मोहम्मद रफी का वो किस्सा, रीटेक से इनकार कर फिर गाया अमर गीत

नई दिल्ली । बॉलीवुड की क्लासिक फिल्म जंजीर का गाना “दीवाने हैं दीवानों को” आज भी श्रोताओं के दिलों में बसा हुआ है। इस गाने को संगीत दिया था मशहूर संगीतकार जोड़ी कल्याणजी-आनंदजी ने, जबकि इसके बोल लिखे थे गीतकार गुलशन बावरा ने। रिकॉर्डिंग के दौरान जब यह गाना पहली बार तैयार हुआ, तो इसे सभी ने पसंद किया। खासकर लता मंगेशकर का गाया हिस्सा बेहद प्रभावशाली माना गया। लेकिन लता जी अपने काम में पूर्णता की पक्षधर थीं, इसलिए उन्होंने एक और रीटेक की मांग रख दी। स्टूडियो में बढ़ा तनाव, लेकिन रफ़ी ने क्यों किया इनकार?रीटेक की बात जब मोहम्मद रफ़ी तक पहुंची, तो उन्होंने शुरुआत में साफ इनकार कर दिया। वजह बेहद इंसानी थी-वे उस समय रोज़े में थे और सुबह से उन्होंने न तो खाना खाया था और न ही पानी पिया था। उनकी हालत ऐसी थी कि दोबारा उसी ऊर्जा और भाव के साथ गाना उनके लिए कठिन हो रहा था। इसी कारण उन्होंने स्टूडियो छोड़ने का फैसला कर लिया। अचानक बदला माहौल, और फिर लौटे स्टूडियोजैसे ही रफ़ी साहब स्टूडियो से बाहर निकले, उनकी मुलाकात गीतकार गुलशन बावरा से हुई। उन्होंने उत्साहित होकर बताया कि फिल्म में यह गाना वही गा रहे हैं। यह सुनकर रफ़ी साहब चौंक गए, क्योंकि उन्होंने गाना अमिताभ बच्चन के हावभाव और व्यक्तित्व को ध्यान में रखकर गाया था। यह एहसास उन्हें वापस स्टूडियो खींच लाया। उन्होंने बिना देर किए फिर से रिकॉर्डिंग करने का फैसला किया। भूखे-प्यासे फिर गूंज उठी आवाज़ और बन गया इतिहासइसके बाद मोहम्मद रफ़ी ने उसी हालत में, बिना कुछ खाए-पिए, दोबारा गाना रिकॉर्ड किया। इस बार उनकी आवाज में और भी गहराई, भाव और दर्द महसूस किया गया। रिकॉर्डिंग पूरी हुई और गाना रिलीज़ होते ही सुपरहिट साबित हुआ। यह किस्सा आज भी संगीत जगत में अनुशासन, समर्पण और कला के प्रति जुनून की मिसाल के रूप में याद किया जाता है। संगीत की दुनिया का अमर सबकयह घटना सिर्फ एक गाने की कहानी नहीं, बल्कि उस दौर के कलाकारों की संवेदनशीलता और प्रोफेशनलिज्म का प्रतीक है। लता मंगेशकर की परफेक्शन की चाह और रफ़ी साहब की भावनात्मक प्रतिबद्धता ने इस गाने को अमर बना दिया। आज भी जब यह गीत बजता है, तो श्रोता सिर्फ संगीत नहीं सुनते, बल्कि उस संघर्ष और समर्पण को महसूस करते हैं जो इसके पीछे छिपा है।
गर्मी में भी नहीं होगी थकान, इन आसान तरीकों से पाएं एनर्जी

नई दिल्ली । भीषण गर्मी के मौसम में शरीर की एनर्जी तेजी से कम होने लगती है। तेज धूप, पसीना और डिहाइड्रेशन के कारण लोग दिनभर थकान, सुस्ती और कमजोरी महसूस करते हैं। ऐसे में सही खानपान और जीवनशैली अपनाकर शरीर को फिट और एक्टिव रखा जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार कुछ आसान घरेलू उपाय गर्मी के असर को काफी हद तक कम कर सकते हैं और शरीर को दिनभर तरोताजा बनाए रख सकते हैं। शरीर को हाइड्रेट रखना सबसे जरूरीगर्मी में एनर्जी बनाए रखने का सबसे पहला नियम शरीर को हाइड्रेट रखना है। पर्याप्त पानी पीने से शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है और थकान कम होती है। विशेषज्ञों के अनुसार दिनभर में कम से कम 7 से 8 गिलास पानी जरूर पीना चाहिए। इसके अलावा नारियल पानी, नींबू पानी, छाछ और ताजे फलों के जूस को भी डाइट में शामिल करना चाहिए। ये न केवल शरीर में पानी की कमी पूरी करते हैं, बल्कि इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बनाए रखने में भी मदद करते हैं। हल्का और संतुलित आहार अपनाएंगर्मी के मौसम में भारी और तला-भुना भोजन शरीर पर अतिरिक्त बोझ डालता है, जिससे सुस्ती बढ़ जाती है। ऐसे में हल्का और पौष्टिक भोजन लेना चाहिए। हरी सब्जियां, दाल, सलाद और मौसमी फल जैसे तरबूज, खीरा, खरबूजा शरीर को ठंडक देने के साथ एनर्जी भी प्रदान करते हैं। यह भोजन पाचन को भी आसान बनाता है और शरीर को एक्टिव रखता है। सुबह का नाश्ता कभी न छोड़ेंदिन की शुरुआत हमेशा हेल्दी नाश्ते से करनी चाहिए। ओट्स, पोहा, उपमा या फल आधारित नाश्ता