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सौरभ शुक्ला बोले जिंदगी में परफेक्शन नहीं अपूर्णता में ही छुपी है असली ताकत

नई दिल्ली :अभिनेता और फिल्ममेकर सौरभ शुक्ला ने जीवन और रिश्तों को लेकर एक गहरा और विचारोत्तेजक दृष्टिकोण साझा किया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस दुनिया में परफेक्शन जैसी कोई चीज नहीं होती और इंसान स्वभाव से अपूर्ण होता है। उनके अनुसार यही अपूर्णता जीवन को आगे बढ़ने का अवसर देती है और इसमें सुधार की हमेशा गुंजाइश बनी रहती है। आईएएनएस से बातचीत में सौरभ शुक्ला ने कहा कि अगर कोई चीज पूरी तरह से परफेक्ट हो जाए तो उसमें आगे बढ़ने या कुछ नया सीखने की संभावना समाप्त हो जाती है। उन्होंने कहा कि अपूर्णता ही वह तत्व है जो इंसान को लगातार बेहतर बनने के लिए प्रेरित करता है। उनके मुताबिक परफेक्शन भले ही सुनने में आकर्षक लगे, लेकिन वास्तव में यह एक स्थिर और बोरिंग स्थिति है, जबकि अपूर्णता जीवन को गतिशील बनाए रखती है। उन्होंने यह भी कहा कि इंसान अक्सर अपने जीवन में परफेक्ट रिश्तों या परफेक्ट शादी की तलाश करता है, लेकिन यह एक भ्रम है। वास्तविकता यह है कि हर रिश्ता अपूर्ण होता है और उसकी असली खूबसूरती भी इन्हीं खामियों को स्वीकार करने में है। जब हम अपने साथी की कमियों को समझते हैं और उन्हें स्वीकार करते हैं, तभी एक मजबूत और गहरा रिश्ता बनता है। सौरभ शुक्ला ने रिश्तों में ईमानदारी को सबसे महत्वपूर्ण बताया। उनका कहना है कि किसी भी रिश्ते में पारदर्शिता और सच्चाई का होना बेहद जरूरी है। यदि कोई व्यक्ति अपने रिश्ते में सच को छुपाता है, तो भले ही वह बात उस समय संभल जाए, लेकिन भविष्य में यह बड़े नुकसान का कारण बन सकती है। उन्होंने कहा कि जब सच्चाई सामने आती है तो सबसे ज्यादा दर्द इस बात का होता है कि आपको पहले ही यह नहीं बताया गया। उन्होंने आगे कहा कि रिश्तों में झूठ या छुपाव धीरे धीरे भरोसे को कमजोर करता है। इससे शक पैदा होता है और व्यक्ति हर बात पर संदेह करने लगता है। ऐसे में रिश्ता कमजोर हो जाता है और उसकी नींव हिल जाती है। सौरभ शुक्ला ने कहा कि रिश्तों को मजबूत बनाए रखने के लिए ईमानदारी और खुलापन सबसे जरूरी तत्व हैं। उन्होंने एक दार्शनिक दृष्टिकोण रखते हुए यह भी कहा कि इंसान के नजरिए से इस जीवन में एक ही चीज को पूरी तरह परफेक्ट माना जा सकता है और वह है मृत्यु। उनके अनुसार जीवन के बाद क्या होता है, यह किसी को नहीं पता, लेकिन जीवन में अपूर्णता ही हमें आगे बढ़ने और सीखने का अवसर देती है। सौरभ शुक्ला ने अपने फिल्मी करियर का जिक्र करते हुए भी कहा कि उनकी हाल ही में रिलीज फिल्म में भी यही थीम देखने को मिलती है, जहां रिश्तों में छिपे सच और उससे पैदा होने वाले बदलावों को दिखाया गया है। उन्होंने कहा कि जीवन की तरह फिल्मों में भी असली कहानी तब शुरू होती है जब किरदार अपनी कमजोरियों और सच्चाइयों का सामना करते हैं। उनके विचार जीवन के इस सरल लेकिन गहरे सत्य को उजागर करते हैं कि परफेक्शन की तलाश छोड़कर जब हम अपनी अपूर्णताओं को अपनाते हैं, तभी जीवन में असली संतुलन और संतोष संभव होता है।

