26 मई 2026 राशिफल: कुंभ राशि को करियर में लाभ, कई राशियों की चमकेगी किस्मत

राशिफल । 26 मई 2026 का दिन ग्रह-नक्षत्रों की चाल के अनुसार कई राशियों के लिए शुभ संकेत लेकर आ रहा है। कुछ लोगों को करियर और व्यापार में सफलता मिलने के योग हैं, तो कुछ राशियों को आर्थिक मामलों और स्वास्थ्य को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत होगी। ज्योतिषीय गणना के अनुसार सोमवार का दिन विशेष रूप से कुंभ राशि वालों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है। मेष राशि के लोगों में ऊर्जा और आत्मविश्वास बना रहेगा। नौकरी और व्यवसाय में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा, हालांकि खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। वृषभ राशि के जातकों के लिए दिन आर्थिक दृष्टि से मजबूत रहने वाला है। पुराने रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं और किसी करीबी से अच्छी खबर मिलने के संकेत हैं। स्वास्थ्य को लेकर थोड़ी सावधानी रखने की सलाह दी गई है। मिथुन राशि वालों के लिए करियर में नए अवसर बनने की संभावना है। मित्रों का सहयोग मिलेगा और यात्रा के योग भी बन सकते हैं। हालांकि मानसिक तनाव से बचने की जरूरत होगी। कर्क राशि के लोगों को नौकरी में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। परिवार में सकारात्मक माहौल रहेगा। विद्यार्थियों के लिए समय अनुकूल माना जा रहा है। सिंह राशि वालों को व्यापार में लाभ और सामाजिक सम्मान मिलने के संकेत हैं। आत्मविश्वास बढ़ेगा और लंबे समय से रुके कार्यों में गति आएगी। वहीं कन्या राशि के जातकों को मेहनत अधिक करनी पड़ सकती है, लेकिन छोटे-छोटे लाभ मिलते रहेंगे। तुला राशि वालों के लिए नए संपर्क भविष्य में फायदेमंद साबित हो सकते हैं। नौकरी में तरक्की और परिवार में शुभ कार्यों की चर्चा संभव है। वृश्चिक राशि के जातकों को पुराने विवादों से राहत मिल सकती है, लेकिन व्यापार में सोच-समझकर निर्णय लेना जरूरी होगा। धनु राशि के लोगों के लिए भाग्य का साथ मिलने के योग हैं। रुका हुआ धन वापस मिल सकता है और विद्यार्थियों को सफलता मिलने की संभावना है। मकर राशि के जातकों का दिन कामकाज में व्यस्तता भरा रहेगा, हालांकि परिवार का सहयोग उन्हें मानसिक राहत देगा। कुंभ राशि वालों के लिए 26 मई बेहद शुभ माना जा रहा है। नौकरी और व्यापार में लाभ मिलने के प्रबल संकेत हैं। अधिकारियों से प्रशंसा मिल सकती है और निवेश के लिए भी समय अनुकूल रहेगा। परिवार में खुशियों का माहौल बना रहेगा। वहीं मीन राशि के लोगों को भावनाओं में बहकर कोई बड़ा फैसला लेने से बचने की सलाह दी गई है। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ सकती है, लेकिन खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, सोमवार का दिन सकारात्मक सोच और संयम के साथ बिताने से कई राशियों को अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।
महंगी सब्जियों से छुटकारा, घर की बालकनी में ऐसे उगाएं करेला और पाएं ताजा, केमिकल-फ्री फसल

नई दिल्ली। बदलती जीवनशैली के बीच अब लोग सिर्फ घर सजाने तक सीमित नहीं रह गए हैं, बल्कि घरों की बालकनी, छत और छोटे-छोटे खाली स्थानों को मिनी गार्डन में बदलने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। खासकर ताजी और रसायन मुक्त सब्जियां उगाने की इच्छा लोगों को घर पर खेती की ओर आकर्षित कर रही है। इसी बढ़ते ट्रेंड में करेला भी लोगों की पसंदीदा सब्जियों में शामिल हो गया है। सेहत के लिहाज से बेहद फायदेमंद माने जाने वाले करेले को अब लोग बाजार से खरीदने के बजाय घर में उगाने की कोशिश कर रहे हैं। अच्छी बात यह है कि इसके लिए किसी बड़े खेत या ज्यादा जगह की जरूरत नहीं होती। विशेषज्ञों के