द पैराडाइज’ के सेट से नानी के लिए दिल छू लेने वाला संदेश, निर्देशक ने कहा – हर बार आपने मुझे बनाया

नई दिल्ली, फ़रवरी 2026 । नेचुरल स्टार के नाम से मशहूर अभिनेता नानी का जन्मदिन इस बार और भी खास बन गया। फिल्म निर्माता-निर्देशक श्रीकांत ओडेला ने सोशल मीडिया पर बेहद इमोशनल पोस्ट के जरिए नानी को जन्मदिन की बधाई दी। यह पोस्ट न केवल प्यार और सम्मान का प्रतीक है बल्कि उनके बीच के गहरे विश्वास और सहयोग को भी दर्शाता है। श्रीकांत ओडेला वर्तमान में नानी के साथ ‘द पैराडाइज’ फिल्म बना रहे हैं। इस फिल्म के दौरान दोनों की दोस्ती और पेशेवर तालमेल और भी मजबूत हुआ। श्रीकांत ने एक्स पूर्व ट्विटर पर लिखा कि नानी ने हर बार उन्हें जोड़ा और हिम्मत दी। उन्होंने लिखा कि हर बार जब मैंने आपको तोड़ा, आपने मुझे बनाया अन्ना। मैंने सिनेमा के हर रूल को तोड़ा -आपके काम करने के पैटर्न, रिलीज डेट, काम करने का तरीका -सब कुछ। लेकिन हर बार जब मैंने आपको तोड़ा, आपने मुझे बनाया। फिल्म के सेट पर नानी ने हर डिमांड पर एक ही जवाब दिया – ओके रा नी इस्तम। चाहे वह चोटी बनवाने की बात हो, हाथ पर टैटू बनवाने की रिक्वेस्ट हो या अनगिनत रीटेक्स, नानी हमेशा इस जवाब के साथ सहमति जताते रहे। श्रीकांत ने लिखा कि उन्होंने जीवन में हर सेकंड यही सोचा कि नानी इतना भरोसा क्यों करते हैं और शायद ‘द पैराडाइज’ के साथ उन्हें इसका जवाब मिल जाएगा। श्रीकांत ने नानी को नन्नू नमिना ना धरणी कहकर सम्मानित किया, जिसका अर्थ है -जिसने मुझ पर भरोसा किया। उन्होंने आगे लिखा -हैप्पी बर्थडे नानी अन्ना। जिंदगी भर के लिए शुक्रगुजार हूं। इस संदेश में नानी और श्रीकांत के बीच के मजबूत बंधन और आपसी विश्वास की झलक साफ दिखाई देती है। द पैराडाइज श्रीकांत और नानी की दूसरी फिल्म है। इससे पहले उनकी फिल्म ‘दशहरा’ ने दर्शकों और क्रिटिक्स दोनों से खूब तारीफ बटोरी थी और बॉक्स ऑफिस पर शानदार कमाई की थी। इस बार अपकमिंग फिल्म में राघव जुयाल भी अहम रोल में नजर आएंगे। द पैराडाइज 21 अगस्त को थिएटर्स में रिलीज होगी और यह हिंदी, तेलुगू के साथ तमिल, कन्नड़, मलयालम, बंगाली, स्पेनिश और इंग्लिश में भी उपलब्ध होगी। फिल्म की मल्टी-लैंग्वेज रिलीज इसे व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने के साथ नानी के फैन बेस को और मजबूत करेगी। फिल्म और पोस्ट दोनों ही इस बात का उदाहरण हैं कि नानी केवल स्क्रीन पर ही नहीं बल्कि सेट के पीछे भी अपने सहयोगियों के लिए कितने भरोसेमंद और प्रेरणादायक हैं। श्रीकांत का यह इमोशनल पोस्ट दर्शाता है कि एक मजबूत टीम और आपसी विश्वास ही किसी फिल्म को यादगार बनाते हैं।
रीढ़ की तकलीफ के बावजूद नहीं रुकते शाहरुख,गोविंद नामदेव ने खोला किंग खान की मेहनत का राज

नई दिल्ली । बॉलीवुड के वरिष्ठ अभिनेतागोविंद नामदेव ने हाल ही में सुपरस्टार शाहरुख खान को लेकर ऐसा खुलासा किया है, जिसने फैंस को हैरान भी किया और प्रेरित भी। गोविंद नामदेव के मुताबिक शाहरुख खान गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं, खासतौर पर रीढ़ की हड्डी से जुड़ी दिक्कतों से जूझ रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उनका काम करने का जज्बा जरा भी कम नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री में अगर कोई शख्स 24 घंटे काम करने की क्षमता रखता है, तो वह शाहरुख खान हैं। गोविंद नामदेव ने द लल्लनटॉप को दिए इंटरव्यू में शाहरुख के प्रोफेशनल एटिट्यूड की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा, एक ही बंदा है जो 24 घंटे काम करता है। सोना भी 3-4 घंटे, उसी में दंड-बैठक भी है, उद्घाटन भी करना है, डायलॉग भी याद करना