सुनील ग्रोवर बने कॉमेडी की धड़कन हर किरदार में ढलने वाला बेमिसाल हुनर

नई दिल्ली । छोटे पर्दे की दुनिया में कुछ कलाकार ऐसे होते हैं जो सिर्फ अभिनय नहीं करते बल्कि अपने हुनर से पूरी इंडस्ट्री का स्तर ही बदल देते हैं और सुनील ग्रोवर उन्हीं में से एक हैं। हाल के समय में जहां एक ओर फिल्म धुरंधर द रिवेंज और उसके लीड स्टार रणवीर सिंह की चर्चा हर तरफ सुनाई दे रही है वहीं दूसरी ओर सुनील ग्रोवर अपने जबरदस्त टैलेंट के दम पर लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। अगर बड़े पर्दे पर किसी को गिरगिट कहा जाए तो छोटे पर्दे पर यह खिताब बिना किसी हिचक के सुनील ग्रोवर को दिया जा सकता है क्योंकि वह हर किरदार में इस तरह ढल जाते हैं कि असली और नकली के बीच फर्क करना मुश्किल हो जाता है। कॉमेडी की दुनिया में सुनील ग्रोवर का सफर आसान नहीं रहा लेकिन उन्होंने अपने हुनर और मेहनत के दम पर एक अलग मुकाम हासिल किया। कॉमेडी नाइट्स विद कपिल में गुत्थी डॉक्टर मशहूर गुलाटी और रिंकू भाभी जैसे किरदारों ने उन्हें घर घर में पहचान दिलाई। इन किरदारों के जरिए उन्होंने यह साबित कर दिया कि कॉमेडी केवल हंसी तक सीमित नहीं होती बल्कि यह एक कला है जो दर्शकों के दिल में जगह बना लेती है। समय के साथ जब कपिल शर्मा का शो नए प्लेटफॉर्म पर पहुंचा और द ग्रेट इंडियन कपिल शो के रूप में सामने आया तो शुरुआत में दर्शकों की प्रतिक्रिया उतनी मजबूत नहीं रही लेकिन जैसे ही सुनील ग्रोवर की एंट्री हुई शो की पूरी तस्वीर बदल गई। उनकी मौजूदगी ने शो में नई जान फूंक दी और दर्शकों को फिर से वही पुराना जादू महसूस होने लगा। आज हालात यह हैं कि दर्शक शो देखने के लिए खास तौर पर सुनील ग्रोवर का इंतजार करते हैं। उनकी सबसे बड़ी खासियत उनकी मिमिक्री है। चाहे वह किसी मशहूर शख्सियत का अंदाज हो या किसी काल्पनिक किरदार का रूप सुनील उसे पूरी शिद्दत से निभाते हैं। उन्होंने कई बड़े कलाकारों की नकल इतनी सटीक तरीके से की है कि खुद असली कलाकार भी हैरान रह जाते हैं। मंच पर उनकी मौजूदगी दर्शकों को बांधे रखती है और हर परफॉर्मेंस एक नया अनुभव बन जाती है। सिर्फ कॉमेडी ही नहीं बल्कि सुनील ग्रोवर की सादगी भी उन्हें खास बनाती है। कैमरे के सामने जहां वह ऊर्जा और हास्य से भरपूर नजर आते हैं वहीं निजी जिंदगी में वह बेहद साधारण और जमीन से जुड़े हुए इंसान हैं। यही कारण है कि लोग उन्हें सिर्फ एक कलाकार नहीं बल्कि एक प्रेरणा के रूप में भी देखते हैं। आज के दौर में जब कंटेंट तेजी से बदल रहा है और दर्शकों की पसंद भी लगातार विकसित हो रही है ऐसे समय में सुनील ग्रोवर जैसे कलाकार का लगातार प्रासंगिक बने रहना उनकी काबिलियत का सबसे बड़ा सबूत है। वह न सिर्फ लोगों को हंसाते हैं बल्कि अपने अभिनय से उन्हें भावनात्मक रूप से भी जोड़ते हैं। सच कहा जाए तो सुनील ग्रोवर का टैलेंट अनुभव करना अपने आप में एक खास एहसास है और यही उन्हें टीवी का सच्चा लेजेंड बनाता है।

