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Motorola Razr Fold की सेल शुरू: 8.1-इंच डिस्प्ले, Snapdragon 8 Gen 5 और प्रीमियम फीचर्स के साथ फोल्डेबल फोन लॉन्च

नई दिल्ली। Motorola Razr Fold की बिक्री 20 मई से शुरू हो गई है। यह कंपनी का नया बुक-स्टाइल फोल्डेबल स्मार्टफोन है, जिसे पहले MWC 2026 में पेश किया गया था और अब यह मार्केट में उपलब्ध है। दमदार डिस्प्ले और डिजाइनइस फोल्डेबल फोन में 8.1-इंच की बड़ी इनर स्क्रीन और 6.6-इंच का कवर डिस्प्ले दिया गया है। दोनों ही स्क्रीन हाई ब्राइटनेस और स्मूद रिफ्रेश रेट के साथ आती हैं, जिससे फोल्डेबल एक्सपीरियंस और बेहतर हो जाता है। परफॉर्मेंस और हार्डवेयरMotorola Razr Fold में फ्लैगशिप Snapdragon 8 Gen 5 प्रोसेसर दिया गया है, साथ ही इसमें 16GB तक RAM का सपोर्ट मिलता है। कंपनी ने इसमें लंबे समय तक सॉफ्टवेयर अपडेट (7 साल तक) देने का भी दावा किया है। कैमरा और बैटरीफोन में 50MP के ट्रिपल कैमरा सेटअप के साथ प्रीमियम फोटोग्राफी अनुभव मिलता है। इसके अलावा इसमें 6000mAh की बड़ी बैटरी और 80W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट दिया गया है, जो इसे फोल्डेबल कैटेगरी में और भी खास बनाता है। कीमत और ऑफर्सइस फोन की शुरुआती कीमत ₹1,49,999 रखी गई है, जबकि टॉप वेरिएंट ₹1,59,999 तक जाता है। लॉन्च ऑफर में ₹10,000 का फ्लैट डिस्काउंट और ₹10,000 का एक्सचेंज बोनस भी दिया जा रहा है, जिससे प्रभावी कीमत और कम हो जाती है।

Meta Layoffs: वर्क फ्रॉम होम के बाद अचानक छंटनी, 8 हजार कर्मचारियों की नौकरी गई; AI बना बड़ा कारण

नई दिल्ली। Meta Platforms में एक बार फिर बड़े पैमाने पर छंटनी शुरू हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी ने करीब 8 हजार कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की प्रक्रिया शुरू की, जिसमें सबसे पहले कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम (WFH) का निर्देश दिया गया और उसके बाद अचानक ईमेल के जरिए छंटनी की जानकारी दी गई। कहा जा रहा है कि यह कार्रवाई मेटा के बड़े “वर्कफोर्स रीस्ट्रक्चरिंग” प्लान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य कंपनी को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित छोटे और अधिक प्रभावी ढांचे में बदलना है। पहले WFH, फिर तड़के सुबह ईमेल से नौकरी खत्मरिपोर्ट्स के अनुसार, कंपनी ने कई देशों के कर्मचारियों को अचानक घर से काम करने का निर्देश दिया। इसके बाद अलग-अलग टाइम जोन में तड़के सुबह ईमेल भेजकर छंटनी की जानकारी दी गई। शुरुआती ईमेल सिंगापुर में लगभग सुबह 4 बजे भेजे जाने की बात सामने आई है। AI बना छंटनी का सबसे बड़ा कारणमेटा अब अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव कर रही है और AI-आधारित टीमों पर भारी निवेश कर रही है। कंपनी का फोकस अब छोटी लेकिन हाई-परफॉर्मिंग टीमों पर है। इसी कारण हजारों कर्मचारियों की भूमिका बदली जा रही है और कई पद खत्म किए जा रहे हैं। कंपनी के अनुसार, हजारों कर्मचारियों को नई AI टीमों में शिफ्ट किया जाएगा, जबकि कई खाली पदों को स्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। कंपनी के अंदर बढ़ा तनाव और असंतोषछंटनी की खबरें पहले ही लीक होने के कारण कर्मचारियों के बीच डर और अस्थिरता का माहौल बना हुआ था। रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया कि कुछ कर्मचारियों ने ऑफिस से जरूरी चीजें तक घर ले जाना शुरू कर दिया था। इसके अलावा, कंपनी की कथित निगरानी नीतियों को लेकर भी विवाद सामने आए, जिससे कर्मचारियों में असंतोष और बढ़ गया। पूरी टेक इंडस्ट्री में छंटनी का दौरयह सिर्फ मेटा की कहानी नहीं है, बल्कि पूरी टेक इंडस्ट्री में बड़े बदलाव का हिस्सा है। हाल के महीनों में कई बड़ी कंपनियां भी बड़े पैमाने पर छंटनी कर चुकी हैं, क्योंकि AI और ऑटोमेशन तेजी से पारंपरिक नौकरियों की जगह ले रहे हैं। एक्सपर्ट्स की रायविशेषज्ञों का मानना है कि यह सिर्फ अस्थायी मंदी नहीं, बल्कि टेक इंडस्ट्री में एक बड़ा संरचनात्मक बदलाव है। भविष्य में वही लोग सुरक्षित रहेंगे जो AI सिस्टम को इस्तेमाल करने के साथ-साथ उसे डिजाइन और मैनेज करना जानते हैं।

