Xiaomi 17T की भारत में एंट्री, 50MP ट्रिपल कैमरा, Dimensity 8500-Ultra प्रोसेसर और 120Hz AMOLED डिस्प्ले बना आकर्षण

नई दिल्ली । भारतीय स्मार्टफोन बाजार में प्रीमियम सेगमेंट की प्रतिस्पर्धा को और तेज करते हुए शाओमी ने अपना नया फ्लैगशिप स्मार्टफोन Xiaomi 17T लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने इस डिवाइस को अत्याधुनिक कैमरा तकनीक, दमदार प्रदर्शन क्षमता और लंबी बैटरी लाइफ के साथ पेश किया है। खास बात यह है कि फोन में Leica-ट्यून्ड कैमरा सिस्टम दिया गया है, जो फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी के शौकीनों को बेहतर अनुभव देने का दावा करता है। Xiaomi 17T को प्रीमियम स्मार्टफोन श्रेणी में उतारा गया है और इसमें आधुनिक तकनीक से लैस कई फीचर्स शामिल किए गए हैं। फोन में 6.59 इंच का 1.5K AMOLED डिस्प्ले दिया गया है, जो 120Hz एडैप्टिव रिफ्रेश रेट और 3500 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस सपोर्ट करता है। यह डिस्प्ले तेज धूप में भी स्पष्ट विजिबिलिटी प्रदान करने में सक्षम माना जा रहा है। स्क्रीन की सुरक्षा के लिए गोरिल्ला ग्लास 7i का इस्तेमाल किया गया है। प्रोसेसिंग क्षमता की बात करें तो Xiaomi 17T में MediaTek Dimensity 8500-Ultra चिपसेट दिया गया है। यह प्रोसेसर मल्टीटास्किंग, गेमिंग और हाई-परफॉर्मेंस कार्यों को सहज बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। डिवाइस Android 16 आधारित HyperOS 3 पर कार्य करता है, जिससे उपयोगकर्ताओं को नया और अधिक स्मार्ट यूजर इंटरफेस मिलने की उम्मीद है। बेहतर तापमान नियंत्रण के लिए कंपनी ने इसमें 3D IceLoop कूलिंग सिस्टम भी दिया है। कैमरा सेक्शन इस स्मार्टफोन की सबसे बड़ी खासियतों में शामिल है। फोन में Leica तकनीक से लैस ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है। इसका मुख्य कैमरा 50 मेगापिक्सल का Light Fusion 800 सेंसर है। इसके अलावा 50 मेगापिक्सल का पेरिस्कोप टेलीफोटो कैमरा ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन (OIS) के साथ मौजूद है, जबकि 12 मेगापिक्सल का अल्ट्रा-वाइड एंगल लेंस भी शामिल किया गया है। यह कैमरा सिस्टम विभिन्न परिस्थितियों में बेहतर तस्वीरें और वीडियो कैप्चर करने में सक्षम माना जा रहा है। पावर बैकअप के लिए Xiaomi 17T में 6500mAh की बड़ी सिलिकॉन-कार्बन बैटरी दी गई है। यह 67W HyperCharge फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है, जिससे फोन कम समय में चार्ज किया जा सकता है। साथ ही 22.5W रिवर्स चार्जिंग फीचर भी उपलब्ध है, जिससे अन्य डिवाइसों को भी चार्ज किया जा सकता है। कनेक्टिविटी के लिहाज से फोन में Wi-Fi 7, Bluetooth 6.0, NFC और NavIC जैसी आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं। वहीं IP68 रेटिंग के कारण यह डिवाइस धूल और पानी से सुरक्षा प्रदान करता है, जिससे इसकी टिकाऊ क्षमता और बढ़ जाती है। कंपनी ने Xiaomi 17T को दो स्टोरेज विकल्पों में लॉन्च किया है। 12GB रैम और 256GB स्टोरेज वेरिएंट की कीमत 59,999 रुपये रखी गई है, जबकि 12GB रैम और 512GB स्टोरेज मॉडल 64,999 रुपये में उपलब्ध होगा। चुनिंदा बैंक कार्ड्स और एक्सचेंज ऑफर्स के तहत ग्राहकों को 5,000 रुपये तक का लाभ भी मिलेगा। फोन की बिक्री 10 जून से कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म और रिटेल स्टोर्स के माध्यम से शुरू होगी। नए फीचर्स और प्रीमियम स्पेसिफिकेशन्स के साथ Xiaomi 17T भारतीय फ्लैगशिप स्मार्टफोन बाजार में एक मजबूत दावेदार के रूप में सामने आया है।
15 जून से शुरू होंगे भीमाशंकर के दर्शन, उमड़ने वाली भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने लागू किए नए नियम

