Vata Dosha वालों के लिए औषधि समान है यह आहार, दूर होगा सूखापन और कमजोरी

नई दिल्ली। आयुर्वेद के अनुसार मानव शरीर तीन मुख्य दोषों से मिलकर बना होता है-Vata Dosha, Pitta Dosha और Kapha Dosha। इन तीनों दोषों का संतुलन ही स्वस्थ शरीर और बेहतर जीवन का आधार माना जाता है। यदि इनमें से किसी एक दोष का असंतुलन हो जाए तो शरीर में कई प्रकार की समस्याएं उत्पन्न होने लगती हैं।आयुर्वेद के अनुसार वात दोष मुख्य रूप से वायु और आकाश तत्वों से मिलकर बना होता है। जिन लोगों में यह प्रवृत्ति अधिक होती है, वे अक्सर दुबले-पतले, कमजोर और त्वचा में रूखेपन की समस्या से ग्रस्त दिखाई देते हैं। ऐसे लोगों को अक्सर थकान, सूखापन और ऊर्जा की कमी महसूस होती है। विशेषज्ञों के अनुसार इसका मुख्य कारण गलत खान-पान और शरीर की प्रकृति के अनुसार आहार न लेना होता है। साबुत अनाज से मिलती है ताकत और संतुलनवात दोष वाले लोगों को अपने भोजन में साबुत अनाज को विशेष रूप से शामिल करना चाहिए। साबुत अनाज शरीर को पर्याप्त ऊर्जा देने के साथ-साथ उसमें चिकनाई भी प्रदान करते हैं, जिससे शरीर का सूखापन कम होता है। आयुर्वेद के अनुसार ऐसे लोगों को भारी और पोषण देने वाले खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए, जिससे शरीर में ताकत बनी रहे और वात दोष संतुलित रहे। नियमित रूप से साबुत अनाज का सेवन करने से शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा मिलती है और कमजोरी दूर होती है। घी और दूध से मिलता है गहरा पोषणवात प्रवृत्ति वाले लोगों के लिए Ghee और Milk बेहद लाभकारी माने जाते हैं। ये दोनों खाद्य पदार्थ शरीर को पोषण देने के साथ-साथ आवश्यक चिकनाई भी प्रदान करते हैं।घी त्वचा और शरीर के ऊतकों को गहराई से पोषण देता है और सूखेपन को कम करने में मदद करता है। वहीं दूध शरीर को ताकत देने के साथ-साथ वात और पित्त दोष को नियंत्रित करने में भी सहायक माना जाता है। सूखे मेवे और बीज से मिलती है ऊर्जावात दोष वाले लोगों को अपने आहार में सूखे मेवे और मगज के बीज भी शामिल करने चाहिए। इनमें प्राकृतिक तेल, गर्माहट और भरपूर पोषण मौजूद होता है।बादाम, काजू, अखरोट जैसे सूखे मेवे शरीर को ऊर्जा प्रदान करते हैं और ओज यानी शरीर की प्राकृतिक शक्ति को बढ़ाते हैं। इनका नियमित सेवन शरीर की कमजोरी को दूर करने और वात संतुलन बनाए रखने में मदद कर सकता है। बासी भोजन से करें परहेजआयुर्वेद के अनुसार वात प्रवृत्ति वाले लोगों को बासी भोजन से बचना चाहिए। लंबे समय तक रखा हुआ भोजन शरीर में वात और कफ दोष को असंतुलित कर सकता है।इसलिए हमेशा ताजा और गर्म भोजन का सेवन करना बेहतर माना जाता है। ताजा भोजन शरीर को अधिक पोषण देता है और पाचन तंत्र को भी बेहतर बनाए रखता है। मीठे और रसीले फलों का सेवन है फायदेमंदवात दोष को संतुलित रखने के लिए मीठे और रसीले फलों का सेवन भी बेहद लाभकारी माना जाता है। आहार में Mango, Banana, Papaya, Grapes और Apple जैसे फलों को शामिल किया जा सकता है। ये फल शरीर को आवश्यक विटामिन और खनिज प्रदान करते हैं, जिससे शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और सूखेपन की समस्या भी कम होती है। आयुर्वेद के अनुसार यदि व्यक्ति अपनी शरीर प्रकृति को समझकर भोजन का चयन करता है, तो वह कई बीमारियों से बच सकता है और लंबे समय तक स्वस्थ जीवन जी सकता है। सही आहार और संतुलित जीवनशैली ही वात दोष को नियंत्रित रखने का सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है।
बेहतर नींद के लिए योग, World Sleep Day पर जानें अनिद्रा दूर करने वाले आसान आसन