सावधान: क्या आपके पास भी आया ‘Microsoft Recovery Code’ वाला मेल? एक क्लिक में हैक हो सकता है अकाउंट

नई दिल्ली। इन दिनों इंटरनेट पर एक नया साइबर स्कैम तेजी से फैल रहा है। “Microsoft Recovery Code” नाम से आने वाले ईमेल लोगों के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं। फेसबुक, रेडिट और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कई यूजर्स ने ऐसे संदिग्ध मेल के स्क्रीनशॉट शेयर किए हैं, जिनमें दावा किया जाता है कि आपके माइक्रोसॉफ्ट अकाउंट के लिए “Single Use Recovery Code” तैयार है। साइबर एक्सपर्ट्स के मुताबिक यह कोई सामान्य मेल नहीं, बल्कि एक खतरनाक फिशिंग स्कैम है। इसका मकसद यूजर्स को डराकर उनके ईमेल अकाउंट, पासवर्ड और निजी जानकारी तक पहुंच बनाना है। माइक्रोसॉफ्ट अकाउंट नहीं है, फिर भी खतरा क्यों?कई लोग सोचते हैं कि जब वे Gmail या किसी दूसरे ईमेल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं, तो उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं। लेकिन असली खतरा यहीं छिपा है। दरअसल, दुनिया की हजारों कंपनियां और बिजनेस अपने ऑफिस ईमेल के लिए Microsoft Outlook और माइक्रोसॉफ्ट सर्वर का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में भले ही आपका ईमेल एड्रेस कंपनी के नाम पर हो, लेकिन बैकएंड माइक्रोसॉफ्ट का हो सकता है। यानी आप भी साइबर ठगों के निशाने पर हो सकते हैं। कैसे काम करता है यह स्कैम?साइबर अपराधी फर्जी रिकवरी कोड वाले ईमेल भेजते हैं। इनमें ऐसे लिंक या अटैचमेंट होते हैं, जिन पर क्लिक करते ही यूजर नकली लॉगिन पेज पर पहुंच जाता है। यहां पासवर्ड डालते ही सारी जानकारी सीधे हैकर्स तक पहुंच जाती है। कई मामलों में ये लिंक डिवाइस में मैलवेयर भी इंस्टॉल कर सकते हैं, जिससे बैंकिंग डिटेल्स, निजी डेटा और ऑफिस की संवेदनशील जानकारी तक चोरी हो सकती है। अगर ऐसा मेल आए तो क्या करें?मेल का जवाब बिल्कुल न दें। किसी भी लिंक या अटैचमेंट पर क्लिक न करें। मेल को तुरंत डिलीट कर दें। अगर गलती से लिंक खुल गया है, तो तुरंत पासवर्ड बदलें। अपने अकाउंट में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) ऑन रखें। केवल आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से ही लॉगिन करें। असली रिकवरी कोड कैसे मिलता है?साइबर विशेषज्ञों के अनुसार माइक्रोसॉफ्ट या कोई भी बड़ी कंपनी बिना रिक्वेस्ट के अचानक रिकवरी कोड नहीं भेजती। असली रिकवरी कोड तभी जनरेट होता है जब यूजर खुद अकाउंट सेटिंग्स में जाकर रिक्वेस्ट करता है या ऑथेंटिकेटर ऐप के जरिए प्रक्रिया पूरी करता है। इसलिए अगली बार अगर आपके इनबॉक्स में “Microsoft Recovery Code” जैसा कोई संदिग्ध मेल आए, तो घबराएं नहीं, बल्कि सतर्क रहें। आपकी एक छोटी सी गलती साइबर ठगों को आपके पूरे डिजिटल अकाउंट तक पहुंच दे सकती है।

