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पद्मावत के बाद अब सोमनाथ की गाथा! पर्दे पर जीवंत होगा गजनवी का हमला और महादेव के मंदिर का पुनरुत्थान; भंसाली का नया मास्टरस्ट्रोक।

नई दिल्ली ।भारतीय सिनेमा के दिग्गज फिल्ममेकर संजय लीला भंसाली अपनी भव्यता और ऐतिहासिक कहानियों को जीवंत करने के लिए जाने जाते हैं। इस शिवरात्रि पर उन्होंने अपनी नई महात्वाकांक्षी फिल्म ‘जय सोमनाथ’ की घोषणा कर मनोरंजन जगत और इतिहास प्रेमियों में हलचल पैदा कर दी है। यह फिल्म केवल एक मंदिर की कहानी नहीं, बल्कि भारतीय सभ्यता की उस अदम्य शक्ति और कभी न हारने वाली हिम्मत का प्रतीक है, जिसने सदियों तक विदेशी आक्रांताओं के वार सहे, लेकिन हर बार पहले से अधिक भव्यता के साथ उठ खड़ी हुई। इस बार भंसाली ने मशहूर निर्देशक केतन मेहता के साथ हाथ मिलाया है, जो इस बात का संकेत है कि सोमनाथ मंदिर के 17 बार विध्वंस और पुनर्निर्माण की गाथा को बहुत ही गहराई और भव्यता के साथ पर्दे पर उतारा जाएगा। इतिहास के पन्नों को पलटें तो सोमनाथ मंदिर पर लगभग छह सदियों तक बार-बार क्रूर हमले हुए। इस श्रृंखला में सबसे विनाशकारी हमला 1026 ईस्वी में महमूद गजनवी ने किया था। ऐतिहासिक दस्तावेजों के अनुसार, गजनवी ने न केवल मंदिर की अकूत संपत्ति लूटी, बल्कि पवित्र ज्योतिर्लिंग को भी भारी नुकसान पहुंचाया। हमलों का यह सिलसिला यहीं नहीं थमा; 1299 ईस्वी में अलाउद्दीन खिलजी के जनरल उलग खान ने हमला कर मूर्ति को दिल्ली ले जाने का दुस्साहस किया। इसके बाद 1395 में जफर खान, 1451 में महमूद बेगड़ा और अंततः 1665 में मुगल शासक औरंगजेब के आदेशों पर इस आस्था के केंद्र को बार-बार खंडित किया गया। भंसाली की यह फिल्म इन जख्मों और उनसे उबरने की भारतीय जिजीविषा को बड़े पर्दे पर पेश करेगी। संजय लीला भंसाली का इतिहास से पुराना नाता रहा है। इससे पहले उन्होंने ‘पद्मावत’ के जरिए रानी पद्मावती के त्याग और जौहर की उस शौर्य गाथा को दिखाया था, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। खिलजी के उन्माद और राजपूतों की आन-बान-शान को भंसाली ने जिस बारीकी से फिल्माया, वह आज भी मिसाल है। इसके अलावा ‘हीरामंडी’, ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ और ‘बाजीराव मस्तानी’ जैसी फिल्मों के माध्यम से उन्होंने यह साबित किया है कि वे बीते हुए कल को वर्तमान में जीवंत करने की अद्भुत कला रखते हैं। ‘जय सोमनाथ’ के जरिए पहली बार भारतीय इतिहास का वह काला अध्याय और उसके बाद की विजय गाथा सामने आ रही है, जिसे अब तक मुख्यधारा के सिनेमा ने अछूता छोड़ दिया था। केतन मेहता की ऐतिहासिक समझ और भंसाली की भव्य सिनेमैटोग्राफी का मिलन इस फिल्म को दशक की सबसे बड़ी ऐतिहासिक फिल्म बना सकता है। यह फिल्म न केवल महमूद गजनवी की बर्बरता को उजागर करेगी, बल्कि यह भी दिखाएगी कि कैसे हर विध्वंस के बाद करोड़ों भारतीयों की आस्था ने सोमनाथ को फिर से संवारा और आज भी वह गौरव के साथ खड़ा है।

शिव सेना नेता शैना एनसी ने दी The Kerala Story 2 को समर्थन, कहा फिल्म दिखाती है सच, कोई गुमराह नहीं

