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अक्षय कुमार की 'भूत बंगला' का ट्रेलर देख फैंस निराश, पुराने डायलॉग्स और VFX को लेकर हुई आलोचना

नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार की अपकमिंग हॉरर-कॉमेडी फिल्म ‘भूत बंगला’ का ट्रेलर 6 अप्रैल को रिलीज़ हो गया। फिल्म को लेकर दर्शकों में काफी उत्सुकता थी, लेकिन ट्रेलर देखने के बाद कुछ फैंस निराश नजर आए। फैंस का रिएक्शन: पुराने डायलॉग्स और कॉमेडीट्रेलर में जहां कई लोग अक्षय के कमेडी अंदाज का आनंद ले रहे थे, वहीं कुछ ने पुराने जोक्स और डायलॉग्स के दोहराव की आलोचना की। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने लिखा कि ट्रेलर भूल भुलैया जैसी फिल्मों का रीमिक्स लगता है और मेकर्स को कुछ नया और ओरिजिनल बनाने की जरूरत है। एक यूजर ने लिखा, “कुछ तो ओरिजिनल बनाओ, वही भूल भुलैया वाले डायलॉग्स – ‘बहन डर गई बहन डर गई’, ‘हम कोई मंदिर का घंटा हैं’।“ दूसरे ने ट्रेलर पर टिप्पणी की, “क्या यह फिल्म है या मीम टेम्पलेट?” VFX पर भी मिली शिकायतट्रेलर के VFX को लेकर भी दर्शकों ने नाराजगी जताई। एक यूजर ने लिखा, “VFX में सुधार की जरूरत है। कॉमेडी ठीक थी, लेकिन विजुअल इफेक्ट्स निराशाजनक हैं।” एक अन्य ने कहा, “फिल्म का ट्रेलर निराशाजनक लगा… खराब VFX, बेदम जोक्स और दोहराए गए डायलॉग्स।” ट्रेलर की कहानीट्रेलर में दिखाया गया है कि अक्षय एक ऐसे बंगले के वारिस बनते हैं, जिसके पीछे ‘पिशाच वन’ नामक जंगल है। यहां कई खतरनाक भूत रहते हैं। परेश रावल अक्षय को बंगले में खतरों के बारे में चेतावनी देते हैं, लेकिन अक्षय शादी के लिए बंगले में जाने का फैसला कर लेते हैं। ट्रेलर के अंत में अक्षय अनजाने में बुरी शक्ति ‘वधुसुर’ को उसकी नींद से जगा देते हैं।रिलीज डेट और पेड प्रीव्यूपहले 10 अप्रैल को रिलीज़ होने वाली ‘भूत बंगला’ अब 17 अप्रैल को सिनेमाघरों में दस्तक देगी। पेड प्रीव्यू 16 अप्रैल को रात 9 बजे से शुरू होंगे। मेकर्स ने रिलीज़ को पोस्टपोन करने का कारण ‘धुरंधर 2’ की रिलीज़ को बताया है।

BABY SHOWER : Divyanka Tripathi के बेबी शॉवर में नजर आए कई सेलेब्स, पति विवेक दहिया ने किया डांस

