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OnePlus Nord CE 6 Lite Review: 21 हजार में बैलेंस्ड फोन या सिर्फ नाम का OnePlus?

नई दिल्ली। करीब दो साल बाद सबसे सस्ते Nord लाइनअप की वापसी करते हुए OnePlus Nord CE 6 Lite बाजार में उतरा है। लगभग 21 हजार रुपये की शुरुआती कीमत वाला यह फोन बैटरी, परफॉर्मेंस और स्मूद एक्सपीरियंस पर काफी जोर देता है। हालांकि कैमरा और बिल्ड में कुछ समझौते भी देखने को मिलते हैं। अगर आप 20-25 हजार रुपये के बजट में एक ऐसा फोन चाहते हैं जो रोजमर्रा के इस्तेमाल, गेमिंग और मल्टीटास्किंग में भरोसेमंद हो, तो यह डिवाइस ध्यान खींचता है। डिजाइन और बिल्ड: दिखने में प्रीमियम, लेकिन…फोन का “Vivid Mint” कलर काफी आकर्षक लगता है और भीड़ में अलग नजर आता है। हालांकि,बैक पैनल और फ्रेम पॉलीकार्बोनेट के हैं। हाथ में प्रीमियम फील थोड़ी कम लगती हैIP64 रेटिंग और मिलिट्री ग्रेड प्रोटेक्शन अच्छी बात हैसाइड-माउंटेड फिंगरप्रिंट सेंसर तेज काम करता है और हाइब्रिड सिम स्लॉट की वजह से मेमोरी कार्ड सपोर्ट भी मिल जाता है। डिस्प्ले और साउंड: LCD लेकिन काफी स्मूदफोन में: 6.72 इंच Full HD+ LCD डिस्प्ले 144Hz रिफ्रेश रेट 1000 निट्स पीक ब्राइटनेसदिए गए हैं।हालांकि AMOLED स्क्रीन नहीं है, लेकिन हाई रिफ्रेश रेट स्क्रॉलिंग और गेमिंग को काफी स्मूद बना देता है। ड्यूल स्पीकर्स और 300% वॉल्यूम बूस्ट अच्छे मीडिया एक्सपीरियंस में मदद करते हैं। परफॉर्मेंस: इस प्राइस में मजबूतफोन मेंMediaTek Dimensity 7400 Apex प्रोसेसर UFS 3.1 स्टोरेज वेपर चैंबर कूलिंग मिलती है। रोजमर्रा के इस्तेमाल और गेमिंग में फोन स्थिर प्रदर्शन देता है और ज्यादा गर्म भी नहीं होता। इसके साथOxygenOSAI फीचर्सCircle to Searchजैसे फीचर्स यूजर एक्सपीरियंस बेहतर बनाते हैं। कैमरा: औसत लेकिन इस्तेमाल लायकफोन में 50MP मेन कैमरा,2MP डेप्थ सेंसरदिया गया है।अच्छी रोशनी में कैमरा ठीक-ठाक फोटो देता है, लेकिन,जूम करने पर डिटेल कम हो जाती हैलो-लाइट परफॉर्मेंस औसत हैसेल्फी कैमरा भी “acceptable” कैटेगरी में आता हैअगर कैमरा आपकी पहली प्राथमिकता है, तो इस रेंज में दूसरे विकल्प भी देखे जा सकते हैं। बैटरी: सबसे बड़ा हाईलाइटफोन की सबसे मजबूत बात इसकी: 7000mAh बैटरीहै। मीडियम यूज मेंआसानी से 2 दिन तक बैकअप मिल सकता हैसाथ ही 45W SUPERVOOC फास्ट चार्जिंगलगभग 1.5 घंटे में फुल चार्जका सपोर्ट भी मिलता है। खरीदना चाहिए या नहीं?यह फोन आपके लिए अच्छा है अगर: लंबी बैटरी लाइफ चाहिए स्मूद परफॉर्मेंस और गेमिंग जरूरी है OnePlus का क्लीन UI पसंद हैकैमरा आपकी टॉप प्राथमिकता नहीं है यह फोन आपके लिए नहीं अगर: AMOLED डिस्प्ले चाहिए कैमरा सबसे अहम फैक्टर है प्रीमियम ग्लास डिजाइन चाहते हैं