नई दिल्ली। भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में प्रमुख स्थान रखने वाले महाराष्ट्र के पुणे स्थित प्रसिद्ध भीमाशंकर मंदिर के कपाट आगामी 15 जून 2026 से श्रद्धालुओं के लिए दोबारा खोल दिए जाएंगे। विकास और जीर्णोद्धार कार्यों के चलते पिछले करीब पांच महीनों से इस ऐतिहासिक मंदिर में आम भक्तों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगी हुई थी। मंदिर प्रशासन और जिला प्रशासन ने व्यापक स्तर पर चल रहे निर्माण कार्यों को सुचारू रूप से पूरा करने और सुरक्षा मानकों को पुख्ता करने के उद्देश्य से जनवरी महीने से ही मंदिर को बंद रखने का निर्णय लिया था। अब बुनियादी ढांचे के विकास का पहला चरण पूरा होने के बाद शिव भक्तों का लंबा इंतजार समाप्त होने जा रहा है और मंदिर परिसर एक बार फिर जय भोलेनाथ के जयकारों से गुंजायमान होने के लिए तैयार है। इस धार्मिक स्थल को अस्थाई रूप से बंद किए जाने का मुख्य कारण आगामी वर्ष 2027 में नासिक के त्र्यंबकेश्वर तीर्थ में आयोजित होने वाला सिंहस्थ कुंभ मेला है। इस वैश्विक आयोजन के दौरान महाराष्ट्र के सभी प्रमुख और पौराणिक तीर्थस्थलों पर देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में अप्रत्याशित वृद्धि होने की संभावना है। इसी भविष्यगामी भीड़ प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन द्वारा भीमाशंकर मंदिर परिसर में बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य शुरू करवाए गए थे। इन पांच महीनों की अवधि के दौरान मंदिर के मुख्य मुख्य मार्ग, प्रवेश व निकास द्वारों को चौड़ा करने के साथ-साथ श्रद्धालुओं के ठहरने और विश्राम करने के लिए विशेष बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया गया है ताकि कुंभ मेले के समय किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या दुर्घटना की स्थिति उत्पन्न न हो। प्रशासनिक अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार भीमाशंकर मंदिर में दर्शन व्यवस्था को पहले से अधिक सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए कई कड़े और नए नियम भी लागू किए जा रहे हैं। अब यहां आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए पूर्व ऑनलाइन पंजीकरण कराना पूरी तरह से अनिवार्य कर दिया गया है। दर्शन के लिए स्लॉट बुक करने की ऑनलाइन प्रक्रिया 5 जून 2026 से मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट पर लाइव कर दी जाएगी। मंदिर प्रबंधन समिति ने स्पष्ट किया है कि शुरुआती दौर में प्रतिदिन केवल सीमित संख्या में ही पंजीकृत श्रद्धालुओं को गर्भगृह और मुख्य परिसर में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी, जिससे कतार प्रबंधन को बेहतर ढंग से संभाला जा सके और वीआईपी व आम भक्तों के बीच संतुलन बना रहे। प्रशासन ने देश भर से आने वाले शिव भक्तों से अपील की है कि वे मंदिर के नए नियमों और सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन करें। भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग न केवल एक महान धार्मिक केंद्र है, बल्कि यह अपने अलौकिक प्राकृतिक सौंदर्य, घने जंगलों और वन्यजीव अभ्यारण्य के लिए भी दुनिया भर के पर्यटकों और ट्रैकर्स के बीच बेहद लोकप्रिय है। सह्याद्रि पर्वत श्रृंखला के बीच स्थित होने के कारण यहां पहुंचने का मार्ग पहाड़ी और घुमावदार है। श्रद्धालुओं की यात्रा को सुगम बनाने के लिए पुणे जंक्शन और कर्जत रेलवे स्टेशन से राज्य परिवहन की विशेष बसों और टैक्सियों की संख्या में भी बढ़ोतरी की जा रही है, जिससे जून के महीने में मानसून की शुरुआत के साथ आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की परिवहन संबंधी समस्या का सामना न करना पड़े।
निर्जला एकादशी 2026: व्यापार में उन्नति और मानसिक शांति के लिए इस बार बेहद खास हैं ये ज्योतिषीय उपाय

नई दिल्ली। सनातन परंपरा में ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को बेहद खास और पवित्र माना गया है। इस वर्ष निर्जला एकादशी का महापर्व 25 जून 2026 को मनाया जाएगा, जिसे लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। धार्मिक दृष्टिकोण से यह केवल एक पारंपरिक उपवास नहीं है, बल्कि व्यक्ति को मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सकारात्मक दिशा में ले जाने का एक बड़ा माध्यम है। मान्यता है कि जो श्रद्धालु इस दिन बिना अन्न और जल ग्रहण किए पूरी निष्ठा से व्रत का पालन करते हैं, उन्हें साल भर की सभी चौबीस एकादशियों के समान ही पुण्यफल प्राप्त होता है। ज्योतिषीय विशेषज्ञों का मानना है कि यह व्रत व्यक्ति को आंतरिक शांति प्रदान करने के साथ-साथ उसकी मानसिक क्षमताओं का विकास करने में भी सहायक सिद्ध होता है। इस पावन पर्व का संबंध महाभारत काल की एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक कथा से जुड़ा हुआ है। पांडव भाइयों में भीमसेन अपनी अत्यधिक भूख के कारण हर महीने आने वाली एकादशियों का नियमित व्रत रखने में असमर्थ थे। अपनी इस विवशता को लेकर जब वे महर्षि वेदव्यास जी के पास पहुंचे, तब व्यास जी ने उन्हें एक सरल किंतु बेहद कठिन मार्ग सुझाया। उन्होंने भीम को समझाया कि यदि वे ज्येष्ठ मास की इस मुख्य एकादशी पर बिना पानी पिए पूर्ण निष्ठा के साथ निर्जल उपवास रखें, तो उन्हें वर्ष भर की समस्त एकादशियों का लाभ एक साथ मिल जाएगा। भीम ने गुरु की आज्ञा का पालन करते हुए इस कठिन व्रत को पूरा किया, जिसके बाद से ही सनातन समाज में इसे भीमसेनी एकादशी या पांडव एकादशी के नाम से भी जाना जाने लगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार निर्जला एकादशी का सीधा संबंध ब्रह्मांड में चंद्रमा की ऊर्जा से माना गया है। इस दिन किया जाने वाला मानसिक और शारीरिक संयम व्यक्ति के चित्त को स्थिर रखता है और उसकी आध्यात्मिक ऊर्जा को जागृत करता है। यह विशेष तिथि भगवान विष्णु और देवगुरु बृहस्पति के तत्वों को अत्यधिक बल प्रदान करती है, जिसके कारण यह दिन केवल धार्मिक कर्मकांड तक सीमित नहीं रहता बल्कि कुंडली में ग्रहों के संतुलन को ठीक करने में भी बड़ी भूमिका निभाता है। यही वजह है कि करियर और व्यापार में लंबे समय से गतिरोध का सामना कर रहे जातकों के लिए इस दिन कुछ विशेष उपायों को आजमाना बेहद फलदायी माना जाता है। इस शुभ अवसर पर व्यापारिक और आर्थिक बाधाओं को दूर करने के लिए पीपल के वृक्ष के नीचे भगवान विष्णु का स्मरण करने का विधान है। सुबह या शाम के समय पीपल के पेड़ के पास जाकर ‘ओम् नमो नारायणाय’ मंत्र का जाप करने से कुंडली में गुरु ग्रह मजबूत होता है, जिससे पारिवारिक सुख में वृद्धि होती है और मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है। इसके अलावा घर के मुख्य द्वार और पूजा स्थल पर हल्दी व केसर मिश्रित गंगाजल का छिड़काव करने से राहु और केतु के अशुभ प्रभाव शांत होते हैं और घरेलू कलह का नाश होता है। आर्थिक समृद्धि के लिए भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी के चरणों में ग्यारह पीली कौड़ियां रखकर उन पर हल्दी का तिलक लगाने और पूजा के बाद उन्हें तिजोरी में सुरक्षित रखने की सलाह दी जाती है, जिससे अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण रहता है। विद्यार्थियों के लिए भी यह दिन एकाग्रता बढ़ाने का एक उत्तम अवसर लेकर आता है। जो छात्र पढ़ाई में ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते, वे अपनी अध्ययन सामग्री पर हल्दी का छोटा तिलक लगाकर विष्णु सहस्त्रनाम का श्रवण कर सकते हैं, जिससे उनकी स्मरण शक्ति मजबूत होती है। सामाजिक और व्यावहारिक दृष्टिकोण से इस दिन स्वयं निर्जल रहकर बेजुबान पक्षियों के लिए स्वच्छ जल पात्र की व्यवस्था करना सूर्य और गुरु ग्रह को शुभ फल देने के लिए प्रेरित करता है। इसके साथ ही कार्यस्थल पर शंखध्वनि करने से वातावरण शुद्ध होता है और व्यापारिक निर्णय लेने की क्षमता में स्पष्टता आती है। इस दिन परिवार के सदस्यों के साथ बैठकर कम से कम आधा घंटा विष्णु कथा का पाठ करने से आपसी मतभेद दूर होते हैं। व्रत की पूर्णता के लिए केवल भूखा-प्यासा रहना ही काफी नहीं है, बल्कि इस दिन क्रोध, असत्य और किसी के अपमान की भावना का पूरी तरह त्याग कर मन को शुद्ध रखना अनिवार्य माना गया है।
अधूरा सच और सुर्खियां: रणवीर सिंह से बैन हटने के बाद फेडरेशन ने कंगना रनौत के दावों को बताया बेबुनियाद

नई दिल्ली। फिल्म ‘डॉन 3’ को लेकर अभिनेता रणवीर सिंह और फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) के बीच उपजा गतिरोध भले ही समाप्त हो गया हो, लेकिन इस विवाद ने मनोरंजन उद्योग के भीतर एक नई वैचारिक जंग को जन्म दे दिया है। फेडरेशन द्वारा रणवीर सिंह पर से प्रतिबंध हटाने की घोषणा के तुरंत बाद ही अभिनेत्री और राजनेता कंगना रनौत तथा FWICE के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। पूरा मामला उस समय गरमा गया जब कंगना रनौत ने एक सार्वजनिक मंच से इस पूरे विवाद पर टिप्पणी की, जिसके जवाब में अशोक पंडित ने उन पर तथ्यों को जाने बिना केवल सुर्खियां बटोरने के लिए बयान देने का गंभीर आरोप लगाया है। दरअसल, यह विवाद तब शुरू हुआ जब कंगना रनौत अपनी आगामी फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ के ट्रेलर लॉन्च कार्यक्रम में शामिल हुईं। वहां जब मीडिया ने उनसे रणवीर सिंह पर लगे प्रतिबंध को लेकर सवाल पूछा, तो उन्होंने रणवीर का खुलकर समर्थन किया। कंगना ने अपने चिर-परिचित अंदाज में कहा कि जब किसी व्यक्ति का कद और हैसियत बढ़ती है, तो उसके दुश्मनों की संख्या भी स्वतः ही बढ़ जाती है। सफलता के मार्ग में विरोधियों का आना स्वाभाविक है। इसके साथ ही उन्होंने खुद का उदाहरण देते हुए दावा किया कि उन्हें भी फिल्म उद्योग के कई धड़ों द्वारा प्रतिबंधित किया जा चुका है। कंगना ने रणवीर सिंह को सांत्वना देते हुए कहा था कि उन्हें इस बात से खुश होना चाहिए कि उनका कद अब इतना बड़ा हो चुका है कि लोग उनके खिलाफ खड़े हो रहे हैं। कंगना रनौत के इस बयान पर फिल्म उद्योग के कामगारों और तकनीशियनों की सबसे बड़ी संस्था FWICE के मुख्य सलाहकार अशोक पंडित ने अत्यंत कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने एक साक्षात्कार के दौरान कंगना को सीधे तौर पर आड़े हाथों लेते हुए कहा कि फिल्म बिरादरी के कुछ लोग बिना सोचे-समझे और बिना जमीनी सच्चाई को जाने केवल समाचारों में बने रहने के लिए गैर-जिम्मेदाराना प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कंगना के दावों का खंडन करते हुए अशोक पंडित ने अत्यंत सख्त शब्दों में कहा कि फेडरेशन किसी दुर्भावना के तहत कार्रवाई नहीं करता। उन्होंने कहा कि यदि कंगना को प्रतिबंधित किया गया था, तो उसकी वजह उनकी बेवजह की बयानबाजी थी, न कि उनका बढ़ता हुआ कद। उन्होंने साफ किया कि संगठन को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि कौन क्या राय रखता है, क्योंकि फेडरेशन के सामने उद्योग से जुड़े हजारों दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का भविष्य होता है। इस दौरान अशोक पंडित ने फेडरेशन के रुख को पूरी तरह से स्पष्ट करते हुए कहा कि संस्था का उद्देश्य कभी भी रणवीर सिंह को व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाना या प्रताड़ित करना नहीं था। उन्होंने पूरे मामले की पृष्ठभूमि स्पष्ट करते हुए बताया कि यह विवाद मूल रूप से आगामी फिल्म ‘डॉन 3’ से जुड़ा था, जिसके निर्माता-निर्देशक फरहान अख्तर ने फेडरेशन में एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, रणवीर सिंह के अचानक इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट से अलग होने के कारण निर्माताओं को भारी वित्तीय क्षति का सामना करना पड़ा था। इसी शिकायत और आर्थिक नुकसान के तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए FWICE ने अभिनेता के खिलाफ असहयोग निर्देश जारी किया था। अशोक पंडित के मुताबिक, ऐसे बड़े विवादों का नकारात्मक असर केवल मुख्य अभिनेताओं पर नहीं पड़ता, बल्कि उस फिल्म से जुड़े सैकड़ों छोटे तकनीशियनों, दैनिक कामगारों और सह-कलाकारों के रोजगार पर भी पड़ता है। इसलिए फेडरेशन का कोई भी कदम किसी व्यक्ति विशेष के विरोध में नहीं, बल्कि संपूर्ण फिल्म उद्योग के व्यावसायिक अनुशासन और सामूहिक हितों की रक्षा के लिए उठाया जाता है। बहरहाल, बुधवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से फेडरेशन ने रणवीर सिंह के खिलाफ जारी अपने सभी निर्देशों को आधिकारिक तौर पर वापस ले लिया है, जिससे ‘डॉन 3’ से जुड़ा विवाद तो सुलझ गया है, लेकिन कंगना और अशोक पंडित के बीच शुरू हुआ यह नया वाकयुद्ध आने वाले दिनों में और गहराने की आशंका है।
परदे पर परफेक्ट शॉट के लिए जब पिता ने भुला दिया रिश्ता: 'गदर' के क्लाइमेक्स में अनिल शर्मा ने दांव पर लगा दी थी बेटे उत्कर्ष की जान

नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ फिल्में ऐसी होती हैं जिनके दृश्य दर्शकों के जहन में हमेशा के लिए दर्ज हो जाते हैं, लेकिन उन दृश्यों को परदे पर जीवंत करने के लिए पर्दे के पीछे जो खतरे उठाए जाते हैं, वे अक्सर हैरान करने वाले होते हैं। ऐसा ही एक बेहद भावुक और खौफनाक किस्सा साल २००१ में रिलीज हुई ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘गदर: एक प्रेम कथा’ के सेट से सामने आया है। फिल्म के निर्देशक अनिल शर्मा ने खुद इस बात का खुलासा किया है कि फिल्म के एक मुख्य और बेहद खतरनाक स्टंट सीन को फिल्माते समय उन्होंने निर्देशक के दायित्व को पूरा