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प्रिया राजवंश: सिर्फ 7 फिल्मों में रातोंरात सुपरस्टार, चेतन आनंद संग लिव-इन रिलेशनशिप और रहस्यमयी मौत

नई दिल्ली:    हिंदी सिनेमा में कुछ कलाकार ऐसे होते हैं जो काम बेहद कम करने के बावजूद अपने अभिनय और व्यक्तित्व से हमेशा के लिए दर्शकों के दिलों में जगह बना लेते हैं. ऐसे ही कलाकार थीं दिवंगत अभिनेत्री प्रिया राजवंश जिन्होंने अपने करियर में केवल सात फिल्में कीं, लेकिन हर फिल्म में अपने किरदार की सादगी, गंभीरता और प्रभाव से एक अमिट छाप छोड़ी. 27 मार्च 2000 को उनका निधन हुआ, लेकिन उनका अभिनय और जीवन आज भी फिल्मों के चाहने वालों के बीच जीवित है. प्रिया राजवंश का असली नाम वीरा सुंदर सिंह था. उनका जन्म 30 दिसंबर 1936 को शिमला में हुआ था. उनके पिता सरकारी अधिकारी थे और परिवार का फिल्मों से कोई संबंध नहीं था. प्रिया ने अपनी पढ़ाई शिमला में पूरी की और इसके बाद अभिनय की ट्रेनिंग लेने के लिए लंदन चली गईं. लंदन में एक फोटोग्राफर ने उनकी कुछ तस्वीरें खींचीं और इन्हीं तस्वीरों ने उनकी किस्मत बदल दी. मशहूर निर्देशक चेतन आनंद ने उनकी तस्वीरें देखकर उन्हें अपनी फिल्म ‘हकीकत’ में काम करने का मौका दिया. यह फिल्म रिलीज होते ही हिट साबित हुई और प्रिया रातों-रात स्टार बन गईं. प्रिया ने अपने करियर में केवल सात फिल्में कीं, लेकिन हर फिल्म में उनका किरदार दर्शकों के दिल में घर कर गया. उनकी प्रमुख फिल्मों में शामिल हैं ‘हीर रांझा’, ‘हंसते जख्म’, ‘हिंदुस्तान की कसम’, ‘कुदरत’ और ‘हाथों की लकीरें’. इन फिल्मों में उन्होंने अलग-अलग रोल निभाए और हर किरदार में अपने अभिनय का पूरा जादू दिखाया. यही वजह थी कि उनके कम फिल्मों के बावजूद उनका नाम भारतीय सिनेमा में अमर हो गया. प्रिया के करियर का एक अनोखा पहलू यह भी रहा कि उन्होंने ज्यादातर फिल्में चेतन आनंद के निर्देशन में कीं. इस दौरान उनके और चेतन आनंद के बीच करीबी बढ़ी और यह रिश्ता धीरे-धीरे प्यार में बदल गया. दोनों ने कभी शादी नहीं की, लेकिन लंबे समय तक लिव-इन रिलेशनशिप में रहे. हालांकि, इस रिश्ते का असर उनके करियर पर पड़ा क्योंकि उन्होंने अन्य फिल्ममेकरों के साथ काम नहीं किया और उनके फिल्मी सफर को सीमित कर दिया. 1997 में चेतन आनंद के निधन के बाद प्रिया पूरी तरह अकेली पड़ गईं और उन्होंने खुद को एक्टिंग की दुनिया से अलग कर लिया. लेकिन 27 मार्च 2000 को प्रिया राजवंश अपने ही घर में मृत पाई गईं. जांच में यह सामने आया कि उनकी हत्या की गई थी. पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार भी किया, लेकिन सबूतों की कमी के कारण मामला कभी साबित नहीं हो सका. इस तरह उनकी मौत आज भी बॉलीवुड के इतिहास में एक रहस्यमयी और दुखद घटना के रूप में दर्ज है. प्रिया राजवंश की जिंदगी सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं थी. उनके अभिनय, उनके रिश्ते और उनका व्यक्तित्व आज भी दर्शकों के दिलों में जिंदा है. उनकी फिल्मों की सादगी और उनकी अदाकारी ने उन्हें केवल एक अभिनेत्री ही नहीं बल्कि हिंदी सिनेमा की यादगार हस्ती बना दिया. भले ही उन्होंने कम फिल्में की हों, लेकिन प्रिया राजवंश का नाम और उनका योगदान हमेशा भारतीय सिनेमा के इतिहास में अमिट रहेगा.

