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सुबह के नाश्ते की आसान और हेल्दी शुरुआत: झटपट बनने वाला वेजिटेबल उपमा, स्वाद और सेहत का परफेक्ट मेल

नई दिल्ली ।  लंबी यात्रा का नाम सुनते ही जहां कुछ लोगों के चेहरे पर उत्साह आ जाता है, वहीं कई लोगों के लिए सफर एक बड़ी परेशानी बन जाता है। कार, बस या पहाड़ी रास्तों पर सफर करते समय उल्टी, चक्कर, घबराहट और जी मिचलाने जैसी समस्याएं कई यात्रियों को परेशान करती हैं। इस स्थिति को सामान्य भाषा में मोशन सिकनेस कहा जाता है। यह समस्या न केवल यात्रा का आनंद खराब कर देती है, बल्कि कई बार लोगों को सफर करने से भी डर लगने लगता है। हालांकि, कुछ आसान घरेलू उपायों को अपनाकर इस परेशानी को काफी हद तक कम किया जा सकता है। मोशन सिकनेस आमतौर पर तब होती है जब आंखों और दिमाग के बीच तालमेल बिगड़ जाता है। चलते वाहन में शरीर एक तरह की गति महसूस करता है, जबकि दिमाग उसे अलग तरीके से समझता है। इसी कारण घबराहट, चक्कर और उल्टी जैसी दिक्कतें शुरू हो जाती हैं। लेकिन यदि सफर से पहले और दौरान कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखा जाए, तो यात्रा काफी आरामदायक बन सकती है। अदरक को इस समस्या का सबसे प्रभावी घरेलू उपाय माना जाता है। इसमें मौजूद प्राकृतिक गुण पेट को शांत रखने में मदद करते हैं और जी मिचलाने की समस्या को कम करते हैं। सफर पर निकलने से पहले अदरक वाली चाय पीना या अदरक का छोटा टुकड़ा चबाना फायदेमंद साबित हो सकता है। कई लोग अदरक की टॉफी या कैंडी का इस्तेमाल भी करते हैं, जिससे यात्रा के दौरान राहत मिलती है। नींबू और काला नमक भी सफर के दौरान काफी लाभकारी माने जाते हैं। नींबू की खुशबू और उसका स्वाद पेट को आराम देता है। यात्रा के दौरान यदि जी मिचलाने लगे तो नींबू के टुकड़े पर थोड़ा काला नमक लगाकर चूसने से तुरंत राहत महसूस हो सकती है। यह तरीका खासतौर पर पहाड़ी रास्तों में बेहद कारगर माना जाता है। विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि खाली पेट सफर करने से बचना चाहिए। कई लोग यह सोचकर बिना कुछ खाए यात्रा पर निकल जाते हैं कि इससे उल्टी नहीं होगी, लेकिन वास्तव में खाली पेट होने से परेशानी और बढ़ सकती है। सफर से पहले हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन करना बेहतर माना जाता है। तला-भुना और अधिक मसालेदार भोजन से दूरी बनाना भी जरूरी है। सही सीट का चुनाव भी मोशन सिकनेस को कम करने में अहम भूमिका निभाता है। कार या बस में आगे की सीट पर बैठने से शरीर को कम झटके महसूस होते हैं। साथ ही बाहर के दृश्यों को देखने से दिमाग और आंखों के बीच बेहतर तालमेल बना रहता है, जिससे चक्कर और घबराहट कम होती है। सफर के दौरान लगातार मोबाइल देखने या किताब पढ़ने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे परेशानी बढ़ सकती है। ताजी हवा लेना भी बेहद जरूरी है। बंद खिड़कियां, तेज गंध और घुटन भरा माहौल कई बार उल्टी की समस्या को बढ़ा देते हैं। ऐसे में वाहन की खिड़की थोड़ा खुला रखना या बीच-बीच में ताजी हवा लेना राहत पहुंचा सकता है। अगर किसी व्यक्ति को हर यात्रा में गंभीर मोशन सिकनेस की समस्या होती है, तो डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी हो सकता है। कुछ मामलों में दवाओं की जरूरत भी पड़ सकती है। सही सावधानी और घरेलू उपायों के जरिए सफर को आरामदायक और आनंददायक बनाया जा सकता है।

विजय के मुख्यमंत्री बनने पर पहली बार बोले रजनीकांत, कहा- जलन नहीं, सिर्फ सम्मान और शुभकामनाएं