है, कहीं परफॉर्म करने भी जाना है। मैं हैरान हो गया कि ये कैसा आदमी है। उनके अनुसार, शाहरुख की दिनचर्या बेहद व्यस्त होती है, लेकिन वह कभी थकान या दर्द का बहाना नहीं बनाते। दोनों कलाकारों ने साल 2000 में रिलीज हुई फिल्म फिर भी दिल है हिंदुस्तानी में साथ काम किया था, जिसका निर्देशनअज़ीज़ मिर्ज़ाने किया था। इस फिल्म में गोविंद नामदेव ने मुख्यमंत्री की भूमिका निभाई थी। उसी दौरान उन्होंने शाहरुख के काम करने के तरीके को करीब से देखा। गोविंद के मुताबिक, शाहरुख की ऊर्जा, समय की पाबंदी और काम के प्रति समर्पण उन्हें बाकी कलाकारों से अलग बनाता है। गोविंद नामदेव ने आगे बताया कि शाहरुख को रीढ़ की हड्डी की समस्या है और उन्हें शारीरिक रूप से काफी तकलीफ रहती है। उन्होंने कहा, फिजिकली बहुत ज्यादा प्रॉब्लम है, रीढ़ की हड्डी की दिक्कत है, लेकिन फिर भी वह रुकते नहीं हैं। गोविंद का कहना है कि शाहरुख कभी अपनी तकलीफों को जाहिर नहीं करते और उन्हें देखकर दूसरों को भी प्रेरणा मिलती है कि मुश्किल हालात में भी कैसे काम के प्रति समर्पित रहा जाए। शाहरुख खान खुद भी पहले कई इंटरव्यू में कह चुके हैं कि वह लंबे समय तक घर पर खाली नहीं बैठ सकते। उनका मानना है कि ज्यादा ब्रेक लेने से उनकी मानसिक स्थिति प्रभावित होती है, इसलिए वह खुद को लगातार काम में व्यस्त रखते हैं। यही कारण है कि चाहे शूटिंग हो, प्रमोशन हो या कोई स्टेज परफॉर्मेंस शाहरुख हर जगह पूरी तैयारी और ऊर्जा के साथ नजर आते हैं। वर्क फ्रंट की बात करें तो शाहरुख खान इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म King को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म में वह एक बार फिर एक्शन अवतार में दिखाई देंगे। उनका लुक पहले ही सामने आ चुका है और फैंस को ट्रेलर का बेसब्री से इंतजार है। फिल्म की रिलीज इस साल दिसंबर में प्रस्तावित है। स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बावजूद शाहरुख का यह समर्पण दर्शाता है कि सुपरस्टार बनने के पीछे सिर्फ प्रतिभा नहीं, बल्कि अनुशासन, मेहनत और जुनून भी उतना ही जरूरी है। गोविंद नामदेव की बातों ने एक बार फिर साबित कर दिया कि शाहरुख खान सिर्फ नाम नहीं, बल्कि एक मिसाल हैं।
अरावली की खूबसूरत वादियों में होगी रश्मिका- विजय की शादी…. थ्री-टियर सिक्योरिटी में लेंगे सात फेरे!

नई दिल्ली। साउथ सिनेमा के चर्चित स्टार रश्मिका मंदाना (Rashmika Mandanna) और विजय देवरकोंडा (Vijay Deverakonda) जल्द ही शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। ये जोड़ी उदयपुर (Udaipur) में एक बेहद निजी शादी समारोह का आयोजन कर रही है, जहां अरावली की पहाड़ियों (Aravali Hills) के खूबसूरत दृश्य के बीच उनका विशेष दिन मनाया जाएगा। सुरक्षा के लिहाज से कपल ने बेहद कड़े इंतजाम किए हैं और वेडिंग वेन्यू पर थ्री-टियर सिक्योरिटी सिस्टम (Three-Tier Security System) लागू किया है, ताकि उनकी प्राइवेसी बनी रहे और कोई भी रुकावट न हो। सख्त सुरक्षा इंतजामरिपोर्ट्स के अनुसार, हैदराबाद से लोकल प्रशासन और सिक्योरिटी टीमें पहले ही उदयपुर पहुंच चुकी हैं। इसके साथ ही इंटरनेशनल सिक्योरिटी टीमें भी तैनात की गई हैं, ताकि शादी के दिन सब कुछ सही तरीके से चले। कपल ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए इस शादी को कन्फर्म किया, जिससे उनके फैंस और मीडिया में हलचल मच गई। एक बेहद निजी शादीएक करीबी सूत्र ने जानकारी दी कि उनकी शादी भी सगाई की तरह बेहद निजी रखी जाएगी, जिसमें केवल परिवार और करीबी दोस्त ही शामिल होंगे। इसके बाद, मुंबई और हैदराबाद में इंडस्ट्री के दोस्तों के लिए दो बड़े रिसेप्शन आयोजित किए