‘हम आपके हैं कौन’ की पूजा: रेणुका शहाणे का फिल्मी करियर, निर्देशन और निजी जिंदगी का अनोखा संगम

नई दिल्ली:  फिल्मों में कुछ किरदार ऐसे होते हैं जो हमेशा के लिए दर्शकों के दिल में बस जाते हैं। रेणुका शहाणे उन्हीं कलाकारों में से हैं, जिनकी पहचान ‘हम आपके हैं कौन’ में निभाए गए पूजा के किरदार से जुड़ी है। इस फिल्म ने उनकी किस्मत बदल दी और उन्हें बॉलीवुड में स्थायी पहचान दिलाई।शुरूआत और टीवी करियर 27 मार्च 1965 को मुंबई में जन्मीं रेणुका शहाणे एक मराठी परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता भारतीय नौसेना में अधिकारी थे और मां शांता गोखले थिएटर व फिल्मों से जुड़ी थीं। बचपन में माता-पिता का अलग होना उनके लिए चुनौतीपूर्ण रहा, लेकिन उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की और साइकोलॉजी में ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन किया। रेणुका ने अपने करियर की शुरुआत मराठी फिल्म ‘हाच सुनबाईचा भाऊ’ से की। इसके बाद उन्होंने टीवी की दुनिया में कदम रखा और दूरदर्शन के लोकप्रिय शो ‘सुरभि’ में काम किया। उस समय टीवी पर कम चैनल थे, इसलिए उनका चेहरा घर-घर में पहचान में आ गया।‘हम आपके हैं कौन’ ने बदली तकदीर साल 1994 में उन्हें सूरज बड़जत्या की फिल्म ‘हम आपके हैं कौन’ में पूजा का किरदार मिला। सलमान खान और माधुरी दीक्षित मुख्य भूमिका में थे। पूजा की सादगी और आदर्श बहू की छवि ने दर्शकों का दिल जीत लिया। फिल्म में उनके किरदार की मौत का सीन इतना भावुक था कि आज भी लोग उसे याद करते हैं। इस फिल्म के बाद रेणुका के पास कई फिल्म और टीवी ऑफर्स आने लगे। उन्होंने हिंदी के साथ-साथ मराठी और अन्य भाषाओं की फिल्मों में भी अपनी प्रतिभा दिखाई। मराठी फिल्म ‘अबोली’ के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का फिल्म फेयर पुरस्कार (मराठी) मिला।निर्देशन में कदम फिल्मों के अलावा रेणुका ने निर्देशन में भी हाथ आजमाया और ‘त्रिभंगा’ जैसी फिल्म बनाई, जिसमें परिवार और रिश्तों की जटिलताओं को खूबसूरती से दिखाया गया।निजी जिंदगी और प्यार रेणुका ने 25 मई 2001 को अभिनेता आशुतोष राणा से शादी की। दोनों की मुलाकात डायरेक्टर हंसल मेहता की एक फिल्म की शूटिंग के दौरान हुई थी। शादी के बाद उन्हें दो बेटे, शौर्यमन और सत्येंद्र, हुए। रेणुका शहाणे की कहानी फिल्मों की सफलता, यादगार किरदारों, निर्देशन और निजी जिंदगी की अनोखी यात्रा का मिश्रण है। उन्होंने अपनी प्रतिभा और सादगी से दर्शकों के दिल में स्थायी जगह बनाई।

पर्दे के पीछे का जादू ऐसे बनते हैं बॉलीवुड के ग्रैंड सेट और इन फिल्मों ने खर्च में रच दिया इतिहास

