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राज्यसभा में तीखी नोकझोंक: जया बच्चन और स्पीकर के बीच गरमागरम बहस

नई दिल्ली।बुधवार को राज्यसभा में ट्रांसजेंडर समुदाय से जुड़े एक विधेयक पर चर्चा के दौरान उस समय माहौल गरमा गया, जब समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन और डिप्टी कमिश्नर पैनल के सदस्य दिनेश शर्मा के बीच माहौल नोकझोंक देखने को मिली। बहस के दौरान जया बच्चन ने असंतोष जताते हुए यहां तक ​​कह दिया कि जितना समय देना है दे दीजिए, फांसी पर चढ़ा दीजिए, जिससे सदन में कुछ देर के लिए हलचल मच गई। बोलने के दौरान भटका ध्यान, बताते असंतोषदरअसल, जया बच्चन जब विधेयक पर अपनी बात रखने के लिए खड़ी हुईं, उसी दौरान तनावपूर्ण बेंच के कुछ सदस्य आपसी बातचीत करने लगे। इससे उनका ध्यान भटक गया और उन्होंने बीच में ही बोलना रोक दिया। उन्होंने असंतोष जाहिर करते हुए कहा कि जब कोई बोल रहा हो तो बाकी लोगों को ध्यान देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई और बात करेगा तो ध्यान वहीं होगा और स्पीकर की बात अनसुनी रह जाएगी। स्पीकर से माहौल बहस, विवाद बढ़ाएँस्थिति तब और माहौल हो गई जब जया बच्चन ने स्पीकर से कहा कि उन्हें टोकने के बजाय उन सदस्यों पर कार्रवाई की जाए जो बाधाएं पैदा कर रहे हैं। इस पर स्पीकर ने कहा कि सभी को अपनी बात रखने का मौका दिया जाता है। लेकिन जया बच्चन इससे कार्यकर्ता नहीं दिखीं और उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि समय आपके हाथ में है, जितना देना है दे दीजिए, फांसी पर चढ़ा दीजिए, कमजोर लोगों को तो वैसे भी आश्रित जा रहा है। इस दौरान दोनों के बीच कई बार तीखे संवाद हुए। विपक्ष ने विधेयक पर उठाए सवालइस बहस के बीच विपक्षी दलों ने ट्रांसजेंडर समुदाय से जुड़े इस विधेयक को अन्यायपूर्ण समझाए हुए इसे प्रवर समिति के पास भेजने की मांग की। जया बच्चन ने भी सवाल उठाया कि बजट सत्र के दौरान इस विधेयक को लाने की क्या जरूरत थी और कहा कि इस पर व्यापक चर्चा होनी चाहिए। उनका कहना था कि यह समुदाय सामाजिक रूप से पहले ही कमजोर है और उसके साथ किसी भी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए। सरकार पर लगे आरोप, पक्ष-विपक्ष आमने-सामनेवहीं टीकाकरण कांग्रेस के नेता साकेत गोखले ने सरकार पर आरोप लगाया कि वह दबाव में फैसला ले रही है और इस मुद्दे पर पूछताछ की जा रही है। दूसरी ओर सत्ता पक्ष ने विरोध पर पलटवार करते हुए कहा कि जब वे सत्ता में थे, तब उन्होंने इस समुदाय के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए। इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच टकराव बहस देखने को मिली।

जब सलमान खान के कोरियोग्राफर बने उनके ड्राइवर-कुक, बोनफायर पार्टी की देन था ये फनी डांस मूव

