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बढ़ती परेशानियों के बीच खाने पर असर, हर निवाले से पहले सोचने को मजबूर लोग

नई दिल्ली । आजकल कई लोग ऐसी परेशानी से जूझ रहे हैं, जिसमें खाना खाते ही तुरंत वॉशरूम जाने की जरूरत महसूस होने लगती है। बाहर खाना हो, ऑफिस में लंच करना हो या किसी फंक्शन में बैठना—हर बार मन में यही डर बना रहता है कि कहीं अचानक टॉयलेट न जाना पड़ जाए। डॉक्टरों के मुताबिक यह समस्या मामूली लग सकती है, लेकिन लंबे समय तक बनी रहे तो बड़ी बीमारी का संकेत भी हो सकती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि इस स्थिति को मेडिकल भाषा में गैस्ट्रोकोलिक रिफ्लेक्स (Gastrocolic Reflex) कहा जाता है। यह शरीर की एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसमें खाना पेट में पहुंचते ही आंतें सक्रिय हो जाती हैं। हालांकि अगर यह प्रतिक्रिया जरूरत से ज्यादा होने लगे और हर बार दस्त, पेट दर्द या गैस की समस्या पैदा करे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। डॉक्टरों के अनुसार, कई बार पेट ठीक से साफ न होने, खराब खानपान, ज्यादा मसालेदार भोजन, तनाव या कमजोर पाचन तंत्र के कारण यह समस्या बढ़ जाती है। खाना खाते ही पेट में मरोड़, गैस और टॉयलेट जाने की तीव्र इच्छा होने लगती है। लंबे समय तक ऐसा होना आंतों में संक्रमण या पाचन संबंधी बीमारी की तरफ इशारा कर सकता है। विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि अगर यह समस्या लगातार बनी रहे, तो लिवर और आंतों की जांच करवाना जरूरी हो जाता है। समय रहते इलाज न कराने पर शरीर में पोषक तत्वों की कमी, कमजोरी और गंभीर पाचन समस्याएं हो सकती हैं। इस परेशानी से जुड़ी कुछ प्रमुख बीमारियां भी सामने आती हैं। इनमें इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (IBS) प्रमुख है, जिसमें खाना खाते ही पेट दर्द और गैस बनने लगती है। वहीं कुछ लोगों को दूध या डेयरी उत्पादों से एलर्जी होती है, जिसे लैक्टोज इंटॉलरेंस कहा जाता है। ऐसे लोगों को दूध पीते ही दस्त या पेट खराब होने लगता है। इसके अलावा सीलिएक डिजीज में गेहूं या ग्लूटेन से बनी चीजें खाने पर आंतें प्रभावित होती हैं और बार-बार दस्त की समस्या हो सकती है। डॉक्टरों की सलाह है कि अगर खाना खाते ही बार-बार टॉयलेट जाना पड़ रहा है, पेट में लगातार दर्द रहता है, वजन कम हो रहा है या कमजोरी महसूस हो रही है, तो तुरंत विशेषज्ञ से जांच करवानी चाहिए। खानपान में सुधार, पर्याप्त पानी, फाइबर युक्त भोजन और तनाव कम करके इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

प्रेग्नेंसी डायबिटीज को हल्के में न लें, बाद में बढ़ सकता है गंभीर बीमारियों का रिस्क