‘हैवान’ के लिए अक्षय कुमार की दिलचस्प कोशिश, लेकिन प्रियदर्शन ने नहीं दिया मौका

नई दिल्ली। अक्षय कुमार और डायरेक्टर प्रियदर्शन की जोड़ी ने कई हिट फिल्में दी हैं। दोनों के नाम गरम मसाला, हेरा फेरी जैसी फिल्में हैं। और अब आने वाले दिनों में भूत बंगला और हैवान में दोनों का काम नजर आने वाला है। अब हाल में डायरेक्टर ने बताया कि उन्होंने कभी अक्षय को कोई स्क्रिप्ट नहीं सुनाई। दोनों के बीच बस बातचीत होती है और वो फिल्म का हिस्सा बन जाते हैं। प्रियदर्शन ने कहा कि हैवान के लिए खुद अक्षय ने उनसे रोल मांगा था। दोनों के बीच बातचीत हुई और अक्षय को फिल्म मिल गई। अक्षय ने खुद मांगा रोलन्यूज18 के साथ बातचीत में प्रियदर्शन ने बताया कि भूत बंगला की शूटिंग के दौरान अक्षय कुमार ने उनसे पूछा था कि वो अगली कौनसी फिल्म बना रहे हैं। डायरेक्टर ने उनसे कह दिया कि वो फिल्म बना रहे हैं लेकिन उन्हें विलेन नहीं मिल रहा है। अक्षय जो जब फिल्म के बारे अक्षय को पता चला तो वो इसका हिस्सा बन गए। प्रियदर्शन ने कहा कि वो बहुत हैरान थे। फिल्म के बारे में कोई डिटेल में डिस्कशन नहीं हुआ। मैंने अक्षय को कभी फिल्म नरेट नहीं की। मैं उन्हें बस कहानी और किरदार बता देता हूं। वो हमेशा मुझसे पूछते हैं कि मैं कितना एक्साइटेड हूं। अगर मैं उन्हें कहता हूं कि मैं एक्साइटेड हूं तो वो खुश नहीं होंगे। अगर मैंने कह दिया कि मैं बहुत एक्साइटेड हूं तो वो कहेगा चलिए फिल्म बनाते हैं सर। अब कॉमेडी फिल्म नहीं बनाना चाहते प्रियदर्शनडायरेक्टर प्रियदर्शन ने कहा कि वो अब पूरी तरह से कॉमेडी फिल्म नहीं बनाना चाहते। हैवान में भी कुछ सीन कॉमेडी के हैं। लेकिन वो एक थ्रिलर फिल्म है। डायरेक्टर ने कहा कि उन्हें काम करते हुए 45 साल हो गए हैं। अब वो थोड़ा स्लो होना चाहते हैं। ओप्पम का हिंदी रीमेकबता दें, अक्षय कुमार की हैवान एक मलयालम फिल्म ओप्पम की हिंदी रीमेक है। इस फिल्म की कहानी एक ऐसे कैदी पर आधारित है जो सजा सुनाने वाले जज और उनकी बेटी को मार देना चाहता है। लेकिन इसमें बिल्डिंग का लिफ्टमैन भी है जो जज की बेटी को बचाने की कोशिश करता है। खास बात ये है कि ये किरदार अंधा है। इस किरदार को सैफ अली खान निभाने वाले हैं। फिल्म हैवान इस साल अगस्त में दस्तक देने वाली है।

‘Sabarmati Report’ के बाद Ekta Kapoor का बड़ा ऐलान-अब आएगी ‘The Terror Report’

नई दिल्ली। टीवी और फिल्म इंडस्ट्री की जानी-मानी अभिनेत्री एकता कपूर ने अपनी नई फिल्म द टेरर रिपोर्ट का ऐलान कर दिया है। ‘द साबरमती रिपोर्ट’ की सफलता के बाद अब यह फिल्म पाकिस्तान ऑक्यूपाइड कीमिया पीओके पर आधारित होगी। एकता कपूर ने सोशल मीडिया पर फिल्म का टीजर शेयर करते हुए बताया कि इस बार की कहानी और भी ज्यादा बोल्ड, निडर और दमदार होगी। फिल्म के निर्देशक विष्णुवर्धन होंगे, जो इससे पहले ‘शेरशाह’ जैसी हिट फिल्म दे चुके हैं। पिछली फिल्म की झलक में प्रदर्शित अनाउंस वीडियोफिल्म के अनाउंसमेंट वीडियो की शुरुआत ‘साबरमती रिपोर्ट’ के कुछ अहम सीन और डायलॉग्स से होती है। इसमें नरेंद्र मोदी को अपनी टीम के साथ फिल्म देखते हुए भी दिखाया गया है। साथ ही योगी आदित्यनाथ का बयान भी शामिल है, जिसमें उन्होंने फिल्म को उत्तर प्रदेश में टैक्स फ्री करने का ऐलान किया था। पिछली फिल्म की कहानी और रिसर्च के लिए काफी एक्टर मिले थे, जिसमें विक्रांत मैसी के अभिनय को भी काफी पसंद किया गया था। ऐसे में अब ‘द टेरर रिपोर्ट’ लेकर दर्शकों के बारे में विस्तार से बताया गया है। 1998 से 2025 तक की कहानियों पर आधारित कहानी‘डी टेरर रिपोर्ट’ की कहानी 1998 से 2025 तक की उन घटनाओं को दर्शाती है, जो पीओके और उससे जुड़े ऑपरेशनों की कहानी हैं- गिरजाघर। फिल्म में व्हेल, सुरक्षा संचालन और वैज्ञानिक विद्वानों को बड़े पैमाने पर दिखाया गया है। अनाउंसमेंट वीडियो में संकेत दिया गया है कि यह कहानी उन अनसुने बयानों को सामने लाएगी, जिसमें अब तक बड़े पैमाने पर प्रदर्शन नहीं किया गया है। फ़िल्म के क्वेश्चन एक गंभीर और वास्तविक विषय को दर्शकों तक पहुँचाने की कोशिश कर रहे हैं। स्टार कास्ट और रिलीज डेट का इंतजारएनालॉग फिल्म की स्टार कास्ट और रिलीज डेट को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि, फिल्म के प्रोडक्शन में शोभा कपूर, तनुज गर्ग, अतुल कस्बेकर और सुधीर चौधरी जैसे नाम जुड़े हुए हैं। ‘द साबरमती रिपोर्ट’ की सफलता के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि ‘द टेरर रिपोर्ट’ पर दर्शकों की उम्मीदें कितनी खराब हैं।