नई दिल्ली । फिल्मों में दिखने वाली भव्यता सिर्फ कलाकारों या लोकेशन की देन नहीं होती बल्कि उसके पीछे एक पूरी टीम की महीनों की मेहनत छिपी होती है। जब भी आप किसी ऐतिहासिक या भव्य फिल्म को देखते हैं तो उसके सेट आपको एक अलग ही दुनिया में ले जाते हैं। लेकिन यह जादू अचानक नहीं बनता बल्कि इसके पीछे एक सुनियोजित और बेहद तकनीकी प्रक्रिया होती है। फिल्म का सेट तैयार करने की जिम्मेदारी प्रोडक्शन डिजाइनर और आर्ट डायरेक्टर की होती है। ये लोग निर्देशक के विजन को समझकर पहले ब्लूप्रिंट तैयार करते हैं। इसमें हर छोटी बड़ी डिटेल शामिल होती है जैसे महल का आकार दरवाजों की डिजाइन रंगों का संयोजन और यहां तक कि दीवारों की बनावट तक। इसके बाद लकड़ी फाइबर प्लास्टर और अन्य विशेष सामग्री की मदद से सेट को धीरे धीरे खड़ा किया जाता है। कई बार सेट इतने वास्तविक बनाए जाते हैं कि दर्शक उन्हें असली लोकेशन समझ बैठते हैं। भारतीय सिनेमा में भव्य सेट्स की बात हो और संजय लीला भंसाली का नाम न आए ऐसा हो ही नहीं सकता। उनकी फिल्मों की पहचान ही उनके शानदार और महंगे सेट होते हैं जो कहानी को एक अलग ही स्तर पर ले जाते हैं। अगर बॉलीवुड के सबसे महंगे सेट्स की बात करें तो बाजीराव मस्तानी इस लिस्ट में सबसे ऊपर नजर आती है। इस फिल्म में रणवीर सिंह दीपिका पादुकोण और प्रियंका चोपड़ा हैं। मुख्य भूमिकाओं में थे और इसके सेट को तैयार करने में लगभग 145 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। यह सेट अपनी भव्यता और डिटेलिंग के लिए आज भी याद किया जाता है। वहीं देवदास भी अपने समय की सबसे आलीशान फिल्मों में गिनी जाती है। इस फिल्म में शाहरुख खान ऐश्वर्या राय बच्चन और माधुरी दीक्षित नजर आए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म के सेट पर करीब 20 करोड़ रुपये खर्च हुए थे जिसमें से 12 करोड़ सिर्फ चंद्रमुखी के कोठे के निर्माण में लगे थे।प्रेम रतन धन पायो भी शाही ठाठ बात के लिए जानी जाती है। सलमान खान और सोनम कपूर स्टारर है फिल्म के सेट को बनाने में लगभग 13 से 15 करोड़ रुपये खर्च हुए थे जिससे फिल्म को एक रॉयल लुक दिया जा सका। इसी तरह जोधा अकबर जिसमें ऋतिक रोशन और ऐश्वर्या राय बच्चन नजर आई थीं उसके सेट पर करीब 12 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। फिल्म के महलों और दरबारों की भव्यता ने दर्शकों को जोड़ा कर दिया था। कलंक भी अपने विशाल सेट्स के लिए चर्चा में रही। वरुण धवन आलिया भट्ट और आदित्य रॉय कपूर स्टार इस फिल्म के सेट को तैयार करने में करीब 15 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। इन फिल्मों के सेट सिर्फ खर्च के आंकड़े नहीं हैं बल्कि यह दर्शाते हैं कि सिनेमा एक विजुअल आर्ट है जहां हर फ्रेम को खास बनाने के लिए बारीकी से काम किया जाता है। यही वजह है कि जब दर्शक इन फिल्मों को देखते हैं तो उन्हें सिर्फ कहानी ही नहीं बल्कि एक भव्य अनुभव भी मिलता है जो लंबे समय तक याद रहता है।

मुनमुन सेन: सैफ अली खान की पूर्व प्रेमिका, 20 भाषाओं में 60 फिल्में और रॉयल बैकग्राउंड वाली एक्ट्रेस

नई दिल्ली : हिंदी और क्षेत्रीय सिनेमा में कई अभिनेत्रियां रही हैं, जिन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई लेकिन समय के साथ लाइमलाइट से दूर होती चली गईं। ऐसी ही एक नाम है मुनमुन सेन, जिनकी जिंदगी फिल्मों, रिश्तों और शाही बैकग्राउंड का दिलचस्प संगम रही है। मुनमुन सेन ने 20 से ज्यादा भाषाओं में करीब 60 फिल्मों और 40 टीवी सीरियल्स में अपनी एक्टिंग का जलवा दिखाया। उनका नाम एक समय सैफ अली खान के साथ भी जुड़ा था, जिसने उन्हें सुर्खियों में ला दिया।फिल्मी करियर और विरासत मुनमुन सेन, दिग्गज अभिनेत्री सुचित्रा सेन की बेटी हैं और खुद भी इंडस्ट्री में बड़ा नाम रही हैं। उन्होंने हिंदी के अलावा बंगाली, तमिल, तेलुगु समेत कई भाषाओं में काम किया। अपने करियर में उन्हें नंदी स्टेट अवॉर्ड, कालकेंद्र स्क्रीन अवॉर्ड और भारत निर्माण अवॉर्ड जैसे सम्मान भी मिले। उनकी निजी जिंदगी भी किसी शाही कहानी से कम नहीं रही। उनकी सास इला देवी कूचबिहार की राजकुमारी थीं और रिश्तेदार गायत्री देवी जयपुर की महारानी रहीं। यह शाही बैकग्राउंड उनके व्यक्तित्व को और खास बनाता है।रिश्ते और निजी जिंदगी 90 के दशक में मुनमुन सेन का नाम सैफ अली खान के साथ जुड़ा, जिससे वो मीडिया की सुर्खियों में आईं। इसके अलावा उनका नाम प्रोड्यूसर रोमू सिप्पी और अभिनेता विक्टर बनर्जी के साथ भी जोड़ा गया। 1978 में उन्होंने भरत देव वर्मा से शादी की, जो त्रिपुरा के शाही परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनकी दो बेटियां, रायमा सेन और रिया सेन, आज इंडस्ट्री में जाना-पहचाना चेहरा हैं।फिल्मों से दूरी और अब की जिंदगी एक समय इंडस्ट्री में सक्रिय रहने वाली मुनमुन सेन अब कम ही फिल्मों में नजर आती हैं। वह कभी-कभी इवेंट्स, पेज-3 पार्टियों और सोशल अपीयरेंस में दिखाई देती हैं। इसके अलावा उन्हें पेंटिंग और एंटीक चीजों को कलेक्ट करने का शौक है। उन्होंने जादवपुर यूनिवर्सिटी से कंपेरेटिव लिटरेचर में मास्टर्स किया और अब एक बंगाली कुकबुक पर भी काम कर रही हैं। भले ही वह पर्दे से दूर हों, लेकिन उनका नाम आज भी फिल्म इंडस्ट्री में खास पहचान रखता है। मुनमुन सेन की कहानी फिल्मी करियर, प्यार और शाही विरासत का ऐसा संगम है, जो उन्हें एक अद्वितीय स्थान देती है।