नई दिल्ली ।  तमिलनाडु की राजनीति और फिल्म जगत में उस समय नई चर्चा शुरू हो गई जब सुपरस्टार रजनीकांत ने मुख्यमंत्री बने विजय को लेकर चल रही तमाम अफवाहों पर पहली बार खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी। लंबे समय से सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में यह दावा किया जा रहा था कि विजय की ऐतिहासिक जीत के बाद रजनीकांत असहज महसूस कर रहे हैं। अब इन चर्चाओं पर विराम लगाते हुए रजनीकांत ने साफ शब्दों में कहा कि उनके मन में विजय के लिए किसी प्रकार की जलन नहीं है, बल्कि वे उनकी उपलब्धि से प्रभावित और खुश हैं। चेन्नई स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत करते हुए रजनीकांत ने कहा कि अगर वे इन अफवाहों पर चुप रहते, तो लोग इन्हें सच मान लेते। उन्होंने कहा कि राजनीति और व्यक्तिगत रिश्तों को अलग नजरिए से देखना चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव परिणाम आने के बाद उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री से मुलाकात की थी, जिसे लेकर कई तरह की बातें बनाई गईं, लेकिन वह मुलाकात केवल व्यक्तिगत संबंधों और सम्मान के आधार पर थी। रजनीकांत ने उन आरोपों का भी जवाब दिया जिनमें कहा जा रहा था कि उन्होंने विजय को मुख्यमंत्री बनने पर बधाई नहीं दी। उन्होंने बताया कि उन्होंने पहले ही सार्वजनिक रूप से विजय को शुभकामनाएं दे दी थीं और उनके मन में नई सरकार के लिए सकारात्मक सोच है। सुपरस्टार ने कहा कि किसी व्यक्ति की सफलता से जलन रखना उनकी सोच नहीं है और वे हमेशा प्रतिभा और मेहनत का सम्मान करते हैं। बातचीत के दौरान रजनीकांत ने हल्के-फुल्के अंदाज में यह भी कहा कि अगर उनके करीबी मित्र कमल हासन मुख्यमंत्री बनते, तो शायद मजाक में थोड़ी जलन महसूस होती, लेकिन विजय के मामले में ऐसा कुछ नहीं है। उनके इस बयान के बाद माहौल हल्का हो गया और वहां मौजूद लोग मुस्कुरा उठे। रजनीकांत ने विजय की राजनीतिक उपलब्धि की खुलकर तारीफ करते हुए कहा कि कम उम्र में इतनी बड़ी सफलता हासिल करना आसान नहीं होता। उन्होंने कहा कि विजय ने बेहद कठिन राजनीतिक परिस्थितियों में खुद को स्थापित किया है और जनता का विश्वास जीतकर एक नई पहचान बनाई है। सुपरस्टार ने यह भी माना कि विजय की जीत ने उन्हें भी हैरान किया, क्योंकि इतनी बड़ी राजनीतिक सफलता कम समय में हासिल करना किसी भी नेता के लिए बड़ी बात होती है। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में जनता का विश्वास सबसे बड़ी ताकत होता है और विजय को अब उस विश्वास पर खरा उतरना होगा। रजनीकांत ने उम्मीद जताई कि नई सरकार राज्य के विकास और लोगों की उम्मीदों को पूरा करने की दिशा में सकारात्मक काम करेगी। तमिलनाडु में विजय के मुख्यमंत्री बनने के बाद यह पहला मौका था जब रजनीकांत ने इतने विस्तार से अपनी राय रखी। उनके बयान के बाद अब सोशल मीडिया पर चल रही कई चर्चाओं को विराम मिलता दिखाई दे रहा है। साथ ही यह भी साफ हो गया है कि दक्षिण भारतीय सिनेमा के दो बड़े सितारों के बीच सम्मान और सकारात्मक संबंध कायम हैं।

रवीना टंडन का बड़ा खुलासा, भीड़ ने घर के बाहर किया हंगामा; एक शख्स जबरन अंदर घुसा

