‘जिंदा भंडारा’: जीते-जी कर दी अपनी तेरहवीं, 1900 लोगों को दिया भोज-वजह भावुक कर देगी

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के औरैया जिले से एक बेहद भावुक और सोचने पर मजबूर कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां लक्ष्मणपुर गांव के 65 वर्षीय राकेश यादव ने जीते-जी अपनी ही तेरहवीं करने का फैसला लिया है। उन्होंने सोमवार को 1900 लोगों के लिए भंडारे का आयोजन किया है और गांव-गांव जाकर लोगों को न्योता भी दिया है। इस अनोखे फैसले के पीछे छिपी वजह किसी का भी दिल पिघला सकती है। अकेलेपन ने लिया बड़ा फैसलाराकेश यादव तीन भाइयों में सबसे बड़े हैं, लेकिन आज उनके साथ कोई नहीं है। उनके एक भाई चंद्रपाल यादव की बीमारी से मौत हो चुकी है, जबकि दूसरे भाई नरेश यादव की हत्या कर दी गई थी। तीनों भाइयों की शादी नहीं हुई थी। परिवार में लगातार हुए इन दुखद घटनाओं ने राकेश को पूरी तरह अकेला कर दिया। उनकी एक बहन है, लेकिन वह अपने परिवार में व्यस्त हैं। ऐसे में राकेश को यह डर सताने लगा कि उनके निधन के बाद उनका अंतिम संस्कार या तेरहवीं करने वाला कोई नहीं होगा। यही चिंता उनके इस फैसले की सबसे बड़ी वजह बनी। ‘मरने के बाद कौन करेगा संस्कार?’राकेश यादव का कहना है कि उम्र के इस पड़ाव पर उन्हें किसी पर भरोसा नहीं है। रिश्तेदार हैं, लेकिन उन्हें यकीन नहीं कि वे उनके जाने के बाद उनकी तेरहवीं या अंतिम संस्कार करेंगे। यही सोचकर उन्होंने जीते-जी यह आयोजन करने का निर्णय लिया, ताकि उनके जीवन में एक बार उनके नाम का भोज हो और गांव के लोग उसमें शामिल हों। 1900 लोगों को न्योता, खुद के लिए आखिरी भोजराकेश ने करीब 1900 लोगों को इस भंडारे में आमंत्रित किया है। खास बात यह है कि यह आयोजन सिर्फ भोज तक सीमित रहेगा, इसमें पिंडदान जैसे धार्मिक कर्मकांड नहीं किए जाएंगे। गांव में इस खबर के बाद चर्चा का माहौल है। कोई इसे उनकी मजबूरी बता रहा है तो कोई इसे उनके गहरे अकेलेपन का दर्द। मेहनत की कमाई से कर रहे आयोजनराकेश यादव फिलहाल एक साधारण मड़ैया में रहते हैं और उन्हें वृद्धावस्था पेंशन मिलती है। उन्होंने सालों की मेहनत-मजदूरी से जो पैसा जोड़ा, उसी से इस भंडारे का आयोजन कर रहे हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने अपना पैतृक घर भी एक रिश्तेदार को दान कर दिया है। समाज के लिए एक सवालयह घटना सिर्फ एक व्यक्ति की कहानी नहीं, बल्कि समाज के सामने एक बड़ा सवाल भी खड़ा करती है कि आखिर क्यों एक इंसान को अपने जीते-जी अपनी तेरहवीं करनी पड़ रही है। यह कहानी अकेलेपन, असुरक्षा और रिश्तों में घटते भरोसे की सच्चाई को उजागर करती है।
संसद में टी-शर्ट… रिजिजू ने राहुल गांधी के कपड़ों पर उठाए सवाल, बोले- सलाहकारों ने हाईजैक कर लिया उनका दिमाग

नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू (Kiran Rijiju) ने गुरुवार को कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Congress leader Rahul Gandhi) का दिमाग उनके एक्टिविस्ट सलाहकारों (Activist Advisors) ने ‘हाईजैक’ कर लिया है और वे संसद में वही बोलते हैं जो उनके सलाहकार उन्हें बताते हैं। साथ ही उन्होंने विपक्ष के नेता के सदन में टी-शर्ट जैसे कैजुअल कपड़ों में आने पर भी सवाल उठाया। संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि उन्हें ऐसे लोगों से बातचीत करना ज्यादा आसान लगता है, जिन्होंने संसद में अपनी बात