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होर्मुज में अमेरिकी नाकाबंदी से ग्लोबल मार्केट में उथल-पुथल …. कच्चा तेल 120 डॉलर के पार

तेहरान। ग्लोबल ऑयल मार्केट (Global Oil Market) में उथल-पुथल जारी है। अमेरिका के ईरान के खिलाफ सख्त रुख और होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) में जारी नौसैनिक नाकाबंदी (Naval blockade) के चलते कच्चे तेल के दाम (Crude Oil Price) लगातार बढ़ रहे हैं। गुरुवार को कीमतों में और इजाफा देखने को मिला, जबकि एक दिन पहले ही इनमें करीब 7 प्रतिशत की उछाल आई थी। ब्रेंट क्रूड 120 डॉलर के पारब्लूमबर्ग के मुताबिक इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज पर ब्रेंट क्रूड का जून कॉन्ट्रैक्ट 120.08 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जो पिछले बंद स्तर से 1.74 प्रतिशत अधिक है। वहीं, न्यूयॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज (Nymex) पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) का जून कॉन्ट्रैक्ट 0.55 प्रतिशत चढ़कर 107.47 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। ट्रंप का बयान: ‘सूअर की तरह घुट रहे हैं ईरान’अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू में साफ किया कि जब तक ईरान के साथ परमाणु समझौता नहीं हो जाता, तब तक होर्मुज स्ट्रेट की नाकाबंदी नहीं हटाई जाएगी। उन्होंने कहा, “यह नाकाबंदी बमबारी से कहीं ज्यादा कारगर है। वे (ईरान) सूअर की तरह घुट रहे हैं। उनके पास परमाणु हथियार नहीं हो सकते।” ईरान का प्रस्ताव भी खारिजइससे पहले ईरान ने परमाणु वार्ता को टालते हुए होर्मुज को फिर से खोलने का प्रस्ताव रखा था। लेकिन ट्रंप इससे खुश नहीं थे क्योंकि इसमें ईरान के परमाणु कार्यक्रम का मुद्दा नहीं उठाया गया था। शांति वार्ता ठप होने और नाकाबंदी जारी रहने से ग्लोबल एनर्जी सप्लाई चरमरा गई है। ध्यान रहे कि होर्मुज स्ट्रेट से होकर दुनिया के करीब 20 प्रतिशत तेल और गैस व्यापार की आवाजाही होती है। भारत पर क्या असर पड़ रहा है?भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का करीब 90 प्रतिशत आयात करता है। ऐसे में इस नाकाबंदी ने देश के लिए एलपीजी, एलएनजी और क्रूड ऑयल की सप्लाई बुरी तरह बाधित की है। महंगे कच्चे तेल का सीधा असर आम नागरिक की जेब पर भी पड़ने के आसार प्रबल होते जा रहे हैं, हालांकि पेट्रोल-डीजल के रिटेल दाम अभी स्थिर हैं। इक्रा की चेतावनी: इन सेक्टरों पर दबावरेटिंग एजेंसी इक्रा ने बुधवार को अनुमान जताया कि वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) में कच्चे माल की कीमतों में दबाव और सप्लाई कमी के चलते ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (OMCs, फर्टीलाइजर सेक्टर, केमिकल इंडस्ट्री, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन क्षेत्र के मुनाफे पर असर पड़ेगा। OMCs का मुनाफा क्यों घट रहा है?इक्रा के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट प्रशांत वशिष्ठ ने बताया कि क्रूड की ऊंची कीमतों के बावजूद पंप पर पेट्रोल-डीजल के दाम नहीं बढ़ाए गए हैं, जिससे तेल कंपनियों की लाभप्रदता प्रभावित हुई है। हाल ही में एक्साइज ड्यूटी में कटौती के बाद भी यह स्थिति बनी हुई है। कंपनियों को पेट्रोल-डीजल पर कितना हो रहा नुकसानउनके अनुसार, अगर क्रूड 120-125 डॉलर प्रति बैरल पर रहता है और लॉन्ग-टर्म औसत क्रैक स्प्रेड बना रहता है, तो पेट्रोल पर मार्केटिंग मार्जिन लगभग माइनस 14 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर माइनस 18 रुपये प्रति लीटर रहने का अनुमान है। क्या आगे और बढ़ेंगे दाम?विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक होर्मुज स्ट्रेट में नाकाबंदी जारी रहेगी और अमेरिका-ईरान वार्ता में सफलता नहीं मिलती, तब तक तेल की कीमतों में गिरावट की संभावना कम है। भारत जैसे आयात पर निर्भर देश के लिए यह चिंता का विषय बना हुआ है।

पांच राज्यों के चुनाव के बाद भी पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं….

