करोड़ों के मालिक Salman Khan फिर भी रहते हैं सादगी से, 22 साल पुराना खुलासा

नई दिल्ली। बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान आज इंडस्ट्री के सबसे बड़े और सबसे ज्यादा फीस लेने वाले एक्टर्स में से एक हैं। एक फिल्म के लिए करोड़ों रुपये चार्ज करने और रियलिटी शो बिग बॉस से सालाना भारी कमाई के बावजूद सलमान खान आज भी मुंबई के एक साधारण दो बेडरूम के अपार्टमेंट में रहते हैं। उनके इस फैसले को लेकर अक्सर फैंस हैरान रहते हैं, लेकिन इसके पीछे उनकी अपनी सोच और जीवनशैली का बड़ा कारण है। साधारण जीवन जीना पसंद करते हैं सलमान खानसलमान खान कई इंटरव्यू में बता चुके हैं कि उन्हें अपने परिवार के बेहद करीब रहना पसंद है। वे अपने माता-पिता के साथ समय बिताना ज्यादा जरूरी मानते हैं, इसलिए उन्होंने कभी बड़े और आलीशान घर की तरफ खास ध्यान नहीं दिया। उनका मानना है कि उन्हें ज्यादा लग्जरी की जरूरत नहीं है। 22 साल पुराना बयान बना चर्चा का कारणसाल 2004 में फिल्म ‘मुझसे शादी करोगी’ के सेट पर दिए गए एक इंटरव्यू में सलमान खान ने अपने छोटे घर में रहने की असली वजह बताई थी। उन्होंने कहा था कि वे आज भी दो बेडरूम के अपार्टमेंट में इसलिए रहते हैं क्योंकि अगर भविष्य में उनका काम नहीं चला, तो उनके पास कम से कम एक सुरक्षित घर तो रहेगा। उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में यह भी कहा था कि उन्हें ज्यादा जरूरत नहीं है, बस एक साइकिल काफी है।उनका यह बयान अब फिर से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और लोग उनकी सादगी पर चर्चा कर रहे हैं। फिल्मों को लेकर भी रखी थी बेबाक रायइसी इंटरव्यू में सलमान खान ने अपनी कुछ सुपरहिट फिल्मों जैसे ‘तेरे नाम’ और ‘करण अर्जुन’ पर भी मजाकिया अंदाज में बात की थी। उन्होंने कहा था कि कई बार उन्हें लगता है कि इन फिल्मों में उन्होंने ज्यादा कुछ खास नहीं किया, बल्कि पूरी मेहनत डायरेक्टर और टीम की थी। फिर भी दर्शकों ने उनके किरदारों को खूब पसंद किया।सलमान का कहना था कि कभी-कभी कम मेहनत के बावजूद तारीफ मिल जाती है, जबकि कई बार पूरी मेहनत के बाद भी उतनी सराहना नहीं मिलती। वर्क फ्रंट पर क्या चल रहा है?फिलहाल सलमान खान कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं। उनकी आने वाली फिल्म ‘मातृभूमि’ चर्चा में है, जिसकी कुछ शूटिंग दोबारा की गई है। इसके अलावा वे एक एक्शन फिल्म में भी नजर आएंगे, जिसे साउथ के मशहूर निर्देशक वामशी पेडिपल्ली बना रहे हैं और दिल राजू इसका निर्माण कर रहे हैं। इस फिल्म में नयनतारा के भी उनके साथ नजर आने की संभावना है और इसे अगले साल ईद पर रिलीज करने की तैयारी है।
Wedding Anniversary : रणबीर-आलिया ने ऑस्ट्रिया की बर्फीली वादियों में मनाई शादी की चौथी सालगिरह..