अनुसार सही तरीके और थोड़ी देखभाल के साथ करेला घर की बालकनी में भी आसानी से उगाया जा सकता है। इसकी शुरुआत अच्छे बीजों के चयन से होती है। किसी भी पौधे की तरह करेले की बेहतर पैदावार के लिए गुणवत्तापूर्ण बीजों का चयन बहुत जरूरी माना जाता है। स्वस्थ बीज पौधों की वृद्धि को तेज करते हैं और उत्पादन भी अच्छा मिलता है। यदि शुरुआत सही हो तो पौधे की देखभाल भी आसान हो जाती है। करेले की बेल तेजी से फैलती है, इसलिए इसे सामान्य छोटे गमलों की बजाय बड़े और गहरे गमलों में लगाना ज्यादा उपयुक्त माना जाता है। पौधे की जड़ों को बढ़ने के लिए पर्याप्त जगह मिलना जरूरी होता है। साथ ही गमले में अतिरिक्त पानी निकलने की व्यवस्था होना भी आवश्यक माना जाता है, क्योंकि पानी जमा होने से पौधे की जड़ों पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। पौधे की अच्छी वृद्धि के लिए मिट्टी की गुणवत्ता भी बेहद महत्वपूर्ण होती है। हल्की, नरम और पोषक तत्वों से भरपूर मिट्टी पौधों के विकास में अहम भूमिका निभाती है। मिट्टी में जैविक खाद या कंपोस्ट मिलाने से पौधे को पर्याप्त पोषण मिलता है। इससे पौधे की बढ़त बेहतर होती है और फल भी स्वस्थ तैयार होते हैं। धूप भी करेले की खेती का एक अहम हिस्सा मानी जाती है। विशेषज्ञों के मुताबिक इस पौधे को पर्याप्त धूप की जरूरत होती है। अगर पौधे को रोजाना कई घंटे सीधी धूप मिले तो उसकी वृद्धि तेजी से होती है और फल भी अच्छी गुणवत्ता के आते हैं। यही वजह है कि बालकनी या छत पर ऐसी जगह का चयन करना चाहिए जहां पर्याप्त सूर्य प्रकाश पहुंचता हो। करेले की बेल ऊपर की ओर बढ़ती है, इसलिए उसे सहारे की जरूरत होती है। बेल को सही दिशा देने के लिए जाली, रस्सी या लकड़ी जैसी चीजों का उपयोग किया जा सकता है। इससे पौधे को फैलने में मदद मिलती है और हवा का प्रवाह भी बेहतर रहता है। आज के समय में घर पर उगाई गई सब्जियां केवल शौक नहीं बल्कि स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा बनती जा रही हैं। थोड़ी मेहनत और सही जानकारी के जरिए कोई भी व्यक्ति अपनी बालकनी को हरे-भरे किचन गार्डन में बदल सकता है और ताजा करेले का आनंद घर बैठे ले सकता है।
क्या ज्यादा आम खाने से चेहरे पर निकलते हैं पिंपल्स? गर्मियों की सबसे चर्चित बहस पर डॉक्टरों ने बताई त्वचा की असली कहानी

नई दिल्ली। गर्मियों का मौसम आते ही आम की मिठास लोगों के बीच उत्साह बढ़ा देती है, लेकिन इसके साथ एक पुरानी बहस भी फिर चर्चा में आ जाती है। अक्सर यह माना जाता है कि ज्यादा आम खाने से चेहरे पर पिंपल्स निकलने लगते हैं। कई लोग त्वचा खराब होने के डर से आम खाने से दूरी तक बना लेते हैं। खासतौर पर युवाओं के बीच यह धारणा काफी आम हो चुकी है कि आम और मुंहासों का सीधा संबंध होता है। हालांकि स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय इस सोच से अलग दिखाई देती है। उनका मानना है कि आम को सीधे तौर पर पिंपल्स की वजह मानना पूरी तरह सही नहीं माना जा सकता। विशेषज्ञों के अनुसार त्वचा पर मुंहासे निकलने के पीछे कई शारीरिक और जीवनशैली से जुड़े कारण जिम्मेदार होते हैं। हार्मोनल बदलाव, ऑयली स्किन, तनाव, अनियमित दिनचर्या, कम नींद, गलत खानपान और पर्याप्त पानी की कमी जैसे कई कारण त्वचा की समस्याओं को बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा आनुवंशिक कारण भी त्वचा पर असर डालते हैं। ऐसे में केवल आम को दोष देना एक अधूरी समझ मानी जा सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि आम अपने आप में पोषण से भरपूर फल है। इसमें शरीर और त्वचा के लिए जरूरी कई पोषक तत्व पाए जाते हैं जो त्वचा की सेहत को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। इसमें मौजूद विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में सहायक माने जाते हैं। इसलिए सामान्य परिस्थितियों में सीमित मात्रा में आम का सेवन नुकसान की बजाय लाभ देने वाला माना जाता है। हालांकि समस्या तब बढ़ सकती है जब लोग आम को अत्यधिक मात्रा में खाना शुरू कर देते हैं या उसे असंतुलित खानपान के साथ शामिल करते हैं। गर्मियों में कई लोग आम के साथ अत्यधिक मीठे, क्रीमी या तले हुए खाद्य पदार्थों का सेवन भी करते हैं। ऐसे खाद्य संयोजन शरीर में सूजन से जुड़ी समस्याओं को बढ़ा सकते हैं, जिसका प्रभाव त्वचा पर दिखाई दे सकता है। यही वजह है कि कई बार लोग वास्तविक कारणों को नजरअंदाज कर आम को जिम्मेदार मान लेते हैं। गर्मी के मौसम में त्वचा संबंधी समस्याएं बढ़ने के पीछे मौसम भी बड़ी भूमिका निभाता है। अधिक पसीना आना, त्वचा पर धूल-मिट्टी जमा होना, चेहरे को बार-बार छूना और साफ-सफाई की कमी त्वचा के रोमछिद्रों को प्रभावित कर सकती है। इसके कारण चेहरे पर दाने और मुंहासों की समस्या बढ़ सकती है। ऐसे में लोग मौसम और दिनचर्या के प्रभाव को समझने के बजाय सीधे आम को कारण मान लेते हैं। विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि कुछ लोगों में आम से जुड़ी एलर्जी जैसी स्थिति देखने को मिल सकती है। कई बार चेहरे के आसपास लाल दाने, खुजली या छोटे चकत्ते दिखाई देते हैं जिन्हें लोग पिंपल समझ लेते हैं। जबकि कई मामलों में यह त्वचा की एलर्जिक प्रतिक्रिया हो सकती है। इसलिए त्वचा पर होने वाले हर बदलाव को एक्ने मान लेना भी सही नहीं माना जाता। विशेषज्ञों का मानना है कि संतुलित मात्रा में आम का सेवन, पर्याप्त पानी, अच्छी नींद और सही स्किन केयर आदतें अपनाने से त्वचा को स्वस्थ रखा जा सकता है। इसलिए आम को पूरी तरह दोष देने के बजाय जीवनशैली और शरीर की वास्तविक जरूरतों को समझना अधिक जरूरी माना जा रहा है।
मनाली में पर्यटन सीजन बना बड़ी चुनौती, शहर से अटल टनल तक फैले महाजाम ने बढ़ाई मुश्किलें; घंटों सड़कों पर थमे सैलानी और स्थानीय लोग

नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश की प्रसिद्ध पर्यटन नगरी मनाली इन दिनों पर्यटकों की भारी भीड़ के कारण गंभीर ट्रैफिक संकट से जूझ रही है। पर्यटन सीजन अपने चरम पर है और लगातार बढ़ती पर्यटकों की संख्या ने शहर की सड़कों पर दबाव कई गुना बढ़ा दिया है। स्थिति ऐसी बन गई है कि शहर से लेकर अटल टनल मार्ग तक वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। कई इलाकों में वाहन घंटों तक रेंगते रहे, जिससे पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बढ़ते ट्रैफिक दबाव ने एक बार फिर पर्यटन स्थलों पर व्यवस्थाओं और तैयारियों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोमवार को सप्ताहांत समाप्त होने के बाद भी पर्यटकों की आवाजाही में कोई कमी नहीं दिखाई दी। सामान्य दिनों की तुलना में अधिक संख्या में वाहन सड़कों पर उतरे, जिससे शहर के प्रमुख मार्गों पर हालात बिगड़ते चले गए। मनाली शहर, अटल टनल मार्ग, सोलंगनाला, पलचान, वशिष्ठ और बाजार क्षेत्रों में सुबह से ही वाहनों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। सबसे अधिक दबाव मनाली से सोलंगनाला और अटल टनल की ओर जाने वाले मार्गों पर देखने को मिला, जहां कई किलोमीटर तक वाहन फंसे रहे। जाम का असर केवल घूमने आए पर्यटकों तक सीमित नहीं रहा बल्कि स्थानीय लोगों की दिनचर्या भी इससे बुरी तरह प्रभावित हुई। टैक्सी चालक, होटल कर्मचारी, स्कूल जाने वाले बच्चे और रोजमर्रा के कार्यों के लिए निकलने वाले लोगों को घंटों तक सड़कों पर समय बिताना पड़ा। लोगों का कहना है कि लगातार बढ़ती भीड़ के अनुपात में ट्रैफिक प्रबंधन की तैयारियां पर्याप्त नहीं दिखाई दे रही हैं। शहर के कई हिस्सों में अव्यवस्थित पार्किंग