नई दिल्ली। साल 2010 में आई सुपरस्टार सलमान खान की फिल्म ‘दबंग’ ने बॉक्स ऑफिस के कई रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। फिल्म न केवल ब्लॉकबस्टर साबित हुई, बल्कि इसने सलमान खान को ‘चुलबुल पांडे’ के रूप में एक नई पहचान दी। इस फिल्म की सक्सेस में मलाइका अरोड़ा पर फिल्माए गए आइटम नंबर ‘मुन्नी बदनाम हुई’ का भी बड़ा हाथ था। यह गाना उन दिनों हर पार्टी और शादी में जरूर बजाया जाता था। गाने में सलमान खान का वो मस्तमौला अंदाज और फनी डांस स्टेप आज भी लोगों को याद है। लेकिन इस गाने के पीछे की कहानी बेहद दिलचस्प है। मेकर्स का सोलो प्लान और सलमान की एंट्रीकम ही लोगों को पता है कि सलमान खान असल में ‘मुन्नी बदनाम हुई’ गाने का हिस्सा होने ही नहीं वाले थे। फिल्म के मेकर्स का शुरुआती प्लान कुछ और ही था। वो चाहते थे कि इस गाने में केवल मलाइका अरोड़ा का सोलो परफॉर्मेंस रहे। मेकर्स को लगा था कि मलाइका का डांस ही गाने में जान फूंकने के लिए काफी है, लेकिन जब सलमान खान ने यह गाना पहली बार सुना, तो उन्हें यह इतना पसंद आ गया कि वह खुद को इसमें शामिल होने से रोक नहीं पाए। उन्होंने मेकर्स के सामने अपनी इच्छा जाहिर की, कि वह भी इस गाने में परफॉर्म करना चाहते हैं। मजे-मजे में यूं निकला आइकॉनिक डांस मूवगाने में शामिल होने की बात तो तय हो गई, लेकिन अब कोरियोग्राफी तय होनी थी। इसका जवाब सलमान ने खुद ही तलाश लिया। एक दिन वह अपनी टीम के साथ अपने पनवेल वाले फार्म हाउस पहुंचे। वहां उनके साथ उनका ड्राइवर और कुक भी मौजूद थे। सलमान ने रात में बोनफायर जलाया और स्पीकर पर ‘मुन्नी बदनाम हुई’ गाना बजाना शुरू किया। इसके बाद जो हुआ, उसकी उम्मीद शायद खुद भाईजान को भी नहीं थी। सलमान के ड्राइवर्स और कुक ने कुछ स्टेप्स किए, जिन्हें देखकर सलमान खान काफी इंप्रेस हो गए। उन्हें ये स्टेप्स काफी फनी और दिलचस्प लगे। सलमान को वो डांस स्टेप इतने नेचुरल और फन से भरे लगे कि उन्हीं मूव्स को फाइनल कर लिया गया। 231 करोड़ का बिजनेस और चुलबुल का जादूपनवेल के फार्म हाउस की उस बोनफायर पार्टी से निकला वह स्टेप न सिर्फ फिल्म देखने वालों के लिए सरप्राइज बना, बल्कि हमेशा के लिए सलमान खान का सिग्नेचर मूव बन गया। फिल्म के बजट और कमाई की बात करें तो करीब 100 करोड़ रुपये की लागत में बनी ‘दबंग’ ने उस वक्त बॉक्स ऑफिस पर कुल 231 करोड़ रुपये का बिजनेस किया था।

धुरंधर 2 में ACP ओमर का रोल निभाने वाले एक्टर का दावा; पाकिस्तान से आए धमकी भरे मैसेज