  BABY SHOWER : नई दिल्ली। एक्ट्रेस दिव्यांका त्रिपाठी (Divyanka Tripathi) जल्दी ही मां बनने वाली हैं। जब से उन्होंने इस खुशखबरी को अपने फैंस के साथ शेयर किया हैं हर किसी की नजर पर उन पर ही टिकी हुई है। कुछ दिन पहले ही उन्होंने ये खुशखबरी फैंस के साथ शेयर की है। अब हाल ही में उनका बेबी शावर हुआ है। जिसकी फोटोज भी उनके दोस्तों ने शेयर की हैं।इस बेबी शावर में दिव्यांका बेहद प्यारी लग रही थीं। तो वहीं टीवी इंडस्ट्री के कई बड़े नाम भी इस बेबी शावर पार्टी में शामिल होने पहुंचे थे। दिव्यंका त्रिपाठी का बेबी शावर बेबी शावर के दौरान दिव्यंका विवेक दहिया की कई सारी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है दिव्यंका ने भी अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर इन तस्वीरों को शेयर किया है। अपने बेबी शावर में दिव्यांका ने व्हाइट कलर का फ्लोई गाउन पहना था जिसमें वो बेहद प्यारी लग रही थीं। इस गाउन के साथ एक्ट्रेस ने बालों को हाफ पिन-अप किया, नीचे के बालों को सॉफ्ट कर्ल्स रखा तो वहीं ज्वेलरी में केवल बड़े सिल्वर ईयरिंग्स पहने थे। बेबी शावर में डांस का धमाल रिपोर्ट्स और तस्वीरों के अनुसार यह पता चल रहा है कि इस फंक्शन में कई सारे गेम्स भी हुए हैं।इसके कुछ वीडियोज दिव्यांका के दोस्तों ने शेयर किए हैं।इसमें से एक गेम में पतियों के हाथ बांध दिए गए और पत्नियों को बॉल पीछे फेंकना थी। इस गेम को धीरज धूपर और विन्नी अरोड़ा धूपर ने जीता, इसका वीडियो भी इन दोनों ने ही शेयर भी किया है। इसके अलावा इस फंक्शन में होने वाले पापा यानी विवेक दहिया (Vivek Dahiya) ने जमकर डांस भी किया है। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है उनके साथ दिव्यंका भी डांस करती नजर आईं। 10 साल पहले हुई थी शादी बता दें कि, दिव्यांका और विवेक शादी के करीब 10 साल बाद पैरेंट्स बनने जा रहे हैं। इन दोनों की शादी जुलाई 2016 में भोपाल से हुई थी। दोनों की मुलाकात भी ‘ये हैं मोहब्बतें’ के सेट पर हुई थी।यहीं से इन दोनों का प्यार परवान चढ़ा और दोनों शादी के बंधन में बंध गए। अब जल्दी ही दोनों पैरेंट्स बनने वाले हैं।

‘धुरंधर 2’ की सफलता पर ‘यालीना’ का सलाम! पर्दे के पीछे के असली हीरोज को दिया सम्मान

नई दिल्ली। अभिनेत्री सारा अर्जुन ने अपनी हालिया रिलीज फिल्म ‘धुरंधर 2’ की सफलता का श्रेय पर्दे के पीछे काम करने वाली पूरी टीम को देते हुए सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट किया है। उन्होंने लिखा कि फिल्म की भव्यता और सफलता सिर्फ कलाकारों की नहीं, बल्कि उन अनगिनत लोगों की मेहनत का नतीजा है जो फ्रेम के बाहर रहकर दिन-रात मेहनत करते हैं। सारा अर्जुन ने पोस्ट में बताया कि जब वह पहली बार निर्देशक आदित्य धर से मिलीं, तो उनकी आंखों में सिनेमा के लिए कुछ खास करने की चमक साफ नजर आ रही थी। उन्होंने कहा कि फिल्म के हर कदम पर यह एहसास मजबूत होता गया, लेकिन फिल्म पूरी होने के बाद जब उन्होंने पीछे मुड़कर देखा, तो उन्हें फ्रेम के बाहर खड़े उन लोगों की पूरी फौज नजर आई, जिन्होंने इस बड़े सपने को हकीकत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह पोस्ट खासतौर पर ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर 2’ के उन गुमनाम नायकों को समर्पित है, जिनका योगदान अक्सर पर्दे के पीछे ही रह जाता है। सारा ने सबसे पहले निर्देशक आदित्य धर और उनकी पूरी डायरेक्शन टीम को धन्यवाद दिया। उन्होंने उन्हें जहाज का कप्तान बताया और कहा कि उन्होंने इस फिल्म को पर्दे पर उतारने के लिए दिन-रात एक कर दिया। प्रोड्यूसर्स लोकेश धर, ज्योति मैम, जियो स्टूडियोज और बी62 स्टूडियोज की टीम का भी उन्होंने विशेष रूप से आभार जताया। सारा ने लिखा कि इन लोगों ने तमाम मुश्किलों का सामना करते हुए फिल्म को पूरा किया। यालीना फेम सारा ने डायरेक्टर ऑफ फोटोग्राफी और कैमरा टीम की तारीफ की, जिन्होंने हर फ्रेम में फिल्म की भव्यता और आत्मा को कैद किया। कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा और उनकी टीम को धन्यवाद देते हुए सारा ने कहा कि उन्होंने सिर्फ सही चेहरे नहीं, बल्कि किरदारों की खासियत को चुनकर पर्दे पर पेश किया। कॉस्ट्यूम डिजाइनर स्मृति चौहान, मेकअप डिजाइनर प्रीति शील और उनकी टीमों को भी उन्होंने याद किया। सारा ने लिखा कि इन्होंने कपड़ों में इतिहास बुना और अभिनेताओं के साथ शानदार कहानियां उकेरीं। उन्होंने लिखा, “एक्टर्स को पोस्टर पर चेहरा बनने का मौका मिलता है, लेकिन आप ही सिनेमा की रीढ़ हैं।” संगीतकार और पूरी म्यूजिक टीम को धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा कि इन्होंने फिल्म में जान फूंक दी। एडिटर शिवकुमार पणिक्कर, वीएफएक्स टीम और ओजस गौतम की मेहनत की भी उन्होंने सराहना की। प्रोडक्शन डिजाइन टीम, सेफ्टी और स्टंट क्रू, लाइटिंग, साउंड और स्पॉट टीम को भी सारा ने याद किया। उन्होंने कहा कि ये लोग सेट पर सबसे पहले पहुंचते थे और सबसे आखिर में निकलते थे। अंत में सारा अर्जुन ने उन सभी अनगिनत लोगों को धन्यवाद दिया, जिनके नाम पोस्ट में नहीं मेंशन किए गए, लेकिन जिनकी मेहनत बिना यह फिल्म संभव नहीं थी।