जयपुर फुट ने बदली किस्मत सुधा चंद्रन बनीं इंटरनेशनल सेलिब्रिटी…

नई दिल्ली: प्रसिद्ध अभिनेत्री और नृत्यांगना सुधा चंद्रन की जीवन यात्रा संघर्ष, हिम्मत और प्रेरणा की मिसाल है। एक समय ऐसा भी आया जब एक दुर्घटना ने उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल दी, लेकिन उन्होंने हार मानने के बजाय अपने साहस और दृढ़ संकल्प से नई शुरुआत की। आज वह अपनी सफलता का बड़ा श्रेय जयपुर फुट को देती हैं, जिसने उन्हें फिर से खड़े होकर आगे बढ़ने का हौसला दिया एक पुराने वीडियो में सुधा चंद्रन भावुक होकर डॉ. पी.के. सेठी और राजस्थान का आभार व्यक्त करती नजर आती हैं। वह कहती हैं कि आज वह जो कुछ भी हैं, उसमें जयपुर फुट का सबसे बड़ा योगदान है। इसी कृत्रिम पैर की मदद से उन्होंने न केवल चलना सीखा, बल्कि नृत्य और अभिनय की दुनिया में भी दमदार वापसी की सुधा चंद्रन की यह कहानी केवल व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हजारों दिव्यांगों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन चुकी है। उनका मानना है कि यदि व्यक्ति के अंदर मजबूत इच्छाशक्ति हो और सही समर्थन मिले, तो वह किसी भी मुश्किल को पार कर सकता है। जयपुर फुट जैसी सुलभ और प्रभावी तकनीक ने न केवल उनका जीवन बदला, बल्कि देश-विदेश में कई लोगों को नई उम्मीद भी दी है उन्होंने समाज में दिव्यांगता को लेकर बने नजरिए पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि वह ‘हैंडिकैप’ या ‘दिव्यांग’ जैसे शब्दों को समाज की सोच से हटाना चाहती हैं और लोगों को यह समझाना चाहती हैं कि किसी भी शारीरिक कमी के बावजूद व्यक्ति अपनी पहचान बना सकता है उनकी संघर्षपूर्ण कहानी को नाचे मयूरी फिल्म के जरिए भी दर्शाया गया, जिसमें उन्होंने खुद अपनी भूमिका निभाई थी। इस फिल्म ने उनकी जिंदगी के उस दौर को सामने रखा, जब उन्होंने एक हादसे के बाद फिर से अपने सपनों को जिया टेलीविजन पर भी सुधा चंद्रन ने अपनी अलग पहचान बनाई। कहीं किसी रोज में ‘रमोला सिकंद’ के किरदार ने उन्हें घर-घर में लोकप्रिय बना दिया। उनका अनोखा अंदाज और स्टाइल दर्शकों को बेहद पसंद आया  सुधा चंद्रन की कहानी यह सिखाती है कि जिंदगी में चाहे कितनी भी बड़ी मुश्किल क्यों न आए, हिम्मत और सही सहयोग से उसे हराया जा सकता है। ‘जयपुर फुट’ उनके लिए सिर्फ एक कृत्रिम पैर नहीं, बल्कि एक नई जिंदगी की शुरुआत साबित हुआ

