MP LPG CRISES: भोपाल से ग्वालियर तक: LPG सिलेंडर के लिए लंबी लगी कतारें; इंडक्शन-डीजल की भी उछलीं कीमतें

HIGHLIGHTS: प्रदेश में LPG सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग ठप, सर्वर डाउन। 50 हजार होटल-रेस्टॉरेंट गैस की कमी के कगार पर। इंडक्शन और डीजल भट्ठियों की कीमतें दोगुनी हुई। बालाघाट और डिंडौरी में उपभोक्ताओं की शिकायतें बढ़ीं। सरकारी प्रयासों के बावजूद कतारें और संकट जारी। MP LPG CRISES: ग्वालियर। मध्य प्रदेश में LPG सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग ठप हो गई है। बता दें कि सर्वर डाउन होने के कारण लोग 7-8 दिन तक बुकिंग का इंतजार कर रहे हैं। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर समेत प्रदेशभर में गैस एजेंसियों और गोदामों के बाहर लंबी कतारें लगी हुई हैं। साथ ही कुछ शहरों में सिलेंडर की कालाबाजारी के आरोप भी सामने आए हैं। Vata Dosha वालों के लिए औषधि समान है यह आहार, दूर होगा सूखापन और कमजोरी होटल और रेस्टॉरेंट्स पर असर प्रदेश में 50 हजार होटल और रेस्टॉरेंट गैस की कमी के कगार पर हैं। भोपाल होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष तेजकुल पाल सिंह पाली के मुताबिक, 2 हजार से अधिक होटल-रेस्टॉरेंट को पिछले 4 दिनों में एक भी सिलेंडर नहीं मिला है। कई होटल्स में तो 24 से 48 घंटे तक खाना बनाना भी मुश्किल हो गया है। लोकमत अवार्ड्स में छाया आमिर-गौरी का एलिगेंट लुक: कैमरों को भूल पार्टनर की बातों में खोए दिखे सुपरस्टार, देखें वायरल मोमेंट इंडक्शन और डीजल भट्ठी की मांग में उछाल गैस की कमी के चलते मार्केट में इंडक्शन और डीजल भट्ठियों की कीमतें दोगुनी हो गई हैं। बताया जा रहा है कि भोपाल में इंडक्शन की बिक्री 7 गुना तक बढ़ गई है, साथ ही उज्जैन में प्राइवेट अस्पताल की कैंटीन में खाना डीजल भट्ठी से बनाया जा रहा है। विश्व विजेता भारत के आगे बौना साबित हुआ पाकिस्तान, पूर्व कप्तान लतीफ बोले- 10 साल की तपस्या का फल काट रहा है हिंदुस्तान सरकारी कदम और शिकायतें श्योपुर में एसडीएम गगन मीणा ने माइक के जरिए लोगों को समझाया और पुलिस ने भीड़ संभालने के लिए तैनात की। इंदौर में एजेंसियां ग्राहकों को नया नंबर और एप डाउनलोड करवाकर रात में बुकिंग करने की सलाह दे रही हैं। सतना के 86 लोगों ने सीएम हेल्पलाइन पर सिलेंडर न मिलने की शिकायत दर्ज कराई। बाजार नियामक में बदलाव, K. V. Ramana Murthy को Securities and Exchange Board of India का फुल-टाइम मेंबर नियुक्त किया गया रसोई घर और आम लोगों पर असर गैस की कमी केवल होटल और रेस्टॉरेंट तक ही सीमित नहीं है। आम घरों में भी रसोई मुश्किल में आ गई है। कई परिवारों ने बताया कि 2-3 दिन से खाना नहीं बन पाया। लोग मजबूरी में इंडक्शन, डीजल भट्ठी या खुले आग का सहारा ले रहे हैं। इस कारण न केवल दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा है, बल्कि छात्रों और कामकाजी लोगों के लिए भी समय और मेहनत बढ़ गई है।
हरदीप पुरी बोले- देश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं…. LPG प्रोडक्शन भी 28% बढ़ा

Hardeep Puri नई दिल्ली। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) ने गुरुवार को कहा कि देश में पेट्रोल-डीजल (Petrol-Diesel) और केरोसिन की कोई कमी नहीं है, एलपीजी प्रोडक्शन (LPG production) में 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और सरकार की प्राथमिकता है कि देश में करोड़ों परिवारों की रसोई में खाना पकाने के लिए गैस की कमी न हो। उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर अफवाह नहीं फैलाई जानी चाहिए। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध के कारण होर्मुज जलडमरुमध्य में बनी प्रतिकूल स्थिति का जिक्र करते हुए पुरी ने लोकसभा में कहा कि पश्चिम एशिया के संघर्ष में कोई भूमिका नहीं होने के बावजूद भारत को इसके परिणामों से पार पाना होगा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) द्वारा यह मुद्दा उठाए जाने के बाद पुरी ने कहा, ”दुनिया ने ऐसा संकट, ऊर्जा के इतिहास में कभी नहीं देखा। होर्मुज जलडमरूमध्य से 20 प्रतिशत कच्चा तेल की आपूर्ति होती है। इतिहास में पहली बार वाणिज्यिक पोत परिवहन के लिए होर्मुज को प्रभावी रूप से बंद कर दिया गया है।” उन्होंने देश में एलपीजी सिलेंडर की कमी से निपटने के लिए उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए कहा, ”पिछले पांच दिन में एलपीजी उत्पादन 28 प्रतिशत बढ़ा है। मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है कि भारत के 33 करोड़ परिवारों, खासकर गरीबों और वंचितों की रसोई को (एलपीजी की) किसी कमी का सामना नहीं करना पड़े।” पुरी ने कहा कि एलपीजी सिलेंडर के मांग प्रबंधन उपाय के तौर पर शहरों में 25 दिन के न्यूनतम अंतराल पर बुकिंग की जा सकती है, वहीं ग्रामीण तथा दुर्गम क्षेत्रों में 45 दिन के बाद सिलेंडर की बुकिंग की जा सकती है। उन्होंने कहा, ”भारत को कच्चा तेल की आपूर्ति सुरक्षित है। 45 प्रतिशत कच्चा तेल होर्मुज से आता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उत्कृष्ट कूटनीतिक पहुंच के कारण भारत ने इस अवधि में जो कच्चा तेल प्राप्त किया, वह संकटग्रस्त होर्मुज से ऐसे समय में आपूर्ति हो सकने वाली मात्रा से अधिक है।” पुरी ने कहा, ”देश में रिफाइनरी उच्च क्षमता के साथ काम कर रही हैं। कई मामलों में तो शत-प्रतिशत से अधिक काम कर रही हैं। देश में पेट्राल, डीजल, एटीएफ (विमान का ईंधन), केरोसिन की कमी नहीं है। खुदरा विक्रेता के पास भंडार है और इन उत्पादों के लिए आपूर्ति श्रृंखलाएं सामान्य तरीके से काम कर रही हैं।” पुरी ने कहा कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग से डिलीवरी का मानक समय ढाई दिन बना हुआ है जो बदला नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि अस्पतालों और शिक्षण संस्थानों में निर्बाध आपूर्ति प्राथमिकता के साथ की जा रही है। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक एलपीजी को पूरी तरह विनियमित तरीके से बेचा जा रहा है जो बाजार मूल्य पर उपलब्ध है। पुरी ने यह भी कहा कि हाल ही में 60 रुपये के समायोजन के बाद बिना सब्सिडी वाले सिलेंडर का मूल्य 913 रुपये है, जबकि बाजार द्वारा तय मूल्य लगभग 987 रुपये है। पुरी ने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि एक पड़ोसी देश ने सारे स्कूल बंद कर दिए हैं, घर से काम करने के नियम जारी किए हैं और सड़कों पर सरकारी वाहनों की संख्या आधी कर दी है। उन्होंने कहा कि एक और पड़ोसी देश में विश्वविद्यालय तय समय से पहले बंद कर दिए गए और ईंधन बचाने के लिए ईद की छुट्टियां बढ़ा दी गईं। मंत्री ने कहा कि यह अफवाह फैलाने और झूठे विमर्श पैदा करने का समय नहीं है। उन्होंने कहा कि देश में स्कूल खुले हुए हैं और पेट्रोल-डीजल सामान्य तरीके से मिल रहा है। विपक्ष की नारेबाजी के बीच पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि इस संकट से पहले भारत के कच्चे तेल का करीब 45 प्रतिशत आयात होर्मुज मार्ग से हो रहा था। उन्होंने कहा, ”कच्चे तेल का गैर-होर्मुज स्रोत से आयात बढ़कर करीब 70 प्रतिशत हो गया है जो संघर्ष शुरू होने से पहले 55 प्रतितश था।” पुरी ने सदन में कहा कि भारत आज 40 देशों से कच्चे तेल का आयात करता है जो 2006-07 में 27 देशों से होता था। अमेरिका और इजराइल द्वारा गत 28 फरवरी को संयुक्त रूप से हमला किए जाने के बाद ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य मार्ग से तेल और गैस लेकर आने वाले जहाजों की आवाजाही रोक दी है। इस समुद्री मार्ग से दुनिया को 20 प्रतिशत कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस और एलपीजी की आपूर्ति होती है। पुरी ने कहा कि पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण आपूर्ति अवरुद्ध हो गई। उन्होंने कहा कि कच्चा तेल की खरीद में विविधता लाई गई है और खाड़ी क्षेत्र के उपलब्ध स्रोतों के अलावा अमेरिका, नॉर्वे, कनाडा, अल्जीरिया और रूस से मालवाहक जहाज आ रहे हैं।
कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई ठप: होटल रेस्टोरेंट बंद, आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू

नई दिल्ली । देश भर में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई ठप हो गई है। अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर की गई स्ट्राइक के बाद हॉर्मुज जलमार्ग बंद हो गया है जिससे भारत को गैस की आपूर्ति प्रभावित हुई है। कतर जो भारत की LNG की सबसे बड़ी सप्लाई करता है ने प्लांट पर ड्रोन हमले के बाद उत्पादन रोक दिया है। भारत अपनी जरूरत का लगभग 40% LNG कतर से ही आयात करता है इसलिए देश में घरेलू और कॉमर्शियल गैस की किल्लत बढ़ गई है। दिल्ली मध्य प्रदेश महाराष्ट्र उत्तर प्रदेश राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे कई राज्यों ने कॉमर्शियल गैस की सप्लाई रोक दी है। इससे कई शहरों में होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की नौबत आ गई है। मुंबई में 20% होटल रेस्टोरेंट पहले ही बंद हो चुके हैं और होटल एसोसिएशन ‘आहार’ ने चेतावनी दी है कि अगर सप्लाई बहाल नहीं हुई तो अगले दो दिनों में आधे से अधिक होटल बंद हो सकते हैं। भोपाल में शादी और सीजन के बीच 2 000 से अधिक होटल रेस्टोरेंट संचालन प्रभावित हैं। केंद्र सरकार ने जमाखोरी रोकने और आपूर्ति नियंत्रण के लिए देशभर में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 लागू कर दिया है। इसके तहत गैस की सप्लाई चार कैटेगरी में बांटी जाएगी घरेलू रसोई और CNG को पूरी आपूर्ति मिलेगी खाद कारखानों को लगभग 70% बड़े उद्योगों और चाय फैक्ट्रियों को लगभग 80% और छोटे होटल रेस्टोरेंट और कारखानों को भी पुरानी खपत के हिसाब से लगभग 80% गैस मिलेगी। उत्तर प्रदेश में बुकिंग के 4 5 दिन बाद भी सिलेंडर डिलीवर नहीं हो रहे हैं। मुंबई पुणे और नागपुर में सप्लाई कटौती के कारण रेस्टोरेंट और शवदाह गृह बंद हुए हैं। राजस्थान में होटल मैरिज गार्डन और रेस्टोरेंट संचालक परेशान हैं। कर्नाटक में भी होटल बंद होने की आशंका के कारण बुजुर्ग छात्र और मरीज प्रभावित हो रहे हैं। सरकार ने संकट से निपटने के लिए पांच कदम उठाए हैं हाई लेवल कमेटी बनाना आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू करना LPG बुकिंग नियम बदलना 25 दिन बाद दूसरा सिलेंडर OTP और बायोमेट्रिक अनिवार्य करना और LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश देना। इंडियन ऑयल के के.एम. ठाकुर ने कहा है कि ग्राहकों को घबराने की जरूरत नहीं है और पैनिक बुकिंग न करें। सरकार वैकल्पिक सप्लाई का भी इंतजाम कर रही है रूस और अल्जीरिया से अतिरिक्त कच्चा तेल आने की संभावना है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की बंदी और कतर में LNG उत्पादन ठप होना मुख्य कारण हैं। दुनिया के कुल पेट्रोलियम का 20% हिस्सा यहीं से गुजरता है। भारत अपनी जरूरत का आधा कच्चा तेल और 54% LNG इसी मार्ग से मंगाता है। सप्लाई संकट के बीच घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत ₹60 बढ़ाकर 913 रुपए कर दी गई है। कॉमर्शियल सिलेंडर 19 किग्रा का 1883 रुपए में मिल रहा है। इससे होटल रेस्टोरेंट और छोटे व्यवसाय संचालकों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
GWALIOR TOLL PLAZA VIVAD: भिंड टोल प्लाजा पर बवाल: टोल मांगने पर स्कॉर्पियो सवार युवकों ने कर्मचारियों से की मारपीट

HIGHLIGHTS: भिंड-ग्वालियर नेशनल हाईवे-719 के बरैठा टोल प्लाजा की घटना स्कॉर्पियो सवार युवकों ने बिना टोल दिए बैरियर खोलने का बनाया दबाव टोल कर्मचारियों से कहासुनी के बाद हुई मारपीट पूरी घटना टोल प्लाजा के CCTV कैमरों में कैद थाने पहुंचने के बाद रिश्तेदारी के कारण दोनों पक्षों में समझौता GWALIOR TOLL PLAZA VIVAD: ग्वालियर। भिंड-ग्वालियर नेशनल हाईवे-719 पर स्थित बरैठा टोल प्लाजा पर टोल टैक्स को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक एक स्कॉर्पियो वाहन में सवार आधा दर्जन से अधिक युवक ग्वालियर की ओर जा रहे थे। जब उनका वाहन टोल प्लाजा पर पहुंचा तो कर्मचारियों ने नियमानुसार टोल टैक्स की मांग की। जंग के डर से शेयर बाजार में भूचाल: सेंसेक्स 1862 अंक टूटा, निफ्टी 582 अंक लुढ़का बिना टोल दिए बैरियर खोलने का दबाव टोल कर्मचारियों के अनुसार वाहन में सवार युवक बिना टोल चुकाए ही बैरियर खोलने का दबाव बनाने लगे। कर्मचारियों