शरीर को दिनभर एनर्जेटिक बनाए रखता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सुबह का नाश्ता छोड़ने से ब्लड शुगर लेवल गिर सकता है, जिससे थकान और कमजोरी महसूस होती है। धूप से बचाव बेहद जरूरीगर्मी में दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच धूप सबसे तेज होती है। इस समय बाहर निकलने से बचना चाहिए। यदि बाहर जाना जरूरी हो, तो सिर को ढककर, हल्के और ढीले कपड़े पहनकर ही निकलना चाहिए। इससे लू और हीट स्ट्रोक का खतरा कम हो जाता है और शरीर पर गर्मी का प्रभाव भी घटता है। पर्याप्त नींद और आराम जरूरीशरीर को दिनभर एनर्जेटिक बनाए रखने के लिए पर्याप्त नींद लेना बहुत जरूरी है। रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद लेने से शरीर और दिमाग दोनों तरोताजा रहते हैं। नींद की कमी से चिड़चिड़ापन, थकान और कमजोरी बढ़ सकती है, जो गर्मी में और अधिक परेशान करती है। कैफीन और जंक फूड से दूरी बनाएंगर्मी में चाय, कॉफी और फास्ट फूड का अधिक सेवन शरीर को डिहाइड्रेट कर सकता है और एनर्जी लेवल गिरा सकता है। इनकी जगह प्राकृतिक पेय और घर का ताजा, हल्का भोजन लेना ज्यादा फायदेमंद होता है। सही दिनचर्या, संतुलित आहार और पर्याप्त पानी के सेवन से भीषण गर्मी में भी शरीर को एनर्जेटिक और फिट रखा जा सकता है। छोटे-छोटे बदलाव अपनाकर आप पूरे दिन तरोताजा और सक्रिय रह सकते हैं।
गुरुवार व्रत कथा: श्रद्धा से पढ़ें यह पावन कथा, भगवान विष्णु होंगे प्रसन्न, मिलेगा मनचाहा फल

नई दिल्ली। हिंदू धर्म में गुरुवार का दिन भगवान विष्णु और बृहस्पति देव को समर्पित माना जाता है। इस दिन व्रत रखने और श्रद्धा भाव से पूजा-अर्चना करने का विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गुरुवार व्रत करने और व्रत कथा का पाठ करने से जीवन में सुख, शांति, धन-समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। कहा जाता है कि जो भक्त पूरे नियम और निष्ठा के साथ गुरुवार व्रत करता है, उसके जीवन से दरिद्रता दूर होती है और घर में लक्ष्मी का वास होता है। विशेष रूप से विवाहित महिलाओं के लिए यह व्रत अत्यंत शुभ माना गया है। गुरुवार व्रत की पावन कथाप्राचीन समय की बात है, एक नगर में एक धर्मपरायण ब्राह्मण रहता था। उसकी पत्नी बहुत ही धार्मिक स्वभाव की थी, लेकिन उनके जीवन में धन की कमी के कारण हमेशा कठिनाइयां बनी रहती थीं। ब्राह्मण की पत्नी प्रतिदिन भगवान विष्णु की पूजा करती थी, लेकिन फिर भी घर में दरिद्रता बनी रहती थी। एक दिन वह जंगल में जल लेने गई, वहां उसकी मुलाकात एक वृद्ध साधु से हुई। साधु ने उसे गुरुवार व्रत करने की सलाह दी और बताया कि यदि श्रद्धा से भगवान विष्णु की पूजा और व्रत किया जाए, तो सभी दुख समाप्त हो जाते हैं। महिला ने साधु की बात मानकर गुरुवार व्रत शुरू किया। उसने नियमपूर्वक हर गुरुवार को उपवास रखा, पीले वस्त्र धारण किए और भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा की। कुछ ही समय बाद उसका जीवन बदलने लगा। घर में धन-धान्य की वृद्धि हुई, सुख-समृद्धि आने लगी और सभी परेशानियां दूर हो गईं। उसके जीवन में खुशहाली लौट आई। कथा से मिलने वाली सीखइस कथा से यह संदेश मिलता है कि श्रद्धा, धैर्य और नियमपूर्वक किया गया व्रत जीवन की कठिनाइयों को दूर कर सकता है। भगवान विष्णु सच्चे मन से की गई पूजा से शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों को उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। गुरुवार व्रत के नियमगुरुवार को पीले वस्त्र धारण करना शुभ माना जाता हैभगवान विष्णु को पीले फूल, हल्दी और केले का भोग लगाना चाहिएव्रत कथा का श्रद्धापूर्वक पाठ करना आवश्यक हैइस दिन नमक का सेवन करने से बचना चाहिए (व्रत रखने वालों के लिए)जरूरतमंदों को पीली वस्तुओं का दान करना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है गुरुवार व्रत न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और आत्मविश्वास भी बढ़ाता है। इस व्रत कथा के श्रवण और पाठ से भक्तों पर भगवान विष्णु की विशेष कृपा बनी रहती है और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।