Wedding Anniversary : नई दिल्ली: बॉलीवुड के चर्चित कपल रणबीर कपूर और आलिया भट्ट ने अपनी शादी की चौथी सालगिरह बेहद खास अंदाज में ऑस्ट्रिया में मनाई। 14 अप्रैल 2022 को मुंबई के बांद्रा स्थित अपने घर में शादी के बंधन में बंधे इस कपल ने इस बार अपनी सालगिरह को एक खूबसूरत विदेशी वेकेशन में यादगार बनाया। ऑस्ट्रिया की बर्फीली वादियों में बिताए गए इस खास पल की झलकियां सोशल मीडिया पर सामने आते ही फैंस के बीच चर्चा का विषय बन गईं। आलिया भट्ट ने अपने वेकेशन की कई तस्वीरें साझा कीं, जिनमें वह रणबीर कपूर के साथ बर्फ से ढके पहाड़ों में स्कीइंग का आनंद लेती नजर आईं। तस्वीरों में दोनों की केमिस्ट्री और साथ बिताए गए हल्के फुल्के पल साफ झलकते हैं। कहीं दोनों हंसते हुए नजर आते हैं तो कहीं शांत वादियों में एक दूसरे के साथ समय बिताते दिखाई देते हैं, जिससे उनकी बॉन्डिंग और भी खास लगती है। इस खास मौके पर फैमिली टाइम भी वेकेशन का अहम हिस्सा रहा। एक तस्वीर में रणबीर कपूर अपनी बेटी राहा के साथ नजर आते हैं, जहां दोनों अल्पाका जैसे जानवरों के बीच समय बिताते दिखाई देते हैं। यह पल बेहद क्यूट और भावनात्मक माना जा रहा है, जिसे देखकर फैंस लगातार अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। आलिया भट्ट ने इस खास अवसर पर एक भावुक संदेश भी साझा किया, जिसमें उन्होंने अपनी जिंदगी के सफर और रिश्ते की खूबसूरती को शब्दों में पिरोया। उन्होंने कहा कि साथ मिलकर मुश्किल और आसान सभी रास्तों को पार करते हुए उन्होंने एक सुंदर जीवन बनाया है। उनके इस संदेश में प्यार और अपनापन साफ झलकता है, जिसे फैंस ने खूब सराहा। इस वेकेशन की तस्वीरों में एक खास रोमांटिक डिनर का दृश्य भी देखने को मिला, जिसने इस सेलिब्रेशन को और भी खास बना दिया। शांत और खूबसूरत माहौल में बिताए गए इन पलों ने कपल के रिश्ते की गहराई को दर्शाया। सोशल मीडिया पर इन तस्वीरों को तेजी से शेयर किया जा रहा है और फैंस उन्हें शुभकामनाएं दे रहे हैं। वर्क फ्रंट की बात करें तो रणबीर कपूर कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहे हैं, जबकि आलिया भट्ट भी आने वाले समय में कई महत्वपूर्ण फिल्मों में नजर आने वाली हैं। दोनों कलाकार अपने करियर और निजी जीवन के बीच संतुलन बनाते हुए आगे बढ़ रहे हैं।
OTT और सिनेमाघरों में एंटरटेनमेंट की बरसात, इस हफ्ते रिलीज होंगी कई फिल्में और सीरीज

नई दिल्ली। वीकेंड पर चिल करने का प्लान बना रहे हैं तो सिनेमाघर और OTT पर कई फ़िल्में और सीरीज दस्तक देने को तैयार है। जिसे आप आसानी से देख सकते हैं। इनमें आपको कॉमेडी, रोमांस, क्राइम, हॉरर कॉमेडी, थ्रिलर और सस्पेंस की फुल डोज मिलेगी। इसलिए इस लिस्ट में अक्षय कुमार की भूत बंगला भी शामिल है जिसका फैंस बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं तो चलिए सब की लिस्ट जानते हैं। अक्षय कुमार की फिल्म Bhooth Banglaअक्षय कुमार की फिल्म ‘भूत बंगला’ कई दिनों से चर्चा में बनी हुई है आपको बता दें कि जब से इस फिल्म का टीचर और ट्रेलर आया है। दर्शक इस फिल्म को देखने के लिए अपनी उत्सुकता दिखा रहे हैं। यह एक हॉरर कॉमेडी फिल्म है इस फिल्म में अक्षय कुमार के अलावा दिवंगत एक्टर असरानी, परेश रावल, राजपाल यादव, तब्बू, मिथिला पालकर और वामिका गब्बी नजर आने वाले हैं यह फिल्म 16 अप्रैल को सिनेमाघरों में दस्तक देगी। टोस्टर (Toaster)राजकुमार राव और सान्या मल्होत्रा स्टारर टोस्टर इस महीने की चर्चित रिलीज में से एक है। यह एक डार्क कॉमेडी फिल्म है जिसकी कहानी एक ऐसे शख्स के इर्द-गिर्द घूमती है जो शादी में गिफ्ट किया गया अपना महंगा टोस्टर वापस लेने के चक्कर में अजीबोगरीब घटनाओं में फंस जाता है। फिल्म में कॉमेडी के साथ सस्पेंस और क्राइम का तड़का भी देखने को मिलेगा। ये 15 अप्रैल को Netflix पर आ रही है। अस्सी (Assi)अस्सी तापसी पन्नू की हार्ड हिटिंग मूवी है। मूवी अनुभव सिन्हा के डायरेक्शन में एक स्कूल टीचर के साथ हुए गैंगरेप के बाद इंसाफ की लड़ाई दिखाई गई है। तापसी ऐडवोकेट रावी बनी हैं जो पीड़िता का केस लड़ती हैं। यह फिल्म सिनेमा घरों में अपना धमाल मचाने के बाद अब ZEE5 पर 17 अप्रैल को आएगी। मटका किंग सीरीज (Matka King)मटका किंग 1960 के दशक की क्राइम ड्रामा वेब सीरीज है। सीरीज एक साधारण कॉटन ट्रेडर की कहानी है। वह मटका नाम का नया जुए का खेल