य उम्मीदवारों को उनके अधिकार और योग्यता के आधार पर अवसर मिलने चाहिए, न कि केवल विशेष डिग्री के आधार पर।