जब शूटिंग बनी हकीकत 1988 की इस फिल्म में सचमुच चाकू लगने पर भी एक्टिंग करते रहे नाना पाटेकर

नई दिल्ली । भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ फिल्में ऐसी होती हैं जो सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं रहतीं बल्कि समय के साथ एक मिसाल बन जाती हैं। साल 1988 में रिलीज हुई सलाम बॉम्बे! ऐसी ही एक कल्ट क्लासिक फिल्म है जिसने न सिर्फ दर्शकों का दिल जीता बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारतीय सिनेमा को नई पहचान दिलाई। बेहद कम बजट में बनी इस फिल्म ने अपनी सशक्त कहानी और दमदार अभिनय के दम पर तीन राष्ट्रीय पुरस्कार अपने नाम किए और ऑस्कर तक का सफर तय किया। इस फिल्म का निर्देशन मीरा नायर ने किया था और इसमें नाना पाटेकर रघुबीर यादव और बाल कलाकार शफीक सैयद जैसे कलाकार नजर आए थे। फिल्म का रनटाइम करीब 1 घंटा 35 मिनट था लेकिन इसकी कहानी और प्रभाव लंबे समय तक दर्शकों के दिलो दिमाग में बना रहा। इस फिल्म से जुड़ा एक ऐसा किस्सा है जो आज भी लोगों को हैरान कर देता है। दरअसल फिल्म के क्लाइमेक्स सीन की शूटिंग के दौरान एक खतरनाक हादसा हो गया था। सीन के मुताबिक शफीक सैयद का किरदार कृष्णा नाना पाटेकर के किरदार पर चाकू से हमला करता है। इस सीन को फिल्माने के लिए पूरी तैयारी की गई थी और सुरक्षा के तौर पर नाना पाटेकर के पेट पर टायर बांधा गया था ताकि चाकू उन्हें नुकसान न पहुंचा सके। लेकिन शूटिंग के दौरान एक छोटी सी चूक भारी पड़ गई। जब शफीक सैयद ने सीन के अनुसार चाकू मारा तो वह टायर को पार करते हुए सच में नाना पाटेकर के पेट में जा लगा। इससे उनके पेट से खून बहने लगा लेकिन हैरानी की बात यह रही कि नाना पाटेकर ने सीन को बीच में नहीं रोका और अभिनय जारी रखा। सेट पर मौजूद लोगों को लगा कि यह सब उनकी शानदार एक्टिंग का हिस्सा है और वे उनकी तारीफ करने लगे। कुछ देर बाद जब स्थिति स्पष्ट हुई तब सभी को एहसास हुआ कि यह कोई अभिनय नहीं बल्कि असली हादसा था। इसके बाद तुरंत उनका इलाज कराया गया। यह घटना नाना पाटेकर की प्रोफेशनलिज्म और अपने काम के प्रति समर्पण को दर्शाती है। फिल्म की बात करें तो करीब 20 लाख के बजट में बनी इस फिल्म ने लगभग 45 लाख की कमाई की थी और बॉक्स ऑफिस पर सफल साबित हुई थी। आज भी इसकी IMDb रेटिंग 7.9 के आसपास बनी हुई है जो इसकी गुणवत्ता को दर्शाती है। पुरस्कारों की बात करें तो सलाम बॉम्बे! ने 1989 में तीन राष्ट्रीय पुरस्कार जीते। शफीक सैयद को बेस्ट चाइल्ड आर्टिस्ट का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला जबकि मीरा नायर को बेस्ट रीजनल फिल्म के लिए सम्मानित किया गया। इसके अलावा फिल्म को बेस्ट फीचर फिल्म का भी राष्ट्रीय पुरस्कार मिला।इस फिल्म ने एक और बड़ा कीर्तिमान स्थापित किया। मदर इंडिया के बाद यह दूसरी भारतीय फिल्म बनी जिसे ऑस्कर अवॉर्ड्स के लिए नॉमिनेट किया गया। कुल मिलाकर सलाम बॉम्बे सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि भारतीय सिनेमा का एक ऐसा अध्याय है जिसमें संघर्ष, यथार्थ और सिनेमा की ताकत का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। आज भी यह फिल्म और इससे जुड़ी कहानियां लोगों को उतना ही प्रभावित करती हैं जितना इसके रिलीज के समय करती थीं।