शुरू करता है। धीरे-धीरे उसका यह आइडिया पूरे शहर और फिर देश में फैल जाता है, जिससे वह अंडरवर्ल्ड और राजनीति की दुनिया में बड़ा नाम बन जाता है। यह सीरीज 17 अप्रैल को Amazon Prime Video पर दस्तक देगी। यूफोरिया सीजन 3 (Euphoria-3)यूफोरिया का यह सीजन 3 है। यह पॉप्युलर टीन ड्रामा सीरीज है। इसमें 5 साल का लीप दिखाया जाएगा। लीड एक्टर्स टीन से 20s में पहुंच जाएंगे। यह सीरीज 15 अप्रैल से Jio Hotstar पर आएगी। फेक प्रोफाइल सीज़न 3 (Fake Profile Season 3)15 अप्रैल को प्रीमियर होने वाला नया सीज़न फेक प्रोफाइल सीज़न 3 में झूठ, विश्वासघात और बदले की रोमांचक कहानी दिखाई जाएगी। जैसे-जैसे राज़ खुलते हैं, किरदारों को अपने कर्मों के परिणामों का सामना करना पड़ता है। इस शो में कैरोलिना मिरांडा और रोडोल्फो सालास मुख्य भूमिका में हैं। ये Netflix पर आएगी।
जीवनशैली, नींद और संतुलन को लेकर सद्गुरु और आलिया भट्ट के बीच हुई बातचीत ने लोगों को सोचने पर मजबूर किया, उठे कई गहरे सवाल

नई दिल्ली: अभिनेत्री आलिया भट्ट और आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु के बीच हुई एक बातचीत इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बनी हुई है। इस बातचीत में नींद, जीवनशैली और जीवन के संतुलन जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई, जहां आलिया भट्ट ने अपनी दैनिक दिनचर्या साझा की और सद्गुरु ने उस पर एक ऐसा सवाल उठाया जिसने माहौल को हल्का लेकिन विचारशील बना दिया। कार्यक्रम के दौरान आलिया भट्ट ने बताया कि उन्हें पर्याप्त नींद लेना बेहद पसंद है और वह सामान्यतः आठ से नौ घंटे तक आराम करती हैं। उन्होंने कहा कि नींद उनके लिए केवल शारीरिक आवश्यकता नहीं बल्कि मानसिक शांति और सुकून पाने का एक तरीका भी है। आलिया ने सहजता से यह भी स्वीकार किया कि आराम उनकी जीवनशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इससे उन्हें अगले दिन के लिए ऊर्जा मिलती है। इस पर सद्गुरु ने मुस्कुराते हुए एक ऐसा सवाल किया जिसने वहां मौजूद सभी लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने पूछा कि यदि दिन का इतना बड़ा हिस्सा सोने में ही निकल जाएगा तो फिर जीवन जीने का समय कब मिलेगा। उनका यह सवाल पहले तो हल्के मजाक के रूप में लिया गया, लेकिन धीरे धीरे इसने गहरी सोच को जन्म दे दिया। सद्गुरु ने आगे जीवनशैली और ऊर्जा संतुलन पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि अक्सर लोग दिनभर की थकान और तनाव के कारण अधिक नींद की ओर आकर्षित होते हैं, जबकि असली समस्या शरीर और मन के असंतुलन में होती है। उनके अनुसार यदि व्यक्ति अपने भीतर संतुलन बना ले तो उसे लंबे समय तक सोने की आवश्यकता कम हो सकती है और वह अधिक सक्रिय जीवन जी सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि जीवन का उद्देश्य केवल आराम करना नहीं बल्कि हर क्षण को पूरी तरह से अनुभव करना है। उनके अनुसार जागरूकता के साथ जीया गया जीवन अधिक अर्थपूर्ण होता है और व्यक्ति अपनी ऊर्जा का बेहतर उपयोग कर सकता है। यह दृष्टिकोण आधुनिक जीवनशैली में संतुलन की आवश्यकता को उजागर करता है, जहां लोग व्यस्तता और थकान के बीच अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देना भूल जाते हैं। बातचीत के दौरान जब पारिवारिक जीवन का जिक्र आया तो सद्गुरु ने बच्चों से सीखने की बात कही। उन्होंने कहा कि बच्चे जीवन को बिना किसी बोझ के जीते हैं और उनकी सरलता वयस्कों के लिए एक महत्वपूर्ण सीख हो सकती है। उनके अनुसार माता पिता को बच्चों को केवल सिखाना ही नहीं बल्कि उनसे सीखने की कोशिश भी करनी चाहिए क्योंकि वे जीवन को बहुत स्वाभाविक तरीके से समझते हैं। इस बातचीत का एक हल्का और मनोरंजक क्षण तब आया जब सद्गुरु ने मजाकिया अंदाज में अपनी भावनाओं का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन्हें भी कभी कभी अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त करने का मन होता है। इस पर माहौल हल्का हो गया और बातचीत में एक मानवीय और सरल पक्ष सामने आया। यह पूरा संवाद केवल एक सामान्य बातचीत नहीं रह गया बल्कि जीवनशैली, संतुलन और सोच के नजरिए पर एक गहरी चर्चा में बदल गया, जिसे लोग अपने अपने तरीके से समझ और साझा कर रहे हैं।
गणपति बप्पा के दरबार में झुके अनुपम खेर, नई स्क्रिप्ट पढ़कर मांगी अपार सफलता की दुआ..