और अनियोजित यातायात व्यवस्था ने स्थिति को और अधिक जटिल बना दिया। स्थिति को और गंभीर बनाने वाली बात यह रही कि इन दिनों प्रशासनिक संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव भी बना हुआ है। पंचायत चुनावों के चलते सुरक्षा और पुलिस बल के कई कर्मियों की ड्यूटी अन्य जिम्मेदारियों में लगी हुई है। सामान्य परिस्थितियों में पर्यटन सीजन के दौरान बड़ी संख्या में जवान ट्रैफिक व्यवस्था संभालते हैं, लेकिन मौजूदा समय में सीमित स्टाफ के कारण व्यवस्थाएं प्रभावित होती दिखाई दे रही हैं। परिणामस्वरूप यातायात नियंत्रण की कोशिशों के बावजूद हालात सामान्य नहीं हो पा रहे हैं। स्थानीय व्यापारियों और पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों का मानना है कि अगर समय रहते स्थायी समाधान नहीं निकाला गया तो भविष्य में यह समस्या और गंभीर रूप ले सकती है। उनका कहना है कि बेहतर पार्किंग व्यवस्था, शटल सेवाएं और वैकल्पिक यातायात योजनाएं अब समय की जरूरत बन चुकी हैं। दूसरी ओर प्रशासन भी लोगों से सहयोग की अपील कर रहा है और अनावश्यक निजी वाहनों के उपयोग से बचने की सलाह दे रहा है। फिलहाल बढ़ती भीड़ और सीमित संसाधनों के बीच मनाली का ट्रैफिक संकट आने वाले दिनों में प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता नजर आ रहा है।
संघर्ष से सफलता तक: ‘सारांश’ के 42 साल पर अनुपम खेर ने सुनाई सपनों, मेहनत और पहचान बनने की कहानी

नई दिल्ली।हिंदी सिनेमा में कुछ कहानियां केवल फिल्मों तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि वे संघर्ष, मेहनत और सपनों की जीवंत मिसाल बन जाती हैं। ऐसी ही एक कहानी दिग्गज अभिनेता Anupam Kher की है, जिन्होंने सीमित साधनों और बड़े सपनों के साथ अपने सफर की शुरुआत की और आज भारतीय सिनेमा के सबसे सम्मानित कलाकारों में अपनी जगह बनाई। उनकी पहली फिल्म Saaransh के 42 साल पूरे होने के मौके पर अभिनेता ने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए एक भावुक संदेश साझा किया, जिसने एक बार फिर उनके संघर्षपूर्ण सफर को चर्चा में ला दिया। वर्ष 1984 में रिलीज हुई इस फिल्म ने अनुपम खेर को फिल्म इंडस्ट्री में अलग पहचान दिलाई थी। खास बात यह थी कि अपने करियर की शुरुआत में ही उन्होंने उम्र से कहीं अधिक बड़े किरदार को निभाकर अभिनय की ऐसी छाप छोड़ी, जिसे आज भी याद किया जाता है। यह फिल्म उनके करियर के लिए केवल शुरुआत नहीं थी, बल्कि एक ऐसे सफर की नींव बनी जिसने आगे चलकर उन्हें सैकड़ों फिल्मों तक पहुंचाया। अपने अनुभव साझा करते हुए अभिनेता ने बताया कि जब वह सपनों की नगरी मुंबई पहुंचे थे, तब उनके पास केवल 37 रुपए थे। न कोई बड़ा सहारा था और न ही इंडस्ट्री में मजबूत पहचान। लेकिन उनके पास एक चीज थी—अपने सपनों पर अटूट विश्वास। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि व्यक्ति मेहनत और धैर्य बनाए रखे तो सफलता की राह बनाई जा सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि बीते चार दशकों में दर्शकों, निर्देशकों, निर्माताओं और साथी कलाकारों से उन्हें जो प्यार मिला, वह उनकी कल्पना से कहीं ज्यादा था। अपने सफर को याद करते हुए उन्होंने गर्व के साथ कहा कि अब तक वे 551 फिल्मों का हिस्सा बन चुके हैं। यह आंकड़ा केवल संख्या नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, समर्पण और अभिनय के प्रति उनके जुनून की कहानी भी बयां करता है। अभिनेता ने अपने सफर में साथ देने वाले लोगों का भी आभार व्यक्त किया और उन फिल्मकारों को विशेष धन्यवाद दिया, जिनका उनके करियर में महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने अपने शुरुआती दौर की कई यादों को भी साझा किया और बताया कि फिल्म रिलीज के समय परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण थीं, लेकिन समय ने उनके लिए कुछ और ही तय कर रखा था। आज भी जब भारतीय सिनेमा में दमदार अभिनय और यादगार किरदारों की बात होती है तो उनकी पहली फिल्म का नाम जरूर सामने आता है। उनका सफर उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। यह कहानी बताती है कि सफलता की शुरुआत अक्सर छोटी होती है, लेकिन हौसले बड़े होने चाहिए।
