पाकिस्तान में 458 रुपये पहुंचे पेट्रोल के रेट… भारत में अब तक नहीं बढ़ी कीमतें

नई दिल्ली। पेट्रोल और डीजल की कीमतों (Petrol Diesel Price Today) में आज फिर कोई बदलाव देखने को नहीं मिला है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये प्रति लीटर के रेट से बिक रहा है। वहीं, डीजल का रेट दिल्ली में आज शनिवार को 87.67 रुपये प्रति लीटर है। बता दें, दुनिया भर में इस समय पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आग लगी हुई है। कच्चे तेल की कीमतों (Crude oil Prices) में जारी तेजी की वजह से दुनिया भर में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। हालांकि, घरेलू स्तर पर भारत सरकार ने आम-आदमी को अबतक इससे बचा कर रखा है। पाकिस्तान में 458 रुपये प्रति लीटर बिक रहा पेट्रोलपाकिस्तान सरकार ने गुरुवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों को बढ़ाने की घोषणा की। पेट्रोल और हाई-स्पीड डीजल (एचएसडी) की कीमतों में क्रमश: 43 प्रतिशत और 55 प्रतिशत की भारी बढोतरी की है। इस फैसले के तहत, पेट्रोल की कीमत 321.17 रुपये से 137.23 रुपये प्रति लीटर (करीब 42.7 प्रतिशत) बढ़ाकर 458.41 रुपये प्रति लीटर कर दी गई। वहीं, हाई स्पीड डीजल की कीमत 335.86 रुपये से 184.49 रुपये प्रति लीटर (करीब 55 प्रतिशत) बढ़ाकर 520.35 रुपये प्रति लीटर कर दी गई। ये नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं। इसके साथ, केरोसिन तेल की कीमत भी 34.08 रुपये प्रति लीटर बढ़ाकर 457.80 रुपये कर दी गई है। देश के अलग-अलग शहरों में किस रेट पर बिक रहा पेट्रोल (Petrol Rate)दिल्ली – 94.77 रुपयेमुंबई – 104.21 रुपयेकोलकाता – 103.94 रुपयेचेन्नई – 100.75 रुपयेअहमदाबाद – 94.49 रुपयेबेंगलुरू – 102.92 रुपयेहैदराबाद – 107.46 रुपयेजयपुर – 104.72 रुपयेलखनऊ – 94.69 रुपयेपुणे – 104.04 रुपयेचंडीगढ़ – 94.30 रुपयेइंदौर – 106.48 रुपये डीजल का क्या है अलग-अलग शहरों में रेट (Diesel Rate)मुंबई – 92.15 रुपयेकोलकाता – 90.76 रुपयेचेन्नई – 92.34 रुपयेअहमदाबाद – 90.17 रुपयेबेंगलुरू – 89.02 रुपयेहैदराबाद – 95.70 रुपयेजयपुर – 90.21 रुपयेलखनऊ – 87.80 रुपयेपुणे – 90.57 रुपयेचंडीगढ़ – 82.45 रुपयेइंदौर – 91.88 रुपयेपटना – 93.80 रुपये पिछले दिनों प्रीमियम पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इंडियन ऑयल ने इजाफा किया था। जिसके बाद दिल्ली में XP100 पेट्रोल का रेट 149 रुपये से बढ़कर 160 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर और एक्स्ट्रा ग्रीन डीजल का रेट 91.49 रुपये से 92.99 रुपये के स्तर पर पहुंच गया है।
ईरान-US युद्ध का असर, आम उपभोक्ताओं को राहत, लेकिन तेल कंपनियों को हो रहा नुकसान

नई दिल्ली। ईरान-अमेरिका युद्ध का असर वैश्विक तेल बाजार पर दिख रहा है, लेकिन भारतीय उपभोक्ताओं के लिए फिलहाल राहत बनी हुई है। कच्चे तेल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गई हैं, जिससे कई देशों में पेट्रोल-डीजल के दाम डबल हो गए हैं। इसके बावजूद भारत में रिटेल कीमतें स्थिर हैं, जिससे तेल कंपनियों की सेहत पर दबाव बढ़ गया है। 