सिनेमाघरों में पहले पहुंचेगी वाल्मिकी रामायण फर्स्ट लुक ने जगाई भक्ति और भव्यता की लहर

नई दिल्ली । राम नवमी के पावन अवसर पर भारतीय सिनेमा को एक और भव्य पौराणिक प्रस्तुति की झलक देखने को मिली जब फिल्म वाल्मिकी रामायण का पहला लुक जारी किया गया। इस खास मौके पर सामने आए पोस्टर ने दर्शकों के मन में श्रद्धा और उत्सुकता दोनों को एक साथ जगा दिया। पोस्टर में भगवान राम के चरणों की झलक दिखाई गई है जो फिल्म की आध्यात्मिक गहराई और उसके भावनात्मक पक्ष को उजागर करती है। इस फिल्म को Bhavna Talwar निर्देशित कर रही हैं और यह 2 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। यह फिल्म इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि यह Ranbir Kapoor की बहुचर्चित फिल्म रामायण से पहले बड़े पर्दे पर दस्तक देगी। जहां एक ओर रणबीर कपूर की फिल्म को लेकर पहले से ही जबरदस्त बज बना हुआ है वहीं वाल्मिकी रामायण की एंट्री ने इस प्रतिस्पर्धा को और दिलचस्प बना दिया है। दर्शकों को अब एक ही साल में रामायण की दो अलग अलग व्याख्याएं देखने का मौका मिलने वाला है। वाल्मिकी रामायण की टीम भी इसे खास बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। फिल्म से जुड़े नाम इसकी भव्यता का अंदाजा खुद ही दे देते हैं। मशहूर प्रोडक्शन डिजाइनर Sabu Cyril जो बाहुबली जैसी फिल्मों में अपनी कला का लोहा मनवा चुके हैं इस प्रोजेक्ट का हिस्सा हैं। इसके अलावा सिनेमैटोग्राफी की जिम्मेदारी Binod Pradhan संभाल रहे हैं जबकि साउंड डिजाइन के लिए ऑस्कर विजेता Resul Pookutty जुड़े हुए हैं। फिल्म का स्क्रीनप्ले Anand Neelakantan ने लिखा है और डायलॉग्स Chandraprakash Dwivedi द्वारा तैयार किए गए हैं। इस मजबूत टीम के चलते फिल्म से दर्शकों को काफी उम्मीदें हैं। हालांकि फिल्म के ऐलान के साथ ही सोशल मीडिया पर मिली जुली प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिली हैं। कुछ यूजर्स ने फिल्म के लुक की तारीफ की और इसे भव्य और आध्यात्मिक बताया वहीं कुछ ने सवाल उठाए कि क्या यह फिल्म एनिमेशन आधारित होगी या इसमें एआई का इस्तेमाल किया गया है। कई लोगों ने यह भी कहा कि लगातार बन रही रामायण फिल्मों के बीच कहीं कहानी की मौलिकता प्रभावित न हो जाए। दूसरी ओर Nitesh Tiwari द्वारा निर्देशित रणबीर कपूर की रामायण भी लगातार चर्चा में बनी हुई है। इस फिल्म को दो भागों में रिलीज किया जाएगा और इसका पहला पार्ट दिवाली 2026 पर सिनेमाघरों में आने की तैयारी में है। इस फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम के किरदार में नजर आएंगे जबकि साउथ की लोकप्रिय अभिनेत्री साई पल्लवी माता सीता की भूमिका निभाएंगी। इसके अलावा Sunny Deol Yash और Lara Dutta जैसे बड़े नाम भी इसमें शामिल हैं। कुल मिलाकर देखा जाए तो साल 2026 भारतीय सिनेमा में रामायण की कहानियों के नाम रहने वाला है। एक तरफ वाल्मिकी रामायण अपनी पारंपरिक और शास्त्रीय प्रस्तुति के साथ दर्शकों को आकर्षित करने की कोशिश करेगी वहीं दूसरी तरफ रणबीर कपूर की फिल्म आधुनिक तकनीक और बड़े स्टारकास्ट के साथ नई पीढ़ी को लुभाने का प्रयास करेगी। अब देखना यह होगा कि दर्शक किस प्रस्तुति को ज्यादा पसंद करते हैं और कौन सी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बाजी मारती है।

