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नवरात्रि 2026: बिना गैस के बनाए ये 5 हेल्दी फलाहारी डिश, एनर्जी बनी रहेगी पूरे व्रत में

नई दिल्ली । चैत्र नवरात्रि 2026 की तैयारियां अब से शुरू हो गई हैं। नवरात्रि के नौ दिन व्रत रखने वाले लोगों के लिए हेल्दी और हल्का भोजन जरूरी होता है, जिससे शरीर में ऊर्जा बनी रहे। एलपीजी गैस की महंगाई और संकट को देखते हुए बिना गैस के बनने वाली फलाहारी डिशेज इस बार खास मददगार साबित होंगी। बिना गैस के 5 फालाहारी डिश: फ्रूट योगर्ट बाउल सामग्री: दही, केला, सेब, पपीता या अनार, शहद, ड्राई फ्रूट्स (बादाम, काजू) विधि: दही में कटे फल, शहद और ड्राई फ्रूट्स डालकर मिक्स करें। प्रोटीन, फाइबर और एनर्जी से भरपूर। मखाना ड्राई फ्रूट मिक्ससामग्री: भुना मखाना, बादाम, काजू, किशमिश, सेंधा नमक विधि: सभी चीजों को एक डिब्बे में मिलाकर रखें। भूख लगे तो खाएं, लंबे समय तक ऊर्जा देती है। केला-पीनट एनर्जी बाउल सामग्री: 1–2 केले, मूंगफली या पीनट बटर, शहद, चिया सीड्स विधि: केले काटकर पीनट बटर, शहद और चिया सीड्स डालें। तुरंत एनर्जी देने वाला फलाहार। कच्चा फलाहारी सलाद सामग्री: खीरा, टमाटर, उबला आलू, मूंगफली, सेंधा नमक, नींबू विधि: सबको काटकर बाउल में मिलाएं, ऊपर से नींबू और नमक डालें। हल्का और ताजगी भरा। मिल्क ड्राई फ्रूट शेक सामग्री: ठंडा दूध, खजूर या किशमिश, बादाम, केला विधि: मिक्सर में सबको ब्लेंड करें। दिनभर की थकान दूर करने में मदद करता है। ये रेसिपी जल्दी बनती हैं, हेल्दी हैं और पूरे व्रत में शरीर में ऊर्जा बनाए रखती हैं।

खरमास 2026: आज से शुरू, एक माह तक रहेंगे इन बातों का ध्यान

नई दिल्ली । ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब सूर्य देव किसी राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करते हैं, तो इसे संक्रांति कहा जाता है। विशेष रूप से जब सूर्य देव धनु या मीन राशि में प्रवेश करते हैं, तब खरमास या मलमास लगता है। हिंदू धर्म में इस समय को सामान्यतः शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त नहीं माना जाता, लेकिन पूजा पाठ, दान और जप तप के लिए इसे विशेष लाभकारी माना गया है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस वर्ष खरमास 15 मार्च 2026 से शुरू हो चुका है और सूर्य के 13 अप्रैल को मेष राशि में प्रवेश करने पर यह समाप्त होगा। इस दिन को मेष संक्रांति कहा जाएगा। इसके बाद फिर से मांगलिक कार्य शुरू किए जा सकते हैं और 20 अप्रैल से विवाह के शुभ मुहूर्त उपलब्ध होंगे। त्रिग्रही योग का प्रभाव मीन राशि में पहले से विराजमान शुक्र और शनि के साथ सूर्य के प्रवेश से त्रिग्रही योग बनता है। इसका सकारात्मक प्रभाव मिथुन, तुला, वृषभ, कर्क, कन्या और मीन राशि के जातकों पर आर्थिक लाभ, मान सम्मान और प्रतिष्ठा में वृद्धि के रूप में देखा जा सकता है।मांगलिक कार्य वर्जित खरमास के दौरान ग्रहों की शुभ दृष्टि का प्रभाव कम होने के कारण विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, उपनयन और अन्य मांगलिक कार्य टालने की परंपरा है। साथ ही नए व्यापार की शुरुआत करने से बचने की सलाह दी जाती है। खरमास में क्या ना करें भगवान, गुरु, माता पिता, गाय और स्त्री की निंदा न करें। जरूरतमंद को खाली हाथ लौटाना अशुभ माना गया है। नए वाहन या घर खरीदने से परहेज करें। विवाद और झगड़ों से दूर रहें। खरमास में क्या करें दान पुण्य, पूजा और धार्मिक कार्य करें।  रामायण, गीता और सत्यनारायण कथा का पाठ लाभकारी है।सूर्य देव, भगवान शिव और विष्णु की पूजा से घर परिवार में सुख शांति और सकारात्मक वातावरण बना रहता है।