नई दिल्ली। धुरंधर: द रिवेंज बॉक्स ऑफिस पर दुनियाभर में शानदार प्रदर्शन कर रही है। फिल्म की देश-विदेश में चर्चा हो रही है। धुरंधर 2 में कलाकारों की भी जमकर तारीफ हो रही है। धुरंधर 2 की चर्चाओं के बीच फिल्म में एसीपी ओमर हैदर का किरदार निभाने वाले आदित्य उप्पल ने बताया कि उन्हें पाकिस्तान से भी तारीफें मिल रही हैं। इसी के साथ उन्होंने बताया कि उन्हें पाकिस्तान से जान से मारने की धमकियां भी मिली हैं। धुरंधर 2 एक्टर को मिली जान से मारने की धमकीडीएनए से खास बातचती में आदित्य उप्पल ने बताया कि कैसे उन्हें पाकिस्तान से धमकी भरे डरावने मैसेज आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से कुछ लोगों ने उन्हें धमकी दी कि अगर वो कभी उनके सामने आ गए तो वो उन्हें छोड़ेंगे नहीं। आदित्य ने कहा कि इनमें से कुछ लोगों को उन्होंने साफ किया कि वो सिर्फ एक एक्टर हैं जिन्होंने फिल्म में बस एक रोल निभाया है। रियल लाइफ ओमर के बारे में क्या बोले आदित्य उप्पलइसी बातचीत के दौरान आदित्य उप्पल ने बताया कि इंस्टाग्राम पर किसी ने उन्हें असल लाइफ वाले ओमर हैदर से कनेक्ट कराया। उन्होंने कहा कि असल लाइफ वाले ओमर ने उनके रोल को नोटिस किया। आदित्य ने बातचीत में बताया कि असल लाइफ वाले ओमर हैदर आज के वक्त में पाकिस्तान में एसपी के पद पर तैनात हैं।उन्होंने असल लाइफ ओमर हैदर को एक बुद्धिमान व्यक्ति बताया और कहा कि वो कराची में काफी एक्टिव हैं।उन्होंने कहा कि उन्हें ये भी पता चला है असल लाइफ वाले ओमर हैदर ने उनकी इंस्टाग्राम प्रोफाइल देखी थी, लेकिन उनकी प्राइवेसी का सम्मान करते हुए उन्होंने उनको डायरेक्टली मैसेज नहीं किया। पाकिस्तान के लोगों से मिल रही प्रशंसाआदित्य उप्पल ने बताया कि पाकिस्तान से धमकी भरे मैसेज के बीच कई लोग उनकी तारीफ भी कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि दुबई में रहने वाले एक ग्लोबल ब्रांड के प्रमुख सीईओ, जो जन्म से पाकिस्तानी हैं, इंस्टाग्राम पर नियमित रूप से उन्हें मैसेज भेजकर फिल्म की प्रशंसा कर रहे हैं। ग्लोबल ब्रांड की इसी सीईओ ने आदित्य उप्पल को रियल लाइफ ओमर हैदर से कनेक्ट भी कराया है। धुरंधर 2 का बॉक्स ऑफिस परफॉर्मेंसधुरंधर 2 की बात करें तो फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बहुत ही शानदार प्रदर्शन कर रही है। फिल्म ने दुनियाभर में 950 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर ली है। वहीं, भारत में फिल्म की कमाई 500 करोड़ से कई अधिक हो चुकी है। धुरंधर 2 की बात करें तो फिल्म 19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। फिल्म का पहला पार्ट पिछले साल सिनेमाघरों में रिलीज हुआ था। फिल्म के दूसरे पार्ट में को पहले पार्ट से कई ज्यादा प्यार मिल रहा है।।

घंटों लंबी फिल्में, लेकिन नहीं चला जादू! जानें सबसे लंबी हिंदी फिल्मों की लिस्ट

नई दिल्ली। धुरंधर 2 सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। सोशल मीडिया पर कई वजहों से इस फिल्म की चर्चा हो रही है। इन वजाहों में से एक वजह है फिल्म का रनटाइम। रणवीर सिंह की धुरंधर 2 का रनटाइम लगभग चार मिनट का है। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन भी कर रही है। धुरंधर 2 का नाम टॉप 5 सबसे लंबी हिंदी फिल्मों की लिस्ट में शामिल हो गया है। आइए जानते हैं धुरंधर 2 के अलावा इस लिस्ट में और कौन सी फिल्में शामिल हैं। एलओसी: कारगिल: लिस्ट में सबसे पहला नंबर साल 2003 में रिलीज हुई फिल्म एलओसी: कारगिल का है। इस फिल्म का रनटाइम 4 घंटे 15 मिनट था। यह एक मल्टीस्टारर वॉर ड्रामा फिल्म थी। फिल्म में संजय दत्त, अजय देवगन, अक्षय खन्ना, अभिषेक बच्चन, सुनील शेट्टी, सैफ अली खान, मनोज बाजपेयी और सुदेश बैरी जैसे कलाकार नजर आए थे। boxofficeindia.com के मुताबिक, फिल्म का बजट 33 करोड़ था। वहीं, फिल्म ने भारत में 26.53 करोड़ (ग्रॉस) कमाई की थी। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हुई थी। फिल्म की आईएमडीबी रेटिंग 5.5 है। मेरा नाम जोकर: लिस्ट में दूसरे नंबर पर 1970 में आई फिल्म मेरा नाम जोकर है। फिल्म में राज कपूर, मनोज कुमार और सिमी गरेवाल नजर आई थीं। फिल्म का रनटाइम 4 घंटे 13 मिनट का था। फिल्म की आईएमडीबी रेटिंग 7.9 है। ये फिल्म जब रिलीज हुई थी तब बॉक्स ऑफिस पर बड़ी फ्लॉप साबित हुई थी। हालांकि, आज इस फिल्म की गिनती कल्ट फिल्मों में होती है। धुरंधर 2: इस लिस्ट में चौथे नंबर पर रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर 2 है। फिल्म हाल ही में रिलीज हुई है। फिल्म की आईएमडीबी रेटिंग 8.7 है। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कमाल कर रही है। फिल्म ने खबर लिखे जाने तक (25 मार्च, शाम 5 बजे तक) 598.47 करोड़ की कमाई कर ली है। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी हिट साबित होगी। फिल्म का रनटाइम 3 घंटे 49 मिनट है। संगम: लिस्ट में तीसरे नंबर पर साल 1964 में रिलीज हुई फिल्म संगम है। इस फिल्म का रनटाइम 3 घंटे 58 मिनट था। फिल्म की आईएमडीबी रेटिंग 7.3 है। sacnilk.com के मुताबिक, फिल्म ने भारत में 3.90 करोड़ (नेट) की कमाई की थी। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर एक बड़ी ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी। फिल्म की आईएमडीबी रेटिंग 7.3 है। लगान: लिस्ट में 5वें नंबर पर आमिर खान की फिल्म लगान है। फिल्म साल 2001 में रिलीज हुई थी। फिल्म का रनटाइम 3 घंटे 44 मिनट है। फिल्म की आईएमडीबी रेटिंग 8.1 है। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट साबित हुई थी। फिल्म ने भारत में 55.63 करोड़ (ग्रॉस) की कमाई की थी।