नई दिल्ली:हिंदी सिनेमा के वरिष्ठ अभिनेता अनुपम खेर इन दिनों थिएटर की दुनिया में फिर से सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं और अपने नए नाटकों के जरिए दर्शकों से सीधा जुड़ाव बना रहे हैं। फिल्मों में लंबा सफर तय करने के बाद उन्होंने एक बार फिर रंगमंच की ओर रुख किया है, जहां वे लगातार नए प्रयोग और प्रस्तुतियों के साथ दर्शकों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। इसी क्रम में अपने आगामी नाटक की तैयारी के बीच वे भगवान गणपति का आशीर्वाद लेने पहुंचे, जहां उन्होंने अपने काम की सफलता के लिए विशेष प्रार्थना की। नाटक के मंचन से पहले अनुपम खेर मुंबई स्थित सिद्धिविनायक मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने श्रद्धा के साथ अपने नए प्रोजेक्ट की स्क्रिप्ट भगवान के सामने प्रस्तुत की। मंदिर परिसर में उन्होंने स्क्रिप्ट की कुछ पंक्तियां पढ़कर सुनाईं और अपने आगामी नाटक की सफलता के लिए आशीर्वाद मांगा। यह क्षण उनके लिए भावनात्मक और आध्यात्मिक रूप से बेहद खास रहा, जिसे उन्होंने अपने प्रशंसकों के साथ भी साझा किया। अनुपम खेर का थिएटर से जुड़ाव उनके करियर की शुरुआती दिनों से रहा है। अब एक लंबे अंतराल के बाद उन्होंने फिर से रंगमंच पर वापसी की है और लगातार नए नाटकों के जरिए अपनी कला को नई दिशा दे रहे हैं। उनका हालिया हिंदी म्यूजिकल नाटक जाने पहचाने अनजाने दर्शकों के बीच काफी सराहा जा रहा है, जिसमें आधुनिक रिश्तों की जटिलता और भावनात्मक दूरी को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है। इस नाटक की खास बात इसका संगीत और प्रस्तुति शैली है, जिसमें जाने-माने संगीतकारों और गायकों का योगदान रहा है। संगीत के जरिए कहानी को जीवंत बनाने की कोशिश की गई है, जिससे दर्शकों को एक अलग अनुभव मिलता है। अनुपम खेर ने इस प्रोजेक्ट में न केवल अभिनय किया है बल्कि इसके निर्माण और प्रस्तुति में भी सक्रिय भूमिका निभाई है। उनके इस नए प्रयास के पीछे एक स्पष्ट सोच नजर आती है कि वे थिएटर के माध्यम से ऐसे विषयों को सामने लाना चाहते हैं, जो आम जिंदगी से जुड़े हों और दर्शकों को भावनात्मक रूप से प्रभावित कर सकें। यही कारण है कि उनके नाटकों में कहानी, संगीत और अभिनय का संतुलन देखने को मिलता है। गौरतलब है कि इस नाटक का नाम भी एक दिलचस्प तरीके से सामने आया था, जिसे उनके करीबी परिवार सदस्य द्वारा सुझाया गया था। इससे यह भी साफ होता है कि उनके रचनात्मक काम में परिवार की भूमिका भी अहम बनी हुई है। अनुपम खेर का यह कदम यह दर्शाता है कि वे अपने काम को केवल पेशा नहीं बल्कि एक साधना के रूप में देखते हैं, जहां आस्था और कला का गहरा संबंध है। थिएटर के प्रति उनका समर्पण और नई शुरुआत के प्रति उनकी ऊर्जा यह संकेत देती है कि आने वाले समय में वे रंगमंच पर और भी प्रभावशाली प्रस्तुतियां लेकर आ सकते हैं।