विष्णु पूजा में फूलों का विशेष महत्व, सही अर्पण से मिलती है लक्ष्मी कृपा और जीवन में सुख-शांति

नई दिल्ली। गुरुवार का दिन भगवान विष्णु को समर्पित माना जाता है। इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक की गई पूजा से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का संचार होता है। शास्त्रों के अनुसार, भगवान विष्णु की पूजा में फूलों का विशेष महत्व बताया गया है और बिना फूल अर्पण के पूजा अधूरी मानी जाती है। मान्यता है कि कुछ विशेष फूल भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय होते हैं। इन फूलों को गुरुवार के दिन अर्पित करने से न केवल भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं, बल्कि मां लक्ष्मी की कृपा भी प्राप्त होती है। इससे आर्थिक समस्याएं दूर होती हैं और घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है। 1. कदम का फूल: मोक्ष और पुण्य का प्रतीकगुरुवार के दिन भगवान विष्णु को कदम का फूल अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह फूल अर्पित करने से व्यक्ति को आध्यात्मिक लाभ मिलता है और जीवन के कष्टों से मुक्ति मिलती है। इसे लगातार कुछ गुरुवार तक अर्पित करने की परंपरा विशेष फलदायी मानी गई है। 2. गुलाब का फूल: आर्थिक समृद्धि का संकेतलाल गुलाब का फूल भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी दोनों को प्रिय माना गया है। गुरुवार के दिन गुलाब अर्पित करने से आर्थिक तंगी दूर होती है और नौकरी-व्यवसाय में आने वाली बाधाएं कम होती हैं। इसे नियमित गुरुवार को अर्पित करना शुभ माना जाता है। 3. कनेर और गेंदा: सकारात्मक ऊर्जा का स्रोतपीले रंग के कनेर और गेंदे के फूल भगवान विष्णु की पूजा में विशेष स्थान रखते हैं। पीला रंग बृहस्पति ग्रह का प्रतीक माना जाता है। इन फूलों को अर्पित करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है और शुभ फल की प्राप्ति होती है। 4. चंपा और कमल: लक्ष्मी कृपा की प्राप्तिचंपा और कमल का फूल भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी दोनों को अत्यंत प्रिय है। विशेष रूप से कमल का फूल धन, समृद्धि और वैभव का प्रतीक माना जाता है। गुरुवार को इन फूलों का अर्पण करने से घर में स्थायी सुख-समृद्धि आती है और जीवन में संतुलन बना रहता है। 5. पारिजात (हरसिंगार): इच्छापूर्ति का फूलपारिजात का फूल भगवान विष्णु को अति प्रिय माना जाता है। इसे अर्पित करने से धन-धान्य की कमी नहीं रहती और जीवन में सुख-संपन्नता बनी रहती है। मान्यता है कि लगातार कुछ गुरुवार तक इस फूल को अर्पित करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। धार्मिक मान्यता और महत्वधार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुरुवार के दिन भगवान विष्णु की पूजा में सही फूलों का चयन जीवन में बड़ा परिवर्तन ला सकता है। यह न केवल आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग खोलता है, बल्कि आर्थिक और पारिवारिक जीवन में भी स्थिरता लाता है। गुरुवार को भगवान विष्णु को उनके प्रिय फूल अर्पित करना एक सरल लेकिन प्रभावशाली उपाय माना जाता है। श्रद्धा और नियमपूर्वक की गई पूजा से जीवन में सकारात्मक बदलाव, धन-समृद्धि और मानसिक शांति प्राप्त की जा सकती है।
गुरुवार के वास्तु टिप्स: घर में अपनाएं ये सरल उपाय, बढ़ेगी सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा

नई दिल्ली। गुरुवार का दिन धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। इस दिन भगवान विष्णु और बृहस्पति देव की पूजा करने के साथ-साथ वास्तु के कुछ सरल नियम अपनाने से घर में सुख-समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है। वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार छोटे-छोटे बदलाव जीवन में बड़ा प्रभाव डाल सकते हैं और परिवार के वातावरण को शांत व सुखद बना सकते हैं। गुरुवार को किए गए सही वास्तु उपाय न केवल आर्थिक स्थिति को मजबूत करते हैं, बल्कि मानसिक शांति और रिश्तों में भी मधुरता लाते हैं। यही कारण है कि इस दिन विशेष रूप से पीले रंग और धार्मिक पूजा-पाठ का महत्व बताया गया है। घर के उत्तर-पूर्व कोना रखें साफ और पवित्रवास्तु शास्त्र में उत्तर-पूर्व दिशा को सबसे शुभ माना गया है। गुरुवार के दिन इस कोने की विशेष सफाई करें और वहां गंदगी या भारी सामान रखने से बचें। इस स्थान पर भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर रखना शुभ माना जाता है। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है। पीले रंग का करें अधिक उपयोगगुरुवार को पीले रंग का विशेष महत्व होता है। इस दिन घर में पीले फूल, पीले कपड़े या पीले रंग की सजावट करने से बृहस्पति ग्रह मजबूत होता है। पीला रंग ज्ञान, समृद्धि और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है, जिससे घर में शुभता बढ़ती है। तुलसी और पूजा स्थल की करें विशेष देखभालगुरुवार के दिन तुलसी के पौधे की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है। सुबह स्नान के बाद तुलसी को जल अर्पित करें और दीपक जलाएं। साथ ही घर के पूजा स्थल को साफ-सुथरा रखें और वहां नियमित रूप से धूप-दीप करें। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और वातावरण पवित्र बनता है। बृहस्पति देव को प्रसन्न करने के उपायगुरुवार को भगवान विष्णु के साथ बृहस्पति देव की पूजा करना विशेष फलदायी माना जाता है। इस दिन चने की दाल, हल्दी और पीले वस्त्र का दान करने से बृहस्पति ग्रह मजबूत होता है। इससे शिक्षा, करियर और आर्थिक स्थिति में सुधार होता है। मुख्य द्वार को रखें साफ और आकर्षकवास्तु के अनुसार घर का मुख्य द्वार ऊर्जा का प्रवेश द्वार होता है। गुरुवार के दिन मुख्य दरवाजे को साफ रखें और वहां हल्दी या फूलों से सजावट करें। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और लक्ष्मी का आगमन होता है। रसोई से जुड़े वास्तु नियम अपनाएंगुरुवार को रसोई की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए। गैस चूल्हे और खाने की जगह को व्यवस्थित रखने से घर में समृद्धि बनी रहती है। साथ ही इस दिन बासी भोजन से बचना चाहिए और ताजा भोजन ग्रहण करना शुभ माना जाता है। गुरुवार के दिन अपनाए गए ये सरल वास्तु उपाय जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। घर का वातावरण शांत, सुखद और समृद्ध बनता है। श्रद्धा और नियमपूर्वक किए गए छोटे-छोटे उपाय व्यक्ति के जीवन में बड़ा बदलाव लाने की क्षमता रखते हैं।
त्वचा की देखभाल में बादाम का बढ़ता उपयोग, घरेलू नुस्खों से लेकर स्किनकेयर प्रोडक्ट्स तक बढ़ी मांग

नई दिल्ली। बदलती लाइफस्टाइल और बढ़ते प्रदूषण के बीच त्वचा की देखभाल आज एक बड़ी जरूरत बन गई है। ऐसे में प्राकृतिक उपायों की ओर लोगों का रुझान तेजी से बढ़ रहा है। इन्हीं प्राकृतिक उपायों में बादाम को त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। बादाम न केवल शरीर के लिए पोषण का स्रोत है, बल्कि यह त्वचा को अंदर से स्वस्थ और बाहर से चमकदार बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। त्वचा विशेषज्ञों के अनुसार बादाम में मौजूद विटामिन E, एंटीऑक्सीडेंट्स और हेल्दी फैट्स त्वचा की कोशिकाओं को रिपेयर करने में मदद करते हैं। यही कारण है कि स्किनकेयर में बादाम का उपयोग सदियों से किया जा रहा है। त्वचा को देता है प्राकृतिक निखारबादाम का नियमित सेवन या इसका बाहरी उपयोग त्वचा को प्राकृतिक चमक देने में मदद करता है। इसमें मौजूद विटामिन E त्वचा की ऊपरी परत को पोषण देता है और डलनेस को कम करता है। कई लोग रात में भीगे हुए बादाम का सेवन करते हैं, जिससे त्वचा अंदर से साफ और हेल्दी रहती है। इसके अलावा बादाम का तेल त्वचा पर लगाने से ड्राइनेस कम होती है और स्किन सॉफ्ट व स्मूद बनती है। खासकर सर्दियों में इसका उपयोग अधिक लाभकारी माना जाता है। एंटी-एजिंग गुणों से झुर्रियों में राहतबढ़ती उम्र के साथ चेहरे पर झुर्रियां और फाइन लाइन्स दिखाई देने लगती हैं। बादाम