नई दिल्ली। 5 राज्यों के चुनाव के बाद आज पेट्रोल-डीजल (Petrol Diesel Price) के नए रेट जारी हो गए हैं। इस बीच बुरी खबर ये है कि कच्चा तेल (Crude oil) 119 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया है। आज 30 अप्रैल को सुबह 6 बजे सरकारी ऑयल माार्केटिंग कंपनियों (Government oil marketing companies) इंडियन ऑयल, एचपीसीएल और बीपीसीएल ने फ्यूल के रेट अपडेट कीं। आज के ताजा रेट के मुताबिक दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर पर उपलब्ध है। बता दें कि अप्रैल 2022 के शुरू से ही पेट्रोल और डीजल के रिटेल दाम नहीं बदले हैं। कच्चे तेल की कीमतों में लगी आगईरान-अमेरिका युद्ध के चलते कच्चे तेल की कीमतें अभी भी 119 डॉलर प्रति बैरल के पार हैं। युद्ध शुरू होने से पहले कच्चे तेल की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास थीं। ब्रेंट क्रूड 119 डॉलर प्रति बैरल के पार ट्रेड कर रहा है। जबकि, WTI के भाव 106 डॉलर प्रति बैरल पर हैं। क्या कही थी सरकारकेंद्र सरकार ने उन अटकलों को खारिज कर दिया था कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं। केंद्र सरकार ने स्पष्ट कहा कि फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है। आज चुनाव के बाद भी तेल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। ₹10 और ₹12.50 की बढ़ोतरी की अफवाहबता दें चुनाव बाद पेट्रोल डीजल के रेट में इजाफे को लेकर सोशल मीडिया पर एक आदेश वायरल हो रहा है। इस दावा किया गया है कि आदेश पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में क्रमशः ₹10 और ₹12.50 की बढ़ोतरी की गई है।” पीआईबी फैक्ट चेक ने कहा कि भारत सरकार ने ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया है। भारत में आज कहां मिल रहा सस्ता पेट्रोल– पोर्ट ब्लेयर, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह: ₹82.46 प्रति लीटर– ईटानगर, अरुणाचल प्रदेश: ₹90.87 प्रति लीटर– सिलवासा, दादरा और नगर हवेली: ₹92.37 प्रति लीटर– दमन, दमन और दीव: ₹92.55 प्रति लीटर– हरिद्वार, उत्तराखंड: ₹92.78 प्रति लीटर– रुद्रपुर, उत्तराखंड: ₹92.94 प्रति लीटर– ऊना, हिमाचल प्रदेश: ₹93.27 प्रति लीटर– देहरादून, उत्तराखंड: ₹93.35 प्रति लीटर– नैनीताल, उत्तराखंड: ₹93.41 प्रति लीटरस्रोत: इंडियन ऑयल भारत में सस्ता डीजल बेचने वाले शहर– पोर्ट ब्लेयर, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह: ₹78.05 प्रति लीटर– ईटानगर, अरुणाचल प्रदेश: ₹80.38 प्रति लीटर– जम्मू, जम्मू और कश्मीर: ₹81.32 प्रति लीटर– संबा, जम्मू और कश्मीर: ₹81.58 प्रति लीटर– कठुआ, जम्मू और कश्मीर: ₹81.97 प्रति लीटर– उधमपुर, जम्मू और कश्मीर: ₹82.15 प्रति लीटर– चंडीगढ़: ₹82.44 प्रति लीटर– राजौरी, जम्मू और कश्मीर: ₹82.64 प्रति लीटरस्रोत: इंडियन ऑयल पड़ोसी देशों में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बेकाबूकच्चे तेल की कीमतों का असर से भारत के पड़ोसी देश के लोग पेट्रोल-डीजल की महंगाई की मार झेल रहे हैं। पाकिस्तान में 133.56 और चीन में 125.71 रुपये लीटर है। श्रीलंका में 1 लीटर पेट्रोल की कीमत 135.13 रुपये पर पहुंच गई है। नेपाल में एक लीटर पेट्रोल की कीमत 137.13 रुपये तक पहुंच गई है। बंग्लादेश में भी पेट्रोल 107.78 रुपये लीटर है। जबकि, म्यांमार में 147.25 रुपये। भूटान में पेट्रोल 102.78 रुपये लीटर पर पहुंच गया है।