रखते हुए कोई ठोस योगदान दिया हो। उन्होंने आगे कहा, “निजी तौर पर, मुझे राहुल गांधी से कोई दिक्कत नहीं है। हम मिलते हैं, बाहर और मीटिंग रूम में भी एक-दूसरे से बात करते हैं, क्योंकि वे विपक्ष के नेता हैं। यह ठीक है। कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन जब आप औपचारिक रूप से सदन के पटल पर बोल रहे होते हैं, तो आपको परंपराओं, नियमों और शिष्टाचार का पालन करना चाहिए। ये संसदीय लोकतंत्र के बहुत जरूरी हिस्से हैं।” उन्होंने आगे कहा, “लेकिन राहुल गांधी का दिमाग उनके एक्टिविस्ट सलाहकारों ने हाईजैक कर लिया है। वे वही बोलते हैं जो उनके सलाहकार उन्हें बताते हैं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि जब भाजपा विपक्ष में थी, तो उसने कुछ मानकों का पालन किया था और जोरदार तरीके से विरोध प्रदर्शन किए थे, लेकिन उसने कभी अपनी सीमाएं पार नहीं की थीं। संसद में राहुल गांधी के अक्सर कैजुअल कपड़ों में आने के बारे में पूछे जाने पर मंत्री ने कहा कि विपक्ष के नेता (LoP) के तौर पर, किसी को भी उचित तरीके से व्यवहार करना चाहिए, और कपड़े पहनना भी इसी का एक हिस्सा है। मंत्री ने कहा कि उन्हें नियमों और शिष्टाचार को समझने में दिक्कत होती है। जब आप नेता विपक्ष होते हैं, तो आपको एक खास तरीके से व्यवहार करना होता है। शालीन कपड़े पहनना भी इसी का एक हिस्सा है। रिजिजू ने कहा कि अनुभवी कम्युनिस्ट नेता सोमनाथ चटर्जी लोकसभा स्पीकर बनने से पहले ढीली शर्ट और सैंडल पहना करते थे। उन्होंने कहा, “लेकिन जब वे स्पीकर चुने गए, तो वे काफी शालीन तरीके से आने लगे, ताकि वे कुर्सी पर बैठे हुए अच्छे दिखें। इसी तरह, नेता विपक्ष पूरे विपक्ष के नेता होते हैं और इसलिए उन्हें ऐसे कपड़े पहनने चाहिए जो उनके पद की गरिमा के अनुरूप हों। हो सकता है कि मैं उस व्यक्ति का सम्मान न करता होऊं, लेकिन मुझे उस पद का सम्मान करना ही होगा। इसीलिए बहुत से लोगों को लगता है कि वे (राहुल गांधी) और भी बेहतर तरीके से व्यवहार कर सकते थे, जिसमें बेहतर कपड़ों का चुनाव भी शामिल है। मैं टी-शर्ट पहनने पर कोई आपत्ति नहीं जता रहा हूं, लेकिन यह अच्छा नहीं लगता।”
BSEB Bihar Board 12th Result 2026: कुछ पलों में आने वाला है बिहार बोर्ड 12th का रिजल्ट, इस लिंक पर क्लिक कर जानें रिजल्ट

नई दिल्ली। BSEB Bihar Board 12th के छात्रों के लिए एक बड़ी खबर सामने निकल कर आ रही है। छात्रों के 12वी क्लास का परिणाम आने वाला है। छात्र-छात्राएं जो कई दिनों से अपने रिजल्ट का इंतजार कर रहे थे वह दोहपर 1:30 बजे अपना रिजल्ट देख पाएंगे। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) ने आधिकारिक तौर पर घोषणा कर दी है कि BSEB Bihar Board 12th Result 2026 का रिजल्ट 23 मार्च को जारी किया जाएगा। BSEB ने दी आधिकारिक जानकारीबिहार बोर्ड की 12वी क्लास की परीक्षा के परिणाम पर टकटकी लगाए छात्रों ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के ट्वीट के बाद राहत की सांस ली है। बोर्ड ने आधिकारिक तौर पर जानकारी दी कि रिजल्ट दोपहर 1:30 बजे जारी किया जाएगा। कहां देख सकते हैं BSEB Bihar Board 12th Result 2026results.biharboardonline.combiharboardonline.bihar.gov.ininterbiharboard.comsecondary.biharboardonline.com कैसे देख पाएंगे BSEB Bihar Board 12th Result 2026स्टेप 1: सबसे पहले छात्रों को आधिकारिक वेबसाइट biharboardonline.bihar.gov.in पर जाना होगा।