नई दिल्ली ।  बॉलीवुड अभिनेत्री रवीना टंडन ने हाल ही में एक पुराने विवादित मामले को लेकर बड़ा खुलासा किया है। अभिनेत्री ने उस घटना को याद करते हुए बताया कि कैसे एक वायरल वीडियो के बाद स्थिति इतनी बिगड़ गई थी कि कुछ लोग उनके घर तक पहुंच गए थे और माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया था। रवीना ने इस पूरे मामले को बेहद डरावना और परेशान करने वाला अनुभव बताया। यह मामला साल 2024 का बताया जा रहा है, जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ था। उस वीडियो में अभिनेत्री और उनके ड्राइवर पर एक महिला के साथ बदसलूकी और कार से टक्कर मारने जैसे आरोप लगाए गए थे। हालांकि बाद में जांच और सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद सच्चाई अलग निकली, लेकिन उस समय स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई थी। रवीना टंडन ने बताया कि वीडियो को इस तरह पेश किया गया, जिससे पूरा मामला गलत दिशा में चला गया। उनके अनुसार, कुछ लोग जानबूझकर हंगामा खड़ा करना चाहते थे और उन पर झूठे आरोप लगाए जा रहे थे। अभिनेत्री ने कहा कि जब उन्होंने स्थिति को शांत करने के लिए खुद बाहर जाकर बात करने की कोशिश की, तभी माहौल अचानक बेकाबू हो गया। उन्होंने बताया कि बाहर निकलते ही बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए। उनके ड्राइवर को घेर लिया गया और स्थिति इतनी खराब हो गई कि उन्हें तुरंत पुलिस को बुलाना पड़ा। अभिनेत्री के मुताबिक, उनके ड्राइवर को धमकियां दी जा रही थीं और लोग उसे बाहर सौंपने की मांग कर रहे थे। रवीना ने कहा कि वह अपने कर्मचारी को अकेला छोड़ने की स्थिति में नहीं थीं, क्योंकि उन्हें डर था कि भीड़ उसके साथ हिंसा कर सकती है। रवीना ने इस घटना का सबसे डरावना हिस्सा बताते हुए कहा कि कुछ लोग उनके घर के अंदर घुसने की कोशिश भी कर रहे थे। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने पुलिस बुलाने की बात कही तो उनका फोन तक छीनने की कोशिश हुई। इसी दौरान एक व्यक्ति जबरन घर के भीतर घुस आया, जिसे उन्होंने खुद रोकते हुए बाहर धकेला। अभिनेत्री के मुताबिक, उस समय घर में मौजूद महिलाएं और स्टाफ लगातार लोगों को रोकने की कोशिश कर रहे थे। अभिनेत्री ने यह भी कहा कि उनके घर के बाहर जो कुछ हो रहा था, वह बेहद भयावह था और उन्होंने ऐसी स्थिति की कभी कल्पना नहीं की थी। बाद में सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस जांच में साफ हो गया कि लगाए गए आरोप सही नहीं थे और घटना को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया था। रवीना टंडन का कहना है कि इस पूरे अनुभव ने उन्हें मानसिक रूप से काफी प्रभावित किया, लेकिन उन्होंने संयम बनाए रखा। उन्होंने यह भी माना कि ऐसी घटनाएं किसी भी व्यक्ति और उसके परिवार के लिए बेहद तनावपूर्ण हो सकती हैं। यह खुलासा सामने आने के बाद एक बार फिर सोशल मीडिया पर इस मामले की चर्चा तेज हो गई है। फैंस अभिनेत्री के समर्थन में प्रतिक्रिया दे रहे हैं और उनके साहस की तारीफ कर रहे हैं।

नोएडा एक्सप्रेसवे हादसा: कार की टक्कर से चार घायल, यूट्यूबर मृदुल तिवारी ने पहुंचाया अस्पताल

नई दिल्ली ।  नोएडा में शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे ने लोगों को झकझोर दिया जब एक तेज रफ्तार कार ने सड़क पार कर रहे एक ही परिवार के चार लोगों को जोरदार टक्कर मार दी। यह घटना सेक्टर-148 के पास नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर हुई, जहां तेज गति से आ रही स्विफ्ट डिजायर कार ने अचानक नियंत्रण खोते हुए राहगीरों को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी तेज थी कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आसपास मौजूद लोग तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े। घटना के समय वहां से गुजर रहे यूट्यूबर मृदुल तिवारी ने बिना देर किए अपनी गाड़ी रोकी और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए घायलों की मदद के लिए आगे आए। उन्होंने चारों घायलों को अपनी गाड़ी में बैठाया और तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। समय पर मिली इस मदद की वजह से घायलों को तुरंत चिकित्सा सहायता मिल सकी, जिससे उनकी हालत बिगड़ने से बच गई। इस पूरी घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसके बाद मृदुल तिवारी की त्वरित और मानवीय प्रतिक्रिया की व्यापक सराहना हो रही है। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही ट्रैफिक पुलिस और नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल कार को अपने कब्जे में ले लिया है और चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि वाहन तेज गति से चलाया जा रहा था, जिसके कारण चालक नियंत्रण नहीं रख सका और यह दुर्घटना हो गई। घायलों को इलाज के लिए कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों के अनुसार सभी की हालत फिलहाल स्थिर है और वे खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। हालांकि उन्हें हल्की चोटें आई हैं, लेकिन समय पर उपचार मिलने से उनकी स्थिति गंभीर नहीं बनी। इस घटना के कारण कुछ समय के लिए एक्सप्रेसवे पर यातायात भी प्रभावित रहा, क्योंकि दुर्घटना के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई थी और राहत कार्यों में समय लगा। बाद में पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए ट्रैफिक को सामान्य कर दिया। यह हादसा एक बार फिर तेज रफ्तार वाहनों और सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी के खतरों को सामने लाता है। विशेषज्ञों के अनुसार सड़क पर थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। वहीं इस घटना में मृदुल तिवारी की त्वरित मानवीय मदद ने यह भी दिखाया कि सही समय पर की गई छोटी कोशिश किसी की जान बचाने में बड़ी भूमिका निभा सकती है।