मई 2026 में बैंक छुट्टियां: 12 दिन बंद रहेंगे बैंक, RBI कैलेंडर जारी

नई दिल्ली| मई 2026 में बैंक से जुड़े काम करने वालों के लिए जरूरी खबर है। Reserve Bank of India की ओर से जारी छुट्टियों की लिस्ट (Banking Holidays List) के मुताबिक इस महीने कुल 12 दिन बैंक बंद रहेंगे। इसमें वीकेंड के अलावा कई बड़े त्योहार भी शामिल हैं, ऐसे में ग्राहकों को पहले से प्लानिंग करना जरूरी होगा। 12 दिन बंद रहेंगे बैंक, वीकेंड और त्योहारों का असरमई महीने में कुल 12 दिन बैंक बंद रहने वाले हैं। इसमें सभी रविवार और दूसरे व चौथे शनिवार की छुट्टियां शामिल हैं। इसके अलावा अलग-अलग राज्यों में स्थानीय त्योहारों और आयोजनों के चलते भी बैंक बंद रहेंगे। इसलिए यह जरूरी है कि ग्राहक अपने शहर के हिसाब से छुट्टियों की लिस्ट जरूर चेक कर लें, ताकि किसी जरूरी काम में परेशानी न हो। बुद्ध पूर्णिमा और ईद जैसे त्योहारों पर भी रहेगी छुट्टीइस महीने कई अहम त्योहार पड़ रहे हैं, जिनमें Buddha Purnima और Eid al-Adha जैसे मौके शामिल हैं। इन त्योहारों के कारण अलग-अलग राज्यों में बैंक बंद रहेंगे। हालांकि सभी छुट्टियां पूरे देश में लागू नहीं होतीं, कुछ छुट्टियां क्षेत्रीय होती हैं। जरूरी काम पहले निपटाएं, ऑनलाइन सेवाएं रहेंगी चालूलगातार छुट्टियों को देखते हुए ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने जरूरी बैंकिंग काम पहले ही निपटा लें। कैश निकालने, चेक क्लियरेंस या ब्रांच विजिट से जुड़े काम छुट्टियों से पहले कर लेना बेहतर रहेगा। हालांकि डिजिटल बैंकिंग सेवाएं जैसे नेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और एटीएम सेवाएं इन दिनों में भी चालू रहेंगी, जिससे ग्राहकों को ज्यादा परेशानी नहीं होगी।

होर्मुज खुलने की चर्चा से कमोडिटी मार्केट में हलचल…. तेजी से गिरे सोने-चांदी के रेट