ने जब नियम का हवाला देते हुए टोल जमा करने की बात कही तो दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। संसद में ईरान जंग पर विपक्ष का हंगामा, सरकार बहस के लिए तैयार कर्मचारियों से की गई हाथापाई देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और स्कॉर्पियो सवार युवकों ने टोल कर्मचारी आनंद सिंह समेत अन्य कर्मचारियों के साथ मारपीट शुरू कर दी। टोल प्लाजा परिसर में कुछ देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। बताया जा रहा है कि यह पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है। सोना-चांदी में भारी गिरावट: वैश्विक तनाव और मजबूत डॉलर से कीमतें फिसलीं, निवेशकों को झटका थाने पहुंचा मामला, फिर हुआ समझौता घटना के बाद टोल कर्मचारी शिकायत लेकर महाराजपुरा थाने पहुंचे। थोड़ी देर बाद वाहन सवार युवक भी थाने पहुंच गए। बातचीत के दौरान पता चला कि दोनों पक्षों के बीच आपसी रिश्तेदारी है। इसके बाद आपसी बातचीत से मामला शांत करा दिया गया और दोनों पक्षों ने समझौता कर लिया। पानी में उगाएं ये 5 इंडोर पौधे, घर और बालकनी बनेगी हरी-भरी मिनी गार्डन टोल प्रबंधन ने दी जानकारी टोल प्लाजा के मैनेजर अमित सिंह राठौड़ ने बताया कि टोल कर्मचारियों और वाहन सवार युवकों के बीच विवाद हुआ था। हालांकि बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो जाने के कारण पुलिस में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई।
JDU में शामिल हुए नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार, कहा पापा ने जो 20 साल में किया उसे

नई दिल्ली । बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। लंबे समय तक बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब दिल्ली की ओर चल पड़े हैं तो वहीं उनके बेटे निशांत कुमार आखिरकार सक्रिय राजनीति का हिस्सा हो गए हैं। परिवारवाद से दूर रहने वाले नीतीश कुमार के बेटे निशांत ने रविवार को जनता दल यूनाइटेड जॉइन कर ली है। पार्टी में आधिकारिक रूप से शामिल होने के बाद निशांत कुमार पिता नीतीश से मिलने पहुंचे और उन्हें मिठाई खिलाकर उनका आशीर्वाद लिया। इस मौके पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, संजय झा, बिजेंद्र यादव, विजय चौधरी जैसे बड़े नेता उपस्थित रहे। सदस्यता ग्रहण के दौरान निशांत कुमार ने सबका आभार व्यक्त किया। निशांत कुमार ने कहा, यहां पर मौजूद आप सभी लोगों का अभिनंदन करता हूं। आभार व्यक्त करता हूं। मैं जेडीयू कार्यालय आया हूं। यहां जेडीयू की सदस्यता ग्रहण करने आया हूं। मैं एक सक्रिय सदस्य के रूप में पार्टी का ख्याल रखने की कोशिश करूंगा। मेरे पिता ने राज्यसभा जाने का निर्णय लिया है, ये उनका निजी फैसला है। मैं इसको स्वीकार करता हूं। आदर करता हूं। पापा ने जो 20 साल में किया उसे निशांत ने कहा पार्टी ने और जनता ने जो विश्वास मुझ पर किया है मैं उस पर खरा उतरने की कोशिश करूंगा। पार्टी कार्यकर्ता के हिसाब से मैं पार्टी संगठन को मजबूत करने की कोशिश करूंगा। पापा ने जो 20 साल में किया उसे जन-जन तक पहुंचाने की कोशिश करूंगा। मेरे पिता जी ने जो 20 साल में किया वो सबको याद रहेगा। पिता ने जो 20 साल में किया है उससे पूरे देशवासियों को गर्व है। इस मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मौजूद नहीं थे। नीतीश कुमार के कभी करीबी रहे आरसीपी सिंह ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है, प्रिय निशांत आपको सक्रिय राजनीति में आने के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद। इस सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम को लेकर काफी संख्या में पार्टी के कार्यकर्ता उपस्थित हुए। कार्यकर्ता निशांत कुमार जिंदाबाद का नारा लगाते नजर आए। बता दें कि इससे पहले निशांत कुमार ने जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष के घर पर बीते शनिवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और युवा विधायकों के साथ बैठक की थी। बैठक में पार्टी की आगे की रणनीति और पार्टी को कैसे अच्छे से आगे बढ़ाया जाए, इस पर चर्चा हुई थी।