बॉलीवुड में रिकॉर्ड: भारत का एकमात्र मेल स्टार जिसने जीता बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड

नई दिल्ली।भारत का इकलौता मेल एक्टर जिसे मिला बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड, रच दिया था अनोखा इतिहासआज हम आपको एक ऐसे मेल एक्टर के बारे में बताने वाले हैं जिन्हें बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड मिला था वो भी नेशनल नहीं बल्कि इंटरनेशनल लेवल पर। बॉलीवुड एक्टरकई एक्टर्स अपने काम से ना सिर्फ भारत बल्कि विदेश में भी अपनी पहचान बनाते हैं। अब आज हम आपको एक ऐसे ही एक्टर के बारे में बताने वाले हैं जिन्होंने अपनी एक्टिंग से इंटरनेशनल अवॉर्ड जीता वो भी एक ऐसी कैटेगरी से जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी। निर्मल पांडेजिस एक्टर की हम बात कर रहे हैं वह हैं निर्मल पांडे। निर्मल जिन्हें आपने कई हिंदी फिल्मों में विलन के रूप में देखा होगा। आज उनसे जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा आपको बताते हैं। फिल्म दायरानिर्मल को एक बार बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड मिला था वो भी उनकी फिल्म दायरा के लिए। दरअसल, दायरा में निर्मल ने किन्नर का किरदार निभाया था। फिल्म में निर्मल के साथ सोनाली कुलकर्णी लीड रोल में थीं। दोनों एक्टर्स की काफी तारीफ हुई थी। बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्डवहीं वैलेनसियनेस फिल्म फेस्टिवल फ्रांस 1997 में निर्मल और सोनाली को इस फिल्म के लिए बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड मिला था। लंदन में किया थिएटरनिर्मल की बात करें तो उन्होंने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में ग्रेजुएशन की। इसके बाद वह लंदन चले गए थिएटर के लिए। इस फिल्म से किया डेब्यूलंदन से वापस आने के बाद निर्मल ने फिर 1994 में आई शेखर कपूर की फिल्म बैंडिट क्वीन से डेब्यू किया था। इन हिट फिल्मों में किया कामनिर्मल ने अपने करियर में प्यार किया तो डरना क्या, वन टू का फोर, हद कर दी आपने जैसी मूवीज में काम किया है। जल्द किया दुनिया को अलविदानिर्मल ज्यादा लाइफ नहीं जी सके और साल 2010 में 47 की उम्र में उनका निधन हो गया था। निर्मल के निधन के बाद उनकी आखिरी फिल्म लाहौर रिलीज हुई थी।

DHURANDHAR 2: एनिमल को पीछे छोड़ धुरंधर 2 बनी बॉक्स ऑफिस की नई बादशाह रणवीर सिंह का जलवा कायम

