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करण जौहर का धर्मा प्रोडक्शंस करेगा गुजराती सिनेमा में डेब्यू, इस फिल्म से करेगें शुरुवात

नई दिल्ली(New Delhi) । बॉलीवुड के दिग्गज फिल्ममेकर करण जौहर का प्रोडक्शन हाउस धर्मा प्रोडक्शंस अब हिंदी सिनेमा के साथ-साथ क्षेत्रीय फिल्मों में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराने जा रहा है। इस बार कंपनी गुजराती फिल्म इंडस्ट्री में डेब्यू करने की तैयारी में है। धर्मा प्रोडक्शंस ने वार्ताकार फिल्म्स के साथ साझेदारी की है और दोनों मिलकर अपकमिंग फिल्म ‘ज़िंदगी वन्स मोर’ पर काम कर रहे हैं। इस फिल्म को धर्मा प्रोडक्शंस द्वारा प्रस्तुत किया जा रहा है, जबकि इसका निर्माण वार्ताकार फिल्म्स ने किया है। फिल्म का निर्देशन जयमिन ने किया है और इसे वासु ढोलकिया ने प्रोड्यूस किया है। फिल्म ‘ज़िंदगी वन्स मोर’ में सिद्धार्थ रंदेरिया मुख्य भूमिका निभा रहे हैं, जबकि आरती पटेल भी अहम किरदार में नजर आएंगी। यह फिल्म 19 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज की जाएगी। कहानी की बात करें तो यह एक भावनात्मक ड्रामा है, जो पिता और पुत्र के रिश्ते पर आधारित है। फिल्म इस सच्चाई को उजागर करती है कि बच्चे अक्सर अपने पिता के अतीत और उनके जीवन के संघर्षों को पूरी तरह समझ नहीं पाते। इसे फादर्स डे वीकेंड से पहले रिलीज किया जाएगा, जिससे इसकी भावनात्मक अपील और बढ़ जाती है। यह फिल्म जयमिन के निर्देशन में पहली फिल्म होगी। वहीं स्क्रीनप्ले दीप ढोलकिया ने लिखा है, जो इस फिल्म के साथ-साथ अभिनय के क्षेत्र में भी डेब्यू कर रहे हैं। उनके साथ जाह्नवी ढकन भी स्क्रीन पर नजर आएंगी। धर्मा प्रोडक्शंस के सीईओ अपूर्व मेहता ने कहा कि अच्छी कहानियों की कोई भाषा सीमा नहीं होती और गुजराती फिल्म इंडस्ट्री में इस समय रचनात्मकता और दर्शकों का मजबूत समर्थन देखने को मिल रहा है। इसी वजह से कंपनी इस क्षेत्रीय सिनेमा का हिस्सा बनने को लेकर उत्साहित है।

जब काम न मिलने पर फूट-फूटकर रो पड़े थे कुमार सानू, तब इस सिंगर ने की मदद…

नई दिल्ली। 90 के दशक के मशहूर प्लेबैक सिंगर कुमार सानू ने अपनी सुरीली आवाज से हिंदी सिनेमा पर लंबे समय तक राज किया। लेकिन सफलता के शिखर पर पहुंचने के बाद उनके करियर में एक ऐसा भी दौर आया, जब उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में काम मिलना लगभग बंद हो गया था। रिपोर्ट्स और रियलिटी शो में साझा किए गए किस्सों के मुताबिक, इस मुश्किल समय में जब उन्हें लगातार काम नहीं मिल रहा था, तब वह बेहद भावुक हो गए थे। बताया जाता है कि संगीतकार अनु मलिक के सामने एक मुलाकात के दौरान कुमार सानू फूट-फूटकर रो पड़े थे और उन्होंने अपना दर्द साझा किया था। अनु मलिक ने एक टीवी शो में बताया था कि उस दौर में वह भी लंबे समय तक फिल्म इंडस्ट्री से दूर थे और काम की कमी झेल रहे थे। इसी बीच फिल्म निर्माता आदित्य चोपड़ा का संदेश उन्हें मिला, जिसके बाद एक नए प्रोजेक्ट की तैयारी शुरू हुई। इसी दौरान अनु मलिक ने सुझाव दिया कि इस फिल्म के एक गाने के लिए कुमार सानू की आवाज ली जाए, क्योंकि कहानी का एक किरदार उनका बड़ा फैन दिखाया गया था। इसके बाद अनु मलिक ने कुमार सानू को अपने घर बुलाया और उन्हें एक नया गाना ऑफर किया। यह सुनते ही कुमार सानू भावुक हो गए और बताया जाता है कि उन्होंने अनु मलिक के कंधे पर सिर रखकर रोते हुए अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। इसके बाद उन्होंने फिल्म ‘दम लगा के हईशा’ (2015) के लिए गाना ‘तुम से मिले दिल में उठा दर्द करारा’ गाया, जिसे काफी सराहा गया और इसे उनके कमबैक के रूप में देखा गया। कुमार सानू 90 के दशक में हिंदी सिनेमा के सबसे बड़े गायकों में से एक रहे हैं। ‘आशिकी’, ‘साजन’, ‘दीवाना’ और ‘बाज़ीगर’ जैसी फिल्मों के गानों ने उन्हें अपार लोकप्रियता दिलाई थी। उन्होंने अपने करियर के पीक दौर में लगातार पांच साल तक फिल्मफेयर अवॉर्ड भी जीते और एक दिन में 28 गाने रिकॉर्ड करने का रिकॉर्ड भी उनके नाम दर्ज है। हालांकि बदलते समय और नए सिंगर्स के आने के बाद उनकी फिल्मों में सक्रियता कम हो गई, लेकिन आज भी उनकी आवाज़ को हिंदी संगीत का सुनहरा दौर माना जाता है।