Temple’ डिवाइस के प्रोडक्शन की तैयारी तेज, दीपेंदर गोयल ने दो कंपनियों से मिलाया हाथ

नई दिल्ली। दीपिंदर गोयल की अपकमिंग हेल्थ वियरेबल डिवाइस “Temple” अब बड़े स्तर पर प्रोडक्शन की ओर बढ़ रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस डिवाइस के निर्माण और स्केल-अप के लिए कंपनी ने Zetwerk और Ethereal Machines के साथ साझेदारी की है।Temple एक ऐसी wearable device बताई जा रही है जिसे कनपटी (temple area) पर लगाया जाता है और इसका मुख्य उद्देश्य दिमाग में रक्त प्रवाह (blood flow) की मॉनिटरिंग करना है। क्या है Temple?रिपोर्ट्स के अनुसार: यह एक पतली, चिपकने वाली wearable device है इसे सिर की कनपटी पर लगाया जाता है इसका उपयोग brain blood flow monitoring के लिए किया जा सकता है कंपनी इसे हेल्थ और वेलनेस कैटेगरी में विकसित कर रही है हाल के महीनों में कई सार्वजनिक हस्तियों और सेलिब्रिटीज को इसे पहने हुए देखा गया है। कौन क्या बनाएगा?रिपोर्ट्स के मुताबिकTemple का मुख्य निर्माण Deepinder Goyal की टीम करेगी विशेष सेंसर और हार्डवेयर पार्ट्स का काम Ethereal Machines संभालेगी बड़े पैमाने पर उत्पादन (mass manufacturing) की जिम्मेदारी Zetwerk के पास होगी बताया जा रहा है कि शुरुआती चरण में कुछ हजार यूनिट्स तैयार की जा सकती हैं। भारत से ग्लोबल मार्केट तक की तैयारीकंपनी की योजना केवल भारतीय बाजार तक सीमित नहीं बताई जा रही। रिपोर्ट्स के अनुसार: Temple को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी लॉन्च करने की तैयारी है इसे प्रीमियम हेल्थ टेक डिवाइस के रूप में पेश किया जा सकता है टेक और हेल्थ कम्युनिटी में इसे लेकर उत्सुकता बढ़ रही है फीचर्स और कीमत पर अभी सस्पेंसहालांकि:कंपनी ने अभी तक डिवाइस के पूरे फीचर्स सार्वजनिक नहीं किए हैंकीमत को लेकर भी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई हैइस वजह से Temple फिलहाल “mystery wearable” के रूप में चर्चा में बना हुआ है।

“कॉकरोच जनता पार्टी” ने दिखाया AI का दम, 1 घंटे में तैयार कर दी वेबसाइट

नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई “Cockroach Janta Party” ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डिजिटल दुनिया को कितनी तेजी से बदल रहा है। व्यंग्य और डिजिटल कैंपेन के तौर पर शुरू हुई इस पहल ने कुछ ही दिनों में करोड़ों लोगों का ध्यान खींच लिया। रिपोर्ट्स और इंटरव्यू के अनुसार, पार्टी से जुड़े Abhijeet Dipke ने दावा किया कि उन्होंने अपने दोस्तों के साथ मिलकर केवल टेक्स्ट प्रॉम्प्ट्स की मदद से महज 1 घंटे में पूरी वेबसाइट और AI एंथम तैयार कर लिया।  बिना कोडिंग के बनी वेबसाइटबताया गया कि वेबसाइट बनाने में AI आधारित टूल्स का इस्तेमाल किया गया, जिनकी मदद से: वेबसाइट लेआउट UI डिजाइन ग्राफिक्स एनिमेशन रिस्पॉन्सिव पेज कुछ ही समय में तैयार हो गए। आज ऐसे कई AI टूल्स मौजूद हैं, जैसे: Framer AI Dora Relume v0.dev जो केवल टेक्स्ट निर्देश (prompt) के आधार पर वेबसाइट बना सकते हैं। AI से मिनटों में पोस्टर और ग्राफिक्ससोशल मीडिया कैंपेन को वायरल बनाने के लिए CJP ने Generative AI का इस्तेमाल किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक पोस्टर और विजुअल्स बनाने के लिए AI टूल्स की मदद ली गई, जिनमें शामिल हैं: Midjourney DALL-E Canva इन टूल्स से कुछ मिनटों में आकर्षक डिजाइन और सोशल मीडिया पोस्ट तैयार किए जा सकते हैं।  AI से बना एंथम भी चर्चा मेंरिपोर्ट्स के अनुसार पार्टी का AI-generated एंथम भी लोगों के बीच काफी वायरल हुआ। इसके लिए म्यूजिक जनरेशन टूल्स का उपयोग बताया गया, जैसे: Suno Udio इन प्लेटफॉर्म्स की मदद से बिना स्टूडियो रिकॉर्डिंग के गाने और बैकग्राउंड म्यूजिक तैयार किए जा सकते हैं।  AI ने बदल दिया डिजिटल कैंपेन का तरीकायह मामला दिखाता है कि अब: वेबसाइट बनाना सोशल मीडिया कंटेंट तैयार करना पोस्टर डिजाइन करना ऑडियो और म्यूजिक बनाना पहले की तुलना में कहीं ज्यादा आसान और तेज हो गया है। हालांकि AI के बढ़ते उपयोग के साथ फेक कंटेंट, गलत सूचना और डिजिटल मैनिपुलेशन जैसी चुनौतियों पर भी बहस तेज हो रही है।

AI और नौकरियों पर बड़ी बहस: Glean CEO अरविंद जैन बोले-“AI इंसानों की जगह नहीं लेगा”

नई दिल्ली। दुनियाभर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर नौकरी संकट की चर्चा तेज है। कई बड़ी टेक कंपनियां छंटनी कर रही हैं और इसकी बड़ी वजह AI ऑटोमेशन को माना जा रहा है। इसी बीच Arvind Jain ने AI को लेकर अलग राय रखते हुए कहा है कि “AI कभी इंसानों की जगह नहीं लेगा।भारतीय मूल के टेक उद्यमी और Glean के CEO अरविंद जैन ने यह बयान Fortune Workplace Innovation Summit के दौरान दिया। अरविंद जैन ने क्या कहा,जैन के मुताबिक,AI इंसानों को replace नहीं बल्कि empower करता है यह कर्मचारियों को ज्यादा सक्षम और उत्पादक बनाता है फिलहाल AI की वजह से किसी पद के पूरी तरह खत्म होने की स्थिति नहीं दिख रही उन्होंने कहा कि AI बेहतर क्वालिटी का काम करने में मदद करता है और इंसानों की भूमिका आगे भी महत्वपूर्ण बनी रहेगी। दूसरी तरफ छंटनी का दौरहालांकि टेक इंडस्ट्री की वास्तविक तस्वीर कुछ अलग नजर आ रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार: Meta ने AI फोकस के बीच हजारों कर्मचारियों की छंटनी शुरू की कई कंपनियां ऑटोमेशन और AI आधारित सिस्टम अपना रही हैं 2026 में अब तक बड़ी संख्या में टेक कर्मचारियों की नौकरियां प्रभावित होने की खबरें सामने आई हैं टेक दिग्गजों की अलग-अलग रायAI को लेकर इंडस्ट्री दो हिस्सों में बंटी दिख रही है। AI से नौकरी खतरे की चेतावनी देने वाले:Anthropic के CEO डारियो अमोदेई Amazon के अधिकारी Microsoft के नेतृत्व समूह Jamie Dimon इनका मानना है कि AI कई white-collar jobs को प्रभावित कर सकता है। जबकि अरविंद जैन का दृष्टिकोण:AI को “काम का सहयोगी” मानता है इंसानों की जरूरत खत्म होने की बात से असहमत हैविशेषज्ञों के अनुसार असली बहस अब यह नहीं है कि “AI आएगा या नहीं”, बल्कि यह है कि: कौन-सी नौकरियां बदलेंगीकौन-से कौशल सबसे ज्यादा जरूरी होंगे इंसान और AI साथ कैसे काम करेंगे

धर्मेंद्र की याद में टूटे बॉबी देओल, कहा-उनके जाने के बाद जिंदगी में खालीपन रह गया, हर बात आज भी याद आती है

नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता बॉबी देओल एक बातचीत के दौरान उस समय भावुक हो गए जब उन्होंने अपने दिवंगत पिता और हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र को याद किया। एक चर्चित कार्यक्रम में शामिल हुए बॉबी देओल ने अपने पिता के साथ जुड़ी यादों और उनके व्यक्तित्व को साझा करते हुए कहा कि धर्मेंद्र केवल एक बड़े कलाकार ही नहीं बल्कि उनके लिए जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा थे। बातचीत के दौरान कई बार उनका भावुक होना साफ दिखाई दिया, जिससे माहौल भी गंभीर और संवेदनशील हो गया। बॉबी देओल ने कहा कि उनके पिता धर्मेंद्र का व्यक्तित्व इतना सरल, स्नेहपूर्ण और प्रभावशाली था कि उनसे मिलने वाला हर व्यक्ति उन्हें दिल से पसंद करता था। उन्होंने बताया कि धर्मेंद्र के जाने के बाद परिवार ही नहीं बल्कि पूरी फिल्म इंडस्ट्री और उनके प्रशंसकों के जीवन में भी एक गहरा खालीपन आ गया है, जिसे शब्दों में व्यक्त करना आसान नहीं है। बॉबी ने कहा कि उनके लिए उनके पिता का हर पहलू खास था, चाहे वह उनका प्यार हो, उनका व्यवहार हो या फिर उनका गुस्सा, जो भी उन्हें मिला वह हमेशा अपनापन ही महसूस कराता था। कार्यक्रम के दौरान जब उनसे उनकी पहचान के बारे में सवाल किया गया तो बॉबी देओल ने बेहद सादगी से जवाब दिया कि उनके लिए सबसे बड़ी पहचान उनका नाम या स्टारडम नहीं बल्कि यह है कि वे धर्मेंद्र के बेटे हैं। इस जवाब ने वहां मौजूद माहौल को और भी भावनात्मक बना दिया। उन्होंने कहा कि यह पहचान उनके लिए गर्व की बात है और जीवनभर रहेगी, क्योंकि उनके पिता ने उन्हें केवल अभिनय ही नहीं बल्कि इंसानियत और विनम्रता भी सिखाई है। बॉबी देओल ने यह भी साझा किया कि पिता के जाने के बाद भी उनकी यादें उनके हर दिन का हिस्सा बनी रहती हैं और जीवन के हर महत्वपूर्ण क्षण में उन्हें उनकी कमी महसूस होती है। उन्होंने कहा कि समय भले ही आगे बढ़ रहा हो लेकिन पिता की मौजूदगी का एहसास आज भी उतना ही मजबूत है। इस दौरान उनकी आंखों में भावुकता साफ झलक रही थी और उनके शब्दों में एक बेटे का दर्द और प्रेम दोनों दिखाई दे रहे थे। फिल्मी करियर की बात करें तो बॉबी देओल इन दिनों अपनी आगामी परियोजनाओं को लेकर भी चर्चा में हैं, लेकिन इस बातचीत में उनका पूरा ध्यान अपने निजी जीवन और पिता की यादों पर ही केंद्रित रहा। यह बातचीत दर्शाती है कि एक सफल कलाकार होने के बावजूद उनके भीतर एक बेटे का भावनात्मक पक्ष आज भी उतना ही गहरा और संवेदनशील है। Too short description:बॉबी देओल अपने पिता धर्मेंद्र को याद करते हुए भावुक हो गए और कहा कि उनके लिए सबसे बड़ी पहचान “धर्मेंद्र का बेटा होना” है। English Keywords:Bobby Deol, Dharmendra, emotional interview, Bollywood news, Shekhar Suman show

प्रीतम ने ‘मशूका’ पर लगे आरोपों को बताया गलत, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस..