में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने में मदद करते हैं। यह त्वचा की इलास्टिसिटी को बनाए रखता है और चेहरे को लंबे समय तक जवान बनाए रखने में सहायक होता है। नियमित रूप से बादाम तेल की हल्की मसाज करने से त्वचा टाइट होती है और झुर्रियों की समस्या में धीरे-धीरे कमी आ सकती है। डार्क सर्कल और दाग-धब्बों में भी असरदारनींद की कमी और तनाव के कारण आंखों के नीचे काले घेरे यानी डार्क सर्कल की समस्या आम हो गई है। बादाम का तेल इस समस्या में काफी असरदार माना जाता है। इसे हल्के हाथों से आंखों के नीचे लगाने से धीरे-धीरे काले घेरे कम हो सकते हैं। इसके साथ ही यह त्वचा के दाग-धब्बों और पिग्मेंटेशन को हल्का करने में भी मदद करता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व त्वचा की रंगत को समान बनाने में सहायक होते हैं। मॉइस्चराइजर का प्राकृतिक विकल्पबादाम का तेल एक बेहतरीन नेचुरल मॉइस्चराइजर के रूप में काम करता है। यह त्वचा में गहराई तक जाकर नमी को बनाए रखता है और रूखापन दूर करता है। संवेदनशील त्वचा वाले लोगों के लिए भी यह काफी सुरक्षित माना जाता है, हालांकि पहले पैच टेस्ट करना जरूरी होता है। कैसे करें उपयोगविशेषज्ञों के अनुसार, रात में सोने से पहले चेहरे को साफ करके बादाम तेल की कुछ बूंदों से हल्की मसाज करनी चाहिए। वहीं भीगे हुए बादाम का सुबह सेवन करने से त्वचा को अंदर से पोषण मिलता है। चाहें तो बादाम का फेस पैक बनाकर भी उपयोग किया जा सकता है, जिसमें दूध या शहद मिलाकर त्वचा पर लगाया जाता है। बादाम एक ऐसा प्राकृतिक तत्व है जो त्वचा की कई समस्याओं का समाधान एक साथ प्रदान करता है। चाहे निखार बढ़ाना हो, झुर्रियां कम करनी हों या त्वचा को मॉइस्चराइज करना हो, बादाम हर रूप में लाभकारी साबित होता है। नियमित उपयोग से त्वचा स्वस्थ, चमकदार और जवान बनी रह सकती है।
4 जून 2026 राशिफल: किसे मिलेगा लाभ और किसे रखना होगा संयम

नई दिल्ली । 4 जून 2026, गुरुवार का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आ रहा है। ग्रह-नक्षत्रों की चाल में हुए परिवर्तन का प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग रूप में देखने को मिलेगा। कहीं खुशखबरी और आर्थिक लाभ के संकेत हैं, तो कहीं सतर्क रहने की जरूरत होगी। भगवान विष्णु को समर्पित यह दिन धार्मिक दृष्टि से भी शुभ माना जाता है, और पूजा-अर्चना से विशेष फल प्राप्त होने की मान्यता है। मेष राशि: सामान्य दिन, मिल सकते हैं शुभ समाचारमेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन मिला-जुला रहेगा। कार्यक्षेत्र में प्रशंसा मिलने की संभावना है और मानसिक तनाव में राहत महसूस होगी। हालांकि, पारिवारिक और व्यक्तिगत रिश्तों में थोड़ी चुनौती सामने आ सकती है। धन की स्थिति में सुधार के संकेत हैं, जिससे आर्थिक राहत मिल सकती है। वृषभ राशि: परिवार और यात्रा का योगवृषभ राशि वालों के लिए दिन परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का है। किसी छोटी यात्रा की संभावना बन रही है। करीबी मित्र से मुलाकात हो सकती है। व्यापारिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं, लेकिन स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। मिथुन राशि: आत्मविश्वास और नई शुरुआत का दिनमिथुन राशि के जातकों के लिए 4 जून का दिन अत्यंत शुभ माना जा रहा है। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और नए कार्यों की शुरुआत संभव है। व्यापार में तरक्की और आर्थिक लाभ के योग बन रहे हैं। सेहत में भी सुधार देखने को मिलेगा। कर्क राशि: नए अवसर और पारिवारिक सुखकर्क राशि के लिए करियर में नए अवसर मिलने के संकेत हैं। परिवार में सुख-शांति का माहौल रहेगा और अविवाहित लोगों के जीवन में नए संबंध की शुरुआत हो सकती है। आय और खर्च के बीच संतुलन बनाना जरूरी होगा। सिंह राशि: सावधानी बरतने की जरूरसिंह राशि के लिए दिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है। वाहन चलाते समय सावधानी रखें और खर्चों पर नियंत्रण जरूरी होगा। करियर