कैंसर से पिता को खोने का दर्द आज भी है ताजा, अक्षय कुमार बोले- हर तीसरे पुरुष को है खतरा, टेस्ट कराने में न बरतें लापरवाही

नई दिल्ली : बॉलीवुड के ‘खिलाड़ी’ अक्षय कुमार अपनी फिटनेस और अनुशासन के लिए जाने जाते हैं, लेकिन हाल ही में एक इवेंट के दौरान उनका एक बेहद भावुक और मानवीय पहलू सामने आया। अक्षय कुमार, जो अक्सर अपनी फिल्मों और विज्ञापनों के जरिए समाज को जागरूक करते रहते हैं, इस बार एक ऐसे मुद्दे पर खुलकर बोले जो सीधे तौर पर पुरुषों के स्वास्थ्य से जुड़ा है। इंडिया टुडे के एक विशेष कार्यक्रम में पहुंचे अक्षय ने अपने पिता स्वर्गीय हरि ओम भाटिया को याद करते हुए प्रोस्टेट कैंसर के प्रति लोगों को सचेत किया। उन्होंने बेहद भावुक स्वर में स्वीकार किया कि उनके पिता को खोने की एक बड़ी वजह समय पर सही जानकारी का न होना था। अक्षय कुमार ने इस बात पर गहरा दुख व्यक्त किया कि जब उनके पिता 50-55 वर्ष की आयु के थे, तब उन्हें और उनके परिवार को ‘PSA’ यानी प्रोस्टेट-स्पेसिफिक एंटीजन टेस्ट के महत्व के बारे में पता नहीं था। उन्होंने बताया कि उनके पिता उनके लिए पूरी दुनिया थे, लेकिन महज 67 साल की उम्र में वे दुनिया छोड़कर चले गए। अक्षय के अनुसार, अगर उन्हें इस टेस्ट के बारे में पहले से पता होता, तो शायद बीमारी का शुरुआती दौर में ही पता चल जाता और उनके पिता की जान बचाई जा सकती थी। इसी व्यक्तिगत क्षति को साझा करते हुए उन्होंने मंच से सभी पुरुषों और उनके परिवारों से एक खास अनुरोध किया। अभिनेता ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि प्रोस्टेट कैंसर आज के समय में बहुत आम हो गया है और हर तीसरे पुरुष को इसका खतरा रहता है। अक्षय ने जोर देकर कहा कि 50 साल की उम्र पार करने के बाद हर पुरुष को साल में कम से कम एक बार नियमित रूप से PSA टेस्ट जरूर कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह टेस्ट न केवल आपकी जान बचा सकता है, बल्कि आपके पूरे परिवार को एक बड़े संकट से भी बचा सकता है। अक्षय का मानना है कि बीमारी का समय पर पता चल जाना ही सबसे बड़ा इलाज है और जागरूकता ही इस जानलेवा बीमारी से लड़ने का एकमात्र प्रभावी तरीका है। विशेषज्ञों के अनुसार, PSA टेस्ट रक्त में प्रोस्टेट-विशिष्ट एंटीजन की मात्रा को मापता है। हालांकि PSA का स्तर बढ़ना हमेशा कैंसर नहीं होता-यह प्रोस्टेट संक्रमण या बढ़े हुए प्रोस्टेट का संकेत भी हो सकता है-लेकिन इसकी जांच से खतरे को समय रहते पहचाना जा सकता है। साल 2000 में अपने पिता को खोने वाले अक्षय कुमार आज भी उस टीस को महसूस करते हैं और यही कारण है कि वे अब स्वास्थ्य के प्रति इस मिशन को आगे बढ़ा रहे हैं। उनके इस संदेश की सोशल मीडिया पर काफी सराहना हो रही है और इसे एक जरूरी हेल्थ अवेयरनेस कदम माना जा रहा है।

देश की आईफोन फैक्ट्रियों में युवतियों की बढ़ती भागीदारी, रोजगार के नए अवसर..