  DHURANDHAR 2: नई दिल्ली: बॉलीवुड के सुपरस्टार रणवीर सिंह इन दिनों अपनी फिल्म धुरंधर 2 को लेकर जबरदस्त चर्चा में हैं। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर ऐसी रफ्तार पकड़ी है कि यह कमाई की बुलेट ट्रेन बन चुकी है और हर दिन नए रिकॉर्ड अपने नाम कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म ने रिलीज के महज 6 दिनों में ही शानदार कमाई करते हुए इंडिया ग्रॉस ₹692.67 करोड़ और इंडिया नेट ₹580.11 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है। खास बात यह है कि फिल्म का थिएट्रिकल रन अभी जारी है और इसके कलेक्शन में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। अगर तुलना करें तो रणबीर कपूर की फिल्म एनिमल ने अपने पूरे लाइफटाइम में ₹553.87 करोड़ का इंडिया नेट कलेक्शन किया था। ऐसे में धुरंधर 2 ने सिर्फ एक हफ्ते से भी कम समय में इस आंकड़े को पार कर लिया है जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। लेकिन यह सिर्फ आंकड़ों की कहानी नहीं है। धुरंधर 2 को दर्शकों का जबरदस्त प्यार मिल रहा है। फिल्म में रणवीर सिंह की दमदार एक्टिंग, इमोशनल डेप्थ और मास अपील ने इसे एक बड़े सिनेमाई इवेंट में बदल दिया है। हर सीन में उनकी मौजूदगी और परफॉर्मेंस दर्शकों को बांधे रखती है। इस फिल्म के जरिए रणवीर सिंह ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वह सिर्फ एक स्टार नहीं बल्कि एक ऐसे अभिनेता हैं जो हर बार खुद को नए स्तर पर ले जाते हैं। उनकी यह फिल्म न सिर्फ भारत में बल्कि इंटरनेशनल मार्केट में भी शानदार प्रदर्शन कर रही है। एक और बड़ी उपलब्धि यह है कि रणवीर सिंह अब ऐसे इकलौते भारतीय अभिनेता बन गए हैं जिनकी चार फिल्मों ने नॉर्थ अमेरिका में 10 मिलियन डॉलर का आंकड़ा पार किया है। यह उनके बढ़ते ग्लोबल स्टारडम को साफ दर्शाता है। धुरंधर 2 की सफलता ने यह भी दिखा दिया है कि सही कंटेंट और दमदार परफॉर्मेंस के साथ कोई भी फिल्म रिकॉर्ड तोड़ सकती है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि यह फिल्म अपने लाइफटाइम में और कितने बड़े रिकॉर्ड अपने नाम करती है। 🔖 English Tags Ranveer Singh, Dhurandhar 2 Box Office, Bollywood Collection, Animal Movie Record, Indian Cinema