में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, हालांकि धन का आगमन भी संभव है। कन्या राशि: रुका हुआ धन वापस मिलने के संकेतकन्या राशि वालों के लिए आर्थिक स्थिति में सुधार के योग हैं। अटका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी और कार्यस्थल पर प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। व्यापार में सुधार होगा। तुला राशि: खुशखबरी और नए अवसरतुला राशि के लिए आज का दिन विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है। किसी अच्छी खबर की प्राप्ति हो सकती है। पार्टनर से सरप्राइज मिलने के संकेत हैं और व्यापार में नई साझेदारी लाभकारी साबित हो सकती है। हालांकि निवेश में सतर्क रहना जरूरी है। वृश्चिक राशि: सकारात्मक ऊर्जा का प्रभाववृश्चिक राशि वालों के लिए दिन सकारात्मक रहेगा। नए संबंध बनने और निवेश के अच्छे अवसर मिलने की संभावना है। आध्यात्मिक रुचि बढ़ेगी और महत्वपूर्ण कार्य पूरे होंगे। धनु राशि: खर्च और सावधानी का दिनधनु राशि के लिए दिन थोड़ा कठिन रह सकता है। अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं और व्यापार में नुकसान की संभावना है। यात्राएं और आध्यात्मिक गतिविधियां संभव हैं, लेकिन वित्तीय मामलों में सतर्क रहना होगा। मकर राशि: सफलता और सम्मान का दिनमकर राशि के जातकों के लिए दिन अनुकूल रहेगा। कार्यस्थल पर सफलता मिलेगी और वरिष्ठ अधिकारी प्रभावित हो सकते हैं। परिवार से जुड़ी समस्याएं समाप्त हो सकती हैं और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। कुंभ राशि: उतार-चढ़ाव भरा दिनकुंभ राशि के लिए दिन मिश्रित परिणाम लेकर आएगा। खर्च बढ़ सकते हैं और जीवनसाथी के साथ मतभेद संभव हैं। हालांकि आय के नए स्रोत भी बन सकते हैं और परिवार का सहयोग मिलेगा। मीन राशि: शुभ और आनंददायक दिनमीन राशि के लिए दिन बहुत अच्छा रहने वाला है। स्वास्थ्य में सुधार होगा और प्रेम संबंधों में खुशियां आएंगी। सामाजिक मान-सम्मान बढ़ेगा और पुराने मित्र से मुलाकात संभव है।
चारधाम यात्रा हुई महंगी: पेट्रोल-डीजल, होटल और टैक्सी किराए में बढ़ोतरी से श्रद्धालुओं का बजट बिगड़ा

नई दिल्ली। उत्तराखंड की पवित्र चारधाम यात्रा इस बार श्रद्धालुओं की जेब पर भारी पड़ती नजर आ रही है। पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के साथ-साथ होटल, टैक्सी और खाने-पीने की सेवाओं के दामों में भी तेजी दर्ज की गई है, जिसका सीधा असर यात्रा पर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के बजट पर पड़ रहा है। बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री जाने वाले प्रमुख मार्गों पर इस समय यात्रा खर्च पहले की तुलना में काफी बढ़ गया है। यात्रा सीजन में बढ़ती भीड़ और सीमित संसाधनों के कारण स्थानीय स्तर पर सेवाओं की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। टैक्सी और होटल किराए में भारी उछालचारधाम यात्रा रूट पर टैक्सी किराए में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। कई स्थानों पर पहले की तुलना में यात्रा पैकेज और लोकल ट्रांसपोर्ट महंगा हो गया है। इसके साथ ही होटल और गेस्ट हाउस के कमरों के दाम भी बढ़ गए हैं, जिससे ठहरने का खर्च भी यात्रियों के लिए चुनौती बन गया है। श्रद्धालुओं का कहना है कि पिछले साल की तुलना में इस बार उन्हें यात्रा पर कहीं अधिक खर्च करना पड़ रहा है, जिससे पूरा बजट प्रभावित हो रहा है। ईंधन की कीमतों का सीधा असर सेवाओं परस्थानीय कारोबारियों के अनुसार पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर परिवहन और होटल उद्योग पर पड़ा है। पहाड़ी क्षेत्रों में सामान पहुंचाने की लागत बढ़ने से होटल, ढाबा और ट्रैवल सेवा प्रदाताओं ने अपने रेट बढ़ा दिए हैं। इस वजह से खाने-पीने की सामान्य चीजें भी पहले से महंगी हो गई हैं, जिससे यात्रा का कुल खर्च और बढ़ गया है। श्रद्धालुओं की जेब पर बोझ, फिर भी आस्था मजबूतकई श्रद्धालुओं ने बताया कि टैक्सी और होटल बुकिंग में अचानक बढ़ी कीमतों के कारण उनका बजट बिगड़ गया