विवाद के बाद नए अंदाज में लौट रहा टटीरी फिर से, बादशाह के गाने पर फिर टिकी सबकी नजर

नई दिल्ली:पंजाबी गायक बादशाह एक बार फिर अपने गाने टटीरी फिर से को लेकर सुर्खियों में हैं। पहले इस गाने को उसके कुछ विवादित लिरिक्स के कारण हटाना पड़ा था, लेकिन अब इसमें बदलाव के साथ इसे दोबारा रिलीज किया जा रहा है। गाने के नए संस्करण को लेकर दर्शकों में उत्सुकता बढ़ गई है, वहीं इसके सांस्कृतिक और पौराणिक संदर्भ भी चर्चा का विषय बन गए हैं। टटीरी शब्द केवल एक गाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका संबंध भारतीय लोक संस्कृति और परंपराओं से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। टटीरी एक छोटे पक्षी का नाम है, जो खुले मैदान में अंडे देने के लिए जाना जाता है। हरियाणा में इसे शुभता और खुशी का प्रतीक माना जाता है। यही कारण है कि इस पक्षी का जिक्र लोकगीतों और पारंपरिक कहानियों में भी बार बार देखने को मिलता है। इस गाने को लेकर विवाद तब शुरू हुआ जब इसके कुछ शब्दों को लेकर आपत्ति जताई गई। इसके बाद गाने को हटा दिया गया और उसमें आवश्यक बदलाव करने का निर्णय लिया गया। अब जब यह गाना नए रूप में सामने आ रहा है, तो यह केवल एक संगीत रिलीज नहीं बल्कि एक सांस्कृतिक चर्चा का केंद्र भी बन गया है। टटीरी का उल्लेख महाभारत काल से भी जोड़ा जाता है, जो इस पूरे विषय को और अधिक दिलचस्प बना देता है। एक प्रसिद्ध कथा के अनुसार, महाभारत युद्ध शुरू होने से पहले इस पक्षी ने युद्धभूमि में अंडे दिए थे। इस दृश्य को देखकर पांडव चिंतित हो गए थे। तब अर्जुन ने उन अंडों की रक्षा करने का संकल्प लिया और अपना धनुष उनके पास रख दिया। युद्ध के दौरान भीषण विनाश हुआ, लेकिन कथा के अनुसार भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से टटीरी के अंडे सुरक्षित रहे। युद्ध समाप्त होने के बाद जब अर्जुन ने धनुष हटाया तो अंडे सुरक्षित पाए गए। यह प्रसंग इस बात को दर्शाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी ईश्वर अपने भक्तों और निर्दोष प्राणियों की रक्षा करते हैं। हरियाणा की लोक परंपराओं में टटीरी का विशेष महत्व है। इसे केवल एक पक्षी नहीं बल्कि भावनाओं के प्रतीक के रूप में देखा जाता है। कई लोकगीतों में टटीरी के माध्यम से महिलाओं की भावनाओं और इच्छाओं को अभिव्यक्त किया गया है, जिन्हें वे खुले रूप से व्यक्त नहीं कर पातीं। यही कारण है कि टटीरी से जुड़े गीत लोगों के बीच भावनात्मक जुड़ाव पैदा करते हैं। बादशाह का यह गाना अब एक नए रूप में सामने आ रहा है, जिसमें मनोरंजन के साथ साथ सांस्कृतिक और पौराणिक संदर्भ भी जुड़ गए हैं। ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि दर्शक इसे किस तरह से स्वीकार करते हैं और क्या यह पहले की तरह ही चर्चा का विषय बनता है।
गांधी और हेडगेवार के विचारों का टकराव बनेगा फिल्म का मुख्य आकर्षण..