जाएंगे। ‘VIROSH’ नाम से होगी शादी22 फरवरी को रश्मिका और विजय ने इंस्टाग्राम पर एक नोट शेयर करते हुए बताया कि फैंस ने उन्हें प्यार से ‘VIROSH’ नाम दिया है। इस कारण, वे अपनी शादी को “The Wedding of VIROSH” कहेंगे। उन्होंने इस प्यार के लिए फैंस का धन्यवाद किया और कहा कि वे हमेशा उनके दिल का हिस्सा रहेंगे। सगाई और शादी की तारीखरश्मिका और विजय की सगाई 3 अक्टूबर 2025 को हैदराबाद में हुई थी। अब, 26 फरवरी 2026 को उनकी शादी उदयपुर में होगी। वेडिंग वेन्यू The Mementoes by ITC Hotels है, जो खूबसूरत अरावली पहाड़ियों के बीच स्थित है। रिसेप्शन की जानकारीशादी के बाद 4 मार्च 2026 को हैदराबाद में एक भव्य रिसेप्शन का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम ताज कृष्णा में होगा, जहां टॉलीवुड और बॉलीवुड के कई सितारों के शामिल होने की संभावना है। इसके साथ ही तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के भी इस रिसेप्शन में शामिल होने की उम्मीद जताई जा रही है। एक प्यार भरी शुरुआतरश्मिका और विजय की मुलाकात पहली बार 2018 में फिल्म गीता गोविंदम के सेट पर हुई थी। इसके बाद, 2019 में उन्होंने डियर कॉमरेड में भी साथ काम किया। दोनों ने कई बार साथ में छुट्टियाँ बिताई, लेकिन कभी अपनी तस्वीरें पोस्ट नहीं कीं। अब, शादी की रस्मों और तैयारियों के लिए रश्मिका और विजय उदयपुर पहुंच चुके हैं, जहां वे अपनी नई जिंदगी की शुरुआत करने जा रहे हैं।
Rashmika Mandanna और Vijay Deverakonda की शादी की धूम: उदयपुर में शुरू हुए जश्न, ‘विरोश’ थीम ने खींचा ध्यान

नई दिल्ली। लंबे समय से चर्चा में चल रहे रिश्ते पर आखिरकार मुहर लग गई है। रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा ने आधिकारिक रूप से अपनी शादी कन्फर्म कर दी है। अक्टूबर में सगाई की खबरों के बाद से ही फैंस इस ऐलान का इंतजार कर रहे थे। अब कपल ने एक खास नोट जारी कर यह साफ कर दिया है कि वे 26 फरवरी 2026 को शादी के बंधन में बंधेंगे। क्यों चुना उदयपुर?यह शाही शादी राजस्थान के खूबसूरत शहर Udaipur में हो रही है। झीलों, महलों और रॉयल वाइब के लिए मशहूर उदयपुर सेलिब्रिटी वेडिंग्स की पहली पसंद बन चुका है। कपल ने इस डेस्टिनेशन को इसलिए चुना ताकि शादी में शाही अंदाज़ के साथ-साथ निजीपन भी बरकरार रहे। सभी कार्यक्रम एक ही आलीशान प्रॉपर्टी में आयोजित किए जा रहे हैं। पूल पार्टी से दिखी शादी की मस्तीवेडिंग फेस्टिविटीज़ की शुरुआत मस्ती भरे अंदाज़ में हुई। विजय देवरकोंडा ने दोस्तों के साथ पूल पार्टी की झलक शेयर की, जिसमें वे वॉटर वॉलीबॉल जैसे गेम्स खेलते नजर आए। तस्वीरों से साफ है कि शादी सिर्फ पारंपरिक रस्मों तक सीमित नहीं, बल्कि दोस्तों के साथ एन्जॉयमेंट का भी पूरा इंतज़ाम है। ‘विरोश’ थीम बना खास आकर्षणरश्मिका ने भी डेकोर की झलक दिखाकर फैंस का उत्साह बढ़ाया। गुलाबी और हरे रंग की थीम पर सजी टेबल, फूलों और फलों की खूबसूरत सजावट के साथ बेहद एलिगेंट नजर आई। सबसे खास बात रही मेन्यू कार्ड, जो ‘विरोश’ लिखे कपड़े में लिपटा हुआ था। ‘विरोश’ विजय और रश्मिका के नाम का कॉम्बिनेशन है, जिसे फैंस ने सालों पहले दिया था। इस पर्सनल टच ने शादी को और खास बना दिया है। तीन दिन का भव्य समारोहरिपोर्ट्स के अनुसार, शादी के कार्यक्रम इस प्रकार हैं: 24 फरवरी – मेहंदी सेरेमनी 25 फरवरी – हल्दी और संगीत 26 फरवरी – मुख्य विवाह समारोह मेहंदी और संगीत में करीबी परिवार और खास दोस्तों की मौजूदगी रहेगी। गेस्ट लिस्ट बेहद सीमित रखी गई है और सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं। परंपरा और मॉडर्न स्टाइल का मेलसूत्रों के मुताबिक, शादी में साउथ इंडियन परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी, जबकि डेकोर और आयोजन में मॉडर्न एलिमेंट्स जोड़े गए हैं। खास कारीगरों और डिजाइनर्स को बुलाया गया है, ताकि हर रस्म यादगार बन सके। शाही लोकेशन, पर्सनल थीम और करीबी मेहमानों के बीच होने वाला यह समारोह 2026 की सबसे चर्चित सेलिब्रिटी वेडिंग बनने की ओर बढ़ रहा है। फैंस अब इस रॉयल वेडिंग की और झलकियों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