3 अप्रैल सुबह 6 बजे के रेट के अनुसार दिल्ली में इंडियन ऑयल के पंप पर साधारण पेट्रोल ₹94.77 और डीजल ₹87.67 प्रति लीटर बिक रहा है। XP95 पेट्रोल ₹101.89 और XG डीजल ₹91.49 प्रति लीटर की दर पर उपलब्ध हैं। कंपनियों को हो रहा भारी नुकसान पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा के अनुसार, फिलहाल पेट्रोल पर कंपनियों को प्रति लीटर लगभग ₹24 और डीजल पर करीब ₹104 का नुकसान हो रहा है। इस अंतर को “अंडर-रिकवरी” कहा जाता है, जिसे कंपनियां अपने मुनाफे से पूरा कर रही हैं।सरकार ने क्यों नहीं बढ़ाए दाम? उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में कटौती की और तेल कंपनियों को भी कीमतें स्थिर रखने का भार दिया। युद्ध से पहले ब्रेंट क्रूड की कीमतें 65 डॉलर प्रति बैरल थीं, जो अब 100 डॉलर के पार जा चुकी हैं, जिससे उत्पादन लागत बढ़ गई है। सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित देशभर में फ्यूल सप्लाई सामान्य है। सरकार ने अगले 60 दिनों के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति सुनिश्चित कर दी है। रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं, जिससे पेट्रोल-डीजल और अन्य उपोत्पादों की कमी नहीं है। वैश्विक पेट्रोल-डीजल दामों में भारी उछाल पेट्रोल – म्यांमार 100%, फिलीपींस 71.6%, मलेशिया 52.4%, ऑस्ट्रेलिया 46.5%, UAE 40.8%डीजल – म्यांमार 119.9%, लाओस 117.5%, फिलीपींस 111%, कंबोडिया 92%, वियतनाम 91.3%, UAE 86.1%
Indian refineries : भारतीय रिफाइनिंरियों ने तेल संकट के बीच किया इस देश का रुख… आयात के सारे रिकॉर्ड तोड़े

Indian refineries : काराकास। भारतीय रिफाइनिंग कंपनियां (Indian Refining Companies) अब वेनेजुएला (Venezuela) के कच्चे तेल की सबसे बड़ी खरीदार बनकर उभर रही हैं। अमेरिका द्वारा इस लैटिन अमेरिकी देश की तेल बिक्री पर नियंत्रण लगाने के बाद, अब तक के सबसे बड़े आयातक चीन ने अपनी खरीदारी कम कर दी है। चीन के पीछे हटने से जो खाली जगह बनी उसे अब भारत तेजी से भर रहा है। मार्च के आंकड़ों में भारी उछाल ब्लूमबर्ग और समुद्री खुफिया फर्म ‘केप्लर लिमिटेड’ (Kpler Ltd) द्वारा जुटाए गए शिपिंग डेटा के अनुसार, मार्च महीने में भारत को भेजे गए तेल के शिपमेंट में चार गुना से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। इस भारी उछाल के साथ भारत ने अमेरिका को भी पीछे छोड़ दिया है। वर्तमान में वेनेजुएला का देशव्यापी तेल निर्यात 890,000 बैरल प्रतिदिन तक पहुंच गया है, जो दिसंबर 2019 के बाद का सबसे उच्चतम स्तर है। उत्पादन बढ़ने का मुख्य कारण: ‘डाइल्यूएंट्स’ का आयात वेनेजुएला के कच्चे तेल के उत्पादन और प्रवाह में लगातार वृद्धि हो रही है, जिसका मुख्य श्रेय आयातित ‘डाइल्यूएंट्स’ (Diluents) को जाता है। डाइल्यूएंट्स क्या हैं? ये खास तरह के रासायनिक योजक होते हैं जिनका इस्तेमाल वेनेजुएला के भारी और गाढ़े (तारकोल जैसे) कच्चे तेल को पतला करने के लिए किया जाता है, ताकि इसे पाइपलाइनों के माध्यम से आसानी से बहाया जा सके। मार्च में डाइल्यूएंट्स के आयात में वृद्धि देखी गई। फरवरी के 7 कार्गो के मुकाबले मार्च में 9 कार्गो आयात किए गए। प्रमुख कंपनियां इन डाइल्यूएंट्स का आयात मुख्य रूप से कमोडिटी ट्रेडिंग कंपनियों विटोल ग्रुप और ट्राफिगुरा ग्रुप द्वारा किया गया। ध्यान रहे, ट्रंप प्रशासन ने इन कंपनियों को देश का तेल बेचने में मदद करने