जब रिहर्सल बना इतिहास ,श्रेया घोषाल का पहला ही गाना दिला गया नेशनल अवॉर्ड

नई दिल्ली । बॉलीवुड की दुनिया में कुछ कहानियां ऐसी होती हैं जो किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं लगती और श्रेया घोषाल की शुरुआत भी कुछ ऐसी ही रही महज 16 साल की उम्र में उनकी जिंदगी ने ऐसा मोड़ लिया जिसने उन्हें सीधे देश की सबसे बड़ी गायिकाओं की कतार में खड़ा कर दिया यह कहानी शुरू होती है संजय लीला भंसाली की फिल्म देवदास से जब भंसाली एक नई और ताजा आवाज की तलाश में थे तभी उनकी नजर श्रेया घोषाल पर पड़ी उन्होंने श्रेया को फिल्म के एक खास गाने के लिए चुना जिसका नाम था बैरी पिया यह गाना फिल्म में ऐश्वर्या राय और शाहरुख खान पर फिल्माया गया था और इसकी धुन और भावनाओं को जीवंत करने के लिए एक मासूम लेकिन मजबूत आवाज की जरूरत थी इस गाने से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा आज भी लोगों को हैरान कर देता है जब श्रेया पहली बार रिकॉर्डिंग स्टूडियो पहुंचीं तो उन्हें यह बताया गया कि यह सिर्फ एक तरह का ट्रायल या प्रैक्टिस सेशन है उन्होंने बिना किसी दबाव के हेडफोन लगाया और गाना शुरू कर दिया उनकी आवाज में सहजता और मासूमियत इतनी स्वाभाविक थी कि हर सुर दिल को छू रहा था बीच में जब वे रुकीं तो भंसाली ने उन्हें गाना जारी रखने को कहा और श्रेया ने बिना यह सोचे कि यह असली रिकॉर्डिंग है पूरा गाना गा दिया स्टूडियो में मौजूद सभी लोग उस वक्त हैरान रह गए थे क्योंकि एक किशोरी की आवाज में इतनी परिपक्वता और भावनात्मक गहराई कम ही देखने को मिलती है खास बात यह रही कि जिस टेक को श्रेया केवल प्रैक्टिस समझकर गा रही थीं वही टेक इतना परफेक्ट निकला कि उसे ही फिल्म का फाइनल वर्जन बना दिया गया इस गाने में उनके साथ उदित नारायण की आवाज भी थी जिसने इस गीत को और भी खास बना दिया जब फिल्म रिलीज हुई तो यह गाना लोगों के दिलों में बस गया और श्रेया घोषाल रातों रात एक बड़ा नाम बन गईं उनकी आवाज की मिठास और भावनाओं की सच्चाई ने उन्हें बाकी गायकों से अलग पहचान दिलाई सबसे बड़ी बात यह रही कि अपने पहले ही बॉलीवुड गाने के लिए उन्हें नेशनल अवॉर्ड से सम्मानित किया गया जो किसी भी नए कलाकार के लिए एक असाधारण उपलब्धि मानी जाती है इस एक गाने ने श्रेया के करियर की दिशा पूरी तरह बदल दी इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और एक के बाद एक हिट गाने देकर खुद को बॉलीवुड की सबसे भरोसेमंद और प्रतिभाशाली गायिकाओं में शामिल कर लिया आज भी जब देवदास के गानों की बात होती है तो बैरी पिया सबसे पहले याद आता है और उसके पीछे होती है एक 16 साल की लड़की की वह आवाज जिसने बिना किसी दबाव के सिर्फ दिल से गाकर इतिहास रच दिया

अप्रैल में एंटरटेनमेंट का तूफान सलमान अक्षय से लेकर रोमांस और हॉरर का जबरदस्त कॉम्बो