द केरला स्टोरी 2 रिलीज से पहले दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस, पीड़ितों ने साझा की अपनी सच्ची कहानियां

नई दिल्ली । द केरला स्टोरी 2 गोज बियॉन्ड की रिलीज़ से पहले मेकर्स ने दिल्ली में एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जिसमें देशभर से आए पीड़ित और उनके परिवारों को एक साथ लाया गया। इस मौके पर 49 पीड़ित और उनके परिवार के सदस्य मंच पर मौजूद थे जबकि कई अन्य लोग दर्शकों की सीटों पर बैठकर इस सभा का हिस्सा बने। इवेंट में बंगाल बिहार भीलवाड़ा गंगापुर राजकोट उदयपुर जम्मू महाराष्ट्र भोपाल झारखंड फरीदाबाद मेरठ दिल्ली नोएडा गुड़गांव और इंदौर के लोग शामिल हुए। आयोजकों के अनुसार कुल 55 लड़कियों और 33 परिवार के सदस्यों ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने मीडिया से अपनी आपबीती साझा करते हुए जागरूकता बढ़ाने की अपील की। फिल्म की टीम में प्रोड्यूसर विपुल अमृतलाल शाह डायरेक्टर कामाख्या नारायण सिंह को प्रोड्यूसर आशिन ए. शाह और लीड कास्ट की उल्का गुप्ता ऐश्वर्या ओझा और अदिति भाटिया शामिल थे। कुल छह सदस्य मेकर्स और कलाकारों की ओर से इस सभा में मौजूद थे। कामाख्या नारायण सिंह द्वारा निर्देशित यह फिल्म तीन हिंदू लड़कियों उल्का गुप्ता अदिति भाटिया और ऐश्वर्या ओझा की असाधारण और झकझोर देने वाली कहानी पर आधारित है। उनकी जिंदगी तब बदलती है जब उन्हें तीन मुस्लिम लड़कों से प्यार हो जाता है और धीरे धीरे यह रिश्ते धर्म परिवर्तन के एक कथित एजेंडे का खुलासा करते हैं। फिल्म कन्नड़ और तेलुगु भाषाओं में भी रिलीज होगी। द केरला स्टोरी 2 गोज़ बियॉन्ड का निर्माण विपुल अमृतलाल शाह ने सनशाइन पिक्चर्स के बैनर तले किया है। फिल्म 27 फरवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने के लिए तैयार है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस ने न केवल फिल्म का प्रचार किया बल्कि पीड़ितों की आवाज़ को सामने लाकर समाज में जागरूकता फैलाने का भी प्रयास किया।
BOLLYWOOD STARS: पैसे से ऊपर कला: नवाजुद्दीन, सोनम, अमिताभ और दीपिका ने फिल्मों को बनाया यादगार

BOLLYWOOD STARS: नई दिल्ली । बॉलीवुड की कई फिल्मों ने न सिर्फ दर्शकों के दिलों में जगह बनाई बल्कि अपनी कड़ी मेहनत और समर्पण से भी यादगार साबित हुईं। कम लोग जानते हैं कि इन फिल्मों के लीड एक्टर्स ने अपनी फीस तक नहीं ली और सिर्फ प्यार और जुनून के लिए काम किया। साल 2018 में रिलीज़ हुई फिल्म मंटो में नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने अपने किरदार में ऐसा दम दिखाया कि हर दर्शक उनकी अदाकारी का मुरीद हो गया। लेकिन क्या आप जानते हैं कि नवाजुद्दीन ने इस फिल्म के लिए कोई फीस नहीं ली थी? उन्होंने सिर्फ अपने किरदार में पूरी तरह डूबकर काम किया। इससे पहले भी नवाजुद्दीन ने हरामखोर जैसी फिल्मों में बिना फीस काम किया था जो उनके पेशेवर समर्पण की मिसाल है। वहीं फिल्म भाग मिल्खा भाग में सोनम कपूर ने अपनी परफॉर्मेंस से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इंडस्ट्री की टैलेंटेड अभिनेत्रियों में शुमार सोनम ने इस फिल्म के लिए भी फीस नहीं ली सिर्फ नाम के लिए 11 रुपये स्वीकार किए। फिल्म में उनके काम को क्रिटिक्स और दर्शकों ने दोनों ने सराहा। इस फिल्म में फरहान अख्तर ने भी लीड रोल निभाया और उन्होंने भी बिना किसी फीस के काम किया। फरहान की मेहनत और फिल्म की तकनीकी दक्षता ने इसे बॉक्स ऑफिस पर हिट बनाना सुनिश्चित किया। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन की बात करें तो संजय लीला भंसाली की फिल्म ब्लैक में उनके अभिनय को हर किसी ने सराहा। यह फिल्म आज भी आइकॉनिक मानी जाती है और कम लोग जानते हैं कि अमिताभ ने इसके लिए एक भी रुपया फीस नहीं लिया था। उनके समर्पण और किरदार के प्रति ईमानदारी ने फिल्म की सफलता में अहम भूमिका निभाई। सुपरस्टार शाहरुख खान के साथ फिल्म ओम शांति ओम में दीपिका पादुकोण ने लीड रोल प्ले किया। उनकी परफॉर्मेंस को दर्शकों ने बहुत सराहा लेकिन दीपिका ने इस फिल्म के लिए कोई फीस नहीं ली। उनकी मेहनत और स्क्रीन पर दमदार उपस्थिति ने फिल्म को और भी यादगार बना दिया। इसी तरह फिल्म ट्रैप्ड में राजकुमार राव ने एक लड़के का किरदार निभाया जो ऊंची और वीरान इमारत में फंस जाता है। राजकुमार ने इस चुनौतीपूर्ण रोल के लिए कोई भुगतान नहीं लिया। उनकी ईमानदार अदाकारी ने फिल्म के थ्रिल और सस्पेंस को और मजबूती दी। इन कहानियों से यह साबित होता है कि कभी-कभी सितारों का जुनून समर्पण और किरदार के प्रति ईमानदारी पैसे से भी बड़ी होती है। इन फिल्मों ने दर्शकों के दिलों में अपने लिए खास जगह बनाई और यह साबित किया कि अच्छी कहानी बेहतरीन परफॉर्मेंस और एक्टर्स का समर्पण ही असली सफलता की कुंजी है।
अमिताभ बच्चन का बड़ा एलान: अब संडे को 'जलसा' के बाहर नहीं दिखेगी प्रशंसकों की भीड़, महानायक ने कहा- अपनी एनर्जी बचाकर रखें

नई दिल्ली।भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ परंपराएं ऐसी हैं, जो केवल एक रस्म नहीं बल्कि भावना बन चुकी हैं। इन्हीं में से एक है हर रविवार की शाम मुंबई के ‘जलसा’ बंगले के बाहर उमड़ने वाला वह जनसैलाब, जो अपने प्रिय महानायक अमिताभ बच्चन की एक झलक पाने के लिए घंटों इंतजार करता है। पिछले कई दशकों से यह सिलसिला बिना रुके चला आ रहा है कि बिग बी अपने घर के गेट पर आते हैं, हाथ हिलाकर फैंस का अभिवादन करते हैं और उनके प्यार का शुक्रिया अदा करते हैं। लेकिन हाल ही में जो खबर आई है, उसने हजारों प्रशंसकों को मायूस कर दिया है। बिग बी ने खुद इस बात का संकेत दिया है कि बरसों से चली आ रही यह “संडे परंपरा” अब टूटने के कगार पर है या कम से कम इसमें एक बड़ा विराम लगने वाला है। अमिताभ बच्चन केवल सोशल मीडिया पर ही नहीं, बल्कि अपने व्यक्तिगत ब्लॉग और टम्बलर Tumblr पर भी अपने फैंस से सीधा संवाद करते हैं। अपनी हालिया पोस्ट में उन्होंने एक ऐसी जानकारी साझा की जिसने सबको चौंका दिया। अमिताभ ने लिखा कि काम का दबाव और कुछ अन्य व्यस्तताओं के कारण अब संडे का वह ब्रेक लेना अनिवार्य हो गया है। उन्होंने बड़े ही भावुक शब्दों में अपनी असमर्थता जाहिर करते हुए कहा कि, “काम कुछ जोश के साथ चल रहा है… लेकिन एक लेकिन आ जाता है। संडे का ब्रेक लेना अब जरूरी है। अफसोस की बात है कि जलसा के गेट पर अब मुलाकात नहीं होगी। उन्होंने अपने फैंस से अपील की कि वे दूर-दराज से आने वाली अपनी ऊर्जा और समय बचाकर रखें और सही समय आने पर वे फिर से मिलेंगे। इस खबर के बीच एक सुखद पहलू यह भी सामने आया कि अमिताभ बच्चन भले ही भीड़ से न मिल पा रहे हों, लेकिन वे अपने करीबियों और पड़ोसियों का ख्याल रखना नहीं भूलते। हाल ही में उनके पड़ोसी निर्मित जेसरानी ने जब उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलने की इच्छा जताई, तो सुपरस्टार ने न