सलमान खान का इमोशनल खुलासा: पहली कमाई से पिता को दिया था खास तोहफा, फिर हुई फटकार

नई दिल्ली ।  बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान ने अपने करियर के शुरुआती दिनों की एक ऐसी कहानी साझा की है, जो उनके संघर्ष, भावनाओं और परिवार के प्रति उनके गहरे लगाव को दर्शाती है। यह किस्सा उस समय का है जब उन्होंने अपनी पहली बड़ी कमाई को अपने लिए नहीं बल्कि अपने पिता सलीम खान के लिए एक खास तोहफे पर खर्च करने का फैसला किया था। यह तोहफा एक बेहद कीमती रोलेक्स घड़ी थी, जिसकी कीमत उस समय लगभग 9 लाख रुपये थी। सलमान खान ने बताया कि उस दौर में उनके पास इतनी बड़ी रकम मौजूद नहीं थी, लेकिन अपने पिता के लिए कुछ खास करने की इच्छा इतनी मजबूत थी कि उन्होंने बिना देर किए कर्ज लेने का फैसला कर लिया। उनके पास केवल चार लाख रुपये थे, जबकि बाकी पांच लाख रुपये उन्होंने उधार लेकर पूरे किए। यह निर्णय उनके लिए आर्थिक रूप से आसान नहीं था, लेकिन भावनात्मक रूप से यह उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण था। जब सलमान ने वह घड़ी खरीदी और अपने पिता को भेंट की, तो उनका अनुभव बिल्कुल वैसा नहीं था जैसा उन्होंने सोचा था। सलीम खान ने खुशी जताने के बजाय बेटे के इस फैसले पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने सलमान को सख्त लहजे में समझाया कि अभी करियर की शुरुआत है और इतनी बड़ी रकम खर्च करना सही नहीं है। सलीम खान ने यहां तक कहा कि क्या वह खुद को कोई राजा-महाराजा समझते हैं जो बिना सोचे-समझे इतना खर्च कर रहे हैं। यह प्रतिक्रिया सलमान के लिए उस समय थोड़ी निराशाजनक जरूर रही, लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती। समय के साथ यह घड़ी केवल एक महंगा तोहफा नहीं रही, बल्कि पिता और पुत्र के रिश्ते की एक यादगार निशानी बन गई। सलीम खान ने उस घड़ी को संभालकर रखा और बाद में जब सलमान ने दोबारा घड़ियां पहनना शुरू किया, तो वही घड़ी उन्होंने अपने बेटे को आशीर्वाद के रूप में वापस सौंप दी। सलमान खान ने यह भी बताया कि उन्होंने लंबे समय तक, लगभग 26 से 28 सालों तक घड़ियां पहनना लगभग बंद कर दिया था। उनके अनुसार, जो भी घड़ियां वह कभी-कभार पहनते हैं, वे अक्सर उनके अपने नहीं होते बल्कि दोस्तों से ली हुई होती हैं, जिन्हें वह कुछ समय इस्तेमाल करने के बाद लौटा देते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके पास किसी बड़े घड़ी संग्रह की जो चर्चा होती है, वह पूरी तरह गलत है। यह कहानी केवल एक महंगी घड़ी या कर्ज की नहीं है, बल्कि एक बेटे की अपने पिता के प्रति भावनाओं और जिम्मेदारी की भी झलक है। यह दिखाती है कि कभी-कभी इरादे पैसे से बड़े होते हैं, और रिश्तों की गहराई किसी भी कीमत से कहीं अधिक महत्वपूर्ण होती है। सलमान खान का यह किस्सा उनके निजी जीवन के उस पहलू को सामने लाता है, जिसमें सफलता से पहले संघर्ष, भावनाएं और पारिवारिक मूल्य सबसे ऊपर रहे हैं।