नई दिल्ली । गर्भावस्था के दौरान होने वाली जेस्टेशनल डायबिटीज को अक्सर महिलाएं अस्थायी समस्या मानकर भूल जाती हैं, लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक इसका असर डिलीवरी के बाद भी लंबे समय तक शरीर पर बना रह सकता है। डॉक्टरों का कहना है कि प्रेग्नेंसी के बाद ब्लड शुगर भले ही सामान्य हो जाए, लेकिन शरीर में हुए हार्मोनल और मेटाबॉलिक बदलाव भविष्य में थायरॉयड, हार्ट डिजीज और टाइप-2 डायबिटीज जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ा सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, मां बनने के बाद ज्यादातर महिलाओं का पूरा ध्यान बच्चे की देखभाल में चला जाता है। ऐसे में लगातार थकान, वजन बढ़ना, बाल झड़ना, कमजोरी, मूड स्विंग्स, डिप्रेशन या ठंड ज्यादा लगने जैसे लक्षणों को सामान्य मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। जबकि यही संकेत थायरॉयड डिसफंक्शन की ओर इशारा कर सकते हैं। डॉक्टरों का कहना है कि जेस्टेशनल डायबिटीज के दौरान शरीर में इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ जाता है, जिसका असर थायरॉयड ग्लैंड पर भी पड़ सकता है। थायरॉयड शरीर के मेटाबॉलिज्म, हार्ट रेट, बॉडी टेम्परेचर और एनर्जी लेवल को नियंत्रित करता है। ऐसे में इसमें गड़बड़ी होने पर शरीर धीरे-धीरे कई समस्याओं की चपेट में आने लगता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि थायरॉयड की परेशानी अचानक नहीं दिखती, बल्कि इसके लक्षण धीरे-धीरे सामने आते हैं। बिना वजह वजन बढ़ना, ड्राई स्किन, ध्यान लगाने में परेशानी, एंग्जायटी, पीरियड्स अनियमित होना और लगातार कमजोरी इसके शुरुआती संकेत हो सकते हैं। कई महिलाएं इन्हें पोस्ट-प्रेग्नेंसी बदलाव समझकर अनदेखा कर देती हैं, जिससे समस्या गंभीर हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि जिन महिलाओं को प्रेग्नेंसी के दौरान डायबिटीज हुई हो, उन्हें डिलीवरी के बाद भी नियमित हेल्थ चेकअप करवाते रहना चाहिए। खासतौर पर अगर परिवार में डायबिटीज या थायरॉयड की हिस्ट्री हो तो अतिरिक्त सावधानी जरूरी है। डॉक्टरों का मानना है कि संतुलित खानपान, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और समय-समय पर ब्लड शुगर व थायरॉयड टेस्ट करवाकर भविष्य में होने वाली गंभीर बीमारियों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। क्योंकि मां की सेहत सिर्फ गर्भावस्था तक सीमित नहीं होती, बल्कि उसका असर लंबे समय तक पूरे शरीर पर दिखाई देता है।

Aaj Ka Rashifal 17 मई 2026: सभी राशियों के लिए कैसा रहेगा दिन?

नई दिल्ली। वैदिक ज्योतिष के अनुसार 17 मई 2026 का दिन ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के आधार पर कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण रहने वाला है। इस दिन कुछ लोगों को करियर और आर्थिक मामलों में लाभ मिलेगा, जबकि कुछ को धैर्य और सावधानी से आगे बढ़ने की सलाह दी गई है। मेष राशि मेष राशि के जातकों के लिए दिन सामान्य रूप से सकारात्मक रहेगा। पुराने रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं और कार्यस्थल पर मेहनत का अच्छा परिणाम मिलेगा। घर का माहौल शांत और सहयोगी रहेगा। आर्थिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिलेगा। वृषभ राशि वृषभ राशि वालों के खर्चों में वृद्धि हो सकती है। घरेलू जरूरतों पर अधिक धन खर्च होने की संभावना है। हालांकि नौकरी और व्यापार में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और लाभ के योग भी बन रहे हैं। मिथुन राशि मिथुन राशि के लिए दिन राहत देने वाला रहेगा। पुराने अटके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं। परिवार का सहयोग मिलेगा और नौकरी-व्यापार में प्रगति के संकेत हैं। थोड़ी थकान महसूस हो सकती है। कर्क राशि कर्क राशि के जातकों के लिए दिन अनुकूल रहेगा। कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। पारिवारिक जीवन में खुशहाली रहेगी और मानसिक तनाव कम होगा। सिंह राशि सिंह राशि वालों को जल्दबाजी से बचना होगा। कार्यभार अधिक रह सकता है और आर्थिक मामलों में सतर्क रहने की जरूरत है। पारिवारिक रिश्तों में संयम रखना जरूरी होगा। कन्या राशि कन्या राशि के लिए दिन शुभ संकेत दे रहा है। मेहनत का पूरा फल मिलेगा और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। नौकरी और व्यापार में नए अवसर मिल सकते हैं। तुला राशि तुला राशि वालों के लिए दिन प्रगति लेकर आएगा। रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं। करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे और पारिवारिक सहयोग बना रहेगा। वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि के जातकों को धैर्य रखने की सलाह दी गई है। कार्यों में देरी हो सकती है और आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निर्णय लेना होगा। धनु राशि धनु राशि वालों के लिए दिन अच्छा रहेगा। रुका हुआ धन वापस मिल सकता है और नौकरी-व्यापार में लाभ के संकेत हैं। मानसिक तनाव कम होगा। मकर राशि मकर राशि के लिए दिन सामान्य रहेगा। कार्यों में व्यस्तता रहेगी लेकिन धीरे-धीरे परिणाम मिलेंगे। खर्चों पर नियंत्रण जरूरी होगा। कुंभ राशि कुंभ राशि के लिए समय बेहतर हो रहा है। मेहनत का फल मिलेगा और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। मीन राशि मीन राशि वालों को धैर्य रखने की जरूरत है। कार्यों में देरी हो सकती है और नौकरी में दबाव महसूस हो सकता है। खर्चों और रिश्तों में सावधानी बरतें।