स्टेप 2: इसके बाद छात्र अपना रोल कोड और रोल नंबर डालें और कैप्चा भरें।स्टेप 3: फिर छात्र ‘View’ बटन पर क्लिक करें।स्टेप 4: इसके बाद छात्रों को स्क्रीन पर उनका रिजल्ट दिखने लग जाएगा।स्टेप 5: फिर छात्र मार्कशीट डाउनलोड करें।स्टेप 6: अंत में भविष्य के लिए छात्र इसका प्रिंट भी निकाल सकते हैं। 2 से 13 फरवरी के बीच आयोजित हुई थी BSEB Bihar Board 12th की परीक्षासाल 2026 में बिहार बोर्ड की 12वीं क्लास की परीक्षा का आयोजन 2 फरवरी से 13 फरवरी के बीच आयोजित किया गया था। यह परीक्षा राज्यभर के 1,762 केंद्रों पर आयोजित की गईं। परीक्षा दो शिफ्ट में हुई, जिसमें पहली शिफ्ट सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक और दूसरी शिफ्ट दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक चली। हालांकि अब इसका रिजल्ट के साथ समापन हो जाएगा।
गुजरात में सुरक्षा को नई ताकत वडोदरा में हाईटेक पुलिस कंट्रोल सेंटर शुरू

नई दिल्ली: गुजरात में स्मार्ट पुलिसिंग की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए गुजरात के वडोदरा में नया कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है इस आधुनिक केंद्र का उद्घाटन राज्य के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने पुलिस भवन में किया यह सेंटर नेटवर्क फॉर टेक्नोलॉजी इनेबल्ड रैपिड एश्योरेंस एंड मॉनिटरिंग यानी नेट्रा एम परियोजना के तहत विकसित किया गया है इसका मुख्य उद्देश्य शहर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और पुलिस की कार्यक्षमता को तकनीक के माध्यम से और अधिक प्रभावी बनाना है उद्घाटन के दौरान पुलिस महानिदेशक केएलएन राव और नगर पुलिस आयुक्त नरसिम्हा कुमार ने उपमुख्यमंत्री का स्वागत किया समारोह में पुलिस टुकड़ी ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया और केंद्र के उद्घाटन की स्मृति में एक पट्टिका का अनावरण किया गया यह अत्याधुनिक सेंटर रियल टाइम में अपराध की निगरानी करने प्रमुख आयोजनों और त्योहारों के दौरान बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा पुलिस संसाधनों का प्रभावी प्रबंधन करने में सक्षम है इसके जरिए शहर की सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा सकती है जिससे किसी भी घटना पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सकेगी उपमुख्यमंत्री ने सेंटर का दौरा कर यहां स्थापित सीसीटीवी नेटवर्क और अन्य तकनीकी सुविधाओं का निरीक्षण किया उन्हें बताया गया कि यह प्रणाली किस प्रकार शहर की सुरक्षा और यातायात नियंत्रण में मदद कर रही है उन्होंने पुलिस व्यवस्था में आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया और इसे और मजबूत बनाने के सुझाव दिए यह नया कमांड एंड कंट्रोल सेंटर वडोदरा में पुलिस व्यवस्था के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है इसका उद्देश्य अपराध की रोकथाम को बेहतर बनाना यातायात प्रबंधन को सुव्यवस्थित करना और एक केंद्रीकृत निगरानी प्रणाली प्रदान करना है यह पहल स्मार्ट पुलिसिंग और तकनीक के माध्यम से शहरी सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में गुजरात पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाती है जिससे शहर के नागरिकों को अधिक सुरक्षित और बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी
कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने केरल विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर जताया दुख

नई दिल्ली। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. शमा मोहम्मद ने केरल विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर दुख प्रकट करते हुए कहा कि पार्टी ने सिर्फ नौ महिला उम्मीदवारो को टिकट दिया है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से महिला सीटें बढाने की अपील की। कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. शमा मोहम्मद ने नाराजगी व्यक्त करते हुए शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि, हमें नकारा गया है, लेकिन हम हारे नहीं हैं। मैं अपने नेता राहुल गांधी से आग्रह करती हूं कि केरल की कांग्रेस महिलाओं की मदद करें। 92 टिकटों में से सिर्फ 9 महिलाओं को ही टिकट दिए गए हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी 16 टिकटों में सिर्फ एक महिला को मौका मिला था। अगर कोई महिला प्रतिभाशाली हो, तब भी हालात बेहद खराब हैं। यह बहुत दुखद है। डॉ. शमा मोहम्मद ने कहा कि महिलाओं के प्रतिभाशाली होने के बावजूद भी उनको नाकारा जा रहा है, यह बहुत ही दुख की बात है। उन्होंने अपने नेता राहुल गांधी से अपील की है कि इस पर ध्यान दिया जाए ताकि कांग्रेस की प्रतिभाशाली महिलाओं को भी अवसर मिले। उल्लेखनीय है कि, डॉ. शमा मोहम्मद कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) की सदस्य हैं। केरल में जन्मी और पेशे से दंत चिकित्सक है, शमा मोहम्मद 2015 में कांग्रेस में शामिल हुईं और पार्टी के मीडिया पैनल में सक्रिय भूमिका निभाती हैं, साथ ही महिला शिक्षा व सुरक्षा जैसे मुद्दों को उठाती हैं।
एयर इंडिया की बड़ी भूल… आठ घंटे हवा में उड़ा विमान…. U-टर्न लेकर वापस लौटना पड़ा दिल्ली

नई दिल्ली। एयर इंडिया (Air India) की वैंकूवर (Vancouver) जाने वाली फ्लाइट AI185 से एक बड़ी गलती हो गई। इसने उड़ान के लगभग चार घंटे बाद यू-टर्न (U-turn after Four Hours) लिया और दिल्ली वापस लौट आई। यह घटना तब हुई जब विमान को गलती से बोइंग 777-200LR मॉडल का इस्तेमाल किया गया, जबकि एयर इंडिया को कनाडाई हवाई क्षेत्र में केवल बोइंग 777-300ER फ्लीट को ही ऑपरेट करने की मंजूरी है। दिल्ली से दोपहर 11:34 बजे उड़ान भरने के बाद प्लेन पूर्व दिशा में आगे बढ़ा, लेकिन चीनी हवाई क्षेत्र में कुन्मिंग के पास पहुंचने पर एयरलाइन को यह गलती का एहसास हुआ। इस कारण विमान को वापस बुला लिया गया और कुल 7 घंटे 54 मिनट की उड़ान के बाद यह सुरक्षित रूप से दिल्ली में उतर गया। यह ऑपरेशनल चूक काफी महंगी साबित हुई क्योंकि बोइंग 777 जैसे बड़े विमान प्रति घंटे 8-9 टन ईंधन जलाते हैं, जिससे लाखों रुपये का नुकसान हुआ। एविएशन नियमों में विभिन्न एयरलाइंस के लिए अलग-अलग एयरक्राफ्ट टाइप की मंजूरी होती है और यहां यह नियमित चेक न होने से समस्या पैदा हुई। गनीमत रही कि यात्रियों और क्रू मेंबर्स को कोई चोट नहीं आई और सभी सुरक्षित उतरे। एयर इंडिया ने इसे ऑपरेशनल इश्यू बताते हुए स्टैंडर्ड प्रोसीजर के अनुसार फैसला लिया। यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेदएयरलाइन ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद जताया है। इसकी ओर से कहा गया, ‘विमान सुरक्षित उतर आया। सभी यात्री और क्रू मेंबर्स उतर गए। हम अपने मेहमानों को हुई परेशानी के लिए खेद व्यक्त करते हैं।’ दिल्ली में ग्राउंड टीम ने तुरंत सहायता मुहैया कराई, जिसमें होटल में ठहरने की व्यवस्था शामिल थी। प्रभावित यात्रियों को अगले दिन सुबह एक रिप्लेसमेंट फ्लाइट से उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया, जिसमें सभी पैसेंजर शामिल थे। यह घटना एयर इंडिया की ऑपरेशनल प्लानिंग और एयरक्राफ्ट असाइनमेंट में सख्ती की जरूरत को दर्शाती है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में ऐसे छोटे-छोटे नियमों की अनदेखी से न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि यात्रियों का समय और विश्वास भी प्रभावित होता है। एयरलाइन को भविष्य में ऐसी गलतियों से बचने के लिए बेहतर सिस्टम और चेकलिस्ट लागू करने की सलाह दी गई है।
बिना UPSC पास किए भी बन पाएंगे IAS अधिकारी, जानिए कैसे होगा ये संभव?
नई दिल्ली देश में बड़ी संख्या में ऐसे युवा हैं जो देश सेवा के लिए UPSC का रास्ता चुनते हैं और दिन रात एक करने पढ़ने के बाद IAS नियुक्त होते हैं। हालांकि बहुत कम लोग इस बात को जानते हैं कि बिना UPSC पास किए भी IAS की पदवी हासिल की जा सकती है। कई सरकारी अधिकारी अपने अनुभव और काम के आधार पर प्रमोशन के जरिए भी IAS कैडर में शामिल हो सकते हैं। हालांकि यह सुनने में जितना आसान लग रहा है उससे कहीं ज्यादा मुश्किल काम है। इसके लिए कई शर्तें पूरी करनी पड़ती हैं। बिना UPSC कैसे बनें IAS?बहुत सीमित मात्रा में लोग जानते हैं कि स्टेट सिविल सर्विस के अधिकारी भी बिना यूपीएससी पास किए IAS बनने का सपना पूरा कर सकते हैं। यह सफर PCS से शुरु होता है जो IAS तक पहुंचती है। उत्तर प्रदेश में UP PCS,मध्य प्रदेश में State Administrative Service,अन्य राज्यों में भी इसी तरह की प्रशासनिक सेवाएं होती हैं, इन सेवाओं में चयनित अधिकारी शुरुआत में SDM, डिप्टी कलेक्टर जैसे पदों पर काम करते हैं और जिलों में प्रशासनिक अनुभव हासिल करते हैं। राज्य के सिविल सर्विस अधिकारी कब बन सकते हैं IAS?राज्य के जो सिविल सर्विस अधिकारी 10 से 12 साल तक अपनी सेवा पूरी कर लेते हैं तो वह प्रमोशन के लिए पात्र हो जाते हैं। हालांकि इसके लिए एक कड़ी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। इसके लिए कई जरूरी शर्तें होती हैं और पूरी प्रक्रिया नियमानुसार होती है। PCS से IAS बनने के लिए इस बिंदुओं को ध्यान में रखा जाता है। अधिकारी का काम और प्रदर्शन अच्छा होना चाहिए।सेवा रिकॉर्ड मजबूत होना चाहिए।IAS कैडर में खाली पद होना जरूरी है।राज्य सरकार की सिफारिश महत्वपूर्ण होती है।इन सभी चीजों के आधार पर ही आगे की प्रक्रिया शुरू होती है।हालांकि, IAS प्रमोशन का फैसला चयन समिति करती है। इस समिति में आमतौर पर राज्य के मुख्य सचिव ,वरिष्ठ IAS अधिकारी,UPSC का प्रतिनिधि शामिल होते हैं।
बाल मृत्यु दर में बड़ी कमी भारत की वैश्विक सराहना संयुक्त राष्ट्र रिपोर्ट में मिला बड़ा सम्मान

नई दिल्ली : संयुक्त राष्ट्र की हालिया रिपोर्ट ने भारत के लिए एक बड़ी उपलब्धि की पुष्टि की है। इस रिपोर्ट के अनुसार देश में बाल मृत्यु दर में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, जिसे वैश्विक स्तर पर एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र ने भारत के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा है कि बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार की दिशा में भारत ने महत्वपूर्ण और प्रभावशाली काम