घर और दफ्तर में बांस का पौधा लगाने से पहले जान लें ये जरूरी नियम, सही डंठल दिला सकते हैं सुख, समृद्धि और तरक्की

नई दिल्ली ।  वास्तु शास्त्र के अनुसार फेंगशुई में भी पेड़-पौधों को विशेष महत्व दिया गया है. फेंगशुई के मुताबिक, कुछ पौधे नकारात्मक ऊर्जा को सोखकर पॉजिटिव एनर्जी का संचार करते हैं. फेंगशुई में बांस के पौधे को बेहद प्रभावशाली माना गया है. कहा जाता है कि अगर इस पौधे को घर या दफ्तर में सही दिशा और स्थान पर लगाया जाए, तो वहां मौजूद तमाम नकारात्मक ऊर्जा अपने आप नष्ट हो जाती है. इसके परिणामस्वरूप जीवन में तरक्की अपने आप होने लगती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि घर या दफ्तर में कितने डंठल वाला बांस का पौधा लगाना शुभ होता है? आइए, इसे फेंगशुई के अनुसार जानते हैं. एक डंठल वाला बांस का पौधाफेंगशुई के मुताबिक, घर में एक डंठल वाला बांस का पौधा भी लगाना शुभ है. एक डंठल वाला बांस का पौधा घर-परिवार की एकता और विकास के लिए खास होता है. ऐसा बांस का पौधा कार्यों में एकाग्रता और आत्मविश्वास को मजबूत करने में सहायक होता है. ऐसे बांस के पौधे को दफ्तर में लगाने से करियर में तरक्की के रास्ते खुलते हैं. दो डंठल वाला बांस का पौधाफेंगशुई के अनुसार, दो डंठल वाला बांस का पौधा प्रेम, दांपत्य सुख और साझेदारी का प्रतीक है. इसे बेडरूम में लगाने से शादीशुदा जिंदगी में खुशहाल रहती है. साथ ही पार्टनर के प्रति प्यार और लगाव बढ़ता है. तीन डंठल वाला बांस का पौधातीन डंठल वाला बांस का पौधा लंबी उम्र, अच्छी सेहत और खुशहाली का प्रतीक है. इसे घर में रखने से नकारात्मक ऊर्जा अपने आप दूर हो जाती है और घर-परिवार में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है. 5 डंठल वाला बांस का पौधाफेंगशुई की मानें तो 5 डंठल वाला बांस का पौधा धन, शक्ति और सफलता का प्रतीक होता है. मान्यतानुसार, इसे घर की उत्तर दिशा में रखने से धन की स्थिति अच्छी होती है. इसके अलावा इसे दफ्तर में लगाने से तरक्की के रास्ते खुलते हैं. 8 और 10 डंठल वाला बांस का पौधाआठ डंठल वाले बांस के पौधे को धन और समृद्धि का प्रतीक माना गया है. वहीं 10 डंठल वाला बैम्बू प्लांट सफलता का प्रतीक होता है. इसलिए इसे घर का दफ्तर में लगाने से तरक्की और खुशहाली में चार चांद लग जाते हैं. किस दिशा में लगाएं बांस का पौधा?फेंगशुई के मुताबिक, डंठल वाले बांस के पौधे को ड्राइंग या बेडरूम में लगाया जा सकता है. इसे पूरब दिशा की ओर लगाना अत्यंत शुभ माना गया है. घर की इस दिशा में बांस का पौधा लगाने से परिवार में आपसी सामंजस्य और प्यार बना रहता है. दांपत्य जीवन में खुशहाली के लिए इस पौधे को कांच के जार में लगा उस पर लाल रंग का रिबन जरूर बांधना चाहिए. ऐसा करने से शादीशुदा जिंदगी खुशहाल रहती है. जबकि, इसे दफ्तर के पूर्व या दक्षिण दिशा में लगाना चाहिए. ऐसा करने से आर्थिक उन्नति होती है.