की जिम्मेदारी सौंपी थी। इसके अलावा, शेवरॉन कॉर्प भी इसमें शामिल है, जिसके पास वेनेजुएला के कच्चे तेल का उत्पादन और बिक्री करने का विशेष लाइसेंस है। भारतीय तेल कंपनियों की खरीदारी और रणनीति भारत की प्रमुख सरकारी और निजी तेल रिफाइनरियों ने मिलकर मार्च लोडिंग के लिए 343,000 बैरल प्रतिदिन की दर से तेल खरीदा है। इनमें शामिल प्रमुख भारतीय कंपनियां हैं- – रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड – हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (HPCL) – इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) मध्य पूर्व में चल रहे भू-राजनीतिक संघर्षों के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित होने का खतरा बना हुआ है। इस व्यवधान से बचने और अपनी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारतीय कंपनियां वेनेजुएला से तेल की आपूर्ति का यह विकल्प आगे भी जारी रख सकती हैं। ट्रेडिंग कंपनियों ने वेनेजुएला के तेल को सुरक्षित रखने के लिए कैरेबियन क्षेत्र के स्टोरेज टैंकों में भेजना जारी रखा है। इस साल अब तक लगभग 1.8 करोड़ बैरल कच्चा तेल बहामास, कुराकाओ और सेंट लूसिया ले जाया गया है। अब इन भंडारों से तेल धीरे-धीरे बाहर आना शुरू हो गया है। हाल ही में ‘पीबीएफ एनर्जी’ ने बहामास से एक कार्गो उठाया है। मार्च में, ‘एसएफएल टाइगर’ नामक एक समुद्री जहाज ने कुराकाओ से तेल लोड किया है और ट्रैकिंग सिग्नल्स के अनुसार इसका अंतिम गंतव्य इटली है।
भारतीय रुपया रिकॉर्ड तेजी के साथ 93.10 डॉलर पर बंद, 13 साल का रुझान बदलता नजर

नई दिल्ली। डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपए में गुरुवार को 13 वर्षों में सबसे बड़ी तेजी देखने को मिली और इसके चलते अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 93.10 के स्तर पर बंद हुआ। डॉलर के मुकाबले रुपए में तेजी की वजह आरबीआई द्वारा भारतीय मुद्रा में सट्टेबाजी को कम करने के लिए कदम उठाना है। हाल ही में भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने रुपए में तेज गिरावट को रोकने के लिए घरेलू और विदेशी मार्केट्स में नियमों को सख्त किया है। एक विश्लेषक ने कहा,“अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भाषण के बाद रिस्क सेंटीमेंट में सुधार के कारण रुपए में तेजी आई। उनके भाषण ने तनाव बढ़ाने के बजाय बातचीत का संकेत दिया गया, जिससे बाजार में तेजी आई। हालांकि, अनिश्चितता का स्तर अभी भी ऊंचा बना हुआ है, जिससे मुद्रा बाजारों में अस्थिरता बनी हुई है।” तीन दिन की छुट्टी के बाद कारोबार फिर से शुरू होने पर रुपया दिन के दौरान 1.7 प्रतिशत तक बढ़कर 93.25 पर पहुंच गया, जो सितंबर 2013 के बाद से डॉलर के मुकाबले रुपए की सबसे मजबूत वृद्धि है। केंद्रीय बैंक ने हाल ही में बैंकों को निवासी और अनिवासी दोनों ग्राहकों को रुपए के नॉन-डिलीवरी वाले फॉरवर्ड जारी करने से रोक दिया है, और कंपनियों को रद्द किए गए फॉरवर्ड कॉन्ट्रैक्ट्स को पुनः बुक करने से भी प्रतिबंधित कर दिया है। इससे पहले उठाए गए कदमों में बैंकों की रुपए में नेट ओपन पॉजिशन को 100 मिलियन डॉलर तक सीमित करना और संबंधित पक्षों के साथ विदेशी मुद्रा डेरिवेटिव सौदों पर रोक लगाना शामिल था। इन कदमों का उद्देश्य मुद्रा