नई दिल्ली।आज की तेज़ रफ्तार जीवनशैली में अनिद्रा यानी नींद न आने की समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है। देर रात तक मोबाइल या लैपटॉप का इस्तेमाल, तनावपूर्ण दिनचर्या और अनियमित खान-पान के कारण बहुत से लोग रात भर करवटें बदलते रहते हैं। कई बार ऐसा भी होता है कि रात में एक बार नींद टूट जाए तो दोबारा सो पाना मुश्किल हो जाता है। इस स्थिति को Insomnia कहा जाता है, जो लंबे समय तक बनी रहे तो शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल सकती है। क्यों मनाया जाता है विश्व निद्रा दिवसनींद के महत्व और नींद से जुड़ी समस्याओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हर साल World Sleep Day मनाया जाता है। यह दिन लोगों को यह याद दिलाता है कि अच्छी नींद स्वस्थ जीवन के लिए उतनी ही जरूरी है जितना संतुलित आहार और नियमित व्यायाम। पर्याप्त नींद न मिलने से शरीर में थकान, ऊर्जा की कमी, मांसपेशियों में दर्द, चिड़चिड़ापन और एकाग्रता में कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार मानसिक तनाव, कैफीन का अत्यधिक सेवन, अनियमित दिनचर्या और शारीरिक गतिविधियों की कमी अनिद्रा के प्रमुख कारण हैं। ऐसे में योग और ध्यान जैसे प्राकृतिक उपाय इस समस्या से राहत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। हस्तोत्तानासन से कम होता है तनावHastottanasana को नींद सुधारने वाले प्रभावी योगासनों में माना जाता है। इसके अभ्यास के लिए पैरों में थोड़ा अंतर रखकर सीधे खड़े हों और सांस भरते हुए दोनों हाथ ऊपर उठाएं। इसके बाद गर्दन को हल्का पीछे झुकाते हुए शरीर को पीछे की ओर खींचें। कुछ सेकंड इस स्थिति में रहने के बाद धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लौट आएं।यह आसन कंधों और पीठ की मांसपेशियों को खोलता है, शरीर में तनाव कम करता है और मानसिक शांति प्रदान करता है। पादहस्तासन से मन होता है शांतPadahastasana भी अनिद्रा में लाभकारी माना जाता है। इस आसन में सीधे खड़े होकर सांस भरते हुए हाथ ऊपर उठाए जाते हैं और फिर सांस छोड़ते हुए शरीर को कमर से आगे झुकाया जाता है। हथेलियों को जमीन पर रखते हुए सिर को नीचे की ओर झुका दिया जाता है। यह आसन सिर की ओर रक्त संचार बढ़ाता है, मानसिक तनाव को कम करता है और मन को शांत करने में मदद करता है। नियमित योग, संतुलित आहार और स्वस्थ दिनचर्या अपनाकर अनिद्रा की समस्या से काफी हद तक राहत पाई जा सकती है और बेहतर, गहरी तथा सुकून भरी नींद हासिल की जा सकती है।
GWALIOR NEWSLYWED SUICIDE: 21 साल की महिला ने फांसी लगाकर दी जान, परिजनों ने पति पर लगाए प्रताड़ना के आरोप

HIGLIGHTS: ग्वालियर के महाराजपुरा थाना क्षेत्र में महिला की आत्महत्या डीडी नगर घुरैया मार्केट में घर के अंदर लगाई फांसी मृतका की पहचान 21 वर्षीय किरन के रूप में हुई मायके पक्ष ने पति और ससुराल वालों पर लगाए प्रताड़ना के आरोप पुलिस ने मामला दर्ज कर शुरू की जांच GWALIOR NEWSLYWED SUICIDE: ग्वालियर। महाराजपुरा थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज़ मामला सामने आया है, जहां एक 21 वर्षीय महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बता दें कि घटना डीडी नगर स्थित घुरैया मार्केट की बताई जा रही है। मंगलवार शाम करीब 7 बजे महिला ने अपने घर में फांसी लगा ली। 