मां को दोष देना बंद करो, साइंस समझो: बच्चे की हालत बिगड़ने पर मां को ताने, डॉक्टर का फूटा गुस्सा

नई दिल्ली। बच्चों की तबीयत बिगड़ने पर अक्सर परिवारों में सबसे पहले मां को जिम्मेदार ठहरा दिया जाता है। ऐसा ही एक मामला पीडियाट्रिशियन डॉ. माधवी भारद्वाज के सामने आया, जहां 20 महीने के बच्चे को दौरे पड़ने पर परिवार ने मां की देखभाल पर सवाल उठाए। डॉक्टर ने बताया कि बच्चा अचानक बुखार और दौरे की स्थिति में अस्पताल लाया गया था, जहां समय पर इलाज देकर उसकी हालत को स्थिर कर दिया गया। इसके बावजूद घरवालों ने मां से कहा कि अगर उसने ठीक से ध्यान रखा होता, तो यह स्थिति नहीं आती। इस पर डॉ. माधवी ने नाराजगी जताते हुए कहा कि लोगों को पहले मेडिकल साइंस समझनी चाहिए। उन्होंने बताया कि 6 महीने से 5 साल तक के बच्चों में तेज बुखार के दौरान फेब्राइल सीजर्स (दौरे) आम होते हैं और यह हमेशा लापरवाही का नतीजा नहीं होता। डॉक्टर ने यह भी कहा कि समाज में अक्सर मांओं को हर स्थिति के लिए दोषी ठहरा दिया जाता है, जबकि कई बार यह पूरी तरह मेडिकल कंडीशन होती है। उन्होंने अपील की कि लोगों को दोष देने के बजाय समाधान और सही इलाज पर ध्यान देना चाहिए।

Oppo Find X9s की लॉन्च से पहले कीमत और फीचर्स लीक, 7025mAh बैटरी और 50MP कैमरा से मचाएगा धमाल