चेहरे से बालों तक कमाल दिखा रही रेड लाइट थेरेपी, पुलकित सम्राट की मॉर्निंग रूटीन बनी चर्चा का विषय

नई दिल्ली।फिटनेस और हेल्दी लाइफस्टाइल को लेकर चर्चा में रहने वाले अभिनेता Pulkit Samrat एक बार फिर अपने मॉर्निंग रूटीन को लेकर सुर्खियों में हैं। हाल ही में उन्होंने अपनी सुबह की दिनचर्या की एक झलक साझा की, जिसमें वे रेड लाइट थेरेपी लेते नजर आए। इसके बाद यह थेरेपी एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई और लोगों के बीच इसकी उपयोगिता को लेकर उत्सुकता बढ़ने लगी। स्वास्थ्य और ब्यूटी इंडस्ट्री में पिछले कुछ समय से रेड लाइट थेरेपी तेजी से लोकप्रिय हो रही है और इसे त्वचा, बालों तथा शरीर की रिकवरी से जोड़कर देखा जा रहा है। रेड लाइट थेरेपी एक गैर-आक्रामक उपचार प्रक्रिया मानी जाती है, जिसमें शरीर पर विशेष तरंगदैर्ध्य वाली लाल रोशनी का उपयोग किया जाता है। माना जाता है कि यह रोशनी शरीर की कोशिकाओं तक पहुंचकर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ाने में मदद करती है। विशेषज्ञों के अनुसार यह प्रक्रिया शरीर के अंदर मौजूद कोशिकाओं के ऊर्जा केंद्र को सक्रिय करती है, जिससे ऊतकों की मरम्मत और प्राकृतिक हीलिंग प्रक्रिया तेज हो सकती है। यही वजह है कि इसे हेल्थ और स्किनकेयर इंडस्ट्री में एक आधुनिक तकनीक के रूप में देखा जा रहा है। त्वचा से जुड़ी समस्याओं के लिए भी इस थेरेपी को काफी उपयोगी बताया जाता है। माना जाता है कि यह त्वचा में कोलेजन उत्पादन को बढ़ावा देती है, जिससे त्वचा अधिक लचीली और चमकदार दिखाई दे सकती है। झुर्रियों को कम करने, त्वचा की बनावट बेहतर करने और कुछ प्रकार की त्वचा संबंधी समस्याओं में भी इसके इस्तेमाल की चर्चा होती रही है। इसके अलावा चेहरे की लालिमा और त्वचा की थकान कम करने के लिए भी लोग इसका उपयोग कर रहे हैं। बालों के स्वास्थ्य को लेकर भी रेड लाइट थेरेपी को लेकर काफी दावे किए जाते हैं। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित उपयोग से बालों की जड़ों को सक्रिय करने और बालों को मजबूत बनाने में मदद मिल सकती है। बाल झड़ने की समस्या से परेशान लोग भी अब इस तकनीक में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इसके साथ ही मांसपेशियों की रिकवरी, शरीर के दर्द और सूजन को कम करने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि, विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि किसी भी थेरेपी को अपनाने से पहले उसके उपयोग और सीमाओं को समझना जरूरी है। जरूरत से ज्यादा उपयोग या गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर कुछ लोगों में त्वचा पर लालिमा या हल्की परेशानी हो सकती है। आंखों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता देने की सलाह दी जाती है। फिलहाल रेड लाइट थेरेपी फिटनेस और वेलनेस की दुनिया में तेजी से लोकप्रिय होती दिखाई दे रही है। स्वास्थ्य और सौंदर्य से जुड़े नए प्रयोगों के बीच अब लोग ऐसे विकल्पों की तलाश में हैं, जो प्राकृतिक तरीके से शरीर और त्वचा को बेहतर बनाने में मदद कर सकें।
KAPIL SHARMA HOUSE FIRING: अमृतसर में कपिल शर्मा के घर के बाहर फायरिंग से हड़कंप: परिवार बाल-बाल बचा, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