इजराइल अमेरिका और ईरान तनाव पर पीएम Narendra Modi का बड़ा बयान, बोले हालात बेहद चिंताजनक

नई दिल्ली । मिडिल ईस्ट में इजराइल अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गंभीर चिंता है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया के हालात बेहद चिंताजनक हैं और मौजूदा संकट का समाधान केवल बातचीत और कूटनीति से ही संभव है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा कि भारत शांति और स्थिरता का पक्षधर है और विश्व में बढ़ते तनाव को लेकर गंभीर रूप से चिंतित है। उन्होंने कहा जब दो लोकतंत्र एक साथ खड़े होते हैं तो शांति की आवाज और भी मजबूत हो जाती है। वर्तमान संकट का हल संवाद और कूटनीतिक प्रयासों से ही निकलेगा इसके अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं है। पीएम मोदी ने दोहराया कि भारत सभी देशों के साथ मिलकर शांति बहाली के प्रयासों में सहयोग करेगा। उन्होंने कहा कि भारत का प्राथमिक उद्देश्य क्षेत्र में स्थिरता कायम रखना और वहां रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। नेतन्याहू से फोन पर बातचीत इससे पहले सोमवार देर रात प्रधानमंत्री मोदी ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बात की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने बताया कि दोनों नेताओं के बीच मौजूदा क्षेत्रीय हालात पर चर्चा हुई और उन्होंने दुश्मनी को जल्द समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया। भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने भी कहा कि केंद्र सरकार खाड़ी देशों में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि विदेश मंत्रालय और भारतीय मिशन लगातार संपर्क में हैं और हालात पर नजर बनाए हुए हैं। जोशी ने चिंतित परिवारों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सरकार पहले भी संकटग्रस्त देशों से भारतीयों को सुरक्षित निकाल चुकी है जैसे यूक्रेन संकट के दौरान किया गया था। उन्होंने कहा जहां भी भारतीय नागरिक हैं उनकी सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। घबराने की जरूरत नहीं है सरकार हर संभव कदम उठा रही है। मिडिल ईस्ट में जारी इस तनावपूर्ण स्थिति के बीच भारत का रुख स्पष्ट है संवाद कूटनीति और शांति का मार्ग। अब वैश्विक समुदाय की नजर इस बात पर टिकी है कि क्षेत्र में हालात कब सामान्य होते हैं और तनाव किस दिशा में आगे बढ़ता है।
किन मुस्लिम देशों में नहीं खेली जाती होली? रंग दिखने पर मिलती है इतनी कड़ी सजा

नई दिल्ली । होली भारत का वह त्योहार है जो खुशियों हंसी मजाक और रंगों से भरा होता है. यह त्योहार गिले शिकवे भूलकर आपसी रिश्तों में मिठास घोलने पुराने मतभेद मिटाने और जीवन में नए उत्साह को लाने का प्रतीक माना जाता है. भारत में होली को खुले मैदानों गलियों और सड़कों पर मनाया जाता है जहां बड़े बड़े जुलूस रंगों का उत्सव और पारंपरिक मिठाइयों के साथ धूमधाम होती है लेकिन जब हम सीमाओं के पार झांकते हैं खासकर उन देशों में जहां मुसलमान बहुसंख्यक हैं तो होली का रंग और उत्साह कई तरह से बदल जाता है. कई इस्लामिक देशों में धार्मिक और सामाजिक नियम इतने सख्त हैं कि होली को सार्वजनिक रूप से मनाना नामुमकिन है. कुछ जगहों पर यह पूरी तरह प्रतिबंधित है और अगर कोई खुले तौर पर रंग खेलता है तो उसे भारी सजा का सामना करना पड़ सकता है. तो आइए जानते हैं कि किन मुस्लिम देशों में होली नहीं खेली जाती है और रंग दिखने पर कितनी कड़ी सजा मिलती है. किन मुस्लिम देशों में होली नहीं खेली जाती है अफगानिस्तान में तालिबान के शासन के बाद धार्मिक नियम बहुत सख्त हो गए हैं. हिंदू और सिख समुदाय की संख्या बहुत कम रह गई है इसलिए होली अब सार्वजनिक रूप से नहीं मनाई जाती है. रंग खेलना या जुलूस निकालना प्रतिबंधित है. त्योहार सिर्फ घर या मंदिर के भीतर ही सीमित है. प्रशासन ने सुरक्षा का आश्वासन तो दिया है लेकिन खुले मैदानों पर कोई उत्सव नहीं होता है. इसलिए अफगानिस्तान में होली का रंग फीका नहीं बल्कि दबा हुआ है. अगर कोई सार्वजनिक रूप से रंग खेलता है तो कानूनी कार्रवाई का खतरा रहता है. इसके अलावा सऊदी अरब में