करने के लिए अपने ही सगे बेटे उत्कर्ष शर्मा की जान को दांव पर लगा दिया था। उत्कर्ष ने इस फिल्म में सनी देओल और अमीषा पटेल के बेटे ‘चरणजीत’ की भूमिका निभाई थी। यह पूरा घटनाक्रम फिल्म के उस मशहूर क्लाइमेक्स सीन की शूटिंग के दौरान का है, जिसमें मुख्य किरदार तारा सिंह अपने परिवार की रक्षा करते हुए पाकिस्तान से भारत की सीमा की तरफ भाग रहा होता है। इस पूरे दृश्य को किसी स्टूडियो में नहीं, बल्कि वास्तव में एक चलती हुई ट्रेन के ऊपर फिल्माया जा रहा था। सीन की मांग यह थी कि जब ट्रेन लगभग ४० किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही हो, तब अभिनेता सनी देओल अपने पांच वर्षीय बाल कलाकार बेटे उत्कर्ष शर्मा को अपने मजबूत कंधों पर बैठाकर ट्रेन की एक बोगी से दूसरी बोगी पर छलांग लगाएंगे। एक पिता होने के नाते अनिल शर्मा के लिए यह निर्णय बेहद आत्मघाती और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने वाला था, परंतु फिल्म को वास्तविक और प्रभावशाली बनाने के चक्कर में उन्होंने यह बड़ा जोखिम मोल ले लिया। शूटिंग के उन खौफनाक पलों को याद करते हुए अनिल शर्मा ने बताया कि जब यह शॉट चल रहा था, तब उनके भीतर का पिता इतना डर गया था कि उन्होंने डर के मारे अपनी आंखें पूरी तरह बंद कर ली थीं। उनके दिमाग में लगातार अनहोनी की आशंकाएं तैर रही थीं और वह सिर्फ भगवान से अपने बच्चे की सलामती की प्रार्थना कर रहे थे। जब तक ट्रेन के रुकने की आवाज उनके कानों में नहीं पड़ती थी, वह अपनी आंखें खोलने की हिम्मत नहीं जुटा पाते थे। निर्देशक ने इसे अपने पूरे फिल्मी सफर का सबसे मुश्किल और तनावपूर्ण शॉट करार दिया। उन्होंने आत्मग्लानि भरे स्वर में कहा कि आज भी जब वह पीछे मुड़कर देखते हैं, तो खुद से यही सवाल पूछते हैं कि यदि उस वक्त कोई छोटी सी चूक हो जाती या संतुलन बिगड़ जाता, तो क्या होता। उन्होंने माना कि सब कुछ सनी देओल के भरोसे छोड़कर उन्होंने बहुत बड़ा जुआ खेला था। इस जानलेवा रिस्क और कलाकारों की कड़ी मेहनत का नतीजा यह हुआ कि फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किए। मात्र १८ करोड़ रुपये के सीमित बजट में बनी ‘गदर’ ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर ७७ करोड़ रुपये और वैश्विक स्तर पर १३३ करोड़ रुपये की ऐतिहासिक कमाई की थी। इस फिल्म की लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इसके ५.६ करोड़ से अधिक टिकट बिके थे, जो भारतीय सिनेमा में एक रिकॉर्ड है। मध्य प्रदेश सहित पूरे देश के सिनेमाघरों में इस फिल्म को देखने के लिए ट्रकों में भरकर लोग आए थे। इसी ऐतिहासिक सफलता को दोहराने के लिए २२ साल बाद साल २०२३ में अनिल शर्मा इसका सीक्वल ‘गदर २’ लेकर आए, जिसमें अब बड़े हो चुके उत्कर्ष शर्मा मुख्य भूमिका में नजर आए और इस सीक्वल ने भी दुनिया भर में ६९१ करोड़ रुपये कमाकर इतिहास रच दिया, लेकिन इस सफलता की नींव में पिता का वो खौफनाक समझौता हमेशा छिपा रहेगा।
आयकर विभाग की कार्रवाई और अभिनेत्री माला सिन्हा के विवादित अदालती कबूलनामे की इनसाइड स्टोरी

नई दिल्ली। भारतीय सिनेमा के सुनहरे दौर में अपनी बेहतरीन अदाकारी और सुरीले गीतों से करोड़ों दिलों पर राज करने वाली शीर्ष अभिनेत्री माला सिन्हा का फिल्मी सफर जितना चमकदार रहा, उनके जीवन का एक कानूनी विवाद उतना ही अंधकारमय और चौंकाने वाला साबित हुआ। ‘प्यासा’ और ‘नया जमाना’ जैसी कल्ट क्लासिक फिल्मों में मुख्य भूमिका निभाने वाली माला सिन्हा को साल १९७८ में एक ऐसे प्रशासनिक और कानूनी संकट का सामना करना पड़ा, जिसने उनके पूरे करियर की दिशा ही बदल दी। तत्कालीन समय में जब वह सफलता के शिखर पर थीं, तब आयकर विभाग की एक औचक कार्रवाई ने मनोरंजन जगत सहित पूरे देश को स्तब्ध कर दिया था। विभाग को अभिनेत्री द्वारा बड़े पैमाने पर कर चोरी और अवैध धन संचय की गुप्त सूचना मिली थी। आयकर विभाग की टीम ने जब माला सिन्हा के मुंबई स्थित निवास स्थान पर व्यापक छापेमारी की, तो तलाशी के दौरान घर के बाथरूम से १२ लाख रुपये की भारी-भरकम नकदी बरामद की गई। आज के दौर में यह रकम भले ही सामान्य लगे, परंतु सत्तर के दशक के उत्तरार्ध में यह एक बेहद विशाल धनराशि मानी जाती थी, जिसे छुपा कर रखा गया था। इस काली कमाई की बरामदगी के बाद विभाग ने कड़ी कानूनी कार्रवाई शुरू की और यह