“मां का सम” में मां-बेटे का अनोखा रिश्ता, ट्रेलर में दिखा इमोशन और ह्यूमर का संगम

नई दिल्ली:ओटीटी प्लेटफॉर्म पर दर्शकों को अब ऐसी कहानियां पसंद आ रही हैं जिनमें रिश्तों की गहराई, भावनाओं और हल्का-फुल्का ह्यूमर तीनों का शानदार मेल हो। इसी कड़ी में नई वेब सीरीज “मां का सम” काफी चर्चा में है। इस सीरीज में मां-बेटे के रिश्ते को बेहद अनोखे और दिल छू लेने वाले अंदाज में पेश किया गया है। मुख्य भूमिका में मोना सिंह और मिहिर आहूजा नजर आएंगे। ट्रेलर की शुरुआत 19 साल के गणितीय जीनियस अगस्त्य मिहिर आहूजा से होती है। वह हर चीज को फार्मूला और लॉजिक से समझता है और कहता है -मैथ्स हो या प्यार, दोनों एक ही इक्वेशन हैं। अपनी मां विनिता मोना सिंह की जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए अगस्त्य एक अनोखा मिशन शुरू करता है जिसे वह प्रोजेक्ट मॉम कहता है। इस मिशन के तहत वह अपनी सिंगल मदर के लिए परफेक्ट पार्टनर खोजने की पूरी कोशिश करता है। ट्रेलर में दिखाया गया है कि अगस्त्य अलग-अलग लोगों के व्यवहार और स्वभाव को समझकर अपनी मां के लिए सही साथी चुनने की कोशिश करता है। लेकिन जैसे-जैसे कहानी आगे बढ़ती है, यह साफ हो जाता है कि प्यार को किसी फार्मूले में नहीं बांधा जा सकता। इस दौरान कई मजेदार और भावनात्मक पल सामने आते हैं, जहां अगस्त्य की पूरी प्लानिंग उलझ जाती है और जिंदगी उसे नए सबक सिखाती है। मोना सिंह ने अपने किरदार के बारे में कहा, यह रोल मेरे लिए बेहद खास है। विनिता अपनी भावनाओं को खुलकर जीती हैं और अपने बेटे के साथ दोस्त जैसा रिश्ता रखती हैं। कहानी में मां का अपने बेटे पर भरोसा और बेटे का अपनी मां के लिए कुछ अच्छा करने का जज्बा बहुत खूबसूरती से दिखाया गया है। यह रोल हंसी और इमोशन का बेहतरीन संतुलन पेश करता है। मिहिर आहूजा ने अगस्त्य के किरदार पर कहा, बाहर से वह जितना समझदार और आत्मविश्वासी दिखता है, अंदर से उतना ही भावुक बेटा है। वह अपनी मां से बहुत प्यार करता है और चाहता है कि उनकी जिंदगी खुशहाल रहे। मां-बेटे का दोस्ताना रिश्ता और अपनापन ही इस कहानी की सबसे बड़ी ताकत है। वेब सीरीज “मां का सम” 3 अप्रैल से प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम होगी। यह कहानी दर्शकों को हंसी, भावनाओं और रिश्तों की सच्चाई का अनोखा मिश्रण अनुभव कराएगी।

1000 करोड़ की कमाई या अफवाह? काशी विश्वनाथ पहुंचने की खबर पर क्या बोले रणवीर सिंह