गैर इस्लामी त्योहारों के सार्वजनिक आयोजन पर लंबे समय तक सख्ती रही है. भारतीय प्रवासी भी सिर्फ निजी परिसरों या दूतावास में ही होली मना सकते हैं. वहीं अन्य खाड़ी देश जैसे कतर और ओमान मे धार्मिक स्वतंत्रता सीमित है. सार्वजनिक रूप से रंग खेलना नहीं होता है सिर्फ प्रशासन की अनुमति से निजी कार्यक्रम हो सकते हैं. इन देशों में होली का उत्सव पूरी तरह प्रतिबंधित या बहुत सीमित है. अगर कोई सार्वजनिक रूप से रंग खेलता है तो उसे कानूनी कार्रवाई या भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है. रंग दिखने पर कितनी कड़ी सजा मिलती है कुछ इस्लामिक देशों में होली में रंग खेलना या सार्वजनिक रूप से मनाना कानूनी अपराध माना जाता है और इसके लिए सजा काफी कड़ी हो सकती है. सजा की सीमा देश के कानून और स्थानीय प्रशासन के नियमों पर निर्भर करती है. जैसे अफगानिस्तान में सार्वजनिक रूप से होली के रंग खेलना या जुलूस निकालना गैरकानूनी है. उल्लंघन करने पर गिरफ्तारी जुर्माना या जेल की सजा हो सकती है. विशेष रूप से तालिबानी शासन के तहत धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए कोई भी सार्वजनिक आयोजन कठोर रूप से रोका जाता है. वहीं सऊदी अरब में रंग खेलते पकड़े जाने पर अपराधी को गिरफ्तार किया जा सकता है और कुछ मामलों में जेल या प्रत्यर्पण तक हो सकता है. वहीं कतर और ओमान में सार्वजनिक रूप से होली मनाना भी प्रतिबंधित है. उल्लंघन करने पर जुर्माना प्रशासनिक कार्रवाई या अपवित्रता के आरोप लग सकते हैं. होली भारत का वह त्योहार है जो खुशियों हंसी मजाक और रंगों से भरा होता है. यह त्योहार गिले शिकवे भूलकर आपसी रिश्तों में मिठास घोलने पुराने मतभेद मिटाने और जीवन में नए उत्साह को लाने का प्रतीक माना जाता है. भारत में होली को खुले मैदानों गलियों और सड़कों पर मनाया जाता है जहां बड़े बड़े जुलूस रंगों का उत्सव और पारंपरिक मिठाइयों के साथ धूमधाम होती है लेकिन जब हम सीमाओं के पार झांकते हैं खासकर उन देशों में जहां मुसलमान बहुसंख्यक हैं तो होली का रंग और उत्साह कई तरह से बदल जाता है. कई इस्लामिक देशों में धार्मिक और सामाजिक नियम इतने सख्त हैं कि होली को सार्वजनिक रूप से मनाना नामुमकिन है. कुछ जगहों पर यह पूरी तरह प्रतिबंधित है और अगर कोई खुले तौर पर रंग खेलता है तो उसे भारी सजा का सामना करना पड़ सकता है. तो आइए जानते हैं कि किन मुस्लिम देशों में होली नहीं खेली जाती है और रंग दिखने पर कितनी कड़ी सजा मिलती है. किन मुस्लिम देशों में होली नहीं खेली जाती है अफगानिस्तान में तालिबान के शासन के बाद धार्मिक नियम बहुत सख्त हो गए हैं. हिंदू और सिख समुदाय की संख्या बहुत कम रह गई है इसलिए होली अब सार्वजनिक रूप से नहीं मनाई जाती है. रंग खेलना या जुलूस निकालना प्रतिबंधित है. त्योहार सिर्फ घर या मंदिर के भीतर ही सीमित है. प्रशासन ने सुरक्षा का आश्वासन तो दिया है लेकिन खुले मैदानों पर कोई उत्सव नहीं होता है. इसलिए अफगानिस्तान में होली का रंग फीका नहीं बल्कि दबा हुआ है. अगर कोई सार्वजनिक रूप से रंग खेलता है तो कानूनी कार्रवाई का खतरा रहता है. इसके अलावा सऊदी अरब में गैर इस्लामी त्योहारों के सार्वजनिक आयोजन पर लंबे समय तक सख्ती रही है. भारतीय प्रवासी भी सिर्फ निजी परिसरों या दूतावास में ही होली मना सकते हैं. वहीं अन्य खाड़ी देश जैसे कतर और ओमान मे धार्मिक स्वतंत्रता सीमित है. सार्वजनिक रूप से रंग खेलना नहीं होता है सिर्फ प्रशासन की अनुमति से निजी कार्यक्रम हो सकते हैं. इन देशों में होली का उत्सव पूरी तरह प्रतिबंधित या बहुत सीमित है. अगर कोई सार्वजनिक रूप से रंग खेलता है तो उसे कानूनी कार्रवाई या भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है. रंग दिखने पर कितनी कड़ी सजा मिलती है कुछ इस्लामिक देशों में होली में रंग खेलना या सार्वजनिक रूप से मनाना कानूनी अपराध माना जाता है और इसके लिए सजा काफी कड़ी हो सकती है. सजा की सीमा देश के कानून और स्थानीय प्रशासन के नियमों पर निर्भर करती है. जैसे अफगानिस्तान में सार्वजनिक रूप से होली के रंग खेलना या जुलूस निकालना गैरकानूनी है. उल्लंघन करने पर गिरफ्तारी जुर्माना या जेल की सजा हो सकती है. विशेष रूप से तालिबानी शासन के तहत धार्मिक अल्पसंख्यकों के लिए कोई भी सार्वजनिक आयोजन कठोर रूप से रोका जाता है. वहीं सऊदी अरब में रंग खेलते पकड़े 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उपराष्ट्रपति ने दिल्ली विश्वविद्यालय के 102वें दीक्षांत समारोह में 1.2 लाख विद्यार्थियों को दी उपाधियां, महिला शिक्षा और राष्ट्र सेवा पर दिया जोर