मामला अंततः देश की प्रतिष्ठित अदालत के समक्ष पहुंच गया। अभिनेत्री के सामने सबसे बड़ी चुनौती इस बात की थी कि वह इतनी बड़ी नकदी के वैध स्रोत को साबित करें, अन्यथा सरकार द्वारा इस पूरी संपत्ति को हमेशा के लिए जब्त कर लिया जाता। अदालती कार्यवाही के दौरान एक ऐसा मोड़ आया जिसने राष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोर लीं। कानूनी विशेषज्ञों और अपने पिता अल्बर्ट सिन्हा की रणनीतिक सलाह के जाल में फंसकर अभिनेत्री ने अपनी संपत्ति को जब्ती से बचाने के लिए अदालत के सामने एक बेहद विवादास्पद और आत्मघाती बयान दे दिया। उन्होंने धन के स्रोत को न्यायसंगत ठहराने के लिए अदालत में कहा कि यह पूरी धनराशि उन्होंने वेश्यावृत्ति के माध्यम से अर्जित की है। इस अप्रत्याशित और सनसनीखेज बयान के आते ही समाज और सिनेमाई गलियारों में भूचाल आ गया। कल तक जिस अभिनेत्री की शालीनता और अभिनय के लोग कसीदे पढ़ते थे, वह अचानक ही देश भर की नजरों में एक नकारात्मक छवि के रूप में स्थापित हो गईं। यद्यपि कानूनी दांवपेंच के तहत दिए गए इस बयान के पीछे का मुख्य उद्देश्य केवल अपनी धनराशि को वापस पाना और सरकारी नियंत्रण से मुक्त कराना था, परंतु इसका सामाजिक और व्यावसायिक परिणाम बेहद घातक सिद्ध हुआ। बाद में माला सिन्हा ने सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण भी दिया कि उन्होंने अदालत में केवल पैसा बचाने के लिए अपने वकील के कहे अनुसार झूठ बोला था, लेकिन तब तक तीर कमान से छूट चुका था। इस एक घटना ने उनकी छवि को इतनी गहरी ठेस पहुंचाई कि फिल्म निर्माताओं ने उनसे दूरी बना ली और उनका स्थापित करियर पूरी तरह से ढलान पर आ गया। मध्य प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों में आज भी सिनेमा के इतिहास को जानने वाले इस घटनाक्रम को एक सबक के रूप में याद करते हैं कि कैसे एक गलत कानूनी परामर्श और वित्तीय अनियमितता किसी भी बड़े सितारे के पूरे जीवन की मेहनत को पल भर में मटियामेट कर सकती है। माला सिन्हा वर्तमान में ८९ वर्ष की आयु में एकाकी जीवन व्यतीत कर रही हैं, जबकि उनके पति चिदंबर प्रसाद लोहानी का साल २०२४ में निधन हो चुका है। उनकी बेटी प्रतिभा सिन्हा ने भी नब्बे के दशक में ‘राजा हिंदुस्तानी’ के प्रसिद्ध गीत ‘परदेसी जाना नहीं’ से लोकप्रियता हासिल करने के बाद फिल्म उद्योग से पूरी तरह दूरी बना ली थी। यह ऐतिहासिक घटना आज भी बॉलीवुड के इतिहास में वित्तीय जांच और सेलिब्रिटी साख के पतन का सबसे बड़ा उदाहरण मानी जाती है।
Vastu Tips: गाय को पीली रोटी खिलाने से बढ़ेगा बैंक बैलेंस? जानें पूरा उपाय

नई दिल्ली । ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में जीवन की समस्याओं के समाधान के लिए कई सरल उपाय बताए गए हैं, जिनका उद्देश्य व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और संतुलन बढ़ाना होता है। इन्हीं में से एक उपाय है पीली रोटी का, जिसे विशेष रूप से आर्थिक परेशानियों और कर्ज से राहत दिलाने वाला माना गया है। ज्योतिषाचार्य कमलनंद लाल के अनुसार, इस उपाय में गेहूं के आटे में हल्दी मिलाकर पीले रंग की रोटी तैयार की जाती है। रोटी बनने के बाद उस पर थोड़ा गुड़ रखा जाता है और उसे गाय को खिलाया जाता है। मान्यता है कि गाय में 33 कोटि देवी-देवताओं का वास होता है, इसलिए इसे अत्यंत पुण्यदायी कर्म माना गया है। हल्दी का संबंध बृहस्पति ग्रह से जोड़ा जाता है, जबकि गुड़ को शुभता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना गया है। यह उपाय विशेष रूप से गुरुवार के दिन शुरू करने की सलाह दी जाती है और इसे लगातार 43 दिनों तक करने की परंपरा बताई गई है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करने से व्यक्ति के जीवन में आर्थिक स्थिरता बढ़ती है और रुके हुए कार्यों में गति आने की संभावना बनती है। साथ ही बृहस्पति ग्रह को मजबूत करने के लिए यह उपाय लाभकारी माना जाता है। हालांकि ज्योतिषाचार्यों का यह भी कहना है कि यह कोई चमत्कारिक तरीका नहीं है जिससे तुरंत धन प्राप्त हो जाए। इसका मुख्य उद्देश्य व्यक्ति को धर्म, सेवा और सकारात्मक कर्मों से जोड़ना है, जिससे मानसिक शांति और सही निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यह उपाय श्रद्धा और सकारात्मक सोच के साथ किया जाए तो यह व्यक्ति के जीवन में मानसिक संतुलन और आत्मविश्वास बढ़ाने में सहायक हो सकता है।