S. S. Rajamouli की वाराणसी बनी ग्लोबल चर्चा का केंद्र प्रियंका चोपड़ा और महेश बाबू का मेगा प्रोजेक्ट

नई दिल्ली: भारतीय सिनेमा के मशहूर निर्देशक S. S. Rajamouli का अगला मेगा प्रोजेक्ट वाराणसी इन दिनों जबरदस्त चर्चा में बना हुआ है फिल्म की शूटिंग अभी जारी है लेकिन इसके पहले ही इसके भव्य सेट ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है हाल ही में इस फिल्म के सेट की कुछ तस्वीरें सामने आई हैं जो इतनी वास्तविक लग रही हैं कि दर्शक असली और नकली के बीच फर्क ही नहीं कर पा रहे हैं इस फिल्म में सुपरस्टार Mahesh Babu और ग्लोबल आइकन Priyanka Chopra मुख्य भूमिका में नजर आने वाले हैं वहीं Prithviraj Sukumaran भी इस बड़े प्रोजेक्ट का अहम हिस्सा हैं इंटरनेशनल लेवल पर बन रही इस फिल्म को लेकर फैंस में जबरदस्त उत्साह है खास बात यह है कि फिल्म के लिए उत्तर प्रदेश के पवित्र शहर Varanasi को हूबहू हैदराबाद के स्टूडियो में तैयार किया गया है यहां गंगा के घाट मंदिरों की वास्तुकला और संकरी गलियों को इतनी बारीकी से रिक्रिएट किया गया है कि पहली नजर में यह पहचान पाना मुश्किल हो जाता है कि यह असली लोकेशन नहीं है बल्कि एक सेट है बताया जा रहा है कि फिल्म के टीजर लॉन्च से पहले दुनियाभर के कई इंटरनेशनल मीडिया हाउस को भारत बुलाया गया था जहां उन्हें इस विशाल सेट का दौरा कराया गया इस दौरान कलाकारों और मेकर्स ने फिल्म के विजन और स्केल की झलक भी दिखाई सेट पर मौजूद छोटे छोटे मॉडल्स और मिनिएचर्स से लेकर बड़े घाटों की संरचना तक हर चीज में अद्भुत डिटेलिंग देखने को मिली सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो में नदी किनारे बने मंदिरों की खूबसूरती और शहर की जीवंतता साफ झलक रही है कई फैंस ने इन तस्वीरों को देखकर हैरानी जताई और कहा कि यह सेट किसी हॉलीवुड प्रोडक्शन से कम नहीं लग रहा है फिल्म की खास बात यह भी है कि इसकी शूटिंग सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है बल्कि इसे कई अंतरराष्ट्रीय लोकेशन्स पर भी फिल्माया जा रहा है खबरों के मुताबिक अगला शेड्यूल अंटार्कटिका में शूट किया जाएगा जो इसे और भी भव्य और अनोखा बना देगा राजामौली अपने बड़े विजन और शानदार फिल्ममेकिंग के लिए जाने जाते हैं और इस फिल्म से भी दर्शकों को कुछ अलग और भव्य देखने की उम्मीद है वाराणसी सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता को ग्लोबल मंच पर पेश करने की एक बड़ी कोशिश मानी जा रही है

एक नहीं दो घड़ियां क्यों पहनते हैं Abhishek Bachchan जानिए बच्चन परिवार की दिलचस्प कहानी

नई दिल्ली:  हाल ही में बॉलीवुड अभिनेता Abhishek Bachchan एक हाई प्रोफाइल इवेंट में नजर आए जहां उनका ऑल ब्लैक लुक चर्चा का केंद्र बन गया लेकिन उनके स्टाइल से भी ज्यादा जिस चीज ने लोगों का ध्यान खींचा वह थी उनकी दोनों कलाईयों पर बंधी घड़ियां सोशल मीडिया पर जैसे ही उनकी तस्वीरें सामने आईं वैसे ही यह सवाल तेजी से वायरल हो गया कि आखिर वह दोनों हाथों में घड़ी क्यों पहनते हैं इवेंट में अभिषेक बेहद स्टाइलिश और कॉन्फिडेंट नजर आए एक हाथ में गोल्डन वॉच और दूसरे में ब्लैक कलर की वॉच पहने उनका लुक क्लासी और अलग दिख रहा था फैंस ने उनके इस अंदाज को लेकर कई तरह के कयास लगाने शुरू कर दिए कुछ लोगों ने इसे नया फैशन ट्रेंड बताया तो कुछ ने इसे स्टेटस सिंबल माना लेकिन इस स्टाइल के पीछे की असली कहानी कुछ और ही है दरअसल दोनों हाथों में घड़ी पहनना कोई नया फैशन नहीं बल्कि बच्चन परिवार की एक पुरानी परंपरा है यह आदत अभिषेक के पिता महानायक Amitabh Bachchan में भी देखी जाती है और इसके पीछे की जड़ें उनकी मां Jaya Bachchan से जुड़ी हुई हैं अभिषेक ने एक इंटरव्यू में इस परंपरा के बारे में खुलकर बताया था उन्होंने कहा कि उनकी मां जया बच्चन जब यूरोप में बोर्डिंग स्कूल में पढ़ती थीं तब वह एक साथ दो टाइम जोन को मैनेज करने के लिए दोनों हाथों में घड़ी पहनती थीं एक घड़ी भारत का समय दिखाती थी जबकि दूसरी यूरोप का इससे उन्हें अपने परिवार खासकर भारत में मौजूद लोगों के साथ बातचीत का समय तय करने में आसानी होती थी समय के साथ यह आदत सिर्फ जरूरत नहीं बल्कि एक भावनात्मक जुड़ाव बन गई बाद में Amitabh Bachchan ने भी इसे अपनाया और अब Abhishek Bachchan भी इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं यही वजह है कि जब भी वह दोनों हाथों में घड़ी पहने नजर आते हैं तो यह सिर्फ स्टाइल नहीं बल्कि परिवार के साथ जुड़ी एक खास भावना का प्रतीक होता है सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इन तस्वीरों के बाद अब फैंस इस स्टाइल को नए नजरिए से देख रहे हैं यह सिर्फ एक फैशन स्टेटमेंट नहीं बल्कि एक ऐसी परंपरा है जो समय और रिश्तों के बीच संतुलन बनाए रखने की खूबसूरत कहानी कहती है