किया है। इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में भारत की इस उपलब्धि को सराहा गया है और बच्चों की मृत्यु दर में आई गिरावट देश के लिए गर्व का विषय है। पीएम मोदी ने इसे सरकार और देश के प्रयासों का परिणाम बताया। संयुक्त राष्ट्र बाल मृत्यु दर अनुमान अंतर एजेंसी समूह यानी यूएनआईजीएमई की 2025 की रिपोर्ट के अनुसार भारत ने नवजात और पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर को कम करने में उल्लेखनीय प्रगति की है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि भारत ने सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर और निरंतर प्रयास किए हैं, जिनका सीधा असर जमीन पर दिखाई देता है। आंकड़ों के अनुसार 1990 में जहां नवजात शिशु मृत्यु दर 57 थी, वहीं 2024 में यह घटकर 17 रह गई है। यह लगभग 70 प्रतिशत की कमी को दर्शाता है। इसी तरह पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर 1990 में 127 थी, जो 2024 में घटकर 27 रह गई है। यह लगभग 79 प्रतिशत की बड़ी गिरावट है, जो भारत की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का प्रमाण है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि भारत ने दक्षिण एशिया क्षेत्र में भी बच्चों की मृत्यु दर को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पिछले दो दशकों में भारत ने इस क्षेत्र में स्वास्थ्य सुधार के लिए कई पहलें की हैं, जिनमें टीकाकरण अभियान, संस्थागत प्रसव और नवजात देखभाल सेवाओं का विस्तार शामिल है। विशेष रूप से सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम और नवजात देखभाल से जुड़ी नीतियों ने बच्चों को कई गंभीर बीमारियों से बचाने में मदद की है। निमोनिया, डायरिया, मलेरिया और जन्म से जुड़ी जटिलताओं के कारण होने वाली मौतों में भी उल्लेखनीय कमी आई है। रिपोर्ट के अनुसार इन प्रयासों ने लाखों बच्चों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई है। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि अधिकांश बच्चों की मौतें रोकी जा सकती हैं या उनका इलाज संभव है। भारत में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार, बेहतर निगरानी और समय पर उपचार ने इस दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। विशेष रूप से एनआईसीयू यानी नवजात गहन देखभाल इकाइयों के सुधार ने नवजात शिशुओं के जीवन को सुरक्षित बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है। हालांकि रिपोर्ट यह भी संकेत देती है कि दक्षिण एशिया में अभी भी दुनिया भर में पांच साल से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु का एक बड़ा हिस्सा होता है, लेकिन इस क्षेत्र ने सबसे तेजी से सुधार दिखाया है। यह इस बात का संकेत है कि सही नीतियों और प्रयासों से बड़े स्तर पर बदलाव संभव है। यह रिपोर्ट भारत के लिए एक सकारात्मक संदेश लेकर आई है, जो देश की स्वास्थ्य नीतियों और प्रयासों की सफलता को दर्शाती है। यह उपलब्धि न केवल भारत के लिए बल्कि वैश्विक स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण है
फ्यूल संकट के बीच सरकार दे रही PNG को बढ़ावा, अब 24 घंटे में मिलेगा नया कनेक्शन