मुंबई । आगामी हिंदी फिल्म The Kerala Story 2 के खिलाफ राजनीतिक विवाद के बीच शिव सेना नेता Shaina NC ने फिल्म का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने शुक्रवार को ANI से बातचीत में कहा कि यह फिल्म किसी प्रकार का गलत प्रचार या गुमराह करने का अभियान नहीं है बल्कि इसमें दिखाया गया सच है। शैना एनसी ने लोगों से अपील की कि समाज में शांति बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों की स्थिति को देखें और समझें कि केरल में वास्तव में क्या हो रहा है। शैना एनसी का दावा: फिल्म सच्चाई दिखाती है फिल्म के हाल ही में रिलीज हुए ट्रेलर में दिखाया गया है कि केरल में कई लड़कियों को धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया गया। शैना ने कहा The Kerala Story 2 किसी गुमराह करने वाले अभियान का हिस्सा नहीं है। सच यह है कि केरल में कई लड़कियों का धर्म परिवर्तन हुआ है। 32 000 लड़कियों के केस स्टडी में यह साफ दिखाई देता है। फिल्म का उद्देश्य यही उजागर करना है। जो लोग इसका विरोध कर रहे हैं उन्हें मैं यही कहूंगी कि शांति बनाए रखने के लिए वास्तविकता देखें और समझें। ट्रेलर विवाद और राजनीतिक आलोचना फिल्म का ट्रेलर जारी होते ही विवाद शुरू हो गया। कुछ लोगों ने इसे सख्त सच्चाई बताया वहीं कुछ ने प्रचार करार दिया। फिल्म केरल राजस्थान और मध्य प्रदेश में धार्मिक परिवर्तन और दबाव के मुद्दों को दिखाती है। केरल के मुख्यमंत्री Pinarayi Vijayan और धार्मिक संगठन All India Muslim Jamaat ने फिल्म की आलोचना की है। CM विजयन ने चेताया कि यह फिल्म राज्य में साम्प्रदायिक तनाव पैदा कर सकती है। निर्माता विपुल शाह का पक्ष फिल्म के निर्माता Vipul Amrutlal Shah ने कहा कि फिल्म का मकसद केरल पर हमला नहीं है। उन्होंने बताया हम केरल के खिलाफ नहीं हैं। केरल गॉड्स कंट्री है। हमारा उद्देश्य वहां की यह दुष्ट प्रथा खत्म करना है। शाह ने यह भी बताया कि फिल्म का शीर्षक क्यों वही रखा गया। उन्होंने कहा The Kerala Story 2 केवल केरल तक सीमित नहीं है। यह पूरे भारत में हो रही जबरन धर्मांतरण की साजिश को उजागर करती है। पहली फिल्म की केंद्रीय थीम वही है इसलिए इसे Kerala Story 2 नाम दिया गया। रिलीज़ और अन्य जानकारी फिल्म का निर्देशन Kamakhya Narayan Singh कर रहे हैं और यह 27 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। यह 2023 की The Kerala Story की सीक्वल है जिसने अपने रिलीज़ के समय विवाद उत्पन्न किया था लेकिन व्यावसायिक रूप से सफल रही और दो राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीते। नई फिल्म में पूरी तरह नया कलाकार वर्ग और नया निर्देशक है।

बर्थडे स्पेशल: कभी पेट पालने के लिए की चौकीदारी, आज करोड़ों के मालिक हैं 'राम' फेम गुरमीत चौधरी!