केवल उन्हें अपने घर आमंत्रित किया, बल्कि उनके साथ समय भी बिताया। निर्मित ने बताया कि उनके लिए 8 फरवरी का दिन ऐतिहासिक बन गया जब बिग बी ने उन्हें ऑटोग्राफ दिया और अपनी फोटो वाली एक टी-शर्ट भेंट की। शाम 5 बजे जलसा में हुई इस खास मुलाकात ने यह साबित कर दिया कि महानायक का अपने चाहने वालों के प्रति स्नेह आज भी उतना ही गहरा है। हालांकि, आम प्रशंसकों के लिए रविवार का दिन अब पहले जैसा नहीं रहेगा। जलसा के बाहर वह गेट, जो हर रविवार को किसी मंदिर के कपाट की तरह खुलता था, अब बंद रहेगा। बिग बी ने अपने इस फैसले के पीछे बढ़ती उम्र, काम की थकान और शांति की तलाश को मुख्य कारण बताया है। उनके इस संदेश के बाद सोशल मीडिया पर उनके फैंस उनकी सेहत और सलामती की दुआएं कर रहे हैं, इस उम्मीद में कि जल्द ही वह रविवार फिर आएगा जब महानायक अपनी बालकनी से मुस्कराते हुए हाथ हिलाएंगे।
सिनेमा या सियासी हथियार? केरल स्टोरी 2 के ट्रेलर पर भड़के प्रकाश राज और अनुराग कश्यप, सीएम विजयन ने भी दी तीखी प्रतिक्रिया!

नई दिल्ली :भारतीय सिनेमा जगत में अपनी बेहतरीन अदाकारी के साथ-साथ अपनी बेबाक बयानबाजी के लिए मशहूर दिग्गज अभिनेता प्रकाश राज एक बार फिर सुर्खियों में हैं। अक्सर सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर सत्ता और सिस्टम को आईना दिखाने वाले प्रकाश राज ने इस बार ‘द केरल स्टोरी 2’ को लेकर छिड़े विवाद में अपनी एंट्री दर्ज कराई है। दक्षिण भारतीय फिल्मों से लेकर बॉलीवुड तक अपनी धाक जमाने वाले इस कलाकार ने फिल्म के कंटेंट पर सवाल उठाते हुए एक ऐसा सोशल मीडिया पोस्ट साझा किया है जिसने इंटरनेट की दुनिया में हलचल मचा दी है। प्रकाश राज उन चुनिंदा कलाकारों में से हैं जो ट्रोलिंग की परवाह किए बिना अपनी बात रखने का साहस रखते हैं और उनके हालिया X पूर्व में ट्विटर पोस्ट ने इसे एक बार फिर साबित कर दिया है। विवाद की असली जड़ विपुल अमृतलाल शाह द्वारा निर्मित और कामाख्या नारायण सिंह के निर्देशन में बनी फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’ का वह ट्रेलर है जिसमें एक दृश्य दिखाया गया है कि कैसे एक मुस्लिम परिवार एक व्यक्ति को जबरन ‘बीफ’ खिला रहा है। 27 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली इस फिल्म को लेकर जहां एक पक्ष इसे सच्चाई बता रहा है वहीं दूसरी ओर प्रकाश राज ने रविवार को केरल की असली तस्वीर पेश करने की कोशिश की। उन्होंने अपने अकाउंट पर पोर्क बीफ और मछली जैसे विभिन्न व्यंजनों की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि असली द केरल स्टोरी यह है कि कैसे ये तमाम पकवान शाकाहारी ‘सद्या’ के साथ मिल-जुलकर रहते हैं। प्रकाश राज ने संदेश दिया कि केरल की पहचान वहां की विविधता और आपसी भाईचारा है न कि नफरत। सिर्फ प्रकाश राज ही नहीं बल्कि जाने-माने फिल्ममेकर अनुराग कश्यप ने भी इस फिल्म के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अपनी फिल्मों में यथार्थवाद दिखाने के लिए मशहूर अनुराग ने इस फिल्म को पूरी तरह बकवास और प्रोपेगेंडा करार दिया। उन्होंने तीखे लहजे में सवाल किया कि भला कोई किसी को इस तरह जबरदस्ती बीफ कैसे खिला सकता है? अनुराग के मुताबिक ऐसी फिल्में समाज में केवल गलत धारणाएं फैलाने का काम करती हैं। इस विवाद में केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की है। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि केरल धार्मिक सद्भाव और सतत विकास की धरती है। उन्होंने जनता से अपील की कि केरल को आतंकवाद के केंद्र के रूप में दिखाने वाली ऐसी कोशिशों और झूठे प्रोपेगेंडा को सिरे से खारिज कर दिया जाए। जैसे-जैसे फिल्म की रिलीज डेट करीब आ रही है वैसे-वैसे बॉलीवुड और राजनीति के गलियारों में बहस और तेज होती जा रही है। एक तरफ जहां फिल्म मेकर्स इसे समाज का आईना बता रहे हैं वहीं दूसरी तरफ प्रकाश राज और अनुराग कश्यप जैसे दिग्गज इसे राज्य की धर्मनिरपेक्ष नींव को कमजोर करने वाली साजिश मान रहे हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि विरोध के इन सुरों के बीच ‘द केरल स्टोरी 2’ बॉक्स ऑफिस पर क्या प्रभाव डालती है और दर्शकों का इस पर क्या रुख रहता है।