गर्मी में डायबिटीज मरीज रहें सतर्क: आम, चीकू और शरीफा जैसे मीठे फल बढ़ा सकते हैं ब्लड शुगर का खतरा

नई दिल्ली । ऐसे फल जिनका GI 55 से कम है, वो डायबिटिक पेशेंट्स खा सकते हैं, लेकिन जो 70 से ऊपर का ग्लाइसेमिक इंडेक्स रखते हैं, उन्हें खाना रिस्की साबित हो सकता है। आमतौर पर माना जाता है कि डायबिटीज के मरीजों को फलों से बिल्कुल दूर रहना चाहिए, लेकिन सच तो ये है कि सेब, संतरा, बेरीज जैसे फल समर सीजन में खाना काफी सुरक्षित विकल्प है। हालांकि, मीठे रस से भरा और सबका फेवरेट फलों का राजा आम, पावर फ्रूट माने जाने वाला केला, और मीठा चीकू, डायबिटिक लोगों को अपनी लिस्ट से बाहर ही रखना चाहिए। फल और उनके ग्लाइसेमिक इंडेक्स का गणितफलों में सेहत का राज छिपा होता है और संतुलित आहार के लिए इनका रोजाना सेवन जरूरी माना जाता है। लेकिन फाइबर, एंटीऑक्सिडेंट, माइक्रोन्यूट्रिएंट होने के साथ ही इनमें ग्लूकोज, फ्रुक्टोज, और सुक्रोस भी होता है जो डायबिटीज के मरीजों के लिए सुरक्षित नहीं है। इससे उनका ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकता है। लेकिन सेब, अमरूद जैसे पांच फल हैं जिनका सेवन करने से डायबिटीज के मरीजों को शुगर बढ़ने का खतरा नहीं होता है। बस उन्हें इस बात का ख्याल रखना होगा कि वे यह सेवन अपने संतुलित मात्रा में करें। फलों का ग्लाइसेमिक इंडेक्स चेक करना है जरूरीग्लाइसेमिक इंडेक्स की श्रेणियांदरअसल फलों को ग्लाइसेमिक इंडेक्स की 3 श्रेणियों में बांटा गया है। 55 से कम वाले लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स और 59-69 वाले मॉर्डरेट ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फल डायबिटीज के मरीज अपनी तबियत के आधार पर खा सकते हैं। वहीं 70 या उससे ज्यादा वाले हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फलों से इस तरह के मरीजों को बचने की जरूरत है। आसानी से समझें तो जिन फलों में फाइबर की मात्रा ज्यादा होती है उनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है। फाइबर पाचन प्रक्रिया को धीमा करता है, जिससे ग्लूकोज धीमें एब्जॉर्ब होता है और ब्लड शुगर स्पाइक नहीं होती। • हाई ग्लाईसेमिक इंडेक्स वाले फल, जिन्हें न खाएं डायबिटीज के मरीज – आम, केला, चीकू, अंगूर, शरीफा• लो और मॉर्डरेट ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फल जो सीमित मात्रा व सही तरीके से खाने पर डायबिटीज के मरीजों के लिए हैं सेफ – सेब, नाशपाती, संतरा, अमरूद और बेरीज। डायबिटीज मरीज यूं खाएं फलफल खाने का सही तरीकाकौन से फल खाने हैं यह जानने के साथ ही यह भी पता होना जरूरी है कि फल किस तरह खाए जाएं। आम तौर पर लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फल डायबिटीज मरीज खा सकते हैं लेकिन यह मायने रखता है कि वे इनका सेवन कितनी बार और किस रूप में कर रहे हैं। जूस, स्मूदी, मिल्कशेक में फलों की शुगर कंसंट्रेट तरीके से शरीर में पहुंचती है और