बाजार में सट्टेबाजी की गतिविधियों को कम करना और रुपए को स्थिर करना है। विश्लेषकों ने कहा कि भारत का मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार, जो 700 अरब डॉलर से अधिक है, अस्थिरता से सुरक्षा प्रदान करता है और केंद्रीय बैंक को जरूरत पड़ने पर हस्तक्षेप करने की गुंजाइश देता है। वैश्विक बाजार के कमजोर संकेतों के बावजूद रुपए में उछाल आया। आज एशियाई बाजारों में गिरावट देखी गई, जापान का निक्केई, हांगकांग का हैंग सेंग और दक्षिण कोरिया का कोस्पी जैसे प्रमुख सूचकांक 3 प्रतिशत तक गिर गए। इस बीच, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से उछाल आया, जिससे वैश्विक अनिश्चितता और बढ़ गई। ब्रेंट क्रूड वायदा 5.24 प्रतिशत बढ़कर 106.47 डॉलर प्रति बैरल हो गया, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई वायदा 4.5 प्रतिशत बढ़कर 104.64 डॉलर हो गया। महावीर जयंती और नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत की छुट्टियों के कारण इस सप्ताह की शुरुआत में मुद्रा बाजार बंद रहे थे और यह गुड फ्राइडे के कारण शुक्रवार को भी बंद रहेंगे।
Labour Codes India : कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत, Labour Codes के तहत कंपनी को करना होगा फास्ट सेटलमेंट

Labour Codes India : नई दिल्ली। 1 अप्रैल 2026 से नौकरी छोड़ने या निकाले जाने वाले कर्मचारियों के लिए बड़ा बदलाव (Labour Codes) लागू हो गया है। अब कंपनियों को कर्मचारियों का फुल एंड फाइनल सेटलमेंट (FnF) सिर्फ 2 दिनों के भीतर करना होगा। पहले यह प्रक्रिया कई कंपनियों में हफ्तों या महीनों तक लंबित रहती थी, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ता था। 2 दिन में मिलेगा फुल एंड फाइनल सेटलमेंट नए लेबर कोड के तहत अब यह अनिवार्य कर दिया गया है कि कर्मचारी के इस्तीफा देने या नौकरी से हटाए जाने के 48 घंटे के अंदर ही सभी बकाया भुगतान निपटा दिए जाएं। इसमें सैलरी, बोनस, लीव एनकैशमेंट और अन्य देनदारियां शामिल होंगी। इस बदलाव का उद्देश्य कर्मचारियों को तुरंत आर्थिक राहत देना और कंपनियों द्वारा सेटलमेंट में देरी की समस्या को खत्म करना है। पहले अलग-अलग कंपनियों में अलग नियम होने के कारण कर्मचारियों को लंबा इंतजार करना पड़ता था। अब इस प्रक्रिया को एक समान और पारदर्शी बनाया गया है। अपडेटेड Labour Codes आने से कर्मचारियों को क्या होगा फायदा इस नए नियम से नौकरी बदलने वाले या अचानक नौकरी जाने वाले कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्हें तुरंत पैसा मिलने से वे अपनी आर्थिक जरूरतें आसानी से पूरी कर सकेंगे। इसके अलावा, यह नियम कंपनियों पर भी जवाबदेही तय करता है, जिससे वे कर्मचारियों के अधिकारों को नजरअंदाज नहीं कर पाएंगी। इससे एम्प्लॉयर-एम्प्लॉयी संबंधों में पारदर्शिता और भरोसा बढ़ेगा। कंपनियों के लिए सख्त निर्देश सरकार ने साफ कर दिया है कि नियम का पालन न करने वाली कंपनियों पर कार्रवाई की जा सकती है। यह बदलाव नए लेबर कोड का हिस्सा है, जिसका मकसद कामकाजी माहौल को बेहतर बनाना और कर्मचारियों के हितों की रक्षा करना है। कुल मिलाकर, यह नया नियम नौकरी छोड़ने के बाद होने वाली लंबी और जटिल प्रक्रिया को आसान और तेज बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