ट्रंप के बयानों पर बहस तेज! राम गोपाल वर्मा ने जताई चिंता, एआई का जिक्र

नई दिल्ली। फिल्म निर्माता-निर्देशक राम गोपाल वर्मा एक बार फिर अपने बेबाक अंदाज को लेकर चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर किए गए अपने ताजा पोस्ट में उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लगातार बदलते बयानों पर सवाल उठाए हैं। वर्मा ने चिंता जताई कि ट्रंप की विदेश नीति और सार्वजनिक बयान इतने तेजी से बदल रहे हैं कि यह समझना मुश्किल हो रहा है कि इनके पीछे पारंपरिक सलाह है या कोई और सिस्टम काम कर रहा है। विरोधाभासी बयानों पर उठे सवालराम गोपाल वर्मा ने अपने पोस्ट में ट्रंप के बयानों में दिख रहे विरोधाभासों को रेखांकित किया। उन्होंने लिखा कि एक ओर ट्रंप कहते हैं कि “बड़ी लड़ाई खत्म हो गई है”, तो दूसरी ओर कुछ ही समय बाद “छोटी कार्रवाई जारी है” जैसी बातें करते हैं। कभी वे ईरान को सख्त चेतावनी देते नजर आते हैं, तो कभी अचानक बातचीत और समाधान की बात करने लगते हैं। इन तेजी से बदलते रुखों ने वर्मा को सोचने पर मजबूर किया कि आखिर इतने कम समय में इतनी अलग-अलग सूचनाएं कैसे आ रही हैं। क्या आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस है वजह?वर्मा ने सवाल उठाया कि क्या ट्रंप के फैसलों के पीछे Artificial Intelligence का प्रभाव हो सकता है। उनके मुताबिक, पारंपरिक सरकारी ब्रीफिंग, सैटेलाइट डेटा या कैबिनेट मीटिंग्स इतनी तेजी से निर्णय बदलने में सक्षम नहीं होतीं। इसके विपरीत, एआई रियल-टाइम डेटा का विश्लेषण कर तुरंत कई संभावित परिदृश्य (what-if scenarios) तैयार कर सकता है—जैसे युद्ध की स्थिति, तेल की कीमतें, वैश्विक प्रतिक्रिया और जनमत। एआई की ताकत और खतरे दोनोंराम गोपाल वर्मा ने कहा कि एआई बिना भावनाओं के, बिना देरी के और बिना विरोध के काम करता है, जिससे यह उपयोगकर्ता की सोच के अनुरूप कई विकल्प दे सकता है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर कोई व्यक्ति इन विकल्पों को सही तरीके से न समझे या जल्दबाजी में निर्णय ले, तो वह भ्रमित हो सकता है। यानी एआई जितना शक्तिशाली है, उतना ही सावधानी से इस्तेमाल करने की जरूरत भी है। सार्वजनिक भाषा पर भी जताई चिंताअपने पोस्ट के अंत में वर्मा ने एक सामाजिक मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि जब माता-पिता और शिक्षक बच्चों को शिष्ट भाषा सिखाने की कोशिश करते हैं, तो सार्वजनिक जीवन में उच्च पदों पर बैठे लोगों को भी जिम्मेदारी दिखानी चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि अगर विश्व के बड़े नेता ही अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करें, तो समाज पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा।  बहस का नया मुद्दाराम गोपाल वर्मा का यह बयान एक नई बहस को जन्म देता है—क्या आधुनिक राजनीति में एआई की भूमिका बढ़ रही है? और अगर हां, तो इसका उपयोग किस सीमा तक और किस जिम्मेदारी के साथ होना चाहिए?