डायबिटीज बढ़ने का खतरा बढ़ जाता है। इससे बेहतर है कि इन्हें सीधे तौर पर खाया जाए ताकि इनका फाइबर भी भरपूर मात्रा में मिल सके। इसके अलावा ज्यादा कार्बोहाइड्रेट वाली हेवी मील के साथ इन्हें खाने से भी नुकसान संभव है। बेहतर है कि इन्हें स्नैक्स की तरह मील से हटकर खाया जाए। इसके साथ ही डायबिटीज के मरीज इन बातों का भी ध्यान रख सकते हैं : • फलों को खाने के साथ नहीं स्नैक्स के रूप में, मिड मील के तौर पर या वर्कआउट करने से पहले खाना बेहतर है।• आम तौर पर दिन में 1-2 सर्विंग ही लेनी चाहिए जिसमें 1 सर्विंग 100 ग्राम के बराबर हो।• इन्हें प्रोटीन से भरपूर खाद्यों के साथ लेने से ज्यादा फायदा मिलता है। इसके लिए भुने चने, नट्स, हाई प्रोटीन ग्रीक योगर्ट लिए जा सकते हैं। तो ड्रायफ्रूट्स का क्या? डायबिटीज के मरीजों के लिए ड्रायडफ्रूट्स कितने सही?सच तो ये है कि सुपर हेल्दी माने जाने वाले ड्रायफ्रूट्स से ज्यादा फ्रेश फ्रूट्स डायबिटीज वालों के लिए सेफ हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि ताजे फल जब सूख जाते हैं तब वे ड्रायफ्रूट बन जाते हैं, जिससे उनमें मौजूद शुगर और भी कंसंट्रेट हो जाती है। खजूर और अंजीर इसका क्लासिक उदाहरण हैं, जिन्हें सुपरफ्रूड की तरह माना जाता है। ड्रायफ्रूट कम मात्रा में खाने पर भी ज्यादा कैलोरी मिलती है, लेकिन साथ ही ब्लड शुगर भी तेजी से बढ़ती है, जो डायबिटीज से पीड़ित व्यक्ति के लिए बिल्कुल सही नहीं। इनके मुकाबले ताजा फलों का सेवन डायबिटीज के मरीजों के लिए ज्यादा बेहतर होता है क्योंकि इस तरह उन्हें एक बार की सर्विंग में बेहतर हायड्रेशन मिलता है, पेट भरता है और ग्लाइसेमिक इंडेक्स भी कम रहता है। ध्यान देने वाली बात ये भी है कि ड्रायफ्रूट के सेवन से वो विटामिन नहीं मिल पाते जो फल के सूखने की प्रक्रिया में नष्ट हो चुके हों। यही वजह है कि इनसे भरपूर पोषण की उम्मीद नहीं की जा सकती। इसलिए भी फ्रेश फ्रूट्स बेहतर विकल्प बनकर सामने आते हैं।अगर खाने हैं ये फल मौसमी फल ताजगी, स्वाद और पोषण से भरपूर होते हैं। अगर आपको गर्मियों के वे फल पसंद हैं जो हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले होते हैं, तो आपको मन मारने की जरूरत नहीं है। बस कुछ बातों का ध्यान रखते हुए डायबिटीज के मरीज आम, तरबूज जैसे फल का सकते हैं: • कम मात्रा में स्नैक्स के रूप में इनका सेवन करें, भोजन के आगे पीछे इन्हें खाने से बचें।• बेहतर शुगर कंट्रोल के लिए इन्हें हाई प्रोटीन वाले खाद्यों के साथ लें।• एक साथ कई हाई ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले फल न खाएं। हालांकि, सबसे सेफ यही होगा कि डाइट में इन्हें शामिल करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें और उनके निर्देशों का पूरी तरह से पालन करें। साथ ही अगर इन फलों को खाने पर असहजता या किसी अन्य तरह की परेशानी हो, या शुगर एकदम से बहुत स्पाइक हो जाए, तो तुरंत एक्सपर्ट से कनेक्ट करें।