नई दिल्ली । फिल्म और टीवी इंडस्ट्री में कई सितारे ऐसे हैं जिन्होंने नेम-फेम कमाने से पहले काफी संघर्ष किया. उन्होंने छोटे-मोटे काम करके अपना गुजारा किया और फिर मेहनत से नाम कमाया. आज हम आपको ऐसे ही एक स्टार की बारे में बताने जा रहे हैं जो अब इंडस्ट्री का टॉप एक्टर बन चुका है लेकिन यहां तक पहुंचने का उनका सफर आसान नहीं था. उन्होंने कई मुश्किलें झेलीं लेकिन हार नहीं मानी. आज उनकी शोहरत की कोई कमी नहीं है. आइए जानते हैं कि कौन है ये सितारा? इंडस्ट्री के टॉप एक्टर ग्लैमर और शोहरत की दुनिया में पहुंचने से पहले कई कलाकारों को संघर्ष के दौर से गुजरना पड़ता है. कभी-कभी हालात इतने मुश्किल हो जाते हैं कि गुजारा करने के लिए कोई भी छोटा मोटा काम भी करना पड़ता है. वैसे तो इस लिस्ट में कई नाम शामिल हैं लेकिन आज हम आपको एक ऐसे स्टार के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके पास आज नाम और शोहरत की कोई कमी नहीं है. हालांकि यहां तक पहुचे लिए उनको भी कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा था. क्या आपने इन्हें पहचाना?कौन है ये टीवी इंडस्ट्री का टॉप स्टार? इस एक्टर की लाइफ में ऐसे भी दिन आए जब उनको अपना खर्च निकालने के लिए चौकीदारी कर करनी पड़ी थी. लेकिन उनकी मेहनत और लगन ने उन्हें इंडस्ट्री में खास पहचान दिलाई और आज वे टीवी के मशहूर सितारों में शामिल हैं. हम यहां बिहार के भागलपुर में 22 फरवरी 1984 को जन्मे गुरमीत चौधरी की बात कर रहे हैं जो आज टीवी इंडस्ट्री का एक जाना-माना नाम हैं. उन्होंने 2008 में टीवी पर टेलीकास्ट होने वाली ‘रामायण’ में भगवान राम का किरदार निभाकर घर-घर में पहचान बनाई. बचपन से बनना चाहते थे एक्टर गुरमीत को बचपन से ही एक्टिंग और डांस का शौक था. जब उन्होंने ऋतिक रोशन को बड़े पर्दे पर शानदार डांस करते देखा तो उन्होंने ठान लिया कि वे भी एक्टिंग में करियर बनाएंगे. इसके लिए उन्होंने मार्शल आर्ट्स की ट्रेनिंग ली और मिस्टर जबलपुर का खिताब भी जीता. हालांकि एक्टिंग की राह आसान नहीं थी लेकिन उनके जुनून और मेहनत ने उन्हें सफलता दिलाई. जब गुरमीत चौधरी एक्टिंग में करियर बनाने के लिए मुंबई आए तब उनके पास कोई बैकअप प्लान नहीं था. संघर्ष के उनको चौकीदारी तक करनी पड़ी थी. करनी पड़ी चौकीदार की नौकरी दरअसल जब उनके पास रहने के लिए जगह नहीं थे तब उन्हें एक सस्ता कमरा मिला जो एक चौकीदार ने दिया था. सिर पर छत तो मिल गई लेकिन खर्च चलाना मुश्किल था. इसलिए उन्होंने एक स्टोर में चौकीदारी की नौकरी कर ली जिससे वो अपने खर्च निकाल पाते थे. इसी दौरान वो लगातार ऑडिशन देते रहे और आखिरकार 2008 में ‘रामायण’ में भगवान राम का किरदार निभाने का मौका मिला. इस शो ने उन्हें इतनी लोकप्रियता दिलाई कि वह देखते ही देखते स्टार बन गए. गुरमीत चौधरी का करियर इसके बाद जब ये शो ऑफ एयर हुआ तो तीन साल तक उनके पास कोई काम नहीं था जिससे वो फिर से संघर्ष के दौर में चले गए. गुरमीत ने अपने करियर की शुरुआत 2004 में टीवी शो ‘ये मेरी लाइफ है’ से की थी लेकिन असली पहचान ‘रामायण’ से मिली. इसके बाद उन्होंने ‘गीत- हुई सबसे पराई’ ‘पुनर्विवाह’ और ‘झलक दिखला जा’ जैसे पॉपुलर शोज में काम किया. इसके अलावा उन्होंने 2015 में ‘खामोशियां’ से बॉलीवुड डेब्यू किया और फिर ‘वजह तुम हो’ (2016) और ‘पलटन’ (2018) जैसी फिल्मों में काम किया. गुरमीत चौधरी की नेटवर्थ पर्सनल लाइफ गुरमीत चौधरी ने 2011 में टीवी एक्ट्रेस देबिना बनर्जी से शादी की और अब वे दो बेटियों के माता-पिता हैं. संघर्ष से लेकर स्टारडम तक का उनका सफर कई लोगों के लिए इंस्पिरेशनल रहा है. आज गुरमीत एक शानदार लाइफस्टाइल जीते हैं उनके पास कई लग्जरी गाड़ियां और आलीशान घर हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक उनकी कुल संपत्ति 30-40 करोड़ रुपये के बीच बताई जाती है. उनकी सफलता इस बात का सबूत है कि अगर मेहनत और लगन हो तो कोई भी अपने सपनों को हकीकत में बदल सकता है.

विवियन डीसेना: धर्म बदलकर इस्लाम अपनाया, रमजान में रोजा और पांच वक्त की नमाज, गुपचुप रचाई दूसरी शादी