ओटीटी पर इस हफ्ते एंटरटेनमेंट का महाब्लास्ट क्राइम रोमांस और कॉमेडी का तगड़ा डोज तैयार

नई दिल्ली । ओटीटी प्लेटफॉर्म पर हर हफ्ते नए कंटेंट की भरमार रहती है लेकिन इस बार का हफ्ता खास तौर पर हिंदी दर्शकों के लिए बेहद दिलचस्प साबित होने वाला है। क्राइम रोमांस थ्रिलर और कॉमेडी से भरपूर कई बड़ी फिल्में और वेब सीरीज इस हफ्ते रिलीज हो रही हैं जो दर्शकों को घर बैठे शानदार एंटरटेनमेंट देने के लिए तैयार हैं। अगर आप भी कुछ नया और मजेदार देखने की तलाश में हैं तो यह लिस्ट आपके लिए परफेक्ट गाइड बन सकती है। इस हफ्ते की सबसे चर्चित रिलीज ओ रोमियो है जिसमें शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी की फ्रेश जोड़ी देखने को मिलेगी। यह फिल्म रोमांस और अंडरवर्ल्ड के खतरनाक खेल को एक साथ जोड़ती है। कहानी प्यार और अपराध के बीच फंसी एक ऐसी दुनिया को दिखाती है जहां हर फैसला जिंदगी बदल सकता है। शाहिद कपूर का इंटेंस अंदाज और तृप्ति डिमरी की मौजूदगी फिल्म को खास बनाती है। यह फिल्म 10 अप्रैल से ओटीटी पर स्ट्रीम होगी और उन दर्शकों के लिए खास है जो इमोशनल ड्रामा के साथ थ्रिल पसंद करते हैं। इसके अलावा तू या मैं भी इस हफ्ते की एक अनोखी फिल्म है जो सर्वाइवल थ्रिलर और रोमांस का अलग मिश्रण पेश करती है। कहानी एक अमीर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और एक छोटे शहर के रैपर के इर्द गिर्द घूमती है जो एक वीडियो प्रोजेक्ट के दौरान करीब आते हैं। उनकी जिंदगी में अचानक मोड़ तब आता है जब वे गोवा में एक खतरनाक स्थिति में फंस जाते हैं जहां उन्हें अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष करना पड़ता है। यह फिल्म रिश्तों और हालातों की परीक्षा को बेहद अलग अंदाज में दिखाती है। वेब सीरीज के शौकीनों के लिए द बॉयज का नया सीजन भी इस हफ्ते आ रहा है जो अपने डार्क और सटायर भरे अंदाज के लिए दुनियाभर में मशहूर है। इस बार कहानी और भी ज्यादा तीखी और टकराव से भरी होने वाली है जहां अच्छाई और बुराई की रेखा और धुंधली नजर आएगी। इसके अलावा साइंस फिक्शन पसंद करने वालों के लिए स्टार वार्स मॉल शैडो लॉर्ड एक शानदार विकल्प है जो एक लोकप्रिय किरदार की नई कहानी को सामने लाता है। कॉमेडी और फैमिली ड्रामा पसंद करने वालों के लिए द बिग मिस्टेक एक हल्की फुल्की लेकिन दिलचस्प कहानी लेकर आई है जिसमें गलतियों से पैदा हुए हालात दर्शकों को हंसाने के साथ सोचने पर भी मजबूर करते हैं। वहीं क्राइम ड्रामा पसंद करने वालों के लिए कप्तान एक दमदार वेब सीरीज है जो एक सख्त पुलिस अधिकारी की कहानी को दिखाती है जो अपराध के खिलाफ अपनी जंग में किसी भी हद तक जाने को तैयार है। इसके साथ ही मामला लीगल है का नया सीजन भी दर्शकों को कोर्टरूम ड्रामा के एक नए अंदाज से रूबरू कराएगा जहां एक वकील के जज बनने के बाद की चुनौतियां और दिलचस्प स्थितियां कहानी को और ज्यादा मजेदार बनाती हैं। कुल मिलाकर यह हफ्ता ओटीटी दर्शकों के लिए हर तरह का कंटेंट लेकर आया है चाहे आप रोमांस के मूड में हों या थ्रिलर के या फिर हल्की फुल्की कॉमेडी देखना चाहते हों आपको हर जॉनर में कुछ न कुछ नया और दिलचस्प जरूर मिलेगा।