संजय कपूर की प्रॉपर्टी विवाद में नया मोड़, कोर्ट पहुंचीं प्रिया कपूर लगाई ये अर्जी…

नई दिल्ली(New Delhi)। दिवंगत बिजनेसमैन संजय कपूर की संपत्ति को लेकर चल रहा कानूनी विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। इस मामले में अब नया मोड़ तब आया जब उनकी पत्नी प्रिया कपूर ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। प्रिया कपूर ने कोर्ट से पहले दिए गए अंतरिम आदेश में स्पष्टता (clarification) की मांग की है। साथ ही उन्होंने अनुरोध किया है कि उन्हें कुछ बैंक खातों से पैसे निकालने की अनुमति दी जाए, ताकि बच्चों समायरा कपूर और कियान कपूर की पढ़ाई और अन्य जरूरी खर्च पूरे किए जा सकें। इसके अलावा उन्होंने कुछ विदेशी जॉइंट बैंक खातों को ऑपरेट करने की भी अनुमति मांगी है। यह मामला तब शुरू हुआ था जब करिश्मा कपूर और संजय कपूर के बच्चों समायरा और कियान ने कोर्ट में याचिका दाखिल कर अपने पिता की संपत्ति को सुरक्षित रखने की मांग की थी। बच्चों की ओर से यह दावा किया गया कि संजय कपूर की कथित वसीयत संदिग्ध है और उसकी गहन जांच होनी चाहिए। इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने संपत्तियों को लेकर अंतरिम आदेश जारी करते हुए सभी संपत्तियों पर रोक लगा दी थी, ताकि मामले के अंतिम फैसले तक संपत्ति सुरक्षित रहे। हालांकि कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया था कि बच्चों की शिक्षा और जरूरी खर्चों के लिए धन का उपयोग किया जा सकता है। अब प्रिया कपूर की नई अर्जी के बाद इस हाई-प्रोफाइल प्रॉपर्टी विवाद में एक और कानूनी मोड़ जुड़ गया है, जिस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

अब नहीं आएगा ऑयल का असर: ऑयली स्किन के लिए बेस्ट प्राइमर टिप्स

नई दिल्ली । ऑयली स्किन वालों के लिए मेकअप को लंबे समय तक टिकाए रखना हमेशा एक बड़ी चुनौती होती है। चेहरे पर अतिरिक्त तेल (sebum) निकलने के कारण फाउंडेशन जल्दी पिघलने लगता है, मेकअप केक जैसा दिखने लगता है और लुक खराब हो जाता है। ऐसे में एक अच्छा Primer मेकअप रूटीन का सबसे अहम हिस्सा बन जाता है, जो त्वचा और मेकअप के बीच एक स्मूद लेयर बनाकर पूरे लुक को लंबे समय तक फ्रेश बनाए रखता है। ऑयली स्किन के लिए सबसे बेहतर प्राइमर वे माने जाते हैं जो मैटिफाइंग (Mattifying) होते हैं। ये त्वचा से निकलने वाले अतिरिक्त तेल को कंट्रोल करते हैं और चेहरे को एक सॉफ्ट, शाइन-फ्री फिनिश देते हैं। खासकर सिलिकॉन-बेस्ड प्राइमर, स्किन के पोर्स को ब्लर करके एक फ्लॉलेस बेस तैयार करते हैं, जिससे फाउंडेशन बेहतर तरीके से सेट हो जाता है। आजकल मार्केट में जेल-बेस्ड प्राइमर भी काफी लोकप्रिय हैं, जो हल्के होते हैं और त्वचा पर चिपचिपापन नहीं छोड़ते। ये प्राइमर गर्म और ह्यूमिड मौसम में भी मेकअप को लंबे समय तक टिकाए रखते हैं। इसके अलावा, ऑयल-फ्री फॉर्मूला वाले प्राइमर भी ऑयली स्किन के लिए बेहद उपयोगी साबित होते हैं क्योंकि ये अतिरिक्त चमक को कम करते हैं और स्किन को बैलेंस करते हैं। मेकअप आर्टिस्ट्स के अनुसार, प्राइमर लगाने से पहले चेहरे को अच्छे से साफ करना और टोनर या हल्का मॉइस्चराइजर लगाना जरूरी होता है। इसके बाद थोड़ी मात्रा में प्राइमर लेकर चेहरे के T-Zone यानी माथा, नाक और ठोड़ी पर अच्छी तरह ब्लेंड करना चाहिए, क्योंकि यहीं से सबसे ज्यादा ऑयल निकलता है। सही तरीके से लगाया गया प्राइमर मेकअप की लाइफ को कई घंटे तक बढ़ा सकता है। इसके अलावा, कुछ प्राइमर ऐसे भी होते हैं जिनमें स्किन-केयर इंग्रीडिएंट्स जैसे एलोवेरा, ग्रीन टी और विटामिन E शामिल होते हैं, जो त्वचा को शांत रखने के साथ-साथ पोषण भी देते हैं। यह ऑयली स्किन वालों के लिए डबल बेनिफिट देता है—एक तरफ मेकअप सेट रहता है और दूसरी तरफ स्किन हेल्दी भी बनी रहती है। आज के समय में बढ़ते प्रदूषण और गर्मी के कारण ऑयली स्किन की समस्या और भी आम हो गई है। ऐसे में सही प्राइमर का चुनाव न सिर्फ मेकअप को परफेक्ट बनाता है, बल्कि आत्मविश्वास भी बढ़ाता है। अगर आप दिनभर ऑफिस, कॉलेज या किसी फंक्शन में रहते हैं, तो एक अच्छा मैट प्राइमर आपका ब्यूटी गार्ड बन सकता है। निष्कर्ष यही है कि ऑयली स्किन के लिए सही प्राइमर चुनना कोई लक्जरी नहीं बल्कि जरूरत है, जो आपके पूरे मेकअप लुक को लंबे समय तक टिकाए रखने में मदद करता है और चेहरे को बिना ऑयल के फ्रेश और ग्लोइंग बनाए रखता है।