सिनेमा और खुशियों का संगम: एटली ने बेटी को दिया खूबसूरत नाम ‘मियू’, फैंस हुए भावुक

नई दिल्ली । साउथ फिल्म इंडस्ट्री के चर्चित निर्देशक एटली एक बार फिर सुर्खियों में हैं, लेकिन इस बार वजह उनकी कोई फिल्म नहीं बल्कि उनकी निजी जिंदगी से जुड़ी एक बेहद भावनात्मक और खुशी भरी खबर है। ‘जवान’ जैसी सुपरहिट फिल्म से अपनी अलग पहचान बना चुके एटली और उनकी पत्नी प्रिया एटली हाल ही में एक बेटी के माता-पिता बने थे, और अब उन्होंने अपनी नन्ही परी के नाम का खुलासा कर दिया है, जिसने फैंस के दिलों को छू लिया है। कपल ने अपनी बेटी का नाम ‘मियू’ रखा है, जिसे उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए बेहद खूबसूरत अंदाज में साझा किया। एटली और प्रिया द्वारा साझा की गई तस्वीर में एक नन्ही सी बच्ची का हाथ दिखाई देता है, जिसे पेस्टल रंगों की सौम्य पृष्ठभूमि में बेहद सादगी और भावनात्मकता के साथ प्रस्तुत किया गया है। इस तस्वीर के साथ लिखा गया संदेश माता-पिता की भावनाओं को दर्शाता है, जिसमें उन्होंने बताया कि उनकी जिंदगी में यह छोटी सी जान आने के बाद सब कुछ बदल गया है और उनके दिल में एक नया, गहरा और अनमोल रिश्ता जुड़ गया है। ‘मियू’ नाम केवल सुनने में ही सुंदर नहीं है, बल्कि इसका अर्थ भी उतना ही खास और भावनात्मक बताया गया है। इस नाम का मतलब सुंदरता, कोमलता और प्रेम से जुड़ा हुआ है, जो एक नवजात बच्ची की मासूमियत और उसके प्रति माता-पिता के गहरे स्नेह को दर्शाता है। एटली ने इस नाम के माध्यम से अपनी बेटी के लिए अपने भावनात्मक जुड़ाव को एक सरल लेकिन गहरे अर्थ वाले शब्द में व्यक्त किया है, जिसे फैंस भी बेहद पसंद कर रहे हैं। जैसे ही यह नाम सामने आया, सोशल मीडिया पर शुभकामनाओं की बाढ़ आ गई। फिल्म जगत से जुड़े कई कलाकारों और प्रशंसकों ने एटली और प्रिया को बधाइयां दीं और इस नाम को बेहद अनोखा और अर्थपूर्ण बताया। कई लोगों ने इसे एक आधुनिक और भावनात्मक नाम करार दिया, जो सरल होते हुए भी गहरी भावना को व्यक्त करता है। यह पहली बार नहीं है जब एटली अपनी निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में आए हैं, लेकिन इस बार उनका यह पोस्ट लोगों के दिलों को ज्यादा गहराई से छू गया है। एटली इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म ‘राका’ को लेकर भी चर्चा में बने हुए हैं, जिसमें बड़े स्तर पर प्रोजेक्ट और स्टार कास्ट को लेकर पहले ही जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। अल्लू अर्जुन के साथ उनकी इस फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच खासा बज बना हुआ है, और हाल ही में इसका पोस्टर भी जारी किया गया था, जिसने फिल्म को लेकर उम्मीदों को और बढ़ा दिया है। लेकिन इस बीच उनकी बेटी के नाम की घोषणा ने उनके जीवन के एक नए और भावनात्मक अध्याय को दुनिया के सामने ला दिया है, जिसने उनके प्रशंसकों को भी खुशी से भर दिया है।

पुरानी दोस्ती और यादों में खोए असम सीएम: हिमंत बिस्वा सरमा की पोस्ट ने खींचा ध्यान

