पाकिस्तानी पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक मरने वालों में सेना के जवान और आम नागरिक दोनों शामिल हैं। धमाका इतना शक्तिशाली था कि ट्रेन के दो डिब्बे पटरी से उतरकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और उनमें आग लग गई।
प्रत्यक्षदर्शियों और सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में घटनास्थल से घना काला धुआं उठता देखा गया, जबकि राहत और बचाव दल मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटे रहे। कई घायल यात्रियों को स्ट्रेचर के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया, जिनमें से कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार यह ट्रेन क्वेटा से पेशावर की ओर जा रही थी और उसमें जवान अपने परिवारों के साथ ईद की छुट्टियां मनाने के लिए यात्रा कर रहे थे। धमाके के बाद पूरे इलाके को सुरक्षा बलों ने घेर लिया और जांच शुरू कर दी गई है।
फिलहाल किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है, लेकिन बलूचिस्तान में लंबे समय से सक्रिय अलगाववादी और उग्रवादी गुटों की गतिविधियों को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां सभी संभावनाओं की जांच कर रही हैं।
बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे बड़ा लेकिन सबसे पिछड़ा प्रांत माना जाता है, जहां लंबे समय से अलगाववादी आंदोलन और सुरक्षा बलों के बीच तनाव की स्थिति बनी रहती है। इस घटना ने एक बार फिर क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।