रामायण से आगे निकली महाभारत जब 99.6 प्रतिशत टीआरपी ने दुनिया को चौंका दिया

नई दिल्ली । दूरदर्शन के स्वर्णिम दौर की बात जब भी होती है तो दो धारावाहिक सबसे पहले याद आते हैं रामायण और महाभारत। इन दोनों शोज ने भारतीय टेलीविजन के इतिहास को नई दिशा दी और दर्शकों के दिलों में गहरी जगह बनाई। हालांकि लोकप्रियता के मामले में दोनों ही धारावाहिक बेहद सफल रहे लेकिन टीआरपी के आंकड़ों में महाभारत ने एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया जिसने उसे इतिहास के पन्नों में अमर कर दिया। महाभारत का प्रसारण 1988 से 1990 के बीच हुआ और इस दौरान यह शो घर घर में देखा जाने लगा। रविवार की सुबह सड़कों पर सन्नाटा छा जाता था और लोग अपने टीवी सेट के सामने बैठ जाते थे। इस धारावाहिक की भव्यता इसकी सबसे बड़ी ताकत थी। सेट डिजाइन संवाद अदायगी और किरदारों की गहराई ने इसे सिर्फ एक धार्मिक शो नहीं बल्कि एक भावनात्मक अनुभव बना दिया। युधिष्ठिर का किरदार निभाने वाले गजेंद्र चौहान ने एक इंटरव्यू में बताया था कि महाभारत की लोकप्रियता का अंदाजा उसकी टीआरपी से लगाया जा सकता है। उनके अनुसार जहां रामायण के पहले एपिसोड को लगभग 34 प्रतिशत और अंतिम एपिसोड को 78 प्रतिशत दर्शकों ने देखा वहीं महाभारत ने शुरुआत से ही रिकॉर्ड बनाना शुरू कर दिया था। महाभारत के पहले एपिसोड की टीआरपी लगभग 79 प्रतिशत रही और इसके अंतिम एपिसोड ने तो इतिहास ही रच दिया जब यह आंकड़ा 99.6 प्रतिशत तक पहुंच गया। यही वह उपलब्धि थी जिसने महाभारत को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में जगह दिलाई। उस समय दुनिया भर में इतने बड़े स्तर पर कोई भी टीवी शो इतनी बड़ी दर्शक संख्या हासिल नहीं कर पाया था। इससे पहले कुछ विदेशी शोज की टीआरपी 80 प्रतिशत के आसपास रही थी लेकिन महाभारत ने उन्हें भी पीछे छोड़ दिया। इस सफलता के पीछे केवल आंकड़े ही नहीं बल्कि पूरी टीम की मेहनत थी। कलाकारों ने अपने किरदारों को इतने जीवंत तरीके से निभाया कि दर्शक उनसे खुद को जोड़ने लगे। चाहे भीष्म की गंभीरता हो कृष्ण की नीति हो या द्रौपदी का साहस हर किरदार ने दर्शकों के दिल पर गहरा असर छोड़ा। यही वजह रही कि यह शो सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि एक सांस्कृतिक अनुभव बन गया। महाभारत की लोकप्रियता का असर आज भी देखा जा सकता है। इसकी कहानी इसके संवाद और इसके पात्र आज भी लोगों की यादों में ताजा हैं। आधुनिक दौर में भले ही तकनीक और प्रस्तुति बदल गई हो लेकिन उस दौर की सादगी और प्रभाव आज भी बेमिसाल मानी जाती है। इस तरह महाभारत ने न केवल भारतीय टेलीविजन में अपनी अलग पहचान बनाई बल्कि पूरी दुनिया में यह साबित कर दिया कि मजबूत कहानी और सच्ची मेहनत के दम पर कोई भी शो इतिहास रच सकता है।