नई दिल्ली भारतीय सिनेमा में एक बार फिर इतिहास और विचारधाराओं के जटिल पहलुओं को बड़े पर्दे पर उतारने की कोशिश की जा रही है। अभिनेता संजय दत्त अपनी नई फिल्म आखिरी सवाल के जरिए उन मुद्दों को उठाने जा रहे हैं, जिन पर अक्सर सार्वजनिक मंचों पर खुलकर चर्चा नहीं हो पाती। यह फिल्म अपने विषय और प्रस्तुति के कारण रिलीज से पहले ही चर्चा के केंद्र में आ गई है और दर्शकों के बीच खास उत्सुकता पैदा कर रही है। हाल ही में फिल्म का दूसरा टीजर सामने आया है, जिसमें 1934 में महात्मा गांधी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संस्थापक डॉ केशव बलिराम हेडगेवार के बीच हुई एक महत्वपूर्ण बातचीत को दर्शाने का प्रयास किया गया है। यह ऐतिहासिक संवाद लंबे समय से बहस और विश्लेषण का विषय रहा है, जिसे अब सिनेमाई रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। टीजर में उस दौर के वैचारिक टकराव और संवाद की गंभीरता को प्रभावशाली ढंग से दिखाया गया है, जिससे फिल्म के प्रति दर्शकों की जिज्ञासा और बढ़ गई है। फिल्म में गांधी जी को सामाजिक कुरीतियों विशेषकर जातिवाद को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए दिखाया गया है। वहीं दूसरी ओर हेडगेवार के किरदार को दृढ़ता और आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत किया गया है, जो अपने संगठन की विचारधारा और संरचना का पक्ष रखते नजर आते हैं। यह टकराव केवल दो व्यक्तियों के विचारों का नहीं, बल्कि उस समय के व्यापक सामाजिक और वैचारिक संघर्ष का प्रतीक बनकर सामने आता है । इस कहानी के माध्यम से उस ऐतिहासिक दौर की जटिलताओं को समझने की कोशिश की गई है, जब देश स्वतंत्रता आंदोलन के साथ-साथ सामाजिक सुधारों की दिशा में भी संघर्ष कर रहा था। फिल्म में यह भी संकेत मिलता है कि जहां गांधी जी कुछ पहलुओं से प्रभावित थे, वहीं कई मुद्दों पर उनकी असहमति भी बनी रही। यही द्वंद्व इस कथा को और अधिक गहराई प्रदान करता है और दर्शकों को सोचने के लिए प्रेरित करता है। फिल्म का परिवेश वर्धा क्षेत्र के आसपास रचा गया है, जहां उस समय कई महत्वपूर्ण वैचारिक गतिविधियां होती थीं। इस पृष्ठभूमि को ध्यान में रखते हुए फिल्म में घटनाओं को ऐतिहासिक संदर्भ के साथ जोड़ने का प्रयास किया गया है, ताकि दर्शक उस समय के सामाजिक माहौल को बेहतर तरीके से समझ सकें। संजय दत्त इस फिल्म में एक ऐसे किरदार में नजर आएंगे जो सवाल पूछने और जवाब तलाशने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाता है। इससे पहले भी जारी किए गए टीजर में कई संवेदनशील और विवादित विषयों की झलक दिखाई गई थी, जिससे यह स्पष्ट हो गया था कि फिल्म केवल मनोरंजन नहीं बल्कि विचार-विमर्श का माध्यम बनने जा रही है। फिल्म 15 मई को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है और इसके ट्रेलर का इंतजार तेजी से बढ़ रहा है। विषय की गंभीरता और प्रस्तुति की शैली को देखते हुए यह फिल्म दर्शकों को एक अलग तरह का अनुभव देने की क्षमता रखती है और सामाजिक व ऐतिहासिक विमर्श को नई दिशा देने की संभावना भी जगाती है।
पंजाब किंग्स के शानदार प्रदर्शन के बीच सलमान खान का संदेश बना चर्चा का केंद्र, सोशल मीडिया पर छिड़ी मजेदार बहस