कम खर्च में मनाली का सफर: स्मार्ट प्लानिंग से 7–10 हजार में बना सकते हैं परफेक्ट हिल स्टेशन ट्रिप

नई दिल्ली। हिमाचल प्रदेश का खूबसूरत हिल स्टेशन मनाली देश-विदेश के ट्रैवलर्स के बीच हमेशा से लोकप्रिय रहा है। बर्फ से ढकी पहाड़ियां, बहती ब्यास नदी और शांत वातावरण इसे परफेक्ट हिल स्टेशन बनाते हैं। हालांकि, कई लोग मानते हैं कि मनाली घूमना महंगा होगा, लेकिन सही योजना और स्मार्ट बुकिंग से कम बजट में भी इस ट्रिप को यादगार बनाया जा सकता है। कम खर्च में यात्रा करने के लिए सबसे पहले ट्रैवल टाइम का सही चयन करना जरूरी है। ऑफ सीजन यानी जुलाई से सितंबर या जनवरी के बाद का समय बजट ट्रैवल के लिए बेहतरीन माना जाता है। इस समय होटल, बस और अन्य सेवाएं अपेक्षाकृत सस्ती होती हैं। यात्रा की शुरुआत स्मार्ट तरीके से की जाए तो खर्च और भी कम किया जा सकता है। अपने शहर से पहले दिल्ली या चंडीगढ़ तक ट्रेन से पहुंचना सबसे किफायती विकल्प है। यहां से मनाली के लिए सरकारी HRTC और प्राइवेट बसें आसानी से उपलब्ध हैं, जिनका किराया 500 से 1200 रुपये के बीच होता है। आरामदायक यात्रा के लिए Volvo बस का विकल्प भी है, हालांकि वह थोड़ा महंगा पड़ सकता है। रहने के लिए मनाली में बजट होटल और होमस्टे की कोई कमी नहीं है। खासकर Old Manali और आसपास के क्षेत्रों में 500 से 1200 रुपये प्रति रात में अच्छे कमरे मिल जाते हैं। ग्रुप ट्रिप करने पर रूम शेयरिंग से खर्च और भी कम किया जा सकता है। खानपान के लिए लोकल ढाबे और छोटे कैफे बहुत अच्छे विकल्प हैं, जहां 80 से 150 रुपये में भरपेट भोजन मिल जाता है। लोकल खाने का अनुभव न केवल बजट में मदद करता है बल्कि ट्रिप को और भी यादगार बनाता है। मनाली में घूमने के लिए कई फ्री या कम खर्च वाले विकल्प हैं। Mall Road, Hadimba Temple, Vashisht Village और नदी किनारे घूमना बजट ट्रैवलर्स के लिए परफेक्ट है। एडवेंचर स्पॉट्स जैसे Solang Valley और Rohtang Pass जाने के लिए कैब या परमिट लेना पड़ सकता है, लेकिन ग्रुप में खर्च साझा करके इसे भी कम किया जा सकता है। सही योजना और स्मार्ट बुकिंग के साथ 3–4 दिन की मनाली यात्रा 6000 से 12000 रुपये में पूरी की जा सकती है। इसमें ट्रैवल, होटल, खाना और लोकल घूमने की सभी सुविधाएं शामिल हैं। थोड़ी समझदारी और योजना के साथ कम बजट में भी मनाली ट्रिप यादगार और शानदार बनाई जा सकती है। यह उन लोगों के लिए बेहतरीन विकल्प है जो कम खर्च में पहाड़ों की खूबसूरती और बर्फीली वादियों का आनंद लेना चाहते हैं।

अभिनेता आर. माधवन ने वेलनेस ब्रांड की मनमानी पर जताई नाराजगी, कहा- 'कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी'

नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता आर. माधवन इस समय एक वेलनेस ब्रांड के खिलाफ अपनी नाराजगी को लेकर चर्चा में हैं। अभिनेता ने सोशल मीडिया पर खुलकर उस कंपनी की आलोचना की, जिसने कथित तौर पर उनके इंटरव्यू की क्लिप का इस्तेमाल अपने प्रचार के लिए किया। माधवन का कहना है कि ब्रांड ने बिना उनकी अनुमति और जानकारी के वीडियो का हिस्सा लिया, जिससे ऐसा लग सकता है कि वह प्रोडक्ट का समर्थन कर रहे हैं। अभिनेता ने इसे गलत बताते हुए कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। बुधवार को माधवन ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर उस ब्रांड की वीडियो पोस्ट का स्क्रीनशॉट साझा किया। वीडियो में उनके इंटरव्यू का हिस्सा ऐसा दिखाया गया था कि आम लोग समझ सकते थे कि माधवन स्वयं उस प्रोडक्ट की तारीफ कर रहे हैं। अभिनेता ने इसे गलत ठहराया और कहा कि इस तरह के कदम जनता का भरोसा तोड़ते हैं। उन्होंने कहा, “इस वीडियो को इस तरह बनाया गया जैसे मैं खुद प्रोडक्ट का प्रचार कर रहा हूं। इसमें मेरी किसी भी तरह की अनुमति नहीं ली गई। यह शर्मनाक है और लोगों को सही और गलत में फर्क समझने में मुश्किल होती है।” माधवन ने पोस्ट में लंबा कैप्शन लिखते हुए कहा कि यह बेहद दुखद और शर्म की बात है कि कुछ कंपनियां सोचती हैं कि किसी कलाकार के इंटरव्यू या वीडियो को बिना अनुमति प्रचार सामग्री के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इस मामले में कानूनी नोटिस भी भेज दिया गया है। अभिनेता ने लोगों को सलाह दी कि वे ऐसे पेशेवर और कंपनियों से सतर्क रहें। आर. माधवन के इस कदम के बाद सोशल मीडिया पर उनके समर्थन में कई लोग सामने आए। लोग उनकी नाराजगी और चेतावनी को सही मानते हुए ब्रांड की मनमानी पर सवाल उठा रहे हैं। मामला न केवल मीडिया में बल्कि जनता के बीच भी चर्चा का विषय बन गया है, और विशेषज्ञ इस तरह की मनमानी को कलाकारों और आम जनता दोनों के लिए गंभीर चेतावनी मान रहे हैं। इस घटना से यह साफ हो गया है कि बिना अनुमति किसी की व्यक्तिगत या पेशेवर सामग्री का इस्तेमाल करना गंभीर अनुचित है, और कलाकार इस तरह की हरकतों के खिलाफ सख्त कदम उठा सकते हैं। माधवन ने न केवल कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है बल्कि लोगों को जागरूक करने की भी कोशिश की है, जिससे भविष्य में इस तरह की मनमानी पर रोक लगे।

भारत की पहली एडल्ट फिल्म में मधुबाला का रोल, रिलीज से पहले ही मचा था बवाल, अभिनेत्री ने कभी नहीं देखी अपनी ही फिल्म

नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा की अमर और पाकिज़ा अभिनेत्रियों में से एक मधुबाला ने अपने संक्षिप्त लेकिन प्रभावशाली करियर में कई ऐसी फिल्में दीं, जो आज भी दर्शकों के दिलों में जिंदा हैं। उनकी सुंदरता और अभिनय क्षमता ने हमेशा स्क्रीन पर उपस्थित होने वाले हर दृश्य को यादगार बना दिया। लोग उनके किरदारों और फिल्मों को आज भी बड़े ही उत्साह और श्रद्धा के साथ याद करते हैं। हालांकि, उनके करियर में एक ऐसी फिल्म भी थी, जिसने रिलीज होने से पहले ही विवाद और चर्चा का केंद्र बन गई। यह फिल्म थी साल 1950 में रिलीज़ हुई ‘हंसते आंसू’, जिसे भारतीय सिनेमा की पहली एडल्ट फिल्म के रूप में जाना गया। मधुबाला ने इस फिल्म में काम किया तब उनकी उम्र केवल 16 साल थी। फिल्म को सेंसर बोर्ड ने ए सर्टिफिकेट दिया, और यही उस समय के लिए एक नई और विवादास्पद पहल थी। इस फिल्म का नाम डबल मीनिंग माना गया और कथानक में घरेलू हिंसा के दृश्य दिखाए जाने के कारण इसे लेकर काफी हंगामा हुआ। सेंसर बोर्ड द्वारा दिए गए इस सर्टिफिकेट के बाद भी, मधुबाला खुद अपनी ही फिल्म देखने के लिए तैयार नहीं थीं। यह तथ्य इस बात को दर्शाता है कि उनकी संवेदनशीलता और पेशेवर नैतिकता कितनी प्रबल थी, क्योंकि उन्होंने केवल अभिनय पर ध्यान केंद्रित किया और विवाद को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। फिल्म का निर्देशन केबी लाल ने किया था और इसके अलावा मोतीलाल, गोप और मनोरमा जैसे कलाकारों ने भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिकाएँ निभाईं। फिल्म की कहानी में फैमिली ड्रामा के तत्व थे, लेकिन उस समय के सामाजिक और सांस्कृतिक संदर्भों के कारण इसे ए सर्टिफिकेट दिया गया। फिल्म के टाइटल और कंटेंट को लेकर विवाद इतना बढ़ा कि यह भारतीय सिनेमा के इतिहास में ऐतिहासिक घटना बन गई। यह फिल्म ए सर्टिफिकेट की शुरुआत का प्रतीक भी मानी जाती है और यह दर्शाती है कि भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में समय-समय पर किस प्रकार सेंसरशिप और नैतिकता के सवाल उठते रहे हैं। मधुबाला की अभिनय क्षमता ने इस विवादित फिल्म में भी अपनी चमक बनाए रखी। उनके प्रदर्शन ने दर्शकों को यह साबित कर दिया कि वे केवल खूबसूरत नहीं थीं, बल्कि चुनौतीपूर्ण भूमिकाओं को निभाने में भी सक्षम थीं। ‘हंसते आंसू’ न केवल उनके करियर के लिए महत्वपूर्ण थी, बल्कि इसने भारतीय सिनेमा में ए सर्टिफिकेट के प्रचलन और फिल्मों के सामाजिक प्रभाव पर भी महत्वपूर्ण प्रभाव डाला। यह फिल्म मधुबाला की कला और उनकी पेशेवर प्रतिबद्धता का प्रतीक बनी, और इसने उन्हें भारतीय सिनेमा में अमर और यादगार बना दिया। समग्र रूप से देखा जाए, तो ‘हंसते आंसू’ सिर्फ एक फिल्म नहीं थी, बल्कि उस समय की सामाजिक, सांस्कृतिक और सेंसरशिप से जुड़ी चुनौतियों का दस्तावेज़ भी थी। मधुबाला ने अपनी कम उम्र के बावजूद इस फिल्म में काम करके यह साबित किया कि प्रतिभा और संवेदनशीलता का मेल किसी भी विवाद या चुनौती को मात दे सकता है। यह फिल्म उनके करियर की एक यादगार उपलब्धि के रूप में हमेशा सिनेमा प्रेमियों के दिलों में जीवित रहेगी।

गर्मी में स्मार्टफोन पर खतरा: फोन कवर में रखी ये चीजें बन सकती हैं ओवरहीटिंग और ब्लास्ट का कारण