शिल्पा शिंदे के खुलासे पर हिना खान ने गरिमा और न्याय प्रणाली पर उठाए गंभीर सवाल

नई दिल्ली। टेलीविजन उद्योग में उस वक्त एक नया विवाद खड़ा हो गया जब अभिनेत्री शिल्पा शिंदे ने सालों पुराने अपने एक गंभीर आरोप को महज एक पैंतरा स्वीकार कर लिया। शिल्पा शिंदे ने हाल ही में यह चौंकाने वाला खुलासा किया कि सुपरहिट धारावाहिक ‘भाभी जी घर पर हैं’ के निर्माता संजय कोहली पर उनके द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोप पूरी तरह से मनगढ़ंत और झूठे थे। इस अप्रत्याशित कबूलनामे के बाद मनोरंजन जगत में नैतिकता और न्याय प्रणाली को लेकर नई बहस छिड़ गई है। शिल्पा के इस बयान पर उनकी समकालीन अभिनेत्री और ‘बिग बॉस’ में सह-प्रतिभागी रहीं हिना खान ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। हिना खान ने इस पूरे मामले को बेहद शर्मनाक और संवेदनशील मुद्दों का मजाक उड़ाने वाला बताया है। हिना खान ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी गहरी नाराजगी और असहमति व्यक्त करते हुए कहा कि यद्यपि वह आमतौर पर उन मामलों में हस्तक्षेप करने से बचती हैं जिनसे उनका सीधा सरोकार नहीं होता, परंतु इस संवेदनशील विषय पर चुप रहना उन्हें स्वीकार्य नहीं लगा। हिना ने अपने वक्तव्य में साफ किया कि किसी विवाद या आपसी मतभेद को जीतने के लिए महिला होने का अनुचित लाभ उठाना और किसी व्यक्ति की सामाजिक छवि को धूमिल करना बेहद घृणास्पद कृत्य है। उन्होंने कहा कि वास्तविक मामलों में न्याय की गुहार लगाना हर पीड़ित का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन व्यक्तिगत लाभ या सौदेबाजी के लिए गंभीर कानूनी धाराओं का दुरुपयोग करना उन वास्तविक पीड़ितों के संघर्ष को कमजोर करता है जो न्याय के लिए सालों-साल कानूनी लड़ाई लड़ते हैं। इस पूरे प्रकरण में हिना खान ने आरोपी बनाए गए निर्माता संजय कोहली और उनके परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। हिना के अनुसार, असली पीड़ित वह प्रतिष्ठित निर्माता और उनका परिवार है, जिसने सालों तक समाज में इस झूठे आरोप का दंश झेला है। उन्होंने संजय कोहली को एक बेहद कर्मठ और सम्मानित निर्माता बताया जो उद्योग में लंबे समय से सक्रिय हैं। हिना ने चिंता जताते हुए कहा कि जिस व्यक्ति पर एक महिला ने इतना बड़ा और झूठा लांछन लगाया, अंततः उसी कानून और व्यवस्था की कमियों का फायदा उठाकर मामले को कोर्ट के बाहर रफा-दफा कर दिया गया। हिना खान ने मनोरंजन उद्योग के कुछ फैसलों पर भी हैरानी जताई कि इस प्रकार के गंभीर और बेबुनियाद आरोप लगाने के बाद भी उसी अभिनेत्री को दोबारा काम के अवसर और पहचान के नए मंच दिए गए। हिना ने इसे पूरी व्यवस्था और उद्योग के आत्मसम्मान पर एक बड़ा सवालिया निशान बताया है। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति होती है, तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होगा। उल्लेखनीय है कि हिना खान और शिल्पा शिंदे का इतिहास पुराना रहा है और दोनों ‘बिग बॉस 11’ के ग्रैंड फिनाले में एक-दूसरे के कड़े प्रतिद्वंद्वी के रूप में नजर आई थीं, जहां शिल्पा विजेता चुनी गई थीं। वर्तमान में शिल्पा शिंदे के इस कबूलनामे और हिना खान के इस तीखे विरोध ने कॉर्पोरेट जगत और मनोरंजन उद्योग में कार्यस्थल की सुरक्षा और आंतरिक अनुशासन समिति की कार्यप्रणाली पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
‘पेद्दी’ के शो में दिखा फैमिली मोमेंट, भीड़ के बीच बैठीं रामचरण की पत्नी

नई दिल्ली । राम चरण की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘पेद्दी’ के रिलीज होते ही सिनेमाघरों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग के दौरान फैंस का जोश चरम पर था। चारों ओर तालियां, सीटियां और नारे गूंज रहे थे। इस खास मौके पर सिर्फ दर्शक ही नहीं बल्कि अभिनेता की पत्नी उपासना कोनिडेला भी इस जश्न का हिस्सा बनीं। हैदराबाद के एक सिनेमाघर में हुई स्क्रीनिंग का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें Ram Charan की पत्नी Upasana Kamineni Konidela अपने पति की फिल्म का आनंद लेते हुए नजर आ रही हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि जैसे ही राम चरण का