नई दिल्ली। ईंधन संकट (Fuel Crisis) के बीच भारत सरकार (Indian Government) PNG यानी पाइप्ड नेचुरल गैस (Piped Natural Gas) को बढ़ावा देती नजर आ रही है। खबर है कि पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने मंगलवार को कहा है कि नए PNG कनेक्शन को 24 घंटों के अंदर ही मंजूरी दे दी जाए। अधिकारी ने बताया है कि घरेलू पीएनजी और सीएनजी ग्राहकों को 100 प्रतिशत सप्लाई की जा रही है। जबकि, कमर्शियल एलपीजी बिक्री को आंशिक रूप से बहाल कर दिया गया है। अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध का सीधा असर दुनिया के ईंधन सप्लाई पर पड़ा है। दुनिया के सबसे अहम जलमार्गों में से एक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरान ने रोक लगा दी थी, जिसके चलते दोनों ओर गैस के कई जहाज अटक गए हैं। हालांकि, हाल में ही भारत के तीन जहाज जलमार्ग को पार करने में सफल रहे हैं। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने ईंधन आपूर्ति और पीएनजी तक पहुंच बढ़ाने पर चर्चा की। उन्होंने कहा, ‘क्रूड की उपलब्धता मुद्दा नहीं है।’ उन्होंने जानकारी दी है रिफाइनरीज अपनी पूरी क्षमता पर काम कर रहीं हैं और रिटेल आउटलेट्स पर ईंधन की कोई भी कमी नहीं है। PNG को बढ़ावा दे रही केंद्र सरकारजनता को PNG की तरफ प्रोत्साहित करने को लेकर केंद्र ने राज्य सरकारों को और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र भी लिखा है। इसमें कहा गया है कि पाइपलाइन गैस से जुड़े आवेदनों पर तुरंत काम किया जाए। मंत्रालय के अनुसार, सरकार ने राज्यों से पीएनजी (PNG) से संबंधित नई अनुमतियों को 24 घंटे के भीतर मंजूरी देने और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) पाइपलाइन प्रोजेक्ट्स के लिए मंजूरी में तेजी लाने के लिए कहा है। खबर है कि बड़े शहरों में कमर्शियल एलपीजी ग्राहकों और शहरी इलाकों के उपभोक्ताओं से पीएनजी का इस्तेमाल करने के लिए कहा है। कई CGD कंपनियां नए कनेक्शन पर इन्सेंटिव भी दे रहीं हैं। कैसे कर सकते हैं आवेदनखास बात है कि सरकार कंपनियों को ही ग्राहकों तक पहुंचने के लिए कह रही है। शर्मा ने कहा कि CGD कंपनियों को सलाह दी गई है कि संभावित ग्राहकों तक पहुंचें और नए कनेक्शन्स में तेजी लाएं। इसके अलावा ग्राहक ईमेल, कस्टमर पोर्टल, लैटर या कॉल सेंटर समेत कई माध्यमों से आवेदन कर सकते हैं। एलपीजी सप्लाई को लेकर जारी चिंताओं पर भी उन्होंने बात की। शर्मा ने कहा कि कुछ स्थानों पर यह मुद्दा है, लेकिन अब तक संसाधन पूरी तरह खत्म होने की खबर नहीं है। व्यावसायिक मांग संभालने के लिए, बिहार, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मणिपुर, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और उत्तराखंड सहित कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार गैर-घरेलू एलपीजी आवंटित करने के आदेश जारी किए हैं।
दत्तात्रेय होसबाले बोले- ईरान युद्ध पर भारत का रुख सही, दुनिया में शांति चाहता है राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ

नई दिल्ली। हरियाणा में चल रही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के अंतिम दिन सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कई अहम मुद्दों पर संघ का पक्ष रखा। उन्होंने मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध और ईरान को लेकर भारत के रुख पर कहा कि उन्हें विश्वास है कि भारत सरकार देशहित में सही कदम उठा रही है। होसबाले ने कहा कि संघ हमेशा दुनिया में शांति और स्थिरता का पक्षधर रहा है। उनका मानना है कि अंतरराष्ट्रीय विवादों का समाधान संवाद और संतुलित