Airtel 650 million users : भारती एयरटेल 650 मिलियन यूजर्स के साथ बनी दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी

Airtel 650 million users : नई दिल्ली। भारती एयरटेल ने गुरुवार को घोषणा की कि उसने दुनिया भर में 650 मिलियन (65 करोड़) ग्राहकों का आंकड़ा पार कर लिया है। इस उपलब्धि के साथ कंपनी सब्सक्राइबर बेस के हिसाब से दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम ऑपरेटर बन गई है। मजबूत वैश्विक उपस्थितिसुनील भारती मित्तल के नेतृत्व में एयरटेल ने भारत और अफ्रीका में मजबूत पकड़ बनाई है। जीएसएमए इंटेलिजेंस के आंकड़ों के अनुसार, अकेले भारत में ही एयरटेल के 368 मिलियन से ज्यादा मोबाइल यूजर्स हैं। इसके अलावा, 13 मिलियन घर फिक्स्ड ब्रॉडबैंड से जुड़े हैं और 15 मिलियन ग्राहक डिजिटल टीवी सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। अफ्रीका में एयरटेल की सहायक कंपनी 14 देशों में 179 मिलियन ग्राहकों को हाई-स्पीड डेटा, वॉयस और मोबाइल मनी जैसी सेवाएं देती है। यहां 52 मिलियन से ज्यादा यूजर्स कंपनी के फाइनेंशियल सर्विस प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हैं। भारत में स्थिति और प्रतिस्पर्धाभारत में एयरटेल अभी भी दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है, क्योंकि रिलायंस जियो ने पिछले साल 500 मिलियन से अधिक यूजर्स का आंकड़ा पार कर लिया है। हालांकि जियो की सेवाएं केवल भारत तक सीमित हैं। प्रतिक्रिया और भविष्य की योजनाएंएयरटेल के एग्जीक्यूटिव वाइस चेयरमैन गोपाल विट्टल ने कहा कि 650 मिलियन ग्राहकों तक पहुंचना बड़ी जिम्मेदारी है। कंपनी नवाचार और भरोसेमंद सेवाओं के जरिए ग्राहक अनुभव बेहतर बनाने पर ध्यान देगी और टेलीकॉम इंडस्ट्री में नए मानक स्थापित करने का लक्ष्य रखती है। तकनीकी विकास और संभावनाएंएयरटेल भारत में शुरुआती 5जी सेवाओं में शामिल रही है। कोटक इक्विटीज की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2021 से 2026 के बीच एयरटेल का सब्सक्राइबर बेस औसतन 2.9 प्रतिशत सालाना बढ़ा है। डेटा यूजर्स 9.7 प्रतिशत की दर से बढ़े हैं, जिससे दिखता है कि अधिक मूल्य वाले ग्राहक तेजी से जुड़ रहे हैं। कंपनी के करीब 20 प्रतिशत यूजर्स अभी भी 2जी और 3जी नेटवर्क पर हैं, जो एयरटेल के लिए उन्हें 4जी और 5जी नेटवर्क में अपग्रेड करने का बड़ा अवसर पेश करता है। ग्रामीण क्षेत्रों और मोबाइल ब्रॉडबैंड में भी कंपनी के पास विस्तार की बड़ी संभावनाएं हैं।
गिफ्ट निफ्टी का रिकॉर्ड मार्च: अब तक का सबसे अधिक 129.80 अरब डॉलर टर्नओवर

नई दिल्ली। गिफ्ट निफ्टी ने मार्च 2026 में अपना अब तक का सबसे बड़ा मासिक टर्नओवर 129.80 अरब डॉलर दर्ज किया है। इससे पहले अक्टूबर 2025 में सबसे अधिक टर्नओवर 106.22 अरब डॉलर था। यह जानकारी एनएसई इंटरनेशनल एक्सचेंज (आईएक्स) ने गुरुवार को साझा की। मासिक और दैनिक वॉल्यूम में भी रिकॉर्डमार्च में गिफ्ट निफ्टी का मासिक ट्रेडिंग वॉल्यूम 28 लाख कॉन्ट्रैक्ट्स पर पहुंच गया, जो अप्रैल 2025 में बने 21 लाख कॉन्ट्रैक्ट्स के पिछले उच्चतम स्तर को पार कर गया। फरवरी 2026 में गिफ्ट निफ्टी ने 4,57,989 कॉन्ट्रैक्ट्स के साथ अब तक का सबसे अधिक एक दिवसीय ट्रेडिंग वॉल्यूम दर्ज किया था, जिसका