नई दिल्ली। गर्मी का मौसम सिर्फ इंसानों के लिए ही नहीं बल्कि स्मार्टफोन के लिए भी काफी खतरनाक साबित हो सकता है। तेज धूप और बढ़ते तापमान के बीच अगर फोन का सही तरीके से ध्यान न रखा जाए तो यह ओवरहीट होकर खराब हो सकता है और कई बार बैटरी से जुड़ी गंभीर समस्याएं भी सामने आ सकती हैं। टेक एक्सपर्ट्स के अनुसार फोन कवर के अंदर रखी कुछ सामान्य दिखने वाली चीजें भी इस खतरे को और बढ़ा देती हैं। अक्सर लोग सुविधा के लिए अपने फोन कवर के पीछे नकद पैसे, नोट, एटीएम कार्ड या छोटे-छोटे कागज रख लेते हैं, लेकिन यही आदत गर्मी में नुकसानदायक साबित हो सकती है। कागज और मोटे कार्ड फोन से निकलने वाली गर्मी को बाहर नहीं निकलने देते, जिससे डिवाइस के अंदर हीट फंस जाती है और फोन तेजी से गर्म होने लगता है। लगातार ओवरहीटिंग से बैटरी पर दबाव बढ़ता है और फोन की लाइफ कम हो जाती है। इसके अलावा एटीएम और क्रेडिट कार्ड भी फोन कवर में रखना सुरक्षित नहीं माना जाता। स्मार्टफोन की लगातार गर्मी और ज्यादा तापमान कार्ड की मैग्नेटिक स्ट्रिप या चिप को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे कई बार कार्ड काम करना बंद कर देते हैं। वहीं कुछ लोग छोटी धातु की चीजें जैसे चाबी, सिम पिन या अन्य मेटल ऑब्जेक्ट भी फोन कवर में रख लेते हैं, जो ज्यादा खतरनाक साबित हो सकते हैं क्योंकि धातु गर्मी को तेजी से बढ़ाती है और शॉर्ट सर्किट का खतरा भी पैदा कर सकती है। इसी तरह पुरानी रसीदें और प्लास्टिक जैसे कवर भी फोन के एयरफ्लो को रोक देते हैं, जिससे गर्मी बाहर नहीं निकल पाती और डिवाइस जरूरत से ज्यादा गर्म हो जाता है। लंबे समय तक ऐसा होने पर बैटरी फूलने और फोन बंद होने जैसी समस्याएं भी देखने को मिल सकती हैं। इतना ही नहीं, खराब क्वालिटी या बहुत मोटा फोन कवर भी गर्मी को बाहर निकलने से रोकता है, खासकर तब जब फोन गेमिंग, वीडियो रिकॉर्डिंग या फास्ट चार्जिंग जैसे हैवी टास्क कर रहा हो। टेक विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी के मौसम में फोन को सीधे धूप से बचाना चाहिए और चार्जिंग के दौरान भारी ऐप्स या गेम्स का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। अगर फोन जरूरत से ज्यादा गर्म लगे तो तुरंत कवर हटा देना चाहिए और उसे कुछ देर ठंडा होने देना चाहिए। साथ ही हमेशा हल्का और हीट रेसिस्टेंट कवर इस्तेमाल करना बेहतर होता है, ताकि फोन की गर्मी आसानी से बाहर निकल सके। कुल मिलाकर थोड़ी सी सावधानी आपके महंगे स्मार्टफोन को बड़े नुकसान से बचा सकती है। इसलिए जरूरी है कि फोन कवर की नियमित जांच की जाए और उसमें रखी अनावश्यक चीजों को तुरंत हटा दिया जाए, वरना लापरवाही भारी पड़ सकती है।

Airtel Priority Postpaid: भारत की पहली 5G नेटवर्क स्लाइसिंग सर्विस लॉन्च, मिलेगा फास्ट और स्टेबल इंटरनेट