नई दिल्ली। टीवी के मोस्ट पॉपुलर स्टार विवियन डीसेना ने साल 2019 में अपने जीवन का बड़ा फैसला लिया और धर्म बदलकर इस्लाम अपनाया। इस बदलाव के बाद उन्होंने मिस्र की नागरिक नौरान से गुपचुप शादी रचाई। विवियन की पहली शादी टीवी अभिनेत्री वाहबिज दोराबजी से 2013 में हुई थी, लेकिन कुछ सालों बाद तलाक हो गया। इसके बाद उन्होंने अपने निजी जीवन और आस्था के अनुसार नई राह चुनी। विवियन ने खुलासा किया कि इस्लाम धर्म अपनाने के बाद उन्होंने अपनी आस्था और जीवनशैली में कई बदलाव किए। वे अब पांच वक्त की नमाज नियमित रूप से पढ़ते हैं और रमजान के महीने में रोजा रखते हैं। उन्होंने बताया कि उनका रोजा बहुत सादगी से खुलता है—तीन खजूर, एक गिलास दूध और थोड़ा पानी। इसके अलावा, वे घर पर विशेष ‘डेट मिल्क’ तैयार करते हैं जिसमें खजूर, शहद, सूखे मेवे और ताजे फल मिलाते हैं। इस परंपरा के माध्यम से वे अपनी इफ्तार करते हैं। HT को दिए इंटरव्यू में विवियन ने कहा कि रमजान उनका जीवन बदलने वाला महीना रहा। उन्होंने बताया, “रमजान आस्था का महीना है। यह हमें संस्कार और मूल्य सिखाता है। इस दौरान हमें यह भी समझ आता है कि जिन लोगों के पास भोजन नहीं है, वे किस तरह की कठिनाइयों से गुजरते हैं।” विवियन ने यह भी कहा कि रमजान का महीना हमारी आदतों को ‘रीसेट’ करने और आत्म-अनुशासन बढ़ाने का अवसर है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि उन्हें अपनी सुबह की कॉफी छोड़नी पड़ती है, और पानी भी नहीं पीते। इससे शरीर वैज्ञानिक रूप से 30 दिनों के लिए ‘डिटॉक्स मोड’ में चला जाता है। विवियन ने जकात (चैरिटी) देने की भी अहमियत पर जोर दिया और कहा कि वह अपनी क्षमता के अनुसार दान करते हैं। उनका मानना है कि चैरिटी का उद्देश्य केवल प्रचारित नहीं होना चाहिए, बल्कि इसे एक जिम्मेदारी के रूप में निभाना चाहिए। विवियन की निजी जिंदगी भी चर्चा में रही है। धर्म परिवर्तन और दूसरी शादी के बाद उन्हें ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा, लेकिन इसका असर उनके खुशहाल जीवन पर नहीं पड़ा। विवियन और नौरान अब साथ में संतुलित और खुशहाल जीवन जी रहे हैं। वे अपने करियर और परिवार दोनों में संतुलन बनाए हुए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी पांच वक्त की नमाज और रोजा उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं, चाहे रमजान का महीना हो या न हो। विवियन का यह अनुभव यह दिखाता है कि चाहे जीवन में कितनी भी चुनौतियाँ आएं, आस्था और अपने सिद्धांतों का पालन हमेशा मार्गदर्शक होता है। विवियन डीसेना की कहानी बताती है कि धर्म और आस्था के बदलाव से जीवन में स्थिरता और संतुलन पाया जा सकता है, और निजी निर्णयों को अपनाकर भी कोई व्यक्ति खुशहाल और संतुलित जीवन जी सकता है।

भाग्यश्री की फिल्मी यात्रा: शर्तों पर किया डेब्यू, करियर की ऊंचाई के बाद क्यों आई गिरावट?

नई दिल्ली। 1969 – 90 के दशक की सबसे प्यारी और मशहूर अभिनेत्री भाग्यश्री आज 55 साल की हो गई हैं। उनका जन्म बॉलीवुड के एक नए युग का हिस्सा बनने के लिए हुआ था, लेकिन उनके करियर की कहानी कुछ और ही रही। “मैंने प्यार किया” (1989) के साथ सलमान खान के साथ शानदार डेब्यू करने वाली भाग्यश्री ने फिल्म इंडस्ट्री में आने से पहले कई शर्तें रखी थीं। सुपरहिट शुरुआत, लेकिन फिर क्यों हुआ करियर रुकावट का शिकार?भाग्यश्री ने अपनी पहली फिल्म में सलमान से ज्यादा फीस हासिल की थी—1 लाख रुपये, जबकि सलमान को 30 हजार रुपये। लेकिन इसके बाद भी उनके करियर में उतार-चढ़ाव का दौर शुरू हो गया। “त्यागी” (1992), “पायल” (1992) और “घर आया मेरा परदेसी” (1993) जैसी फिल्में फ्लॉप रही। बाद में उन्होंने भोजपुरी सिनेमा में भी हाथ आजमाया, लेकिन वहां भी सफलता की राह नहीं मिल पाई। भाग्यश्री की शर्तें: फिल्म में किसिंग सीन नहीं, चूड़ीदार पहनेंगीभाग्यश्री के फिल्मी करियर की शुरुआत शर्तों के साथ हुई थी। उन्होंने सलमान खान के साथ “मैंने प्यार किया” के लिए एक शर्त रखी थी कि वे फिल्म में किसिंग सीन नहीं करेंगी। इसके अलावा, उनके पिता ने केवल चूड़ीदार पहनने की इजाजत दी थी, और भाग्यश्री ने अपनी फिल्मों में इसी को प्राथमिकता दी। रिश्ते और शादी: 19 साल की उम्र में लिया बड़ा कदमफिल्मी करियर में असफलता के बाद, भाग्यश्री ने अपने व्यक्तिगत जीवन पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने 19 साल की उम्र में अपने बचपन के दोस्त हिमालय दासानी से शादी कर ली। इस शादी से उनके परिवार वाले नाखुश थे, लेकिन सलमान खान और करीबी दोस्तों के समर्थन से उन्होंने अपने परिवार के खिलाफ जाकर इस रिश्ते को मंजूरी दी। शादी के बाद आई मुश्किलें, लेकिन फिर सुलहशादी के बाद भाग्यश्री और हिमालय के रिश्ते में दरार आ गई थी। दोनों करीब डेढ़ साल तक अलग रहे, लेकिन बाद में उन्होंने एक-दूसरे को समझा और फिर से रिश्ते को मजबूत किया। अब, उनके दो बच्चे बेटा अभिमन्यु और बेटी अवंतिका हैं। अफेयर की अफवाहें: सलमान के साथ जोड़ी की चर्चाभाग्यश्री और सलमान खान के अफेयर की खबरें भी लगातार मीडिया में तैरती रही थीं, खासकर बेटे के जन्म के बाद। हालांकि, भाग्यश्री और सलमान ने इन अफवाहों पर कभी खुलकर कोई टिप्पणी नहीं की। भाग्यश्री का करियर एक सिखाने वाली कहानी हैजहां सुपरहिट डेब्यू के बाद भी उनकी फिल्मों का करियर नहीं चल सका, लेकिन निजी जिंदगी में उन्होंने अपने फैसले खुद लिए। शर्तों पर काम करने, परिवार के लिए अपने सपनों को छोड़ने और एक सशक्त महिला बनने का उनका सफर एक प्रेरणा है।