है। हालांकि इसके बावजूद आस्था और धार्मिक विश्वास के चलते यात्रियों की संख्या में कोई कमी नहीं देखी जा रही है। बड़ी संख्या में लोग चारधाम यात्रा के लिए लगातार पहुंच रहे हैं। प्रशासन कर रहा सुविधाएं बेहतर करने का दावाप्रशासन का कहना है कि यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए लगातार इंतजाम किए जा रहे हैं। भीड़ प्रबंधन, स्वास्थ्य सुविधाएं और ट्रैफिक नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। आगे और बढ़ सकता है खर्चविशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में जैसे-जैसे यात्रा का पीक सीजन बढ़ेगा, वैसे-वैसे भीड़ और खर्च दोनों में और बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में यात्रियों को सलाह दी जा रही है कि वे यात्रा से पहले सही बजट प्लानिंग और एडवांस बुकिंग जरूर करें।
निजी समारोह में रिश्ते को देंगे नया नाम! जुलाई में शादी की तैयारी को लेकर चर्चा में आमिर खान

नई दिल्ली । बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान एक बार फिर अपनी निजी जिंदगी को लेकर सुर्खियों में हैं। फिल्मी दुनिया में अपनी दमदार अभिनय क्षमता और चुनिंदा फिल्मों के लिए पहचाने जाने वाले अभिनेता के बारे में चर्चा है कि वह अपनी पार्टनर गौरी स्प्रैट के साथ अपने रिश्ते को नया नाम देने की तैयारी कर रहे हैं। खबरों के अनुसार दोनों जुलाई महीने में एक निजी और सादे समारोह के दौरान विवाह बंधन में बंध सकते हैं। हालांकि इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक सार्वजनिक घोषणा सामने नहीं आई है, लेकिन मनोरंजन जगत में इस खबर को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। जानकारी के अनुसार प्रस्तावित समारोह को बेहद निजी रखा जाएगा, जिसमें केवल परिवार के सदस्य और कुछ करीबी मित्र ही शामिल हो सकते हैं। बताया जा रहा है कि दोनों अपने रिश्ते को औपचारिक रूप देने के लिए सरल और सीमित आयोजन को प्राथमिकता दे रहे हैं। यह आयोजन किसी भव्य सार्वजनिक समारोह के बजाय पारिवारिक माहौल में आयोजित किए जाने की संभावना जताई जा रही है। आमिर खान भारतीय सिनेमा के उन कलाकारों में शामिल हैं जिन्होंने अपने करियर में कई यादगार फिल्में दी हैं और देश ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बनाई है। उनकी निजी जिंदगी भी समय-समय पर चर्चा का विषय रही है। अभिनेता की पहली शादी रीना दत्ता से हुई थी, जिनसे उनके दो बच्चे हैं। इसके बाद उन्होंने फिल्म निर्माता किरण राव से विवाह किया था। दोनों ने कुछ वर्ष पहले आपसी सहमति से अलग होने की घोषणा की थी, हालांकि वे अपने बेटे के पालन-पोषण और अन्य सामाजिक कार्यों में आज भी साथ दिखाई देते हैं। गौरी स्प्रैट को लेकर पिछले कुछ समय से चर्चाएं चल रही थीं। बताया जाता है कि दोनों एक-दूसरे को लंबे समय से जानते हैं और उनके बीच मजबूत समझ तथा विश्वास का रिश्ता विकसित हुआ है। मनोरंजन जगत के जानकारों का मानना है कि जीवन के इस चरण में दोनों ने अपने रिश्ते को अधिक औपचारिक रूप देने का निर्णय लिया है। हालांकि इससे जुड़ी कई जानकारियां अभी भी निजी दायरे में रखी गई हैं। फिल्म उद्योग में निजी समारोहों का चलन पिछले कुछ वर्षों में बढ़ा है। कई चर्चित हस्तियों ने अपने विवाह और पारिवारिक आयोजनों को सीमित दायरे में रखते हुए केवल करीबी लोगों की मौजूदगी में संपन्न किया है। ऐसे आयोजनों में गोपनीयता और पारिवारिक माहौल को प्राथमिकता दी जाती है। इसी कारण यदि यह समारोह आयोजित होता है तो उसके भी अपेक्षाकृत निजी रहने की संभावना व्यक्त की जा रही है। आमिर खान के प्रशंसक उनकी पेशेवर उपलब्धियों के साथ-साथ उनकी निजी जिंदगी से जुड़ी खबरों में भी विशेष रुचि रखते हैं। ऐसे में शादी को लेकर सामने आई चर्चाओं ने सोशल मीडिया और मनोरंजन जगत में उत्सुकता बढ़ा दी है। हालांकि अंतिम और आधिकारिक जानकारी सामने आने का इंतजार किया जा रहा है। यदि यह विवाह संपन्न होता है तो यह अभिनेता के जीवन का एक नया अध्याय माना जाएगा। फिलहाल प्रशंसकों और फिल्म जगत की निगाहें आने वाले दिनों पर टिकी हैं, जब इस विषय पर अधिक स्पष्ट जानकारी सामने आ सकती है। तब तक इस संभावित आयोजन को लेकर चर्चाएं और अटकलें जारी रहने की संभावना बनी हुई है।