जब माधुरी की आंखों में देख शर्मा गए थे जग्गू दादा: 'द ग्रेट इंडियन कपिल शो' में जैकी श्रॉफ ने खोले रोमांस के दिलचस्प राज

नई दिल्ली :बॉलीवुड के दो दिग्गज सितारे जैकी श्रॉफ और माधुरी दीक्षित जब एक साथ ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ के मंच पर पहुंचे तो यादों का कारवां मानों ठहर सा गया। कॉमेडी किंग कपिल शर्मा के साथ गुफ्तगू के दौरान जग्गू दादा ने अपनी चिर-परिचित बेबाकी और मासूमियत के साथ माधुरी दीक्षित की जमकर तारीफ की। जैकी ने माधुरी को न केवल एक बेहतरीन अदाकारा बताया बल्कि उन्हें जमीन से जुड़ी हुई एक ऐसी शख्सियत करार दिया जिसकी सादगी का जादू आज भी बरकरार है। बातचीत के दौरान एक चौंकाने वाला खुलासा करते हुए जैकी ने बताया कि भले ही पर्दे पर उन्होंने कई रोमांटिक किरदार निभाए हों लेकिन असल जिंदगी में वह माधुरी के साथ रोमांटिक सीन फिल्माते समय बुरी तरह शर्माया करते थे। यादों के झरोखे को खोलते हुए माधुरी दीक्षित ने अपनी पहली मुलाकात का किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि यह मुलाकात मशहूर फिल्म ‘कर्मा’ के सेट पर हुई थी। उस वक्त माधुरी फिल्म इंडस्ट्री में नई थीं और फिल्म में एक छोटे से गाने का हिस्सा थीं। माधुरी ने हंसते हुए याद किया कि कैसे अनिल कपूर और जैकी श्रॉफ एक कोने में बैठकर उन्हें ‘तिरछी नजरों’ से देख रहे थे। उस समय की अपनी घबराहट को याद करते हुए माधुरी ने बताया कि दो बड़े स्टार्स के सामने वह काफी नर्वस महसूस कर रही थीं। वहीं दूसरी ओर जैकी श्रॉफ ने बताया कि उन्होंने माधुरी के बारे में सबसे पहले मशहूर कोरियोग्राफर सरोज खान से सुना था। सरोज खान ने ही सुभाष घई को माधुरी के हुनर और खूबसूरती के बारे में बताते हुए उन्हें कास्ट करने की सलाह दी थी। शो के दौरान जब कपिल शर्मा ने चुटकी लेते हुए जैकी से पूछा कि वे रिहर्सल छोड़कर माधुरी को क्यों निहारते रहते थे तो जग्गू दादा ने बेहद दार्शनिक अंदाज में जवाब दिया कि कई बार आपको माधुरी जैसी शख्सियत के सामने खुद को भूलना पड़ता है। उन्होंने मजाकिया लहजे में यह भी याद दिलाया कि माधुरी ने उनके साथ हर तरह के रिश्ते निभाए हैं-वे पर्दे पर उनकी प्रेमिका पत्नी और यहाँ तक कि ‘संगीत’ फिल्म में उनकी सास का किरदार भी निभा चुकी हैं। जैकी ने स्वीकार किया कि माधुरी की आंखों में देखकर बात करना या उनके साथ रोमांटिक गाने शूट करना उनके लिए सबसे कठिन काम होता था। जैकी श्रॉफ ने अपनी झिझक का कारण बताते हुए कहा कि वह कभी भी पर्दे पर निजी भावनाओं को दिखाने के आदी नहीं थे। उनके अनुसार फिल्म भले ही काल्पनिक हो लेकिन कुछ भावनाएं और इमोशन्स बहुत व्यक्तिगत होते हैं जो दिल में बसते हैं। ऐसे में माधुरी जैसी प्रभावशाली अभिनेत्री के सामने अभिनय करना उनके लिए किसी चुनौती से कम नहीं था। जैकी और माधुरी की यह जुगलबंदी न केवल दर्शकों के लिए मनोरंजन लेकर आई बल्कि बॉलीवुड के उस सुनहरे दौर की यादें भी ताजा कर गई जहाँ सम्मान और सादगी ही रिश्तों की बुनियाद हुआ करती थी।
मौत पर नहीं चाहिए था तमाशा, वसीयत में लिख दी थी आखिरी ख्वाहिश; खंडवा की मिट्टी में ही क्यों समाना चाहते थे किशोर दा?