नई दिल्‍ली। सोने और चांदी के भाव (Gold- Silver Rate) में अचानक से बड़ी गिरावट आई है. भारतीय कमोडिटी मार्केट (Indian Commodity Market) में सोने और चांदी के भाव तेजी से गिरे हैं. शाम के करोबार के दौरान चांदी करीब 7000 रुपये गिर गई. इसी तरह, 10 ग्राम सोने का फ्यूचर रेट भी गिरा है. कमोडिटी मार्केट में सोने-चांदी के भाव में यह गिरावट, ईरान-अमेरिका तनाव (Iran-America tension) और होर्मुज खोलने (Opening of Hormuz) की चर्चा के बीच आई है. ऐसे में यह संकेत दिख रहा है कि ग्‍लोबल मार्केट में कुछ तो हलचल चल रही है। मंगलवार की रात करीब 7.45 बजे कमोडिटी मार्केट MCX पर 3 जुलाई फ्यूचर के लिए 1 किलो चांदी की कीमत 2.40 लाख रुपये प्रति किलो पर आ गई थी, जो 6900 रुपये से ज्‍यादा या 3 फीसदी की गिरावट है. इसी तरह, 5 जून फ्यूचर के लिए सोने का भाव भी 1.70 फीसदी या 2500 रुपये टूटकर 1.49 लाख रुपये पर आ गया। अचानक क्‍यों आई ये बड़ी गिरावट? डॉलर में तेजी देखी गई है, जिस कारण कमोडिटी मार्केट में कीमती धातुओं के दाम गिरे हैं. रुपया डॉलर की तुलना में 94.5 के ऊपर जा पहुंचा है. इसी तरह, ब्रेंट क्रूड ऑयल में भी करीब 3 फीसदी की तेजी देखी जा रही है, जो होमुर्ज पर बढ़ते तनाव का संकेत दे रहा है. हालांकि, रिपोर्ट्स और डोनाल्‍ड ट्रंप का दावा है कि ईरान ने जंग रोकने और होर्मुज खोलने का प्रताव दिया है. यह दावा तब किया जा रहा है जब अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की शांति वार्ता अभी तक नहीं हो पाई है। वहीं कुछ खबरें यह भी दावा कर रही हैं कि अमेरिका और ईरान समुद्र में अपनी ताकत को बढ़ा रहे हैं, जो एक तनाव का संकेत दे रहा है. वहीं एशियाई, भारतीय और अमेरिकी शेयर बाजार में व्‍यापक स्‍तर पर गिरावट दिख रही है. इंटरनेशनल गोल्‍ड-सिल्‍वर प्राइसअंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर भी सोने और चांदी के भाव में भारी गिरावट आई है. सोना 2.30 फीसदी या 108 डॉलर प्रति औंस गिरकर 4586 डॉलर पर औंस पर आ चुका है. वहीं चांदी की बात करें तो 3.20 फीसदी या 2.5 डॉलर टूटकर 72.6 डॉलर पर औंस पर आ चुका है। रिकॉर्ड हाई से कितना सस्‍ता हुआ गोल्‍ड-सिल्‍वर? एमसीएक्‍स के मुताबिक, गोल्‍ड का रिकॉर्ड हाई लेवल 2.02 लाख रुपये है, जो अब 53 हजार रुपये गिरकर 1.49 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ चुका है. इसी तरह, चांदी का लाइफटाइम हाई लेवल 4.57 लाख रुपये है, जो अब 2.07 लाख रुपये सस्‍ती होकर 2.40 लाख रुपये पर आ चुकी है।

मजबूत वैश्विक संकेतों से शेयर बाजार में तेजी, डिफेंस और ऑटो सेक्टर ने संभाली कमान