कूटनीति से होना चाहिए। पड़ोसी देशों के साथ बेहतर संबंध जरूरीहोसबाले ने कहा कि संघ हमेशा पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंधों पर जोर देता है। उन्होंने बांग्लादेश और नेपाल में हाल के राजनीतिक बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि इन देशों में शांति और स्थिरता बनी रहना पूरे एशिया के विकास और सुरक्षा के लिए जरूरी है। हालांकि उन्होंने बांग्लादेश में हिंदू समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंता भी जताई और कहा कि वहां सामाजिक संतुलन बनाए रखना महत्वपूर्ण है। भारतीयता और हिंदुत्व पर क्या बोलेहोसबाले ने कहा कि भारतीयता और हिंदुत्व को लेकर स्पष्ट समझ होना जरूरी है। उनके अनुसार हिंदुत्व केवल एक विचार या मानसिकता नहीं बल्कि एक जीवनशैली है, जो समाज में समरसता और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करती है। संघ में मुस्लिम और महिलाओं की भूमिकासंघ में सदस्यता को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि किसी भी धर्म का व्यक्ति संघ से जुड़ सकता है और भगवा ध्वज को प्रणाम कर सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि संघ में पहले से ही कई मुस्लिम कार्यकर्ता सक्रिय हैं। महिलाओं की भागीदारी पर उन्होंने कहा कि शाखा की कार्यप्रणाली में महिलाएं शामिल नहीं होतीं, लेकिन संघ की कई अन्य गतिविधियों और संगठनों में बड़ी संख्या में महिलाएं कार्य कर रही हैं। बेसहारा गोवंश पर भी बोलेबेसहारा गोवंश के मुद्दे पर होसबाले ने कहा कि सरकार और नगर निगम इस दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि गायों को केवल दूध के लिए उपयोगी न समझें, क्योंकि गोबर और गौमूत्र भी कई तरह से उपयोगी होते हैं, इसलिए उन्हें सड़कों पर छोड़ना उचित नहीं है। बीजेपी से संबंध पर दिया जवाबराजनीति में संघ की भूमिका पर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि देश में कई विचारधाराएं हैं, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने संघ की विचारधारा को अपनाया। इसी वजह से संघ से जुड़े कई लोग राजनीति में सक्रिय होकर देशहित के विचारों को आगे बढ़ा रहे हैं। हरियाणा में बड़ा RSS केंद्र बनाने की तैयारीसभा के दौरान उत्तर भारत में संघ की गतिविधियों को मजबूत करने के लिए पानीपत (हरियाणा) में बड़ा केंद्र विकसित करने का प्रस्ताव भी सामने आया। यहां पट्टीकल्याणा स्थित माधव दृष्टि साधना केंद्र को नागपुर स्थित मुख्यालय की तर्ज पर विकसित करने की योजना है। करीब 25 एकड़ क्षेत्र में फैले इस केंद्र को रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यहां से उत्तर भारत के कई राज्यों में संघ के कार्यों को समन्वित किया जा सकेगा। तीन दिवसीय सभा की प्रमुख बातेंRSS की तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा में संगठन के भविष्य की योजनाओं और गतिविधियों पर चर्चा हुई। रिपोर्ट के अनुसार देशभर में संघ की 88,949 शाखाएं संचालित हो रही हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में 5,820 अधिक हैं। सभा में दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में संगठन विस्तार की रणनीति पर भी चर्चा हुई। साथ ही अगले वर्षों में केरल, तमिलनाडु, पंजाब और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में संघ की गतिविधियों को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया।