राणाबाली के नए गाने में रोमांस ओवरलोड, स्क्रीन पर फिर दिखा विजय रश्मिका का जादू

नई दिल्ली। साउथ सिनेमा के चर्चित स्टार विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना इन दिनों अपनी निजी और पेशेवर जिंदगी को लेकर दफ्तर में हैं। हाल ही में उदयपुर में शादी के बंधन में बंधे इस चर्चित जोड़ों को फिल्म राणाबाली के मेकर्स ने खास अंदाज में बधाई दी है। फिल्म का नया गीत अंधैया सामी रिलीज कर मेकर्स ने नवविवाहित जोड़ों को मानो स्क्रीन पर भी नई शुरुआत का आशीर्वाद दे दिया है। गानों में विजय और रश्मिका शादी के बाद पति पत्नी के रूप में नजर आते हैं जहां उनके किरदारों के बीच धीरे धीरे पन्नाता प्रेम दर्शकों का दिल जीत रहा है।शादी के बाद की मोहब्बत का सजीव चित्रण अंधैया सामी गीत में शादी के बाद का सुकून अपनापन और नए रिश्तों की मधुर झिझक को खूबसूरती से फिल्माया गया है। वीडियो में दिखाया गया है कि शादी की रस्मों के बाद रश्मिका अपने नए घर में प्रवेश करती हैं और विजय को रोजमर्रा की जिंदगी में देखते देखते उनके करीब आती जाती हैं। दोनों के बीच की केमिस्ट्री बेहद स्वाभाविक और भावुक लगती है। इस गीत को संगीतकार जोड़ी अजय अतुल ने स्वरबद्ध किया है जबकि श्वेता मोहन और अजय गोगावले ने अपनी मधुर आवाज दी है। गीत के बोल सरस्वतीपुत्र रामजोगय्या शास्त्री ने लिखे हैं जो सीधे दिल को छूते हैं। उदयपुर में शाही अंदाज में रची गई शादी विजय और रश्मिका ने 26 फरवरी 2026 को उदयपुर के आलीशान आईटीसी ग्रैंड भारत रिसॉर्ट में निजी समारोह में सात फेरे के लिए। शादी में परिवार और करीबी दोस्तों की मौजूदगी रही। तेलुगु अंग वस्त्रम रस्म और गणेश पूजा के साथ समारोह की शुरुआत हुई जिसके बाद पारंपरिक कोडवा रीति रिवाज निभाए गए। मंडप को गेंदे और चमेली के फूलों से सजाया गया था। विजय ने आइवरी सिल्क वेष्टि और अंगवस्त्रम धारण किया जबकि रश्मिका कढ़ाईदार कांजीवरम साड़ी में बेहद आकर्षक दिखीं। शादी की तस्वीरें साझा करते हुए विजय ने भावुक संदेश लिखा जिसने फैंस का दिल जीत लिया। तीसरी बार साथ देखी जाएगी हिट जोड़ी गीता गोविंदम और डियर कॉमरेड के बाद रणबाली इस जोड़ी की तीसरी फिल्म है। फिल्म में विजय रणबाली और रश्मिका जयम्मा की भूमिका निभा रहे हैं। खलनायक की भूमिका में अर्नोल्ड वोसलू नजर आएंगे जिन्हें फिल्म द ममी से खास पहचान मिली। यह फिल्म 19वीं सदी की ऐतिहासिक घटनाओं पर आधारित पीरियड एक्शन ड्रामा है और 11 सितंबर को सिनेमा में रिलीज होगी।
अमर अकबर एंथनी का फीमेल वर्जन बना, लेकिन कभी नहीं हो पाई रिलीज़ सुधा चंद्रन ने सुनाई अनसुनी कहानी

नई दिल्ली । बॉलीवुड की सदाबहार फिल्मों में शुमार अमर अकबर एंथनी आज भी दर्शकों के दिलों में खास जगह रखता है। अमिताभ बच्चन विनोद खन्ना और ऋषि कपूर जैसे सितारों से सजी इस फिल्म ने भाईचारे और मनोरंजन का अनोखा संगम पेश किया था। लेकिन अब अभिनेत्री सुधा चंद्रन ने इस फिल्म से जुड़ा एक ऐसा राज़ खोला है जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में सुधा चंद्रन ने बताया कि अमर अकबर एंथनी का एक फीमेल वर्जन भी बनाया गया था। इस फिल्म का नाम था सीता सलमा सूज़ी । यह प्रोजेक्ट मूल फिल्म से प्रेरित था और इसमें तीन बहनों की कहानी दिखाई जानी थी। सुधा ने बताया कि वे इस फिल्म में लीड रोल निभा रही थीं और उनके साथ अर्चना पूरन सिंह और मुनमुन सेन भी मुख्य भूमिकाओं में थीं। सुधा ने याद करते हुए कहा कि उस समय पूरी टीम को विश्वास था कि वे एक बड़ी और यादगार फिल्म बना रहे हैं। फिल्म में पुरुष कलाकारों में जीत उपेंद्र और शेखर सुमन जैसे नाम शामिल थे। सभी कलाकार बेहद समर्पण के साथ काम कर रहे थे लेकिन दुर्भाग्यवश यह फिल्म कभी रिलीज़ नहीं हो पाई। इसके पीछे क्या कारण थे यह साफ नहीं हो सका और यह प्रोजेक्ट अधूरा रह गया। इस अनरिलीज़्ड फिल्म से जुड़ी एक और दिलचस्प बात यह है कि इसी के सेट पर सुधा चंद्रन की मुलाकात उनके भावी पति रवि डांग से हुई थी जो फिल्म में एसोसिएट डायरेक्टर थे। सुधा ने बताया कि शुरुआत में उन्हें रवि का व्यवहार थोड़ा अजीब लगा क्योंकि वे उनके गुड मॉर्निंग का जवाब नहीं देते थे। जब उन्होंने इस बारे में पूछा तो रवि ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें काम के लिए पैसे मिलते हैं औपचारिक अभिवादन के लिए नहीं। रवि की यह साफगोई और काम के प्रति समर्पण सुधा के दिल को छू गया। धीरे धीरे दोनों के बीच दोस्ती और फिर प्यार पनपा। हालांकि शादी का फैसला आसान नहीं था क्योंकि परिवार इंडस्ट्री से जुड़े व्यक्ति को अपनाने को लेकर आशंकित था। लेकिन सुधा के आत्मविश्वास और दृढ़ निश्चय ने आखिरकार परिवार को मना लिया। उनकी मां ने भरोसा जताया कि उनकी बेटी कभी गलत फैसला नहीं ले सकती। सीता सलमा सूजी भले ही बड़े पर्दे तक नहीं पहुंच सकी लेकिन यह फिल्म सुधा चंद्रन के जीवन की एक अहम कड़ी बन गई। एक ओर जहां यह प्रोजेक्ट अधूरा रह गया वहीं दूसरी ओर इसी के जरिए उनकी जिंदगी में एक नया रिश्ता और नई शुरुआत जुड़ गई। बॉलीवुड के इतिहास में यह किस्सा आज भी एक दिलचस्प लेकिन अनकही कहानी के रूप में दर्ज है।
डायरेक्टर प्रियदर्शन का बड़ा खुलासा: इस साल नहीं शुरू होगी हेरा फेरी 3 की शूटिंग, म्यूजिक और राइट्स को लेकर मचा घमासान!

नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा की सबसे कल्ट कॉमेडी फिल्मों में शुमार ‘हेरा फेरी’ के तीसरे पार्ट का इंतजार कर रहे करोड़ों फैंस के लिए एक निराशाजनक खबर सामने आई है। लंबे समय से चर्चा में रही ‘हेरा फेरी 3’ अब कानूनी विवादों और राइट्स के पचड़े में बुरी तरह फंस गई है। फिल्म के निर्देशक प्रियदर्शन ने हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में साफ कर दिया है कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए इस साल फिल्म की शूटिंग शुरू होना नामुमकिन है। प्रियदर्शन ने फिल्म की स्थिति को काफी कॉम्प्लिकेटेड बताते हुए कहा कि फिलहाल फिल्म के मालिकाना हक Rights को लेकर कई दावेदार सामने आ गए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसारप्रोड्यूसर जेपी विजयकुमार ने मद्रास हाई कोर्ट में दावा किया है कि फिल्म के वास्तविक राइट्स उनके पास हैंन कि फिरोज नाडियाडवाला के पास। वहीं’सेवेन आर्ट्स इंटरनेशनल’ नामक प्रोडक्शन हाउस का तर्क है कि नाडियाडवाला के पास केवल साल 2000 में आई पहली फिल्म के मलयालम रीमेक राइट्स थे। मामला तब और उलझ गया जब यह दावा किया गया कि फ्रेंचाइजी के राइट्स अक्षय कुमार की कंपनी ‘केप ऑफ गुड फिल्म्स’ को अवैध रूप से ट्रांसफर किए गए हैं। विवाद सिर्फ कहानी या फिल्म के टाइटल तक सीमित नहीं हैबल्कि इसके म्यूजिक राइट्स पर भी तलवार लटकी हुई है। प्रियदर्शन ने बताया कि भूषण कुमार ने सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया है कि ‘हेरा फेरी 3’ के म्यूजिक राइट्स उनके पास हैं। जब तक ये तमाम कानूनी मसले हल नहीं हो जातेतब तक टीम एक कदम भी आगे नहीं बढ़ा सकती। जब प्रियदर्शन से पूछा गया कि क्या 2026 में शूटिंग शुरू हो पाएगीतो उन्होंने दो टूक जवाब दियाइस साल तो बिल्कुल नहीं। गौरतलब है कि इससे पहले फिल्म की कास्टिंग को लेकर भी काफी ‘हेरा फेरी’ देखने को मिली थी। परेश रावल ने फिल्म छोड़ दी थीजिसके बाद अक्षय कुमार ने उन पर 25 करोड़ रुपये का केस कर दिया था। हालांकिबाद में समझौता हुआ और अक्षय ने केस वापस ले लिया। इस पर प्रियदर्शन ने चुटकी लेते हुए कहा कि सिनेमा और राजनीति में कोई स्थायी दुश्मन नहीं होता। इसके अलावाउन्होंने ‘भागम भाग’ के सीक्वल में गोविंदा को मनोज बाजपेयी से रिप्लेस करने की खबरों पर भी अनभिज्ञता जताई। फिलहाल’राजूश्याम और बाबू भैया’ की आइकॉनिक तिकड़ी को बड़े पर्दे पर साथ देखने का सपना देख रहे दर्शकों को अभी लंबा इंतजार करना होगा।
तापसी पन्नू का इंडस्ट्री पर बड़ा प्रहार: "चाहे साउथ हो या बॉलीवुड, सबको क्लीवेज और कमर से ऑब्सेशन है!

नई दिल्ली। अपनी बेहतरीन अदाकारी और बेबाक बयानों के लिए मशहूर अभिनेत्री तापसी पन्नू एक बार फिर चर्चा में हैं। हाल ही में फिल्म ‘अस्सी’ (80) में अपनी परफॉरमेंस के लिए वाहवाही बटोर रहीं तापसी ने ग्लैमर वर्ल्ड के उस काले सच से पर्दा उठाया है, जिसे अक्सर दबा दिया जाता है। तापसी का कहना है कि फिल्म इंडस्ट्री, चाहे वह बॉलीवुड हो या साउथ, महिलाओं के खास बॉडी पार्ट्स को लेकर एक अजीब तरह के ‘ऑब्सेशन’ (जुनून) का शिकार है। एक हालिया इंटरव्यू में तापसी ने स्पष्ट किया कि उनके पिछले बयानों को लोगों ने गलत तरीके से समझा। उन्होंने उत्तर बनाम दक्षिण का मुद्दा नहीं