नई दिल्ली। देश के चर्चित कॉमेडियन और अभिनेता Kapil Sharma से जुड़ी एक चौंकाने वाली घटना ने मनोरंजन जगत और उनके प्रशंसकों के बीच चिंता बढ़ा दी है। अमृतसर स्थित उनके पैतृक घर के बाहर देर रात हुई फायरिंग की खबर ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। अचानक गोलियों की आवाज सुनते ही आसपास के लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सबसे गंभीर बात यह रही कि उस समय परिवार के सदस्य घर के भीतर मौजूद थे। हालांकि राहत की बात यह रही कि इस पूरी घटना में किसी के घायल होने की सूचना सामने नहीं आई।बताया जा रहा है कि घटना देर रात हुई, जब कुछ अज्ञात लोग घर के बाहर पहुंचे और अचानक फायरिंग कर मौके से फरार हो गए। इस घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और जांच टीमों ने मौके पर पहुंचकर इलाके को सुरक्षा घेरे में ले लिया और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी। शुरुआती स्तर पर घटनास्थल से सबूत जुटाने और आसपास की गतिविधियों की पड़ताल पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। STOCK MARKET: विप्रो का बड़ा दांव बाजार में चर्चा का केंद्र: रिकॉर्ड डेट से पहले शेयर ने पकड़ी रफ्तार, निवेशकों की बढ़ी उम्मीदें घटना के समय अभिनेता अपने पेशेवर कार्यों के सिलसिले में दूसरे शहर में मौजूद बताए जा रहे थे। वहीं परिवार के सदस्य घर के अंदर होने के कारण इस घटना ने सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। जिस क्षेत्र में यह घटना हुई, उसे सुरक्षित और संवेदनशील इलाकों में गिना जाता है। ऐसे में इस प्रकार की घटना ने स्थानीय लोगों के बीच भी चिंता बढ़ा दी है। जांच एजेंसियां अब मामले के हर पहलू को ध्यान में रखकर आगे बढ़ रही हैं। आसपास लगे कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास जारी है। अधिकारी फिलहाल मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सीमित जानकारी साझा कर रहे हैं। वहीं सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जाने की चर्चा भी तेज हो गई है। इस घटना के बाद अभिनेता के प्रशंसकों और मनोरंजन जगत में चिंता का माहौल दिखाई दे रहा है। फिलहाल सभी की नजरें जांच के परिणामों पर टिकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि जांच एजेंसियां जल्द ही घटना से जुड़े तथ्यों तक पहुंचेंगी और पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी।
Padma Awards 2026: पद्म पुरस्कार 2026 में सितारों की चमकेगी शान: धर्मेंद्र, अलका याज्ञनिक, ममूटी और आर माधवन समेत कई नामों को मिलेगा बड़ा सम्मान

Padma Awards 2026: नई दिल्ली। देश के सबसे प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों में गिने जाने वाले पद्म पुरस्कार 2026 को लेकर देशभर में उत्साह का माहौल बना हुआ है। इस वर्ष आयोजित होने वाले सम्मान समारोह में भारतीय सिनेमा, संगीत और रंगमंच जगत से जुड़ी कई चर्चित और प्रभावशाली हस्तियों को सम्मानित किया जाएगा। लंबे समय से कला और मनोरंजन की दुनिया में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले कलाकारों को इस मंच पर सम्मान मिलने जा रहा है, जिसे भारतीय कला जगत के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। इस वर्ष घोषित पुरस्कारों में कई ऐसे नाम शामिल हैं जिन्होंने दशकों तक अपने अभिनय, संगीत और रचनात्मक कार्यों के जरिए दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई है। देशभर के कला प्रेमियों के बीच इस बार के पद्म सम्मान को लेकर विशेष उत्सुकता देखने को मिल रही है। सिनेमा और मनोरंजन जगत की लोकप्रिय हस्तियों को इस सूची में शामिल किए जाने से यह आयोजन और अधिक चर्चित हो गया है। दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र को इस बार मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किए जाने की घोषणा ने सिनेमा प्रेमियों को भावुक कर दिया है। हिंदी सिनेमा में उनका योगदान बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने कई यादगार किरदार निभाए और अपनी दमदार अभिनय शैली से दर्शकों का दिल जीता। उनकी फिल्मों और स्क्रीन प्रेजेंस ने उन्हें भारतीय सिनेमा के सबसे प्रभावशाली कलाकारों में शामिल किया। यह सम्मान उनके लंबे और उल्लेखनीय योगदान को समर्पित माना जा रहा है। VIRAL COUPLE: प्रेमिका बोली- अगर चाहते है तो दतिया कलेक्टर से मिलके दिखाओ, UP से MP पहुंचा युवक दक्षिण भारतीय सिनेमा के चर्चित अभिनेता ममूटी को भी इस वर्ष बड़े सम्मान के लिए चुना गया है। उन्होंने वर्षों तक अपनी अभिनय क्षमता से क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। वहीं अभिनेता आर माधवन का नाम भी इस सूची में शामिल होने से उनके प्रशंसकों में खुशी का माहौल है। उन्होंने अपने फिल्मी करियर में कई अलग-अलग भूमिकाओं के जरिए खुद को एक बहुमुखी कलाकार के रूप में स्थापित किया है। संगीत जगत से जुड़ी प्रसिद्ध गायिका अलका याज्ञनिक को भी इस बार सम्मान मिलने जा रहा है। उनकी आवाज ने कई दशकों तक संगीत प्रेमियों को प्रभावित किया है। रोमांटिक गीतों से लेकर भावनात्मक प्रस्तुतियों तक उन्होंने अपने गायन से एक अलग पहचान बनाई। वहीं दिवंगत अभिनेता और कॉमेडियन सतीश शाह को मरणोपरांत सम्मान दिए जाने की खबर ने भी लोगों को भावुक कर दिया है। उनकी हास्य शैली और शानदार अभिनय ने उन्हें घर-घर में लोकप्रिय बनाया था। इसके अलावा थिएटर और टेलीविजन जगत से जुड़े कई अनुभवी कलाकारों को भी इस प्रतिष्ठित सम्मान के लिए चुना गया है। कला जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि यह पुरस्कार केवल उपलब्धियों का सम्मान नहीं बल्कि देश की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने वाले व्यक्तित्वों को दिया गया एक विशेष सम्मान भी है। पद्म पुरस्कार 2026 का यह आयोजन एक बार फिर भारतीय कला और संस्कृति की समृद्ध परंपरा को नई पहचान देने का काम करता नजर आएगा।
VIRAL COUPLE: प्रेमिका बोली- अगर चाहते है तो दतिया कलेक्टर से मिलके दिखाओ, UP से MP पहुंचा युवक

HIGHLIGHTS: गर्लफ्रेंड की जिद पूरी करने यूपी से दतिया पहुंचा युवक कलेक्टर से मिलने से पहले कलेक्ट्रेट में हुआ बेहोश तीन दिन तक होटल में रुककर करता रहा इंतजार इलाज के दौरान युवक ने सुनाई पूरी कहानी कलेक्टर बोले- युवक से जरूर करेंगे मुलाकात VIRAL COUPLE: दतिया। मध्यप्रदेश के दतिया से एक ऐसा मामला सामने आया जिसे देख कर लोग हैरान है। उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले से एक युवक सिर्फ अपनी गर्लफ्रेंड की जिद पूरी करने के लिए दतिया कलेक्टर स्वप्निल बानखेड़ेेा से मिलने पहुंच गया। लोकिन कलेक्टर से मिलने के पहले ही गर्मी और थकान के कारण उसकी तबियत खराब हो गई, जिसके चलते परिसर में अचानक बेहोश होकर गिर पड़ा। इसके बाद वहां मौजूद कर्मचारियों ने उसे तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया। पन्ना में तेज रफ्तार ट्रक पलटा, कई वाहन चकनाचूर; बिजली के खंभे टूटने से सप्लाई ठप गर्लफ्रेंड ने बोला कलेक्टर से मिलकर दिखाओ 26 वर्षीय राजकुमार यूपी के चंदौली का रहने वाला है, राजकुमार का कहना है कि वह पेशे से टैक्सी ड्राइवर है और सोशल मीडिया पर कलेक्टर स्वप्निल बानखेड़े के काम और व्यक्तित्व से काफी प्रभावित है। उसकी गर्लफ्रेंड ने उससे कहा था कि अगर वह सच में उसे चाहता है तो एक बार दतिया जाकर कलेक्टर से मिलकर दिखाए। इसी जिद को पूरा करने के लिए वह यूपी से दतिया चला आया। छतरपुर में XUV से हो रही थी शराब तस्करी, जंगल में 369 लीटर देशी शराब जब्त; एक