नई दिल्ली। Oppo का नया फ्लैगशिप स्मार्टफोन Oppo Find X9s जल्द भारतीय बाजार में लॉन्च होने जा रहा है। लॉन्च से पहले फोन की संभावित कीमत और फीचर्स ऑनलाइन लीक हो गए हैं, जिससे टेक मार्केट में इसकी चर्चा तेज हो गई है। लीक रिपोर्ट्स के मुताबिक, Oppo Find X9s की शुरुआती कीमत भारत में करीब 79,999 रुपये हो सकती है। बताया जा रहा है कि यह कीमत ग्लोबल मार्केट के मुकाबले थोड़ी कम होगी। कंपनी इस फोन को 21 मई को लॉन्च कर सकती है और इसकी बिक्री Amazon, Flipkart और Oppo की आधिकारिक वेबसाइट पर होने की उम्मीद है। फीचर्स की बात करें तो फोन में 6.59 इंच का Full HD+ OLED डिस्प्ले मिल सकता है, जो 120Hz रिफ्रेश रेट और 1800 निट्स पीक ब्राइटनेस सपोर्ट करेगा। स्क्रीन प्रोटेक्शन के लिए Corning Gorilla Glass 7i दिए जाने की संभावना है। परफॉर्मेंस के लिए इसमें 3nm आधारित MediaTek Dimensity 9500s प्रोसेसर मिल सकता है। वहीं, फोन में 7025mAh की बड़ी बैटरी दी जा सकती है, जो लंबे बैकअप के साथ फास्ट चार्जिंग सपोर्ट भी देगी। कैमरा सेक्शन में Hasselblad ट्यून ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप मिलने की उम्मीद है, जिसमें 50MP का प्राइमरी सेंसर शामिल होगा। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए 32MP का फ्रंट कैमरा दिया जा सकता है। यह स्मार्टफोन Android 16 आधारित ColorOS 16 पर काम करेगा और प्रीमियम फ्लैगशिप सेगमेंट में Samsung और Apple को टक्कर दे सकता है।

चीन देगा रोबोट्स को ‘आधार कार्ड’ जैसी डिजिटल पहचान, हर ह्यूमनॉइड रोबोट की गतिविधि और परफॉर्मेंस होगी ट्रैक

नई दिल्ली। चीन अब इंसानों जैसे दिखने वाले ह्यूमनॉइड रोबोट्स के लिए एक खास डिजिटल पहचान प्रणाली शुरू करने जा रहा है। इस सिस्टम के तहत रोबोट्स को यूनिक ID नंबर दिए जाएंगे, जिनकी तुलना भारत के आधार कार्ड जैसी पहचान व्यवस्था से की जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह यूनिक ID करीब 29 अक्षरों का होगा, जिसमें रोबोट का ब्रांड, निर्माता, मॉडल, हार्डवेयर डिटेल्स, इंटेलिजेंस लेवल और फैक्ट्री रिकॉर्ड जैसी जानकारियां शामिल रहेंगी। इस पहचान प्रणाली के जरिए रोबोट की पूरी “डिजिटल लाइफ हिस्ट्री” ट्रैक की जा सकेगी। यह प्रोजेक्ट हुबेई ह्यूमनॉइड रोबोट इनोवेशन सेंटर की अगुवाई में विकसित किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इस ID सिस्टम से रोबोट की बैटरी की स्थिति, पुर्जों की घिसावट, लोकेशन और काम करने की सटीकता पर लगातार नजर रखी जा सकेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि चीन तेजी से फैक्ट्रियों, बिजनेस और सर्विस सेक्टर में ह्यूमनॉइड रोबोट्स का इस्तेमाल बढ़ा रहा है। ऐसे में सुरक्षा निगरानी, तकनीकी मानकों और डेटा मैनेजमेंट के लिए एकीकृत सिस्टम की जरूरत महसूस की जा रही थी। रिपोर्ट के अनुसार, यह सिस्टम खराबी आने पर तेज कार्रवाई, बेहतर रखरखाव और डेटा सुरक्षा में भी मदद करेगा। चीन फिलहाल दुनिया में ह्यूमनॉइड रोबोट निर्माण में सबसे आगे माना जा रहा है और वैश्विक उत्पादन में उसकी हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है। चीन ह्यूमनॉइड रोबोट्स के लिए ‘आधार कार्ड’ जैसी यूनिक डिजिटल पहचान प्रणाली शुरू करने जा रहा है।इससे रोबोट की लोकेशन, बैटरी, परफॉर्मेंस और रखरखाव जैसी जानकारियों को ट्रैक किया जा सकेगा।