83 की उम्र में Amitabh Bachchan ने जाहिर की चिंता, बोले- एंग्जायटी में जीना है हानिकारक

नई दिल्ली। बॉलीवुड के महानायक Amitabh Bachchan पिछले करीब 6 दशकों से फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय हैं और अपनी जबरदस्त अनुशासन और समय की पाबंदी के लिए जाने जाते हैं। 83 साल की उम्र में भी उनका काम के प्रति समर्पण ऐसा है कि वे आज भी हर दिन काम करना चाहते हैं। हाल ही में अपने ब्लॉग में उन्होंने खुलासा किया कि उनके लिए बिना काम का दिन बिताना काफी असहज और परेशान करने वाला होता है। “खाली दिन लगता है अजीब”अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में लिखा कि जब कोई दिन बिना काम के गुजरता है, तो उन्हें अजीब महसूस होता है। उन्होंने कहा कि रोज़ाना एक तय रूटीन में काम करने की आदत बन जाती है, और जब वह अचानक टूटती है तो पूरा दिन एक “मिस्ट्री” जैसा लगने लगता है। उनके मुताबिक, यह बदलाव मन को अस्थिर कर देता है, क्योंकि वे हमेशा अपने समय का सही उपयोग करने में विश्वास रखते हैं। एंग्जायटी को बताया खतरनाकअपने ब्लॉग में बिग बी ने चिंता (एंग्जायटी) पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि जब चीजें योजना के मुताबिक नहीं चलतीं, तो मन में बेचैनी बढ़ने लगती है। अगर इसे समझा न जाए तो यह मानसिक और शारीरिक रूप से नुकसान पहुंचा सकती है। उन्होंने साफ कहा कि एंग्जायटी में जीना इंसान को कमजोर बना देता है और इससे बचना जरूरी है। हर उम्र में काम जरूरीयह पहला मौका नहीं है जब Amitabh Bachchan ने काम को लेकर अपनी भावनाएं जाहिर की हैं। इससे पहले भी वे कई बार कह चुके हैं कि उम्र चाहे जो भी हो, इंसान को सक्रिय रहना चाहिए। उनके लिए काम सिर्फ प्रोफेशन नहीं बल्कि जीवन जीने का तरीका है। फिल्मों और टीवी में लगातार सक्रियहाल ही में अमिताभ बच्चन को फिल्म Kalki 2898 AD में दमदार भूमिका में देखा गया था, जिसमें उनकी एक्टिंग की काफी तारीफ हुई। अब दर्शक इसके अगले पार्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसके अलावा, उन्होंने टीवी के लोकप्रिय शो Kaun Banega Crorepati के 17वें सीजन को हाल ही में अलविदा कहा है, लेकिन फैंस उन्हें फिर से स्क्रीन पर देखने के लिए उत्साहित हैं। क्यों हैं सबसे अलग?अमिताभ बच्चन की सबसे बड़ी खासियत यही है कि उन्होंने अपने करियर में कभी भी लापरवाही नहीं दिखाई। समय की पाबंदी, काम के प्रति समर्पण और लगातार खुद को सक्रिय रखने की आदत ही उन्हें आज भी बाकी कलाकारों से अलग बनाती है। अमिताभ बच्चन सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि अनुशासन और मेहनत की मिसाल हैं। उनका मानना है कि काम से जुड़ा रहना ही जीवन को संतुलित और सार्थक बनाता है।

Aditya Dhar ने खोला राज! Ranveer Singh और Akshaye Khanna नहीं, ये शख्स है ‘धुरंधर’ की असली आत्मा