नई दिल्ली । बॉलीवुड की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘कॉकटेल 2’ का नया गाना ‘मशूका’ रिलीज होते ही जहां दर्शकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो गया, वहीं इसके साथ ही विवादों का सिलसिला भी शुरू हो गया है। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इस गाने की धुन पर सवाल उठाते हुए इसे कॉपी बताया, जिसके बाद यह मामला चर्चा का बड़ा विषय बन गया है। विवाद बढ़ने के साथ ही संगीतकार प्रीतम ने सामने आकर इन आरोपों पर अपनी प्रतिक्रिया दी और ट्रोलर्स को स्पष्ट संदेश दिया कि लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। सोशल मीडिया पर कुछ लोगों का दावा है कि ‘मशूका’ की धुन 1993 में रिलीज हुए एक इटालियन गीत से मिलती-जुलती है। इस तुलना के बाद इंटरनेट पर बहस तेज हो गई और कई यूजर्स ने संगीतकार को ट्रोल करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते यह मुद्दा संगीत प्रेमियों और फिल्म इंडस्ट्री के बीच चर्चा का केंद्र बन गया। हालांकि, इस पूरे विवाद के बीच गाने की लोकप्रियता पर कोई असर नहीं पड़ा और यह लगातार ट्रेंड करता रहा। विवाद बढ़ने के बाद प्रीतम ने इंस्टाग्राम स्टोरी के माध्यम से अपनी बात रखी। उन्होंने आलोचकों पर निशाना साधते हुए कहा कि हर नए गाने के साथ कुछ लोग स्वयंभू संगीत विशेषज्ञ बनकर सामने आ जाते हैं और बेवजह समानताएं खोजने लगते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह की टिप्पणियां न केवल गलत हैं बल्कि बिना आधार के किसी कलाकार की मेहनत पर सवाल खड़ा करती हैं। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं, जहां कुछ लोग उनके समर्थन में आए तो कुछ ने बहस को और आगे बढ़ा दिया। फिल्म ‘कॉकटेल 2’ को लेकर पहले से ही दर्शकों में काफी उत्साह है और अब इस नए गाने ने फिल्म के प्रति जिज्ञासा और बढ़ा दी है। निर्माताओं ने पहले ही संकेत दिया है कि फिल्म का ट्रेलर जल्द ही जारी किया जाएगा, जिससे दर्शकों को कहानी की पहली झलक देखने को मिलेगी। इसके बाद फिल्म की रिलीज को लेकर भी उत्सुकता और तेज हो गई है। यह फिल्म एक लोकप्रिय पूर्व फिल्म की आध्यात्मिक अगली कड़ी मानी जा रही है, जिसमें नई कहानी और नए किरदारों के साथ दर्शकों को एक ताजा अनुभव देने की तैयारी है। फिल्म में प्रमुख कलाकारों की मौजूदगी भी इसे और अधिक चर्चा में ला रही है। कुल मिलाकर ‘मशूका’ गाने को लेकर उठा यह विवाद एक बार फिर यह दिखाता है कि सोशल मीडिया के दौर में किसी भी रचना को लेकर तुरंत प्रतिक्रियाएं सामने आ जाती हैं। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने फिल्म और इसके संगीत को और अधिक चर्चा में ला दिया है, जिससे रिलीज से पहले ही इसकी लोकप्रियता बढ़ती दिखाई दे रही है।

संजय कपूर केस में बढ़ी कानूनी हलचल, बच्चों के भविष्य से जुड़े खर्च पर अदालत में नई याचिका