नई दिल्ली:  मार्च का महीना बॉक्स ऑफिस पर फिल्म धुरंधर: द रिवेंज के नाम रहा जिसने न सिर्फ देश में बल्कि विदेशों में भी शानदार प्रदर्शन किया। आदित्य धर के निर्देशन में बनी इस स्पाई एक्शन थ्रिलर ने अपने ओपनिंग वीकेंड में इंटरनेशनल मार्केट में बेहतरीन कमाई करते हुए दर्शकों का दिल जीत लिया है। अब मार्च की इस सफलता के बाद अप्रैल महीने में भी बॉलीवुड दर्शकों के लिए मनोरंजन का पूरा पैकेज लेकर तैयार है। अप्रैल में अलग अलग जॉनर की फिल्में रिलीज होने जा रही हैं जिनमें एक्शन रोमांस हॉरर कॉमेडी और पीरियड ड्रामा शामिल हैं। सबसे पहले बात करें आवारापन 2 की जो 3 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इमरान हाशमी इस फिल्म में मुख्य भूमिका में नजर आएंगे और यह फिल्म इमोशन एक्शन और प्यार से भरी कहानी पेश करेगी। इसके बाद भूत बंगला 10 अप्रैल को रिलीज होने जा रही है। इस हॉरर कॉमेडी फिल्म में अक्षय कुमार के साथ तब्बू और परेश रावल भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म में डर और कॉमेडी का दिलचस्प मिश्रण देखने को मिलेगा जो दर्शकों को एंटरटेनमेंट का नया अनुभव देगा। इसी दिन स्वयंभू भी रिलीज होगी जो एक पीरियड एक्शन फिल्म है। निखिल सिद्धार्थ स्टारर यह फिल्म अपने भव्य विजुअल्स और वीएफएक्स के कारण चर्चा में है और इसे दो भागों में रिलीज करने की योजना है। डकैत: ए लव स्टोरी भी 10 अप्रैल को ही सिनेमाघरों में आएगी। इस फिल्म में अदिवी शेष और मृणाल ठाकुर नजर आएंगे। यह फिल्म प्यार और बदले की कहानी को एक्शन के साथ पेश करती है। अप्रैल में सबसे चर्चित फिल्मों में Battle of Galwan भी शामिल है जिसे फिलहाल सलमान खान की बड़ी फिल्मों में गिना जा रहा है। यह फिल्म गलवान घाटी में हुई भारत चीन की वास्तविक घटना पर आधारित है और इसमें सैनिकों की बहादुरी को दिखाया जाएगा। हालांकि इसकी रिलीज डेट अभी आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं हुई है। इसके अलावा गिन्नी वेड्स सनी 2 24 अप्रैल को रिलीज होगी जो एक रोमांटिक कॉमेडी फिल्म है। अविनाश तिवारी और मेधा शंकर इस फिल्म में मुख्य भूमिका निभाएंगे और यह फिल्म रिश्तों और प्यार की हल्की फुल्की कहानी को दिखाएगी। हॉरर पसंद करने वालों के लिए द वॉर्डरोब भी 24 अप्रैल को रिलीज होगी। इस फिल्म में डर और सस्पेंस का ऐसा माहौल देखने को मिलेगा जो दर्शकों को सीट से बांधे रखेगा। इसमें रजनीश दुग्गल और दिव्या अग्रवाल मुख्य किरदार निभाते नजर आएंगे। कुल मिलाकर अप्रैल का महीना फिल्मों के लिहाज से बेहद खास रहने वाला है। जहां एक ओर बड़े स्टार्स की फिल्में दर्शकों को आकर्षित करेंगी वहीं अलग अलग जॉनर की फिल्मों से हर तरह के दर्शकों को मनोरंजन का भरपूर मौका मिलेगा।

धुरंधर 2 पर रजनीकांत की मुहर बोले हर भारतीय जरूर देखे यह फिल्म

नई दिल्ली । साउथ सिनेमा के दिग्गज सुपरस्टार रजनीकांत ने हाल ही में फिल्म धुरंधर 2 को लेकर ऐसा बयान दिया है जिसने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है अपने खास अंदाज और बेबाक राय के लिए मशहूर रजनीकांत ने फिल्म देखने के बाद खुलकर इसकी तारीफ की और इसे हर भारतीय के लिए मस्ट वॉच बता दिया सोमवार को अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट करते हुए रजनीकांत ने लिखा कि यह फिल्म बेहद शानदार है और इसके निर्देशक आदित्य धर को उन्होंने बॉक्स ऑफिस का बाप तक कह दिया उनके इस बयान ने फिल्म के प्रति लोगों की उत्सुकता और भी बढ़ा दी है उन्होंने फिल्म के लीड स्टार रणवीर सिंह के साथ पूरी कास्ट और क्रू को भी बधाई दी और देशभक्ति के जज्बे के साथ जय हिंद लिखकर अपनी बात खत्म की फिल्म के बॉक्स ऑफिस आंकड़ों की बात करें तो धुरंधर 2 पहले ही जबरदस्त कमाई कर चुकी है भारत में इसका नेट कलेक्शन 500 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है वहीं वर्ल्डवाइड यह फिल्म 800 करोड़ रुपये के करीब पहुंच गई है यह आंकड़े साफ बताते हैं कि दर्शकों के बीच इस फिल्म का जबरदस्त क्रेज बना हुआ है रजनीकांत की इस तारीफ पर निर्देशक आदित्य धर भी खुद को रोक नहीं पाए और उन्होंने कमेंट सेक्शन में बेहद भावुक अंदाज में जवाब दिया आदित्य ने लिखा कि उन्होंने बचपन से लेकर आज तक मनोरंजन का असली पैमाना सिर्फ रजनीकांत को ही माना है उन्होंने यह भी कहा कि रजनीकांत ने दशकों तक लोगों को हंसाया रुलाया और सिनेमा का असली जादू दिखाया है ऐसे में उनका यह कहना कि धुरंधर 2 मस्ट वॉच है उनके लिए किसी बड़े सम्मान और आशीर्वाद से कम नहीं है आदित्य धर ने अपने जवाब में यह भी लिखा कि यह उनके लिए एक सुपरस्टार मोमेंट है और वह शब्दों में अपनी खुशी जाहिर नहीं कर सकते उन्होंने दिल से धन्यवाद देते हुए कहा कि जिस शख्स ने उन्हें बड़े सपने देखना सिखाया वही आज उनकी फिल्म की सराहना कर रहा है यह उनके लिए अविश्वसनीय अनुभव है रजनीकांत का यह पोस्ट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और हजारों फैंस ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी कई लोगों ने फिल्म देखने की इच्छा जाहिर की तो कई यूजर्स ने रजनीकांत का शुक्रिया अदा किया कि उन्होंने फिल्म को इतना बड़ा समर्थन दिया फिल्म की कहानी की बात करें तो धुरंधर 2 पहले पार्ट की कहानी को आगे बढ़ाती है इसमें दिखाया गया है कि रणवीर सिंह का किरदार कैसे एक खतरनाक और प्रभावशाली शख्स हमजा अली मजारी बनने के लिए तैयार होता है फिल्म में एक्शन इमोशन और देशभक्ति का जबरदस्त मिश्रण देखने को मिलता है कुल मिलाकर रजनीकांत की तारीफ ने धुरंधर 2 को एक नई ऊंचाई दे दी है और यह साफ हो गया है कि यह फिल्म सिर्फ बॉक्स ऑफिस पर ही नहीं बल्कि दिग्गज कलाकारों के दिलों में भी अपनी खास जगह बना चुकी है