2024 से टीम इंडिया पर 377.5 करोड़ की प्राइज मनी लुटा चुका है BCCI, जीती ये 6 ICC ट्रॉफी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस परिजनों ने जब महिला को फंदे पर लटका देखा तो तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका की पहचान 21 वर्षीय किरन पत्नी पुष्पेंद्र लोधी के रूप में हुई है। आईपीएल 2026 से पहले विवाद, Kavya Maran ने Sunrisers Hyderabad का बॉयकॉट करने की मांग उठाई मायके पक्ष ने लगाए प्रताड़ना के आरोप मृतका के मायके पक्ष का कहना है कि किरन की शादी करीब तीन साल पहले हुई थी। शादी के बाद से ही ससुराल वाले उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। परिजनों का आरोप है कि इसी प्रताड़ना से परेशान होकर उसने आत्महत्या जैसा कदम उठाया। शादी के कुछ ही दिनों बाद रश्मिका मंदाना की पर्सनल लाइफ बनी चर्चा का विषय पुलिस ने दर्ज किया मामला महाराजपुरा थाना सर्किल के सीएसपी नागेंद्र सिंह सिकरवार के अनुसार सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची थी। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मायके पक्ष के बयानों के आधार पर पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। GWALIOR LADLI BEHNA PROGRAM: घाटीगांव में आज लाड़ली बहना सम्मेलन: CM मोहन यादव सिंगल क्लिक से ट्रांसफर करेंगे 1836 करोड़, 54 विकास कार्यों का भी होगा शुभारंभ जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई सूचना के मुताबिक पूरे मामले की जांच की जा रही है। मामले को लेकर पुलिस का कहना है कि तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
झुर्रियों से पहले संभल जाएं! हेल्दी और यंग स्किन के लिए रखें इन बातों का ध्यान

नई दिल्ली।आजकल 30 की उम्र पार करते ही चेहरे पर झुर्रियां और फाइन लाइन्स दिखने लगती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि समय से पहले एजिंग की सबसे बड़ी वजह अनियमित जीवनशैली और स्किन केयर में लापरवाही है। प्रदूषण, धूप, तनाव और गलत प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल त्वचा को समय से पहले बूढ़ा बना सकता है। ऐसे में जरूरी है कि रोजमर्रा की दिनचर्या में कुछ बुनियादी बातों को शामिल किया जाए, ताकि त्वचा लंबे समय तक स्वस्थ और दमकती रहे। सुबह की शुरुआत सही सफाई से’त्वचा की देखभाल की पहली शर्त है नियमित और सही क्लीनिंग। सुबह उठकर कॉटन पैड या माइल्ड क्लींजर से चेहरे की सफाई करें, ताकि रातभर जमा ऑयल और गंदगी हट सके। बाहर से लौटने के बाद भी चेहरा जरूर धोएं। ध्यान रखें कि हार्श साबुन या बार-बार स्क्रब करने से त्वचा की प्राकृतिक नमी खत्म हो सकती है। किसी भी स्क्रबर या फेसवॉश का इस्तेमाल करने से पहले त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर है। सफाई के बाद मॉइस्चराइज़र लगाना न भूलें। बढ़ती उम्र में त्वचा रूखी होने लगती है, जिससे रिंकल्स जल्दी उभरते हैं। ऐसे में हाइड्रेशन बेहद जरूरी है। सनस्क्रीन है सबसे बड़ा कवचधूप में मौजूद यूवी किरणें एजिंग की प्रक्रिया को तेज करती हैं। इसलिए घर से बाहर निकलते समय कम से कम SPF 50 वाला सनस्क्रीन लगाना जरूरी है। इसे हर 2-3 घंटे में दोबारा लगाना भी उतना ही अहम है, खासकर अगर आप लंबे समय तक बाहर रहते हैं। सनस्क्रीन सिर्फ गर्मियों में ही नहीं, बल्कि हर मौसम में लगाना चाहिए। सस्ते प्रोडक्ट्स से बचें, एंटीऑक्सीडेंट को अपनाएंत्वचा पर सस्ते और अनजाने ब्रांड के उत्पाद इस्तेमाल करना नुकसानदायक हो सकता है। ऐसे प्रोडक्ट्स में मौजूद केमिकल्स त्वचा को डैमेज कर सकते हैं। इसके बजाय एंटीऑक्सीडेंट युक्त प्रोडक्ट्स चुनें, जिनमें विटामिन C और विटामिन E जैसे तत्व हों। ये फ्री रैडिकल्स से लड़ने में मदद करते हैं और त्वचा को लंबे समय तक युवा बनाए रखने में सहायक होते हैं। रात की देखभाल भी उतनी ही जरूरीसोने से पहले मेकअप हटाना अनिवार्य है। मेकअप के साथ सोने से पोर्स बंद हो जाते हैं, जिससे त्वचा बेजान दिखने लगती है। भले ही मेकअप न किया हो, फिर भी चेहरा धोकर ही सोएं। घरेलू नुस्खों की बात करें तो बेसन, हल्दी, दही, शहद और एलोवेरा जैसे प्राकृतिक तत्व त्वचा को पोषण देने में मददगार हो सकते हैं। हालांकि, किसी भी घरेलू उपाय को अपनाने से पहले त्वचा के प्रकार को ध्यान में रखना जरूरी है। नियमित देखभाल, संतुलित आहार और पर्याप्त पानी पीना-ये तीनों मिलकर त्वचा को उम्र के असर से बचाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