नई दिल्ली। Airtel ने भारत में अपनी नई “Priority Postpaid” सर्विस लॉन्च की है, जो 5G नेटवर्क स्लाइसिंग टेक्नोलॉजी पर आधारित है। यह सर्विस यूजर्स को ज्यादा तेज, स्टेबल और प्रायोरिटी इंटरनेट कनेक्टिविटी देने के लिए डिजाइन की गई है। क्या है Priority Postpaid सर्विस?इस नई सर्विस में नेटवर्क स्लाइसिंग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है, जिसमें एक ही नेटवर्क को कई वर्चुअल हिस्सों में बांटा जाता है। इससे प्रीमियम यूजर्स को भीड़भाड़ वाले नेटवर्क में भी बेहतर स्पीड और कनेक्टिविटी मिलती है। यह फीचर खासकर उन लोगों के लिए है जिन्हें दिनभर लगातार हाई-स्पीड इंटरनेट की जरूरत होती है, जैसे वर्क फ्रॉम होम यूजर्स और प्रोफेशनल्स। Airtel Priority Postpaid के प्लान और कीमतAirtel के इस नए ऑफर की शुरुआत ₹499 + GST से होती है और इसमें अलग-अलग फैमिली और बेनिफिट प्लान शामिल हैं— ₹499 प्लान: सिंगल यूजर, प्रायोरिटी 5G + अनलिमिटेड डेटा ₹699 प्लान: 2 फैमिली मेंबर, Amazon Prime और JioHotstar ₹999 प्लान: 3 यूजर, Apple TV+ और Apple Music ₹1199 प्लान: 4 फैमिली मेंबर, सभी प्रायोरिटी बेनिफिट्स ₹1749 प्लान: 5 फैमिली मेंबर, Netflix सहित सभी प्रीमियम सब्सक्रिप्शन कैसे काम करती है नेटवर्क स्लाइसिंग?5G नेटवर्क स्लाइसिंग टेक्नोलॉजी में एक नेटवर्क को कई अलग-अलग हिस्सों (स्लाइस) में बांटा जाता है। एयरटेल इनमें से एक स्लाइस को प्रीमियम यूजर्स के लिए रिजर्व कर सकता है, जिससे नेटवर्क भीड़ के बावजूद बेहतर परफॉर्मेंस मिलती है। एक्स्ट्रा बेनिफिट्सइस सर्विस में यूजर्स को ये अतिरिक्त फायदे भी मिलते हैं— फास्टलेन 5G स्पीड अनलिमिटेड कॉलिंग और डेटा फ्रॉड और स्पैम प्रोटेक्शन 3000 SMS तक सुविधा क्या चाहिए इस सर्विस के लिए?इसका फायदा लेने के लिए यूजर के पास 5G स्मार्टफोन और लेटेस्ट सॉफ्टवेयर अपडेट होना जरूरी है।

हीरो के बराबर फीस और प्राइवेट जेट की मालकिन, 70 के दशक में इस अभिनेत्री ने रचा था इतिहास

नई दिल्ली। भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में सितारों की लग्जरी लाइफस्टाइल हमेशा लोगों के आकर्षण का केंद्र रही है। आज के दौर में जहां बड़े अभिनेता और अभिनेत्रियां प्राइवेट जेट, महंगी कारों और आलीशान घरों के लिए चर्चा में रहते हैं, वहीं कई दशक पहले भी एक ऐसी अभिनेत्री थीं जिन्होंने अपनी शाही जिंदगी और स्टारडम से पूरी इंडस्ट्री को हैरान कर दिया था। यह अभिनेत्री कोई और नहीं बल्कि साउथ सिनेमा की दिग्गज कलाकार केआर विजया थीं, जिन्हें अपने समय की सबसे सफल और प्रभावशाली अभिनेत्रियों में गिना जाता है। बताया जाता है कि केआर विजया देश की पहली ऐसी अभिनेत्री थीं जिनके पास खुद का प्राइवेट जेट था। उस दौर में जब फिल्मी सितारों के लिए लग्जरी सुविधाएं बेहद सीमित हुआ करती थीं, तब उनका निजी विमान से शूटिंग लोकेशन पर पहुंचना लोगों के लिए किसी सपने जैसा माना जाता था। उनकी शानदार जीवनशैली ने उस समय फिल्म इंडस्ट्री में एक नया ट्रेंड स्थापित कर दिया था। यही वजह रही कि उन्हें सिर्फ अभिनय ही नहीं, बल्कि अपने रॉयल अंदाज के लिए भी लंबे समय तक याद किया गया। केआर विजया ने बहुत कम उम्र में अभिनय की दुनिया में कदम रखा था। किशोरावस्था में ही उन्होंने फिल्मों में काम शुरू कर दिया और धीरे-धीरे साउथ सिनेमा की सबसे भरोसेमंद और लोकप्रिय अभिनेत्री बन गईं। उन्होंने तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ फिल्मों में काम करते हुए कई सुपरस्टार कलाकारों के साथ स्क्रीन शेयर की। उनकी खूबसूरती, शांत व्यक्तित्व और प्रभावशाली अभिनय शैली ने उन्हें दर्शकों के बीच अलग पहचान दिलाई। 1970 का दशक उनके करियर का सबसे शानदार दौर माना जाता है। उस समय वह इंडस्ट्री की हाईएस्ट पेड अभिनेत्रियों में शामिल थीं और कई फिल्मों में उन्हें हीरो के बराबर फीस दी जाती थी। उस दौर में किसी अभिनेत्री का पुरुष कलाकारों के समान फीस लेना बेहद बड़ी बात मानी जाती थी। इससे यह साफ झलकता है कि उनकी लोकप्रियता और स्टार वैल्यू कितनी मजबूत थी। केआर विजया को खासतौर पर धार्मिक और पारिवारिक किरदारों के लिए खूब सराहा गया। उन्होंने देवी-देवताओं से जुड़े कई रोल निभाए, जिन्हें दर्शकों ने बेहद पसंद किया। उनकी मुस्कान और स्क्रीन प्रेजेंस इतनी प्रभावशाली थी कि फैंस ने उन्हें एक खास उपनाम तक दे दिया था। फिल्मों में उनका शांत और गरिमामय व्यक्तित्व उन्हें दूसरी अभिनेत्रियों से अलग बनाता था। करीब पांच दशकों से ज्यादा लंबे करियर में उन्होंने 500 से अधिक फिल्मों में काम किया और बाद में टीवी की दुनिया में भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। उनकी लोकप्रियता सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं रही, बल्कि वह सादगी और अनुशासन की मिसाल भी मानी गईं। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि इंसान जितना स्वाभाविक और सरल रहेगा, उतना लंबे समय तक लोगों के दिलों में बना रहेगा। आज भी केआर विजया का नाम भारतीय सिनेमा की उन चुनिंदा अभिनेत्रियों में लिया जाता है जिन्होंने अपने दम पर स्टारडम, सम्मान और लग्जरी लाइफस्टाइल का नया अध्याय लिखा।