सोनाक्षी सिन्हा के बाद अब मोहनलाल भी पहुंचे अदालत; डिजिटल युग में सितारों की साख बचाने के लिए हाईकोर्ट ने कसी कमर!

नई दिल्ली:  आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस AI के बढ़ते दुरुपयोग और डीपफेक तकनीक के खतरों के बीच दिल्ली हाईकोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा की गरिमा और उनके व्यक्तित्व अधिकारों Personality Rights की सुरक्षा के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और नजीर बनने वाला फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट आदेश दिया है कि सोनाक्षी सिन्हा की अनुमति के बिना उनके नाम, आवाज, चेहरे या उनके व्यक्तित्व से जुड़े किसी भी गुण का व्यावसायिक या किसी अन्य उद्देश्य के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। यह फैसला उन एआई प्लेटफॉर्म्स और ऑनलाइन वेबसाइटों के लिए एक कड़ी चेतावनी है, जो बिना सहमति के मशहूर हस्तियों की छवि का इस्तेमाल कर रहे थे। जस्टिस ज्योति सिंह की पीठ ने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए पाया कि कुछ अराजक तत्व एआई टूल्स का दुरुपयोग कर अभिनेत्री की अश्लील और आपत्तिजनक तस्वीरें बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर रहे हैं। अदालत ने कड़े शब्दों में कहा कि इस तरह के कंटेंट से न केवल अभिनेत्री की प्रतिष्ठा को अपूरणीय क्षति पहुँच रही है, बल्कि यह उनकी निजता का भी गंभीर उल्लंघन है। इसी के मद्देनजर, कोर्ट ने आदेश जारी किया है कि अभिनेत्री से जुड़े ऐसे सभी पहचाने गए आपत्तिजनक यूआरएल URLs को आदेश मिलने के मात्र 36 घंटों के भीतर इंटरनेट से पूरी तरह हटा दिया जाए। सोनाक्षी सिन्हा ने अपनी याचिका में कई प्रतिवादियों को नामित किया था, जिनमें अमेरिका स्थित एआई चैटबॉट प्लेटफॉर्म और विभिन्न ई-कॉमर्स वेबसाइटें शामिल हैं। याचिका में आरोप लगाया गया था कि ये संस्थाएं ‘जॉन डो’ अज्ञात संस्थाओं के साथ मिलकर अभिनेत्री की आवाज और रूप का गलत तरीके से शोषण कर अनुचित व्यावसायिक लाभ कमा रही हैं। कोर्ट ने माना कि किसी भी व्यक्ति की पहचान उसके व्यक्तित्व का अभिन्न हिस्सा है और उसकी सहमति के बिना इसका उपयोग करना गैर-कानूनी है। दिलचस्प बात यह है कि सोनाक्षी सिन्हा का यह मामला फिल्म जगत में एक बड़ी मुहिम की शुरुआत माना जा रहा है। इसी कड़ी में, दिग्गज मलयालम अभिनेता मोहनलाल ने भी अपने पहचान अधिकारों की सुरक्षा के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने भी अपनी अर्जी में मांग की है कि उनकी फोटो और आवाज का इस्तेमाल उनकी अनुमति के बिना कमाई के लिए न किया जाए। इस मामले पर भी जस्टिस ज्योति सिंह की पीठ मंगलवार को सुनवाई कर सकती है। डिजिटल दौर में कलाकारों की सुरक्षा के लिहाज से ये कानूनी कदम मील का पत्थर साबित होंगे।

सच्ची घटनाओं पर आधारित वो 10 फिल्में, जिन्होंने जासूसी की दुनिया का असली चेहरा दिखाया; 'टिंकर टेलर सोल्जर स्पाई' ने तोड़े सारे रिकॉर्ड!