भारत के इन अद्भुत पर्यटन स्थलों पर जरूर जाएं, मन और आत्मा को मिलेगी शांति

नई दिल्ली। यात्रा सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि मन और आत्मा को ताजगी देने का भी एक तरीका है। भारत अपनी विविधता, प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहरों के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। अगर आप इस वर्ष यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो ये 14 जगहें आपके लिए जरूर हैं। कुछ स्थल तो यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल हैं, तो कुछ प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध हैं। आइए जानते हैं उन अद्भुत स्थलों के बारे में जहाँ जाकर आपको सुकून और रोमांच दोनों का अनुभव मिलेगा। 1. कश्मीरकश्मीर को अक्सर धरती का स्वर्ग कहा जाता है। यहां की हर घाटी, बर्फ से ढके पहाड़, हरे-भरे मैदान और शांत जलधाराएँ मन को मोह लेने वाली हैं। झीलों की नीली छटा और पहाड़ों पर पड़ता कोहरा किसी पेंटिंग से कम नहीं लगता। यदि आप प्रकृति प्रेमी हैं, तो कश्मीर की यात्रा आपकी आत्मा को सुकून देगी। 2. आगरउत्तर प्रदेश का आगरा शहर ताजमहल के लिए दुनिया भर में जाना जाता है। यह सफेद संगमरमर का स्मारक प्रेम की अमर कहानी कहता है। इसके अलावा आगरा किला और फतेहपुर सिकरी जैसी ऐतिहासिक धरोहरें भी देखने योग्य हैं। यहां के स्थानीय व्यंजन जैसे पेठा और पारंपरिक मिठाइयाँ इस शहर की यात्रा को और भी यादगार बनाती हैं। 3. चंडीगढ़चंडीगढ़, जो भारत के सबसे सुव्यवस्थित शहरों में से एक है, पारंपरिक पंजाबी संस्कृति और आधुनिकता का अनोखा मिश्रण प्रस्तुत करता है। यहाँ के सुंदर बोटैनिकल गार्डन, रॉक गार्डन और संग्रहालय शहर के हर कोने को खास बनाते हैं। 4. कूर्ग कर्नाटक का कूर्ग, जिसे भारत का स्कॉटलैंड कहा जाता है, अपनी हरियाली और चाय के बागानों के लिए प्रसिद्ध है। यहां का मौसम हमेशा ठंडा और ताजगी भरा रहता है। प्रकृति प्रेमियों के लिए यह आदर्श स्थल है, जहां हरे-भरे पहाड़ और खुशबूदार कॉफी बागान यात्रा को अविस्मरणीय बना देते हैं। 5. धनौल्टी धनौल्टी उत्तराखंड की पहाड़ियों में बसा एक छोटा सा स्वर्ग है। यह जगह शांति, सुकून और प्रकृति की सुंदरता का अनूठा मिश्रण प्रस्तुत करती है। यदि आप शहर की भागदौड़ और शोर-शराबे से दूर रहना चाहते हैं, तो धनौल्टी एक आदर्श विकल्प है। 6. गोवागोवा का नाम आते ही सुंदर समुद्र तट, शानदार सूर्यास्त और जीवंत नाइटलाइफ़ का ख्याल आता है। गोवा में समुद्र के किनारे समय बिताना, स्थानीय व्यंजन चखना और सांस्कृतिक उत्सवों का अनुभव करना, हर यात्री के लिए एक अद्भुत अनुभव है 7. जयपुरराजस्थान की राजधानी जयपुर, ‘गुलाबी शहर’ के नाम से प्रसिद्ध है। पुराने किले, राजमहल और आधुनिक बाजारों के साथ यहां के सांस्कृतिक उत्सव और पारंपरिक व्यंजन यात्रा को और रोमांचक बनाते हैं। जयपुर की यात्रा हर पर्यटक की बकेट लिस्ट में जरूर होनी चाहिए। 8. कच्छ का रण गुजरात का कच्छ का रण विशाल नमक के मैदान के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ हर साल आयोजित होने वाला रण उत्सव स्थानीय संगीत, नृत्य और हस्तशिल्प का जादुई प्रदर्शन करता है। सफेद मैदान की विशालता और सांस्कृतिक उत्सव इसे एक अनूठा पर्यटन स्थल बनाते हैं। 