अमिताभ बच्चन की मल्टी-रोल फिल्म क्यों नहीं चली? जानें दिलचस्प कहानी

नई दिल्ली। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन ने अपने करियर में कई यादगार और प्रयोगात्मक किरदार निभाए हैं, लेकिन उनकी एक फिल्म ऐसी भी रही जिसमें उन्होंने एक नहीं बल्कि तीन-तीन भूमिकाएं निभाईं। यह फिल्म थी साल 1983 में रिलीज हुई ‘महान’, जिसे भले ही आज एक दिलचस्प कॉन्सेप्ट वाली फिल्म माना जाता है, लेकिन रिलीज के समय यह बॉक्स ऑफिस पर उम्मीदों पर खरी नहीं उतर सकी और फ्लॉप साबित हुई। इस फिल्म की खास बात यह थी कि अमिताभ बच्चन ने इसमें एक साथ पिता और दो बेटों का किरदार निभाया था। उन्होंने राणा रणवीर, गुरु और इंस्पेक्टर शंकर जैसे तीन अलग-अलग रोल निभाए, जो कहानी को एक अनोखा मोड़ देते हैं। हर किरदार का अलग स्वभाव और अलग अंदाज दर्शकों को एक नया अनुभव देने की कोशिश करता है, लेकिन इसके बावजूद फिल्म दर्शकों को थिएटर तक खींचने में सफल नहीं हो पाई। ‘महान’ की कहानी एक एक्शन-थ्रिलर फैमिली ड्रामा के रूप में पेश की गई थी, जिसका निर्देशन एस. रामनाथन ने किया था, जबकि इसकी पटकथा मशहूर लेखक कादर खान ने लिखी थी। फिल्म में सिर्फ अमिताभ बच्चन ही नहीं बल्कि उस दौर के कई बड़े सितारे भी नजर आए थे, जिनमें जीनत अमान, अशोक कुमार, वहीदा रहमान, परवीन बाबी, अमजद खान, अरुणा ईरानी और शक्ति कपूर जैसे नाम शामिल थे। इतनी बड़ी स्टारकास्ट के बावजूद फिल्म को बॉक्स ऑफिस पर अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी। रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म का बजट लगभग 2.50 करोड़ रुपये था, जबकि इसने भारत और विदेशों से मिलाकर करीब 4.1 करोड़ रुपये की कमाई की थी। हालांकि कमाई हुई, लेकिन लागत और उम्मीदों के मुकाबले यह प्रदर्शन कमजोर रहा, जिसके कारण इसे फ्लॉप फिल्मों की श्रेणी में रखा गया। रोचक बात यह भी है कि इस फिल्म के लिए पहली पसंद जीतेंद्र थे। कहा जाता है कि किसी कारणवश जब जीतेंद्र उपलब्ध नहीं हो सके, तब उनके अनुरोध पर यह फिल्म अमिताभ बच्चन के हिस्से आई और उन्होंने इस चुनौतीपूर्ण डबल से भी ज्यादा ट्रिपल रोल को स्वीकार किया। आज के समय में ‘महान’ को एक प्रयोगात्मक फिल्म के रूप में देखा जाता है, जिसमें अमिताभ बच्चन की अभिनय क्षमता का अलग ही रूप देखने को मिलता है। फिल्म की IMDb रेटिंग 6 के आसपास बताई जाती है और यह आज भी ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर देखी जा सकती है। हालांकि बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म सफल नहीं हो सकी, लेकिन अमिताभ बच्चन के करियर में यह फिल्म उनके उस दौर की याद दिलाती है जब वे लगातार नए और चुनौतीपूर्ण किरदारों के साथ प्रयोग कर रहे थे और अपने अभिनय से इंडस्ट्री में एक अलग पहचान बना रहे थे।