mAadhaar ऐप हो सकता है बंद? नया Aadhaar App देगा ज्यादा सिक्योरिटी और प्राइवेसी फीचर्स

नई दिल्ली। UIDAI ने नए Aadhaar App को लेकर बड़ा अपडेट पेश किया है, जिसमें यूजर्स की सुरक्षा और प्राइवेसी को पहले से ज्यादा मजबूत बनाने पर फोकस किया गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आने वाले समय में पुराना mAadhaar ऐप धीरे-धीरे रिप्लेस किया जा सकता है, हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। नए Aadhaar App में क्या खास है?नया ऐप पूरी तरह से डिजिटल पहचान को सुरक्षित और आसान बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। इसमें कई नए फीचर्स जोड़े गए हैं— QR कोड आधारित Aadhaar शेयरिंग, जिससे पूरा आधार नंबर शेयर करने की जरूरत नहीं पड़ेगी Selective Share फीचर, जिसमें यूजर तय कर सकता है कौन-सी जानकारी दिखानी है ऑफलाइन QR वेरिफिकेशन, बिना इंटरनेट के भी पहचान सत्यापन संभव 13 भारतीय भाषाओं का सपोर्ट, जिससे ज्यादा लोगों तक पहुंच आसान होगी बायोमेट्रिक सुरक्षा होगी और मजबूतनए ऐप में बायोमेट्रिक लॉक फीचर दिया गया है, जिससे फिंगरप्रिंट, फेस और आइरिस डेटा को लॉक या अनलॉक किया जा सकता है। यह फीचर गलत इस्तेमाल से बचाने में मदद करेगा। फैमिली प्रोफाइल फीचर भी मिलेगाइस ऐप में एक नया फैमिली मैनेजमेंट सिस्टम जोड़ा गया है, जिसमें एक अकाउंट से 5 तक परिवार के सदस्यों के Aadhaar प्रोफाइल मैनेज किए जा सकते हैं। नया Aadhaar App कैसे सेट करें?यूजर्स को नया ऐप सेटअप करने के लिए कुछ आसान स्टेप्स फॉलो करने होंगे— Google Play Store या App Store से नया Aadhaar App डाउनलोड करें भाषा चुनें और मोबाइल नंबर से रजिस्ट्रेशन करें Aadhaar नंबर और OTP वेरिफिकेशन पूरा करें फेस ऑथेंटिकेशन करें 6 अंकों का पासवर्ड सेट करें mAadhaar यूजर्स के लिए क्या बदलाव?फिलहाल यह साफ नहीं है कि पुराना mAadhaar ऐप का डेटा अपने आप नए ऐप में ट्रांसफर होगा या नहीं। ऐसे में यूजर्स को नया ऐप सेटअप दोबारा करना पड़ सकता है।