बनाया था, बल्कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री की मानसिकता पर सवाल उठाए थे। तापसी ने कहा, “मुद्दा यह नहीं है कि कौन सा हिस्सा हाइलाइट किया जा रहा है, मुद्दा यह है कि यह एक तरह की ‘ताड़ना’ है। लोग कहते हैं कि साउथ में कमर (मिडरिफ) पर फोकस होता है और हिंदी फिल्मों में क्लीवेज पर, लेकिन मेरे लिए यह सिर्फ एक ऑब्सेशन है जो दोनों जगह मौजूद है।” तापसी ने अपने करियर के शुरुआती दिनों का एक बेहद असहज कर देने वाला किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि जब वह साउथ की फिल्मों में काम कर रही थीं, तब उन्हें ब्रा में पैड लगाने (Padding) के लिए कहा गया था। तापसी ने बताया कि सेट पर जब महिलाएं कम होती हैं, तो इस तरह की बातें कहना डायरेक्टर के लिए भी अजीब होता है, इसलिए वे किसी और के जरिए यह संदेश भिजवाते हैं। उन्होंने उस असहज प्रक्रिया का जिक्र करते हुए कहा, “जब हिरोइन वैन से बाहर आती है, तो डायरेक्टर को चेक करना होता है कि जो लुक उन्होंने चाहा था, वह मिला या नहीं। यह पूरा प्रोसेस एक कलाकार के लिए बहुत अनकम्फर्टेबल होता है।” बॉलीवुड में अपने सफर पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि यहां उन्हें कभी कमर दिखाने या पैडिंग के लिए मजबूर नहीं किया गया, क्योंकि उन्होंने यहां ज्यादा ग्लैमरस रोल नहीं किए। हालांकि, करियर के शुरुआती दौर में उन्होंने डायरेक्टर्स की इन मांगों को एक हद तक माना भी। तापसी के अनुसार, तब मैं नई थी और मुझे लगता था कि डायरेक्टर ‘शिप का कैप्टन’ है, उसे सब पता होगा। जब आप देखते हैं कि बाकी सभी हिरोइनें ऐसा कर रही हैं, तो आप भी इसे प्रोफेशन का हिस्सा मान लेते हैं।” तापसी का यह बयान अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जो इंडस्ट्री में महिलाओं के चित्रण और जेंडर सेंसिटिविटी पर नई बहस छेड़ रहा है।
O Romeo: 14वें दिन भी बॉक्स ऑफिस पर छाया, शाहिद कपूर-विशाल भारद्वाज की फिल्म ने कमाए 61.55 करोड़

O Romeo: नई दिल्ली। शाहिद कपूर और विशाल भारद्वाज की नई फिल्म ‘ओ रोमियो’ ने बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया है। 13 फरवरी को रिलीज हुई इस फिल्म में शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी लीड रोल में हैं और दोनों पहली बार स्क्रीन शेयर कर रहे हैं। फिल्म को दर्शकों और क्रिटिक्स से शानदार प्रतिक्रिया मिली है। भोपाल में 27 क्विंटल मावा जब्त: टोल प्लाजा पर खाद्य सुरक्षा टीम की बड़ी कार्रवाई, मिलावट की आशंका रिलीज के पहले दिन फिल्म ने 8.5 करोड़ रुपये की कमाई से शुरुआत की थी और वीकेंड के दौरान रफ्तार बढ़ती रही। बुधवार और गुरुवार को 1.25 करोड़ की कमाई के साथ 14वें दिन तक फिल्म की कुल कमाई 61.55 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। बॉक्स ऑफिस पर इसे रानी मुखर्जी की ‘मर्दानी 3’, सनी देओल की ‘बॉर्डर 2’ और शनाया कपूर की ‘तू या मैं’ जैसी फिल्मों का मुकाबला भी मिला। फिल्म में नाना पाटेकर, अविनाश मिश्रा, फरीदा जलाल, दिशा पाटनी और तमन्ना भाटिया जैसे कलाकारों ने भी अहम भूमिका निभाई है। यह शाहिद कपूर और विशाल भारद्वाज की चौथी फिल्म है, इससे पहले दोनों ने ‘कमीने’, ‘हैदर’ और ‘रंगून’ में साथ काम किया था। आईएमडीबी रेटिंग 6.4 के साथ फिल्म ने दर्शकों को अपनी कहानी और प्रदर्शन से मंत्रमुग्ध कर दिया है। कुल मिलाकर, ‘ओ रोमियो’ ने अपने दमदार कंटेंट, स्टार कास्ट और शानदार बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के साथ 2027 की सबसे चर्चित फिल्मों में अपना नाम दर्ज कर लिया है।
राजामौली का दावा: 'वाराणसी' में बाहुबली से भी ज्यादा भव्य और दमदार सिनेमाई अनुभव

नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के दिग्गज निर्देशक एस. एस. राजामौली इन दिनों अपनी मेगा बजट फिल्म ‘वाराणसी’ को लेकर सुर्खियों में हैं। करीब 1300 करोड़ रुपये के बजट में बन रही यह एक्शन-एडवेंचर फिल्म अगले साल रिलीज के लिए तैयार बताई जा रही है। फिल्म में महेश बाबू, प्रियंका चोपड़ा जोनास और पृथ्वीराज सुकुमारन लीड रोल में नजर आएंगे। रिलीज से पहले ही यह प्रोजेक्ट देश-विदेश में जबरदस्त चर्चा बटोर रहा है। हैदराबाद स्थित अन्नपूर्णा स्टूडियो में हाल ही में शुरू हुई अत्याधुनिक मोशन कैप्चर फैसिलिटी में फिल्म के कई अहम सीक्वेंस शूट किए गए हैं। राजामौली का कहना है कि यह भारत की सबसे उन्नत मो-कैप लैब में से एक है, जहां हाई-प्रिसिजन टेक्नोलॉजी के जरिए बड़े और जटिल दृश्यों को पहले से ज्यादा प्रभावशाली ढंग से फिल्माया जा सकता है। इसी दौरान राजामौली ने अपनी ब्लॉकबस्टर फिल्म बाहुबली: द बिगिनिंग का जिक्र करते हुए बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अगर उस समय भारत में इतनी एडवांस मोशन कैप्चर तकनीक उपलब्ध होती, तो वे ‘बाहुबली’ और ‘ईगा’ जैसी फिल्मों को और भी बेहतर बना सकते थे। उनके मुताबिक भारत में टैलेंट की कभी कमी नहीं रही, लेकिन विश्वस्तरीय तकनीकी ढांचे की कमी के कारण कई बार विज़न को पूरी क्षमता के साथ पर्दे पर उतारना संभव नहीं हो पाता था। राजामौली ने बताया कि अब हालात बदल रहे हैं। नई तकनीक की बदौलत भारतीय फिल्मकारों को बड़े विजुअल सीक्वेंस के लिए विदेशों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। ‘वाराणसी’ के कुछ जटिल एक्शन और फैंटेसी दृश्यों में इसी मोशन कैप्चर तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिसके परिणाम से टीम बेहद संतुष्ट है। फिल्म की पहली झलक पेरिस के प्रतिष्ठित सिनेमा हॉल Le Grand Rex में आयोजित एक ट्रेलर फेस्टिवल में दिखाई गई, जहां दर्शकों ने जबरदस्त प्रतिक्रिया दी। इससे साफ है कि ‘वाराणसी’ को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उत्सुकता बढ़ चुकी है। पोस्टर्स में महेश बाबू का ‘रुद्र’, पृथ्वीराज का ‘कुंभ’ और प्रियंका का ‘मंदाकिनी’ अवतार पहले ही सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन चुका है। अगर सब कुछ तय योजना के अनुसार रहा, तो यह फिल्म 7 अप्रैल 2027 को सिनेमाघरों में दस्तक देगी। राजामौली का मानना है कि नई तकनीक और बड़े विज़न का यह संगम भारतीय सिनेमा को एक नए स्तर पर ले जाएगा—और शायद यही वजह है कि वे आज भी मानते हैं, “बाहुबली को मैं और बेहतर बना सकता था।”
OTT पर दबकर रह गई सिराई, जय भीम जैसा टॉर्चर और इंसाफ की लड़ाई हिला देगी अंदर तक

नई दिल्ली । ओटीटी की भीड़ में कई बार बेहतरीन फिल्में चुपचाप आकर निकल जाती हैं। साल 2026 में ZEE5 पर रिलीज हुई तमिल फिल्म सिराई भी कुछ ऐसी ही फिल्म है जो बड़े स्टार्स की फिल्मों के शोर में दब गई। कहा जा रहा है कि धुरंधर की चर्चा के बीच इस फिल्म पर कम लोगों की नजर पड़ी लेकिन कंटेंट के मामले में यह किसी से कम नहीं। IMDb पर 8.2 की दमदार रेटिंग के साथ सिराई उन फिल्मों में गिनी जा रही है जो सिस्टम की सच्चाई को बेधड़क सामने रखती हैं। फिल्म में लीड रोल निभाया है विक्रम प्रभु ने। उनके साथ कई अनुभवी तमिल कलाकार नजर आते हैं जो कहानी को मजबूत आधार देते हैं। यह फिल्म तमिल में बनी है लेकिन अच्छी बात यह है कि ओटीटी पर यह हिंदी में भी उपलब्ध है इसलिए भाषा दर्शकों के लिए रुकावट नहीं बनती। सिराई का अर्थ है जेल या कैद और फिल्म का मूल भी इसी विचार के इर्द-गिर्द घूमता है। कहानी एक ईमानदार पुलिस अधिकारी की है जिसे एक हाई-प्रोफाइल कैदी को एक जेल से दूसरी जेल में ट्रांसफर करने की जिम्मेदारी मिलती है। शुरुआत में यह एक सामान्य ड्यूटी लगती है लेकिन सफर के दौरान उसे पता चलता है कि जिस कैदी को वह ले जा रहा है वह असल में निर्दोष है। उसे कुछ ताकतवर लोगों ने अपने फायदे के लिए फंसाया है। यहीं से कहानी में असली संघर्ष शुरू होता है। एक तरफ सिस्टम का दबाव और वर्दी की जिम्मेदारी दूसरी तरफ इंसानियत और अंतरात्मा की आवाज। क्या वह आदेश का पालन करेगा या सच का साथ देगा? फिल्म इसी नैतिक दुविधा को बेहद सधे हुए अंदाज में पेश करती है। इस फिल्म की खास बात यह है कि इसमें मसाला एंटरटेनमेंट वाला ओवर-द-टॉप एक्शन नहीं है। यहां सब कुछ रियलिस्टिक है पुलिसिया पूछताछ मानसिक दबाव सत्ता का खेल और कानून की खामियां। यही यथार्थवाद फिल्म को असरदार बनाता है। अगर आपको जय भीम और विसरानई जैसी फिल्में पसंद आई थीं तो सिराई भी आपको जरूर प्रभावित करेगी। यह सिर्फ पुलिस और कैदी की कहानी नहीं है बल्कि यह न्याय व्यवस्था की परतें खोलती है और सवाल पूछती है कि सच की कीमत आखिर कितनी भारी होती है। विक्रम प्रभु ने अपने किरदार में गजब की गंभीरता दिखाई है। उनके चेहरे के भाव आंखों की बेचैनी और भीतर चल रहे द्वंद्व को उन्होंने बारीकी से निभाया है। फिल्म आपको अंत तक बांधे रखती है और सोचने पर मजबूर करती है।
LAILA MURDER CASE: जलन, लालच और शक की आग में बुझ गया सितारा: लैला खान हत्याकांड का पूरा सच

LAILA MURDER CASE: नई दिल्ली । मायानगरी मुंबई की चकाचौंध के बीच साल 2011 में एक ऐसी घटना घटी, जिसने फिल्म इंडस्ट्री ही नहीं बल्कि पूरे देश को स्तब्ध कर दिया। यह मामला था बॉलीवुड अभिनेत्री लैला खान और उनके परिवार की रहस्यमयी गुमशुदगी का। लैला ने सुपरस्टार राजेश खन्ना के साथ फिल्म वफा में काम किया था और अपनी खूबसूरती व अदाकारी के कारण चर्चा में रहती थीं। लेकिन अचानक उनका और उनके परिवार के पांच अन्य सदस्यों का यूं गायब हो जाना एक बड़े रहस्य में बदल गया। मुंबई के एक पॉश इलाके से लैला, उनकी मां सेलिना, तीन भाई बहन और एक चचेरी बहन के लापता होने की खबर ने सनसनी फैला दी। करीब एक साल तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला। पुलिस की जांच जारी रही, लेकिन परिवार का कोई अता पता नहीं था। मामला तब और पेचीदा हो गया जब शक की सुई लैला के सौतेले पिता की ओर घूमी। पूछताछ के दौरान जो सच सामने आया, उसने सबको झकझोर दिया। सौतेले पिता ने कबूल किया कि उसने ही इगतपुरी नासिक के पास स्थित अपने फार्महाउस पर परिवार के सभी छह