नई दिल्ली । दिवंगत उद्योगपति संजय कपूर से जुड़े संपत्ति विवाद में एक बार फिर नया कानूनी मोड़ सामने आया है, जिसने इस हाई-प्रोफाइल मामले को फिर से सुर्खियों में ला दिया है। इस बार मामला सीधे तौर पर बच्चों की शिक्षा और उनके रोजमर्रा के खर्चों से जुड़ा हुआ है, जिसे लेकर संजय कपूर की पत्नी प्रिया सचदेव कपूर ने दिल्ली हाई कोर्ट में एक नई याचिका दाखिल की है। इस याचिका के बाद संपत्ति विवाद की जटिलताएं और बढ़ती दिखाई दे रही हैं, हालांकि अदालत पहले से ही इस मामले में अंतरिम आदेशों के तहत स्थिति को नियंत्रित कर रही है। प्रिया कपूर की ओर से अदालत में यह आग्रह किया गया है कि बच्चों की पढ़ाई से जुड़े खर्च बिना किसी रुकावट के नियमित रूप से जारी रहने चाहिए। इसके लिए उन्होंने कुछ बैंक खातों के संचालन की अनुमति मांगी है, ताकि स्कूल फीस और अन्य आवश्यक शैक्षणिक खर्च समय पर पूरे किए जा सकें। यह मामला मुख्य रूप से संजय कपूर की बेटी समायरा और बेटे कियान की शिक्षा और उनके भविष्य से जुड़े वित्तीय प्रबंधन पर केंद्रित बताया जा रहा है। याचिका में यह भी कहा गया है कि कुछ विदेशी संयुक्त खातों के उपयोग की अनुमति दी जाए, ताकि बच्चों की विदेश में शिक्षा, रहने और अन्य आवश्यक खर्चों को पूरा किया जा सके। इस पहल को परिवार की ओर से बच्चों के हितों की सुरक्षा और उनकी शिक्षा को बाधित न होने देने के प्रयास के रूप में प्रस्तुत किया गया है। यह मांग ऐसे समय में सामने आई है जब संपत्ति से जुड़े कई पहलुओं पर पहले से ही कानूनी जांच और विवाद चल रहा है। इससे पहले अदालत ने इस मामले में संपत्ति के बड़े और स्थायी निर्णयों पर रोक लगाते हुए स्थिति को यथावत बनाए रखने के आदेश दिए थे। अदालत का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना रहा है कि अंतिम निर्णय आने तक किसी भी पक्ष के अधिकारों को नुकसान न पहुंचे। हालांकि, बच्चों से जुड़े आवश्यक खर्चों को लेकर अदालत ने पहले भी संवेदनशील रुख अपनाया है और जरूरतों के आधार पर सीमित अनुमति देने पर विचार किया गया है। संजय कपूर के निधन के बाद यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब उनकी कथित वसीयत और संपत्ति के बंटवारे को लेकर परिवार के भीतर मतभेद सामने आए। अलग-अलग पक्षों की ओर से संपत्ति के अधिकारों और प्रबंधन को लेकर दावे किए जाने लगे, जिसके बाद मामला अदालत तक पहुंच गया। समय के साथ यह विवाद और जटिल होता गया और इसमें कई कानूनी पहलू जुड़ते चले गए। अब प्रिया कपूर की नई याचिका ने इस मामले को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अदालत इस नए अनुरोध पर क्या रुख अपनाती है और बच्चों के हितों तथा संपत्ति विवाद के बीच संतुलन कैसे स्थापित करती है। फिलहाल यह मामला न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है और सभी पक्ष अदालत के अगले निर्णय का इंतजार कर रहे हैं, जिससे इस लंबे चल रहे विवाद की दिशा तय हो सकती है।

देहरादून कॉन्सर्ट में बड़ा हादसा, बैरिकेड गिरते ही मची अफरा-तफरी, बीच में रोकना पड़ा जैस्मीन सैंडलस का शो

नई दिल्ली । देहरादून में आयोजित पंजाबी सिंगर जैस्मीन सैंडलस के लाइव कॉन्सर्ट के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई जब अचानक दर्शक क्षेत्र में लगा एक बैरिकेड गिर गया। इस घटना के बाद वहां मौजूद भीड़ में हलचल बढ़ गई और कई लोग असंतुलित होकर गिर पड़े। कुछ ही पलों में पूरा माहौल बदल गया और संगीत से भरा कार्यक्रम घबराहट में बदल गया। कार्यक्रम की शुरुआत सामान्य और उत्साहपूर्ण माहौल में हुई थी, जहां हजारों की संख्या में फैंस अपनी पसंदीदा सिंगर को सुनने के लिए पहुंचे थे। जैस्मीन सैंडलस अपने लोकप्रिय गानों के साथ मंच पर परफॉर्म कर रही थीं और दर्शक भी पूरे जोश के साथ शो का आनंद ले रहे थे। लेकिन अचानक हुए इस हादसे ने पूरे कार्यक्रम को बीच में ही रोक दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जैसे ही बैरिकेड गिरा, उसके आसपास खड़े कई लोग जमीन पर गिर पड़े और कुछ क्षणों के लिए वहां घबराहट का माहौल बन गया। लोग इधर-उधर भागने लगे और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे। स्थिति को देखते हुए मंच पर मौजूद जैस्मीन सैंडलस भी तुरंत सतर्क हो गईं। घटना के दौरान सिंगर ने अपना परफॉर्मेंस रोक दिया और माइक पर धार्मिक शब्दों के साथ स्थिति को शांत करने की कोशिश की। उन्होंने तुरंत अपनी सुरक्षा टीम और बाउंसर्स को निर्देश दिए कि भीड़ को नियंत्रित किया जाए और घायलों या प्रभावित लोगों की मदद की जाए। उनकी यह त्वरित प्रतिक्रिया मौके पर स्थिति को संभालने में मददगार साबित हुई। घटना के बाद जैस्मीन सैंडलस ने दर्शकों से माफी भी मांगी और कहा कि इस तरह की स्थिति से उन्हें गहरा दुख हुआ है। उन्होंने फैंस की सुरक्षा को सबसे ऊपर बताते हुए चिंता व्यक्त की और आयोजन व्यवस्था को लेकर भी संवेदनशील रुख अपनाया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि कैसे अचानक बैरिकेड गिरने के बाद माहौल बदल जाता है और भीड़ में अफरा-तफरी फैल जाती है। वीडियो सामने आने के बाद कई लोग सिंगर की समझदारी की सराहना कर रहे हैं कि उन्होंने बिना देर किए शो रोककर सुरक्षा को प्राथमिकता दी। जैस्मीन सैंडलस हाल के समय में अपने गानों को लेकर लगातार चर्चा में रही हैं। फिल्मों में उनके गाए हुए गाने भी लोकप्रिय हुए हैं, जिससे उनकी फैन फॉलोइंग में काफी बढ़ोतरी देखी गई है। लेकिन इस घटना ने एक बार फिर लाइव इवेंट्स में सुरक्षा व्यवस्था की अहमियत को उजागर कर दिया है।