नई दिल्ली: इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के रोमांचक सीजन के बीच एक दिलचस्प मामला सामने आया है, जहां बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा। मामला तब शुरू हुआ जब उन्होंने पंजाब किंग्स के शानदार प्रदर्शन पर टीम की सह मालिक प्रीति जिंटा को बधाई दी। उनका यह संदेश तेजी से वायरल हो गया और देखते ही देखते यह चर्चा का विषय बन गया। हालांकि शुरुआत में इसे एक सामान्य बधाई संदेश के रूप में देखा गया, लेकिन बाद में यह यूजर्स के मजाक और मीम्स का कारण बन गया। इस सीजन में पंजाब किंग्स का प्रदर्शन काफी प्रभावशाली रहा है। टीम ने लगातार बेहतर खेल दिखाते हुए अंक तालिका में अपनी मजबूत स्थिति बनाई है। ऐसे में फिल्म जगत से भी टीम को समर्थन मिलना स्वाभाविक था। सलमान खान ने भी इसी क्रम में प्रीति जिंटा के लिए एक छोटा सा संदेश साझा किया, जिसमें उन्होंने टीम के प्रदर्शन की सराहना की। उनका यह संदेश सामान्य था, लेकिन डिजिटल दुनिया में हर बात का अलग ही अर्थ निकाल लिया जाता है। यूजर्स ने सलमान खान के इस संदेश को उनके पुराने बयान से जोड़ते हुए मजाक बनाना शुरू कर दिया। कई लोगों ने उनके एक पुराने पोस्ट की याद दिलाई, जिसमें उन्होंने सालों पहले टीम के प्रदर्शन को लेकर सवाल किया था। इसी संदर्भ में यूजर्स ने इसे एक तरह का सीक्वल बताते हुए व्यंग्यात्मक प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ ने इसे समय के अंतर से जोड़कर हास्य पैदा किया तो कुछ ने अभिनेता की स्मरण शक्ति पर चुटकी ली। मीम्स और मजेदार टिप्पणियों की बाढ़ के बीच यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया। कई यूजर्स ने रचनात्मक अंदाज में इस पूरे घटनाक्रम को पेश किया, जिससे यह एक मनोरंजक बहस में बदल गया। कुछ प्रतिक्रियाएं हल्की फुल्की थीं, जबकि कुछ में तंज भी शामिल था। इस तरह की प्रतिक्रियाएं यह दर्शाती हैं कि आज के डिजिटल दौर में सार्वजनिक हस्तियों के हर बयान को किस तरह अलग अलग नजरिए से देखा जाता है। ट्रोलिंग का यह सिलसिला नया नहीं है, खासकर तब जब कोई बड़ा नाम किसी लोकप्रिय विषय से जुड़ता है। क्रिकेट और सिनेमा दोनों ही भारत में अत्यधिक लोकप्रिय हैं और जब ये दोनों क्षेत्र एक साथ आते हैं तो प्रतिक्रिया और भी तीव्र हो जाती है। सलमान खान का यह मामला भी इसी का उदाहरण है, जहां एक साधारण बधाई संदेश ने व्यापक चर्चा का रूप ले लिया। यह घटनाक्रम यह भी दर्शाता है कि सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोगों के लिए हर शब्द और हर प्रतिक्रिया कितनी महत्वपूर्ण होती है। दर्शकों की अपेक्षाएं और उनकी प्रतिक्रियाएं अक्सर अप्रत्याशित होती हैं, जो किसी भी सामान्य स्थिति को भी असाधारण बना सकती हैं।
वरुण धवन की फिल्म में रिश्तों और हास्य का अनोखा मिश्रण, मृणाल और पूजा हेगड़े ने बढ़ाया आकर्षण

नई दिल्ली:वरुण धवन, मृणाल ठाकुर और पूजा हेगड़े की मुख्य भूमिकाओं वाली फिल्म है जवानी तो इश्क होना है का पहला लुक सामने आते ही मनोरंजन जगत में चर्चा तेज हो गई है। इस फिल्म में पारिवारिक कॉमेडी और उलझे रिश्तों की कहानी को आधुनिक अंदाज में पेश करने की कोशिश की गई है। पहले लुक से यह संकेत मिलता है कि फिल्म का फोकस हल्के-फुल्के हास्य, गलतफहमियों और रिश्तों के बीच पैदा होने वाली स्थितियों पर आधारित है, जो दर्शकों को हंसाने के साथ-साथ मनोरंजन देने का दावा करती है। फिल्म में वरुण धवन का किरदार दो अलग-अलग परिस्थितियों में दिखाई देता है, जहां उनका जीवन दो अलग दिशाओं में चलता हुआ नजर आता है। मृणाल ठाकुर और पूजा हेगड़े के किरदार कहानी में अहम भूमिका निभाते हैं और दोनों के साथ जुड़ी स्थितियां फिल्म में कॉमेडी और ड्रामा का मिश्रण पैदा करती हैं। पहले लुक में कहानी का जो स्वरूप सामने आया है, उससे यह साफ है कि फिल्म पारिवारिक उलझनों और रिश्तों की जटिलताओं को हास्य के माध्यम से पेश करेगी। फिल्म के एक हिस्से में आधुनिक तकनीक के उपयोग से बनाए गए बच्चों के दृश्य भी दिखाए गए हैं, जो कहानी को एक नया और अलग अंदाज देने की कोशिश करते हैं। यह तत्व फिल्म को पारंपरिक कॉमेडी से थोड़ा अलग और तकनीक से जुड़ा हुआ बनाने का