नई दिल्ली। बुधवार सुबह 9:18 बजे भारतीय शेयर बाजार में सकारात्मक रुख देखने को मिला। सेंसेक्स 306 अंक यानी 0.40 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,193 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 88 अंक यानी 0.33 प्रतिशत की तेजी के साथ 24,085 पर कारोबार करता नजर आया। वैश्विक संकेतों में सुधार और निवेशकों की मजबूत धारणा के चलते बाजार में शुरुआती खरीदारी हावी रही। डिफेंस और ऑटो सेक्टर बने बाजार के स्टार परफॉर्मरशुरुआती कारोबार में सबसे ज्यादा तेजी डिफेंस और ऑटो सेक्टर में देखने को मिली। निफ्टी इंडिया डिफेंस और निफ्टी ऑटो इंडेक्स टॉप गेनर्स में रहे। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑयल एंड गैस, रियल्टी, FMCG, एनर्जी और फार्मा सेक्टर भी मजबूती के साथ हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। हालांकि दूसरी ओर मेटल, फाइनेंशियल सर्विसेज और पीएसई सेक्टर में हल्की गिरावट देखने को मिली, जिससे बाजार में सेक्टोरल मिक्स ट्रेंड बना रहा। मिडकैप और स्मॉलकैप में भी खरीदारी जारीबाजार में सिर्फ लार्जकैप ही नहीं बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी तेजी देखने को मिली। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 149 अंक यानी 0.83 प्रतिशत की बढ़त के साथ 18,125 पर पहुंच गया।निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 208 अंक यानी 0.35 प्रतिशत की तेजी के साथ 60,628 पर कारोबार कर रहा था। इससे साफ है कि व्यापक बाजार में भी निवेशकों का भरोसा मजबूत बना हुआ है। सेंसेक्स के प्रमुख शेयरों का प्रदर्शनसेंसेक्स के प्रमुख शेयरों में मारुति सुजुकी, आईटीसी, टेक महिंद्रा, भारती एयरटेल, अल्ट्राटेक सीमेंट, इन्फोसिस, बीईएल, अदाणी पोर्ट्स, एचयूएल, टीसीएस और एसबीआई जैसे शेयरों में मजबूती दर्ज की गई। वहीं टाटा स्टील, एनटीपीसी, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक, एशियन पेंट्स और एचसीएल टेक में हल्का दबाव देखने को मिला। वैश्विक बाजारों और तेल की कीमतों का असरबाजार विशेषज्ञों के अनुसार यूएई के ओपेक से बाहर होने के बाद कच्चे तेल की कीमतों पर थोड़ा दबाव देखने को मिला है, हालांकि अमेरिका-ईरान तनाव के कारण तेल अभी भी 110 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना हुआ है। निवेशकों की नजर अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक पर टिकी है, जिसका फैसला आज रात आने वाला है। यह निर्णय वैश्विक बाजारों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है। एशियाई बाजारों में भी सकारात्मक रुखएशियाई बाजारों में भी बुधवार को मजबूती देखने को मिली। शंघाई, हांगकांग, सोल, जकार्ता और बैंकॉक के बाजार हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। हालांकि जापानी बाजार राष्ट्रीय अवकाश के कारण बंद रहे। अमेरिकी बाजारों में कमजोरीइसके विपरीत, अमेरिकी शेयर बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुए। डाओ जोन्स 0.05 प्रतिशत और टेक्नोलॉजी इंडेक्स 0.90 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए, जिससे वैश्विक बाजारों में मिश्रित संकेत देखने को मिले। कुल मिलाकर वैश्विक संकेतों और घरेलू खरीदारी के दम पर भारतीय शेयर बाजार ने मजबूत शुरुआत की है। हालांकि निवेशकों की नजर अब अमेरिकी फेड के फैसले पर है, जो आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय कर सकता है।

सोना-चांदी में हल्की चमक, फेड के फैसले से पहले बाजार में सतर्कता

नई दिल्ली | अमेरिकी फेड के अहम फैसले से पहले बुधवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमतों में हल्की तेजी दर्ज की गई। 5 जून 2026 का सोना कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 1,50,027 रुपये के मुकाबले 693 रुपये यानी 0.46 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,50,720 रुपये पर खुला। हालांकि शुरुआती तेजी के बाद इसमें हल्का दबाव भी देखने को मिला। सुबह 9:55 बजे तक सोना 19 रुपये यानी 0.01 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 1,50,008 रुपये पर कारोबार कर रहा था। दिनभर के कारोबार में सोने ने 1,49,720 रुपये का निचला स्तर और 1,51,527 रुपये का ऊपरी स्तर छुआ, जिससे यह साफ हुआ कि बाजार फिलहाल किसी बड़े ट्रेंड की बजाय इंतजार की स्थिति में है। चांदी में भी सीमित तेजी, निवेशकों की नजर फेड के फैसले परचांदी ने भी बुधवार को हल्की मजबूती दिखाई। 3 जुलाई 2026 का चांदी कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 2,42,763 रुपये के मुकाबले 826 रुपये यानी 0.34 प्रतिशत की बढ़त के साथ 2,43,589 रुपये पर खुला। दिन के दौरान चांदी 712 रुपये यानी 0.29 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,43,475 रुपये पर कारोबार करती रही। इस दौरान इसका न्यूनतम स्तर 2,42,972 रुपये और अधिकतम स्तर 2,43,835 रुपये दर्ज किया गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी तेजी का रुखवैश्विक बाजारों में भी सोना और चांदी मजबूती के साथ कारोबार करते दिखे। सोना 0.19 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,616 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि चांदी 0.81 प्रतिशत की तेजी के साथ 73.81 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। फेड का फैसला बना सबसे बड़ा फैक्टरविशेषज्ञों के अनुसार, बाजार की नजर अब पूरी तरह अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर फैसले पर टिकी है, जो देर रात आने की उम्मीद है। यह फैसला ऐसे समय पर आ रहा है जब कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण महंगाई को लेकर चिंता बनी हुई है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि फेड ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख अपनाता है या भविष्य में बढ़ोतरी के संकेत देता है, तो इसका असर सोने की कीमतों पर नकारात्मक पड़ सकता है और इसमें दबाव बढ़ सकता है। एक साल में शानदार रिटर्न, निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पीवैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सोना और चांदी ने पिछले एक साल में निवेशकों को मजबूत रिटर्न दिया है। डॉलर में सोना लगभग 40 प्रतिशत तक चढ़ा है, जबकि चांदी ने करीब 120 प्रतिशत का शानदार रिटर्न दर्ज किया है। इसी वजह से इनकी मांग और निवेश रुचि लगातार बनी हुई है। फिलहाल सोना और चांदी दोनों ही फेड के फैसले से पहले ‘वेट एंड वॉच’ मोड में हैं। आने वाले समय में अमेरिकी केंद्रीय बैंक की नीति ही इनकी दिशा तय करेगी—तेजी या दबाव, दोनों की संभावनाएं खुली हुई हैं।