नई दिल्ली। भारतीय संगीत जगत के ‘अनमोल रत्न’ और अपनी बहुमुखी गायकी से करोड़ों दिलों पर राज करने वाले किशोर कुमार केवल अपनी आवाज के जादू के लिए ही नहीं, बल्कि अपने बेहद अलग और उसूलपसंद अंदाज के लिए भी मशहूर थे। किशोर दा के गानों में जहाँ एक ओर मस्ती और रोमांस की खनक होती थी, वहीं दूसरी ओर जब वे दर्द भरे नग्में गाते थे, तो सुनने वालों की आंखें नम हो जाती थीं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अपनी शर्तों पर जिंदगी जीने वाले इस महान फनकार ने अपनी मौत के बाद के सफर को लेकर भी एक खास वसीयत तैयार की थी? किशोर कुमार नहीं चाहते थे कि उनके जाने के बाद उनकी अंतिम यात्रा किसी फिल्मी तमाशे या किसी बड़े “प्रीमियर” जैसी नजर आए। इस दिलचस्प और भावुक कर देने वाले वाकये का खुलासा मशहूर गीतकार जावेद अख्तर ने अपने एक शो के दौरान किया था। जावेद अख्तर ने बताया कि एक रिकॉर्डिंग के दौरान किशोर दा ने उनसे अपनी वसीयत का जिक्र करते हुए कहा था कि उन्होंने लिखित निर्देश दिए हैं कि मृत्यु के बाद उनका क्रियाकर्म उनके पैतृक शहर खंडवा में ही किया जाए। जब जावेद अख्तर ने हैरानी से इसका कारण पूछा, तो किशोर कुमार का जवाब बेहद मार्मिक था। उन्होंने कहा था कि वे मुंबई की इस ग्लैमरस दुनिया के बीच अपना अंतिम संस्कार नहीं चाहते। किशोर दा का मानना था कि मुंबई में किसी दिग्गज कलाकार की मौत पर पूरी फिल्म इंडस्ट्री उमड़ पड़ती है, बाहर हजारों की भीड़ जमा हो जाती है और लोग सेलिब्रिटीज को देखकर शोर मचाने लगते हैं। उन्हें डर था कि कहीं उनकी अंतिम विदाई किसी फिल्म के भव्य प्रीमियर जैसी न लगने लगे। वे चाहते थे कि जिस छोटे शहर की मिट्टी से वे आए हैं, उनका शरीर उसी मिट्टी में जाकर विलीन हो जाए। यही कारण है कि आज उनकी समाधि मुंबई में नहीं बल्कि मध्य प्रदेश के खंडवा में स्थित है। किशोर कुमार का यह अनोखा अंदाज केवल उनकी वसीयत तक सीमित नहीं था, बल्कि उनके काम करने के तरीके में भी झलकता था। ऐसा ही एक मजेदार किस्सा साल 1974 में आई फिल्म ‘आपकी कसम’ के सुपरहिट गाने “जय जय शिवशंकर” से जुड़ा है। राजेश खन्ना और मुमताज पर फिल्माए गए इस गाने को आर.डी. बर्मन ने कंपोज किया था। रिकॉर्डिंग के दौरान फिल्म के प्रोड्यूसर बार-बार पंचम दा आर.डी. बर्मन को बजट और पैसों के खर्च को लेकर ताने मार रहे थे। जब यह बात किशोर कुमार के कानों तक पहुँची, तो उन्होंने अपने ही अंदाज में प्रोड्यूसर को सबक सिखाने की ठानी। गाने के अंत में उन्होंने अचानक एक लाइन जोड़ दी- अरे बजाओ रे बजाओ, 50 हजार खर्च हो गए! यह लाइन किसी स्क्रिप्ट का हिस्सा नहीं थी, बल्कि प्रोड्यूसर के तानों का करारा जवाब था। किशोर दा का यह बेबाकपन और अपनी जड़ों के प्रति उनका गहरा लगाव ही उन्हें एक आम गायक से अलग कर लेजेंड बनाता है। वे एक ऐसे कलाकार थे जिन्होंने शोहरत के शिखर पर रहते हुए भी सादगी और अपनी मिट्टी की सुगंध को कभी ओझल नहीं होने दिया।