कारोबार 23.48 अरब डॉलर था। यह जनवरी 2024 के 22.88 अरब डॉलर के रिकॉर्ड से भी अधिक है। संचयी व्यापार और तेज वृद्धि3 जुलाई 2023 को पूर्ण परिचालन शुरू होने के बाद, मार्च 2026 तक गिफ्ट निफ्टी पर डेरिवेटिव्स का संचयी व्यापार वॉल्यूम 63.37 मिलियन कॉन्ट्रैक्ट्स से अधिक रहा, जबकि कुल कारोबार 2.92 ट्रिलियन डॉलर रहा। फरवरी 2026 तक यह संचयी वॉल्यूम 60.05 मिलियन कॉन्ट्रैक्ट्स और कारोबार 2.76 ट्रिलियन डॉलर था, जो वित्तीय वर्ष के अंतिम महीने में तेज वृद्धि का संकेत देता है। एनएसईआईएक्स का बाजार प्रभुत्वएनएसईआईएक्स, जिसका गिफ्ट सिटी स्थित अंतरराष्ट्रीय एक्सचेंजों में 99.7 प्रतिशत से अधिक बाजार हिस्सा है, 5 जून 2017 को स्थापित हुआ और इसे अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (आईएफएससीए) द्वारा मान्यता प्राप्त है। विविध उत्पाद पोर्टफोलियोगिफ्ट निफ्टी भारतीय सिंगल स्टॉक डेरिवेटिव्स, इंडेक्स डेरिवेटिव्स, करेंसी डेरिवेटिव्स और डिपॉजिटरी रिसीट्स के साथ-साथ इक्विटी शेयर, आरईआईटी, इनविट्स और ईएसजी डेट सिक्योरिटीज जैसे प्राथमिक बाजार उत्पाद भी उपलब्ध कराता है। ये सभी आईएफएससीए लिस्टिंग विनियम, 2024 के तहत एक्सचेंज पर उपलब्ध हैं।
NASA का अनोखा कदम: आर्टेमिस II मिशन में iPhone भी जाएगा चांद तक

नई दिल्ली। अंतरिक्ष अन्वेषण के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। नासा के महत्वाकांक्षी आर्टेमिस II मिशन पर गए अंतरिक्ष यात्री इस बार एक खास बदलाव के साथ रवाना हुए हैं—वे अपने पर्सनल आईफोन को भी गहरे अंतरिक्ष में साथ ले जा रहे हैं। यह पहली बार है जब किसी मानव मिशन में निजी स्मार्टफोन को पृथ्वी की कक्षा से बाहर ले जा रहा है, जो तकनीक और अंतरिक्ष के मेल का नया संकेत है। चारड्रो टीम, ऐतिहासिक उड़ानइस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री—रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसेन—शामिल हैं। यह टीम कैनेडी स्पेस सेंटर से ओरियन स्पेसक्राफ्ट में सवार होकर स्पेस लॉन्च सिस्टम रॉकेट के जरिए अंतरिक्ष में रवाना हुई। लगभग 10 दिन के इस मिशन में अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की परिक्रमा कर वापस पृथ्वी पर लौटेंगे। क्यों लिया गया आईफोन साथ ले जाने का फैसला?नासा के एडमिनिस्ट्रेटर जेरेड इसाकमैन ने इस साल की शुरुआत में यह फैसला लिया था। इसका उद्देश्य अंतरिक्ष यात्रियों को आधुनिक उपकरण देना और मिशन की डॉक्यूमेंटेशन प्रक्रिया को आसान बनाना है। अब अंतरिक्ष यात्री भारी-भरकम हथियारों पर निर्भर नहीं रहेंगे, बल्कि अपने iPhone से ही हाई क्वालिटी की तस्वीरें और वीडियो कैप्चर कर काबू करेंगे। iPhone अंतरिक्ष में कैसे काम करेगा?अंतरिक्ष में ये iPhone ‘एयरप्लेन मोड’ में रहेंगे, ताकि स्पेसक्राफ्ट के सिस्टम पर कोई असर न पड़े। इनका इस्तेमाल मुख्य रूप से हाई-एंड कैमरा के रूप में किया जाएगा। खास बात यह है कि जब अंतरिक्ष यान अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन के पास से गुजरेगा, तब ये डिवाइस वाई-फाई से कनेक्ट करके फोटो और ईमेल भेज पाएगा, हालांकि कॉलिंग संभव नहीं होगी। चांद के पास से दिखाई अनदेखा नजाराआर्टेमिस-II मिशन कई दशकों बाद ऐसा मानव मिशन है, जिसमें अंतरिक्ष यात्री चांद के काफी करीब