शेयर बाजार में जोरदार तेजी: सेंसेक्स 358 अंक उछला, निफ्टी ने पकड़ी रफ्तार

नई दिल्ली | हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में मजबूत तेजी दर्ज की गई। शुरुआती कारोबार में ही खरीदारी का दबाव देखने को मिला, जिससे पूरा बाजार सकारात्मक रुख में आ गया। BSE Sensex में आज करीब 358 अंकों की तेजी देखने को मिली और यह मजबूती के साथ कारोबार करता नजर आया। वहीं Nifty 50 भी 101 अंकों की बढ़त के साथ हरे निशान में रहा। इस तेजी ने निवेशकों के बीच भरोसा बढ़ाया और बाजार में उत्साह का माहौल बना रहा। बाजार में खरीदारी का दबदबासुबह से ही बाजार में बैंकिंग, आईटी और एनर्जी सेक्टर में खरीदारी देखने को मिली, जिससे इंडेक्स को सपोर्ट मिला। कई लार्जकैप शेयरों में भी अच्छी तेजी दर्ज की गई, जिससे पूरे बाजार का मूड सकारात्मक रहा।  वैश्विक संकेतों का मिला-जुला असरवैश्विक बाजारों में जारी उतार-चढ़ाव का असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला। मिडिल ईस्ट में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बढ़ती अनिश्चितता और तेल बाजार में हलचल ने निवेशकों को सतर्क रखा। इसके बावजूद घरेलू बाजार ने मजबूती दिखाई। अमेरिकी बाजारों में हाल की गिरावट जहां Nasdaq Composite और Dow Jones Industrial Average में कमजोरी देखने को मिली उसका भी हल्का असर एशियाई बाजारों पर पड़ा, लेकिन भारत में इसका प्रभाव सीमित रहा। एशियाई बाजारों का रुखएशिया के अन्य बाजारों में भी मिला-जुला रुख देखने को मिला। कुछ इंडेक्स में हल्की बढ़त रही, जबकि कुछ में गिरावट दर्ज की गई। जापान के बाजार अवकाश के कारण बंद रहे। निवेशकों के लिए संकेतविशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा तेजी सकारात्मक संकेत है, लेकिन वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। इसलिए निवेशकों को सतर्क रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।