नई दिल्ली: केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सोमवार को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘मेक इन इंडिया’ पहल के चलते देश में महिलाओं का सशक्तिकरण हो रहा है। इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोल रहा है। आईफोन फैक्ट्रियों में ही अब एक लाख से अधिक महिलाएं काम कर रही हैं। अश्विनी वैष्णव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘मेक इन इंडिया’ पहल महिलाओं को सशक्त बना रही है। इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा कर रहा है। मंत्री ने आगे बताया कि कई कारखानों में आधे से अधिक कर्मचारी महिलाएं हैं और महिला कर्मचारी सेमीकंडक्टर संयंत्र जैसी अत्यधिक जटिल इकाइयों में भी अपनी क्षमता साबित कर रही हैं। देश में आईफोन मैन्युफैक्चरिंग एप्पल फॉक्सकॉन और टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के माध्यम से पांच फैक्ट्रियों में होती है। पीक प्रोडक्शन साइकिल में इन फैक्ट्रियों में कुल 1,40,000 कर्मचारियों को रोजगार मिलता है, जिनमें से 1,00,000 महिलाएं हैं। अधिकांश महिलाएं 19-24 वर्ष की हैं और इनमें से कई के लिए यह पहली नौकरी है। कर्मचारियों को काम शुरू करने से पहले छह हफ्तों का निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि वे असेंबली लाइन पर जाने से पहले सभी बारीकियों को समझ सकें। एप्पल ने भारत में अपने उत्पादन को 2025 में लगभग 53 प्रतिशत बढ़ाया है। इस दौरान देश में करीब 5.5 करोड़ आईफोन यूनिट्स की असेंबली की गई, जबकि पिछली वर्ष यह संख्या 3.6 करोड़ थी। एप्पल यह कदम अमेरिका में चीनी उत्पादों पर लगने वाले टैरिफ से बचने के लिए उठा रहा है और अब भारत में अपने वैश्विक उत्पादन का एक चौथाई हिस्सा बना रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव PLIयोजना और युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देने के प्रयासों से महिलाओं को तकनीकी उद्योग में अधिक रोजगार और सशक्तिकरण मिल रहा है।

ऑस्कर 2026: माइकल बी जॉर्डन और जेसी बकले बने बेस्ट एक्टर-एक्ट्रेस

वाशिंगटन। वॉशिंगटन। अमेरिकी फिल्म जगत के सबसे प्रतिष्ठित समारोह 98वें ऑस्कर अवॉर्ड का आयोजन लॉस एंजिल्स स्थित Dolby Theatre में किया गया। 98वें ऑस्कर समारोह में फिल्म One Battle After Another का दबदबा देखने को मिला। इस फिल्म ने बेस्ट पिक्चर सहित कुल छह पुरस्कार अपने नाम किए। 98वें ऑस्कर अवॉर्ड में लियोनार्डो डिकैप्रियो की ‘वन बैटल आफ्टर अनदर’ का दबदबा देखने को मिला। ‘वन बैटल आफ्टर अनदर’ ने बेस्ट फिल्म समेत कुल 6 अवॉर्ड अपने नाम किए। जबकि रियान कूगलर की ‘सिनर्स’ को 4 ऑस्कर अवॉर्ड मिले। माइकल बी जॉर्डन को ‘सिनर्स’ के लिए बेस्ट एक्टर और जेसी बकले को ‘हैमनेट’ के बेस्ट अभिनेत्री का अवॉर्ड मिला। यहां जानते हैं 98वें ऑस्कर्स में किस-किसने मारी बाजी? विजेताओं की पूरी लिस्ट बेस्ट फिल्म – वन बैटल आफ्टर अनदर बेस्ट एक्टर – माइकल बी जॉर्डन (सिनर्स) बेस्ट एक्ट्रेस – जेसी बकले (हैमनेट) बेस्ट डायरेक्टर – पॉल थॉमस एंडरसन (वन बैटल आफ्टर अनदर) बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर – शॉन पेन (वन बैटल आफ्टर अनदर) बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस – एमी मैडिगन (वेपन्स) बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म – सेंटीमेंटल वैल्यू बेस्ट एडिटिंग – वन बैटल आफ्टर अनदर बेस्ट ओरिजिनल स्क्रीनप्ले – सिनर्स (रयान कूगलर) बेस्ट एडॉप्टेड स्क्रीनप्ले – वन बैटल आफ्टर अनदर (पॉल थॉमस एंडरसन) बेस्ट ओरिजिनल सॉन्ग – गोल्डन (के-पॉप डेमन हंटर्स) (ईजेएई, मार्क सोननब्लिक, जूंग ग्यू क्वाक, यू द्वारा)