नई दिल्ली । असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने हाल ही में अपने जीवन के पुराने और यादगार पलों को साझा करते हुए सोशल मीडिया पर एक भावनात्मक पोस्ट डाली, जिसने व्यापक रूप से लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। इस पोस्ट में उन्होंने अपने कॉलेज और युवा दिनों की उन यादों को ताजा किया, जब वे अपने दोस्तों के साथ बिना किसी जिम्मेदारी के जीवन को खुलकर जीते थे। मुख्यमंत्री ने एक पुरानी तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि वह और उनके दोस्त उन पलों को पहले ही जी चुके थे, जिन्हें बाद में लोकप्रिय फिल्म ‘दिल चाहता है’ में दर्शाया गया। इस बयान ने न केवल उनके समर्थकों बल्कि आम लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बना दिया। उन्होंने अपने संदेश में युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन का सबसे खूबसूरत समय वह होता है जब व्यक्ति अपने दोस्तों के साथ नई जगहों को देखता है, यात्रा करता है और ऐसे अनुभव जुटाता है जो हमेशा याद रहते हैं। उनके अनुसार यह समय फिर वापस नहीं आता, इसलिए इसे पूरी तरह जीना चाहिए और यादों में संजोना चाहिए। उनकी इस टिप्पणी ने एक भावनात्मक जुड़ाव पैदा किया, क्योंकि यह संदेश आज की व्यस्त और प्रतिस्पर्धात्मक जीवनशैली में संतुलन और रिश्तों के महत्व को उजागर करता है। इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई, जहां कई लोगों ने उनकी भावनाओं से सहमति जताई और इसे दोस्ती की सच्ची भावना का प्रतीक बताया। वहीं कुछ लोगों ने मजाकिया अंदाज में भी प्रतिक्रिया दी, जिससे यह पोस्ट और अधिक चर्चाओं में आ गई। कई यूजर्स ने यह भी कहा कि यह देखना दिलचस्प है कि एक उच्च पद पर पहुंचने के बाद भी व्यक्ति अपने पुराने दिनों और दोस्तों को इतने सम्मान और भावनात्मक जुड़ाव के साथ याद करता है। उनकी इस पोस्ट में जिस फिल्म ‘दिल चाहता है’ का उल्लेख किया गया, वह भारतीय सिनेमा की एक प्रतिष्ठित फिल्म मानी जाती है, जिसने युवाओं की दोस्ती और जीवनशैली को एक नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया था। इस फिल्म ने दोस्ती, आजादी और जीवन के अलग-अलग पड़ावों को बेहद वास्तविक और प्रभावशाली ढंग से दर्शाया था, जिसकी वजह से यह आज भी युवाओं के बीच लोकप्रिय बनी हुई है। कुल मिलाकर मुख्यमंत्री की यह पोस्ट केवल एक व्यक्तिगत स्मृति नहीं रही, बल्कि इसने लोगों को अपने पुराने दिनों और रिश्तों को याद करने पर मजबूर कर दिया। यह घटना इस बात का उदाहरण बन गई कि कैसे सार्वजनिक जीवन में रहते हुए भी व्यक्तिगत यादें और भावनाएं लोगों से गहरा जुड़ाव बना सकती हैं और सोशल मीडिया पर सकारात्मक संवाद को जन्म दे सकती हैं।

गंगा दशहरा 2026: जानें सही तिथि, ब्रह्म मुहूर्त और स्नान-दान का शुभ समय

नई दिल्ली। गंगा दशहरा हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र और पुण्यदायी पर्व माना जाता है, जिसे हर वर्ष ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इसी दिन मां गंगा स्वर्ग लोक से धरती पर अवतरित हुई थीं, इसलिए इस दिन गंगा स्नान, दान और पूजा का विशेष महत्व होता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने से व्यक्ति के सभी पापों का नाश होता है और जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि का आगमन होता है। पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ शुक्ल दशमी तिथि का आरंभ 25 मई 2026, सोमवार को सुबह 4 बजकर 28 मिनट पर होगा और यह तिथि 26 मई मंगलवार को सुबह 5 बजकर 11 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर इस वर्ष गंगा दशहरा 25 मई को ही मनाया जाएगा। इस दिन श्रद्धालु सुबह से ही पवित्र नदियों में स्नान कर दान-पुण्य करते हैं और भगवान शिव तथा मां गंगा की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं में ब्रह्म मुहूर्त को अत्यंत शुभ माना गया है। गंगा दशहरा 2026 पर स्नान और दान के लिए ब्रह्म मुहूर्त का समय सुबह 4 बजकर 30 मिनट से 5 बजकर 30 मिनट तक श्रेष्ठ रहेगा। इस अवधि में स्नान करने और दान देने से पुण्य फल कई गुना बढ़ जाता है। इसके अलावा भी सुबह के अन्य शुभ मुहूर्तों में स्नान-दान किया जा सकता है। इस पावन अवसर पर लोग गंगा स्नान के साथ-साथ जरूरतमंदों को जल, फल, वस्त्र और अन्न का दान करते हैं। धार्मिक ग्रंथों में उल्लेख है कि गंगा दशहरा के दिन किया गया छोटा सा पुण्य कार्य भी कई जन्मों के पापों को समाप्त करने की क्षमता रखता है। यही कारण है कि यह पर्व देशभर में अत्यंत श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाता है। गंगा दशहरा केवल एक धार्मिक पर्व ही नहीं बल्कि आध्यात्मिक शुद्धि का प्रतीक भी माना जाता है, जो मनुष्य को सकारात्मक ऊर्जा और नए जीवन की दिशा प्रदान करता है।