नई दिल्ली:  आजकल बॉक्स ऑफिस पर ‘धुरंधर-2’ को लेकर जो दीवानगी देखी जा रही है, उसने एक बार फिर साबित कर दिया है कि दर्शक अब केवल हवाई एक्शन नहीं, बल्कि कहानी में सच्चाई और ऑथेन्टिसिटी तलाश रहे हैं। भारत में ‘पठान’ और ‘टाइगर’ जैसी फिल्मों ने एक माहौल जरूर बनाया, लेकिन ‘धुरंधर’ की सीरीज ने जासूसी के उस पहलू को छुआ है जिसे लोग हकीकत के करीब मान रहे हैं। इसी कड़ी में, अगर हम विश्व सिनेमा पर नजर डालें, तो कुछ ऐसी फिल्में हैं जिन्होंने जासूसी की दुनिया को इतनी बारीकी से दिखाया है कि खुद रिटायर्ड जासूसों ने भी उनकी सराहना की है। आइए जानते हैं दुनिया की उन 10 फिल्मों के बारे में जो जासूसी के रोमांच और उसकी पेचीदगियों को बेहतरीन ढंग से पेश करती हैं। इस लिस्ट की शुरुआत होती है ‘आर्गो’ से, जो 1979 के ईरान संकट के दौरान छह अमेरिकियों को बचाने की एक अविश्वसनीय लेकिन सच्ची सीआईए कहानी है। वहीं, रॉबर्ट डी नीरो की ‘द गुड शेफर्ड’ सीआईए के शुरुआती दिनों के संघर्ष को एक व्यक्ति के नजरिए से बेहद संजीदगी के साथ दिखाती है। जासूसी के मानवीय और राजनीतिक बोझ को समझना हो, तो 2006 की जर्मन फिल्म ‘द लाइव्स ऑफ अदर्स’ से बेहतर कुछ नहीं हो सकता, जहाँ एक एजेंट की निगरानी में एक लेखक की पूरी जिंदगी बदल जाती है। आज की ग्लोबल पॉलिटिक्स और तेल के खेल को समझने के लिए ‘सीरियाना’ एक अनिवार्य फिल्म है, जो दिखाती है कि कैसे खुफिया विभाग की एक छोटी सी हरकत पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिला सकती है। वहीं, ‘ब्रीच’ फिल्म एफबीआई के भीतर छिपे एक गद्दार और उसे पकड़ने के लिए चल रही साइकोलॉजिकल जंग की सच्ची दास्तां है। क्लासिक सिनेमा की बात करें, तो ‘आर्मी ऑफ शैडोज’ नाजी कब्जे के दौरान जासूसों द्वारा झेले गए टॉर्चर और उनके बलिदान की रोंगटे खड़े कर देने वाली तस्वीर पेश करती है। अगर आपको ‘धुरंधर’ का यथार्थ पसंद आया है, तो ‘द स्पाई हू केम इन फ्रॉम द कोल्ड’ और टॉम हैंक्स की ‘ब्रिज ऑफ स्पाइज’ आपको जरूर देखनी चाहिए। ये फिल्में दिखाती हैं कि जासूसी केवल बंदूक चलाना नहीं, बल्कि वकीलों और एजेंटों के बीच होने वाली शतरंज की चालें भी हैं। ‘ए मोस्ट वांटेड मैन’ अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद और धीमी रफ्तार के सस्पेंस का बेहतरीन मेल है। लेकिन, इस सूची में सबसे ऊपर जिस फिल्म का नाम आता है, वह है ‘टिंकर टेलर सोल्जर स्पाई’। इस फिल्म में कोई फालतू का मसाला या गैर-जरूरी एक्शन नहीं है। यह पूरी तरह से खुफिया एजेंसी के भीतर छिपे एक ‘मोहरे’ सोवियत जासूस को ढूंढने की दिमागी कसरत है। इसकी बारीकियों और जासूसी के सटीक चित्रण की वजह से खुद असली जासूसों ने इसे हकीकत के सबसे करीब बताया है। यह फिल्म जासूसी के उस बोरियत भरे लेकिन बेहद तनावपूर्ण हिस्से को दिखाती है, जो आम तौर पर फिल्मों में नहीं दिखता।