  नई दिल्ली। हाल ही में रिलीज हुई फिल्म धुरंधर 2 बॉक्स ऑफिस पर धमाल मचा रही है। फिल्म को दर्शकों से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है और स्टार कास्ट की खूब तारीफ हो रही है। Ranveer Singh, Sanjay Dutt, Rakesh Bedi और Akshaye Khanna जैसे कलाकारों ने अपनी एक्टिंग से फिल्म में जान डाल दी है। लेकिन अब फिल्म के निर्देशक Aditya Dhar ने उस शख्स का खुलासा किया है, जिसे वे इस फिल्म की असली ‘आत्मा’ मानते हैं। किसे बताया ‘धुरंधर’ की आत्मा?आदित्य धर ने अपनी फिल्म के सिनेमैटोग्राफर Vikas Noulakha को ‘धुरंधर’ की आत्मा बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक लंबा पोस्ट लिखकर विकास की जमकर तारीफ की और कहा कि फिल्म के पीछे जो नजर, सोच और आत्मा है, वह विकास ही हैं। शूटिंग से पहले ही जुड़ गए थे विकासआदित्य धर ने बताया कि विकास नौलखा शूटिंग शुरू होने से कुछ ही दिन पहले इस प्रोजेक्ट से जुड़े थे। लेकिन कम समय में ही उन्होंने फिल्म के हर सीन को इतना प्रभावशाली बना दिया कि वह फिल्म की पहचान बन गए। निर्देशक के मुताबिक, विकास ने सिर्फ कैमरा नहीं संभाला, बल्कि हर फ्रेम में भावनाएं भर दीं। स्क्रिप्ट पढ़कर दिया था खास बयानजब विकास ने पहली बार फिल्म की स्क्रिप्ट पढ़ी, तो उन्होंने कहा था कि वह पिछले 30 सालों से ऐसी फिल्म का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने वादा किया था कि वह इस प्रोजेक्ट में अपनी पूरी जान लगा देंगे-और उन्होंने ऐसा करके दिखाया भी। आदित्य धर के अनुसार, विकास ने इसे सिर्फ एक काम की तरह नहीं, बल्कि एक “भक्ति” की तरह निभाया। “फिल्म को जिया है, सिर्फ शूट नहीं किया”आदित्य धर ने कहा कि बहुत लोग फिल्म को शूट करते हैं, लेकिन विकास नौलखा ने इस फिल्म को जिया है। उनके इनपुट हमेशा शांत लेकिन सटीक होते थे, जो हर सीन को बेहतर बनाते गए। उन्होंने फिल्म को वह चीज दी, जिसे बनाया नहीं जा सकता—और वह है ‘आत्मा’। बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शनधुरंधर 2 ने रिलीज के 18 दिनों के अंदर ही 1000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है। फिल्म ने कई बड़ी फिल्मों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और लगातार शानदार कमाई कर रही है। इस सफलता के पीछे जहां स्टार कास्ट का योगदान है, वहीं पर्दे के पीछे काम करने वाली टीम खासकर सिनेमैटोग्राफी का भी बड़ा हाथ है। आदित्य धर का यह बयान साफ करता है कि किसी भी फिल्म की सफलता सिर्फ बड़े सितारों से नहीं, बल्कि पर्दे के पीछे काम करने वाले क्रिएटिव लोगों की मेहनत से भी तय होती है। विकास नौलखा जैसे कलाकार ही फिल्मों को असल मायनों में ‘जीवंत’ बनाते हैं।