सपोर्टिंग किरदारों से तंग आए समीर सोनी बोले अब या तो हीरो बनूंगा या एक्टिंग छोड़ दूंगा

नई दिल्ली:बॉलीवुड में कई ऐसे कलाकार हैं जो सालों तक मेहनत करने के बावजूद वो मुकाम हासिल नहीं कर पाते जिसके वे हकदार होते हैं। उन्हीं में से एक नाम है समीर सोनी का जिन्होंने करीब 25 साल तक इंडस्ट्री में काम किया लेकिन उन्हें हमेशा सपोर्टिंग रोल में ही देखा गया। अब इतने लंबे इंतजार के बाद उन्होंने अपने करियर को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लिया है। हाल ही में समीर सोनी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए साफ तौर पर कहा कि अब वह सपोर्टिंग किरदार नहीं निभाना चाहते। उन्होंने लिखा कि 25 साल तक इंतजार करने के बाद अब समय आ गया है कि उन्हें लीड रोल मिले। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उन्हें मुख्य भूमिका नहीं मिलती है तो वह एक्टिंग छोड़ने तक का फैसला कर सकते हैं। उनके इस बयान ने फैंस और इंडस्ट्री दोनों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। समीर सोनी का यह फैसला सिर्फ एक नाराजगी नहीं बल्कि उनके लंबे संघर्ष और अंदरूनी भावनाओं का परिणाम माना जा रहा है। उन्होंने अपने करियर में बेटे भाई पति और पिता जैसे कई किरदार निभाए लेकिन कभी भी कहानी के केंद्र में नहीं रहे। अब वह खुद को एक लीड एक्टर के रूप में साबित करना चाहते हैं और इसके लिए उन्होंने यह सख्त रुख अपनाया है। अगर उनके करियर पर नजर डालें तो उन्होंने टीवी से अपनी पहचान बनाई। समंदर जस्सी जैसी कोई नहीं और परिचय नई जिंदगी के सपनों का जैसे शोज में उन्होंने शानदार काम किया और घर घर में पहचाने गए। इसके बाद उन्होंने फिल्म चाइना गेट से बॉलीवुड में कदम रखा। हालांकि फिल्मों में भी उन्हें ज्यादातर सपोर्टिंग रोल ही मिले। फिल्म बागबान में अमिताभ बच्चन के बेटे के रूप में उनकी भूमिका को काफी सराहा गया और यह उनके करियर का एक अहम मोड़ साबित हुआ। इसके अलावा उन्होंने फैशन विवाह और स्टूडेंट ऑफ द ईयर जैसी फिल्मों में भी काम किया और अपने अभिनय से अलग पहचान बनाई। साल 2010 में उन्होंने बिग बॉस 4 में हिस्सा लेकर भी दर्शकों के बीच अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। उनकी पर्सनल लाइफ भी काफी दिलचस्प रही है। उनकी शादी नीलम कोठारी से हुई है जो 80 और 90 के दशक की मशहूर अभिनेत्री रही हैं। दोनों की लव स्टोरी भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। दोनों पहले अपने अपने रिश्तों में असफल रहे लेकिन बाद में एक दूसरे में सच्चा प्यार मिला और उन्होंने शादी कर ली। समीर सोनी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब इंडस्ट्री में कंटेंट और किरदारों की विविधता पर लगातार चर्चा हो रही है। उनका यह कदम यह भी दिखाता है कि अब कलाकार सिर्फ काम करने के लिए नहीं बल्कि सही पहचान और सम्मान के लिए भी आवाज उठा रहे हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या उनका यह फैसला उनके करियर को नई दिशा देता है या वह सच में एक्टिंग को अलविदा कह देते हैं।