‘रामायण’ में ‘पंचायत’ के प्रह्लाद चा की एंट्री? कुंभकर्ण के रोल में नजर आ सकते हैं फैसल मलिक

मुंबई। निर्देशक नितेश तिवारी (Nitesh Tiwari) की मेगा बजट फिल्म रामायण (Ramayana) को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह है। फिल्म की घोषणा के बाद से ही इसके बजट, तकनीक और स्टार कास्ट को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान श्रीराम की भूमिका निभाते नजर आएंगे, जबकि Sai Pallavi माता सीता का किरदार निभाएंगी। वहीं Yash रावण और Sunny Deol हनुमान की भूमिका में दिखाई देंगे। कुंभकर्ण के रोल में फैसल मलिक! रिपोर्ट्स के मुताबिक लोकप्रिय वेब सीरीज Panchayat में ‘प्रह्लाद चा’ का किरदार निभाने वाले अभिनेता Faisal Malik को फिल्म में रावण के भाई कुंभकर्ण की भूमिका के लिए चुना गया है। बताया जा रहा है कि उन्होंने इस किरदार के लिए फिल्म का पहला शेड्यूल भी पूरा कर लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मुंबई के प्राइम फोकस स्टूडियो में कुंभकर्ण के इंट्रोडक्शन सीन की शूटिंग की गई, जिसमें रावण की भूमिका निभा रहे यश भी मौजूद थे। सूत्रों का कहना है कि फैसल मलिक की लंबाई और व्यक्तित्व इस किरदार के लिए बिल्कुल फिट बैठते हैं। इंटरनेशनल टीम के साथ शूटिंग बताया जा रहा है कि फिल्म के कई हिस्सों की शूटिंग एक इंटरनेशनल तकनीकी टीम के साथ की जा रही है। हाई-एंड वीएफएक्स और ग्राफिक्स के जरिए इसे बड़े पैमाने पर तैयार किया जा रहा है, जिसकी तुलना James Cameron की फिल्म Avatar जैसी भव्य फिल्मों से की जा रही है। हालांकि दूसरे भाग के बड़े युद्ध दृश्यों की शूटिंग अभी बाकी है। दिवाली 2026 पर रिलीज की तैयारी रिपोर्ट्स के अनुसार ‘रामायण’ का पहला भाग Diwali 2026 के आसपास रिलीज किया जा सकता है, जिसे लेकर फैंस के बीच काफी उत्सुकता है। हालांकि अब तक फैसल मलिक की कास्टिंग को लेकर फिल्म की टीम की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। वहीं कुछ रिपोर्ट्स में Raghav Juyal के रावण के बेटे मेघनाद की भूमिका निभाने की भी चर्चा है, लेकिन इसकी भी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। फिल्म में Ravi Dubey, Kajal Aggarwal, Arun Govil, Rakul Preet Singh और Lara Dutta जैसे कलाकारों के भी शामिल होने की खबरें सामने आ चुकी हैं।

ऑस्कर 2026: व्हाइट गाउन में छाईं प्रियंका चोपड़ा, निक जोनस संग रेड कारपेट पर दिखी शानदार केमिस्ट्री