9. ऋषिकेश ऋषिकेश गंगा के किनारे बसा एक ऐसा स्थान है, जहाँ आध्यात्मिक शांति और साहसिक गतिविधियाँ दोनों का आनंद लिया जा सकता है। यहाँ राफ्टिंग, योग और ध्यान का अनुभव जीवन बदल देने वाला होता है। 10. मुन्नार केरल का मुन्नार हिल स्टेशन अपनी चाय बागानों और पहाड़ियों के लिए प्रसिद्ध है। यह सप्ताहांत बिताने के लिए आदर्श है, जहाँ आप प्रकृति की गोद में शांति और ताजगी महसूस कर सकते हैं। 11. मसूरीगढ़वाल हिमालय की तलहटी में स्थित मसूरी को पहाड़ों की रानी कहा जाता है। हरियाली, बर्फ से ढके पहाड़ और शांति से भरपूर वातावरण इसे परिवार और हनीमून के लिए आदर्श बनाते हैं। 12. ऊटीऊटी, जो कभी ईस्ट इंडिया कंपनी का मुख्यालय था, अब तमिलनाडु का एक प्रमुख हिल स्टेशन है। यहाँ का सुहावना मौसम, झीलें और हरियाली इसे यात्रियों के बीच खास बनाती हैं। 13. शिमलाशिमला का औपनिवेशिक इतिहास, मशहूर मॉल रोड और रोमांचक गतिविधियाँ इसे पर्यटन की दृष्टि से आकर्षक बनाती हैं। गर्मी और सर्दियों दोनों में यह हिल स्टेशन पर्यटकों के लिए परिपूर्ण विकल्प है 14. उदयपुरराजस्थान का उदयपुर, ‘पूर्व का वेनिस’ कहा जाता है। यहाँ की झीलें, महल और खूबसूरत पहाड़ प्राकृतिक और मानव निर्मित सुंदरता का अद्भुत मिश्रण प्रस्तुत करते है।
Skin Care Tips: ऑयली और डल स्किन से छुटकारा, समर में ऐसे रखें चेहरा फ्रेश और जवान

नई दिल्ली। जैसे ही तापमान चढ़ता है, त्वचा की परेशानी भी बढ़ने लगती है। तेज धूप, पसीना और उमस मिलकर स्किन को बेजान, चिपचिपी और थकी हुई बना देते हैं। ऑयली स्किन और ज्यादा ऑयली हो जाती है, जबकि ड्राई स्किन रूखी और खिंची-खिंची महसूस होने लगती है। अगर आप चाहते हैं कि गर्मियों में भी आपकी त्वचा दमकती और जवां दिखे, तो अब समय है अपना स्किनकेयर रूटीन बदलने का। सही देखभाल से न सिर्फ टैन और पिंपल्स से बचाव होगा, बल्कि नेचुरल ग्लो भी बरकरार रहेगा। क्लींजिंग है सबसे पहला और जरूरी कदमगर्मियों में चेहरे पर धूल, पसीना और एक्स्ट्रा ऑयल जल्दी जमा हो जाता है। इसलिए दिन में दो बार माइल्ड, पीएच-बैलेंस्ड और अल्कोहल-फ्री फेस वॉश से चेहरा साफ करें। ऑयली स्किन वालों के लिए जेल-बेस्ड क्लींजर बेहतर रहते हैं, जबकि ड्राई स्किन वालों को नॉन-फोमिंग क्लींजर चुनना चाहिए। इससे पोर्स साफ रहते हैं और मुंहासों का खतरा कम होता है। क्रीम नहीं, जेल और वॉटर-बेस्ड प्रोडक्ट्स चुनेंगर्मियों में भारी क्रीम त्वचा को और चिपचिपा बना सकती हैं। ऐसे में हल्के, जेल-बेस्ड या वॉटर-बेस्ड मॉइश्चराइज़र का इस्तेमाल करें। दिन में दो बार क्लींजिंग, टोनिंग और मॉइश्चराइजिंग (CTM रूटीन) फॉलो करने से स्किन फ्रेश और हेल्दी बनी रहती है। एंटीऑक्सिडेंट सीरम से बढ़ाएं नैचुरल ग्लोअपने समर रूटीन में एंटीऑक्सिडेंट सीरम जरूर शामिल करें। विटामिन C जैसे एंटीऑक्सिडेंट्स फ्री रेडिकल्स से बचाते हैं, कोलेजन को बढ़ावा देते हैं और स्किन को ब्राइट बनाते हैं। साथ ही डाइट में खट्टे फल, हरी पत्तेदार सब्जियां और ग्रीन टी शामिल करना भी फायदेमंद रहेगा। हाइड्रेशन है सबसे बड़ी कुंजीगर्मी में शरीर और त्वचा दोनों को ज्यादा पानी की जरूरत होती है। दिनभर पर्याप्त पानी पिएं और जरूरत हो तो हाइड्रेटिंग फेस मिस्ट या एलोवेरा जेल का इस्तेमाल करें। रात में सोने से पहले हाइड्रेटिंग फेस मास्क लगाने से स्किन को एक्स्ट्रा नमी मिलती है और सुबह चेहरा फ्रेश दिखता है। हफ्ते में दो बार करें एक्सफोलिएशनस्किन से डेड सेल्स हटाने के लिए हफ्ते में एक या दो बार हल्के स्क्रब से एक्सफोलिएट करें। इससे पोर्स साफ रहते हैं और चेहरा साफ-सुथरा दिखता है। ध्यान रखें, ज्यादा स्क्रबिंग से स्किन को नुकसान भी हो सकता है। सनस्क्रीन कभी न भूलेंगर्मियों में यूवी-ए और यूवी-बी किरणें स्किन को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं। घर से बाहर निकलते समय SPF 30 या उससे अधिक वाला सनस्क्रीन जरूर लगाएं। घर के अंदर रहते हुए भी सनस्क्रीन लगाना फायदेमंद होता है, क्योंकि धूप की किरणें खिड़कियों से भी अंदर आ सकती हैं। हल्का मेकअप और सही टोनर का इस्तेमालभारी मेकअप से बचें, क्योंकि यह पोर्स को बंद कर सकता है और पिंपल्स बढ़ा सकता है। एलोवेरा या खीरा-बेस्ड टोनर का उपयोग करें, जो त्वचा को ठंडक और ताजगी देता है।