मैं वहीं रहा जहाँ भगवान कृष्ण का जन्म हुआ, 30 करोड़ के फ्रॉड केस में 71 दिन जेल में बिताने के बाद विक्रम भट्ट रिहा

नई दिल्ली। विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी 71 दिन जेल में बिताने के बाद सुप्रीम कोर्ट से बेल मिलने के बाद रिहा हो गए। जेल में बिताए समय ने उन्हें और मजबूत बनाया और उन्होंने कहा कि सच और न्याय हमेशा जीतते हैं। फिल्ममेकर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट 71 दिन जेल में रहने के बाद सुप्रीम कोर्ट से बेल मिलने के बाद शुक्रवार को रिहा हो गए। उदयपुर जेल कैंपस के बाहर मीडिया से बातचीत में विक्रम ने अपने जेल में बिताए समय और फ्रॉड केस पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि वह पॉजिटिव हैं और उन्हें भारतीय लीगल सिस्टम पर पूरा भरोसा है। जेल में बिताए 71 दिनविक्रम भट्ट को दिसंबर 2025 में मुंबई से राजस्थान पुलिस ने ₹30 करोड़ के फ्रॉड केस में गिरफ्तार किया था। इस केस में उन्हें और उनकी पत्नी को आरोपी बनाया गया था। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा बेल दिए जाने के बाद दोनों को उदयपुर जेल से रिहा किया गया। जेल से बाहर आते ही विक्रम ने कहा, “मैंने ढाई महीने जेल में बिताए हैं। मुझे पूरा भरोसा था कि सच सामने आएगा। जेल में मेरा एक दोस्त बना जिसने मुझे मेवाड़ की मिट्टी के स्वभाव के बारे में बताया। उसने कहा कि मेवाड़ की मिट्टी में सच परेशान हो सकता है, लेकिन हार नहीं सकता। मैं उसी मिट्टी का तिलक लगाकर बाहर जा रहा हूं, यहाँ सच की हमेशा जीत होगी।” विक्रम ने जेल अनुभव को आध्यात्मिक नजरिए से भी देखा। उन्होंने कहा, “मैं भगवान कृष्ण का भक्त हूं। मैं उसी जगह पर रहा हूँ जहाँ भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था। मैं पहले से दोगुना बेहतर बनकर बाहर आ रहा हूं। भगवान कृष्ण की तरह मुझे भी नई लड़ाई लड़नी है। मुझे इस देश के लीगल सिस्टम पर पूरा भरोसा है और जो भी न्याय होगा, वह सबके हित में होगा।” फ्रॉड केस की पृष्ठभूमिविक्रम भट्ट और उनकी पत्नी पर नवंबर 2025 में उदयपुर में एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायत करने वाले डॉ. अजय मुर्डिया ने आरोप लगाया कि भट्ट दंपति ने एक फिल्म प्रोजेक्ट के नाम पर ₹30 करोड़ से अधिक की राशि हड़प ली। शिकायत में कहा गया कि प्रोडक्शन हाउस ने चार फिल्मों के लिए कॉन्ट्रैक्ट साइन किए, लेकिन एग्रीमेंट के मुताबिक फिल्में प्रदान नहीं कीं और फंड का गलत इस्तेमाल किया। पुलिस ने अपनी जांच में यह पाया कि आरोपियों ने नकली बिल और दस्तावेज़ का इस्तेमाल कर पैसे निकालने की कोशिश की। हालांकि, विक्रम भट्ट ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया है और कहा कि वे पूरी तरह निर्दोष हैं। अगले कदम और मीडिया प्रतिक्रियाजेल से रिहाई के बाद विक्रम ने मीडिया से कहा कि वे फिलहाल अपने फिल्म और प्रोडक्शन काम पर ध्यान केंद्रित करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि जेल का अनुभव उनके लिए सीख और आत्मनिरीक्षण का अवसर रहा। उनका कहना था कि मुश्किलें चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हों, सच और न्याय हमेशा जीतते हैं। विक्रम भट्ट की यह कहानी न केवल फिल्म उद्योग में विवाद और कानूनी लड़ाई की मिसाल है, बल्कि यह भी दिखाती है कि कठिनाइयों के बीच भी धैर्य और सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखना कितना महत्वपूर्ण है।

जेल की सलाखों के पीछे राजपाल यादव: छलका दर्द, बताया परिवार से दूरी और सुबह का वो अनुशासन था सबसे कठिन!