वाशिंगटन। हॉलीवुड के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार समारोह ऑस्कर 2026 (Academy Awards) में भारतीय अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा (Priyanka Chopra) ने अपने स्टाइल और ग्लैमर से सबका ध्यान खींच लिया। ऑस्कर 2026 के रेड कारपेट पर वह अपने पति और सिंगर Nick Jonas के साथ पहुंचीं, जहां दोनों की शानदार केमिस्ट्री चर्चा का विषय बन गई। व्हाइट गाउन में स्टनिंग अंदाज प्रियंका चोपड़ा ने इस खास मौके के लिए Dior का कस्टम व्हाइट गाउन चुना। फेदर डिटेलिंग वाले इस आउटफिट ने उनके लुक को ड्रामेटिक और एलिगेंट बना दिया। एक्ट्रेस ने मोनोटोन स्टाइल में फिटेड कोर्सेट टॉप, थाई-हाई स्लिट स्कर्ट और फेदर ट्रिम्स के साथ अपना ग्लैमरस अंदाज पेश किया। उन्होंने अपने लुक को Bvlgari के शानदार डायमंड नेकलेस से पूरा किया। हल्के मेकअप और ओपन स्लीक हेयरस्टाइल के साथ प्रियंका बेहद खूबसूरत नजर आईं। वहीं निक जोनस वेलवेट ब्लैक सूट में उनके साथ परफेक्ट मैच करते दिखाई दिए। रेड कारपेट पर दोनों ने फोटोग्राफर्स को कई पोज दिए। बतौर प्रेजेंटर हुईं शामिल इस साल प्रियंका ऑस्कर समारोह में बतौर प्रेजेंटर शामिल हुईं। उनके साथ हॉलीवुड के कई बड़े सितारे जैसे Anne Hathaway, Robert Downey Jr. और Gwyneth Paltrow भी मंच पर नजर आए। निक के हाथ का कलावा बना चर्चा का विषय ऑस्कर समारोह में शामिल होने से पहले निक जोनस ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वह पानी पीते नजर आए। इस वीडियो में उनके हाथ पर बंधा कलावा लोगों का ध्यान खींचता दिखा। सोशल मीडिया पर फैंस ने मजाक में उन्हें “परफेक्ट इंडियन जीजू” तक कह दिया। वर्क फ्रंट वर्क फ्रंट की बात करें तो प्रियंका चोपड़ा की पिछली रिलीज हॉलीवुड फिल्म The Bluff थी, जिसमें उनके अभिनय को सराहा गया। वहीं उनकी आने वाली हिंदी फिल्म निर्देशक S. S. Rajamouli के निर्देशन में बन रही वाराणसी है। इस फिल्म में उनके साथ Mahesh Babu और Prithviraj Sukumaran भी नजर आएंगे।

चैत्र अमावस्या 18 मार्च, फिर 15 दिन महोत्सवों की भरमार, नवरात्र से हनुमान जयंती तक उत्सवों का दौर

नई दिल्ली। हिंदू नववर्ष की शुरुआत करीब है। हर साल चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नए विक्रम संवत की शुरुआत होती है। इस साल 18 मार्च को चैत्र अमावस्या है और इसके अगले दिन, 19 मार्च 2026 से विक्रम संवत 2083 का नया वर्ष प्रारंभ होगा, जिसे रौद्र संवत्सर के नाम से जाना जाएगा। गुड़ी पड़वा और चैत्र नवरात्र19 मार्च से हिंदू नववर्ष का स्वागत गुड़ी पड़वा पर्व के रूप में महाराष्ट्र में किया जाएगा, जबकि कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में इसे युगादी के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन से मां दुर्गा की आराधना का 9 दिवसीय पर्व, चैत्र नवरात्र, भी शुरू होगा। नवरात्र के पहले दिन घटस्थापना का आयोजन किया जाएगा। मार्च में प्रमुख व्रत-त्योहार20 मार्च 2026 (शुक्रवार): सिंधी समुदाय का प्रमुख पर्व झूलेलाल जयंती। 21 मार्च 2026 (शनिवार): मत्स्य जयंती, गौरी पूजा और राजस्थान में धूमधाम से मनाया जाने वाला गणगौर पर्व। 26 मार्च 2026 (गुरुवार): चैत्र नवरात्र की अष्टमी तिथि, हवन और कन्या पूजन का आयोजन। 27 मार्च 2026 (शुक्रवार): रामनवमी का पर्व और नवरात्र का समापन, ज्वारों का विसर्जन भी इसी दिन। 29 मार्च 2026 (रविवार): कामदा एकादशी व्रत। 31 मार्च 2026 (मंगलवार): जैन धर्मावलंबियों का महापर्व महावीर जयंती। 2 अप्रैल 2026 (गुरुवार): हनुमान जयंती और चैत्र पूर्णिमा व्रत। इस दिन चैत्र मास का समापन भी होगा।