सलमान खान के वायरल वीडियो पर माहिरा खान का रिएक्शन, सोशल मीडिया में चर्चा

नई दिल्ली। बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनकी कोई फिल्म नहीं बल्कि अस्पताल के बाहर पैपराजी पर उनका गुस्सा है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस वीडियो में सलमान खान को उस वक्त बेहद नाराज देखा गया जब वह मुंबई के हिंदुजा अस्पताल से बाहर निकल रहे थे और वहां मौजूद फोटोग्राफर्स लगातार जोर-जोर से शोर मचा रहे थे। शोर-शराबे और अव्यवस्था से परेशान होकर सलमान खान का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने इशारों में पैपराजी से सख्त नाराजगी जाहिर की। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। कई लोग सलमान खान के इस व्यवहार को सही ठहरा रहे हैं तो कुछ इसे पैपराजी कल्चर से जोड़कर देख रहे हैं। सलमान का यह वीडियो वायरल होते ही मनोरंजन जगत में भी इस पर प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। इसी बीच एक बड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है पाकिस्तानी फिल्म इंडस्ट्री की मशहूर एक्ट्रेस माहिरा खान की, जिन्होंने सलमान खान के इस वीडियो पर अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए प्रतिक्रिया दी। माहिरा खान ने सलमान खान का वही गुस्से वाला वीडियो शेयर करते हुए लिखा “यार सल्लू…” और साथ में एक इमोशनल इमोजी भी लगाया, जिससे साफ जाहिर होता है कि उन्होंने सलमान के गुस्से को हल्के अंदाज में समझते हुए उनके समर्थन में रिएक्शन दिया है। माहिरा खान का यह रिएक्शन भी तेजी से वायरल हो रहा है और सोशल मीडिया पर लोग इस पर अपनी-अपनी राय दे रहे हैं। कई यूजर्स इसे सलमान खान के प्रति सपोर्ट मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे सिर्फ एक हल्का-फुल्का रिएक्शन बता रहे हैं। लेकिन इतना तय है कि माहिरा खान की इस स्टोरी ने इस पूरे विवाद को और ज्यादा चर्चा में ला दिया है। दूसरी ओर, सलमान खान ने भी इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कई पोस्ट शेयर किए। इन पोस्ट में उन्होंने अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर पैपराजी के व्यवहार पर सवाल उठाए और अपने गुस्से को खुलकर सामने रखा। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने हमेशा मीडिया का सम्मान किया है, लेकिन इस तरह की स्थिति में संवेदनशीलता जरूरी है। सलमान खान के इन पोस्ट के बाद इंडस्ट्री के कई सेलेब्रिटीज और सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स ने भी उनका समर्थन किया है। कई लोगों ने कहा कि अस्पताल जैसे स्थान पर शांति और संवेदनशीलता बनाए रखना जरूरी है और पैपराजी कल्चर की सीमाएं तय होनी चाहिए। कुल मिलाकर, सलमान खान और माहिरा खान से जुड़ा यह मामला अब सोशल मीडिया पर चर्चा का बड़ा विषय बन गया है, जहां एक तरफ स्टार्स की प्राइवेसी को लेकर बहस तेज है, वहीं दूसरी तरफ पैपराजी कल्चर पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

ज्योतिष टिप्स: गुरुवार को करें ये उपाय, दूर होगा गुरु ग्रह का प्रभाव

नई दिल्ली।  गुरुवार का दिन हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और शुभ माना जाता है क्योंकि यह दिन देवताओं के गुरु बृहस्पति देव और भगवान श्रीहरि विष्णु को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा-अर्चना, व्रत और मंत्र जाप करने से कुंडली में मौजूद गुरु दोष समाप्त हो जाते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का मार्ग खुलने लगता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, बृहस्पति ग्रह को ज्ञान, भाग्य, धन, विवाह और करियर का कारक माना जाता है। ऐसे में यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में बृहस्पति कमजोर हो तो जीवन में कई प्रकार की बाधाएं उत्पन्न होने लगती हैं, लेकिन गुरुवार के विशेष उपाय इन समस्याओं को दूर करने में अत्यंत प्रभावी माने गए हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गुरुवार के दिन भगवान विष्णु के द्वादशाक्षर मंत्र “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” का जाप अत्यंत फलदायी माना गया है। कहा जाता है कि इस मंत्र के नियमित जाप से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होने लगती हैं, चाहे वह स्वास्थ्य से जुड़ी हों, आर्थिक स्थिति से संबंधित हों या मानसिक शांति की आवश्यकता हो। यह मंत्र न केवल जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है बल्कि व्यक्ति के भाग्य को भी मजबूत बनाता है। इसके अलावा विष्णु गायत्री मंत्र “ॐ नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्” का जाप करने से जीवन में आने वाली बाधाएं धीरे-धीरे समाप्त होने लगती हैं और व्यक्ति का जीवन समृद्धि की ओर अग्रसर होता है। इसी प्रकार बृहस्पति देव का बीज मंत्र “ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः” ग्रह दोषों को शांत करने में अत्यंत प्रभावी माना गया है। वहीं “ॐ बृं बृहस्पतये नमः” मंत्र का नियमित जाप करने से जीवन में नकारात्मकता दूर होकर सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, जो व्यक्ति नियमपूर्वक गुरुवार के दिन बृहस्पति देव की पूजा करता है और मंत्र जाप करता है, उसकी कुंडली में बृहस्पति ग्रह मजबूत होता है। इसका सीधा प्रभाव उसके जीवन पर पड़ता है और नौकरी तथा व्यापार में तरक्की के नए अवसर प्राप्त होने लगते हैं। अविवाहित लोगों के विवाह के योग बनने लगते हैं, जबकि विवाहित जीवन में आपसी प्रेम और समझ बढ़ती है। मान्यता यह भी है कि गुरुवार का व्रत रखने और भगवान विष्णु की पूजा करने से दांपत्य जीवन की समस्याएं दूर होती हैं और पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहती है। इसके साथ ही आर्थिक संकट दूर होकर धन-समृद्धि में वृद्धि होती है और समाज में मान-सम्मान भी बढ़ता है। कुल मिलाकर गुरुवार के ये सरल लेकिन प्रभावशाली उपाय व्यक्ति के जीवन को सकारात्मक दिशा देने में सहायक माने गए हैं। नियमित श्रद्धा और विश्वास