फिल्म इंडस्ट्री के अनुभव साझा करतीं त्रिधा चौधरी: पहचान बनाने के लिए करना पड़ता है संघर्ष

नई दिल्ली । फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखने वाले नए कलाकारों के लिए सफलता का रास्ता हमेशा आसान नहीं होता। पहचान बनाने की दौड़ में कई बार कठिन फैसले लेने पड़ते हैं और परिस्थितियों के अनुसार समझौते भी करने पड़ते हैं। इसी विषय पर अभिनेत्री त्रिधा चौधरी ने हाल ही में अपने अनुभव साझा करते हुए इंडस्ट्री की हकीकत पर खुलकर बात की है। उन्होंने कहा कि समय के साथ इंडस्ट्री जरूर बदली है, लेकिन शुरुआती दौर में संघर्ष और समझौते आज भी वास्तविकता का हिस्सा हैं। त्रिधा चौधरी ने बताया कि आज के समय में नए कलाकार पहले की तुलना में अधिक जागरूक हो गए हैं और किसी भी प्रोजेक्ट को साइन करने से पहले उसके हर पहलू को समझने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि अब कलाकार केवल उत्साह में आकर निर्णय नहीं लेते, बल्कि करियर के दीर्घकालिक प्रभावों को ध्यान में रखकर सोच-समझकर कदम उठाते हैं। इसके बावजूद शुरुआती दौर में कई बार ऐसे हालात बनते हैं जहां उन्हें परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना पड़ता है। अपने निजी अनुभव साझा करते हुए त्रिधा ने कहा कि उन्होंने कई बड़े प्रोडक्शन हाउस के साथ काम किया है, जहां कई बार उन्हें अपनी फीस में भी समझौता करना पड़ा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह हमेशा मजबूरी नहीं होती, बल्कि कई बार अनुभव, अवसर और बड़े बैनर के साथ काम करने की सीख को देखते हुए ऐसा निर्णय लिया जाता है। उनके अनुसार बड़े प्रोजेक्ट्स का हिस्सा बनना करियर को मजबूत करने में मदद करता है, भले ही शुरुआती चरण में कुछ समझौते करने पड़ें। उन्होंने यह भी बताया कि कई बार कलाकारों को तय समय से अधिक काम करना पड़ता है, लेकिन इसे इंडस्ट्री का हिस्सा माना जाता है। नए कलाकारों के लिए यह अनुभव सीखने का अवसर भी बन जाता है, क्योंकि बड़े प्रोडक्शन हाउस के साथ काम करने से उन्हें प्रोफेशनल माहौल को समझने का मौका मिलता है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि कुछ स्थितियां ऐसी होती हैं जो नए कलाकारों को शोषण जैसी लग सकती हैं, खासकर जब वे इंडस्ट्री में खुद को स्थापित करने की कोशिश कर रहे होते हैं। त्रिधा चौधरी ने यह भी कहा कि बड़े बैनर और प्रोडक्शन हाउस कलाकारों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वे न केवल फिल्मों में काम का अवसर देते हैं, बल्कि प्रचार, पहचान और करियर को स्थिरता देने में भी मदद करते हैं। उनके अनुसार इंडस्ट्री का यह संतुलन समझना जरूरी है, जहां एक तरफ संघर्ष और समझौते हैं, वहीं दूसरी तरफ सीखने और आगे बढ़ने के अवसर भी मौजूद हैं। इन दिनों त्रिधा चौधरी अपनी नई फिल्म को लेकर भी चर्चा में हैं, जिसमें वह एक प्रमुख भूमिका निभा रही हैं। यह फिल्म केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें समाज और देश से जुड़े कई गंभीर विषयों को भी दर्शाया गया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कहानियां दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती हैं और फिल्म को एक अलग गहराई देती हैं। कुल मिलाकर, त्रिधा चौधरी के इस बयान ने एक बार फिर फिल्म इंडस्ट्री के उस पहलू को सामने रखा है जहां नए कलाकारों को अपने करियर की शुरुआत में संघर्ष, अवसर और समझौते—तीनों का सामना करना पड़ता है।