Cannes 2026: मौनी रॉय ने सिल्वर क्रिस्टल गाउन में बिखेरा जलवा, रेड कार्पेट पर दिखा ग्लैमरस और बोल्ड अवतार

नई दिल्ली । Cannes 2026 के रेड कार्पेट पर इस बार मौनी रॉय ने अपने स्टाइल और ग्लैमर से खास पहचान बनाई। जैसे ही वह इवेंट में पहुंचीं, कैमरों की नजरें उन पर टिक गईं और उनका लुक तुरंत चर्चा का विषय बन गया। मौनी ने इस खास मौके के लिए एक शानदार सिल्वर क्रिस्टल गाउन चुना था, जिसने उनके पूरे व्यक्तित्व को और अधिक आकर्षक बना दिया। उनका आत्मविश्वास और स्टाइलिश अंदाज रेड कार्पेट पर अलग ही चमक बिखेरता नजर आया, जिससे वह इवेंट की सबसे चर्चित हस्तियों में शामिल हो गईं। मौनी रॉय ने इस प्रतिष्ठित फिल्म समारोह में एक फिल्म स्क्रीनिंग के दौरान शिरकत की, जहां उनका फैशन सेंस पूरी तरह से सुर्खियों में रहा। उन्होंने आइवरी शेड का स्ट्रैपलेस क्रिस्टल गाउन पहना था, जो बॉडी-फिटेड डिजाइन के साथ उनके लुक को बेहद ग्लैमरस बना रहा था। गाउन पर बारीकी से किया गया सिल्वर क्रिस्टल वर्क और अनोखा डिजाइन उनके पूरे स्टाइल को और भी खास बना रहा था। रेड कार्पेट पर उनकी मौजूदगी ने फैशन प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया और वह एक यादगार अपीयरेंस के रूप में दर्ज हो गईं। अपने इस लुक को और भी शानदार बनाने के लिए मौनी ने डायमंड जूलरी का चयन किया, जिसमें नेकलेस, ब्रेसलेट और रिंग्स शामिल थे। चमकदार डायमंड जूलरी ने उनके पूरे लुक को रॉयल टच दिया और कैमरे की फ्लैश लाइट में उनका अंदाज और भी ज्यादा प्रभावशाली नजर आया। उनके स्टाइलिश अवतार ने यह साबित कर दिया कि वह फैशन और ग्लैमर की दुनिया में भी अपनी मजबूत पहचान रखती हैं। मौनी का मेकअप भी उनके पूरे लुक के साथ पूरी तरह मेल खाता हुआ नजर आया। उन्होंने हल्का और एलिगेंट मेकअप चुना, जिसमें न्यूड ग्लॉसी लिप्स, सॉफ्ट कंटूर और ड्रमैटिक आई मेकअप शामिल था। स्लीक बन हेयरस्टाइल ने उनके गाउन और जूलरी को और अधिक उभार दिया, जिससे उनका पूरा लुक संतुलित और आकर्षक दिखाई दिया। रेड कार्पेट पर मौनी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गईं, जहां फैंस ने उनके लुक की जमकर तारीफ की। उनकी तस्वीरें विभिन्न पोज़ में सामने आईं, जिनमें उनका आत्मविश्वास और स्टाइल साफ झलक रहा था। फैंस ने उनके लुक को बेहद आकर्षक बताते हुए कहा कि उन पर से नजरें हटाना मुश्किल है। इस इवेंट में उनकी मौजूदगी ऐसे समय पर भी चर्चा में रही जब उनकी निजी जिंदगी को लेकर कई तरह की अटकलें सामने आई थीं। हालांकि, मौनी ने अपने इस शानदार अपीयरेंस से पूरी तरह ध्यान अपने फैशन और ग्लैमर पर केंद्रित रखा। कुल मिलाकर, Cannes 2026 में उनका यह लुक लंबे समय तक चर्चा में रहने वाला साबित हुआ।