सदस्यों की हत्या कर दी और शवों को वहीं दफना दिया। हत्या की वजह थी शक, जलन और संपत्ति को लेकर डर। उसे संदेह था कि लैला की मां का किसी और से संबंध है और वह बच्चों के साथ दुबई बसने की योजना बना रही है। उसे भय था कि परिवार उससे अलग होकर उसे संपत्ति से बेदखल कर देगा। बताया गया कि फार्महाउस पर किसी बात को लेकर तीखी बहस हुई। गुस्से में आरोपी ने पहले सेलिना पर हमला किया और फिर एक एक कर सभी को मौत के घाट उतार दिया। अपने अपराध को छिपाने के लिए उसने फार्महाउस के अहाते में गड्ढा खोदकर सभी शवों को दफना दिया और ऊपर से आग लगाकर सबूत मिटाने की कोशिश की। यह वारदात इतनी निर्मम थी कि जिसने भी इसके बारे में सुना, सन्न रह गया। मामला वर्षों तक अदालत में चलता रहा। पुलिस ने सबूत जुटाए, गवाह पेश हुए और लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद आखिरकार 2024 में अदालत ने आरोपी सौतेले पिता को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई। करीब 13 साल बाद न्याय मिला, लेकिन तब तक एक उभरती अभिनेत्री और उसका पूरा परिवार इस दुनिया से जा चुका था। लैला खान हत्याकांड ने यह साबित कर दिया कि शक और लालच जब रिश्तों पर हावी हो जाते हैं, तो अंजाम बेहद खौफनाक होता है। ग्लैमर की दुनिया की एक चमकती जिंदगी, पारिवारिक साजिश और निर्ममता की भेंट चढ़ गई। यह मामला आज भी याद दिलाता है कि अपराध चाहे जितना छिपाया जाए, सच एक दिन सामने जरूर आता है।
CELEBRITY ARREST UPDATE: डायरेक्टर अनीश के किडनैपिंग और मारपीट मामले में कन्नड़ एक्ट्रेस ऐश्वर्या समेत 11 लोग गिरफ्तार

CELEBRITY ARREST UPDATE: नई दिल्ली। कन्नड़ फिल्म डायरेक्टर के साथ हुई किडनैपिंग और मारपीट की घटना में कन्नड़ एक्ट्रेस ऐश्वर्या समेत 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अदुगोडी पुलिस स्टेशन में किडनैपिंग, हमला, जबरन वसूली जैसी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसी मामले में पुलिस ने यह कार्रवाई की है। कौन हैं अनीश इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, मारपीट और किडनैपिंग का शिकार हुए डायरेक्टर का नाम अनीश है और वह मॉडलिंग व कास्टिंग एजेंसी भी चलाते हैं। क्या हुआ अनीश के साथ अनीश, जीवनदा भाषा फिल्म डायरेक्ट कर रहे थे और 9 फरवरी को बेंगलुरु में थे। इसी दौरान उनसे बताया गया कि एक व्यक्ति उनकी कार को खरीदना चाहता है। इसके बाद उन्हें इस बहाने से शहर से दूर ले जाया गया। यहां पर अचानक कुछ लोगों ने उन पर हमला कर दिया और फाइनेंस मामले से जुड़ी उनकी पहले की शिकायत को वापस लेने के लिए दबाव डालने लग गए। विवाद एक फिल्म में इन्वेस्टमेंट को लेकर था। आरोपियों ने कथित तौर पर डायरेक्टर के सोने के गहने भी लूट लिए और कई बार हमला किया। इसके बाद एटीएम से जबरदस्ती पैसे निकलवाए गए और फिर अस्पताल में एडमिट करवाया गया। पुराना है मामला पुलिस को जांच के दौरान यह शक था कि किसी जान पहचान वाले ने ही इन्हें बुलाया था। पुलिस ने सभी 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। शिकायत में बताया गया है कि साल 2024 में अनीश की पहचान आशी उर्फ आशीर्वाद से हुई। आशीर्वाद ने उससे ढाई लाख रुपये उधार लिए हुए थे। जब अनीश ने अपने पैसों की डिमांड की तो उसने मना कर दिया और धमकी दी। यह मामला पुलिस थाने तक पहुंचा। ऐश्वर्या कैसे इन्वॉल्व हुईं इसी दौरान, अनीश अपनी कार को बेचना चाहते थे। ऐश्वर्या से इस बारे में जब संपर्क हुआ तो उसने एक दोस्त शाहिद को खरीदार बताते हुए उससे मिलवाया। फिर 8 फरवरी को अनीश बेंगलुरु पहुंचे और जहां वह अन्य लोगों से मिले। अनीश को बताया गया कि वह डेढ़ लाख रुपये शाहिद के भाई के घर से रिसीव कर लें। जब वह उस जगह पर पहुंचे तो घर अंदर से बंद कर लिया और फिर उन पर हमला किया गया।