वजन घटाने के चक्कर में इंटरमिटेंट फास्टिंग से सावधान! जानें इसके खतरनाक असर

नई दिल्ली । आजकल तेजी से वजन कम करने और फिट दिखने के लिए इंटरमिटेंट फास्टिंग का चलन बहुत बढ़ गया है। इसमें लोग 14 से 16 घंटे तक भूखे रहते हैं और केवल एक सीमित समय में भोजन करते हैं। सोशल मीडिया और फिटनेस इन्फ्लुएंसर्स इसे ‘जादुई वजन घटाने का तरीका’ बता रहे हैं। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इसे गलत तरीके से अपनाने पर शरीर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।महिलाओं के हॉर्मोन्स पर असर महिलाओं का हॉर्मोनल सिस्टम पुरुषों की तुलना में ज्यादा संवेदनशील होता है। लंबे समय तक भूखा रहने से शरीर तनाव की स्थिति में चला जाता है और कोर्टिसोल स्ट्रेस हॉर्मोन का स्तर बढ़ जाता है। इसका सीधा असर पीरियड्स, थायरॉयड फंक्शन और फर्टिलिटी पर पड़ सकता है। कई शोध बताते हैं कि अनियमित उपवास से प्रजनन क्षमता से जुड़े हॉर्मोन्स का संतुलन बिगड़ सकता है। पाचन और ब्लड शुगर पर असर पाचन तंत्र को समय पर ईंधन की जरूरत होती है। भोजन में देरी से वात दोष बढ़ जाता है, जिससे गैस, सिरदर्द, चक्कर और थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं। बार-बार शुगर लेवल में उतार-चढ़ाव होने से बेहोशी, चक्कर और घबराहट की शिकायत भी हो सकती है। मांसपेशियों में कमजोरी इंटरमिटेंट फास्टिंग का एक बड़ा नुकसान मसल लॉस है। जब शरीर को समय पर कैलोरी नहीं मिलती तो यह ऊर्जा के लिए मांसपेशियों को गलाने लगता है। परिणामस्वरूप वजन तो कम दिखता है लेकिन शरीर अंदर से कमजोर और खोखला हो जाता है। 6-8 घंटे की ईटिंग विंडो में प्रोटीन, कैल्शियम और आयरन जैसे जरूरी पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा लेना मुश्किल हो जाता है। कौन रहें सावधान डायबिटीज, लो ब्लड प्रेशर, गर्भवती महिलाएं और ईटिंग डिसऑर्डर से जूझ रहे लोग इंटरमिटेंट फास्टिंग से बचें। विशेषज्ञों का सुझाव है कि वजन घटाने के लिए क्रैश डाइट के बजाय संतुलित आहार, पोषक तत्वों से भरपूर भोजन और नियमित व्यायाम को अपनाएं। किसी भी ट्रेंड या डाइट को अपनाने से पहले हेल्थ रिपोर्ट और डॉक्टर की सलाह लेना बेहद जरूरी है।
स्प्रिंग वेकेशन अलर्ट! मार्च के पहले हफ्ते में एक्सप्लोर करें ये 3 शानदार जगहें

नई दिल्ली। अगर आप उत्तर भारत के हिल स्टेशन्स घूम-घूमकर थोड़ा अलग एक्सपीरियंस चाहते हैं, तो कर्नाटक का कूर्ग आपके लिए शानदार विकल्प है। घने कॉफी बागान, धुंध से ढकी वादियां, झरनों की आवाज और हरियाली-यहां पहुंचते ही मन रिलैक्स मोड में चला जाता है। मार्च में यहां का मौसम बेहद सुहावना रहता है, जो ट्रेकिंग और नेचर वॉक के लिए एकदम सही है। नेचर लवर्स और कपल्स दोनों के लिए यह जगह किसी ड्रीम डेस्टिनेशन से कम नहीं। शहर की भागदौड़ से दूर कुछ दिन शांति में बिताने हैं, तो कूर्ग जरूर प्लान करें। ऋषिकेश: सुकून भी, एडवेंचर भीअगर आपका दिल आध्यात्म और एडवेंचर दोनों चाहता है, तो ऋषिकेश से बेहतर जगह कम ही मिलेगी। मार्च-अप्रैल में यहां का मौसम बेहद सुहावना होता है। सुबह-सुबह गंगा किनारे बैठना या आरती का नजारा देखना-दिल को गजब की शांति देता है। वहीं एडवेंचर लवर्स के लिए