तक जाएंगे। इस दौरान वे चांद की सतह की नई और अनदेखी तस्वीरें लेंगे, साथ ही गहरे अंतरिक्ष से आंशिक सूर्य ग्रहण का अद्भुत दृश्य भी देख काबू करेंगे। यह मिशन भविष्य के चंद्र ग्रहण के लिए महत्वपूर्ण आधार तैयार करेगा। तकनीक और अंतरिक्ष का नया संगमiPhone को मिशन में शामिल करना इस बात का संकेत है कि नासा अब आधुनिक तकनीकों को तेजी से अंतरिक्ष ग्रहण में शामिल कर रहा है। इससे न केवल मिशन ज़्यादा असरदार बनेंगे, बल्कि आम लोगों तक अंतरिक्ष की झलक भी और करीब से पहुंचेंगे।
गौतम अदाणी की प्रार्थना: भगवान राम और हनुमान से देश की तरक्की की कामना

नई दिल्ली। गौतम अडानी गुरुवार को पवित्र हनुमान जयंती के अवसर पर कश्मीरी अयोध्या क्षेत्र में पहुंचे, जहां उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में भगवान रामलला के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और इस आध्यात्मिक क्षण को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी साझा किया। उनकी आस्था और भावनाओं की यात्रा एक विशेष अवसर मानी जा रही है। रामलला के दर्शन को बताया सौभाग्य का क्षणअदाणी ने अपने संदेश में कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन संयम, करुणा और कर्तव्यनिष्ठा का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने लिखा कि अयोध्या में रामलला के दर्शन कर उन्हें और उनके परिवार को विशेष आध्यात्मिक संतोष प्राप्त हुआ। उनके अनुसार, श्रीराम के आदर्श हमें सदैव धर्म और सत्य के मार्ग पर उत्थान की प्रेरणा देते हैं। देश के लिए एकता और समृद्धि का आशीर्वाद मांगाहनुमान जयंती के पावन अवसर पर प्रभु श्रीराम और बजरंगबली का स्मरण करते हुए अदाणी ने देश के लिए विशेष प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम और बजरंगबली भारत को एकता, साहस और समृद्धि का आशीर्वाद दें। उनके इस संदेश पर सोशल मीडिया पर व्यापक प्रतिक्रिया मिली। मन्दिर को आस्था एवं एकता का प्रतीक बताया गयामीडिया से बातचीत में गौतम अदाणी ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं है, बल्कि भारत की संस्कृति, एकता और एकता का प्रतीक है। उन्होंने इसे एक भावुक और गौरवपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि ये पवित्र स्थल देश को जोड़ने और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करने का काम कर रहे हैं। गुरुकुल विद्यार्थियों से मुलाकातअपने अयोध्या दौरे के दौरान अडानी परिवार सहित गुरुकुल कॉलेज भी शामिल हुए। यहां उन्होंने छात्रों और संकाय से संवाद और शिक्षा के महत्व पर चर्चा की। इस अवसर पर संस्थान की ओर से उन्हें एक पुस्तक को सम्मानित किया गया। आस्था और संदेश का संगमअदाणी की यह यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रही, बल्कि उन्होंने अपने संदेश के माध्यम से देशवासियों को एकता, सिद्धांत और प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा भी दी।
भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापार समझौते का असर: निर्यात दोगुने से अधिक, रिश्ते मजबूत