आरोपी गिरफ्तार शनिवार को अवकाश के कारण नहीं हुई मुलाकात राजकुमार ने बताया कि वह शनिवार को कलेक्ट्रेट पहुंचा था, लेकिन छुट्टी होने की वजह से उसकी मुलाकात नहीं हो पाई। इसकी वजह से रविवार को भी उसे होटल में रुकना पड़ा, फिर सोमवार को वह दोबारा कलेक्ट्रेट पहुंचा गया। लेकिन तेज गर्मी और कमजोरी के कारण अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। जल संरक्षण अभियान में शामिल हुए मंत्री-कलेक्टर, तालाब सफाई में लिया हिस्सा होटल का किराया देने तक के पैसे नहीं बचे युवक ने बताया कि आने-जाने और होटल में रुकने के दौरान उसके सारे पैसे खत्म हो गए। हालत यह हो गई कि उसके पास होटल का किराया देने तक के पैसे नहीं बचे। उसने अपने परिचितों से मदद मांगी है। वहीं कलेक्टर स्वप्निल बानखेड़े ने कहा कि उन्हें युवक के बारे में जानकारी मिली है और वे उससे मुलाकात करेंगे। जरूरत पड़ी तो अस्पताल जाकर भी हालचाल लेंगे।
रोमांस और इमोशन का चला जादू: ‘चांद मेरा दिल’ ने वीकेंड पर पकड़ी रफ्तार, बॉक्स ऑफिस पर दिखा शानदार उछाल

नई दिल्ली। बॉलीवुड की नई रोमांटिक फिल्मों में शामिल ‘चांद मेरा दिल’ इन दिनों दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। फिल्म के रिलीज होने से पहले ही इसे लेकर दर्शकों में काफी उत्साह देखने को मिला था और रिलीज के बाद यह उत्साह सिनेमाघरों में भी दिखाई देने लगा। शुरुआती दिनों में मिले दर्शकों के सकारात्मक रिएक्शन का असर अब फिल्म की कमाई पर भी साफ दिखाई दे रहा है। वीकेंड के दौरान फिल्म को दर्शकों का अच्छा समर्थन मिला, जिससे इसके बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन में लगातार सुधार दर्ज किया गया। फिल्म की कहानी युवाओं की भावनाओं, दोस्ती, रिश्तों और प्यार के इर्द-गिर्द घूमती नजर आती है। कॉलेज लाइफ से शुरू होने वाली कहानी धीरे-धीरे रिश्तों के उतार-चढ़ाव और भावनात्मक मोड़ों तक पहुंचती है, जो दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ने की कोशिश करती है। यही वजह है कि युवा वर्ग के बीच फिल्म को लेकर अलग तरह की दिलचस्पी दिखाई दे रही है। रोमांस, इमोशन और ड्रामा का संतुलित मिश्रण फिल्म को पारिवारिक और युवा दर्शकों के लिए आकर्षक बना रहा है। फिल्म की शुरुआत बॉक्स ऑफिस पर सामान्य रही थी, लेकिन दूसरे दिन से इसकी कमाई में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला। वीकेंड का फायदा फिल्म को भरपूर मिलता दिखाई दिया और लगातार बढ़ते आंकड़ों ने निर्माताओं के चेहरे पर मुस्कान ला दी। शुरुआती तीन दिनों के प्रदर्शन को देखते हुए माना जा रहा है कि फिल्म ने उम्मीदों के अनुसार शुरुआत करने में सफलता हासिल की है। हालांकि आने वाले दिनों में इसका वास्तविक प्रदर्शन कार्यदिवसों की कमाई पर निर्भर करेगा। फिल्म में मुख्य कलाकारों की केमिस्ट्री को दर्शकों की ओर से अच्छा रिस्पॉन्स मिलता दिखाई दे रहा है। भावनात्मक दृश्यों और रोमांटिक पलों को दर्शकों ने पसंद किया है। इसके अलावा फिल्म का संगीत और कहानी की प्रस्तुति भी चर्चा में बनी हुई है। सोशल मीडिया पर भी फिल्म को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं, जिससे आने वाले दिनों में इसकी कमाई पर अच्छा असर पड़ सकता है। फिल्म इंडस्ट्री में अक्सर देखा गया है कि रोमांटिक फिल्मों की सफलता काफी हद तक दर्शकों के जुड़ाव पर निर्भर करती है। ऐसे में यदि दर्शकों का अच्छा समर्थन जारी रहता है तो यह फिल्म आने वाले दिनों में बेहतर प्रदर्शन कर सकती है। हालांकि बॉक्स ऑफिस पर मौजूद प्रतिस्पर्धा और सप्ताह के सामान्य दिनों की परीक्षा अभी बाकी है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि फिल्म आने वाले दिनों में अपनी कमाई की रफ्तार बरकरार रख पाती है या नहीं।