ल्प लॉ के फाइनल ईयर में पहली फिल्म 700 रुपए फीस से शुरू हुई फारूख शेख की प्रेरक कहानी

नई दिल्ली: भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ कलाकार ऐसे रहे हैं जिन्होंने अपने अभिनय और सादगी से एक अलग पहचान बनाई उन्हीं में से एक थे फारूख शेख जिनका जन्म 25 मार्च 1948 को गुजरात के सूरत जिले के अमरोली में हुआ था अपने करियर की शुरुआत उन्होंने एक ऐसे समय में की जब सिनेमा में समानांतर सिनेमा की एक नई धारा आकार ले रही थी और फारूख शेख इस धारा के प्रमुख चेहरों में से एक बनकर उभरे फारूख शेख की शिक्षा मुंबई में हुई उन्होंने सेंट मैरी स्कूल से स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद सेंट जेवियर कॉलेज में दाखिला लिया और फिर सिद्धार्थ कॉलेज ऑफ लॉ से कानून की डिग्री प्राप्त की यह दिलचस्प है कि वे लॉ के फाइनल ईयर में पढ़ रहे थे जब उन्हें अपनी पहली फिल्म में काम करने का मौका मिला उनकी पहली फिल्म गर्म हवाथी जिसे निर्देशक एमएस सथ्यू ने बनाया था इस फिल्म को भारतीय न्यू वेव सिनेमा की एक महत्वपूर्ण फिल्म माना जाता है इस्मत चुगताई की कहानी पर आधारित यह फिल्म विभाजन के बाद के दौर में एक मुस्लिम परिवार के संघर्ष और पहचान के संकट को बेहद संवेदनशील तरीके से दिखाती है इस फिल्म में उनके साथ बलराज साहनी जैसे दिग्गज कलाकार थे और इस फिल्म के लिए उन्हें मात्र सात सौ पचास रुपये की फीस मिली थी गर्म हवाके बाद फारूख शेख ने पीछे मुड़कर नहीं देखा उन्होंने शतरंज के खिलाड़ीजैसी फिल्म में सत्यजीत रे के निर्देशन में काम किया जिसने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान दिलाई इसके बाद गमनमें उनका अभिनय बेहद प्रभावशाली रहा जिसमें उन्होंने एक ऐसे टैक्सी ड्राइवर की भूमिका निभाई जो मुंबई में संघर्ष करता है और अंततः अपने घर वापस नहीं लौट पाता यह किरदार आज भी दर्शकों के दिलों में बसा हुआ है फारूख शेख केवल एक अभिनेता ही नहीं बल्कि एक बेहतरीन एंकर भी थे उन्होंने रेडियो पर क्विज शो होस्ट किए और दूरदर्शन के कार्यक्रम युवा दर्शनऔर यंग वर्ल्डके माध्यम से घर घर में लोकप्रियता हासिल की उनकी मधुर आवाज और सादगी भरा अंदाज दर्शकों को बेहद पसंद आता था उनकी फिल्मों में नूरीचश्मे बुद्दूरकथासाथ साथकिसी से न कहनारंग बिरंगीएक पलअंजुमनफासलेऔर बाजारजैसी कई यादगार फिल्में शामिल हैं इनमें चश्मे बुद्दूरको खासतौर पर दर्शकों ने बहुत पसंद किया और यह उनकी सबसे लोकप्रिय फिल्मों में से एक बन गई फारूख शेख का फिल्मी करियर 1977 से 1989 तक सक्रिय रहा इसके बाद उन्होंने टेलीविजन में काम करना शुरू किया और 1988 से 2000 तक टीवी पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई बाद में 2008 में उन्होंने एक बार फिर फिल्मों में वापसी की और लाहौरये जवानी है दीवानीशंघाईऔर क्लब 60जैसी फिल्मों में काम करके अपनी प्रतिभा का परिचय दिया अपने पूरे करियर में फारूख शेख ने जिस तरह के किरदार निभाए वे यथार्थ के बेहद करीब थे और उन्होंने अपने अभिनय से सिनेमा को एक नई दिशा दी 28 दिसंबर 2013 को दुबई में दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया लेकिन उनके अभिनय और सादगी की छाप आज भी सिनेमा प्रेमियों के दिलों में जिंदा है