नई दिल्ली।बॉलीवुड स्टार रणवीर सिंह इन दिनों अपनी फिल्म ‘धुरंधर 2’ की बंपर सफलता को लेकर सुर्खियों में हैं। फिल्म ने रिलीज के बाद महज एक हफ्ते में ही 1000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया है, जिससे देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी इसकी चर्चा तेज हो गई है। इसी बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर रणवीर सिंह का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्हें काशी विश्वनाथ मंदिर में प्रवेश करते हुए देखा जा सकता है। वीडियो में रणवीर सिंह लंबे बालों में, सफेद चिकन कुर्ता-पायजामा और काले चश्मे में नजर आ रहे हैं। उनके गले में सफेद और केसरी रंग का साफा है और वे मंदिर में प्रवेश करते हुए श्रद्धालुओं के बीच हाथ जोड़कर आगे बढ़ते दिख रहे हैं। वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि ‘धुरंधर 2’ की ऐतिहासिक सफलता के बाद रणवीर सिंह भगवान का आशीर्वाद लेने काशी पहुंचे हैं। यह वीडियो तेजी से वायरल हुआ और फैंस के बीच उत्साह के साथ-साथ भ्रम भी फैल गया। क्या है वीडियो का सच?2024 का निकला क्लिप, कृति सेनन और मनीष मल्होत्रा के साथ पहुंचे थे काशी हालांकि, वायरल वीडियो की सच्चाई कुछ और ही है। जांच में सामने आया कि यह वीडियो हाल का नहीं, बल्कि 14 अप्रैल 2024 का है। उस समय रणवीर सिंह, एक्ट्रेस कृति सेनन और मशहूर डिजाइनर मनीष मल्होत्रा के साथ वाराणसी पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए थे और अपनी तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर शेयर की थीं। बताया जाता है कि उसी समय वाराणसी में एक खास फैशन इवेंट भी आयोजित किया गया था, जिसमें रणवीर और कृति सेनन ने रैंप वॉक कर सबका ध्यान खींचा था। अब उसी पुराने वीडियो को ‘धुरंधर 2’ की सफलता से जोड़कर शेयर किया जा रहा है, जिससे लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बन गई। ‘धुरंधर 2’ में रणवीर का दमदार अवतारजसकीरत से ‘हमजा’ तक, फिल्म में दिखी जबरदस्त कहानी और एक्शन फिल्म ‘धुरंधर 2’ में रणवीर सिंह ने जसकीरत सिंह रांगी का किरदार निभाया है, जो आगे चलकर भारत का खतरनाक एजेंट ‘धुरंधर’ बनता है। कहानी के मुताबिक, उसे ‘हमजा अली मजहरी’ बनाकर पाकिस्तान भेजा जाता है, जहां वह दुश्मनों के गढ़ में घुसकर बड़े मिशन को अंजाम देता है। गैंगस्टर्स के इलाके ल्यारी में रहकर वह बड़े डॉन रहमान डकैत का खात्मा करता है और देश के दुश्मनों को खत्म करता है। फिल्म में रणवीर सिंह की परफॉर्मेंस को उनके करियर की बेहतरीन अदाकारी में गिना जा रहा है। यही वजह है कि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई कर रही है और दर्शकों का भरपूर प्यार बटोर रही है।

‘धुरंधर 2’ की सफलता के बाद सारा अर्जुन की चमकी किस्मत, अब मिली बड़ी फिल्म

नई दिल्ली। बॉलीवुड डायरेक्टर आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर 2’ इन दिनों बॉक्स ऑफिस से लेकर सोशल मीडिया तक छाई हुई है। फिल्म ने भारत ही नहीं, बल्कि पाकिस्तान में भी जबरदस्त चर्चा बटोरी है। इस फिल्म में रणवीर सिंह ने ‘हमजा’ के किरदार में अपनी दमदार एक्टिंग से दर्शकों का दिल जीत लिया है। उनके साथ आर माधवन, संजय दत्त और राकेश बेदी की अदाकारी को भी खूब सराहा जा रहा है। लेकिन इन सबके बीच जिस कलाकार ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा है, वह हैं फिल्म की एक्ट्रेस सारा अर्जुन। रणवीर सिंह के साथ उनकी ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री को दर्शकों ने काफी पसंद किया है। सारा ने अपनी शानदार और परिपक्व एक्टिंग से यह साबित कर दिया है कि वह आने वाले समय की बड़ी स्टार बन सकती हैं। फिल्म की सफलता के साथ ही अब सारा अर्जुन को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जिसने उनके फैंस के बीच उत्साह और भी बढ़ा दिया है। जोया अख्तर की फिल्म में दिख सकती हैं सारा, ईशान खट्टर के साथ बनेगी जोड़ी ‘टाइगर बेबी’ बैनर तले बन रही फिल्म, ऑफिशियल ऐलान का इंतजार रिपोर्ट्स के मुताबिक, सारा अर्जुन को अब बॉलीवुड की मशहूर फिल्ममेकर जोया अख्तर की एक बिग बजट फिल्म का ऑफर मिला है। यह फिल्म उनके प्रोडक्शन हाउस ‘टाइगर बेबी’ के बैनर तले बनाई जा रही है। खास बात यह है कि इस फिल्म में सारा अर्जुन के अपोजिट ईशान खट्टर नजर आ सकते हैं। इस प्रोजेक्ट का निर्देशन अर्जुन वरैन सिंह करेंगे, जिन्हें फिल्म ‘खो गए हम कहां’ के लिए जाना जाता है। हालांकि, अभी तक इस फिल्म को लेकर न तो सारा अर्जुन, न ही ईशान खट्टर और न ही प्रोडक्शन हाउस की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा की गई है, लेकिन इंडस्ट्री में इसकी चर्चा तेज हो गई है। दरअसल, हाल ही में जोया अख्तर ने अपने इंस्टाग्राम पर ‘A Perfect Match’ नाम की एक स्क्रिप्ट की तस्वीर शेयर की थी, जिसमें ‘कबीर’ और ‘नव्या’ नाम का जिक्र किया गया था। उन्होंने कैप्शन में ‘बने रहिए!’ लिखकर फैंस की उत्सुकता और बढ़ा दी। इसके बाद से ही इस प्रोजेक्ट को लेकर कास्ट की अटकलें शुरू हो गईं। इसी बीच एक हालिया शूट के कुछ ‘बिहाइंड-द-सीन्स’ वीडियो और तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर सामने आईं, जिससे यह कयास लगाए जा रहे हैं कि सारा अर्जुन और ईशान खट्टर इस प्रोजेक्ट का हिस्सा हो सकते हैं। अगर यह खबर सच साबित होती है, तो यह सारा अर्जुन के करियर के लिए एक बड़ा मौका होगा।