भीषण गर्मी में बढ़ रहा त्वचा रोगों का खतरा, शुरुआती लक्षण पहचानकर समय रहते करें बचाव

नई दिल्ली । देश के विभिन्न हिस्सों में लगातार बढ़ रही गर्मी और उमस लोगों के स्वास्थ्य पर असर डाल रही है। तेज धूप, गर्म हवाएं और अत्यधिक पसीना न केवल शरीर को थका देता है, बल्कि त्वचा संबंधी कई समस्याओं को भी जन्म देता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि गर्मियों के दौरान त्वचा की देखभाल को लेकर थोड़ी सी लापरवाही भी बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है। ऐसे में लोगों को शुरुआती लक्षणों की पहचान कर समय रहते आवश्यक सावधानी बरतने की जरूरत है। विशेषज्ञों के अनुसार गर्मी के मौसम में सबसे अधिक देखी जाने वाली समस्याओं में घमौरियां प्रमुख हैं। अत्यधिक पसीना आने और त्वचा के रोमछिद्रों के बंद हो जाने के कारण त्वचा पर लाल दाने, जलन और खुजली जैसी परेशानियां शुरू हो जाती हैं। कई बार लोग इसे सामान्य समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन समय पर ध्यान नहीं देने पर यह संक्रमण या गंभीर त्वचा रोग का रूप भी ले सकती है। गर्मी के दौरान शरीर से लगातार निकलने वाला पसीना यदि त्वचा की सिलवटों या कम हवा पहुंचने वाले हिस्सों में जमा हो जाए तो वहां सूजन और जलन की स्थिति पैदा हो सकती है। यह समस्या बच्चों, बुजुर्गों, अधिक वजन वाले लोगों और उन व्यक्तियों में ज्यादा देखने को मिलती है जिन्हें सामान्य से अधिक पसीना आता है। गर्दन, पीठ, छाती, कमर और बगल जैसे हिस्से सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं कि त्वचा पर छोटे-छोटे लाल दाने निकलना, लगातार खुजली होना, चुभन या जलन महसूस होना और प्रभावित हिस्से में असहजता बने रहना ऐसे संकेत हैं जिन्हें हल्के में नहीं लेना चाहिए। कई मामलों में त्वचा की समस्या बढ़ने पर बुखार, संक्रमण या सूजन की शिकायत भी सामने आ सकती है। यदि ऐसी स्थिति दिखाई दे तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना आवश्यक हो जाता है। गर्मी के मौसम में त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए कुछ आसान लेकिन प्रभावी उपाय अपनाए जा सकते हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि लोगों को अधिक समय तक धूप में रहने से बचना चाहिए और जहां तक संभव हो ठंडी एवं हवादार जगहों पर रहना चाहिए। दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी बेहद जरूरी है क्योंकि शरीर में पानी की कमी त्वचा की समस्याओं को बढ़ा सकती है। इसके अलावा स्नान के बाद शरीर को अच्छी तरह सुखाना और त्वचा को साफ रखना संक्रमण की आशंका को कम करता है। कपड़ों के चयन पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है। सूती और ढीले कपड़े पहनने से त्वचा को पर्याप्त हवा मिलती है और पसीना आसानी से सूख जाता है। वहीं तंग और सिंथेटिक कपड़े त्वचा की परेशानी बढ़ा सकते हैं। बाहर निकलते समय सिर और चेहरे को धूप से बचाने के लिए छाता, टोपी या हल्के कपड़े का उपयोग करना भी लाभदायक माना जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मियों में संतुलित खानपान भी त्वचा की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अधिक तैलीय और मसालेदार भोजन से बचना तथा ताजे फल और तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाना शरीर को भीतर से ठंडक प्रदान करता है। बच्चों की त्वचा पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जाती है क्योंकि उनमें घमौरियों और त्वचा संक्रमण की संभावना अपेक्षाकृत अधिक होती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार गर्मी के मौसम में सतर्कता और नियमित देखभाल के जरिए अधिकांश त्वचा समस्याओं से बचा जा सकता है। यदि शुरुआती लक्षणों को समय रहते पहचान लिया जाए और उचित उपाय अपनाए जाएं तो गंभीर जटिलताओं से आसानी से बचाव संभव है।