रिवर राफ्टिंग और बंजी जंपिंग जैसे ऑप्शन भी मौजूद हैं। यहां आप योग और मेडिटेशन के जरिए खुद से जुड़ सकते हैं। सच कहें तो ऋषिकेश ऐसा डेस्टिनेशन है, जहां सोल और एड्रेनालिन दोनों को सुकून मिलता है। सिक्किम: फूलों की खुशबू और पहाड़ों का जादूअगर आप इस बार कुछ अलग और यादगार ट्रिप चाहते हैं, तो सिक्किम का प्लान बनाइए। मार्च में यहां वसंत ऋतु की शुरुआत होती है और घाटियां रंग-बिरंगे फूलों से सज जाती हैं। भारत का ‘स्कॉटलैंड’ कूर्ग,अगर आप उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के खूबसूरत हिल स्टेशन्स कई बार घूम चुके हैं और कुछ नया एक्सप्लोर करना चाहते हैं, तो मार्च में कूर्ग (जिसे कोडगु भी कहा जाता है) का प्लान शानदार रहेगा। कर्नाटक में स्थित कूर्ग को ‘भारत का स्कॉटलैंड’ यूं ही नहीं कहा जाता-यहां के घने कॉफी बागान, धुंध से ढकी वादियां, खूबसूरत झरने और सुकून भरा माहौल किसी विदेशी हिल स्टेशन जैसा अहसास कराते हैं। अगर आप नेचर लवर हैं और भीड़-भाड़ से दूर शांति में वक्त बिताना चाहते हैं, तो यकीन मानिए कूर्ग आपको पहली ही नजर में पसंद आ जाएगा। बर्फ से ढके पहाड़, शांत बौद्ध मठ और साफ-सुथरा वातावरणहर चीज मन मोह लेती है। गंगटोक जैसे शहर में आप मॉडर्न कैफे कल्चर के साथ पहाड़ों का सुकून भी एंजॉय कर सकते हैं। एडवेंचर के शौकीनों के लिए यहां ट्रेकिंग और नाथुला पास की सैर खास अनुभव देती है। एक बार आए, तो बार-बार आने का मन करेगा।
Bridal Fashion Tips: सिर्फ लहंगा ही नहीं, ज्वेलरी की ये छोटी गलती बिगाड़ सकती है पूरा ब्राइडल लुक

नई दिल्ली । शादी का दिन हर दुल्हन के जीवन का सबसे खास दिन होता है। इस दिन हर लड़की चाहती है कि उसका ब्राइडल लुक परफेक्ट और सबसे अलग नजर आए। आमतौर पर दुल्हनें अपने लहंगे पर ज्यादा ध्यान देती हैं, लेकिन फैशन एक्सपर्ट्स का मानना है कि असली ब्राइडल चार्म केवल लहंगे से नहीं बल्कि सही ज्वेलरी से आता है। कई बार ज्वेलरी के चुनाव में छोटी सी गलती भी पूरे ब्राइडल लुक को बिगाड़ सकती है। आजकल वेडिंग सीजन में दुल्हनों के बीच विंटेज और रॉयल स्टाइल का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर दुल्हन अपने गहनों का चुनाव सोच समझकर करे तो उसका लुक किसी राजघराने की राजकुमारी जैसा दिख सकता है। इसके लिए कुछ खास ज्वेलरी पीस ऐसे हैं जिन्हें ब्राइडल लुक में जरूर शामिल करना चाहिए। नथ से मिलता है रॉयल टच ब्राइडल लुक में नथ का सबसे अहम स्थान होता है। आजकल बड़ी गढ़वाली नथ और पारंपरिक पोलकी नथ काफी ट्रेंड में हैं। अगर दुल्हन का चेहरा छोटा है तो स्लीक डिजाइन वाली नथ बेहतर लगती है, जबकि रॉयल लुक के लिए कुंदन या मोतियों वाली भारी नथ चेहरे की खूबसूरती को और निखार देती है। कमरबंद से बढ़ती है ग्रेस कमरबंद न केवल लहंगे को सही जगह पर बनाए रखने में मदद करता है बल्कि कमर को आकर्षक शेप भी देता है। सिल्क लहंगे या भारी जरी वर्क वाले आउटफिट के साथ गोल्डन या स्टोन स्टडेड कमरबंद बेहद रॉयल दिखाई देता है। इसे नाभि से थोड़ा ऊपर बांधने पर दुल्हन की लंबाई भी अधिक नजर आती है। माथापट्टी और शीशपट्टी का बढ़ा क्रेज अब केवल सिंपल मांग टीका पहनने का ट्रेंड धीरे धीरे कम हो रहा है। रॉयल और ग्रेसफुल लुक के लिए माथापट्टी या शीशपट्टी को काफी पसंद किया जा रहा है। यह दुल्हन के सिर को मुकुट जैसा लुक देती है और भारी दुपट्टे को सेट करने में भी मदद करती है। बाजूबंद और हथफूल से निखरते हैं हाथ दुल्हन के हाथों की खूबसूरती बढ़ाने के लिए बाजूबंद और हथफूल बेहद खास माने जाते हैं। बाजूबंद ब्लाउज के डिजाइन को हाईलाइट करता है, जबकि बारीक मोतियों या स्टोन वाले हथफूल हाथों को बेहद आकर्षक और शाही लुक देते हैं। पायल से