AI ने बदल दी कोडिंग की दुनिया? पूर्व Google CEO एरिक श्मिट बोले- पुराने तरीके से कोड लिखने वाले इंजीनियर रेस में पीछे

नई दिल्ली। एरिक श्मिट ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की दुनिया पिछले कुछ महीनों में तेजी से बदल गई है और पारंपरिक तरीके से कोड लिखने वाले इंजीनियर अब पीछे छूट रहे हैं। एक इंटरव्यू में श्मिट ने कहा कि पहले इंजीनियर एक-एक लाइन लिखकर कोड तैयार करते थे, लेकिन अब AI टूल्स ने काम करने का तरीका पूरी तरह बदल दिया है। उनके मुताबिक, AI की मदद से कम समय में ज्यादा जटिल और शक्तिशाली सॉफ्टवेयर बनाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि जब वे युवा थे तब हाथों से कोडिंग करना सबसे बड़ी स्किल मानी जाती थी, लेकिन आज AI सिस्टम इतनी तेजी से कोड जनरेट कर रहे हैं कि टेक इंडस्ट्री की कार्यशैली ही बदल गई है। श्मिट ने कंपनियों और मैनेजर्स को सलाह दी कि वे अपनी इंजीनियरिंग टीमों से पूछें कि वे अभी भी पुराने तरीके से कोडिंग क्यों कर रही हैं, जबकि AI उत्पादकता को कई गुना बढ़ा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में एक अकेला डेवलपर भी AI की मदद से ऐसे ऐप बना सकेगा, जिनके लिए पहले पूरी टीम की जरूरत पड़ती थी। हालांकि, विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि AI डेवलपर्स की भूमिका खत्म नहीं करेगा, बल्कि उनकी कार्यशैली और जरूरी स्किल्स को बदल देगा। अब इंजीनियरों के लिए AI टूल्स के साथ काम करना नई जरूरत बनता जा रहा है। पूर्व Google CEO एरिक श्मिट ने कहा कि AI ने सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की दुनिया तेजी से बदल दी है और पारंपरिक तरीके से कोडिंग करने वाले इंजीनियर पीछे छूट रहे हैं। उनके मुताबिक, आने वाले समय में AI की मदद से कम लोग भी बड़े और जटिल सॉफ्टवेयर तैयार कर सकेंगे।

Honda City Facelift 2026: स्पोर्टी लुक और प्रीमियम फीचर्स के साथ 22 मई को होगा लॉन्च, जानें पूरी डिटेल