पेट्रोल 100 के पार, सोना-चांदी में नरमी-जानिए आज के ताजा भाव

नई दिल्ली |  देशभर में आज 29 अप्रैल को पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, लेकिन कुछ शहरों में पेट्रोल 110 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच गया है। वहीं दूसरी ओर सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिल रही है, जिससे निवेशकों और आम लोगों दोनों की नजर बाजार पर बनी हुई है। पेट्रोल-डीजल की कीमतें: कहां कितना रेट?तेल कंपनियां हर रोज सुबह 6 बजे नए रेट जारी करती हैं। आज भी कई शहरों में कीमतें स्थिर हैं, लेकिन राज्यों के हिसाब से फर्क देखने को मिल रहा है। दिल्ली: पेट्रोल ₹94.77 | डीजल ₹87.67मुंबई: पेट्रोल ₹103.54 | डीजल ₹90.03चेन्नई: पेट्रोल ₹100.80 | डीजल ₹92.39कोलकाता: पेट्रोल ₹105.45 | डीजल ₹92.02बेंगलुरु: पेट्रोल ₹102.92 | डीजल ₹90.99अमरावती: पेट्रोल ₹110.10 | डीजल ₹97.92जयपुर: पेट्रोल ₹104.88 | डीजल ₹90.36लखनऊ: पेट्रोल ₹94.65 | डीजल ₹87.76 क्या चुनाव के बाद बढ़ेंगी कीमतें?सरकार ने साफ किया है कि फिलहाल पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ाने का कोई इरादा नहीं है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और कंपनियों के नुकसान को देखते हुए भविष्य में बढ़ोतरी की अटकलें बनी हुई हैं। सोने की कीमत में गिरावटदेश में सोने के भाव में गिरावट आई है। 18 से लेकर 24 कैरेट तक सभी कैटेगरी में कीमतें नीचे आई हैं। दिल्ली: 24 कैरेट: ₹1,51,070 प्रति 10 ग्राम22 कैरेट: ₹1,38,490 प्रति 10 ग्राममुंबई/कोलकाता: 24 कैरेट: ₹1,50,92022 कैरेट: ₹1,38,340चेन्नई: 24 कैरेट: ₹1,53,81022 कैरेट: ₹1,40,990बेंगलुरु/पुणे: 24 कैरेट: ₹1,50,92022 कैरेट: ₹1,38,340 क्यों गिर रहे हैं सोने-चांदी के दाम?विशेषज्ञों के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और मजबूत डॉलर के कारण सोने-चांदी पर दबाव बना है। जब ब्याज दरें ऊंची होती हैं, तो निवेशक बॉन्ड की तरफ ज्यादा आकर्षित होते हैं, जिससे सोने-चांदी की मांग घटती है। चांदी भी हुई सस्तीचांदी की कीमत में भी गिरावट दर्ज की गई है आज का भाव: ₹2,59,900 प्रति किलोग्राम, अंतरराष्ट्रीय बाजार: $73.18 प्रति औंस, एक तरफ जहां पेट्रोल-डीजल की कीमतें फिलहाल स्थिर हैं, वहीं सोना और चांदी सस्ते हुए हैं। ऐसे में निवेश करने वालों के लिए यह अच्छा मौका हो सकता है, जबकि आम लोगों को ईंधन की कीमतों में राहत बनी हुई है।

8वां वेतन आयोग: महंगाई के बीच सैलरी बढ़ाने की मांग तेज, जानिए कैसे तय होती है कर्मचारियों की तनख्वाह