व्रत में मीठा भी और हेल्दी भी, खजूर से बने साबूदाना फ्रूट कस्टर्ड की आसान रेसिपी

नई दिल्ली:नवरात्रि के व्रत शुरू होते ही ज्यादातर घरों में खाने का मेन्यू लगभग एक जैसा हो जाता है। साबूदाना खिचड़ी, साबूदाना वड़ा या फिर साधारण फलाहार बार-बार बनने लगता है। कुछ ही दिनों में लोगों को कुछ अलग और हल्का खाने का मन होने लगता है। ऐसे समय में अगर व्रत के दौरान कुछ मीठा, ठंडा और हेल्दी मिल जाए तो स्वाद के साथ ऊर्जा भी मिलती है। इन दिनों सोशल मीडिया पर ऐसी ही एक खास रेसिपी तेजी से ट्रेंड कर रही है, जिसे बिना चीनी का साबूदाना फ्रूट कस्टर्ड कहा जा रहा है। इस रेसिपी को फूड कंटेंट क्रिएटर वृत्ता साहनी ने शेयर किया है और खास बात यह है कि इसमें चीनी का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं किया जाता। मिठास के लिए खजूर का उपयोग किया जाता है, जो प्राकृतिक स्वीटनर की तरह काम करता है। इसके साथ मखाने, बादाम, काजू और ताजे फलों का मिश्रण इसे स्वादिष्ट और पौष्टिक बनाता है। यही वजह है कि यह डिश व्रत रखने वालों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। नवरात्रि के दौरान लोग सात्विक और हल्का भोजन करना पसंद करते हैं, लेकिन विकल्प सीमित होने की वजह से अक्सर एक ही तरह का खाना बनता है। साबूदाना फ्रूट कस्टर्ड इसी पारंपरिक फलाहार का एक नया और हेल्दी रूप है। इसमें साबूदाना, दूध, ड्राई फ्रूट्स और ताजे फलों का संतुलित मिश्रण होता है, जिससे शरीर को ऊर्जा भी मिलती है और स्वाद भी बरकरार रहता है। इस रेसिपी की एक और खासियत यह है कि इसमें बाजार में मिलने वाले कस्टर्ड पाउडर की जरूरत नहीं पड़ती। कस्टर्ड का बेस पूरी तरह से मखाने और मेवों से तैयार किया जाता है। इसके लिए लगभग एक कप भुने हुए मखाने, आधा कप बादाम, दस काजू, थोड़ा केसर और इलायची पाउडर लिया जाता है। मिठास के लिए लगभग बारह से पंद्रह खजूर का इस्तेमाल किया जाता है। ये सभी चीजें स्वाद बढ़ाने के साथ शरीर को जरूरी पोषण भी देती हैं, जो व्रत के दिनों में काफी फायदेमंद होता है। कस्टर्ड बनाने के लिए सबसे पहले बादाम, काजू, मखाने, खजूर, केसर और इलायची को एक बाउल में डालकर उसमें एक कप गर्म दूध मिला दिया जाता है। इस मिश्रण को लगभग तीस मिनट तक भिगोकर रखा जाता है ताकि खजूर मुलायम हो जाएं और मेवे अच्छी तरह फूल जाएं। इसके बाद इन सभी चीजों को मिक्सर में पीसकर गाढ़ा और क्रीमी पेस्ट तैयार किया जाता है। यही पेस्ट पूरे कस्टर्ड का बेस बनता है और इसमें खजूर की हल्की मिठास और केसर की खुशबू स्वाद को खास बना देती है। इसके बाद एक बर्तन में करीब दो कप दूध हल्का गर्म किया जाता है और उसमें तैयार किया हुआ मेवों का पेस्ट डालकर धीमी आंच पर चलाया जाता है। अब इसमें पहले से उबला या स्टीम किया हुआ साबूदाना मिलाया जाता है। पकने के बाद साबूदाना पारदर्शी मोतियों जैसा दिखने लगता है, जो कस्टर्ड में अच्छा टेक्सचर देता है। कुछ देर तक मिश्रण को चलाने के बाद यह कस्टर्ड जैसा गाढ़ा हो जाता है। जब यह थोड़ा ठंडा हो जाए तो इसमें कटे हुए ताजे फल जैसे आम, केला, अनार और अंगूर मिलाए जाते हैं। फल न केवल स्वाद बढ़ाते हैं बल्कि शरीर को विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट भी देते हैं। तैयार साबूदाना फ्रूट कस्टर्ड को एक से दो घंटे के लिए फ्रिज में रख दिया जाए तो इसका स्वाद और भी बढ़ जाता है। परोसते समय ऊपर से कटे हुए पिस्ता या गुलाब की पंखुड़ियां डालकर इसे और आकर्षक बनाया जा सकता है। यह डिश न केवल स्वादिष्ट है बल्कि मखाने, दूध और ड्राई फ्रूट्स की वजह से लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराती है। इसी कारण इसे नवरात्रि व्रत के दौरान एक हेल्दी और एनर्जी देने वाला विकल्प माना जा रहा है।