‘मेरे पिता पाकिस्तान नहीं गए’! Rakesh Bedi का Nabil Gabol को करारा जवाब

नई दिल्ली। फिल्म ‘धुरंधर 2’ को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच अभिनेता राकेश बेदी का एक बयान सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। उन्होंने पाकिस्तानी नेता नबील गबोल के उस दावे पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें कहा गया था कि फिल्म में उनका किरदार कहीं न कहीं उनसे प्रेरित है। इस पर राकेश बेदी ने बेहद सहज और मजाकिया अंदाज में जवाब देते हुए कहा-“मेरी शक्ल आपसे मिलती जरूर है, लेकिन मेरे पिता कभी पाकिस्तान नहीं गए।” दरअसल, ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर 2’ भले ही पाकिस्तान में बैन रही हों, लेकिन वहां के दर्शकों के बीच इन फिल्मों को लेकर काफी दिलचस्पी देखने को मिली। सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए, जिनमें पाकिस्तान के लोग फिल्म के किरदारों पर प्रतिक्रिया देते नजर आए। इन वीडियो में नबील गबोल के बयान भी चर्चा में आए, जहां उन्होंने कहा कि राकेश बेदी का किरदार ‘जमील जमाली’ उनके व्यक्तित्व से मिलता-जुलता है, हालांकि फिल्म में इसे हास्य रूप में पेश किया गया। इंटरव्यू में सामने आया पूरा मामलाएक इंटरव्यू के दौरान जब राकेश बेदी को नबील गबोल के बयान के बारे में बताया गया, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “मैं भी कहना चाहूंगा—आई लव यू, नबील गबोल साहब।” उनके इस जवाब ने माहौल को हल्का बना दिया और दर्शकों के बीच यह बयान खूब पसंद किया जा रहा है। “शक्ल मिलना इत्तेफाक है”राकेश बेदी ने आगे स्पष्ट किया कि किसी से शक्ल मिलना महज एक इत्तेफाक होता है। उन्होंने कहा कि “हो सकता है कि हमारी शक्लें कुछ हद तक मिलती हों, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कोई सीधा संबंध है। ना आपके पिता भारत आए, ना मेरे पिता पाकिस्तान गए।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि फिल्म में उनके पहनावे और अंदाज ने भी इस समानता को और बढ़ा दिया। विवाद से ज्यादा मजाक में लिया बयानपूरे मामले में खास बात यह रही कि राकेश बेदी ने इस मुद्दे को विवाद बनाने के बजाय हंसी-मजाक में लिया। उनके जवाब से यह साफ हो गया कि वे इस तुलना को गंभीरता से नहीं लेते, बल्कि इसे एक दिलचस्प संयोग मानते हैं। सोशल मीडिया पर छाया बयानराकेश बेदी का यह हल्का-फुल्का अंदाज अब सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियां बटोर रहा है। फैंस उनके इस जवाब को पसंद कर रहे हैं और इसे एक सकारात्मक प्रतिक्रिया के तौर पर देख रहे हैं, जहां किसी संभावित विवाद को हंसी में टाल दिया गया।

रामायण में हनुमान बनेंगे सनी देओल, एक्‍टर के सामने दारा सिंह की यादों बनाए रखने की चुनौती

नई दिल्ली। रामायण की महान गाथा अब बड़े पर्दे पर लौट रही है। डायरेक्टर नितेश तिवारी और रणबीर कपूर मिलकर रामायण फिल्म ला रहे हैं, जिसमें भगवान राम की भूमिका में रणबीर नजर आएंगे। हनुमान जयंती पर फिल्म की पहली झलक रिलीज़ हुई है, जिसमें राम बने रणबीर दिखाई दे रहे हैं। इस झलक के बाद फिल्म को लेकर दर्शकों का उत्साह और बढ़ गया है। हनुमान जी की भूमिका में नजर आएंगे सनी देओल फिल्म में हनुमान जी की भूमिका में सनी देओल नजर आएंगे। सनी देओल की छवि हमेशा ताकतवर और जोशीले किरदार वाली रही है, इसलिए कई लोगों का मानना है कि हनुमान के रोल में उनकी कास्टिंग उपयुक्त है। लेकिन सवाल ये है कि क्या सनी दारा सिंह जैसे अपनी छाप लोगों के दिलों में छोड़ पाएंगे? दारा सिंह ने रामानंद सागर की रामायण में हनुमान बनकर सभी का दिल जीत लिया था। इस रोल के लिए उन्हें 60-62 साल की उम्र में भी घंटों बैठकर गेटअप तैयार करना पड़ता था। उनके चेहरे पर मोल्ड मास्क लगाया जाता, पूंछ और मेकअप के कारण उन्हें खाने-पीने और बैठने में तकलीफ होती। पूरी तैयारी में उन्हें 3-4 घंटे लगते थे। स्मरणीय मेहनत और श्रद्धा दारा सिंह की मेहनत और श्रद्धा के चलते हनुमान का किरदार आज भी यादगार है। अब सनी देओल पर जिम्मेदारी होगी कि वे इस किरदार को बड़े पर्दे पर जीवंत कर सकें। फिल्म रामायण इस साल दिवाली पर रिलीज होगी। बताया जा रहा है कि सनी का रोल इस पार्ट में छोटा है, लेकिन अगले पार्ट में, जो 2027 की दिवाली पर आएगा, उनकी ताकत और दमदार हनुमान की भूमिका दिखाई देगी।