नई दिल्ली| देशभर में केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बीच 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। बढ़ती महंगाई और जीवनयापन की लागत में लगातार हो रही वृद्धि के कारण अब कर्मचारी सैलरी में बड़े इजाफे की मांग कर रहे हैं। शिक्षक, पोस्टमैन समेत कई वर्गों का कहना है कि मौजूदा वेतन उनकी जरूरतों को पूरा करने में सक्षम नहीं है, ऐसे में सरकार को वेतन ढांचे में बड़ा बदलाव करना चाहिए। कर्मचारी संगठनों की सबसे बड़ी मांग फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाने की है। फिटमेंट फैक्टर वह अहम फॉर्मूला होता है, जिसके जरिए पुरानी बेसिक सैलरी को नई सैलरी में बदला जाता है। 7वें वेतन आयोग में इसे 2.57 गुना रखा गया था, लेकिन अब कर्मचारी इसे बढ़ाकर 3.5 गुना या उससे अधिक करने की मांग कर रहे हैं। अगर ऐसा होता है, तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में सीधा बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। सैलरी तय करने का गणित केवल फिटमेंट फैक्टर तक सीमित नहीं होता। इसके साथ महंगाई भत्ता (DA), हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और ट्रैवल अलाउंस (TA) जैसे कई भत्ते भी जुड़े होते हैं, जो कुल वेतन को प्रभावित करते हैं। महंगाई भत्ता खास तौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह सीधे तौर पर बढ़ती कीमतों के असर को संतुलित करने के लिए दिया जाता है। जैसे-जैसे महंगाई बढ़ती है, DA में भी वृद्धि की जाती है, जिससे कर्मचारियों को राहत मिलती है। इसके अलावा, पे मैट्रिक्स सिस्टम के तहत हर कर्मचारी का एक लेवल तय होता है। इसी लेवल के आधार पर उसकी बेसिक सैलरी और प्रमोशन के बाद होने वाली बढ़ोतरी निर्धारित होती है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि इस बार वेतन तय करते समय परिवार के वास्तविक खर्च को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए, ताकि सैलरी मौजूदा आर्थिक हालात के अनुरूप हो। 8वें वेतन आयोग से कर्मचारियों को क्या फायदा मिल सकता है, यह अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन उम्मीद जताई जा रही है कि अगर मांगों को माना गया, तो खासकर निचले स्तर के कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि उनकी क्रय शक्ति भी बढ़ेगी, जिसका असर देश की अर्थव्यवस्था पर भी सकारात्मक रूप से पड़ सकता है। हालांकि, अंतिम फैसला केंद्र सरकार के हाथ में है और वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी। फिलहाल, लाखों कर्मचारियों की नजर इस पर टिकी है कि सरकार उनकी उम्मीदों पर कितना खरा उतरती है।

ग्लोबल टेंशन से बाजार में बिकवाली, सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान में बंद..

नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार को निवेशकों के लिए दिन कमजोर साबित हुआ। बाजार खुलने से लेकर बंद होने तक दबाव बना रहा और अंत में प्रमुख इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। दिनभर की ट्रेडिंग में लगातार बिकवाली देखने को मिली, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही लाल निशान में आ गए। कारोबार के अंत में सेंसेक्स में करीब 416 अंकों की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी भी नीचे फिसल गया। शुरुआती कारोबार में ही बाजार की कमजोरी के संकेत मिल गए थे, जो पूरे दिन जारी रहे। निवेशकों ने जोखिम से बचने के लिए सतर्क रुख अपनाया, जिससे बाजार पर दबाव और बढ़ गया। इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण वैश्विक स्तर पर बढ़ती अनिश्चितता मानी जा रही है। अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के चलते निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई है। विशेष रूप से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने बाजार की चिंता बढ़ा दी है। तेल की कीमतें 100 डॉलर के आसपास पहुंचने से उभरते बाजारों पर दबाव बढ़ता है। तेल की कीमतों में उछाल का सीधा असर महंगाई और कंपनियों की लागत पर पड़ता है, जिससे उनके मुनाफे पर असर पड़ने की आशंका रहती है। इसी कारण निवेशकों ने शेयरों में खरीदारी कम कर दी और बिकवाली का रुख अपनाया। सेक्टरवार बात करें तो बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज, आईटी और ऑटो सेक्टर में सबसे ज्यादा कमजोरी देखने को मिली। कई बड़े शेयरों में गिरावट के कारण पूरे बाजार पर नकारात्मक असर पड़ा। हालांकि कुछ एनर्जी और मेटल शेयरों में हल्की खरीदारी जरूर देखने को मिली, लेकिन वह बाजार को संभाल नहीं सकी। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में शुरुआत में स्थिरता दिखी, लेकिन बाद में ये भी दबाव में आ गए। इससे यह साफ हुआ कि केवल बड़े शेयर ही नहीं बल्कि व्यापक बाजार भी वैश्विक संकेतों से प्रभावित हुआ है। एशियाई बाजारों में भी आज मिश्रित रुख रहा, जहां कुछ बाजारों में गिरावट देखने को मिली और कुछ में हल्की मजबूती रही। वैश्विक स्तर पर अनिश्चित माहौल के कारण निवेशक फिलहाल सतर्कता बरत रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अंतरराष्ट्रीय तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता नहीं आती, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे माहौल में निवेशकों को सोच-समझकर और दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ ही फैसले लेने की सलाह दी जा रही है।