नई दिल्ली। / मशहूर बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव, जो अपनी बेमिसाल कॉमेडी के लिए जाने जाते हैं, पिछले कुछ समय से कानूनी मुश्किलों के दौर से गुजर रहे थे। 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में जेल की सजा काटने के बाद अब उन्हें बेल मिल गई है। जेल से बाहर आने के बाद राजपाल यादव सीधे अपनी पत्नी राधा यादव के साथ उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर पहुंचे, जहां वे अपनी भतीजी की शादी के जश्न में शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने मीडिया से खुलकर बात की और जेल के उन दिनों को याद किया जो उनके जीवन का सबसे कठिन समय रहा। राजपाल ने बताया कि जेल की चाहरदीवारी के भीतर उनके लिए सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण क्या था और उन्होंने खुद को मानसिक रूप से कैसे संभाले रखा। राजपाल यादव ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जेल में उनके लिए सबसे मुश्किल घड़ी अपने परिवार से दूर रहना था। अपनों की कमी उन्हें हर पल खलती थी, लेकिन इस स्थिति से निपटने के लिए उन्होंने एक कड़ा अनुशासन अपनाया। उन्होंने बताया, “सबसे कठिन हिस्सा परिवार की दूरी थी। इसके अलावा, मैंने वहां के रूटीन को स्वीकार कर लिया था। मैं हर सुबह जल्दी उठ जाता था, ब्रीदिंग एक्सरसाइज करता था और अपना मानसिक संतुलन बनाए रखने की पूरी कोशिश करता था।” राजपाल का मानना है कि ऐसे वक्त में खुद को शांत रखना ही सबसे बड़ी जीत है। कानूनी लड़ाई पर बात करते हुए राजपाल ने स्पष्ट किया कि यह मामला पिछले कई वर्षों से चल रहा है और उन्होंने इसे हमेशा कानूनी तरीके से ही हल करना उचित समझा। उनकी पत्नी राधा यादव ने भी इस मुश्किल घड़ी में उनका पूरा साथ दिया। राधा ने कहा कि वे अभी हर स्थिति को ‘एक समय पर एक कदम’ के सिद्धांत के साथ डील कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि समाधान केवल हमारी इच्छाशक्ति पर नहीं, बल्कि समय पर भी निर्भर करता है। इस कठिन समय में राजपाल यादव को फिल्म इंडस्ट्री से जो प्यार और समर्थन मिला, उसके लिए वे बेहद शुक्रगुजार हैं। उन्होंने कहा कि लोगों का विश्वास और सम्मान उनके लिए सबसे ज्यादा मायने रखता है, जिसने उन्हें टूटने नहीं दिया।

अमिताभ बच्चन के मंच से शुरू हुई तकरार? Rajpal Yadav लोन केस में वकील का बड़ा दावा