फटकार के बाद सलमान खान से पैपराजी ने मांगी माफी, एक्‍टर ने दिया ये रिएक्शन..

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता सलमान ख़ान इन दिनों सोशल मीडिया पर लगातार चर्चा में बने हुए हैं। हाल ही में पैपराजी पर नाराजगी जताने के बाद अब उनका एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें माहौल पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। वीडियो में पैपराजी सलमान खान से माफी मांगते दिखाई दे रहे हैं, जबकि अभिनेता भी काफी खुश और शांत नजर आए। वायरल वीडियो में दिखा बदला हुआ माहौलसोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में देखा जा सकता है कि सलमान खान अपनी कार से उतरते हैं और कैमरों के सामने रुककर पोज देते हैं। इस दौरान वहां मौजूद पैपराजी उनसे माफी मांगने लगते हैं। एक फोटोग्राफर ने कहा, “भाईजान, कल के लिए सॉरी।” वहीं दूसरे ने कहा, “भाईजान, हम आपको बहुत प्यार करते हैं।” सलमान खान ने इस दौरान मुस्कुराते हुए सबकी बात सुनी। तभी अभिनेता रितेश देशमुख भी वहां पहुंचे और सलमान खान से गले मिलते नजर आए। दोनों सितारों की मुलाकात ने भी फैंस का ध्यान खींचा। अस्पताल के बाहर पैपराजी पर नाराज हुए थे सलमानदरअसल, मंगलवार देर रात सलमान खान हिंदुजा अस्पताल पहुंचे थे। वहां मौजूद पैपराजी उन्हें देखते ही जोर-जोर से “भाई-भाई” कहकर आवाज लगाने लगे और लगातार तस्वीरें लेने लगे। इस दौरान सलमान खान नाराज हो गए थे। उन्होंने पैपराजी को फटकार लगाते हुए कहा था कि अगर उनके परिवार का कोई सदस्य अस्पताल में भर्ती होता, तो क्या वे ऐसी ही प्रतिक्रिया देते? उनकी नाराजगी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। रात 3 बजे सलमान ने शेयर किए पोस्टघटना के बाद सलमान खान ने देर रात सोशल मीडिया पर लगातार तीन पोस्ट साझा किए। इन पोस्ट में उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर की और पैपराजी को जिम्मेदारी समझने की सलाह दी। एक पोस्ट में उन्होंने लिखा था, “साठ साल का हो गया हूं, लेकिन लड़ना नहीं भूला… ये याद रख लेना। जेल में डालोगे… हा हा…” सलमान के इन पोस्ट्स ने सोशल मीडिया पर काफी सुर्खियां बटोरीं।फिल्मों को लेकर भी चर्चा में हैं भाईजानवर्कफ्रंट की बात करें तो सलमान खान जल्द ही फिल्म मातृभूमि में नजर आने वाले हैं। फिल्म का निर्देशन अपूर्व लाखिया कर रहे हैं। इस फिल्म में उनके साथ चित्रांगदा सिंह मुख्य भूमिका में दिखाई देंगी। इसके अलावा सलमान खान अभिनेत्री नयनतारा के साथ भी एक नई फिल्म पर काम कर रहे हैं। हालांकि, फिल्म के टाइटल का अभी आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक इसकी शूटिंग अप्रैल 2026 से शुरू हो चुकी है।