89 की उम्र में दुनिया को अलविदा कह गए धर्मेंद्र, अब सात समंदर पार मिला बड़ा सम्मान; हेमा मालिनी ने पहली बार साझा किया पूरे परिवार का दर्द।

नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के ‘ही-मैन’ धर्मेंद्र भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनकी विरासत और यादें आज भी करोड़ों दिलों में जिंदा हैं। 24 नवंबर 2025 को 89 वर्ष की आयु में उनके निधन ने पूरे देश को शोक में डुबो दिया था। हाल ही में लंदन में आयोजित 79वें BAFTA अवॉर्ड्स के ‘इन मेमोरियम’ सेगमेंट में जब उन्हें श्रद्धांजलि दी गई तो यह न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे भारत के लिए गौरव का क्षण बन गया। धर्मेंद्र इस साल इस प्रतिष्ठित मंच पर सम्मानित होने वाले एकमात्र भारतीय कलाकार थे। इस भावुक मौके पर उनकी पत्नी और ‘ड्रीम गर्ल’ हेमा मालिनी ने पहली बार विस्तार से अपनी भावनाएं व्यक्त कीं और उन अफवाहों पर भी विराम लगाया जो लंबे समय से देओल परिवार के रिश्तों को लेकर उड़ रही थीं। हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत के दौरान हेमा मालिनी काफी भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र सिर्फ एक अभिनेता नहीं बल्कि एक प्रेरणा थे जिनके प्रशंसक दुनिया के हर कोने में मौजूद हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि धर्मेंद्र के बिना जीवन की कल्पना करना मुश्किल है और कई बार वह उन्हें याद कर रो पड़ती हैं। हेमा ने बताया कि धर्मेंद्र को उन्हें और उनकी बेटियों को डांस करते देखना बेहद पसंद था और वह हमेशा उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से फिट रहने के लिए प्रोत्साहित करते थे। उनके घर के स्टाफ से लेकर हर सहयोगी आज भी ‘साहब’ की कमी महसूस करता है जो इस बात का प्रमाण है कि वह एक बेहतरीन इंसान भी थे। सबसे महत्वपूर्ण बात हेमा मालिनी ने परिवार के बीच कथित ‘अनबन’ को लेकर कही। पिछले कुछ समय से यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि हेमा और उनकी बेटियों ईशा-अहाना के संबंध सनी देओल बॉबी देओल और प्रकाश कौर के परिवार से ठीक नहीं हैं। लेकिन हाल ही में ‘बॉर्डर 2’ की स्क्रीनिंग पर जब पूरा परिवार साथ दिखा तो तस्वीर बदल गई। हेमा ने स्पष्ट शब्दों में कहा “पापा के लिए सब करेंगे चाहे ये बच्चे हों या वो सब धरम जी को बहुत प्यार करते थे। हमारे बीच कोई नेगेटिविटी नहीं है।उन्होंने आगे कहा कि वे अपने पारिवारिक पलों को सार्वजनिक करना पसंद नहीं करते इसका मतलब यह नहीं कि वे अलग हैं। हेमा के अनुसार धर्मेंद्र प्यार और उन मूल्यों का स्रोत थे जिन्होंने पूरे परिवार को एक सूत्र में पिरोए रखा है। आज भले ही वह शारीरिक रूप से मौजूद न हों लेकिन उनकी दी हुई सीख और संस्कार ही इस कमी को पूरा करने की ताकत दे रहे हैं।