नई दिल्ली । दिल्ली उपराष्ट्रपति एवं दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने आज दिल्ली विश्वविद्यालय के 102वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया और 1.2 लाख से अधिक स्नातकों को उपाधियां प्रदान कीं। समारोह में उन्होंने विश्वविद्यालय की 104 वर्षों की शैक्षणिक यात्रा की सराहना करते हुए इसे भारत के प्रतिष्ठित उच्च शिक्षा संस्थानों में से एक बताया। उपराष्ट्रपति ने कहा कि विश्वविद्यालय की शुरुआत मात्र तीन कॉलेजों दो संकायों आठ विभागों और 750 विद्यार्थियों से हुई थी वहीं आज यह 16 संकाय 86 विभाग 90 कॉलेज और छह लाख से अधिक विद्यार्थियों वाला एक विशाल शैक्षणिक संस्थान बन चुका है। उन्होंने विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में सुधार का भी उल्लेख किया और कहा कि यह शिक्षा में निरंतरता और उत्कृष्टता का प्रतीक है। उन्होंने स्नातकों को संबोधित करते हुए कहा कि उपाधि केवल प्रमाण-पत्र नहीं है बल्कि समाज की सेवा राष्ट्र के कल्याण और राष्ट्र प्रथम के सिद्धांत को निभाने की प्रतिबद्धता है। उपराष्ट्रपति ने यह भी कहा कि विकसित भारत @2047 को साकार करने की कुंजी युवाओं में निहित है और हर विद्यार्थी चाहे वह वैज्ञानिक शिक्षक कलाकार उद्यमी या नवोन्मेषक बने वह इस लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। विशेष रूप से उन्होंने महिला शिक्षा में हुई प्रगति की सराहना की। उपराष्ट्रपति ने बताया कि स्नातकों में 50 प्रतिशत से अधिक और स्वर्ण पदक विजेताओं में 70 प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं जो देश में शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास का प्रतीक है। स्नातकों को सामाजिक जिम्मेदारी नवाचार और प्रौद्योगिकी अनुसंधान तथा उद्यमिता के माध्यम से देश के विकास में योगदान देने का आह्वान करते हुए उपराष्ट्रपति ने उन्हें नशीले पदार्थों से दूर रहने और सोशल मीडिया का जिम्मेदारी के साथ उपयोग करने की सलाह दी।
पीएम मोदी ने राजस्थान से एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत की, नारीशक्ति सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजस्थान के अजमेर से सर्विकल कैंसर के खिलाफ राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया और पांच लड़कियों को ह्यूमन पैपिलोमावायरस टीका लगाया गया। इस अभियान का उद्देश्य हर साल लगभग 1.15 करोड़ 14 साल की लड़कियों को हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश में टीका मुफ्त उपलब्ध कराना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह पहल देश की नारीशक्ति को सशक्त करने की दिशा में एक अहम कदम है। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि हमारी सरकार सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और इसी कड़ी में अजमेर से राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत हुई है। उन्होंने कहा कि परिवार में जब मां बीमार होती है तो घर बिखर जाता है लेकिन मां स्वस्थ हो तो परिवार हर संकट का सामना करने में सक्षम रहता है। यही कारण है कि महिलाओं और लड़कियों के स्वास्थ्य को सशक्त बनाने के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। पीएम मोदी ने कहा कि 2014 से पहले शौचालय की सुविधा न होने के कारण लड़कियों को कितनी परेशानियों का सामना करना पड़ता था, यह किसी ने महसूस नहीं किया। उन्होंने बताया कि उस समय यह मुद्दा सत्ता के लिए छोटी बात था लेकिन वर्तमान सरकार ने इसे संवेदनशीलता के साथ हल किया। इसके साथ ही गर्भावस्था के दौरान कुपोषण और माताओं की सुरक्षा पर भी ध्यान दिया गया। सुरक्षित मातृत्व योजना के तहत माताओं को पोषक आहार मुहैया कराया गया और पांच हजार रुपए उनके खातों में जमा किए गए। प्रधानमंत्री ने उज्ज्वला गैस योजना का भी उल्लेख करते हुए कहा कि घर में धुएं के कारण महिलाओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, लेकिन इस योजना से यह समस्या दूर हुई। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार केवल सत्ता के लिए नहीं बल्कि संवेदनशीलता के साथ काम करती है। पीएम मोदी ने इस अवसर पर यह भी कहा कि इस अभियान के माध्यम से लड़कियों और महिलाओं को स्वास्थ्य सुरक्षा, शिक्षा और अवसर मिले और वे आत्मनिर्भर बनें। उन्होंने आगे कहा कि एचपीवी टीकाकरण अभियान केवल एक स्वास्थ्य पहल नहीं है बल्कि यह नारीशक्ति सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। अभियान के तहत लड़कियों को टीका तय सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर मुफ्त मिलेगा और यह कार्यक्रम देशभर में समान रूप से लागू होगा। प्रधानमंत्री ने नागरिकों से इस अभियान में सहयोग करने और इसे सफल बनाने की अपील भी की। इस अभियान के माध्यम से न केवल सर्विकल कैंसर की रोकथाम होगी बल्कि महिलाओं और लड़कियों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश की प्रगति तभी संभव है जब महिलाएं स्वस्थ, मजबूत और आत्मनिर्भर हों। उन्होंने युवाओं को भी प्रेरित किया कि वे इस तरह की पहलों में सक्रिय भागीदारी निभाएं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाएं। इस तरह पीएम मोदी के नेतृत्व में शुरू हुआ राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान न केवल लड़कियों के स्वास्थ्य की सुरक्षा करेगा बल्कि नारीशक्ति को सशक्त बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
1 मार्च से सख्ती: सिम कार्ड के बिना नहीं चलेंगे WhatsApp और Telegram? सरकार ने डेडलाइन बढ़ाने से किया इनकार

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सिम बाइंडिंग नियमों को लागू करने की 28 फरवरी की समय सीमा बढ़ाने से इनकार कर दिया है। 1 मार्च से लागू होने जा रहे इन नए प्रावधानों के तहत यदि मोबाइल फोन में वह सक्रिय सिम कार्ड मौजूद नहीं है जिससे मैसेजिंग ऐप रजिस्टर है तो WhatsApp Telegram और Signal जैसे ऐप्स का उपयोग सीमित या बंद हो सकता है। सरकार का कहना है कि यह कदम साइबर फ्रॉड फर्जी नंबरों और डिजिटल धोखाधड़ी पर रोक लगाने के लिए उठाया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा पहले की नीति के तहत सिम बाइंडिंग नियमों में कोई ढील नहीं दी जाएगी।क्या होगा बड़ा बदलाव? नए नियमों के अनुसार: जिस सिम से अकाउंट रजिस्टर है उसका मोबाइल में सक्रिय रहना जरूरी होगा। यदि सिम मौजूद नहीं है तो ऐप की सेवाएं बाधित हो सकती हैं। WhatsApp Web या कंप्यूटर लॉगिन हर 6 घंटे में स्वतः लॉगआउट हो जाएगा। दोबारा उपयोग के लिए QR कोड स्कैन करना होगा। भारत में करोड़ों यूजर्स एक ही नंबर से कई डिवाइस पर WhatsApp चलाते हैं। ऐसे में जिन यूजर्स ने अलग अलग डिवाइस पर अकाउंट एक्टिव कर रखा है या जो बार बार सिम बदलते रहते हैं वे सीधे तौर पर प्रभावित हो सकते हैं। छोटे कारोबारियों पर असर विशेषज्ञों का अनुमान है कि 60–80% तक छोटे व्यवसाय जो WhatsApp आधारित संचार और ऑर्डर मैनेजमेंट पर निर्भर हैं उन्हें शुरुआती दिनों में ऑपरेशनल दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। खासतौर पर वे बिजनेस जो एक नंबर को कई सिस्टम पर चलाते हैं उन्हें हर कुछ घंटों में दोबारा लॉगिन की प्रक्रिया अपनानी होगी। सिर्फ WhatsApp नहीं व्यापक असर यह बदलाव केवल एक ऐप तक सीमित नहीं है। Telegram Signal और अन्य मैसेजिंग प्लेटफॉर्म भी इसके दायरे में बताए जा रहे हैं। यानी यह डिजिटल कम्युनिकेशन सिस्टम में एक बड़ा नीतिगत परिवर्तन साबित हो सकता है। फिलहाल सरकार अपने फैसले पर अडिग नजर आ रही है। 1 मार्च की डेडलाइन को लेकर टेक कंपनियों और करोड़ों यूजर्स की नजरें टिकी हुई हैं। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि नियमों का क्रियान्वयन किस स्तर पर और किस सख्ती से किया जाता है और आम यूजर्स के डिजिटल अनुभव में कितना बदलाव आता है।