प्रयास माना जा रहा है। हालांकि इस प्रस्तुति को लेकर दर्शकों के बीच मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है, क्योंकि कुछ लोग इसे नया प्रयोग मान रहे हैं तो कुछ इसे पुरानी शैली की पुनरावृत्ति कह रहे हैं। इस फिल्म का निर्देशन डेविड धवन कर रहे हैं, जो लंबे समय से पारिवारिक कॉमेडी फिल्मों के लिए जाने जाते हैं। उनके निर्देशन की शैली हमेशा से हल्के हास्य, पारिवारिक स्थितियों और मनोरंजक घटनाओं पर आधारित रही है। इस वजह से इस नई फिल्म से भी दर्शकों को उसी तरह की उम्मीदें हैं, लेकिन बदलते समय में दर्शकों की पसंद और अपेक्षाएं काफी बदल चुकी हैं, जिससे फिल्म के सामने एक नई चुनौती भी खड़ी हो गई है। वरुण धवन को लेकर सबसे बड़ी चर्चा यह है कि क्या वह अपने किरदार के जरिए दर्शकों पर वही प्रभाव छोड़ पाएंगे जो कभी पुरानी कॉमेडी फिल्मों के दिग्गज कलाकारों ने छोड़ा था। सोशल मीडिया और दर्शकों के बीच फिल्म की तुलना पहले की सफल कॉमेडी फिल्मों से की जा रही है, जिससे इसकी उम्मीदें और दबाव दोनों बढ़ गए हैं। कुल मिलाकर यह फिल्म एक पारिवारिक मनोरंजन का वादा करती है, जिसमें हास्य, भावनाएं और रिश्तों की उलझनें एक साथ देखने को मिल सकती हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि यह फिल्म दर्शकों की उम्मीदों पर कितनी खरी उतरती है और क्या यह नई पीढ़ी के लिए भी उसी तरह का मनोरंजन पेश कर पाती है जैसा पहले के दौर की कॉमेडी फिल्मों में देखने को मिलता था।
Dacoit की बॉक्स ऑफिस पर सुस्त चाल, नहीं पकड़ पा रही रफ्तार

नई दिल्ली। ‘मृणाल ठाकुर’ (Mrunal Thakur) और अदिवि शेष (Adivi Sesh) की फिल्म फिल्म ‘डकैत’ (Dacoit) इस समय सुर्खियों में है। अब तक फिल्म को रिलीज हुए 4 दिन हो गए हैं लेकिन फिल्म कुछ खास कमाल नहीं दिखा पा रही है। 10 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज हुई। इस फिल्म को मिले-जुले रिव्यू थे, लेकिन इसके बावजूद इसने अपने पहले दिन अच्छी कमाई की थी। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर ठीक-ठाक शुरुआत की है और अब इसके तीसरे दिन का कलेक्शन क्या है चलिए उसके बारे में बताते हैं। चार दिन में फिल्म का ये रहा कलेक्शनSacnilk के मुताबिक ‘डकैत’ ने बॉक्स ऑफिस पर पहले दिन 6.55 करोड़ का कलेक्शन किया था. वहीं, फिल्म ने दूसरे दिन 6.85 करोड़ का कलेक्शन किया और तीसरे दिन 6.40 करोड़ की कमाई की थीं। वहीं अब चौथे दिन का भी कलेक्शन सामने आ गया है फिल्म ने चौथे दिन 2.70 करोड़ का कलेक्शन किया है। देखा जाए तो फिल्म बिल्कुल भी रफ्तार में नहीं है फिल्म का कलेक्शन दिन पर दिन कम होते ही जा रहा है। बजट से बहुत दूर है डकैतआपको बता दें की इस फिल्म का बजट रिपोर्ट्स के मुताबिक 70-80 करोड़ रुपये का माना जा रहा है। लेकिन फिल्म अब तक अपना बजट निकलने में संघर्ष क्र रही है।अब तक फिल्म ने कुछ खास कमाल नहीं दिखाया हैं। मतलब कि फिल्म अपने पहले वीकेंड में बजट का आधा भी नहीं कमा सकी है। अब लोग आने वाले वीकेंड का ही इंतजार कर रहे हैं। डकैत की कहानीशेनिल देव पहली बार निर्देशन कर रहे उनके द्वारा निर्देशित इस फिल्म में आदिवी शेष एक इंस्पेक्टर की भूमिका में हैं। कहानी दो पुराने प्रेमियों के इर्द-गिर्द घूमती है, जिन्हें मिलकर कई चोरियां करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। इसमें ये दिखाया गया है कि उनकी जिंदगी में बार बार कैसे बदलाव आते है। इस फिल्म में प्रकाश राज और अनुराग कश्यप भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। सुप्रिया यारलागड्डा द्वारा प्रोड्यूस की गई फिल्म ‘डकैत’ को सुनील नारंग ने को-प्रेजेंट किया है और अन्नपूर्णा स्टूडियोज ने इसे प्रेजेंट किया है।