चेहरे पर नेचुरल ग्लो चाहते हैं? रोज़ डाइट में शामिल करें ये 5 फल, 15 दिनों में दिखेगा फर्क

नई दिल्ली । स्वस्थ और चमकदार त्वचा के लिए सिर्फ महंगे स्किनकेयर प्रोडक्ट्स पर भरोसा करना पर्याप्त नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार कुछ फलों में मौजूद विटामिन एंटीऑक्सीडेंट और पोषक तत्व त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं और प्राकृतिक निखार लाते हैं। प्रदूषण तनाव और गलत खानपान अक्सर चेहरे पर दाग धब्बे और झुर्रियों का कारण बनते हैं। ऐसे में फलों का नियमित सेवन आपकी त्वचा को स्वस्थ जवान और ग्लोइंग बनाए रख सकता है। पपीता पपीता में पपेन नामक एंजाइम होता है जो मृत त्वचा कोशिकाओं को हटाने में मदद करता है। यह त्वचा की रंगत को साफ करता है और हाइड्रेशन बनाए रखता है। विटामिन ए से भरपूर पपीता पाचन सुधारने के साथ साथ त्वचा को अंदर से पोषण भी देता है। संतरा संतरा विटामिन सी और सिट्रिक एसिड का बेहतरीन स्रोत है। यह कोलेजन उत्पादन को बढ़ाता है जिससे त्वचा का ढीलापन कम होता है और चेहरे पर प्राकृतिक निखार आता है। इसके नियमित सेवन से डार्क स्पॉट्स हल्के पड़ते हैं और त्वचा स्वस्थ दिखती है। अनार अनार को जवानी का फल कहा जाता है। यह शरीर में खून बढ़ाता है और चेहरे पर गुलाबी निखार लाता है। इसमें मौजूद पॉलीफेनोल्स सूरज की हानिकारक यूवी किरणों से त्वचा की सुरक्षा करते हैं और समय से पहले झुर्रियों को रोकते हैं।तरबूज तरबूज में लगभग 92% पानी होता है जो त्वचा की कोशिकाओं को अंदर से हाइड्रेटेड प्लंप और फ्रेश रखता है। इसमें मौजूद लाइकोपीन त्वचा को सूरज की जलन और लालिमा से बचाता है। गर्मियों में तरबूज का सेवन स्किन ग्लो के लिए बेहद फायदेमंद है। कीवी कीवी में विटामिन सी और ई की उच्च मात्रा होती है। यह त्वचा की मरम्मत में मदद करता है दाग धब्बों को कम करता है और आंखों के नीचे काले घेरे घटाता है। नियमित सेवन से त्वचा में कसावट और निखार आता है।कैसे और कब खाएं फलों का पूरा फायदा उठाने के लिए उन्हें सुबह खाली पेट या दोपहर के नाश्ते में खाना सबसे अच्छा है। जूस के बजाय साबुत फल खाएं ताकि फाइबर भी मिल सके। यदि आप लगातार 15 दिनों तक इन 5 फलों को अपनी डाइट में शामिल करते हैं तो चेहरे पर साफ और प्राकृतिक ग्लो महसूस किया जा सकता है।