अधिक मास 2026: 15 जून तक थमेंगे शुभ कार्य, जानें क्यों इसे कहा जाता है ‘पुरुषोत्तम मास’

नई दिल्ली(New Delhi)। सनातन परंपरा में समय को केवल तारीखों का क्रम नहीं, बल्कि ब्रह्मांडीय संतुलन का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है। इसी परंपरा में एक विशेष अवधि होती है जिसे अधिक मास कहा जाता है, जो इस वर्ष 17 मई से 15 जून 2026 तक रहेगा। इसे अधिक ज्येष्ठ मास या पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, लगभग 30 दिनों तक चलने वाले इस अतिरिक्त महीने में शुभ और मांगलिक कार्यों पर रोक रहती है। विवाह, सगाई, गृह प्रवेश, मुंडन और नामकरण जैसे संस्कार इस अवधि में नहीं किए जाते। माना जाता है कि इस समय किए गए सांसारिक कार्य अपेक्षित शुभ फल नहीं देते। अधिक मास का आधार हिंदू पंचांग की खगोल गणना में छिपा है। सौर वर्ष लगभग 365 दिनों का होता है, जबकि चंद्र वर्ष करीब 354 दिनों का होता है। दोनों के बीच हर वर्ष लगभग 11 दिनों का अंतर बनता है, जो तीन वर्षों में लगभग 33 दिनों तक पहुंच जाता है। इस अंतर को संतुलित करने के लिए एक अतिरिक्त महीना जोड़ा जाता है, जिसे अधिक मास कहा जाता है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब यह अतिरिक्त महीना अस्तित्व में आया तो किसी भी देवता ने इसे स्वीकार नहीं किया। सभी महीनों के अपने-अपने अधिपति थे, लेकिन इस अतिरिक्त मास का कोई स्वामी नहीं था। दुखी होकर यह मास भगवान विष्णु के पास पहुंचा, जहां उन्होंने इसे “पुरुषोत्तम मास” का नाम दिया और इसे अपना संरक्षण प्रदान किया। तभी से यह महीना विशेष और अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, यह समय सांसारिक कार्यों की बजाय आत्मिक उन्नति और साधना के लिए श्रेष्ठ माना गया है। इस अवधि में पूजा-पाठ, जप, तप, दान और व्रत को अत्यधिक फलदायी बताया गया है। वहीं व्यापार, निवेश या नए कार्यों की शुरुआत से बचने की सलाह दी जाती है। शास्त्रों में वर्णन है कि इस मास में किए गए धार्मिक कार्यों का फल कई गुना बढ़कर प्राप्त होता है। इसलिए इसे भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने का विशेष अवसर माना जाता है, जहां भक्ति और आत्मचिंतन को सर्वोच्च महत्व दिया गया है। टैग्स (comma separated):अधिक मास 2026, पुरुषोत्तम मास, शुभ कार्य बंद, ज्योतिष, हिंदू पंचांग, भगवान विष्णु, धार्मिक मान्यता, व्रत और पूजा, ज्येष्ठ मास