नई दिल्ली भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आर्थिक सहयोग को नई सूची बनाने वाला भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग एवं व्यापार समझौता (ईसीटीए) अब अपने प्रभाव के चार साल पूरे कर चुका है। 2 अप्रैल 2022 को इस समझौते पर हस्ताक्षर हुए, दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलावों का गवाह बनना पड़ा। बिजनेस इयर्स में एक्टर्स इंडियन एक्टर्स को नई रेटिंग दी गई है और स्मैश ट्रेड को मजबूत आधार प्रदान किया गया है। एकल में रिकॉर्ड पैकेज, डबल हुआ पात्रभारत के ऑस्ट्रेलिया में ईसीईटी लागू होने के बाद तेजी से बढ़ोतरी हुई है। जहां वित्त वर्ष 2020-21 में यह करीब 4 अरब डॉलर था, वहीं 2024-25 तक यह उछाल 8.5 अरब डॉलर से भी अधिक हो गया। यह वृद्धि इस बात का संकेत है कि भारतीय खिलाड़ियों ने ऑस्ट्रेलियाई बाजार में बेहतर पहुंच और लोकप्रियता हासिल की है। वहीं, प्रोटोटाइप आधार पर भी करीब 8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो इस आंकड़े की सफलता को दर्शाता है। कुल व्यापार में दस्तावेज़, आंकड़े दे रहे कागजातदोनों देशों के बीच कुल व्यापार भी लगातार मजबूत हुआ है। वित्त वर्ष 2024-25 में सकल व्यापार 24.1 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जबकि 2025-26 (फरवरी तक) में यह 19.3 अरब डॉलर दर्ज किया गया। यह संकेत देता है कि आने वाले समय में यह पात्र और वृद्धि हो सकती है। इस प्लास्टिक में व्यावसायिक उद्यमों के लिए नए अवसरों के द्वार नीचे दिए गए हैं। तिपाई में राहत, बाज़ार तक आसान पहुँचइस अधिनियम के तहत भारत ने अपनी 70.3 प्रतिशत टैरिफ योग्यता पर प्राथमिकता के आधार पर बाजार तक पहुंच बनाई है, जो कुल व्यापार मूल्य के 90.6 प्रतिशत को कवर करती है। दूसरी ओर, ऑस्ट्रेलिया ने भारत से आने वाले 100 प्रतिशत व्यवसाय को प्राथमिकता बाजार तक पहुंच प्रदान की है। खास बात यह है कि 98.3 प्रतिशत वर्ग पर लागू होने वाली बात पर ही शुल्क समाप्त कर दिया गया है, जबकि बाकी को चरणबद्ध तरीके से समाप्त किया जा रहा है। 1 जनवरी 2026 को भारतीय कम्युनिस्टों ने ऑस्ट्रेलियाई बाजार के लिए पूरी तरह से जीरो-ड्यूटी का भुगतान किया है। सेक्टरवार मिला बड़ा फायदाईसीटीए का प्रभाव विभिन्न सेक्टरों में स्पष्ट रूप से देखा गया है। विशेष रूप से टेक्सटाइल, मेडिसिनस्यूटिकल, केमिकल और कृषि बाजार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वहीं, भारत को बेस मेटल, कच्चा सिक्का, सेंट्रल, केमिकल और दाल जैसे जरूरी कच्चा माल की आसान मसाला मिला है। यह समेकित व्यापार ढाँचा देश के विनिर्माण क्षेत्र को एक स्थान देता है और क्रिस्टोफर चेन को स्थिर बनाता है। बायोलॉजिकल ऑर्थोडॉक्स में नया पहला, बढ़ा हुआ भरोसादोनों देशों के सहयोग को और मजबूत करने के लिए 24 सितंबर 2025 को बायोलॉजिकल डॉक्युमेंट्स के लिए धर्मशास्त्र व्यवस्था (मैथियोसाइट्स) पर हस्ताक्षर किए गए। इस सबसे पहले सर्ट दुकान में दुकान लगाई गई है और लागत में समय की बचत हुई है। इसी तरह के प्रयोगशाला के व्यापार में तेजी आने की उम्मीद है और देशों के बीच विश्वास भी बढ़ा है। व्यापार समझौता बना मजबूत आधारविशेषज्ञ का मानना है कि ईसीटी ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच आर्थिक मूल्यांकन को नई दिशा दी है। इससे न केवल बड़ी कंपनी बल्कि एमएसएमई, क्रैस्टर और स्टार्स को भी प्रत्यक्ष लाभ मिलता है। आने वाले वर्षों में यह समझौता और अधिक अवसर पैदा हो सकता है।