नई दिल्ली । कॉमेडियन-अभिनेता राजपाल यादव का लोन और चेक बाउंस मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। अंतरिम जमानत पर जेल से बाहर आए राजपाल का केस अभी अदालत में लंबित है लेकिन अब उनके वकील भास्कर उपाध्याय ने इस विवाद को लेकर नया पक्ष सामने रखा है। वकील का दावा है कि शिकायतकर्ता माधव गोपाल अग्रवाल की नाराजगी की असली वजह एक पुरानी मंचीय घटना थी जो महानायक अमिताभ बच्चन से जुड़ी बताई जा रही है। भास्कर उपाध्याय ने मीडिया को बताया कि सितंबर 2012 में एक फिल्म लॉन्च कार्यक्रम में अमिताभ बच्चन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। आरोप है कि माधव अग्रवाल उस कार्यक्रम में अमिताभ बच्चन के साथ मंच साझा करना चाहते थे लेकिन राजपाल की टीम ने इसकी अनुमति नहीं दी। वकील के अनुसार चूंकि अमिताभ बच्चन ने कार्यक्रम में शिरकत करने के लिए कोई पारिश्रमिक नहीं लिया था इसलिए मंच प्रबंधन सीमित रखा गया। इसी बात से शिकायतकर्ता नाराज हो गए और इसके बाद कानूनी कार्रवाई तेज कर दी गई। वकील के मुताबिक सितंबर 2012 में मामला दिल्ली उच्च न्यायालय पहुंचा जहां बकाया भुगतान तक फिल्म पर रोक लगाने की मांग की गई। दिसंबर 2012 में 60,60,350 रुपये का पहला चेक जमा हुआ और बैंक से राशि रिलीज हुई। इसके बाद 2013 में दोनों पक्षों के बीच सहमति समझौता हुआ जिसमें पहले के सभी समझौतों को अमान्य माना जाना था। भास्कर का कहना है कि 2016 में एक नया समझौता तैयार हुआ जिसके तहत 10.40 करोड़ रुपये बकाया बताए गए। इसमें यह भी तय हुआ कि भुगतान होने पर पुराने एग्रीमेंट दोबारा लागू नहीं किए जाएंगे। वकील के अनुसार 2016 में वसूली याचिका दायर की गई और शिकायतकर्ता को 1.90 करोड़ रुपये का भुगतान भी किया गया। शेष राशि के लिए एक अन्य गारंटर अनंत दत्ताराम सामने आए। बचाव पक्ष का दावा है कि राजपाल यादव ने 15 करोड़ रुपये की अपनी संपत्ति जमानत के रूप में रखने की पेशकश की और बाकी रकम चुकाने के लिए समय मांगा लेकिन शिकायतकर्ता ने यह प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया। मामला तब और उलझ गया जब वकील के मुताबिक तीसरे सप्लीमेंट्री एग्रीमेंट के तहत दिए गए चेक दोबारा सक्रिय कर दिए गए जबकि सहमति समझौते के बाद उन्हें निरस्त माना गया था। मार्च 2018 में ट्रायल कोर्ट ने पुराने समझौते के आधार पर राजपाल यादव को दोषी ठहराते हुए 11.5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया। नवंबर 2018 में एक्जीक्यूशन कोर्ट ने उसी आधार पर तीन महीने की सजा सुनाई। बचाव पक्ष का तर्क है कि एक ही मामले में समानांतर कानूनी प्रक्रियाएं नहीं चलनी चाहिए थीं। 2019 में राजपाल की टीम ने इस आदेश को रिवीजन कोर्ट में चुनौती दी। हालांकि वकील के अनुसार उस दौरान नए अधिवक्ता की ओर से अदालत में मध्यस्थता के जरिये भुगतान की बात स्वीकार किए जाने से मामला और पेचीदा हो गया। फिलहाल राजपाल यादव की ओर से अदालत से अनुरोध किया गया है कि उनकी दलीलों को विस्तार से सुना जाए और मामले का निपटारा मेरिट के आधार पर किया जाए। अंतिम फैसला आना अभी बाकी है।

पहले खुद देख लो कितने पानी में हो…’ ट्रोलर्स पर भड़के शाहिद कपूर, बोले– नेगेटिविटी इंसिक्योरिटी से आती है

नई दिल्ली । बॉलीवुड स्टार शाहिद कपूर इन दिनों अपनी फिल्म ओ रोमियो को लेकर लगातार चर्चा में हैं। विशाल भारद्वाज के निर्देशन में बनी यह फिल्म 13 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हुई और भले ही इसकी ओपनिंग धीमी रही लेकिन वीकडेज में फिल्म ने रफ्तार पकड़ ली है। फिल्म में शाहिद के साथ Triptii Dimri लीड रोल में नजर आ रही हैं। ट्रेलर रिलीज के बाद से ही फिल्म को लेकर सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चा थी और अब शाहिद की परफॉर्मेंस को दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है। इसी बीच एक इंटरव्यू में ट्रोलिंग को लेकर दिए गए उनके बयान ने सुर्खियां बटोर ली हैं। हाल ही में शो द राइट एंगल में बातचीत के दौरान शाहिद ने ट्रोलिंग पर बेबाक राय रखी। जब उनसे पूछा गया कि वह सोशल मीडिया पर होने वाली आलोचना और ट्रोलिंग से कैसे निपटते हैं तो उन्होंने साफ कहा कि यह कहना गलत होगा कि इन बातों का कोई असर नहीं पड़ता। उनके मुताबिक जो लोग कहते हैं कि ट्रोलिंग से फर्क नहीं पड़ता वे खुद को गलतफहमी में रख रहे हैं। नेगेटिव बातें असर डालती हैं और इसे नकारना खुद को खतरनाक स्थिति में डालना है। शाहिद ने आगे कहा कि इंसान को सिर्फ बाहरी तारीफ या वैलिडेशन पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। उन्होंने समझाया कि यह जानना जरूरी है कि आप खुद अपने काम को लेकर कैसा महसूस करते हैं लेकिन साथ ही दर्शकों की भावना को समझना भी उतना ही अहम है। उनका मानना है कि कलाकार और ऑडियंस के बीच कनेक्शन बनाए रखने के लिए संतुलन जरूरी है। ट्रोलर्स को लेकर शाहिद ने कड़े शब्दों में कहा आपके बोलने की औकात होनी चाहिए तभी मुंह खोलना चाहिए। पहले खुद देख लो आप कितने पानी में हो फिर बात करो। उन्होंने बताया कि यह सीख उन्हें बचपन से मिली है। बड़े कलाकारों के बीच पले-बढ़े शाहिद ने कहा कि पहले लोग बिना वजह टिप्पणी करने से बचते थे लेकिन आज सोशल मीडिया के दौर में हर किसी को बिना सोचे-समझे बोलने की आदत हो गई है। उन्होंने नेगेटिविटी को इंसिक्योरिटी से जोड़ते हुए कहा कि जो लोग लगातार नकारात्मक बातें करते हैं वे अंदर से असुरक्षित डरे हुए या दुखी हो सकते हैं। अगर इतनी नेगेटिविटी बाहर आ रही है तो यह दिखाता है कि उनके अंदर की दुनिया कितनी परेशान है शाहिद ने कहा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि जरूरी है कि इंसान खुद को पॉजिटिव रखे और गिरकर दोबारा खड़े होने की ताकत बनाए रखे। उनके शब्दों में एक अच्छा फाइटर वही है जो चोट लगने के बाद फिर उठ खड़ा हो। ओ रोमियो शाहिद और विशाल भारद्वाज की साथ में चौथी फिल्म है। इससे पहले दोनों कमीने हैदर और रंगून जैसी फिल्मों में साथ काम कर चुके हैं। इस फिल्म में नाना पाटेकर फरीदा जलाल दिशा पटानी और तमन्ना भाटिया जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में हैं। फिल्म को आईएमडीबी पर 6.4 की रेटिंग मिली है और दर्शकों की प्रतिक्रिया लगातार बेहतर होती दिख रही है।

पिता सलीम की मेडिकल जानकारी लीक होने पर भड़के सलमान खान, लीलावती अस्पताल के डॉक्टर से नाखुश

नई दिल्‍ली । बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान के पिता सलीम खान अस्पताल में भर्ती हैं। उनके स्वास्थ्य को लेकर कई तरह की खबरें सामने आईं। डॉक्टर ने बताया कि सलीम खान को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था, लेकिन इस बयान से सलमान खान नाराज हैं। सलमान चाहते हैं कि उनके पिता की हेल्थ से जुड़ी जानकारी मीडिया में सार्वजनिक न हो और अस्पताल की रिपोर्ट्स को निजी रखा जाए। उनका यह भी कहना है कि सलीम खान की निजी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर मीडिया से कोई टिप्पणी नहीं होनी चाहिए।सलमान खान नाराज, चाहते हैं पिता सलीम की हेल्थ पूरी तरह प्राइवेट रहे एक रिपोर्ट के अनुसार, सलमान खान और उनके परिवार ने लीलावती अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ से साफ कहा है कि कोई भी जानकारी मीडिया के साथ साझा न की जाए। परिवार का मानना है कि सलीम खान की हेल्थ एक निजी मामला है और इसे लेकर अनावश्यक अफवाहें न फैलेसलमान और उनके परिवार के मुताबिक, हेल्थ अपडेट केवल परिवार की अनुमति से ही साझा किए जाएंगे। डॉक्टर के पिछले बयान से नाराज होकर उन्होंने स्पष्ट किया है कि अब अस्पताल सलीम खान की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर मीडिया में कोई विवरण नहीं देगा। इससे स्पष्ट है कि सलमान खान अपने पिता की प्राइवेसी पर कड़ा ध्यान दे रहे हैं और किसी भी तरह की अनावश्यक जानकारी लीक नहीं होने देंगे। डॉक्टर ने सलीम खान के स्‍वास्‍थ्‍य को लेकर दी जानकारी बुधवार को जटिल पारकर ने मीडिया से बातचीत में बताया कि सलीम खान को हल्का ब्रेन हेमरेज हुआ था। डॉक्टर ने कहा कि उनकी हालत गंभीर नहीं थी, लेकिन उन्हें झटके लग रहे थे और ब्लड प्रेशर अधिक था, इसलिए सावधानी के तौर पर उन्हें वेन्टिलेटर पर रखा गया। उन्होंने आगे कहा “हमने सभी जरूरी चेकअप और इलाज कर लिया है। बुधवार को एक छोटा प्रोसिजर किया गया, जिसकी डिटेल्स मैं साझा नहीं कर सकता। वह अब पहले से बेहतर हैं और कल तक वेन्टिलेटर से हट जाएंगे। उम्र भी एक बड़ा फैक्टर है, इसलिए इस प्रक्रिया में समय लग रहा है।” सलीम खान का ख्याल रख रहा परिवार सलीम खान को 17 फरवरी को लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तब से उनके पूरे परिवार सलमान खान, अरबाज खान, सोहेल खान, अर्पिता खान और अलवीरा खान हर दिन अस्पताल आकर उनका हाल-चाल लेते हैं और उनकी देखभाल कर रहे हैं। इसके अलावा, कई बॉलीवुड सेलेब्स जैसे रमेश तौरानी, संजय दत्त, आमिर खान और अन्य सितारे भी अस्पताल जाकर सलीम खान से मिले। कई सेलेब्स ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर उनके जल्दी ठीक होने की कामना की है।