नई दिल्ली। भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में मिडसाइज सेडान सेगमेंट के ग्राहकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। Honda अपनी लोकप्रिय कार City का नया फेसलिफ्ट मॉडल इसी महीने 22 मई को लॉन्च करने जा रही है। कंपनी इस नए अवतार में कार को पहले से ज्यादा स्पोर्टी, प्रीमियम और टेक्नोलॉजी से लैस बनाने की तैयारी कर रही है। खास बात यह है कि इस बार Honda City को युवाओं को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है, जिससे इसका लुक और फीचर्स दोनों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। नई Honda City फेसलिफ्ट में डिजाइन के स्तर पर कई अहम अपडेट किए जाने की उम्मीद है। रिपोर्ट्स के अनुसार इसमें Honda Prelude से प्रेरित नया फ्रंट डिजाइन दिया जा सकता है, जिसमें चौड़ा स्टांस, स्लिम LED हेडलाइट्स और अपडेटेड फ्रंट ग्रिल शामिल होगा। इसके अलावा फ्रंट बंपर को भी नया और ज्यादा एग्रेसिव लुक दिया जा सकता है, जिससे कार का पूरा फ्रंट पहले से ज्यादा स्पोर्टी और आकर्षक नजर आएगा। कार के रियर डिजाइन में भी कुछ कॉस्मेटिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इसमें नए स्टाइल के अलॉय व्हील्स और हल्के डिजाइन अपडेट शामिल हो सकते हैं, जिससे फेसलिफ्ट मॉडल को मौजूदा वर्जन से आसानी से अलग पहचाना जा सकेगा। कंपनी इस मॉडल को ज्यादा प्रीमियम फील देने पर फोकस कर रही है ताकि यह अपने सेगमेंट में मजबूत पकड़ बनाए रख सके। इंटीरियर की बात करें तो नई Honda City फेसलिफ्ट के केबिन में भी कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इसमें बड़ा टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, अपडेटेड डैशबोर्ड लेआउट और नए कंट्रोल्स दिए जा सकते हैं। हालांकि इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर का बेसिक डिजाइन पहले जैसा रह सकता है, लेकिन कुल मिलाकर केबिन ज्यादा मॉडर्न और प्रीमियम फील देने वाला होगा, जिससे ड्राइविंग एक्सपीरियंस और बेहतर हो जाएगा। फीचर्स के मामले में भी इस बार कंपनी कई एडवांस टेक्नोलॉजी जोड़ने की तैयारी में है। इसमें 360 डिग्री कैमरा, पावर्ड ड्राइवर सीट, कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी और नए सेफ्टी फीचर्स शामिल हो सकते हैं। इन अपडेट्स के जरिए Honda City को फीचर-लोडेड और ज्यादा वैल्यू फॉर मनी बनाने की कोशिश की जा रही है। इंजन की बात करें तो इसमें किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। नई City फेसलिफ्ट में वही 1.5 लीटर पेट्रोल इंजन मिलने की उम्मीद है जो मौजूदा मॉडल में दिया जाता है। ट्रांसमिशन विकल्प भी पहले जैसे ही रहेंगे, जिसमें मैनुअल और CVT ऑटोमैटिक गियरबॉक्स शामिल होंगे। कंपनी का फोकस इंजन बदलने के बजाय इसकी विश्वसनीयता और स्मूद ड्राइविंग एक्सपीरियंस को बनाए रखने पर है। कुल मिलाकर, नई Honda City फेसलिफ्ट को एक ऐसे पैकेज के रूप में तैयार किया जा रहा है जो स्पोर्टी डिजाइन, आधुनिक फीचर्स और प्रीमियम फील के साथ युवाओं और फैमिली दोनों को आकर्षित कर सके। भारतीय बाजार में इसका मुकाबला Hyundai Verna, Skoda Slavia और Volkswagen Virtus जैसी कारों से होगा और उम्मीद की जा रही है कि यह अपडेटेड मॉडल सेडान सेगमेंट में एक बार फिर मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएगा।

Netflix पर नंबर 1 बनी एडवेंचर-कॉमेडी एनिमेटेड फिल्म ‘Swapped’, IMDb पर भी शानदार रेटिंग जानें, पूरी डिटेल

नई दिल्ली। ओटीटी प्लेटफॉर्म Netflix पर इन दिनों एक एनिमेटेड एडवेंचर-कॉमेडी फिल्म जमकर ट्रेंड कर रही है। यह फिल्म भारत समेत कई देशों में Netflix के टॉप 10 लिस्ट में नंबर 1 पर पहुंच चुकी है और दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हो रही है। इस फिल्म का नाम ‘Swapped’ है, जो 1 मई को Netflix पर रिलीज की गई थी। रिलीज होते ही इसने दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया और तेजी से व्यूअरशिप में बढ़त हासिल की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म को अब तक 38.7 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं। IMDb पर भी इस फिल्म को अच्छी प्रतिक्रिया मिली है और इसे 7.3 की रेटिंग दी गई है, जो इसे एक मजबूत और एंटरटेनिंग एनिमेटेड फिल्म बनाती है। फिल्म की कहानी दो किरदारों ओली और आइवी के इर्द-गिर्द घूमती है, जो शुरुआत में एक-दूसरे के दुश्मन होते हैं। लेकिन एक रहस्यमयी घटना के बाद दोनों के शरीर आपस में बदल जाते हैं, जिसके बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह उलझ जाती है। इसी कॉमेडी और एडवेंचर भरे सफर में कहानी आगे बढ़ती है, जो दर्शकों को लगातार बांधे रखती है। फिल्म का निर्देशन नाथन ग्रेनो ने किया है। इसमें कई बड़े कलाकारों ने अपनी आवाज दी है, जिनमें माइकल बी. जॉर्डन, सेड्रिक द एंटरटेनर, जूनो टेम्पल, ट्रेसी मॉर्गन और जस्टिना मचाडो शामिल हैं। ‘Swapped’ एक फैमिली-फ्रेंडली एनिमेटेड फिल्म है, जिसे दर्शक Netflix पर आसानी से देख सकते हैं। अगर आप वीकेंड पर हल्की-फुल्की कॉमेडी और एडवेंचर फिल्म देखना चाहते हैं, तो यह फिल्म एक अच्छा विकल्प साबित हो सकती है।