Bollywood film 2026 : Operation Sindoor पर फिल्म की तैयारी, विवेक अग्निहोत्री ने किया कंफर्म

   Bollywood film 2026 : नई दिल्ली। 22 अप्रैल 2025 को कश्मीर के बैसारन घाटी में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर पर अब फिल्म बनने जा रही है। फिल्ममेकर विवेक अग्निहोत्री ने पुष्टि की है कि वह इस ऑपरेशन पर आधारित फिल्म बनाएंगे, जो देशभक्ति और सैन्य रणनीति को बड़े पर्दे पर जीवंत करेगी। कहानी और आधार विवेक अग्निहोत्री ने बताया कि यह फिल्म लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ‘टाइनी’ ढिल्लन की किताब ‘ऑपरेशन सिंदूर: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ इंडिया की डीप स्ट्राइक्स इनसाइड पाकिस्तान’ पर आधारित होगी। विवेक का कहना है, “मैं हमेशा से ऐसी कहानियां सुनाने में विश्वास रखता आया हूं जो असहज हों, लेकिन जरूरी हों। मेरा प्रयास है कि साहस, प्रोफेशनलिज्म और रणनीतिक स्पष्टता की यह कहानी दर्शकों तक प्रामाणिकता और सिनेमाई अनुभव के साथ पहुंचे।” उन्होंने आगे कहा कि सशस्त्र बलों की विभिन्न शाखाओं के सहयोग से ग्राउंड रीसर्च की गई है, ताकि सिर्फ घटनाओं का विवरण नहीं, बल्कि उनके पीछे की जटिल परिस्थितियों और निर्णय प्रक्रिया को भी समझाया जा सके। फिल्म प्रोड्यूसर और प्रोडक्शन रिपोर्ट्स के अनुसार, इस प्रोजेक्ट को टी-सीरीज के भूषण कुमार प्रोड्यूस करेंगे। भूषण कुमार ने कहा, “कुछ कहानियां चुनी नहीं जाती, वो आपको चुनती हैं। ऑपरेशन सिंदूर एक ऐसी ही कहानी है। जब देश इतनी बड़ी घटनाओं से गुजरता है, तो इसे सच्चाई के साथ दर्ज करना जरूरी हो जाता है।” फिल्म में ऑपरेशन सिंदूर, जो 6 से 10 मई 2025 के बीच हुआ था, उसकी डिटेल्ड जानकारी और घटनाओं के क्रम को बड़े पर्दे पर दिखाया जाएगा। विवेक अग्निहोत्री की फिल्म शैली विवेक अग्निहोत्री पहले भी ऐसी सच्ची घटनाओं पर आधारित फिल्में बना चुके हैं। उनकी पिछली फिल्मों में शामिल हैं: द कश्मीर फाइल्स द ताशकंद फाइल्स द वैक्सीन वॉर द बंगाल फाइल्स उनकी फिल्मों में सच्ची घटनाओं की गंभीरता, देशभक्ति और सिनेमा के जरिए वास्तविक अनुभव को दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास प्रमुख रहता है।