पूरा होता है श्रृंगार शादी का श्रृंगार पायल की झंकार के बिना अधूरा माना जाता है। रॉयल लुक के लिए घुंघरू वाली भारी चांदी की पायल या स्टोन वर्क वाली ब्राइडल पायल चुनना बेहतर रहता है। फैशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि ज्वेलरी का चुनाव करते समय हमेशा लहंगे के रंग और उसके वर्क का ध्यान रखना चाहिए। यदि लहंगा बहुत भारी है तो ज्वेलरी में संतुलन बनाकर दुल्हन एक क्लासी और एलिगेंट ब्राइडल लुक हासिल कर सकती है। सही ज्वेलरी के साथ दुल्हन का पूरा व्यक्तित्व निखर कर सामने आता है।
मार्च में हैं घूमने का प्लान, तो सुकून और रिफ्रेशमेंट के लिए चुनें ये परफेक्ट डेस्टिनेशन्स

नई दिल्ली। अगर आपको ट्रैवल करना पसंद है, तो नई जगहों को देखने और समझने की चाहत हमेशा बनी रहती होगी। हर सीजन की अपनी खासियत होती है, लेकिन कुछ डेस्टिनेशन ऐसे भी हैं जहां मार्च के महीने में जाना खास अनुभव दे सकता है। दरअसल, यह समय न तो कड़ाके की ठंड का होता है और न ही तेज गर्मी का, जिससे घूमना ज्यादा आरामदायक बन जाता है। अगर आप रोजमर्रा की व्यस्त जिंदगी से थोड़ा ब्रेक लेना चाहते हैं, तनाव कम करना चाहते हैं और शांति भरे माहौल में वक्त बिताने का सोच रहे हैं, तो मार्च में ट्रिप प्लान करना एक अच्छा फैसला हो सकता है। इस दौरान आप ऐसी जगहों को चुन सकते हैं, जहां प्राकृतिक खूबसूरती, सुकून और हल्का-फुल्का मौसम आपके मूड को पूरी तरह फ्रेश कर दे। आइए हम आपको कुछ ऐसे ही जगहों के बारे में बतायेंगे। कूर्ग (कर्नाटकअगर आप उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के मशहूर हिल स्टेशनों की कई बार यात्रा कर चुके हैं और इस बार कुछ अलग अनुभव करना चाहते हैं, तो मार्च में कूर्ग जाने का प्लान बना सकते हैं। कर्नाटक में बसा कूर्ग अपनी प्राकृतिक खूबसूरती की वजह से “भारत का स्कॉटलैंड” कहलाता है। यहां फैले कॉफी के बागान, हरी-भरी पहाड़ियां, मनमोहक झरने और शांत वातावरण इसे खास बनाते हैं। प्रकृति के करीब समय बिताने वालों के लिए यह जगह किसी जन्नत से कम नहीं है। अगर आप भीड़भाड़ से दूर हरियाली और सुकून की तलाश में हैं, तो कूर्ग का सफर आपको जरूर पसंद आएगा। ऋषिकेश (उत्तराखंड)अगर आप अब तक ऋषिकेश नहीं जा पाए हैं, तो मार्च का महीना यहां घूमने के लिए बेहतरीन मौका हो सकता है। उत्तराखंड में स्थित यह खूबसूरत शहर वसंत ऋतु में और भी आकर्षक हो जाता है। खासतौर पर मार्च और अप्रैल के दौरान यहां का मौसम सुहावना रहता है, जिससे यात्रा का आनंद दोगुना हो जाता है। सुबह के समय कई श्रद्धालु पवित्र गंगा नदी में स्नान कर आध्यात्मिक शांति का अनुभव करते हैं। यहां का वातावरण मन को सुकून देता है और कुछ समय के लिए शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी को भुला देता है। सिर्फ शांति ही नहीं, रोमांच के शौकीनों के लिए भी यह जगह खास है। रिवर राफ्टिंग के लिए ऋषिकेश देशभर में प्रसिद्ध है, जहां आप एडवेंचर और प्रकृति का बेहतरीन मेल महसूस कर सकते हैं। सिक्किमक्या आप कभी सिक्किम की वादियों तक पहुंचे हैं? अगर अब तक यह जगह आपकी ट्रैवल लिस्ट में ही है, तो मार्च इसका सही समय हो सकता है। वसंत ऋतु के दौरान यहां का मौसम बेहद सुहावना हो जाता है और रंग-बिरंगे फूलों से सजी घाटियां मन मोह लेती हैं। प्राकृतिक नज़ारों के बीच बिताया गया समय आपके तनाव को कम करने में मदद कर सकता है। ऊंचे-ऊंचे पहाड़, साफ हवा और शांत वातावरण यहां की सबसे बड़ी खासियत हैं। सिक्किम अपने खूबसूरत लैंडस्केप, प्राचीन बौद्ध मठों और रोमांचक गतिविधियों के लिए जाना जाता है। एक बार यहां की वादियों को करीब से देखने के बाद आपका मन बार-बार इस शांत और सुंदर राज्य की ओर खिंच सकता है।