मौनी रॉय-सूरज नांबियार के तलाक की अफवाहों के बीच सोशल मीडिया हलचल, दिशा पाटनी पर भी ट्रोलिंग, जानें पूरा मामला

नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्ट्रेस मौनी रॉय और बिजनेसमैन सूरज नांबियार को लेकर सोशल मीडिया पर तलाक की अफवाहों ने जोर पकड़ लिया है। हालांकि, इस खबर की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इंस्टाग्राम गतिविधियों को लेकर यूजर्स लगातार अटकलें लगा रहे हैं। रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट्स के मुताबिक, पहले यह देखा गया कि मौनी रॉय और सूरज नांबियार ने एक-दूसरे को इंस्टाग्राम पर अनफॉलो कर दिया था, जिससे दोनों के रिश्ते को लेकर चर्चा तेज हो गई थी। बाद में यह भी सामने आया कि सूरज ने कुछ समय के लिए अपना अकाउंट डिएक्टिवेट कर दिया था, जिसके चलते उनकी प्रोफाइल से जुड़ी जानकारी बदलती नजर आई। अब ताजा जानकारी के अनुसार, मौनी रॉय अभी भी अपने पति सूरज नांबियार को इंस्टाग्राम पर फॉलो कर रही हैं, जबकि सूरज की तरफ से ऐसा नहीं दिख रहा है। इसके साथ ही यह भी दावा किया जा रहा है कि मौनी ने अपनी शादी से जुड़ी तस्वीरें डिलीट नहीं की हैं, जिससे फैंस और अधिक कन्फ्यूज हो गए हैं। View this post on Instagram A post shared by mon (@imouniroy) दूसरी ओर, सूरज नांबियार की प्रोफाइल पर मौनी की मौजूदगी बेहद सीमित बताई जा रही है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा है कि उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर अब पहले जैसी इंटरैक्शन नहीं दिख रही है। इन सब बातों के चलते तलाक की अफवाहों को और हवा मिल गई है। इसी बीच अभिनेत्री दिशा पाटनी का नाम भी इस पूरे मामले में अनावश्यक रूप से घसीटा जा रहा है। सोशल मीडिया यूजर्स का दावा है कि दिशा ने भी सूरज को अनफॉलो किया है, जिसके बाद उन्हें इस कथित विवाद से जोड़कर ट्रोल किया जाने लगा। कुछ यूजर्स ने तो बिना किसी सबूत के उन्हें “कबाब में हड्डी” तक कह दिया, जिससे ऑनलाइन बहस और तेज हो गई। View this post on Instagram A post shared by mon (@imouniroy) हालांकि, इस पूरे मामले में कोई भी आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मौनी रॉय ने पहले भी अपने निजी जीवन को लेकर फैल रही अफवाहों पर रोक लगाने की अपील की थी और लोगों से कहा था कि बिना पुष्टि के किसी भी निष्कर्ष पर न पहुंचें। फिलहाल, यह पूरा मामला सोशल मीडिया गतिविधियों और अटकलों पर आधारित है, जबकि हकीकत क्या है, इस पर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।