कान्स रेड कार्पेट पर चमकीं सनम सईद, मांगटीका और गजरे के साथ बना ग्लोबल फैशन मोमेंट

नई दिल्ली । कान्स फिल्म फेस्टिवल 2026 के रेड कार्पेट पर इस बार एक ऐसा लुक देखने को मिला जिसने अंतरराष्ट्रीय फैशन जगत का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। पाकिस्तानी अभिनेत्री सनम सईद ने जैसे ही रेड कार्पेट पर एंट्री ली, कैमरों की नजरें उन पर टिक गईं और सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें तेजी से वायरल होने लगीं। उनका यह डेब्यू न केवल ग्लैमर का प्रदर्शन था, बल्कि पारंपरिक और आधुनिक फैशन के अनोखे मेल का भी एक खूबसूरत उदाहरण बन गया। सनम सईद ने इस खास मौके पर ऑफ-व्हाइट और ब्लू शेड की एक बैकलेस हैल्टर नेक ड्रेस पहनी, जिसमें सिल्वर एम्बेलिशमेंट और मिरर वर्क की बारीक कारीगरी की गई थी। फ्लोई डिजाइन और लेयर्ड सिल्हूट ने उनके पूरे लुक को एक रॉयल और ग्रेसफुल अपील दी। यह आउटफिट न सिर्फ ग्लैमर से भरपूर था, बल्कि इसमें भारतीय उपमहाद्वीप की पारंपरिक कढ़ाई की झलक भी साफ दिखाई दे रही थी, जिसने इसे और खास बना दिया। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस ड्रेस को तैयार करने में कई कारीगरों की महीनों की मेहनत शामिल रही। बारीक जरदोजी और हैंडवर्क ने इसे एक आर्ट पीस का रूप दिया, जिसे रेड कार्पेट के लिए खास तौर पर डिजाइन किया गया था। फैशन विशेषज्ञों का मानना है कि यह लुक मॉडर्न ग्लोबल स्टाइल और ट्रेडिशनल क्राफ्ट का बेहतरीन संगम है, जिसने कान्स के मंच पर एक अलग पहचान बनाई। सनम सईद के लुक का सबसे आकर्षक हिस्सा उनकी स्टाइलिंग रही। उन्होंने अपने बालों को एक स्लीक बन में बांधा और उसमें सफेद फूलों का गजरा लगाया, जिसने उनके पूरे लुक में एक देसी और पारंपरिक चार्म जोड़ दिया। इसके साथ माथे पर सजा मांगटीका और स्टेटमेंट ईयर कफ ज्वेलरी ने उनके लुक को पूरी तरह से रॉयल टच दिया। यह संयोजन पश्चिमी फैशन प्लेटफॉर्म पर भारतीय सांस्कृतिक सौंदर्य की एक मजबूत प्रस्तुति के रूप में देखा जा रहा है। मेकअप के मामले में भी उन्होंने सादगी और एलिगेंस को चुना। न्यूड बेस, सॉफ्ट ब्राउन स्मोकी आईज और न्यूड लिप शेड ने उनके फीचर्स को उभारते हुए लुक को संतुलित बनाए रखा। उनका यह सॉफ्ट ग्लैम स्टाइल पूरे आउटफिट की भव्यता के साथ पूरी तरह मेल खा रहा था, जिससे उनका व्यक्तित्व और भी प्रभावशाली नजर आया। रेड कार्पेट पर उनकी मौजूदगी के बाद सोशल मीडिया पर उनकी तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हो गए। फैशन प्रेमियों और दर्शकों ने उनके देसी-रॉयल लुक की जमकर सराहना की। कई लोगों ने इसे कान्स के सबसे यादगार फैशन मोमेंट्स में से एक बताया। हर तस्वीर में उनका आत्मविश्वास और ग्रेस साफ झलक रहा था, जिसने उन्हें वैश्विक फैशन चर्चा का केंद्र बना दिया। कुल मिलाकर, सनम सईद का यह कान्स डेब्यू न केवल उनके करियर के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण साबित हुआ, बल्कि इसने यह भी दिखाया कि कैसे पारंपरिक और आधुनिक फैशन को मिलाकर एक नया वैश्विक स्टाइल स्टेटमेंट तैयार किया जा सकता है।