एंट्री सीन आता है, उपासना खुद को रोक नहीं पातीं और खुशी से कंफेटी उड़ाकर जश्न मनाने लगती हैं। उनके चेहरे पर गर्व और उत्साह साफ झलकता है। स्क्रीनिंग के दौरान सिनेमाघर का माहौल किसी उत्सव से कम नहीं था। फैंस लगातार हूटिंग और तालियों से अपने पसंदीदा स्टार का स्वागत कर रहे थे। कई दर्शक डांस करते हुए भी नजर आए, जबकि कुछ ने फिल्म के गानों पर अपनी रील्स जैसी परफॉर्मेंस दी। फिल्म ‘पेद्दी’ में राम चरण एक ऐसे किरदार में नजर आ रहे हैं, जो न सिर्फ एक मजबूत स्पोर्ट्स पर्सन है बल्कि अपनी कम्युनिटी के लिए लीडर की भूमिका भी निभाता है। फिल्म में उनकी दमदार एंट्री और इमोशनल सीन्स को लेकर दर्शकों में खासा क्रेज देखने को मिल रहा है। स्क्रीनिंग में मौजूद कई फैंस ने सोशल मीडिया पर अपने अनुभव साझा किए और फिल्म को लेकर जबरदस्त प्रतिक्रिया दी। एक फैन तो गदा और बैट लेकर पहुंचा, जिसने राम चरण की परफॉर्मेंस की जमकर तारीफ की। वहीं, कुछ वीडियो में फैंस को थिएटर के अंदर डांस और सेलिब्रेशन करते हुए देखा गया। फिल्म की स्टारकास्ट में जान्हवी कपूर, बोमन ईरानी, शिवा राजकुमार, जगपति बाबू और दिव्यांशु जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। निर्देशन की कमान बुची बाबू सना ने संभाली है, जिन्होंने फिल्म को एक भव्य और भावनात्मक रूप देने की कोशिश की है। कुल मिलाकर ‘पेद्दी’ की स्क्रीनिंग ने यह साबित कर दिया है कि फिल्म को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो इस बात का सबूत हैं कि राम चरण की लोकप्रियता और स्टारडम अभी भी अपने चरम पर है और फैंस अपने स्टार को बड़े पर्दे पर देखने के लिए पूरी तरह उत्साहित हैं।
फिल्म और सीरीज प्रेमियों के लिए खुशखबरी, 12 नई रिलीज एक साथ

नई दिल्ली । 5 जून का शुक्रवार ओटीटी और सिनेमाघरों दोनों के लिए बेहद खास रहने वाला है। इस दिन कुल 12 फिल्में और वेब सीरीज रिलीज हो रही हैं, जिनमें कॉमेडी, थ्रिलर, रोमांस और एक्शन का जबरदस्त मिक्स देखने को मिलेगा। ओटीटी प्लेटफॉर्म पर बड़ा धमाका 1. Gullak Season 5 (SonyLIV)मिश्रा परिवार एक बार फिर अपनी घरेलू नोक-झोंक और भावनात्मक कहानियों के साथ लौट रहा है। इस बार डिजिटल एंट्री, नए गैजेट्स और पारिवारिक हलचल कहानी को और दिलचस्प बनाएंगे। 2. Brown (ZEE5)करिश्मा कपूर एक डार्क और इंटेंस रोल में वापसी कर रही हैं। एक सस्पेंडेड पुलिस अफसर के तौर पर उनका किरदार एक हाई-प्रोफाइल मर्डर केस को सुलझाने में जुटा है। 3. Patriot (ZEE5)ममूटी और मोहनलाल जैसे दिग्गज कलाकारों की जोड़ी इस स्पाई थ्रिलर में सरकार और सिस्टम के खिलाफ संघर्ष करती नजर आएगी। 4. The Pyramid Scheme (Amazon Prime Video)पिरामिड मार्केटिंग की दुनिया में फंसे लोगों की कहानी, जो लालच और सिस्टम के जाल में उलझ जाती है। 5. Teach You a Lesson (Netflix)कोरियन एक्शन-ड्रामा, जिसमें एक सरकारी टास्क फोर्स स्कूल हिंसा और अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई करती है। 6. Office Romance (Netflix)जेनिफर लोपेज की रोमांटिक-कॉमेडी, जिसमें ऑफिस लव और करियर के बीच टकराव देखने को मिलेगा। 7. Cape Fear (Apple TV)एक साइकोलॉजिकल थ्रिलर जिसमें एक वकील कपल की जिंदगी एक खतरनाक अपराधी के कारण बदल जाती है। थिएटर रिलीज: बड़े पर्दे पर एंटरटेनमेंट का तूफान 8. Parimala And Coतमिल डार्क कॉमेडी फिल्म, जिसमें एक परिवार मर्डर केस और हास्यास्पद परिस्थितियों में फंस जाता है। 9. Mollywood Timesमलयालम सिनेमा की कहानी, जिसमें एक युवा फिल्ममेकर हॉरर डायरेक्टर बनने का सपना देखता है। 10. Bandarबॉबी देओल स्टारर यह फिल्म अपनी अनोखी कहानी और चर्चा के कारण पहले से ही सुर्खियों में है। 11. He-Man And The Masters Of The Universe90s के आइकॉनिक सुपरहीरो की वापसी, जिसमें हाई-टेक VFX और एक्शन का शानदार अनुभव मिलेगा। 12. Hai Jawaani Toh Ishq Hona Haiयुवाओं के रिश्तों, प्यार और इमोशंस को म्यूजिकल अंदाज में दिखाने वाली फिल्म, जिसमें वरुण धवन और मृणाल ठाकुर नजर आएंगे। वीकेंड बनेगा बिंज-वॉच फेस्टइस शुक्रवार की रिलीज लाइनअप हर तरह के दर्शकों के लिए कुछ न कुछ लेकर आई है—फैमिली ड्रामा, साइकोलॉजिकल थ्रिलर, रोमांस और एक्शन का परफेक्ट मिश्रण। ओटीटी और थिएटर दोनों मिलकर इस वीकेंड को एंटरटेनमेंट का मेगा फेस्ट बना रहे हैं।